भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों को लिखिए?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियां को लिखी भारतीय लोकतंत्र के समक्ष जो हमारी व्यवस्था है लोकतंत्रिक व्यवस्था वह चुनाव के ऊपर डिपेंड करता है कि चुनाव में तो बहुत सारे पक्ष पक्ष बहुत सारे होने की वजह से काफी दूर हो जाती है और चुनाव में खर्च बहुत ज्यादा होता है एक बार चुनाव होता है तो ना खर्च हो जाता है कि 5 साल के बाद फिर से वही खर्च करना पड़ता वर्तमान समय में ईवीएम के द्वारा जो चुनाव हो रहे हैं उसमें तो फिर भी कृष्ण जी की है और वह सब करते कंट्रोल में आए हैं लेकिन जो जफर तंत्र जो सुरक्षा तंत्र व्यवस्था तंत्र स्थापित करना पड़ता है उसमें काफी खर्चा से और बहुत सारी मानव घंटे तक इसके अलावा लोकतंत्र में चुनाव के समय होता है जो हत्याएं होती हैं प्रचार चल रही है यह सब भी एक तरह से लोकतंत्र की ही समस्याएं हैं कि मक्खियां है कि व्यवस्था और शांति बनाना हुए चुनौती बन जाता है चुनाव अब इसके बाद जो लोकतंत्र के समक्ष जब चुनाव हो जाते हैं कोई सत्ताधारी पार्टी जब चुनाव के बाद प्रस्तावित हो जाती है उसके बाद जो दूसरी जो विरोध पक्ष में जो चुनाव नहीं जीता है वह जो सत्ताधारी पार्टी की सही और गलत दोनों फैसले का विरोध करते हैं यह बहुत बड़ी चुनौती है लोकतंत्र में हमारे देश में कि जो सरकार अच्छा कार्य करती है तो भी उसको लोग गलत तरीके से पेश करते हैं विरोध तक और दंगे भड़क आते हैं जैसा कि वर्तमान समय में हो रहा है कि मोदी गवर्नमेंट में जो नागरिक दिलजले आए हैं तो बाहर के नागरिकों को यहां पर बौद्ध धर्म और सिख इसाई सबको प्रावधान किया है नागरिकता देने का लेकिन उसको विरोध पक्ष गलत तरीके से पेश कर कर और मुसलमानों के धर्म के बड़का का दंगे करवा रहे हैं यह भी एक तरह से लोकतंत्र के सामने चुनौती है कि ऐसी चुनौतियां बहुत सारी समय समय पर आती है और जूझना पड़ता है और अब बहुत सारे लोगों को इसमें जान भी गंवानी पड़ती है और सब कुछ एक पर डिस्टर्ब हो जाता है और जनता का ने एक तरह से जान माल का नुकसान होता है इस तरह से लोकतंत्र में यह सब चुनौतियां आती रहती हैं और हम सामना करते रहते हैं फिर भी विश्व में सबसे बड़ा अमेरिका के बाद हमारे भारत का लोकतंत्र है और सदैव प्रगति का सबसे पुराना लोकतंत्र कहा जाता है धन्यवाद

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भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियां को लिखी भारतीय लोकतंत्र के समक्ष जो हमारी व्यवस्था है ल

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Rajveer

Career Counselor

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किस समय हमें स्वतंत्रता मिली थी तो हमने एक नए भारत के निर्माण के बारे में सोचा था और लोकतंत्र को चुना था लेकिन हमारे लोकतंत्र के सामने आज भी चुनौतियां हैं उन चुनौतियों को दूर कर नाम का सबसे बड़ी चुनौती जनसंख्या वृद्धि क्यों की जनसंख्या वृद्धि में हम चीन के बाद उसने दूसरे स्थान पर थे दूसरी सबसे बड़ी सेक्स करवा दिया क्योंकि आज भी भारतीय राज्य आंतकवाद और नक्सलवाद की समस्या से पीड़ित है सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी के आर्य भारत में बेरोजगारी हमारे पड़ोसी देशों की वजह कम है दूसरा गरीबी भारत में सबसे कम है हाल भी शिक्षा विषय के समक्ष रखें ताकि ताकि हमारी शक्ल 6707 है इन समस्याओं को दूर करना होगा ताकि एक मजबूत और सशक्त लोकतंत्र का निर्माण करें

kis samay hamein swatantrata mili thi toh humne ek naye bharat ke nirmaan ke bare mein socha tha aur loktantra ko chuna tha lekin hamare loktantra ke saamne aaj bhi chunautiyaan hain un chunautiyon ko dur kar naam ka sabse badi chunauti jansankhya vriddhi kyon ki jansankhya vriddhi mein hum china ke baad usne dusre sthan par the dusri sabse badi sex karva diya kyonki aaj bhi bharatiya rajya aatankwad aur naksalvad ki samasya se peedit hai sabse badi samasya berojgari ke arya bharat mein berojgari hamare padosi deshon ki wajah kam hai doosra garibi bharat mein sabse kam hai haal bhi shiksha vishay ke samaksh rakhen taki taki hamari shakl 6707 hai in samasyaon ko dur karna hoga taki ek majboot aur sashakt loktantra ka nirmaan karen

किस समय हमें स्वतंत्रता मिली थी तो हमने एक नए भारत के निर्माण के बारे में सोचा था और लोकतं

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Jeet Dholakia

Anchor and Media Professional

3:07
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भारत का लोकतंत्र बहुत ही बड़ा है हम कहते हैं कि सबसे बड़ा लोकतंत्र है भारत का और यहां पर जो पूछा गया कि भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियां चुनौतियां क्या है तो मैं बताना चाहता हूं कि भारत देश में काफी सारी ऐसी चीज है ऐसे प्रॉब्लम्स है जिनके साथ काफी सारी सरकारें आई आज उनको मिटाने की कोशिश की गई आज जजेस जो प्रॉब्लम्स को जो परेशानी थी उनको मिटाने की चुनौती होती उनको मिटाने की कोशिश की गई हर एक सरकार के द्वारा आज भी कहीं ना कहीं वह सारी चीजें चुनौतियां बंद कर और डबल होकर सामने आ रही है पहले तो बताना चाहता हूं कि भारत में सबसे बड़ी चुनौती जो है वह है अवस्थी की जो समस्या है क्योंकि हम बस्ती विस्फोट एक कष्ट ऑफ द यूज़ करते हैं कि आप भारत आने वाले सालों में इनको भी पीछे कर देगा वो पी के मामले में तो आप भारत में की मस्ती दिन-ब-दिन बहुत ही ज्यादा बढ़ रही है सरकार बस्ती नियंत्रण के लिए भी काफी सारा काम कर रही है काफी सारे कैंपेन चला रही है पर कहीं ना कहीं आवो बात लोगों तक नहीं पहुंच रही है और एक चुनौती बनकर सामने आई है वह बात है बस्ती बस्ती को नियंत्रण में रखना बहुत ही जरूरी है अगर बस्ती को नियंत्रण में रखा जाएगा तो अपने आप धीरे-धीरे सारी उलझन होती जाएगी और मेरे ख्याल से अगर अवस्थी ज्यादा होगी भारत की बस्ती ज्यादा होगी तो उससे एजुकेशन पर भी असर पड़ेगा उसके उससे नौकरियों पर भी असर पड़ेगा आमदनी पर भी असर पड़ेगा उसका तो मेरे ख्याल से भारत की बस्ती आंखों का नियंत्रण में रखा जाए तो भारत की जो सरकार है और जो भी सरकार होगी उनके सामने एक बहुत बड़ी चुनौती जो है भक्ति नियंत्रण वह एक हट जाएगा और नियंत्रण में आ जाएगी और किसके कारण काफी सारे ऐसे प्रॉब्लम से देश में जो हल हो सकते हैं और गांव में भी जाकर यह संदेश पहुंचाना चाहिए कि हमारी बस्ती को नियंत्रण में करना चाहिए यह वह वगैरह वगैरह कुछ भी किसी भी तरह का कैंपेन चढ़ाना चाहिए जिसके कारण हमारे देश की बस्ती और हम कम कर सके पापुलेशन हो जो है वह हम कम कर सके उसके बाद जो दूसरा है वह शिक्षण है मेरे ख्याल से शिक्षण का जो है वही इकाय भूमिका निभाता है आप किसी भी अवेयरनेस में अगर आपके देश में शिक्षण की कमी है तो मेरे ख्याल से भोपी एक आदेश के समक्ष बड़ी चुनौती बनकर सामने आ सकता है और ना ही रहा है देश में शिक्षण की काफी काफी राज्य ऐसे हैं कि जहां पर बहुत ही कम ही देखने को मिलती है आज इसको हल कर पाना मेरे ख्याल से अभी तक का हो नहीं पाया और हो पी रहा है तो बहुत ही धीरे-धीरे हो रहा है और आने वाले कई सालों तक यह चलता रहेगा तो मेरे ख्याल से यह जो दो बड़ी चुनौतियां हैं वह भारतीय लोकतंत्र के समक्ष अभी हम देख रहे हैं

bharat ka loktantra bahut hi bada hai hum kehte hai ki sabse bada loktantra hai bharat ka aur yahan par jo poocha gaya ki bharatiya loktantra ke samaksh chunautiyaan chunautiyaan kya hai toh main bataana chahta hoon ki bharat desh mein kaafi saree aisi cheez hai aise problems hai jinke saath kaafi saree sarkaren I aaj unko mitne ki koshish ki gayi aaj judges jo problems ko jo pareshani thi unko mitne ki chunauti hoti unko mitne ki koshish ki gayi har ek sarkar ke dwara aaj bhi kahin na kahin vaah saree cheezen chunautiyaan band kar aur double hokar saamne aa rahi hai pehle toh bataana chahta hoon ki bharat mein sabse baadi chunauti jo hai vaah hai awasthi ki jo samasya hai kyonki hum basti visphot ek kasht of the use karte hai ki aap bharat aane waale salon mein inko bhi peeche kar dega vo p ke mamle mein toh aap bharat mein ki masti din bsp din bahut hi zyada badh rahi hai sarkar basti niyantran ke liye bhi kaafi saara kaam kar rahi hai kaafi saare campaign chala rahi hai par kahin na kahin avo baat logo tak nahi pohch rahi hai aur ek chunauti bankar saamne I hai vaah baat hai basti basti ko niyantran mein rakhna bahut hi zaroori hai agar basti ko niyantran mein rakha jaega toh apne aap dhire dhire saree uljhan hoti jayegi aur mere khayal se agar awasthi zyada hogi bharat ki basti zyada hogi toh usse education par bhi asar padega uske usse naukriyon par bhi asar padega aamdani par bhi asar padega uska toh mere khayal se bharat ki basti aankho ka niyantran mein rakha jaaye toh bharat ki jo sarkar hai aur jo bhi sarkar hogi unke saamne ek bahut baadi chunauti jo hai bhakti niyantran vaah ek hut jaega aur niyantran mein aa jayegi aur kiske karan kaafi saare aise problem se desh mein jo hal ho sakte hai aur gaon mein bhi jaakar yah sandesh pahunchana chahiye ki hamari basti ko niyantran mein karna chahiye yah vaah vagera vagairah kuch bhi kisi bhi tarah ka campaign chadhana chahiye jiske karan hamare desh ki basti aur hum kam kar sake population ho jo hai vaah hum kam kar sake uske baad jo doosra hai vaah shikshan hai mere khayal se shikshan ka jo hai wahi ikay bhumika nibhata hai aap kisi bhi awareness mein agar aapke desh mein shikshan ki kami hai toh mere khayal se bhopi ek aadesh ke samaksh baadi chunauti bankar saamne aa sakta hai aur na hi raha hai desh mein shikshan ki kaafi kafi rajya aise hai ki jaha par bahut hi kam hi dekhne ko milti hai aaj isko hal kar paana mere khayal se abhi tak ka ho nahi paya aur ho p raha hai toh bahut hi dhire dhire ho raha hai aur aane waale kai salon tak yah chalta rahega toh mere khayal se yah jo do baadi chunautiyaan hai vaah bharatiya loktantra ke samaksh abhi hum dekh rahe hain

भारत का लोकतंत्र बहुत ही बड़ा है हम कहते हैं कि सबसे बड़ा लोकतंत्र है भारत का और यहां पर ज

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Raushan Kumar

Student Of Delhi University

1:22
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भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों को लिखिए देखिए भारत जब आजाद हुआ तब से ही भारतीय लोकतंत्र के समक्ष बहुत सारे चुनौतियां थे जैसे कि अशिक्षा बेरोजगारी तकनीकी की कमी मतलब के विभाजन की समस्या विस्थापन की समस्या लोगों को मतलब इधर उधर हो गए थे जिसके कारण पैसे की कमी थी गरीबी भुखमरी थी यह सभी समस्याएं भारतीय लोकतंत्र के समक्ष थी लेकिन वर्तमान में बात करें तो वर्तमान में भी भारत में बहुत सारे ऐसे मतलब देखी गई है जैसे कि वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या भारत में है जैसे की जनसंख्या जनसंख्या बहुत ही ज्यादा भारत में बढ़ रहा है जिसके कारण यहां पर बहुत सारे समस्याओं को देखने को मिलती है और अशिक्षा को मतलब कुछ अब तक तो सुलझा लिया गया है कि लेकिन अभी भी मतलब भारत में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो अशिक्षित हैं और मतलब अशिक्षित होने के कारण भारत में यह भी एक का जिसके कारण भारत आगे नहीं बढ़ पा रहा है दूसरा यहां पर गरीबी भी अभी मतलब को बहुत ज्यादा व्याप्त है भारत भारत में भारत के बिहार और झारखंड छत्तीसगढ़ ऐसे राज्य हैं जिनमें सबसे ज्यादा गरीबी देखा था भारत में अभी भी बहुत सारे ऐसे चुनौती है जो मौजूद है भारत के मतलब लोकतंत्र के समक्ष

bharatiya loktantra ke samaksh chunautiyon ko likhiye dekhiye bharat jab azad hua tab se hi bharatiya loktantra ke samaksh bahut saare chunautiyaan the jaise ki asiksha berojgari takniki ki kami matlab ke vibhajan ki samasya visthapan ki samasya logo ko matlab idhar udhar ho gaye the jiske karan paise ki kami thi garibi bhukhmari thi yah sabhi samasyaen bharatiya loktantra ke samaksh thi lekin vartaman me baat kare toh vartaman me bhi bharat me bahut saare aise matlab dekhi gayi hai jaise ki vartaman me sabse badi samasya bharat me hai jaise ki jansankhya jansankhya bahut hi zyada bharat me badh raha hai jiske karan yahan par bahut saare samasyaon ko dekhne ko milti hai aur asiksha ko matlab kuch ab tak toh suljha liya gaya hai ki lekin abhi bhi matlab bharat me bahut saare aise log hain jo ashikshit hain aur matlab ashikshit hone ke karan bharat me yah bhi ek ka jiske karan bharat aage nahi badh paa raha hai doosra yahan par garibi bhi abhi matlab ko bahut zyada vyapt hai bharat bharat me bharat ke bihar aur jharkhand chattisgarh aise rajya hain jinmein sabse zyada garibi dekha tha bharat me abhi bhi bahut saare aise chunauti hai jo maujud hai bharat ke matlab loktantra ke samaksh

भारतीय लोकतंत्र के समक्ष चुनौतियों को लिखिए देखिए भारत जब आजाद हुआ तब से ही भारतीय लोकतंत्

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