मोदी जी ने कहा- CAA शरणार्थियों को नागरिकता देने का कानून है, वापस लेन का नहीं। क्या आप इस बात से सहमत है?...


play
user

Nikhil Ranjan

Programme Coordinator - National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT)

0:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अखिलेश ने मोदी जी ने कहा है कि सीए शरणार्थियों को नागरिकता देने का कानून है वापस देने का नहीं क्या आप इस बात से सहमत है तो बताना चाहेंगे कि बिल्कुल मोदी ने कहा है तो यह वही कानून है कि इसमें नागरिकता दी जाएगी वापस नहीं ली जाएगी लेकिन जो पोजीशन का पोस्ट करने वाले हैं उनका सिर्फ एक ही तर्क है कि यह सिर्फ बाकी धर्मों के लोगों को दी जा रही है मुसलमानों को क्यों नहीं दी जा रही जबकि उन्होंने कानून बनाते समय साफ साफ स्पष्ट किया था कि भारत के 3 पड़ोसी देश है वहां पर तीनों ही मुस्लिम राष्ट्र हैं और तीनों में नहीं मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी होंगी जिस कारण से जो अल्पसंख्यक हैं वहां पर वह प्रताड़ित हो रहे हैं और उसे भूल को ही यहां पर धरना लेता है वह दी जाएगी इसके बावजूद भी वह मुसलमानों के फेवर करने के लिए इसका पोस्ट कर रहे हैं मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

akhilesh ne modi ji ne kaha hai ki ca sharnarthiyon ko nagarikta dene ka kanoon hai wapas dene ka nahi kya aap is baat se sahmat hai toh bataana chahenge ki bilkul modi ne kaha hai toh yah wahi kanoon hai ki isme nagarikta di jayegi wapas nahi li jayegi lekin jo position ka post karne waale hain unka sirf ek hi tark hai ki yah sirf baki dharmon ke logo ko di ja rahi hai musalmanon ko kyon nahi di ja rahi jabki unhone kanoon banate samay saaf saaf spasht kiya tha ki bharat ke 3 padosi desh hai wahan par tatvo hi muslim rashtra hain aur tatvo mein nahi muslim bahusankhyak aabadi hongi jis karan se jo alpsankhyak hain wahan par vaah pratarit ho rahe hain aur use bhool ko hi yahan par dharna leta hai vaah di jayegi iske bawajud bhi vaah musalmanon ke favour karne ke liye iska post kar rahe hain main subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

अखिलेश ने मोदी जी ने कहा है कि सीए शरणार्थियों को नागरिकता देने का कानून है वापस देने का न

Romanized Version
Likes  434  Dislikes    views  6209
KooApp_icon
WhatsApp_icon
3 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!