हमें एक अच्छा दोस्त बनाना चाहते हैं क्या कोई बनना चाहता है?...


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J.P. Y👌g i

Psychologist

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यह प्रश्न मेरे इसमें आ रहा है आपके लिए के अंदर क्या में एक अच्छा दोस्त बनना चाहते हैं क्या कोई बनना चाहता है तो वे जहां इच्छा की बारी है कि दोस्त बनाना है कोई बनना चाहता है तो बनने चाहने का मतलब कोई इस तरह की वैरायटी नहीं होती आप को 2 सीटें मिल जाएंगे जो आपके रुस्तम रुझान के मुताबिक आप जिसे भी दोस्ती एंड चेक करेंगे वह जरूर आपसे मित्रता करेगा बशर्ते यह है कि इसमें परिचय ही महत्वपूर्ण स्थान रखा जाता है तो भेजो आप को उनकी पूर्वक संबंधित लोगों के बीच में अगर हमसे रुझान बनता है तो आपके इलाके की गुंजाइश करेंगे तो आपसे जरूर दोस्ती करना चाहेंगे तो मनुष्य में सबसे बड़ी चीज है कि हमें यह के वैचारिक रूप से एक दूसरे को समझने की जरूरत पड़ती है और और दोस्ती कभी कभी ऐसा नहीं है कि कहा जाता है कि मैं दोस्त बनना चाह नया बन रहा हूं या बनेगा ऐसा नहीं होता कुछ व्यवहार का दौर ऐसा चलता रहता है कि यह रिश्तो की मह सूची सो जाती है कि किस नाते किस ढंग का एहसास हो रहा है इसके अंदर यह सब इतना ऊपर सुनीत रखो जाती है तो यह एक निरंतर मिलने का एक भंग होता है तो उसमें आपसी प्रगाढ़ता बढ़ती है तो यह प्रयास शिक्षा है तो यह आपसे जरूर मिलता होगी

yah prashna mere isme aa raha hai aapke liye ke andar kya mein ek accha dost bana chahte kya koi bana chahta hai toh ve jaha iccha ki baari hai ki dost banana hai koi bana chahta hai toh banne chahne ka matlab koi is tarah ki Variety nahi hoti aap ko 2 seaten mil jaenge jo aapke rustam rujhan ke mutabik aap jise bhi dosti and check karenge vaah zaroor aapse mitrata karega basharte yah hai ki isme parichay hi mahatvapurna sthan rakha jata hai toh bhejo aap ko unki purvak sambandhit logo ke beech mein agar humse rujhan baata hai toh aapke ilaake ki gunjaiesh karenge toh aapse zaroor dosti karna chahenge toh manushya mein sabse badi cheez hai ki hamein yah ke vaicharik roop se ek dusre ko samjhne ki zarurat padti hai aur aur dosti kabhi kabhi aisa nahi hai ki kaha jata hai ki main dost bana chah naya ban raha hoon ya banega aisa nahi hota kuch vyavhar ka daur aisa chalta rehta hai ki yah rishto ki mah suchi so jaati hai ki kis naate kis dhang ka ehsaas ho raha hai iske andar yah sab itna upar sunit rakho jaati hai toh yah ek nirantar milne ka ek bhang hota hai toh usme aapasi pragadhata badhti hai toh yah prayas shiksha hai toh yah aapse zaroor milta hogi

यह प्रश्न मेरे इसमें आ रहा है आपके लिए के अंदर क्या में एक अच्छा दोस्त बनना चाहते हैं क्या

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