हमारा भारत विदेशियों के मुकाबले इतना कमज़ोर क्यों है?...


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Kajor Khatra

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विष्णु बजे की बात की जाए तो बजे काफी सारी है इसके अंतर्गत जैसे आपने शिक्षा प्रणाली की बात करके पहले की शिक्षा प्रणाली से पिछड़ रहे हैं इसके लिए इसके अलावा रोजगार के बारे में एंप्लॉयमेंट की बात करते तो कई ने कई एंप्लॉयमेंट में भी लिखने से काफी सारी चीजें जो राष्ट्र के लिए होनी चाहिए लेकिन की बारे में बातचीत करते हैं तो एक छोटा बच्चा था तो उसको जिसे टैबलेट में जाना प्लेटलेट की शिक्षा दी जाती है कोई राष्ट्र नेता बनेगा तो उसको उसको भी उसी रिलेटेड होगी वह देगी शिक्षा दी जाती है इसी प्रकार अगर कोई क्या बोलते हैं उसको सैनिक बनेगा तो उसको सैनिक शिक्षा ही दी जाती है तो वह जो उसके लायक होता तो उसकी खातिर सारी जानकारी बिल्ड हो जाती है

vishnu baje ki baat ki jaaye toh baje kaafi saari hai iske antargat jaise aapne shiksha pranali ki baat karke pehle ki shiksha pranali se pichad rahe hain iske liye iske alava rojgar ke bare mein employment ki baat karte toh kai ne kai employment mein bhi likhne se kaafi saari cheezen jo rashtra ke liye honi chahiye lekin ki bare mein batchit karte hain toh ek chota baccha tha toh usko jise tablet mein jana platelet ki shiksha di jaati hai koi rashtra neta banega toh usko usko bhi usi related hogi vaah degi shiksha di jaati hai isi prakar agar koi kya bolte hain usko sainik banega toh usko sainik shiksha hi di jaati hai toh vaah jo uske layak hota toh uski khatir saari jaankari build ho jaati hai

विष्णु बजे की बात की जाए तो बजे काफी सारी है इसके अंतर्गत जैसे आपने शिक्षा प्रणाली की बात

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Avneesh Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सारंग का कारण इसका यही है हम अपने देश भक्ति है हम कहीं भी जंगल में एक एग्जांपल आपको देना कम कुले की बात है ना अपने घर में बिल्कुल साफ कर दूंगा पूरा डाल दूंगा जब की भावना अपने अंदर नहीं जाएंगे तब तो कुछ हो ही नहीं सकता तो दूसरे की बेस्ट किस दिशा में बनाएं

sarang ka karan iska yahi hai hum apne desh bhakti hai hum kahin bhi jungle mein ek example aapko dena kam kule ki baat hai na apne ghar mein bilkul saaf kar dunga pura daal dunga jab ki bhavna apne andar nahi jaenge tab toh kuch ho hi nahi sakta toh dusre ki best kis disha mein banaye

सारंग का कारण इसका यही है हम अपने देश भक्ति है हम कहीं भी जंगल में एक एग्जांपल आपको देना क

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Balwan Singh

Journalist

0:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरा देश पीछे नहीं है प्रतिभा को पहचाने वालों की कमी है जिसकी बाजुओं पर भी राजनीति गीत में कार्ड

mera desh peeche nahi hai pratibha ko pehchane walon ki kami hai jiski bajuon par bhi raajneeti geet mein card

मेरा देश पीछे नहीं है प्रतिभा को पहचाने वालों की कमी है जिसकी बाजुओं पर भी राजनीति गीत में

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Rajan

Peaceful divine soul

1:25

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी इसका सबसे पहला रीज़न तो यह है कि हमारा जो एजुकेशन सिस्टम ठीक है हमारा हम जो एजुकेशन सिस्टम जो आज हम एजुकेशन ले रहे हैं वह प्रॉपर अगर कहा था कि बहुत सही एजुकेशन लेने तो नहीं ले रहा है ठीक है हम लोग बहुत स्लो है बहुत ज्यादा स्लो हैं हर मामले में क्योंकि हमारा एजुकेशन ही ऐसा है कि हमें वह लोग बना देता है ठीक है आप किसी और देश में देखिए तो आपको बहुत ज्यादा वहां के लोग यह मिलेंगे कि वह क्योंकि वह सबसे बड़ी थी जिन लोगों ने अपने चित्र भी अपना लैंग्वेज यूज करता है और भी ऐसे बहुत सारे कंट्रीज है जिसका एग्जांपल लिया जा सकता है बट हमारे देश में जो एजुकेशन सिस्टम जो है वह बहुत खुश होगी बहुत रिपोर्ट का जरूरत है ठीक है जुकाम की बहुत ज्यादा जरूरत है अभी क्योंकि हमारा एजुकेशन सिस्टम जो इंडियन एजुकेशन सिस्टम में वह बस हमें एक रोबोट की तरह बना देता है जिसके कारण हम क्रिएटिव क्रिएटिव में खो देते हैं हमारे अंदर क्रिएटिविटी खत्म हो जाता है

zindagi iska sabse pehla region toh yah hai ki hamara jo education system theek hai hamara hum jo education system jo aaj hum education le rahe hain vaah proper agar kaha tha ki bahut sahi education lene toh nahi le raha hai theek hai hum log bahut slow hai bahut zyada slow hain har mamle mein kyonki hamara education hi aisa hai ki hamein vaah log bana deta hai theek hai aap kisi aur desh mein dekhiye toh aapko bahut zyada wahan ke log yah milenge ki vaah kyonki vaah sabse badi thi jin logo ne apne chitra bhi apna language use karta hai aur bhi aise bahut saare countries hai jiska example liya ja sakta hai but hamare desh mein jo education system jo hai vaah bahut khush hogi bahut report ka zarurat hai theek hai zukam ki bahut zyada zarurat hai abhi kyonki hamara education system jo indian education system mein vaah bus hamein ek robot ki tarah bana deta hai jiske karan hum creative creative mein kho dete hain hamare andar creativity khatam ho jata hai

जिंदगी इसका सबसे पहला रीज़न तो यह है कि हमारा जो एजुकेशन सिस्टम ठीक है हमारा हम जो एजुकेशन

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

0:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत पर विदेशियों का मुकाबला देखा जाए तो बिल्कुल कमजोर है इसका मुख्य कारण बहुत सारे हैं पहली बात की पॉलिटिकल पार्टी हमारी है जो पॉलिटिकल पार्टी होते हमारे देश के विकास कम और लोगों को आपस में झगड़ा किस धर्म के नाम पर बैठते हैं जाति के नाम पर बैठते हैं अपना दोस्त बनाना चाहते हैं दूसरी बात यहां के लोग जो है अपने विकास के प्रति नहीं ध्यान देते हैं रिजर्वेशन के प्रति ध्यान रखते हैं वो लोग जिनके पति रखना चाहते हैं जो है इस प्रकार से कमजोर है क्या यहां के लोगों में एकता ना हो लोग एक साथ ना हो लोग अपने विकास के प्रति ना सोचे कि वहां के लोगों में कभी एकता ही नहीं बनी है हमेशा के लोग किसी न किसी चीज पर बैठते हैं यह दुआ है हमारी भारत के विकास पर काफी प्रभाव पड़ता है

bharat par videshiyon ka muqabla dekha jaaye toh bilkul kamjor hai iska mukhya karan bahut saare hain pehli baat ki political party hamari hai jo political party hote hamare desh ke vikas kam aur logo ko aapas mein jhadna kis dharm ke naam par baithate hain jati ke naam par baithate hain apna dost banana chahte hain dusri baat yahan ke log jo hai apne vikas ke prati nahi dhyan dete hain reservation ke prati dhyan rakhte hain vo log jinke pati rakhna chahte hain jo hai is prakar se kamjor hai kya yahan ke logo mein ekta na ho log ek saath na ho log apne vikas ke prati na soche ki wahan ke logo mein kabhi ekta hi nahi bani hai hamesha ke log kisi na kisi cheez par baithate hain yah dua hai hamari bharat ke vikas par kaafi prabhav padta hai

भारत पर विदेशियों का मुकाबला देखा जाए तो बिल्कुल कमजोर है इसका मुख्य कारण बहुत सारे हैं पह

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