18 सो 57 की क्रांति का तत्कालीन कारण क्या था?...


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Rajveer

Career Counselor

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देखिए 18 सो 57 की क्रांति का तात्कालिक कारण तो चर्बी लगे कारतूस माना जाता है लेकिन इसके और भी कारण थी क्योंकि 1757 में प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों की स्थिति अच्छी हो गई थी उनकी कोई चुनौती नहीं थी जो हर स्टेशन के प्लासी के युद्ध में भारत के तीनों शक्तिशाली चंद्र है वह हार गए थे तो सत्ता सूचीधाम से लेकर 18 सो 57 तक 100 वर्षों तक हमने अंग्रेजों के दुष्परिणाम देखे थे उन्हीं का परिणाम था कि उनके विरूद्ध एक जन विद्रोह की भावना

dekhiye 18 so 57 ki kranti ka tatkalik karan toh charbi lage kartoos mana jata hai lekin iske aur bhi karan thi kyonki 1757 mein plassey ke yudh ke baad angrejo ki sthiti achi ho gayi thi unki koi chunauti nahi thi jo har station ke plassey ke yudh mein bharat ke tatvo shaktishali chandra hai vaah haar gaye the toh satta suchidham se lekar 18 so 57 tak 100 varshon tak humne angrejo ke dushparinaam dekhe the unhi ka parinam tha ki unke virudh ek jan vidroh ki bhavna

देखिए 18 सो 57 की क्रांति का तात्कालिक कारण तो चर्बी लगे कारतूस माना जाता है लेकिन इसके और

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18 सो 57 की क्रांति का तात्कालिक कारण क्या था कि अंग्रेजो के द्वारा जो हिंदुस्तानी सैनिक अपनी सेना में भर्ती कराए गए थे उनको दी गई बंदूकों में गाय की चर्बी एवं स्वर से सूअर की चर्बी से उससे वह लगाई जाती थी जिससे हिंदू धर्म एवं मुस्लिम धर्म नष्ट हो रहा था उनके धर्म में इसे अच्छा नहीं माना जाता है इस को ग्रहण करना अच्छा नहीं समझा जाता है जिसके कारण यह विरोध के स्वर उनमें आ गए और धीरे-धीरे या विरोध को ग्रुप पर उग्र आंदोलन का रूप धारण करके और यह 1857 विश्वयुद्ध में तब्दील हो गया धन्यवाद

18 so 57 ki kranti ka tatkalik karan kya tha ki angrejo ke dwara jo hindustani sainik apni sena mein bharti karae gaye the unko di gayi bandukon mein gaay ki charbi evam swar se suar ki charbi se usse vaah lagayi jaati thi jisse hindu dharm evam muslim dharm nasht ho raha tha unke dharm mein ise accha nahi mana jata hai is ko grahan karna accha nahi samjha jata hai jiske karan yah virodh ke swar unmen aa gaye aur dhire dhire ya virodh ko group par ugra andolan ka roop dharan karke aur yah 1857 vishwayudh mein tabdil ho gaya dhanyavad

18 सो 57 की क्रांति का तात्कालिक कारण क्या था कि अंग्रेजो के द्वारा जो हिंदुस्तानी सैनिक अ

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बैक बटन 57 की क्रांति के तत्कालीन कारण सभी वाले कारतूस थे जिसमें गाय और सुअर की चर्बी थी और भारतीय भारतीय लोगों को मैं हिंदू और मुस्लिमों को वह चर्बी वाले कारतूस व को मुंह से करना पड़ता था यह क्रांति तेरे दिल पर ना हो पाई जिसके कारण इसकी असफलता के कारण टाइम भारत में हर जगह क्रांति हुई लेकिन एक समय और एक समय और साथ में सभी का साथ ना मिलने और आ जाओ और संबंधों का साथ न मिलने के कारण इस सफल यह सफलता हाथ से निकल गई और उस समय भारतीयों की हिंदू धर्म और उनके मंदिरों को तोड़ना फोड़ना शुरू था और भारतीयों को क्या जा रहा था कि तत्कालीन बहुत किसी कारण से

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18 57 की क्रांति का कारण दो ही कारण थे मैन जाते हैं हमारे पास अच्छे हथियार नहीं होना वह एकता नहीं होनी यह दो काम सबसे ज्यादा माने जाते हैं क्योंकि अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए हमारे पास नहीं तो अच्छे हथियार थे नहीं गोले गोले बारूद थे उन एकता नहीं थी हिंदू अलग लग रहे थे मुसलमान अलग लग रहे थे तो सबसे काम दो ईमेल कॉल नहीं माने जाते हैं

18 57 ki kranti ka karan do hi karan the man jaate hain hamare paas acche hathiyar nahi hona vaah ekta nahi honi yah do kaam sabse zyada maane jaate hain kyonki angrejo ke viruddh ladane ke liye hamare paas nahi toh acche hathiyar the nahi gole gole barood the un ekta nahi thi hindu alag lag rahe the muslim alag lag rahe the toh sabse kaam do email call nahi maane jaate hain

18 57 की क्रांति का कारण दो ही कारण थे मैन जाते हैं हमारे पास अच्छे हथियार नहीं होना वह एक

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अट्ठारह सौ सत्तावन की तत्कालीन कारण चर्बी वाले प्रस्तुत से चर्बी वाले प्रस्तुत सामान्य तौर पर एक बंदूक है जिससे चलने से पहले सूअर और गायक चर्बी को कितना पड़ता था जिससे हिंदू और मुस्लिम का धर्म नष्ट हो रहा था जो तत्कालीन का कारण बना

attharah sau sattawan ki tatkalin karan charbi waale prastut se charbi waale prastut samanya taur par ek bandook hai jisse chalne se pehle suar aur gayak charbi ko kitna padta tha jisse hindu aur muslim ka dharm nasht ho raha tha jo tatkalin ka karan bana

अट्ठारह सौ सत्तावन की तत्कालीन कारण चर्बी वाले प्रस्तुत से चर्बी वाले प्रस्तुत सामान्य तौर

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