इंसान क्यों बेकार होते हैं?...


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आप ने सवाल किया है इंसान क्यों बेकार होते हैं देखिए जो इंसान हैं वह बेकार नहीं है जो बेकार है वह इंसान में निश्चित रूप से हैवान एक राजा ने अपने सेवकों को एक का रखा था कि देखो भैया बगल में जो हॉट लगता है दिन भर में उनका माल बिकता है तभी शाम में उनके घर में चूल्हा जलती है तो आप सायंकाल बाजार से सभी सामान खरीद लेना राजकोष को थोड़ा नुकसान हो तो हो लेकिन बाजार से शाम में घर लौटने वाला कोई भी व्यक्ति कालिया ना जाए एक दिन राजा के अनुसार होने दो तोते खरीद चलाएं एक तोता सीताराम बोलता था दूसरा तोता पकड़ो पकड़ो मारो मारो होता था राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ आश्चर्यचकित राजा को देख करके उनमें से एक तोते ने राजा को जवाब दिया कि हम उन्हीं नाम बचन हम श्रेणियों में गवेषणा नाम से चलाती वाचनाचे 219 में गोवा संसार गजा 2 से गुणा भवंति उस तोते ने राजा को बड़ा सुंदर मार्मिक जवाब दिया कि राजन यह बहेलिया ने जहां से पकड़ा महा ऋषि यों का आश्रम था मैं प्रतिदिन रिसीवर कम सुनता था इसलिए मैंने भगवत भजन शिखा सब संस्कार की बात है मैं करता हूं और यह हमारे बगल में जो सोता है इसको जहां से पकड़ा गया इसका घोषणा पहेलियों के आसपास था तो बहनों पर इसने पकड़ो पकड़ो मारो मारो सीखा कसाई खाने के आसपास इसका घोंसला था और वहां इतने पकड़ो मारो सीखा ना उसका दोस्त मेरा * उसकी गलती न मेरी अच्छाई यह सब संगत का असर है संसार के जादू से गुणा भवंति हमारा मन बहुत ही कोमल है बहुत पतला है बहुत चंचल है जिस परिवेश में हमारा लालन-पालन होता है जैसा फ्रेंड सर्किल हम बनाते हैं जिन लोगों के बीच होते हैं जैसे किताबें पढ़ते हैं जैसे माहौल में जीते हैं उसका असर हमारे ऊपर पड़ता है और इसी से हमारे अंदर अच्छाई या बुराई आती है बहुत-बहुत धन्यवाद

aap ne sawaal kiya hai insaan kyon bekar hote hain dekhiye jo insaan hain vaah bekar nahi hai jo bekar hai vaah insaan mein nishchit roop se haivan ek raja ne apne sevakon ko ek ka rakha tha ki dekho bhaiya bagal mein jo hot lagta hai din bhar mein unka maal bikta hai tabhi shaam mein unke ghar mein chulha jalti hai toh aap sayankal bazaar se sabhi saamaan kharid lena rajkosh ko thoda nuksan ho toh ho lekin bazaar se shaam mein ghar lautne vala koi bhi vyakti kaliya na jaaye ek din raja ke anusaar hone do tote kharid chalaye ek tota sitaram bolta tha doosra tota pakado pakado maaro maaro hota tha raja ko bada aashcharya hua ashcharyachakit raja ko dekh karke unmen se ek tote ne raja ko jawab diya ki hum unhi naam bachan hum shreniyon mein gaveshana naam se chalati vachnache 219 mein goa sansar gaja 2 se guna bhavanti us tote ne raja ko bada sundar marmik jawab diya ki rajan yah bhaheliya ne jaha se pakada maha rishi yo ka ashram tha main pratidin risivar kam sunta tha isliye maine bhagwat bhajan shikha sab sanskar ki baat hai karta hoon aur yah hamare bagal mein jo sota hai isko jaha se pakada gaya iska ghoshana paheliyon ke aaspass tha toh bahnon par isne pakado pakado maaro maaro seekha kasai khane ke aaspass iska ghonsala tha aur wahan itne pakado maaro seekha na uska dost mera uski galti na meri acchai yah sab sangat ka asar hai sansar ke jadu se guna bhavanti hamara man bahut hi komal hai bahut patla hai bahut chanchal hai jis parivesh mein hamara lalan palan hota hai jaisa friend circle hum banate hain jin logo ke beech hote hain jaise kitaben padhte hain jaise maahaul mein jeete hain uska asar hamare upar padta hai aur isi se hamare andar acchai ya burayi aati hai bahut bahut dhanyavad

आप ने सवाल किया है इंसान क्यों बेकार होते हैं देखिए जो इंसान हैं वह बेकार नहीं है जो बेकार

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रसन्न है इंसान क्यों बेकार होते हैं अगर सर ऐसा नहीं कह सकते हैं कि सारे इंसान बेकार बेकार कोई भी नहीं होता उड़ा दी है तो उसका भी समय आता क्यों हो जाता है तो ऐसी चीज सोचनी होगी कि इंसान बेकार के उधर से जीने के लिए जो मोदी की चीजें हैं वह तो होनी चाहिए भोजन का खेसारी के अंदर बहुत महत्वपूर्ण स्थान है समय के लिए भोजन मिलना चाहिए अभी तो यह कहना चाह रहा हूं के जितने मेडिसिन केंद्र सरकार खर्च कर रही है अगर उसने भी अगर नाश्ते पानी का भेद डिपार्टमेंट हो जाए क्योंकि ज्यादातर बीमारियां भुखमरी से ज्यादा हो जाते हैं दवाइयां बहुत ही जाते लेकिन टाइट विचारों के पास नहीं होता तो यह सारी चीजें हैं अगर इंसान को सबसे पहली बात है कि हर प्रत्येक मनुष्य को भोजन कहीं ना कहीं से प्राप्त होना चाहिए और अगर भोजन नहीं है तो जीवन मनुष्य का पशुओं के से भी बदतर हो जाता है और यह समस्या और इतनी बड़ी समस्या है अगर हम चाहे घर के नाते देखे हैं मोहल्ले के नाते में देखने जिला के नाते देखने या संपूर्ण देश के नाते देखें की झांकी परीक्षा ग्रुप में बढ़ रही है तो उनका जीवन पर वर्षा जी गुजर रहा है अभी हमें इतना फंक्शन नहीं है कि मानव प्राणी की व्यवस्था सही जगह सुचारू रूप से तो इस देश के लिए बहुत जरूरी है कि यह प्रबंध अवश्य और कई देशों में ऐसा होता है कि जो जन समूह में विचारों की ऐसी हालत होती है कि उनके मनोरंजन के लिए आने-जाने के लिए बहुत सी दिक्कतें आती है तो बड़ी कोलावरी जीवन होती है और यह देख कर बड़ी प्रेरणा होती है कि एक इंसान के शरीर की प्राप्ति के बावजूद भी पशु से भी बदतर जीवन गुजार रहा है एक बड़े खेद की बात है और इसके लिए ध्यान जरूर जाना चाहिए और बात दूसरे सिलसिले आप इंसान बेकार क्यों है तो दूसरी बात हमारी जो शिक्षित व्यवस्था है इसलिए प्रणालियां बनी है यह भी कोई शक नहीं है जाते प्राथमिक शिक्षा का विषय होता अक्षर ज्ञान से परिचित हो जाता है और जो शिक्षा का और आवरण भरता है मीडियम क्लास है हाई स्कूल है इंटरमीडिएट स्कूल कॉलेज यूनिवर्सिटी तक पहुंचता है तो मनुष्य का पूरा ज्ञापन हो जाता है लेकिन कई विधि ऐसी होती है कि मुझे उसके पास समस्या बढ़ जाती है किसी कारण वंश का शिक्षा बंद हो जाते हैं लेकिन उन मनुष्य के अंदर अच्छी प्रतिभाएं होती हैं जो उसको आकर्षक नहीं ला पाती है उनकी व्यवस्था नहीं हो पाती है कि उनकी जमीन के अंदर कुछ ना कुछ विशेष आकृति ग्रुप से ऐसी प्रतिभा होता है जिसका प्रयोग हो सकता है तो प्रवृत्तियों के अनुसार अगर हर मनुष्य को उसका रास्ता मिले तो हर आदमी राष्ट्र को घर परिवार को और जहां तक उसका जीवन की जो जहां है वह एक प्रयुक्ति में आ जाती है धर्म का कारण सिद्ध रहता है ईश्वर की सृष्टि में मानव समाज में मनुष्य के अंदर बहुत सारे गुण हैं लेकिन यह है कि उनकी जो है बस था और उनकी जाकर करता के लिए प्रशासनिक रे या सरकार के द्वारा ऐसी प्रणाली नहीं बनी है कि उनके प्रति के अनुसार उसका मार्ग चयन हो जाए बेशक एक दशा होती है जहां तक वह अपनी सब्जेक्ट ऑफ अपने विषयों को वह कोशिश करता रहता है लेकिन उसके बाद हम इससे हटकर के अगर उसके अंदर एक विशेष रूचि जाग रही है उसके हिसाब से उसके पति का निरीक्षण करने के बाद उसको ऐसा उसी ढंग के विद्यालय में या किसी भी स्टूडेंट के अंदर योगी सरकार का उपक्रम बना हो ऐसी व्यवस्था की वह उसी में ही अपने आप को भर दे तो उसको यह नहीं है कि हर मार्ग में एक जो चीज है की लाश करनी पड़ती आप तो एक छोटी मोटी कल आकर दे दिए उनको ग्रेजुएशन करनी पड़ती है इंटर करना पड़ता है तो कहते हैं उनके अंदर एक नेचुरल t-section आज बहुत ज्यादा है लेकिन अगर उसको भी शक वह नहीं मिल रहा है तो उसी जुगाड़ नहीं अगर उसके विकास की ओर अग्रसर पता डालें तो बेकार नहीं हो सकता है उसको रहा मिलेगी तो अपने आप को कैसे रख सकता है सबसे बड़ी बात है यही है कि जॉन प्रकरण की प्रतिभाएं हैं वह उसके अनुसार से वातावरण नहीं मिल पाता है तो इंसान विकार के रूप में ही डालता है तो जिन्होंने अपने को संवेदना उसे अपने दुख से अपने हिम्मत से कुछ रास्ते चुनाव किए हैं और वह अपने आपको जी ढाल को बना रखे हैं ऐसे ही कर लिया है किसके अनुसार के अंदर अगर उसके प्रकार उसके हिसाब से और उनकी नियुक्ति हो रही है उनका समाधान बनना है तो वह कोई भी इंसान बेकार नहीं है और वह कुछ ना कुछ कुछ बंद करके सहयोग कर सकता है तो आजकल के क्रिमिनल लाइन है इसमें अधिकरण जो हो रहा है यह भी ही कारण एक निर्जीव होते हैं नौजवान बच्चे होते हैं उनको कोई ऐसा कोई रास्ता प्लेटफार्म मिलता नहीं है तो वह चीजों पर ले कर देते हैं कदम के नीचे तो बहुत सारी चीजें हैं अभी हमारे यहां नोटों का चक्कर आएगा वोटों का क्षमा करें घर घर से सर्विस कर कर के पौधों का प्रमाण पत्र बना देते हैं उसमें बहुत ही लिए सरकार जमकर प्रतिक्रिया में रहती है अगर वह इसी के साथ अगर यह सोचे कि प्रत्येक घर का सर्वे करें उसमें कितने बच्चे कितने पढ़ने कितने हैं और किस लायक हैं अगर उसके हिसाब से वह शिक्षण में लेकर अगर कोई ऐसा प्रबंध करते हैं कि एक तीर से दो काम हो सकते हैं तो इसके हिसाब से यह बेवरा बहुत जरूरी होता है और सत्य ही सरकार इसको अपने परिवार की जिम्मेवारी के साथ थे क्योंकि राजा पिता समान होता 50 की संतान होती है इस हिसाब से अगर घर के बेड़े के हिसाब से और उसकी सही रूप से जो विवेचना आ जाए विवरण है उसको कलेक्ट कर संग्रह करके वो रास्ता बनाया तो कोई भी इंसान बेकार नहीं हो सकता है प्रकृति की जो भी चीज उत्पन्न हो रही है उसका प्रयोजन होता है वह सिद्ध होता है 15 कट जाता है तो उसका अपमान सृष्टि में हो रहा है तो यह सारी चीजें हैं मैं तो यही कहता हूं कोई इंसान बेकार नहीं होते हैं और पत्ते उनको कोई ना कोई डिस्टर्ब प्राप्त हो जाने का लक्ष्य मिल जाना चाहिए तो कोई दिक्कत नहीं और उसमें संतोष होगा जरूर चाहे इसमें सहयोगी है और भी दशा में है उसमें अपने आपको प्रयुक्त कर सकता धन्यवाद

prasann hai insaan kyon bekar hote hai agar sir aisa nahi keh sakte hai ki saare insaan bekar bekar koi bhi nahi hota uda di hai toh uska bhi samay aata kyon ho jata hai toh aisi cheez sochani hogi ki insaan bekar ke udhar se jeene ke liye jo modi ki cheezen hai vaah toh honi chahiye bhojan ka khesari ke andar bahut mahatvapurna sthan hai samay ke liye bhojan milna chahiye abhi toh yah kehna chah raha hoon ke jitne medicine kendra sarkar kharch kar rahi hai agar usne bhi agar naste paani ka bhed department ho jaaye kyonki jyadatar bimariyan bhukhmari se zyada ho jaate hai davaiyan bahut hi jaate lekin tight vicharon ke paas nahi hota toh yah saree cheezen hai agar insaan ko sabse pehli baat hai ki har pratyek manushya ko bhojan kahin na kahin se prapt hona chahiye aur agar bhojan nahi hai toh jeevan manushya ka pashuo ke se bhi badataar ho jata hai aur yah samasya aur itni baadi samasya hai agar hum chahen ghar ke naate dekhe hai mohalle ke naate mein dekhne jila ke naate dekhne ya 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प्रसन्न है इंसान क्यों बेकार होते हैं अगर सर ऐसा नहीं कह सकते हैं कि सारे इंसान बेकार बेका

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sulekhayoga03

Yoga Teacher & health beauty expert

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आपका पैसा इंसान क्यों बेकार होते हैं इंसान कोई भी बेकार नहीं होता है इंसान की सिचुएशन इंसान की जो हालत होती है वह इंसान को बेकार बना देती है कोई भी लड़का हो या लड़की हो और कोई सामने वाला बोलता है ऐसे ही पहले पता नहीं था आप ऐसे कैसे हो गया तो इंसान की जो हालत होती है तो सिटीजन होती है उसको बुरा बनाने पर मजबूर कर देती है उसको बेकार बनाने को मजबूर कर देती तो पिक और भी कई तरह के इंसान होते हैं एक इंसान इतना बेकार होता कि वह कुछ ऐसे घिनौने काम कर लेता है तो वह उसको हालत मजबूर नहीं करते वह उसको उसकी परवरिश उस तरह से उसको मिली होती है और उसको घर पर इस तरह से परवरिश मिलती है और उसकी उसको वह काम करने की आदत है या उसको अच्छा लगता है इतने गंदे माहौल में पढ़ा लिखा होता है वह सब चीजें मैटर करती हैं कि गंदे भी तरह तरह के होते हैं कि कुछ और लड़की लड़कियां मजबूत होते बेकार करने के लिए जो बेकार काम करते हैं तो उनको उनकी फिजिशियन या उनकी कंडीशन ऐसे होती है कि उसको वह काम करने होते हैं बहुत सारे एग्जांपल है दुनिया में जो अच्छे काम नहीं करता है अपनी फैमिली को पालने के लिए बुरे काम भी करते हैं वह तो उनकी कुछ सैलरी कंपटीशन होती है यह किस दिन होती है जो उनको मजबूरी है वह काम करने पड़ता है बहुत सारे लोग हैं जो मजबूरी में कुछ काम कर लेते हैं लड़के लड़की कोई थी उनकी मजबूरी है लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं कि जिंदगी घर की प्रवृत्ति गंदे मिलती है जिनको जिनको घर का माहौल ही बंदा मिलता है तो उनकी परवरिश उसमें होती है ऐसे ना जगह होती है कि उनको फिर वही आगे सब कुछ दिखता है वही उनको करना होता है तो बेकार इंसान की तरह तरह के होते हैं किसी को प्रवृत्ति गंदी मिलती है तो वह बंदे होते हैं किसी की चेतन गंदी होती है या किसी के सजेशन गंदी आती है तो तब गंदे होते हैं अब बेकार हो जाते हैं तो वह डिपेंड करता है कि किस तरह के बेकार इंसान है कि कृपया इस की परवरिश के बीच की परवरिश बेकार थी आतंकी बेकार हुआ है या फिर इसकी किशन बेकार थी तभी बेकार हुआ है डिपेंड करता है कि किस तरह से बेकार इंसान है और कुछ इंसान मजबूरी में कुछ गलत काम कर लेते हैं तो मजबूरी भी बहुत बड़ी चीज है जो इंसान को बुरा बना देती है बेकार बना लेती है तो मजबूरियां जब आती है तो इंसान कभी कभी बुरा बन जाता है तो निश्चित एनर्जी आती है कि इंसान बुरा बन जाता है तो मजबूरी की वजह से कुछ पल जैसे इंसान कभी कभी बेकार हो जाता है वह चीज आती है सब में जब भोजपुरिया होती है सजेशन होती है कंडीशन होती है तो इंसान बेकार बन जाता है और कभी-कभी इंसान की परवरिश सीएसडी मिलती है कि वह बेकार बन जाता है थैंक यू

aapka paisa insaan kyon bekar hote hain insaan koi bhi bekar nahi hota hai insaan ki situation insaan ki jo halat hoti hai vaah insaan ko bekar bana deti hai koi bhi ladka ho ya ladki ho aur koi saamne vala bolta hai aise hi pehle pata nahi tha aap aise kaise ho gaya toh insaan ki jo halat hoti hai toh citizen hoti hai usko bura banane par majboor kar deti hai usko bekar banane ko majboor kar deti toh pic aur bhi kai tarah ke insaan hote hain ek insaan itna bekar hota ki vaah kuch aise ghinouni kaam kar leta hai toh vaah usko halat majboor nahi karte vaah usko uski parvarish us tarah se usko mili hoti hai aur usko ghar par is tarah se parvarish milti hai aur uski usko vaah kaam karne ki aadat hai ya usko accha lagta hai itne gande maahaul mein padha likha hota hai vaah sab cheezen matter karti hain ki gande bhi tarah tarah ke hote hain ki kuch aur ladki ladkiyan majboot hote bekar karne ke liye jo bekar kaam karte hain toh unko unki physican ya unki condition aise hoti hai ki usko vaah kaam karne hote hain bahut saare example hai duniya mein jo acche kaam nahi karta hai apni family ko palne ke liye bure kaam bhi karte hain vaah toh unki kuch salary competition hoti hai yah kis din hoti hai jo unko majburi hai vaah kaam karne padta hai bahut saare log hain jo majburi mein kuch kaam kar lete hain ladke ladki koi thi unki majburi hai lekin kuch log aise hain ki zindagi ghar ki pravritti gande milti hai jinako jinako ghar ka maahaul hi banda milta hai toh unki parvarish usme hoti hai aise na jagah hoti hai ki unko phir wahi aage sab kuch dikhta hai wahi unko karna hota hai toh bekar insaan ki tarah tarah ke hote hain kisi ko pravritti gandi milti hai toh vaah bande hote hain kisi ki chetan gandi hoti hai ya kisi ke suggestion gandi aati hai toh tab gande hote hain ab bekar ho jaate hain toh vaah depend karta hai ki kis tarah ke bekar insaan hai ki kripya is ki parvarish ke beech ki parvarish bekar thi aatanki bekar hua hai ya phir iski kishan bekar thi tabhi bekar hua hai depend karta hai ki kis tarah se bekar insaan hai aur kuch insaan majburi mein kuch galat kaam kar lete hain toh majburi bhi bahut badi cheez hai jo insaan ko bura bana deti hai bekar bana leti hai toh majabooriyan jab aati hai toh insaan kabhi kabhi bura ban jata hai toh nishchit energy aati hai ki insaan bura ban jata hai toh majburi ki wajah se kuch pal jaise insaan kabhi kabhi bekar ho jata hai vaah cheez aati hai sab mein jab bhojpuriya hoti hai suggestion hoti hai condition hoti hai toh insaan bekar ban jata hai aur kabhi kabhi insaan ki parvarish CSD milti hai ki vaah bekar ban jata hai thank you

आपका पैसा इंसान क्यों बेकार होते हैं इंसान कोई भी बेकार नहीं होता है इंसान की सिचुएशन इंसा

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हेलो फ्रेंड्स इंसान बेकार क्यों होते हैं क्योंकि वह अपने आलस के कारण ही बेकार होते हैं नहीं तो कोई बेकार नहीं होता एनक्यू

hello friends insaan bekar kyon hote hain kyonki vaah apne aalas ke karan hi bekar hote hain nahi toh koi bekar nahi hota NQ

हेलो फ्रेंड्स इंसान बेकार क्यों होते हैं क्योंकि वह अपने आलस के कारण ही बेकार होते हैं नही

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

2:06
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आपने कष्ट किया इंसान क्यों बेकार होते हैं लेकिन इंसान के पास सब कुछ होता है उसके पास हर इंसान के पास असीमित क्षमता होती असीमित पावर होता है असीमित विवेक होता है लेकिन अगर वह उसका प्रयोग अपने लिए या समाज के लिए या अपने परिवार के लिए कुछ अच्छा नहीं कर पाता या कुछ अच्छा करने की कोशिश नहीं करता तभी वह कहीं ना कहीं बेकार होता है अदर वाइज इंसान कभी बेकार नहीं होता ध्यान दीजिएगा कि एक इंसान में इतनी क्षमता होती है कि वह दुनिया को बदल सकता है और कहीं न कहीं इस दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है उसके अंदर इतनी क्षमता होती है लेकिन वही बहुत सारी इंसान ऐसे हैं जिनको ना अपने ऊपर कोई विश्वास रह जाता है या नहीं अपने बारे में कुछ अच्छी धारणा रखते हैं जिससे क्या होता है ना वह इस समाज के लिए कुछ बहुत अच्छा कर पाते ना अपने लिए कुछ अच्छा कर पाते हैं इसीलिए बहुत जरूरी है अपने आप में आत्मविश्वास रखें और इतना विश्वास रखें कि आप कुछ भी कोई भी कार्य कर सकते हैं और जीवन में कुछ महत्वपूर्ण लक्ष्य तय करें और उसको करने के लिए पूरा अपना असर लगा दे अपनी जो भी को टेंशन है जो भी एनर्जी है उसका प्रयोग उसको पूरा करने के लिए करें निश्चित तौर से आप जिंदगी में बहुत सफल होंगे और जो आपने कहा कि इंसान बेकार क्यों होते हैं उसके लिए सिर्फ और सिर्फ जिम्मेदार है कि व्यक्ति को कहीं ना कहीं अपने ऊपर विश्वास नहीं होता है यह कह सकते हैं कि जब व्यक्ति की अपने बारे में धारणा बिल्कुल अच्छी नहीं होती हो कहीं ना कहीं अपने आप को बेकार मानने लगता है इसीलिए इंसान कहीं ना कहीं बेकार हो जाता है ध्यान दीजिएगा कि जीवन की जो सफलता और असफलता है कि हमारे सिचुएशन से नहीं होती यह हमारे दृष्टिकोण से तय होती अगर जिंदगी में हमने अपने आपको बेकार मान लिया तो दुनिया में कोई भी ताकत ऐसी नहीं है जो हमें जिंदगी में कामयाब बना सके इसलिए अपनी धारणा सकारात्मक रखने की जरूरत है तभी आप जीवन में सफल हो जाएंगे बहुत-बहुत धन्यवाद

aapne kasht kiya insaan kyon bekar hote hain lekin insaan ke paas sab kuch hota hai uske paas har insaan ke paas asimeet kshamta hoti asimeet power hota hai asimeet vivek hota hai lekin agar vaah uska prayog apne liye ya samaj ke liye ya apne parivar ke liye kuch accha nahi kar pata ya kuch accha karne ki koshish nahi karta tabhi vaah kahin na kahin bekar hota hai other wise insaan kabhi bekar nahi hota dhyan dijiyega ki ek insaan mein itni kshamta hoti hai ki vaah duniya ko badal sakta hai aur kahin na kahin is duniya mein bahut mahatvapurna badlav la sakta hai uske andar itni kshamta hoti hai lekin wahi bahut saree insaan aise hain jinako na apne upar koi vishwas reh jata hai ya nahi apne bare mein kuch achi dharana rakhte hain jisse kya hota hai na vaah is samaj ke liye kuch bahut accha kar paate na apne liye kuch accha kar paate hain isliye bahut zaroori hai apne aap mein aatmvishvaas rakhen aur itna vishwas rakhen ki aap kuch bhi koi bhi karya kar sakte hain aur jeevan mein kuch mahatvapurna lakshya tay kare aur usko karne ke liye pura apna asar laga de apni jo bhi ko tension hai jo bhi energy hai uska prayog usko pura karne ke liye kare nishchit taur se aap zindagi mein bahut safal honge aur jo aapne kaha ki insaan bekar kyon hote hain uske liye sirf aur sirf zimmedar hai ki vyakti ko kahin na kahin apne upar vishwas nahi hota hai yah keh sakte hain ki jab vyakti ki apne bare mein dharana bilkul achi nahi hoti ho kahin na kahin apne aap ko bekar manne lagta hai isliye insaan kahin na kahin bekar ho jata hai dhyan dijiyega ki jeevan ki jo safalta aur asafaltaa hai ki hamare situation se nahi hoti yah hamare drishtikon se tay hoti agar zindagi mein humne apne aapko bekar maan liya toh duniya mein koi bhi takat aisi nahi hai jo hamein zindagi mein kamyab bana sake isliye apni dharana sakaratmak rakhne ki zarurat hai tabhi aap jeevan mein safal ho jaenge bahut bahut dhanyavad

आपने कष्ट किया इंसान क्यों बेकार होते हैं लेकिन इंसान के पास सब कुछ होता है उसके पास हर इं

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