इंद्रधनुष का बनना क्या कहलाता है?...


user

Dr. A K Tiwari

Doctorate in Physics

4:02
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंद्रधनुष का बनना प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन और अपवर्तन का मिलाजुला परिणाम है पहले जब बरसात के ठीक बाद वातावरण में पूरे वातावरण में छोटी-छोटी छोटी-छोटी बूंदें हर कोण पर उपलब्ध हैं हर एंगल पर उपलब्ध है और हम गोल धरती पर रहते हैं आने वाली किरणें एक को लाइक से कटती हैं और जिस विशेष सैंडल पर जिस रंग के लिए पूर्ण आंतरिक परावर्तन संभव है उसे ग्रुप में आर्थिक परिवर्तन हो जाता है इसलिए भीतर की तरफ से बैंगनी और अंतिम ऊपर की तरफ से लाल सात रंगों में अलग-अलग कि जैसे-जैसे लैंबॉर्गिनी तरंग दर्द बढ़ता जाएगा तो न्यू काफी फर्क पड़ेगा और न्यू डिसाइड करेगा टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन के एंग्री को क्रिटिकल एंगल को इस तरह से एक बूंद में जब एक रे जाती है अगर उसके लिए वैलेंटाइन डे बन जाता है तो पहले बूंद में जाता है रिफ्लेक्शन होता है फिर उधर ना जाकर बार नहीं करता है तो अब उनकी अंतिम सर कैसे तैयार होता है टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन पर फिर वापस रिफ्लेक्शन होता है तो दो रिफ्लेक्शन की घटना और एक टोटल एंड रिफ्लेक्शन की घटना मिलकर उस बन जाती है 1 रन के लिए ऐसे बैंगनी से लेकर दूसरी बड़ी यार तुम्हें दूसरे एंगल उपलब्ध कराने वहां पर भी पानी की बूंदे उपलब्ध हैं तो इस तरह से भूख तैयार हो जाएगा तैयार होने के लिए दूसरी 70 आपके शब्दों पहले पर क्यों नहीं होगा जब पानी में गुस्सा आता तो हवा से पानी में जा रहा था तो एयरटेल पानी में जाते समय रहरा से डांसर मिठिया यार नहीं होगा क्या यार होगा डांसर सीरियल में तुझे उधर जब पानी की बूंद निकलने वाली है कि ना तो नहीं होगी और अगर जिस रंग के लिए बन गया तो यह कार के सबसे पहले छोटी यार और ऐड के लिए सबसे लास्ट मेरठ के लिए से बन जाएगी अब इसमें एक बात है कि हमारे सिर के पीछे तरफ होना चाहिए सूरत जुबां से प्रकाश पढ़ना चाहिए और हमारी आंखों के सामने होना चाहिए वह दृश्य इस तरह प्राइमरी रेनबो बन जाता है ठीक है इसके और दूर में एक पैकेट टूंडला सेकेंडरी रेनबोज भी बनते हैं जिसमें घटनाएं और कर्म उल्टे होते हैं और उनकी सेंटर आफ कर्वेचर दिन का सेंटर बनारस का सेंटर भी उल्टा होता है बहुत पैकेट होते हैं बहुत दूर देखते हैं उल्टे क्रम में ध्यान रखिएगा कि यह किस तरह से होता है इसको मारेंगे वीडियो देखें आपको अच्छा समझ में आएगा फिलहाल इंद्रधनुष उस सतरंगी विभिन्न खंडों में रंगों के बने हुए एक बटन को प्रारूप को कहते हैं जिसमें बैंक से लेकर लाल रंग तक हमें देता है और वह पूर्ण आंतरिक परावर्तन और अपवर्तन का परिणाम है जिसमें एक ड्रॉप में दो रेफरेक्शन और एक तैयार होता है अलग-अलग रंगों के लिए अलग-अलग होने से अलग-अलग जाते हैं और इन दिनों से बनता है धन्यवाद

indradhanush ka banna prakash ke purn aantarik paravartan aur apvartan ka milajula parinam hai pehle jab barsat ke theek baad vatavaran mein poore vatavaran mein choti choti choti choti bundein har kon par uplabdh hain har Angle par uplabdh hai aur hum gol dharti par rehte hain aane wali kirne ek ko like se katatii hain aur jis vishesh sandal par jis rang ke liye purn aantarik paravartan sambhav hai use group mein aarthik parivartan ho jata hai isliye bheetar ki taraf se baingani aur antim upar ki taraf se laal saat rangon mein alag alag ki jaise jaise laimbargini tarang dard badhta jaega toh new kaafi fark padega aur new decide karega total internal reflection ke angry ko critical Angle ko is tarah se ek boond mein jab ek ray jaati hai agar uske liye valentine day ban jata hai toh pehle boond mein jata hai reflection hota hai phir udhar na jaakar baar nahi karta hai toh ab unki antim sir kaise taiyar hota hai total internal reflection par phir wapas reflection hota hai toh do reflection ki ghatna aur ek total and reflection ki ghatna milkar us ban jaati hai 1 run ke liye aise baingani se lekar dusri badi yaar tumhe dusre Angle uplabdh karane wahan par bhi paani ki bundein uplabdh hain toh is tarah se bhukh taiyar ho jaega taiyar hone ke liye dusri 70 aapke shabdon pehle par kyon nahi hoga jab paani mein gussa aata toh hawa se paani mein ja raha tha toh airtel paani mein jaate samay rahara se dancer mithiya yaar nahi hoga kya yaar hoga dancer serial mein tujhe udhar jab paani ki boond nikalne wali hai ki na toh nahi hogi aur agar jis rang ke liye ban gaya toh yah car ke sabse pehle choti yaar aur aid ke liye sabse last meerut ke liye se ban jayegi ab isme ek baat hai ki hamare sir ke peeche taraf hona chahiye surat juban se prakash padhna chahiye aur hamari aankho ke saamne hona chahiye vaah drishya is tarah primary renbo ban jata hai theek hai iske aur dur mein ek packet tundla secondary renboj bhi bante hain jisme ghatnaye aur karm ulte hote hain aur unki center of curvature din ka center banaras ka center bhi ulta hota hai bahut packet hote hain bahut dur dekhte hain ulte kram mein dhyan rakhiega ki yah kis tarah se hota hai isko marenge video dekhen aapko accha samajh mein aayega filhal indradhanush us satrangi vibhinn khando mein rangon ke bane hue ek button ko prarup ko kehte hain jisme bank se lekar laal rang tak hamein deta hai aur vaah purn aantarik paravartan aur apvartan ka parinam hai jisme ek drop mein do refrekshan aur ek taiyar hota hai alag alag rangon ke liye alag alag hone se alag alag jaate hain aur in dino se baata hai dhanyavad

इंद्रधनुष का बनना प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन और अपवर्तन का मिलाजुला परिणाम है पहले जब

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  207
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dharmendra Kumar

chutki Mathematics _ Maths For All Competitive Exam. Sampatchak Patna

0:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न इंद्रधनुष का बनना क्या कहलाता मैं आपको बता दूं कि इंद्रधनुष का बनना कहलाता है डिस्प्ले पर आता है उसके कारण विभिन्न प्रकार के रंग के दो प्रकाश हैं जिनकी चाल अलग-अलग होती है जब किसी त्रिभुज की चाल अलग-अलग होती है कारण

aapka prashna indradhanush ka banna kya kehlata main aapko bata doon ki indradhanush ka banna kehlata hai display par aata hai uske karan vibhinn prakar ke rang ke do prakash hain jinki chaal alag alag hoti hai jab kisi tribhuj ki chaal alag alag hoti hai karan

आपका प्रश्न इंद्रधनुष का बनना क्या कहलाता मैं आपको बता दूं कि इंद्रधनुष का बनना कहलाता है

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  181
WhatsApp_icon
user

Reena Vyas

Student

0:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वर्षा के समर्थक वर्षा के पश्चात जब सूर्य प्रेक्षक की पीठ के पीछे होता है तो सूर्य के ठीक सामने आकाश ने वर्णक्रम दिखाई देता है इस वर्णक्रम को इंद्रधनुष कहते हैं यह निम्नलिखित दो प्रकार का होता है प्राथमिक इंद्रधनुष और द्वितीय केंद्र

varsha ke samarthak varsha ke pashchat jab surya prekshak ki peeth ke peeche hota hai toh surya ke theek saamne akash ne varnakram dikhai deta hai is varnakram ko indradhanush kehte hain yah nimnlikhit do prakar ka hota hai prathmik indradhanush aur dwitiya kendra

वर्षा के समर्थक वर्षा के पश्चात जब सूर्य प्रेक्षक की पीठ के पीछे होता है तो सूर्य के ठीक स

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  146
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
indradhanush ka banna ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!