ग्रामीण भारत में शादी के दौरान कास्ट,पंथ और रंग आदि को देखा जाता है, आपके अनुसार इनमें क्या सुधार होने चाहिए जो इनको हटाने और भारतीय युवाओं को भी आगे बढ़ने में मदद करें?...


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Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

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सबसे पहले तो देखिए मैं आपके सवाल को थोड़ा सा ठीक करने के लिए बता दूं सिर्फ पहले दो शब्द जो आपने लिखे हैं कि ग्रामीण भारत में तो मैं आपको बता दूं कि देखिए यह सिर्फ ग्रामीण भारत में नहीं आज की डेट में ही पूरे अर्बन इंडिया के पूरे इंडिया का ही देखे कंसान है और सिर्फ इंडिया का भी देखिए मैं क्यों कहूं कि हर एक बिल्डिंग सोसायटी कंसर्न है कास्ट को लेकर क्रीड को लेकर कलर को लेकर देखिए जो प्रॉब्लम संदेश करते हैं कि बहुत बुरी बात है और लेट मे टेल यू देखिए अगर आप इस चीज को पूरे अच्छे से जानना चाहते हैं तो हम जरूर इस बात को सुने और अगर आपकी देख रहे हैं सुन रहे हैं तो मैं आपको बता दूं कि जो हमारा इन सिस्टम को लेकर प्रॉब्लम है वह इसलिए क्योंकि आप आईडेंटिटी के ग्राउंड में फंसे आइडेंटिटी का मतलब यही है देखे कि आप जो हैं या फिर तो लैंग्वेज के ग्राउंड में है रिलीजन की ग्राउंड पर है यार एस के ग्राउंड पर है कास्ट के ग्राउंड पर है रिलीजन के ग्राउंड पर है क्रीड के ग्राउंड पर अपनी सिटी बहुत सारे हैं देखें स्टोरी हिस्ट्री देखी हमें बहुत ब्यूटीफुल सी सिखाती है कि डिफरेंस एबिलिटी देखकर बहुत आसान है अगर आप किसी से देखिए एंड डिफरेंस इस ढूंढ रहे हैं ज्ञात ढूंढ रहे हैं तो देखे कोई ना कोई चीज आपको मिल ही जाएगी जो आपको दूसरे से अलग कर देगी और अगर आप देख के म्यूजिक उल्टा लॉरेंस को नहीं अपनाते अगर आप मतलब अकोमोडेशन को नहीं जानते तो बहुत सारी सीने देखिए जो एक कम्यूनिटी को दूसरी कम्युनिटी से अलग करती है और आप अलग हो सकते हैं आप यह भी कह सकते हैं कि उसके डाइटरी हैबिट्स मुझसे अलग है अब यह भी कह सकते हैं कि वह जिस का स्कोर बिलॉन्ग करता है वह देखी नीची जात का है वह चीज आपका आप इस बात को समझें हमारी ही ह्यूमन जनरेशन हमारी ह्यूमन सिविलाइजेशन म्यूच्यूअल टॉलरेंस और एकोमोडेशन की वजह से ही बची हुई है अगर देखिए हम डिफरेंस एबिलिटी के अंदर कास्ट क्रीड कलर लैंग्वेज रिलीजन रेस अपनी सिटी टेंडर अगर हम इनके अंदर पैसेंजर तो देखी आपने जून को चुना है लीडर्स को या जिनको आप डायरेक्ट इलेक्शन करके सुनते हैं वह इन्हीं मुद्दों का फायदा उठाते हैं और कम्युनलिज्म करते हैं जैसा कि आप ने सवाल पूछा है कि इंसान क्या सुधार होना चाहिए जो भारतीय युवाओं को भी आगे बढ़ने में मदद करें तो आप इस बात को समझें देखिए सोशियोलॉजी के अंदर जो आपकी फैमिली है जो इंडियन फैमिली है वह सबसे लास्ट इकाई है और यह जितने भी आपके आईडेंटिटी के कैसे हैं मैं आपको बता दूंगी फैमिली से ही शुरू हो रहे हैं देखें तो आपको अगर कुछ बदलाव लेकर आना है तो आपको वहां से लेकर आना पड़ेगा जो आप के एल्बम है आपके बड़े भाई हैं आपके पैरंट हैं आपके टीचर हैं आपके रिश्तेदार हैं यह रोल उन सब लोगों को प्ले करना है जो आप को देखिए एक बैठक ह्यूमन बिंग बनाने की तरफ आगे बढ़ा सकते हैं वह आपको यह चीज बता सकते हैं कि हमें आईडेंटिटी से देखिए कुछ नहीं लेना है अच्छी है डिप्रेशन अगर आप प्रोवाइड करवाएंगे तो बहुत बेहतरीन होगा एडिकेशन मार्क्स वाली नहीं व्हिज्डम ओरिएंटेड एजुकेशन दीदी आप आप उन एजुकेशन का मतलब समझाइए कल को इंप्लॉय बिल हो आप उस पढ़ाई से जब आप काम करेंगे जब आप बहुत अच्छे से के काम करेंगे घर में पैसा लेकर आएंगे तो आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होगी देखी आप खुशी से अपनी जिंदगी व्यतीत कर पाएंगे और जब आप पढ़े लिखे होंगे देखिए जो आजा प्रॉब्लम कहते हैं कि हमारे जो पॉलिटिशन है वह करप्ट है वह ऐसे हैं वैसे आप यह जाने कहीं ना कहीं पर आप करप्ट हैं क्योंकि आपने ही देखी तूने वह अपने आप नहीं आए तो अगर आपको इस चीज में देखिए समझना है इस चीज को जानना है तो मैं आपको बता दूं कि सबसे पहले आपको पढ़ा-लिखा देखिए होना पड़ेगा आपको यह चीज समझ नहीं पड़ेगी तभी जाकर देखिए आप इन आईडेंटिटी के मुद्दों से अलग हो सकते हैं क्रीड्स 18 से और यह तभी पॉसिबल है देखे जब भारत का डेवलपमेंट इंडेक्स ऊपर जाएगा और अगर आप अनइंप्लॉयड अध्यापक सोच रहे हैं कि अगर मैंने डिग्री हो रही है डेडीकेशन करी है मेरे पास डिग्री है और उसके बावजूद भी मुझे काम नहीं मिल पा रहा है तो देखी गई तो प्रॉब्लम ही तो देखिए मैं आपको बता रहा हूं कि डिग्री ओरिएंटेड एंड इक्वेशन आपको कुछ नहीं दिला सकती आपको विद्या मोरी एंड डेडीकेशन यानी कि ऐसी पढ़ाई जो आपको काम दिलाए जिससे आप काम कर के आप समाज की बेहतरीन कल्पना कर सके अगर आप अपने काम से कुछ सुधार नहीं सकते हैं यह समाज में कुछ बदलाव नहीं कर सकते हैं देखिए तो उस एडिकेशन का कोई फायदा नहीं है और चली अगर आप कुछ उधार नहीं सकते हैं तो कम से कम आप यह देख लीजिए कि उस एडिकेशन से आप काम ही कर ले अब अपना काम कर ले जब आप घर में पैसा लेकर आएंगे देखे तो आईडेंटिटी में फंसे नहीं नहीं और आप कोई भी एक्स प्रीमियम के शिकार नहीं होंगे आपका दिमाग जो है वह गलत चीज की तरफ नहीं जाएगा तो आप समझे इस बात को कि अगर हमें इस बात को इंप्रूव करना है अगर हमें आईडेंटिटी से निकलना है तो एजुकेशन डेवलपमेंट इंडेक्स और हमारे जो टीचर है जो एल्डर है जो माता-पिता है या अब हमारे रिलेटिव हैं यह हमारे कोई भी गार्जियंस है या क्वेंटेशन है उनको बहुत बड़ा रोल प्ले करना है आप के युद्ध को यह समझाने में नॉट वर्क ऑफिस के तहत अगर आप देखेंगे तो जैसे मैंने कहा सिर्फ आपका रूरल इंडिया और हमारा अर्बन इंडिया जो शहर में रहने वाले लोग हैं वह भी चीज को समझें और ऑल ओवर अगर हम दिवाला होते हैं अब जाकर देखे हम अपने कंट्री के लिए और अपने समाज के लिए कुछ बेहतरीन स्थान बना सकते हैं

sabse pehle toh dekhiye main aapke sawaal ko thoda sa theek karne ke liye bata doon sirf pehle do shabd jo aapne likhe hain ki gramin bharat me toh main aapko bata doon ki dekhiye yah sirf gramin bharat me nahi aaj ki date me hi poore urban india ke poore india ka hi dekhe kansan hai aur sirf india ka bhi dekhiye main kyon kahun ki har ek building sociaty kansarn hai caste ko lekar creed ko lekar color ko lekar dekhiye jo problem sandesh karte hain ki bahut buri baat hai aur late mein tell you dekhiye agar aap is cheez ko poore acche se janana chahte hain toh hum zaroor is baat ko sune aur agar aapki dekh rahe hain sun rahe hain toh main aapko bata doon ki jo hamara in system ko lekar problem hai vaah isliye kyonki aap identity ke ground me fanse identity ka matlab yahi hai dekhe ki aap jo hain ya phir toh language ke ground me hai religion ki ground par hai yaar S ke ground par hai caste ke ground par hai religion ke ground par hai creed ke ground par apni city bahut saare hain dekhen 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ग्रामीण भारत में शादी के दान कास्ट पंत और रंग आदि को देखा जाता है आपके अनुसार इसमें क्या सुधार होना होंगे चाहिए जो इसके हटने हटने और भारतीय युवाओं को भी आगे बढ़ने में

gramin bharat mein shadi ke daan caste pant aur rang aadi ko dekha jata hai aapke anusaar isme kya sudhaar hona honge chahiye jo iske hatane hatane aur bharatiya yuvaon ko bhi aage badhne mein

ग्रामीण भारत में शादी के दान कास्ट पंत और रंग आदि को देखा जाता है आपके अनुसार इसमें क्या स

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