क्या इंडिया में शिक्षा का स्तर नीचे गिर गया है?...


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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एजुकेशन एजुकेशन का प्रॉब्लम बनी चाहिए एजुकेशन से क्या प्रॉफिट है क्या चीज होना चाहिए बीमारी को देखना चाहिए जॉब के लिए किया हुआ है लेकिन उनको अच्छे से स्पेलिंग लिखने नहीं आता ऐसे प्लास्टिक को नीचे जहां पर लोगों को बताया ऐसा जॉब है ऐसा है यह चीजें होता है पानी वाली स्कूल में पड़ोगे पैसा नहीं है तो प्राइमरी स्कूल

education education ka problem bani chahiye education se kya profit hai kya cheez hona chahiye bimari ko dekhna chahiye job ke liye kiya hua hai lekin unko acche se spelling likhne nahi aata aise plastic ko niche jaha par logo ko bataya aisa job hai aisa hai yeh cheezen hota hai pani wali school mein padoge paisa nahi hai toh primary school

एजुकेशन एजुकेशन का प्रॉब्लम बनी चाहिए एजुकेशन से क्या प्रॉफिट है क्या चीज होना चाहिए बीमार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत अच्छी बात कही कि भारत में शिक्षा के स्तर विशेष रूप से गिरा है सरकार इस बात को माने चाहे ना माने एक सामाजिक कार्यकर्ता के नाते हम तो बिल्कुल गारंटी से कहते हैं कि भारत में शिक्षा का स्तर के बर्थडे कृपया जाना है और उस एक छोटा जो बजट सरकार का जो बजट होता है उसी क्षेत्र के लिए पैसे का आवंटन ज्यादा होता है उस सेक्टर पर हम ज्यादा उम्मीद करेंगे कि वह ज्यादा भीम करेगा ज्यादा मजबूत होगा आप देख लिए लगातार कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में हमारा जो ठंड है हमारा जो बजट है वह दे भाई दे जो है बताया जा रहा है क्या बजे है घटाने की क्या हम नहीं चाहते हैं कि समाज के गरीब तबके को एजुकेशन मिले क्या हम नहीं चाहते हैं कि देश जो है देश के विकास में जो है इस देश का एक एक बच्चा जो है शामिल हो क्या नियत है कि हम तो हैं शिक्षा के क्षेत्र में जुड़ते जा रहे हैं बजट कम करते जा रहे हैं दूसरे क्षेत्र में जहां पर हमारी जो है मुझे लगता है कि नहीं है जहां शिक्षा की जरूरत इस देश में महत्वपूर्ण है हमें अपने बजट में और इजाफा करना पड़ेगा और बढ़ोतरी करनी पड़ेगी कि हम अपनी शिक्षा के स्तर को और ऊंचा कर सके और यह बिल्कुल सही है कि शिक्षा का स्तर आप यह बताइए कि जब आदमी एक बड़े टाइम से पढ़ कर जाता है तो निश्चित रूप से दुनिया के किसी हिस्से में जाकर वह अच्छी पोस्ट पर जोड़ना भी होता है लेकिन क्या एक गरीब बच्चा बच्चा बच्चा यह सारी चीजें मौजूद हैं तो प्राइवेट स्कूल सरकारी बजट कम कर देगी वहां पर जॉब इन प्लास्टिक चटनी ऐसी दे दिए हैं जो शिक्षा दे रहे हैं जो हमारे शिक्षक हैं उन पर गौर कीजिए कि आपके प्रदेश के राजपाल कौन है जो बच्चों को पढ़ा रही हो बच्चों को पढ़ा रही है और उसको यह नहीं मालूम हो जाता है कि नहीं है लेकिन हमारे अच्छे नहीं हैं

bahut achi baat kahi ki bharat mein shiksha ke sthar vishesh roop se gira hai sarkar is baat ko maane chahen na maane ek samajik karyakarta ke naate hum toh bilkul guarantee se kehte hain ki bharat mein shiksha ka sthar ke birthday kripya jana hai aur us ek chota jo budget sarkar ka jo budget hota hai usi kshetra ke liye paise ka aawantan zyada hota hai us sector par hum zyada ummid karenge ki vaah zyada bhim karega zyada majboot hoga aap dekh liye lagatar kai varshon se shiksha ke kshetra mein hamara jo thand hai hamara jo budget hai vaah de bhai de jo hai bataya ja raha hai kya baje hai ghatane ki kya hum nahi chahte hain ki samaj ke garib tabke ko education mile kya hum nahi chahte hain ki desh jo hai desh ke vikas mein jo hai is desh ka ek ek baccha jo hai shaamil ho kya niyat hai ki hum toh hain shiksha ke kshetra mein judte ja rahe hain budget kam karte ja rahe hain dusre kshetra mein jaha par hamari jo hai mujhe lagta hai ki nahi hai jaha shiksha ki zarurat is desh mein mahatvapurna hai hamein apne budget mein aur ijafa karna padega aur badhotari karni padegi ki hum apni shiksha ke sthar ko aur uncha kar sake aur yah bilkul sahi hai ki shiksha ka sthar aap yah bataye ki jab aadmi ek bade time se padh kar jata hai toh nishchit roop se duniya ke kisi hisse mein jaakar vaah achi post par jodna bhi hota hai lekin kya ek garib baccha baccha baccha yah saree cheezen maujud hain toh private school sarkari budget kam kar degi wahan par job in plastic chatni aisi de diye hain jo shiksha de rahe hain jo hamare shikshak hain un par gaur kijiye ki aapke pradesh ke rajyapal kaun hai jo baccho ko padha rahi ho baccho ko padha rahi hai aur usko yah nahi maloom ho jata hai ki nahi hai lekin hamare acche nahi hain

बहुत अच्छी बात कही कि भारत में शिक्षा के स्तर विशेष रूप से गिरा है सरकार इस बात को माने चा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल की राय मेन फोकस एजुकेशन पर तो होना ही चाहिए एजुकेशन को स्ट्रांग करने के दिशा में भी सरकार अब वही एक डिस्ट्रिक्ट में आपसे 665 64 डिस्टिक इन इंडिया में ठीक है उसमें प्राइमरी एजुकेशन और हायर एजुकेशन के लिए एक डिस्ट्रिक्ट में अगर 2 वर्ल्ड क्लास फैसिलिटी से बन जाए स्कूल इंटरनेशनल लेवल का गवर्नमेंट एजुकेशन एचआरडी मिनिस्ट्री कोई सेटिंग लेना चाहिए बहुत अच्छा काम हो सकता है उसके लिए 40 50 हजार करोड़ का बजट एलोकेट करके सरकार कर सकता है

bilkul ki rai main focus education par toh hona hi chahiye education ko strong karne ke disha mein bhi sarkar ab wahi ek district mein aapse 665 64 district in india mein theek hai usme primary education aur hire education ke liye ek district mein agar 2 world class facility se ban jaye school international level ka government education HRD ministry koi setting lena chahiye bahut accha kaam ho sakta hai uske liye 40 50 hazaar crore ka budget eloket karke sarkar kar sakta hai

बिल्कुल की राय मेन फोकस एजुकेशन पर तो होना ही चाहिए एजुकेशन को स्ट्रांग करने के दिशा में भ

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Mohd Naseem

Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा देखना है सब जगह तरफ शिक्षा शिक्षा शिक्षा शिक्षा को आप नहीं कर सकते के लिए शिक्षा बड़ी है गरीब लोग भी पढ़ाते हैं बच्चों को वैकेंसी होती है तो उस पर चलती है बोलो सरकारी नौकरी

shiksha dekhna hai sab jagah taraf shiksha shiksha shiksha shiksha ko aap nahi kar sakte ke liye shiksha badi hai garib log bhi padhate hain baccho ko vacancy hoti hai toh us par chalti hai bolo sarkari naukri

शिक्षा देखना है सब जगह तरफ शिक्षा शिक्षा शिक्षा शिक्षा को आप नहीं कर सकते के लिए शिक्षा ब

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Ranjan Khatumaria

Politician, Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा का स्तर शिक्षा का स्तर बढ़ना चाहिए था ना उस गति से बड़ा नहीं है

shiksha ka sthar shiksha ka sthar badhana chahiye tha na us gati se bada nahi hai

शिक्षा का स्तर शिक्षा का स्तर बढ़ना चाहिए था ना उस गति से बड़ा नहीं है

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Subhash Shekhar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हालांकि शिक्षा का जो अंतर है अक्षर ज्ञान की बात करें वहां तक मैं रिमोट एरियाज में जाता हूं तो वहां से सही तरीके से स्कूल नहीं है और जैसे कि अभी हाल के दिनों में जिस लड़के मैं झारखंड में रखना कि मेरा गांव नक्सल प्रभावित क्षेत्र है ठीक है तो जो भी स्कूल कॉलेज हैं वहां नगर बनेगी बिलिंग बने थे तो वहां पर जो नक्सली हिंसा को लेकर वहां कोई टीचर जाना नहीं चाहते अगर तुम को देखना अक्षर ज्ञान नहीं हो पाया है लेकिन हाल के दिनों में जो हाथ में मोबाइल हो गया है लोग जानने लगे हैं इंटरनेट के थ्रू और अन्य माध्यमों से अपनी भाषा में लोग जानते हैं कि सरकार की जितनी भी योजनाएं हैं उसको समझते हैं क्या वह समझते हैं वह

halanki shiksha ka jo antar hai akshar gyaan ki baat kare wahan tak main remote areas mein jata hoon toh wahan se sahi tarike se school nahi hai aur jaise ki abhi haal ke dino mein jis ladke main jharkhand mein rakhna ki mera gaon naxal prabhavit kshetra hai theek hai toh jo bhi school college hain wahan nagar banegi billing bane the toh wahan par jo naksali hinsa ko lekar wahan koi teacher jana nahi chahte agar tum ko dekhna akshar gyaan nahi ho paya hai lekin haal ke dino mein jo hath mein mobile ho gaya hai log jaanne lage hain internet ke through aur anya maadhyamon se apni bhasha mein log jante hain ki sarkar ki jitni bhi yojanaye hain usko samajhte kya vaah samajhte hain vaah

हालांकि शिक्षा का जो अंतर है अक्षर ज्ञान की बात करें वहां तक मैं रिमोट एरियाज में जाता हूं

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Avneesh Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा का स्तर इसलिए लग रहा है इसका राजनीतिकरण हो रहा है जो होनी चाहिए ताकि वह हर आदमी की पहुंच में हर कोई पढ़ सकें लेकिन अब क्या हो गया जो है मां एजुकेटेड लोग हैं पढ़ाने वाले लोग हैं लेकिन वह नहीं चाहती है तो उसने लगातार गिर रहा हमारे बच्चे

shiksha ka sthar isliye lag raha hai iska rajneetikaran ho raha hai jo honi chahiye taki vaah har aadmi ki pohch mein har koi padh sake lekin ab kya ho gaya jo hai maa educated log hain padhane waale log hain lekin vaah nahi chahti hai toh usne lagatar gir raha hamare bacche

शिक्षा का स्तर इसलिए लग रहा है इसका राजनीतिकरण हो रहा है जो होनी चाहिए ताकि वह हर आदमी की

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Ranjeet Singh Uppal

Retired GM ONGC

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं समझता हूं और इंडिया में एजुकेशन का लेबल धीरे-धीरे नीचे गिरता जा रहा है पहले क्या होता था इंडिया में दो नोबल प्रोफेशन होता है एक होता था एजुकेशन दूसरा बता का मेडिकल क्या हुआ है कि धीरे-धीरे खोल खोल रहे हैं वह बिजनेस में खोल रहे हैं तो उनका इंटेंशन रहता है ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाए इसलिए उनको शिक्षा के तरफ भी ध्यान नहीं जाता है बड़ी बड़ी सुंदर सुंदर बिल्डिंग होती है जो बहुत अच्छे-अच्छे शब्द रूप में होते हैं सब कुछ बहुत अच्छा होता है लेकिन जहां तक शिक्षा का सवाल है उसका एक तक नीचे गिरता जा रहा है तो जब इसमें बहुत सुधार लाने की जरूरत है

main samajhata hoon aur india mein education ka lebal dhire dhire niche girta ja raha hai pehle kya hota tha india mein do noble profession hota hai ek hota tha education doosra bata ka medical kya hua hai ki dhire dhire khol khol rahe hain vaah business mein khol rahe hain toh unka intention rehta hai zyada se zyada paisa kamaye isliye unko shiksha ke taraf bhi dhyan nahi jata hai badi badi sundar sundar building hoti hai jo bahut acche acche shabd roop mein hote hain sab kuch bahut accha hota hai lekin jaha tak shiksha ka sawaal hai uska ek tak niche girta ja raha hai toh jab isme bahut sudhaar lane ki zarurat hai

मैं समझता हूं और इंडिया में एजुकेशन का लेबल धीरे-धीरे नीचे गिरता जा रहा है पहले क्या होता

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Anideep Ghosh

Social Activist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम लोगों का पेड़ कितने लोगों का पास नहीं है कि पैसे देकर एक लड़का कामकाज छोड़कर जमीन में पड़े कोट पैंट डिजाइन बहुत सारे लोग काम काम करने के बाद

hum logo ka ped kitne logo ka paas nahi hai ki paise dekar ek ladka kaamkaaj chhodkar jameen mein pade coat pant design bahut saare log kaam kaam karne ke baad

हम लोगों का पेड़ कितने लोगों का पास नहीं है कि पैसे देकर एक लड़का कामकाज छोड़कर जमीन में प

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे भारत देश में जहां पर हमारी धरती ऐसी है कि जहां पर बहुत ज्यादा कुछ बनता है जो पूरे वर्ल्ड में नहीं होता वह धरती में पैदा करता है जी लेकिन जो भी शिक्षा की बात आ गई तो उसके लिए बातें थी कि जब अंग्रेज आए थे तो प्लाट में कॉल नहीं अपनी लागू की थी हमारी प्राचीन शिक्षा नीति को खत्म करते तो उसमें के क्यों की थी क्योंकि हमें गुलाम बना सके अंग्रेजी मानसिकता बना सकें और भारत को गुलाम बना सके लेकिन जैसे और भी का हजारों कानून चल रहे अंग्रेजो के चल रहे हैं हजारों लोग बोल रहे हैं कि 70 साल हो गए लेकिन कानून अंग्रेजों की अंग्रेजों की जल्दी अपनी स्वदेशी नीति तो बनी ही नहीं विदेशी नीति बनेगी तो एजुकेशन का स्तर ऊंचा होगा और सेकंड लिस्ट भेजिए जो निजी स्कूल चल रहे हैं वह अधिकतर हमारे राजनेताओं के हैं किसी में किसी की भागीदारी है किसने किसको अब सिर्फ आराम से लोगों को लूट के रहते हैं सरकारी स्कूलों में सरकार का द्वारा ध्यान दिए जाने पर शिक्षा का स्तर ऊंचा उड़ जाए तो वह प्राइवेट स्कूलों में निजी स्कूलों में जो पैसा लूटते हैं लोगों से वार्निंग उनकी बंद हो जाएगी

hamare bharat desh mein jaha par hamari dharti aisi hai ki jaha par bahut zyada kuch baata hai jo poore world mein nahi hota vaah dharti mein paida karta hai ji lekin jo bhi shiksha ki baat aa gayi toh uske liye batein thi ki jab angrej aaye the toh plot mein call nahi apni laagu ki thi hamari prachin shiksha niti ko khatam karte toh usme ke kyon ki thi kyonki hamein gulam bana sake angrezi mansikta bana sake aur bharat ko gulam bana sake lekin jaise aur bhi ka hazaro kanoon chal rahe angrejo ke chal rahe hai hazaro log bol rahe hai ki 70 saal ho gaye lekin kanoon angrejo ki angrejo ki jaldi apni swadeshi niti toh bani hi nahi videshi niti banegi toh education ka sthar uncha hoga aur second list bhejiye jo niji school chal rahe hai vaah adhiktar hamare rajnetao ke hai kisi mein kisi ki bhagidari hai kisne kisko ab sirf aaram se logo ko loot ke rehte hai sarkari schoolon mein sarkar ka dwara dhyan diye jaane par shiksha ka sthar uncha ud jaaye toh vaah private schoolon mein niji schoolon mein jo paisa lootate hai logo se warning unki band ho jayegi

हमारे भारत देश में जहां पर हमारी धरती ऐसी है कि जहां पर बहुत ज्यादा कुछ बनता है जो पूरे वर

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्थानीय निगरानी समिति ने दिल्ली में क्या यूपी सरकार ने किन्नरों का पूरा ध्यान नाडोल गांव है जहां पर हिंसा फैल रही है शिशुपाल का मुस्लिमों में 10 परसेंट मुस्लिम पांच लोगों को फैसिलिटी नगर प्रोवाइड कराई जाएगी तो सुधार नहीं हो सकता गवर्नमेंट कॉलेज शिक्षा गरीब से गरीब बच्चों की नरेंद्र मोदी की सरकार

sthaniye nigrani samiti ne delhi mein kya up sarkar ne kinnaron ka pura dhyan nadol gaon hai jaha par hinsa fail rahi hai sishupal ka muslimo mein 10 percent muslim paanch logo ko facility nagar provide karai jayegi toh sudhaar nahi ho sakta government college shiksha garib se garib baccho ki narendra modi ki sarkar

स्थानीय निगरानी समिति ने दिल्ली में क्या यूपी सरकार ने किन्नरों का पूरा ध्यान नाडोल गांव ह

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे भारत में शिक्षा का स्तर जो है नीचे गिरा है या नहीं मैं आपसे बिल्कुल शिक्षा का स्तर बिल्कुल एक बिजनेस नहीं था पर अभी के दौर में शिक्षा व्यवस्था एक बिजनेस है और साथ ही साथ गवर्नमेंट स्कूल में जाते हैं तो वहां पर आ जाए तो अच्छी शिक्षा इसमें हमारी गलती है हम लोगों ने भी अपने बच्चे को ज्यादा अच्छे अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते बिजनेस बिजनेस में आता है

hamare bharat mein shiksha ka sthar jo hai niche gira hai ya nahi main aapse bilkul shiksha ka sthar bilkul ek business nahi tha par abhi ke daur mein shiksha vyavastha ek business hai aur saath hi saath government school mein jaate hain toh wahan par aa jaaye toh achi shiksha isme hamari galti hai hum logo ne bhi apne bacche ko zyada acche acche school mein padhana chahte business business mein aata hai

हमारे भारत में शिक्षा का स्तर जो है नीचे गिरा है या नहीं मैं आपसे बिल्कुल शिक्षा का स्तर ब

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