काम के दबाव में वृद्धि के साथ कार्य जीवन संतुलन बनाए रखना बेहद कठिन हो जाता है इसलिए कई लोगों के एक्स्ट्रा मैरिटल अफ़ेयर्स भी होते हैं, इस पर आपकी क्या राय है?...


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Harish Kumar

Double M.A.,JBT,B.ed

1:28

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों आपका काफी अच्छा और काफी गहरा क्वेश्चन है अब क्वेश्चन कि काम के दबाव में वृद्धि के साथ कार्य जीवन संतुलन संतुलन बनाए रखना बेहद कठिन हो जाता है इसीलिए कई लोगों के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स भी होते हैं इस पर आपकी क्या राय है देखो जब तक कोई अपने लाइफ पार्टनर से सेटिस्फाई नहीं होगा तो उसके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होते ही रहेंगे क्यों होते रहेंगे क्योंकि जो उसको जो उनकी इच्छाएं होती है 40 में मेल होता एक ईमेल हो दोनों तरह का मतलब दिए अफेयर चल सकता है जब तक उनके अटैचमेंट होना जरूरी है नहीं क्योंकि उनके मन से मन भी मिलने होने चाहिए परिवार में खुशी भी होने चाहिए वो उसको समझने वाला होना चाहिए मेल ईमेल मेरे को समझने वाली उनका आपस में सामाजिक से अच्छे से नहीं होगा और जब तक वह एक दूसरे की बातों को समझ नहीं पाएंगे तो उनका से मतलब कि मैरिटल स्टेटस है जो बचा नहीं पाएगा इसलिए मैरिटल स्टेटस और अफेयर्स होने की संभावना ज्यादा रहती है अगर वह एक दूसरे को समझने में नाकाम रहते हैं तो ज्यादा अच्छा रहेगा कि जो भी करना खुशी-खुशी करो लेकिन अपनी लाइफ पार्टनर को ज्यादा से ज्यादा खुश रखो चाहे इसमें मेल होता है कि मेलु छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना बिल्कुल बंद कर दो और आज के टाइम में तो हर एक पढ़ा लिखा है तो इस प्रकार के झगड़े तो होना अच्छी बात नहीं है धन्यवाद

namaskar doston aapka kaafi accha aur kaafi gehra question hai ab question ki kaam ke dabaav mein vriddhi ke saath karya jeevan santulan santulan banaye rakhna behad kathin ho jata hai isliye kai logo ke extra marital affairs bhi hote hain is par aapki kya rai hai dekho jab tak koi apne life partner se satisfy nahi hoga toh uske extra marital affair hote hi rahenge kyon hote rahenge kyonki jo usko jo unki ichhaen hoti hai 40 mein male hota ek email ho dono tarah ka matlab diye affair chal sakta hai jab tak unke attachment hona zaroori hai nahi kyonki unke man se man bhi milne hone chahiye parivar mein khushi bhi hone chahiye vo usko samjhne vala hona chahiye male email mere ko samjhne wali unka aapas mein samajik se acche se nahi hoga aur jab tak vaah ek dusre ki baaton ko samajh nahi payenge toh unka se matlab ki marital status hai jo bacha nahi payega isliye marital status aur affairs hone ki sambhavna zyada rehti hai agar vaah ek dusre ko samjhne mein nakam rehte hain toh zyada accha rahega ki jo bhi karna khushi khushi karo lekin apni life partner ko zyada se zyada khush rakho chahen isme male hota hai ki chahiye choti choti baaton par jhadna karna bilkul band kar do aur aaj ke time mein toh har ek padha likha hai toh is prakar ke jhagde toh hona achi baat nahi hai dhanyavad

नमस्कार दोस्तों आपका काफी अच्छा और काफी गहरा क्वेश्चन है अब क्वेश्चन कि काम के दबाव में वृ

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यह सत्य है कि काम के दबाव के कारण जीवन में संतुलन बनाना बहुत कठिन है लेकिन इसका समाधान एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कतई नहीं है मनुष्य को नियमित रूप से योग्य और अपने खानपान तथा नींद के ऊपर पर्याप्त ध्यान देकर इस जो कि अतिरिक्त कार्य की वजह से दबाव पड़ रहा है उसको अपनी संतुलन की स्थिति में अमृत सकते हैं और अपने परिवार को भी हम पूरी तरह से ध्यान में रखकर उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति को अच्छी तरह से निभा कर के अपने दायित्व का निर्वहन कर सकते हैं

yah satya hai ki kaam ke dabaav ke karan jeevan mein santulan banana bahut kathin hai lekin iska samadhan extra marital affair katai nahi hai manushya ko niyamit roop se yogya aur apne khanpan tatha neend ke upar paryapt dhyan dekar is jo ki atirikt karya ki wajah se dabaav pad raha hai usko apni santulan ki sthiti mein amrit sakte hain aur apne parivar ko bhi hum puri tarah se dhyan mein rakhakar unki avashayaktaon ki purti ko achi tarah se nibha kar ke apne dayitva ka nirvahan kar sakte hain

यह सत्य है कि काम के दबाव के कारण जीवन में संतुलन बनाना बहुत कठिन है लेकिन इसका समाधान एक्

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किसी भी काम को करने के लिए हमें आवश्यक समय और संतुष्टि की जरूरत होती है कोई भी काम को हम दवाब में आकर सुधारों से संबोधित नहीं कर सकते हैं इसलिए हमें दबाव मुक्त होकर ही कोई काम को करना चाहिए

kisi bhi kaam ko karne ke liye hamein aavashyak samay aur santushti ki zarurat hoti hai koi bhi kaam ko hum davab mein aakar sudharo se sambodhit nahi kar sakte hain isliye hamein dabaav mukt hokar hi koi kaam ko karna chahiye

किसी भी काम को करने के लिए हमें आवश्यक समय और संतुष्टि की जरूरत होती है कोई भी काम को हम द

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