सेक्स में संतुष्टि हम कैसे पाएं?...


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Rajendra

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक बार एक पत्रिका के संवाददाता ने प्रख्यात साहित्यकार विजय तेंदुलकर से पूछा कि आप सेक्स के बारे में क्या राय है बताते चलें कि मुझे तेंदुलकर ने अपनी रचनाओं के माध्यम से जीवन के बहुत मूलभूत समस्याओं और समाज की विसंगतियों के बारे में बहुत ही गहन विश्लेषण करते हुए बड़े महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठा है और उसका समाधान भी प्रस्तुत किया है कि मुझे तेंदुलकर ने साक्षात्कार के दौरान बताया कि चोरी में सेक्स एक समस्या है शिक्षक समायोजन की वस्तु है यह मानवीय जीवन की समस्याओं से एक समस्या है और यह बात काफी हद तक सही भी है समस्या यह है कि हम जाकर सेक्स को जीवन का एक जीवन के आनंद का एक अगर वो मना करेंगे जीवन के बड़े उद्योगों को अगर इसमें खो जाएंगे जीवन की सार्थकता को खो जाएंगे तो हमारी समस्या और बढ़ती जाएगी हम जितने युग में जी रहे हैं जिस उदारवादी अवधारणा में जा रहे हैं जिस प्रगति समाज में रह रहे हैं और जिस मनोदशा में रह रहे उसमें हम जीवन की ढेर सारे सुखों संतोष और महत्वाकांक्षी को हम अपने सेक्स जीवन नेहा संबंधों में खोजते हैं और यहीं पर एक बहुत बड़ी भूल हम कर रहे हैं हम सब सारे लोग करें हैं क्योंकि जो चीज एक समस्या है जिसका एक समायोजन मांगता है उसमें अगर हम जीवन का विस्तार खोजें जीवन का परिचय खोले तो वहां पर हमें असंतोष मिलना है मिलना है इसलिए आजकल अक्सर कहा जाता है हर्मस्तर से प्रश्न उठते हैं और तमाम लोग इसका इन प्रश्नों के उत्तर देने के विशेषज्ञ हो गए हैं और इसका बाजार में भी फायदा उठा कर लो लेकिन किसी से भी आवश्यकता के लिए तलाब होना और तनाव का खत्म होना फिर उसके आगे इस प्रक्रिया को प्रक्रिया समाप्त हो जाती है छोटा सा उदाहरण देते हैं अगर हम भूख और प्यास को जीवन के आनंद का स्रोत बनाएं और उस की संतुष्टि को उसके बाद मिलने वाली संतुष्टि को हम जीवन के महान संतों से अगर जुड़े हैं तुझे से हुए थे अतार्किक है असंगत कौन है और जीवन के लिए अनेक शब्द है उसी तरह से हम अपनी सेक्स लाइफ को सेक्स की टेस्टी को इसकी इच्छा और संतुष्टि को गर्म जीवन से संतुष्ट से जुड़ेंगे तो हमें सदैव निराशा मिलेगी यह समानता जितना है जो पूरा होने के बाद यथावत हो जाता है इसलिए इसमें हमें कभी भी बहुत गहरे तो 200 आनंद नहीं करना चाहिए क्योंकि वहां पर हाय भी नहीं इसलिए मिलेगा कि नहीं और तनाव देख प्रक्रिया को जन्म दे फिर पानी का उदाहरण लेते हैं हमें प्यास लगती है हम पानी पीते हैं प्यास खत्म हो गई पानी भूल गए लेकिन अगर हम प्यास और पानी के बीच की पूरी प्रक्रिया का रोज विश्लेषण करें उस बीच मिलने वाले सुखों के मेल रहने की कोशिश करें या उस बीच होने वाले संतुष्टि को अगर हम बहुत जान तरीके से महसूस करना चाहे तुझे सिर्फ एक अतार्किक और बहुत ही एक गर्भवती जैसा लगता है अब पूर्ण लगता है खुद को खुद को संकट में डालने जैसा लगता है खुद में 55 दिन पैदा करने जैसा होता बिल्कुल सही बात है सेक्स के बारे में भी लागू करना चाहिए एक तनाव है तनाव दूर हुआ बात करता हूं

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एक बार एक पत्रिका के संवाददाता ने प्रख्यात साहित्यकार विजय तेंदुलकर से पूछा कि आप सेक्स के

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सेक्स में संतुष्टि के लिए आपकी हेल्थ अच्छी होनी चाहिए आपको किसी प्रकार की एंजॉय की नहीं होनी चाहिए किसी प्रकार का अफेयर नहीं होना चाहिए टेंशन फ्री होने चाहिए हेल्थ को प्रॉपर मेंटेन कीजिए फिर भी कोई इलेक्शन या किसी संबंधी प्रॉब्लम है तो अपने नजदीकी सेक्सोलॉजिस्ट से संपर्क कीजिए या मुझसे बात कीजिए 84 32 64 8677

sex mein santushti ke liye aapki health achi honi chahiye aapko kisi prakar ki enjoy ki nahi honi chahiye kisi prakar ka affair nahi hona chahiye tension free hone chahiye health ko proper maintain kijiye phir bhi koi election ya kisi sambandhi problem hai toh apne najdiki sexologist se sampark kijiye ya mujhse baat kijiye 84 32 64 8677

सेक्स में संतुष्टि के लिए आपकी हेल्थ अच्छी होनी चाहिए आपको किसी प्रकार की एंजॉय की नहीं हो

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