काम के दबाव में वृद्धि के साथ कार्य जीवन संतुलन बनाए रखना बेहद कठिन हो जाता है इसलिए कई लोगों के एक्स्ट्रा मैरिटल अफ़ेयर्स भी होते हैं, इस पर आपकी क्या राय है?...


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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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आपने जो प्रश्न के उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि जीवन में काम का दबाव उतना ही होना चाहिए जिससे आपकी जरूरतें पूरी हो और जिससे आपका जीवन भी संचालित बना रहे यह ध्यान रखना होगा कि ज्यादातर लोग अपने जीवन में काम का दबाव इतना अधिक इसलिए कर लेते हैं क्योंकि वह ऐसा सोचते हैं कि अगर वह अधिक से अधिक काम करेंगे अधिक से अधिक पैसा कमाएंगे धन कमाएंगे वह पैसा उनके जीवन की सारी समस्याओं को खत्म कर देगा और उनका जीवन संकलित हो जाएगा लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता है बहुत अधिक पैसा बहुत अधिक फन यह कभी नहीं सुनिश्चित करता है कि वह आपका जीवन बहुत संतुलित रहेगा और यही कारण है कि आप अगर लोगों को अमीर लोगों को जीवन शैली को घर देखने का प्रयास करेंगे तो आप यहीं पाएंगे कि बहुत अधिक धन होना बहुत अधिक पैसा होना बहुत अधिक कामयाब होना यह कोई पैरामीटर नहीं होता है कि इससे आपका जीवन संतुलित बना रहेगा हर व्यक्ति को अपने जीवन में जरूर सुनिश्चित करना चाहिए कि आप चाहे जो कार्य कर रहे हैं चाहे जिस प्रोफेशन में हो लेकिन आप कुछ भी करें लेकिन उतना ही करें जिससे आपके जीवन का संतुलन बना रहे आपका व्यक्तिगत जीवन बना रहे आपके संबंध अच्छे बने रहें क्योंकि सिर्फ काम में अपने आप को कर बहुत ज्यादा आप इंग्लिश कर देंगे अपने संबंधों को ध्यान नहीं देंगे अपने परिवार को ध्यान नहीं देंगे इससे आपके जीवन की गुणवत्ता बढ़ती नहीं है बल्कि और वह खराब होती चली जाती है ज्यादातर लोग अपने काम में इतना ज्यादा बिजी हो जाते हैं कि उनको ना अपने स्वास्थ्य चिंता होता है ना ही अपने परिवार का चिंता होता है और ना ही अपने समाज का चिंता होता है यह ध्यान रखेंगे कि जीवन में पैसा धन का बहुत महत्व होता है इससे हमारी जरूरतें जरूर पूरी होती हैं लेकिन उससे ज्यादा जरूरी होता है कि हम अपने स्वास्थ का भी ध्यान रखें अपने परिवार का अपने संबंधों का भी ध्यान रखें और ध्यान रहे कि लोगों की जीवन शैली इस प्रकार की बन गई है कि बहुत अधिक कार्य का दबाव होता है उससे लोग कहीं न कहीं अपने आपको कई गलत चीजों में अपने आपको इनवाइट कर कर चले जाते हैं और ध्यान रहे अगर आपका बहुत अधिक कार्य कर रहे हैं इसका मतलब कतई नहीं होता है कि आप किसी भी तरीके का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है वह क्योंकि जब किसी भी प्रकार से आप अपने जीवन में ऐसी चीजें लाते हैं एक साथ आप कई जिंदगियों को खराब करते हैं आप एक साथ कई लोगों को बुरे तरीके से प्रभावित करते हैं इसलिए ध्यान रहे कि जीवन में उतना ही कार्य करें जिससे आपकी जरूरतें पूरी हो आपके जीवन का संतुलन बना रहे आपके संबंध अच्छे बने रहे आपके परिवार अच्छे हैं और ध्यान रहे कभी भी किसी प्रकार का एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर बिल्कुल जीवन में ना डाले की कोशिश करें क्योंकि उससे आपको छड़ी खुशी तो जीवन में जरूर मिलती है लेकिन उसका दूरगामी परिणाम बहुत नुकसान होता है क्योंकि उससे आपके परिवार में बिखराव आ सकता है रिश्ते बदल सकते हैं खराब हो सकते हैं और जब रिश्ते बहुत टूटते हैं खराब होते हैं तो उससे जीवन में जो कष्ट होता है जिसकी भरपाई जीवन में कभी नहीं की जा सकती है इसलिए बहुत जरूरी होता है कि आप जिस भी रिश्ते में रहे हैं आप दूरी ईमानदारी के साथ रहें उसके साथ पूरी इमानदारी निभाई क्योंकि जब आप रिश्तो में ईमानदारी निभाएंगे तभी रिश्तेदारी रिश्ते में ईमानदारी की उम्मीद भी कर सकते हैं और ध्यान रहे जीवन में पैसा धन शायद उतनी ज्यादा जरूरत नहीं होती है जितना एक संतुलित जीवन की जरूरत होती है इसलिए आप हमेशा एक संतुलित जीवन को ही प्राथमिकता दें अपने रिश्तो को प्राथमिकता देने संबंधों को प्राथमिकता दें उसी के अनुसार अपने कार्य का निर्धारण करें ज्यादातर लोग कहीं ना कहीं अपने कार्य के बाद अपने परिवार अपने स्वास्थ्य अपनी चीजों के बारे में अपने जीवन के बारे में सोचते हैं लेकिन मेरा यह कहना है कि सबसे पहले आप अपने संतुलित जीवन के बारे में सोचिए अपने शरीर के बारे में सोचिए अपने संबंध के बारे में सोचिए इसके बाद आप काम के बारे में सोचिए क्योंकि जब तक आप प्राथमिकता अपने इन चीजों को नहीं रहेंगे तब तक आपके जीवन में वह चीजें नहीं आ पाएंगे ज्यादातर आज समाज में दिक्कत और परेशानी है सिर्फ इस कारण से है कि कहीं ना कहीं लोग जो प्राथमिकता है अपने उन चीजों को दे रहे हैं जिससे जिनको वह सही मानते हैं क्योंकि वह सही इन चीजों को मानते हैं क्या करो ज्यादा से ज्यादा काम करेंगे उनके पास ज्यादा पैसा आएगा ज्यादा धन आएगा उससे उनकी जीवन की सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगे लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता है और यही कारण है कि आज लोग अधिक से अधिक काम करने के बावजूद मेहनत करने के बावजूद लोगों का जीवन संतुलित नहीं रह पा रहा है ना ही उनके संबंध अच्छे पापा रहे हैं और यही कारण है कि कई सारे ऐसे बच्चे को मैंने देखा है कि जिनके मां बाप अपने बच्चों से बहुत बहुत दिनों तक नहीं मिल पाते हैं होना तक रूप से अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते हैं जो कि बहुत गलत है समाज में जो भी खराब हो रहा है उसका बहुत बड़ा कारण है कि लोग अपनी जीवन में संतुलन सिर्फ और सिर्फ पैसे की पैसे की सहायता से ढूंढने की कोशिश करते हैं जबकि ऐसा नहीं होता है धन और पैसे द्वारा हमारे जीवन की जरूरतें पूरी होती हैं उनसे कभी परिवार में संतुलन नहीं आता जीवन में संतुलन नहीं आता है संतुलन आता है एक दूसरे से भावनात्मक रूप से जोड़ने से आता है एक दूसरे समय देने से आता है इसलिए बहुत जरूरी होता है कि इन चीजों को ध्यान में रखते हुए जीवन को आप जिए जिससे जीवन संतुलित बना रहे हैं और आपकी जरूरतें भी पूरी हो मेरी शुभकामनाएं अपने धन्यवाद

aapne jo prashna ke uttar me main yahi kehna chahta hoon ki jeevan me kaam ka dabaav utana hi hona chahiye jisse aapki jaruratein puri ho aur jisse aapka jeevan bhi sanchalit bana rahe yah dhyan rakhna hoga ki jyadatar log apne jeevan me kaam ka dabaav itna adhik isliye kar lete hain kyonki vaah aisa sochte hain ki agar vaah adhik se adhik kaam karenge adhik se adhik paisa kamayenge dhan kamayenge vaah paisa unke jeevan ki saari samasyaon ko khatam kar dega aur unka jeevan sankalit ho jaega lekin aisa bilkul nahi hota hai bahut adhik paisa bahut adhik phan yah kabhi nahi sunishchit karta hai ki vaah aapka jeevan bahut santulit rahega aur yahi karan hai ki aap agar logo ko amir logo ko jeevan shaili ko ghar dekhne ka prayas karenge toh aap yahin payenge ki bahut adhik dhan hona bahut adhik paisa hona bahut adhik kamyab hona yah koi parameter nahi hota hai ki isse aapka jeevan santulit bana rahega har vyakti ko apne jeevan me zaroor sunishchit karna chahiye ki aap chahen jo karya kar 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आपने जो प्रश्न के उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि जीवन में काम का दबाव उतना ही होना चा

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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

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एक्स्ट्रा मैरिटल संबंध इसके लिए कभी भी कोई बहाना काम नहीं आएगा व्यक्ति अपने आप को संयमित रखें तो जाने काम का कितना मर्जी भोज हो वो इस बोझ को सह सकता है आपने कभी गांव में खेतों में काम करते हुए खेतिहर मजदूर को देखा है सारे दिन वह हल चलाता है पसीना बहाता है केवल पानी और सूखी रोटी खाकर पूरा दिन काम करता है कितना है उसके ऊपर काम का बोझ लेकिन क्या वह गांव की हर औरत के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल संबंध रखता है यह केवल है अपने आपको बचाने का बहाना है कि हम काम से टकराते हैं तो हमें सेक्स चाहिए या हमें कोई ऐसी कंपनी चाहिए जो हमारे को प्लीज कर सके तो ऐसे वाहनों से बचना चाहिए एक्स्ट्रामैरिटल संबंध कभी भी किसी भी परिवार के लिए कभी भी सुखदाई नहीं हुए हैं क्योंकि स्त्री या पत्नी जो आपके घर में है वह हजारों उम्मीदें लगा कर बैठी रहती है और उसको वह पूरा करना चाहती है अपने पति के माध्यम से और यदि आप शादीशुदा नहीं भी हैं तो भी आप एक्स्ट्रामैरिटल संबंध रखते हैं किसी के साथ किसी शादीशुदा स्त्री के साथ ही गलत है परिवार से बाहर निकल कर किसी भी प्रकार के सेक्स संबंधी व्यवहार को हमारा समाज हमारा मन हमारा दृष्टिकोण बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करता है इसी से सारी समस्याएं उत्पन्न होती है घरेलू हिंसा होती है और तलाक होते हैं बच्चे विचारे बिखर जाते हैं तो काम के बोझ को बहाना बनाकर कोई भी ऐसा काम मत करिए

extra marital sambandh iske liye kabhi bhi koi bahana kaam nahi aayega vyakti apne aap ko sanyamit rakhen toh jaane kaam ka kitna marji bhoj ho vo is bojh ko sah sakta hai aapne kabhi gaon me kheton me kaam karte hue khetihar majdur ko dekha hai saare din vaah hal chalata hai paseena bahata hai keval paani aur sukhi roti khakar pura din kaam karta hai kitna hai uske upar kaam ka bojh lekin kya vaah gaon ki har aurat ke saath extra marital sambandh rakhta hai yah keval hai apne aapko bachane ka bahana hai ki hum kaam se takaraate hain toh hamein sex chahiye ya hamein koi aisi company chahiye jo hamare ko please kar sake toh aise vahanon se bachna chahiye ekstramairital sambandh kabhi bhi kisi bhi parivar ke liye kabhi bhi sukhdayi nahi hue hain kyonki stree ya patni jo aapke ghar me hai vaah hazaro ummeeden laga kar baithi rehti hai aur usko vaah pura karna chahti hai apne pati ke madhyam se aur yadi aap shaadishuda nahi bhi hain toh bhi aap ekstramairital sambandh rakhte hain kisi ke saath kisi shaadishuda stree ke saath hi galat hai parivar se bahar nikal kar kisi bhi prakar ke sex sambandhi vyavhar ko hamara samaj hamara man hamara drishtikon bilkul bhi sweekar nahi karta hai isi se saari samasyaen utpann hoti hai gharelu hinsa hoti hai aur talak hote hain bacche vichare bikhar jaate hain toh kaam ke bojh ko bahana banakar koi bhi aisa kaam mat kariye

एक्स्ट्रा मैरिटल संबंध इसके लिए कभी भी कोई बहाना काम नहीं आएगा व्यक्ति अपने आप को संयमित र

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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काम के दबाव में कार्य एवं संतुलन बनाए रखना कई लोगों के बैटल एसएससी हो क्या 21 तारीख का दबाव तो सभी इंसान होता है वर्क पर व्यस्त आई है और इससे बेटी क्यों की जाती है समय-समय पर वर्किंग वर्किंग डेज होता है हो सकता है कि हमारी जो धर्मपत्नी है हुकुम ज्यादा समय ना देता है यह हो सकता है कि दोनों हस्बैंड एंड वाइफ दोनों जॉब कर रहे हो तो एक दूसरे को ज्यादा समय नहीं है ऐसी हालत में को समझना चाहिए वर्क प्रेशर के साथ-साथ सामाजिक फैमिली लाइफ भी है और चमेली लाइव बहुत इंपोर्टेंट क्योंकि फैमिली लाइफ विश्वास प्यार और सब मानता उसी के ऊपर डिपेंड है बाकी इंसान चाहे एक्स्ट्रा में मिल्टन एसएस कोई भी कर सकता है महिला होता है तो हस्बैंड लेकिन विश्वास फिर किसका चलेगा इसलिए विपक्ष नहीं होती है वह पति के विश्वास के ऊपर टिकी होती है अपने पति के साथ विश्वासघात कर रहे विश्वासघात करना फंक्शन है आपकी खुद की जो मेरी लाइफ है उसमें यस्टरडे आने की संभावनाएं होती हैं जो कि यह सब ज्यादा दिन तक सोता नहीं अखिल होने से दिमाग बट जाता है और उसका प्रभाव हमारे वर्किंग लाइफ पर ही पड़ता है जैसे जॉब करते हैं उसके उपाय महिला हो या पुरुष इसलिए दिनांक बिन जरूरी अनस ऑस्ट्रेलिया सा दिमाग में प्रेशर लेना टेंशन लेना और दूरी जिंदगी तेरी जिंदगी जिला अध्यक्ष टेंशन में घोषित हो जाता है और इसलिए हमें ऐसे रिश्ता मेरे से बहुत सारे लोग हमारे कांटेक्ट में आते हैं और हम भी उनके संपर्क में आते हैं लेकिन किसके साथ सेक्स कैसे करें हमें बहुत लोग अच्छे लगते हैं लेकिन हम भी बहुत लोगों को किस किस के साथ अपनी भावनाओं पर कंट्रोल करना ही पड़ेगा क्योंकि आज चल रहा है सब कुछ अच्छा लग रहा है लेकिन जब काम करेगा यार जवाब दे देगा तब हस्बैंड वाइफ समय जोयफेस्ट स्टेशन क्या होता है वह सब अपने समय के साथ साथ शुरू हो जाते हैं इसलिए मेरे ख्याल से अपनी जो लाइफ पार्टनर शिक्षा समिति

kaam ke dabaav mein karya evam santulan banaye rakhna kai logo ke battle ssc ho kya 21 tarikh ka dabaav toh sabhi insaan hota hai work par vyast I hai aur isse beti kyon ki jaati hai samay samay par working working days hota hai ho sakta hai ki hamari jo dharmpatni hai hukum zyada samay na deta hai yah ho sakta hai ki dono husband and wife dono job kar rahe ho toh ek dusre ko zyada samay nahi hai aisi halat mein ko samajhna chahiye work pressure ke saath saath samajik family life bhi hai aur chameli live bahut important kyonki family life vishwas pyar aur sab manata usi ke upar depend hai baki insaan chahen extra mein milton SS koi bhi kar sakta hai mahila hota hai toh husband lekin vishwas phir kiska chalega isliye vipaksh nahi hoti hai vaah pati ke vishwas ke upar tiki hoti hai apne pati ke saath vishwasghat kar rahe vishwasghat karna function hai aapki khud ki jo meri life hai usme yesterday aane ki sambhavnayen hoti hain jo ki yah sab zyada din tak sota nahi akhil hone se dimag but jata hai aur uska prabhav hamare working life par hi padta hai jaise job karte hain uske upay mahila ho ya purush isliye dinank bin zaroori asan austrailia sa dimag mein pressure lena tension lena aur doori zindagi teri zindagi jila adhyaksh tension mein ghoshit ho jata hai aur isliye hamein aise rishta mere se bahut saare log hamare Contact mein aate hain aur hum bhi unke sampark mein aate hain lekin kiske saath sex kaise kare hamein bahut log acche lagte hain lekin hum bhi bahut logo ko kis kis ke saath apni bhavnao par control karna hi padega kyonki aaj chal raha hai sab kuch accha lag raha hai lekin jab kaam karega yaar jawab de dega tab husband wife samay joyfest station kya hota hai vaah sab apne samay ke saath saath shuru ho jaate hain isliye mere khayal se apni jo life partner shiksha samiti

काम के दबाव में कार्य एवं संतुलन बनाए रखना कई लोगों के बैटल एसएससी हो क्या 21 तारीख का दब

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अगर काम के दबाव की विधि विधि के साथ आपका जीवन संतुलन बनाए रखना बेहद कठिन है तो फिर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स कहां से आ जाते हैं वह तो आपके काम का जवाब नहीं डालती वह आपको इस बात के लिए मजबूर नहीं करते कि आप जो है जो जो ऑफिस का काम है उसी को कनेक्शन मैरिटल अफेयर्स क्यों आ जाते हैं एग्जाम रिजल्ट फिर से वह तो एक अलग अलग से बात हो गई ना और उसमें भी तो आपका टाइम वेस्ट होते ही रक्षा मेरे शरीर से अच्छा है कि आप अपनी पत्नी के साथ ही संतुष्ट रहें

agar kaam ke dabaav ki vidhi vidhi ke saath aapka jeevan santulan banaye rakhna behad kathin hai toh phir extra marital affairs kahaan se aa jaate hain vaah toh aapke kaam ka jawab nahi daalti vaah aapko is baat ke liye majboor nahi karte ki aap jo hai jo jo office ka kaam hai usi ko connection marital affairs kyon aa jaate hain exam result phir se vaah toh ek alag alag se baat ho gayi na aur usme bhi toh aapka time west hote hi raksha mere sharir se accha hai ki aap apni patni ke saath hi santusht rahein

अगर काम के दबाव की विधि विधि के साथ आपका जीवन संतुलन बनाए रखना बेहद कठिन है तो फिर एक्स्ट्

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