एक प्रमाणित EQ कोच होने के नाते, क्या आप इस तथ्य से सहमत होंगे कि विज्ञान और टेक्नॉलजी के इस युग में IQ और EQ एक समान हैं?...


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Aadesh Jee. manovid.

Counselor || Writer

3:42
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Dr Nisha Khanna

Renowned Indian Counselling Psychologist, Tedx Speaker, Columnist

1:56

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी भी कहती हैं और मेरा मानना है जो किसी का होता है ऐसे में इसके बारे में नहीं सोचता है यह समझ में आ रहा है दीपावली दीपों का इंपॉर्टेंस ऑफ यू का मतलब होता है लड़कों को नहीं समझता इंसान को संभाल नहीं समझ में आता क्या

information technology bhi kehti hain aur mera manana hai jo kisi ka hota hai aise mein iske bare mein nahi sochta hai yah samajh mein aa raha hai deepawali dipon ka importance of you ka matlab hota hai ladko ko nahi samajhata insaan ko sambhaal nahi samajh mein aata kya

इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी भी कहती हैं और मेरा मानना है जो किसी का होता है ऐसे में इसके बारे मे

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आईटी ऑडी क्यू की बात करें तो दोनों में समानता पैसे है नहीं दोनों अलग-अलग चीजें रिपीट दोनों अलग पीके की बात करते हैं तो ऐसा नहीं है कि दिल और दिमाग बोल चीजें हैं कि नहीं क्योंकि विज्ञान कहता है कि दिल एक केवल आर्यन है यहां हम बात कर रहे हैं हमारी इमोशन कि वह भी दिमाग की उपज है और i.q. भी हमारे दिमाग में स्टोरेज बेटा है i.q. डाटा है एक ही हमारी फीलिंग्स है जो डाटा से डिवेलप यदि हमारे मां-बाप हमें बड़ों का सम्मान करना सिखाया है यदि हमारे मां-बाप ने यह हमारे समाज ने हमारे परिवेश में यह सिखाया है कि जो गरीब है उनकी मदद करें जो बीमार है उनकी मदद करें दुख में दुखी हो सुख में हंसते दूसरे के दुख और सुख में शामिल हो उनकी अनुभूति करें दूसरे को चोट लगे तो दर्द हम खुद में अनुभव करें एम आर आई क्यू है उस उस उस से रिलेटेड है यह बात आती है आइक्यू की यह भी वैसे ही है यह डाटा है जो हमें एजुकेशन से प्राप्त होता है या इंफॉर्मेशन के रूप में हमारे पास कहीं से भी मिल जाता है आज से देखकर कानपुर सोनकर टाटा के पास होता है एक्यू इसकी क्वालिटी जिसमें होगी वह दूसरे की भावनाओं को समझ सकता है अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकता है किसी भी व्यक्ति को उसके अभी मन में क्या चल रहा है उसको समझ कर उसके अनुरूप उसे नॉर्मल कर सकता है उसे टाल सकता है आपने संवेग अंतर्गत व्यक्ति की भावनाओं का क्वालिटी जो हमारे अंदर हम जो है एक सामाजिक व्यक्ति के रूप में अपने आप को स्थापित कर सकते हैं कच्चे अभिनेता के रूप में स्थापित कर सकते हैं एक अच्छे नेता के रूप में अपने आप को स्थापित कर सकते हैं यह यह ऐसे ठीक है आज क्यों मैसेज करता है हमारी जानकारियों को दिखाने के लिए यह मैं रोटी बना सकता है हमें अपने अंदर ही गर्व की अनुभूति हो सके कम बहुत कुछ जानते हम समाजिक नहीं हो सकता बहुत ज्यादा पहले कर देखती हो इसमें i.q. हो लेकिन की में नहीं होगी तो सामाजिक नहीं भी हो सकता है वह दूसरे के साथ सामंजस्य स्थापित नहीं दे सकता

it audi kyun ki baat kare toh dono me samanata paise hai nahi dono alag alag cheezen repeat dono alag pk ki baat karte hain toh aisa nahi hai ki dil aur dimag bol cheezen hain ki nahi kyonki vigyan kahata hai ki dil ek keval aryan hai yahan hum baat kar rahe hain hamari emotion ki vaah bhi dimag ki upaj hai aur i q bhi hamare dimag me storage beta hai i q data hai ek hi hamari feelings hai jo data se develop yadi hamare maa baap hamein badon ka sammaan karna sikhaya hai yadi hamare maa baap ne yah hamare samaj ne hamare parivesh me yah sikhaya hai ki jo garib hai unki madad kare jo bimar hai unki madad kare dukh me dukhi ho sukh me hansate dusre ke dukh aur sukh me shaamil ho unki anubhuti kare dusre ko chot lage toh dard hum khud me anubhav kare M R I kyun hai us us us se related hai yah baat aati hai IQ ki yah bhi waise hi hai yah data hai jo hamein education se prapt hota hai ya information ke roop me hamare paas kahin se bhi mil jata hai aaj se dekhkar kanpur sonkar tata ke paas hota hai Acu iski quality jisme hogi vaah dusre ki bhavnao ko samajh sakta hai apni bhavnao ko vyakt kar sakta hai kisi bhi vyakti ko uske abhi man me kya chal raha hai usko samajh kar uske anurup use normal kar sakta hai use tal sakta hai aapne samveg antargat vyakti ki bhavnao ka quality jo hamare andar hum jo hai ek samajik vyakti ke roop me apne aap ko sthapit kar sakte hain kacche abhineta ke roop me sthapit kar sakte hain ek acche neta ke roop me apne aap ko sthapit kar sakte hain yah yah aise theek hai aaj kyon massage karta hai hamari jankariyon ko dikhane ke liye yah main roti bana sakta hai hamein apne andar hi garv ki anubhuti ho sake kam bahut kuch jante hum samajik nahi ho sakta bahut zyada pehle kar dekhti ho isme i q ho lekin ki me nahi hogi toh samajik nahi bhi ho sakta hai vaah dusre ke saath samanjasya sthapit nahi de sakta

आईटी ऑडी क्यू की बात करें तो दोनों में समानता पैसे है नहीं दोनों अलग-अलग चीजें रिपीट दोनो

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