लोग मौत से इतना डरते क्यों हो?...


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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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अपने प्रश्न किया कि लोग मौत से इतना डरते क्यों हैं वही लोग मौत से बहुत डरते हैं जो कहीं ना कहीं अपने जीवन से संतुष्ट नहीं होते या वह अपने जीवन को अपने तरीके से जी नहीं रहे होते हैं इसीलिए कहीं ना कहीं उनको यह उम्मीद होती है कि अगर उनका जीवन बहुत लंबा हो जाएगा तभी हो सकता है भविष्य अपने जीवन को अपने तरीके से जियो इसीलिए कहना चाहिए उनको मौत का डर हमेशा सताता रहता है और जो व्यक्ति कहीं ना कहीं जीवन को अपने तरीके से जीता है जीवन के हर क्षण को हर सेकेंड को अपने तरीके से जीवन को जीता है वह कहीं न कहीं अपनी जीवन से बहुत संतुष्ट होता है अपने जीवन बहुत शांति का अनुभव करता है और अपने जीवन को बहुत सफल मानता है इसलिए ऐसा व्यक्ति कभी भी मौत आ जाए इसकी वह परवाह नहीं करता है क्योंकि उसने जीवन में जो कुछ करना चाहा वह कर लिया है जिस तरीके से जीना चाहा जी लिया और जब वह व्यक्ति अपने जीवन से संतुष्ट होता है तो उसे किसी चीज का जीवन में भय नहीं होता है लेकिन जब जो व्यक्ति अपने जीवन में कुछ बहुत महत्वपूर्ण कार्य ही नहीं किया या जो अपने जीवन को बहुत संतुष्टि तरीके से देखी ही नहीं रहा है क्या जो व्यक्ति अपने जीवन में कुछ सफलता का अनुभव ही नहीं कर रहा है वह कहीं ना कहीं यह उसके अंदर उम्मीद होती है कि भविष्य में शायद हम कुछ अच्छा कर लेंगे और इसलिए उसको कहीं ना कहीं बहुत लंबी उम्र की चाह होती है और इसीलिए उसके उसको मौत का बहुत ज्यादा भय होता है इसलिए ध्यान रखेंगे कि अगर आपको अपने जीवन से मौत के पूरे भय को निकाल देना है तो उसके लिए बहुत जरूरी है आप जीवन के हर सेकंड को अपने तरीके से जीने की कोशिश करें और इस तरीके से जिए कि जीवन में किसी भी चीज की कमी महसूस हो ही ना और जब ऐसा लगेगा तो आप हर्षित इनमें एक जीवन को जिएंगे और इससे आपके जीवन में बहुत संतुष्टि रहेगी और आपको किसी भी प्रकार का कोई भवन में आपको परेशान नहीं कर पाएगा मेरी शुभकामनाएं आपके साथ धन्यवाद

apne prashna kiya ki log maut se itna darte kyon hain wahi log maut se bahut darte hain jo kahin na kahin apne jeevan se santusht nahi hote ya vaah apne jeevan ko apne tarike se ji nahi rahe hote hain isliye kahin na kahin unko yah ummid hoti hai ki agar unka jeevan bahut lamba ho jaega tabhi ho sakta hai bhavishya apne jeevan ko apne tarike se jio isliye kehna chahiye unko maut ka dar hamesha sataata rehta hai aur jo vyakti kahin na kahin jeevan ko apne tarike se jita hai jeevan ke har kshan ko har second ko apne tarike se jeevan ko jita hai vaah kahin na kahin apni jeevan se bahut santusht hota hai apne jeevan bahut shanti ka anubhav karta hai aur apne jeevan ko bahut safal manata hai isliye aisa vyakti kabhi bhi maut aa jaaye iski vaah parvaah nahi karta hai kyonki usne jeevan mein jo kuch karna chaha vaah kar liya hai jis tarike se jeena chaha ji liya aur jab vaah vyakti apne jeevan se santusht hota hai toh use kisi cheez ka jeevan mein bhay nahi hota hai lekin jab jo vyakti apne jeevan mein kuch bahut mahatvapurna karya hi nahi kiya ya jo apne jeevan ko bahut santushti tarike se dekhi hi nahi raha hai kya jo vyakti apne jeevan mein kuch safalta ka anubhav hi nahi kar raha hai vaah kahin na kahin yah uske andar ummid hoti hai ki bhavishya mein shayad hum kuch accha kar lenge aur isliye usko kahin na kahin bahut lambi umr ki chah hoti hai aur isliye uske usko maut ka bahut zyada bhay hota hai isliye dhyan rakhenge ki agar aapko apne jeevan se maut ke poore bhay ko nikaal dena hai toh uske liye bahut zaroori hai aap jeevan ke har second ko apne tarike se jeene ki koshish kare aur is tarike se jiye ki jeevan mein kisi bhi cheez ki kami mehsus ho hi na aur jab aisa lagega toh aap harshit inmein ek jeevan ko jeeenge aur isse aapke jeevan mein bahut santushti rahegi aur aapko kisi bhi prakar ka koi bhawan mein aapko pareshan nahi kar payega meri subhkamnaayain aapke saath dhanyavad

अपने प्रश्न किया कि लोग मौत से इतना डरते क्यों हैं वही लोग मौत से बहुत डरते हैं जो कहीं ना

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दुनिया में हर आदमी को पता है कि जीवन में जन्म हुआ है तो मौत भी या नहीं है लेकिन हर आदमी मौत से निर्मित है क्या ताकि जो जीवन जी रहे हैं ना लोगों से मिल रहे हैं जो खा पी रहे हैं मरते के बाद कुछ पता नहीं क्या होगा किसी का और वहीं अगर सोचो गी अगर मौत नही होती तो आज हमारे पूर्वज दादा और परदादा परदादा के परदादा परदादा के परदादा सारे जीवित होते तो फिर भी हमारे रहने के लिए जगह नहीं होती ऑफिसर शुरू होकर समुद्र में जो बड़ी मछली होती है छोटी मछली को खा जाती है एक मछली एक बार में 1000 अंडे देती है तो 1000 अंडे देती है तो बढ़कर बड़ी बच्ची बजाती में बढ़ती है और बड़ी मछली है फ्री हो जाएगी पानी रहने की जगह ना रहे हैं आपको पानी कहीं दिखाई नहीं देगा इसीलिए आपने देखा होगा मछुआरे जो समुद्र में मछली पकड़ने जाते हैं ना वो खाली होती है मुझे लौट के आते हैं तो मछुआरों की बस्ती है भरी भरी होती है समुद्र में मछलियां होती है आंखों के तारे देरी है और सूजी 1 किलो बेच दिया हर रोज पैदा हो रही है उसमें से गंदी चीज खाई जा रही हैं आगे फिर भी बच रही है तो हमेशा ही होता है कि मौत का डर उसे रहता है जो मौत से डरता है रोहिणी जिंदगी मिली है उसे हंसो खुश रहो काम करो मेहनत करो लोगों की सेवा करो उससे देखो कभी आपको डर नहीं रहेगा आपके कोई काम नहीं रुकेंगे अब मेहनत करोगे आपको फोन अच्छा मिलेगा तो इसलिए बहुत पुरानी है उसको डरना किस बात का जब आएगी आएगी आपने बहुत से लोग देखे होंगे जो बहुत बीमार होते हैं तब सबके मरते हैं बहुत मौत मांगते हैं भी मिलती लोगों के साथ ज्यादा होता है तो जब अपनी जवानी में जो बुरे काम करते हैं रिश्वत का पैसा खाते हैं दूसरों की चीजों पर हडपसर

duniya mein har aadmi ko pata hai ki jeevan mein janam hua hai toh maut bhi ya nahi hai lekin har aadmi maut se nirmit hai kya taki jo jeevan ji rahe hai na logo se mil rahe hai jo kha p rahe hai marte ke baad kuch pata nahi kya hoga kisi ka aur wahi agar socho gi agar maut nahi hoti toh aaj hamare purvaj dada aur pardada pardada ke pardada pardada ke pardada saare jeevit hote toh phir bhi hamare rehne ke liye jagah nahi hoti officer shuru hokar samudra mein jo baadi machli hoti hai choti machli ko kha jaati hai ek machli ek baar mein 1000 ande deti hai toh 1000 ande deti hai toh badhkar baadi bachi bajati mein badhti hai aur baadi machli hai free ho jayegi paani rehne ki jagah na rahe hai aapko paani kahin dikhai nahi dega isliye aapne dekha hoga machuaare jo samudra mein machli pakadane jaate hai na vo khaali hoti hai mujhe lot ke aate hai toh machhuaron ki basti hai bhari bhari hoti hai samudra mein machhliyan hoti hai aankho ke taare deri hai aur suji 1 kilo bech diya har roj paida ho rahi hai usme se gandi cheez khai ja rahi hai aage phir bhi bach rahi hai toh hamesha hi hota hai ki maut ka dar use rehta hai jo maut se darta hai rohini zindagi mili hai use hanso khush raho kaam karo mehnat karo logo ki seva karo usse dekho kabhi aapko dar nahi rahega aapke koi kaam nahi rokenge ab mehnat karoge aapko phone accha milega toh isliye bahut purani hai usko darna kis baat ka jab aayegi aaegi aapne bahut se log dekhe honge jo bahut bimar hote hai tab sabke marte hai bahut maut mangate hai bhi milti logo ke saath zyada hota hai toh jab apni jawaani mein jo bure kaam karte hai rishwat ka paisa khate hai dusro ki chijon par hadapsar

दुनिया में हर आदमी को पता है कि जीवन में जन्म हुआ है तो मौत भी या नहीं है लेकिन हर आदमी मौ

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