जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी कब होती है?...


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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी कपूर किसी कार्य का परिणाम हासिल करते हैं तब हम को सबसे ज्यादा खुश कोई भी कार्य कर रहे हैं और आपको उस परिणाम तक पहुंच जाते हैं उस मंजिल तक पहुंच जाते हैं निश्चित तौर पर वह सबसे खुशी का प्रणाम था

zindagi me sabse zyada khushi kapur kisi karya ka parinam hasil karte hain tab hum ko sabse zyada khush koi bhi karya kar rahe hain aur aapko us parinam tak pohch jaate hain us manjil tak pohch jaate hain nishchit taur par vaah sabse khushi ka pranam tha

जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी कपूर किसी कार्य का परिणाम हासिल करते हैं तब हम को सबसे ज्यादा

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Kankan Sarmah

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी कब होती है यह खुशी का जो मेज़रमेंट है हर व्यक्ति के साथ अलग अलग है कोई व्यक्ति ऐसा होता है कि वह पैसा कमाने में उनका खुशी है तो कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते हैं कि दूसरों को मदद करने में उनको खुशी मिलती है कोई व्यक्ति ऐसा है कि अगर हम गरीबों को खिलाएं पिलाएं उनको मदद करें तो हमें खुशी मिलती है तो एक व्यक्ति के व्यक्तित्व के हिसाब से उनकी जो खुशी है वह अलग अलग है तो इसलिए यह कहना मुश्किल है कि आप यह काम खुद आपको खुशी मिल जाएंगे तो इंसान के हर स्तर पर अलग अलग इंतिहान होते हैं अलग अलग कुछ अलग इश्यूज या समस्याएं मुसीबतें या उनका जो प्रश्न भी डेवलपमेंट होते हो अलग अलग होता है तो इसलिए हर स्तर पर वह खुशी का जो माहौल है जो रंग है वह अलग अलग दिखता है लेकिन फिर भी हम आपको यह बता सकते हैं जितना आप इस पर्यावरण के साथ मिलकर रहेंगे इस पर्यावरण से अब जितना लेते हो उतना जब अब उनको भी देंगे तो शायद मैं समझता हूं कि आपका जो खुशी का बंदर है वह हमेशा बढ़ता जाएगा अब मेटैलिस टिकना बंद कर इन्विंसिबल जाने अजय बनके अगर आप उसी हिसाब से काम करते हैं और इस पर्यावरण में आप समझ जाते हैं तो शायद मुझे लगता है कि आपको खुशी बहुत मिलेंगे धन्यवाद

zindagi mein sabse zyada khushi kab hoti hai yah khushi ka jo measurement hai har vyakti ke saath alag alag hai koi vyakti aisa hota hai ki vaah paisa kamane mein unka khushi hai toh kuch vyakti aise bhi hote hain ki dusro ko madad karne mein unko khushi milti hai koi vyakti aisa hai ki agar hum garibon ko khilayen pilaayen unko madad kare toh hamein khushi milti hai toh ek vyakti ke vyaktitva ke hisab se unki jo khushi hai vaah alag alag hai toh isliye yah kehna mushkil hai ki aap yah kaam khud aapko khushi mil jaenge toh insaan ke har sthar par alag alag intihan hote hain alag alag kuch alag issues ya samasyaen musibatein ya unka jo prashna bhi development hote ho alag alag hota hai toh isliye har sthar par vaah khushi ka jo maahaul hai jo rang hai vaah alag alag dikhta hai lekin phir bhi hum aapko yah bata sakte hain jitna aap is paryavaran ke saath milkar rahenge is paryavaran se ab jitna lete ho utana jab ab unko bhi denge toh shayad main samajhata hoon ki aapka jo khushi ka bandar hai vaah hamesha badhta jaega ab metailis tikna band kar inwinsibal jaane ajay banke agar aap usi hisab se kaam karte hain aur is paryavaran mein aap samajh jaate hain toh shayad mujhe lagta hai ki aapko khushi bahut milenge dhanyavad

जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी कब होती है यह खुशी का जो मेज़रमेंट है हर व्यक्ति के साथ अलग अल

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J.P. Y👌g i

Psychologist

5:48
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है जिंदगी में ज्यादा खुशी कब होती है जिंदगी में कभी गम तो कभी खुशी यह मिलते रहते हैं और दोनों के समन्वय से एक दूसरे की महत्ता बनती रहती है तो बात यहां आए की खुशी कब होता है अगर गम के दायरे में अगर वह बहुत ज्यादा जी रहा है तो उसे खुशी की कीमत का ज्यादा अहसास होने लगता है तो यही कहा है कि जिंदगी में कभी खुशी है तो कभी गम है यह धूप छांव की तरह चलता रहता है तो फिर भी खुशी कब मिलती है सबसे ज्यादा यहां पर्सन की महत्वपूर्ण था जिस बात पर एक-एक सबसे ज्यादा खुशी कब मिलते हैं दरअसल यह चीज आजकल हम तीनों में भी देखते हैं वह सिलाई 100 आते हैं और उसके अंदर दिखता है कि जब उनको एक मंजिल और एक पहचान मिल जाती है तो शायद उस समय खुशी की सबसे बड़ी रूपरेखा और उसके अंदर हमारे जो अंत करण के अंदर खुशी के साथ खुशियों की भी वर्षा होने लगती है अपने नेत्र से झलकता है तो यही है कि जब मंजिल की किसी प्राप्ति होती है तो सबसे बड़ी खुशी मिलती है और कोई ना कोई हमें एक सफलता की महसूस था का धार दिखता है और तो उसमें हमेशा खुशी सबसे ज्यादा रहती है और दूसरी बार लक्ष्य जो किया जाता है कि मुझे यह मेरा एक काम का आधार परिणाम है और उसमें जो हमारी संघर्ष शैली के बाद जब हमारे को वह मंजिल प्राप्त होती है तो वह सबसे फर्स्ट दिन होता है जो हमारे को सबसे ज्यादा खुशी देती है और कोई खुशियों की बहुत सी ऐसी चीजें हैं जो जिंदगी में हमेशा हमेशा मिलते रहते हैं कभी हम किसी से बिछड़े हुए से मिल जाए तो खुशी होती है बहुत दिन की मुलाकात हो जाए तो खुशी होती है और बहुत सारी चीजें कोई चीजें खोई हुई हो फिर मिल जाए तो खुशी होती है और अकस्मात भाग्य में कभी ऐसा उदय हो जाता है कि जिंदगी एक बदलाव के रूप में आ जाती तो भी बहुत बड़ी खुशी होती है इत्यादि बहुत सारी ऐसी चीजें जिंदगी में आती है जो खुशियों की हमारे लगाए रहती है तो ज्यादातर अपने स्वभाव से ज्यादा खुश रहते हैं किसके द्वारा लोगों की हम भला करें और उसके बाद अगर हमें कोई लगे कि हम नहीं तो कोई और सही लेकिन यह है कि पहुंच गया उस दौर में तो यही सारी चीजें है कि अगर हमें अच्छे किसी रूपरेखा में किसी किससे अगर आपने नहीं तो किसी से भी अगर हमारे लगाओ मैं अगर कोई हमारा ही संबंधित हमारे से से पर्ची जयनगर किसी शिखर पर पहुंच जाता है तो भी सबसे बड़ी खुशी होती है तो खुशियों की इसमें कोई सीमा नहीं है ना जाने किसकी छोटी खुशी में बहुत बड़ी ख़ुशी छुपी रहती है तो अपनी अपनी खुशियों के दौर दो तरीके हैं तो उसके अंदर अगर उनकी प्रवृत्ति होती है वह खुशियों का खजाना होता है तो इसमें यह नहीं है कि जो खुशी है वह कोई को विशेष हो लेकिन पल पल में ईश्वर की खुशियां बांटते रहता है तो अगर हमें सबसे बड़ी खुशी यही है वह सदैव बनी रहती है जो ईश्वर के मार्ग में चलता है और जो भी चीज कल्याण दायक देती है हमेशा हर पल खुशियों से भरा हुआ है तो यह सिर्फ एक हमारी नजरिया के ऊपर बात होती है तो हम जिस चीज को दिमाग में जिस चीज को बात करते हैं संसार उसी रूप से हमारे सम्मुख प्रदर्शन में आता है तो खुशियां ही खुशियां लेकिन सबसे ज्यादा खुशी की जो खजाना है खुद से मनुष्य के अंतः करण में ही नहीं था तभी सा विषय भाव के संपर्क में ये भावनाएं जागृत होती अनुमति या तो यह सब चीजें हैं और बहुत खुशी मिलती है अच्छे लोगों के दर्शन विचार से कई ऐसे दर्शन से अपार खुशी मिलती है कि प्रभाव हमारे मन पर बिखेर के चला जाता है वह खुशियों का एक रूप होता है तो खुशियों की कोई सीमा नहीं है तो मेरा ही है कि इस प्रश्न के साथ है यही जवाब बनता है कि आप सभी हम सभी खुशी सदैव खुश रहे और सबसे ज्यादा खुशी स्वर ही देता है और कुछ अपने ही पुण्य कर्मों का फल मिलता है किसी का आशीर्वाद होता है किसी का प्यार होता है तो इन सब ओके समझा तुम्हें एक खुशियों का घनघोर बादल गरजता बरसता और ऐसी खुशी मोर नाचता है मूर्ख खुशी प्रकट होती है तो बहुत ही ज्यादा तो वह आपने उस प्रतिक्रियाओं को जारी करता नृत्य करता है इसी तरह कोयल खुश होती तो बहुत अच्छी अपनी मधुर वाणी से कुछ न कुछ गुंजन करता है तो पपीहा है जीव जंतु सबके अंदर ही खुशियों का प्रतीक राय निहित है और ईश्वर की देन है और हम सब चाहते हैं कि ईश्वर हम सभी को खुशी दे और संसार खुशियों से समझा दें धन्यवाद आप सभी को और यह महक हमेशा सदैव सदैव आपके मन और अपने सभी सज्जनों में वितरित होम मेरा बहुत-बहुत आभार हो गया आप सबके लिए आभारी हूं मैं धन्यवाद

prashna hai zindagi mein zyada khushi kab hoti hai zindagi mein kabhi gum toh kabhi khushi yah milte rehte hain aur dono ke samanvay se ek dusre ki mahatta banti rehti hai toh baat yahan aaye ki khushi kab hota hai agar gum ke daayre mein agar vaah bahut zyada ji raha hai toh use khushi ki kimat ka zyada ehsaas hone lagta hai toh yahi kaha hai ki zindagi mein kabhi khushi hai toh kabhi gum hai yah dhoop chanv ki tarah chalta rehta hai toh phir bhi khushi kab milti hai sabse zyada yahan person ki mahatvapurna tha jis baat par ek ek sabse zyada khushi kab milte hain darasal yah cheez aajkal hum tatvo mein bhi dekhte hain vaah silai 100 aate hain aur uske andar dikhta hai ki jab unko ek manjil aur ek pehchaan mil jaati hai toh shayad us samay khushi ki sabse badi rooprekha aur uske andar hamare jo ant karan ke andar khushi ke saath khushiyon ki bhi varsha hone lagti hai apne netra se jhalkata hai toh yahi hai ki jab manjil ki kisi prapti hoti hai toh sabse badi khushi milti hai aur koi na koi hamein ek safalta ki mehsus tha ka dhar dikhta hai aur toh usme hamesha khushi sabse zyada rehti hai aur dusri baar lakshya jo kiya jata hai ki mujhe yah mera ek kaam ka aadhar parinam hai aur usme jo hamari sangharsh shaili ke baad jab hamare ko vaah manjil prapt hoti hai toh vaah sabse first din hota hai jo hamare ko sabse zyada khushi deti hai aur koi khushiyon ki bahut si aisi cheezen hain jo zindagi mein hamesha hamesha milte rehte hain kabhi hum kisi se bichde hue se mil jaaye toh khushi hoti hai bahut din ki mulakat ho jaaye toh khushi hoti hai aur bahut saree cheezen koi cheezen khoi hui ho phir mil jaaye toh khushi hoti hai aur akasmat bhagya mein kabhi aisa uday ho jata hai ki zindagi ek badlav ke roop mein aa jaati toh bhi bahut badi khushi hoti hai ityadi bahut saree aisi cheezen zindagi mein aati hai jo khushiyon ki hamare lagaye rehti hai toh jyadatar apne swabhav se zyada khush rehte hain kiske dwara logo ki hum bhala kare aur uske baad agar hamein koi lage ki hum nahi toh koi aur sahi lekin yah hai ki pohch gaya us daur mein toh yahi saree cheezen hai ki agar hamein acche kisi rooprekha mein kisi kisse agar aapne nahi toh kisi se bhi agar hamare lagao main agar koi hamara hi sambandhit hamare se se parchi jayanagar kisi shikhar par pohch jata hai toh bhi sabse badi khushi hoti hai toh khushiyon ki isme koi seema nahi hai na jaane kiski choti khushi mein bahut badi khushi chhupee rehti hai toh apni apni khushiyon ke daur do tarike hain toh uske andar agar unki pravritti hoti hai vaah khushiyon ka khajana hota hai toh isme yah nahi hai ki jo khushi hai vaah koi ko vishesh ho lekin pal pal mein ishwar ki khushiya bantate rehta hai toh agar hamein sabse badi khushi yahi hai vaah sadaiv bani rehti hai jo ishwar ke marg mein chalta hai aur jo bhi cheez kalyan dayak deti hai hamesha har pal khushiyon se bhara hua hai toh yah sirf ek hamari najariya ke upar baat hoti hai toh hum jis cheez ko dimag mein jis cheez ko baat karte hain sansar usi roop se hamare sammukh pradarshan mein aata hai toh khushiya hi khushiya lekin sabse zyada khushi ki jo khajana hai khud se manushya ke antah karan mein hi nahi tha tabhi sa vishay bhav ke sampark mein ye bhaavnaye jagrit hoti anumati ya toh yah sab cheezen hain aur bahut khushi milti hai acche logo ke darshan vichar se kai aise darshan se apaar khushi milti hai ki prabhav hamare man par bikher ke chala jata hai vaah khushiyon ka ek roop hota hai toh khushiyon ki koi seema nahi hai toh mera hi hai ki is prashna ke saath hai yahi jawab baata hai ki aap sabhi hum sabhi khushi sadaiv khush rahe aur sabse zyada khushi swar hi deta hai aur kuch apne hi punya karmon ka fal milta hai kisi ka ashirvaad hota hai kisi ka pyar hota hai toh in sab ok samjha tumhe ek khushiyon ka ghanghor badal garajata barasta aur aisi khushi mor nachta hai murkh khushi prakat hoti hai toh bahut hi zyada toh vaah aapne us pratikriyaon ko jaari karta nritya karta hai isi tarah koyal khush hoti toh bahut achi apni madhur vani se kuch na kuch gunjan karta hai toh papiha hai jeev jantu sabke andar hi khushiyon ka prateek rai nihit hai aur ishwar ki then hai aur hum sab chahte hain ki ishwar hum sabhi ko khushi de aur sansar khushiyon se samjha de dhanyavad aap sabhi ko aur yah mahak hamesha sadaiv sadaiv aapke man aur apne sabhi sajjanon mein vitrit home mera bahut bahut abhar ho gaya aap sabke liye abhari hoon main dhanyavad

प्रश्न है जिंदगी में ज्यादा खुशी कब होती है जिंदगी में कभी गम तो कभी खुशी यह मिलते रहते है

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जय श्री कृष्णा देखें अपनी जो पूछना जिंदगी में अचानक से कब होती है हर व्यक्ति के जीवन में कुछ अलग मायने होते हैं अलग तरीके होते हैं और हर व्यक्ति के जीवन को दिशा में होता है अपना अलग होता है किसी को खुशी किसी का भी मिलती है किसी कोशिका में मिलती है खुशी की है ना देखा जाए तो लोगों की खुशी होती है वह यह कार्य में नहीं होती किसी को जिंदगी लेने में मजा आता है इस जिंदगी देने में मजा आता है किसी को परेशान करने में मजा आता है किसी को लोगों को हंसाने में मजा आता है तो यह नहीं कर सकते मगर जब कोई व्यक्ति किसी प्रदेश में सफल जाता है अपने की लक्ष्मी जैसा सोचा होता खुशी खुशी प्राप्त होती है तो बदल मारवाड़ी होती है मगर सब लोग खुशी की मां ने लालू होता है बस अब जीने दो को ऐसा निकला कर सकते हैं घर के सामने ऑनलाइन होते हैं

jai shri krishna dekhen apni jo poochna zindagi mein achanak se kab hoti hai har vyakti ke jeevan mein kuch alag maayne hote hain alag tarike hote hain aur har vyakti ke jeevan ko disha mein hota hai apna alag hota hai kisi ko khushi kisi ka bhi milti hai kisi koshika mein milti hai khushi ki hai na dekha jaaye toh logo ki khushi hoti hai vaah yah karya mein nahi hoti kisi ko zindagi lene mein maza aata hai is zindagi dene mein maza aata hai kisi ko pareshan karne mein maza aata hai kisi ko logo ko hansaane mein maza aata hai toh yah nahi kar sakte magar jab koi vyakti kisi pradesh mein safal jata hai apne ki laxmi jaisa socha hota khushi khushi prapt hoti hai toh badal marwadi hoti hai magar sab log khushi ki maa ne lalu hota hai bus ab jeene do ko aisa nikala kar sakte hain ghar ke saamne online hote hain

जय श्री कृष्णा देखें अपनी जो पूछना जिंदगी में अचानक से कब होती है हर व्यक्ति के जीवन में क

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी कब होती है वह चादर में सिद्धार्थ ने दृष्टिकोण से इस प्रश्न का जवाब दूं अध्यक्ष कौन से जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी और आनंद तब मिलेगा या तब होता है जब आपको ईसुरी सत्ता का अनुभव होता है या आपको आत्मा कोट एप्पल से मिलने वाला आनंद है वह तो लेनी है उसका कोई जवाब उसका कोई सानी नहीं है अगर भौतिक दृष्टिकोण से अगर हम खुशी की बात करें हमें सबसे ज्यादा खुशी तब होती है यह कहा गया है कि मूड यही ही धन रचित रचना पूर्व सद्बुद्धि मंगलम से मिलकर अनुपातम विदमते नवोदय किताब गोविंदम भज गोविंदम गोविंदम भज मूढ़ मते है मूर्ख मनुष्य टू गोविंदपुर गोविंदपुर आज तू किसी से भी प्रेम कर लेकिन धन से प्रणाम मत रख धन की आकांक्षा इच्छा मत कर गुरुर सद्बुद्धि नसीमुद्दीन ने अपने बुद्धि में निवेश के प्रति वितृष्णा का भाव पैदा कर क्यों अलग से निकटतम अपने कर्म के स्वरूप अपने पुरुष के स्वरूप अपने कर्मों के फल स्वरुप हमें जो धन मिलता है मेहनत के कारण और उसके कारण केवल वह धन ही सुख देता है आनंद देता है इसके अलावा कोई भी धनसुख नहीं देता तो जब भी हम पहली बार अपने पॉल उसके शुरू संघ के फल स्वरुप मेहनत के फल स्वरुप एवं कोई काम करते हैं और जब हमने प्रतिफल में जो कुछ भी मिलता है धन मिलता है प्रशंसा मिलती है यस मिलता है उससे जो मिलने वाली खुशी है वह भी बहुत जबरदस्त खुशी होती है जिसे आप अपनी भावनाओं से व्यक्त नहीं कर सकते हैं

zindagi mein sabse zyada khushi kab hoti hai vaah chadar mein siddharth ne drishtikon se is prashna ka jawab doon adhyaksh kaunsi zindagi mein sabse zyada khushi aur anand tab milega ya tab hota hai jab aapko isuri satta ka anubhav hota hai ya aapko aatma coat apple se milne vala anand hai vaah toh leni hai uska koi jawab uska koi sani nahi hai agar bhautik drishtikon se agar hum khushi ki baat kare hamein sabse zyada khushi tab hoti hai yah kaha gaya hai ki mood yahi hi dhan rachit rachna purv sadbuddhi mangalam se milkar anupatam vidamate navodaya kitab govindam bhaj govindam govindam bhaj mudh mate hai murkh manushya to govindpur govindpur aaj tu kisi se bhi prem kar lekin dhan se pranam mat rakh dhan ki aakansha iccha mat kar guroor sadbuddhi nasimuddin ne apne buddhi mein nivesh ke prati vitrishna ka bhav paida kar kyon alag se nikatam apne karm ke swaroop apne purush ke swaroop apne karmon ke fal swarup hamein jo dhan milta hai mehnat ke karan aur uske karan keval vaah dhan hi sukh deta hai anand deta hai iske alava koi bhi dhansukh nahi deta toh jab bhi hum pehli baar apne paul uske shuru sangh ke fal swarup mehnat ke fal swarup evam koi kaam karte hain aur jab humne pratiphal mein jo kuch bhi milta hai dhan milta hai prashansa milti hai Yes milta hai usse jo milne wali khushi hai vaah bhi bahut jabardast khushi hoti hai jise aap apni bhavnao se vyakt nahi kar sakte hain

जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी कब होती है वह चादर में सिद्धार्थ ने दृष्टिकोण से इस प्रश्न का

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Gulshan Singh

Electrical Engineer

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अपने लक्ष्य को पाने पर जिंदगी में सबसे बड़ा खुशी होता है

apne lakshya ko paane par zindagi mein sabse bada khushi hota hai

अपने लक्ष्य को पाने पर जिंदगी में सबसे बड़ा खुशी होता है

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जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब कोई दिल से मेहनत की गई हो उसका रिजल्ट बी पॉजिटिव आए

zindagi mein sabse zyada khushi tab hoti hai jab koi dil se mehnat ki gayi ho uska result be positive aaye

जिंदगी में सबसे ज्यादा खुशी तब होती है जब कोई दिल से मेहनत की गई हो उसका रिजल्ट बी पॉजिटिव

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जब पहली बार हम कमा करके अपनी मां को कुछ पैसे अपनी पहली कमाई देते हैं तब वह कुछ और रहती है और वही जिंदगी की सबसे ज्यादा खुशी रहती है

jab pehli baar hum kama karke apni maa ko kuch paise apni pehli kamai dete hain tab vaah kuch aur rehti hai aur wahi zindagi ki sabse zyada khushi rehti hai

जब पहली बार हम कमा करके अपनी मां को कुछ पैसे अपनी पहली कमाई देते हैं तब वह कुछ और रहती है

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