क्या नागरिकता क़ानून को अपने राज्यों में रोकना ममता बनर्जी के बस में है?...


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नमस्कार जैसा आपने पोस्ट किया है क्या नागरिकता कानून को अपने राज्यों में रुकना ममता बनर्जी के बचे हैं यह केंद्र सरकार का फैसला है इसलिए वह स्टेट गवर्नमेंट का राज्य सरकार को फैसला मानना पड़ेगा अर्चना उसका विरोध को करा सकती हैं जुर्रासिक में नहीं है लेकिन वह अपनी दुकान जमाने के लिए लोकल भोली भाली जनता को बरगला रही है धन्यवाद उनको नहीं करना चाहिए

namaskar jaisa aapne post kiya hai kya nagarikta kanoon ko apne rajyo me rukna mamata banerjee ke bache hain yah kendra sarkar ka faisla hai isliye vaah state government ka rajya sarkar ko faisla manana padega archna uska virodh ko kara sakti hain jurrasik me nahi hai lekin vaah apni dukaan jamane ke liye local bholi bhali janta ko bargala rahi hai dhanyavad unko nahi karna chahiye

नमस्कार जैसा आपने पोस्ट किया है क्या नागरिकता कानून को अपने राज्यों में रुकना ममता बनर्जी

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Vikas Singh

Political Analyst

0:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मैं आपको स्पष्ट रूप से बता देना चाहता हूं नागरिकता कानून किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री अपने राज्य में नहीं रुक सकते हैं यह सिर्फ पॉलिटिकल स्टेटमेंट है मुख्यमंत्रियों का क्योंकि यह केंद्र सरकार का बिल था और यह राज्यसभा और लोकसभा दोनों सदनों में पास हुआ है और यह पूरे देश में लागू किया जाएगा तो जो पूरे देश में लागू होगा तो कोई से अपने राज्य में नहीं रोक सकता है धन्यवाद

dekhiye main aapko spasht roop se bata dena chahta hoon nagarikta kanoon kisi bhi rajya ke mukhyamantri apne rajya mein nahi ruk sakte hain yah sirf political statement hai mukhyamantriyon ka kyonki yah kendra sarkar ka bill tha aur yah rajya sabha aur lok sabha dono sadano mein paas hua hai aur yah poore desh mein laagu kiya jaega toh jo poore desh mein laagu hoga toh koi se apne rajya mein nahi rok sakta hai dhanyavad

देखिए मैं आपको स्पष्ट रूप से बता देना चाहता हूं नागरिकता कानून किसी भी राज्य के मुख्यमंत्र

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Mr. Mukesh Kumar

Youtuber, https://youtu.be/lxwi7CXLHSQ

0:17
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क्योंकि किसी भी राज्य के सीएम उस राज्य का मुखिया होता है उसके पास भी कुछ अधिकार होता है ऐसी परिस्थिति मोहन नागरिकता कानून को रोक सकता है संत कुछ कंडीशन के साथ वह चाहे तो लागू हो सकता है

kyonki kisi bhi rajya ke cm us rajya ka mukhiya hota hai uske paas bhi kuch adhikaar hota hai aisi paristhiti mohan nagarikta kanoon ko rok sakta hai sant kuch condition ke saath vaah chahen toh laagu ho sakta hai

क्योंकि किसी भी राज्य के सीएम उस राज्य का मुखिया होता है उसके पास भी कुछ अधिकार होता है ऐस

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

5:48
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आपने कहा क्या नागरिकता कानून को अपने राज्यों में रुकना ममता बनर्जी की भस्मी है यहां प्रश्न ममता बनर्जी का नहीं है यहां पर किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री का किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री उस राज्य का प्रमुख होता है दूसरे देश का प्रमुख प्रधानमंत्री होता उसी तरह राज्य का प्रमुख मुख्यमंत्री होता है एक राज्य के विषय में क्या निर्णय लेना है कौन सा निर्णय लेना इसकी जिम्मेदारी सीएम पर्वती सिम उस नियम को लागू कर सकता है और उसे नहीं बिगाड़ सकता अगर कोई भी ऐसा कानून जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित है अध्यक्ष ने सुरक्षा संरक्षा कल्याण लोकेट जनहित और जनता की भलाई के लिए दिए गए फैसले उन कानूनों को राज्य सरकार को मानना अनिवार्य लेकिन ऐसी फैसले जो राजनीति से परे हैं राजनीति संबंधित हैं और ठीक-ठाक के प्रतीक हैं जहां बिट्टू होने की संभावना है वाद विवाद होने की संभावनाएं उपद्रव होने की संभावनाएं मजबूत करने की संभावना है इंसान होने की संभावना है उसे राज्य का मुख्यमंत्री पूरी तरह से रोकता है सविधान ने कभी नहीं कहा कि राज्यों पर कोई कानून व्यवस्थित हो पा जाए संविधान में स्पष्ट है कि राजपूत कानून को शिक्षा से स्वीकार करें और यह कानून संविधान और कानून दोनों में ममता बनर्जी क्यों उसका विरोध क्यों नहीं कर सकती मतलब पूरा देश एक व्यक्ति के नेतृत्व में चलेगा बाकी लोग क्या खबर के स्टैंड पर कि जो दूसरों ने कह दिया वह कैंप लगा दें और काम हो जाए नहीं सबको अधिकार है अगर देश के पीएम को अधिकारी 2 राज्य के सीएम को भी अधिकार है इसलिए इस नागरिकता कानून को लागू करना या न करना यह सीएम के अधिकार क्षेत्र में आता है हां ठीक और तानाशाही सरकार इसको देशद्रोह मानती है क्योंकि उस सविधान की हर नियम को देख लो मानती है जिससे उसकी तानाशाही चलकने में बाधा आती है वह कानून अंधा है विशेष की तानाशाही झलकती है कानून अच्छा है अगर वह कानून नहीं है तो तानाशाह सरकार बना देती है कैसा कि यह भी आपके सामने आए नागरिकता एक बिल की कोई जरूरत नहीं थी ना है लेकिन कैसी है मुद्दा ना होते टुकुर के द्वारा भगवान राम की अयोध्या का मामला बड़ी शांति पूर्व नेता दिया गया पुलिस केंद्र सरकार के पास कोई मुद्दा ही नहीं बचा कि कैसे वह अपनी-अपनी हिमाकत घटाएं जनता के सामने कि केंद्र में किसी की सरकार बैठी है इसलिए इस मुद्दे को उठा दिया जैसे जीएसटी उठा दिया नोटबंदी उठाया 370 उठा दिया इस तरह के खड़ा किया जाए फिर आप अभी को सताया जाए कि चित्र पब्लिक के पास वाहवाही लूटी जाए भक्तों को आग प्रशंसा करने का मौका मिले और जनता को पता ना था और तनु का कानून के अंतर्गत पूरे देश में आग लगी है बताइए कौन सा कल्याणकारी कानून है कि भारतीय मुसलमानों को कुछ भी नहीं होगा उन्हें डरने की जरूरत नहीं है तो फिर कानून नानी की जरूरत क्या है आप अफगानिस्तान पाकिस्तान बांग्लादेश वहां की सेक्स क्रिश्चियन जैन बुद्धिज्म उनको भारत लाना चाहते हैं और जो भारत के हैं उनको भी देना चाहते हैं जो आना कैसे आ सकते हैं भारतीय नागरिकता दे सकते हैं और जो भारत में रहते हैं उनको नागरिकता से वंचित करना कानूनन गैर कानून बताइए जो सरकार के मुद्दे बना ली है तो क्यों ना हो और क्यों ना इस तरह की घटनाएं जनता कब तक होती है जब जनता की बातें अनसुनी की जाती है और जनता को कुचलने के लिए सरकार स्वयं हिंसक कार्रवाई या करवा दी थी ताकि जनता को बदनाम कर सके और जनता की मांगों को कुचला जा सके

aapne kaha kya nagarikta kanoon ko apne rajyo mein rukna mamata banerjee ki bhasmi hai yahan prashna mamata banerjee ka nahi hai yahan par kisi bhi rajya ke mukhyamantri ka kisi bhi rajya ke mukhyamantri us rajya ka pramukh hota hai dusre desh ka pramukh pradhanmantri hota usi tarah rajya ka pramukh mukhyamantri hota hai ek rajya ke vishay mein kya nirnay lena hai kaun sa nirnay lena iski jimmedari cm parvati sim us niyam ko laagu kar sakta hai aur use nahi bigad sakta agar koi bhi aisa kanoon jo kendra sarkar dwara nirdharit hai adhyaksh ne suraksha sanraksha kalyan locate janhit aur janta ki bhalai ke liye diye gaye faisle un kanuno ko rajya sarkar ko manana anivarya lekin aisi faisle jo raajneeti se pare hain raajneeti sambandhit hain aur theek thak ke prateek hain jaha bittu hone ki sambhavna hai vad vivaad hone ki sambhavnayen upadrav hone ki sambhavnayen majboot karne ki sambhavna hai insaan hone ki sambhavna hai use rajya ka mukhyamantri puri tarah se rokta hai samvidhan ne kabhi nahi kaha ki rajyo par koi kanoon vyavasthit ho paa jaaye samvidhan mein spasht hai ki rajput kanoon ko shiksha se sweekar kare aur yah kanoon samvidhan aur kanoon dono mein mamata banerjee kyon uska virodh kyon nahi kar sakti matlab pura desh ek vyakti ke netritva mein chalega baki log kya khabar ke stand par ki jo dusro ne keh diya vaah camp laga de aur kaam ho jaaye nahi sabko adhikaar hai agar desh ke pm ko adhikari 2 rajya ke cm ko bhi adhikaar hai isliye is nagarikta kanoon ko laagu karna ya na karna yah cm ke adhikaar kshetra mein aata hai haan theek aur tanashahi sarkar isko deshdroh maanati hai kyonki us samvidhan ki har niyam ko dekh lo maanati hai jisse uski tanashahi chalkane mein badha aati hai vaah kanoon andha hai vishesh ki tanashahi jhalkati hai kanoon accha hai agar vaah kanoon nahi hai toh tanashah sarkar bana deti hai kaisa ki yah bhi aapke saamne aaye nagarikta ek bill ki koi zarurat nahi thi na hai lekin kaisi hai mudda na hote tukur ke dwara bhagwan ram ki ayodhya ka maamla badi shanti purv neta diya gaya police kendra sarkar ke paas koi mudda hi nahi bacha ki kaise vaah apni apni himakat ghataye janta ke saamne ki kendra mein kisi ki sarkar baithi hai isliye is mudde ko utha diya jaise gst utha diya notebandi uthaya 370 utha diya is tarah ke khada kiya jaaye phir aap abhi ko sataaya jaaye ki chitra public ke paas vahvahi looti jaaye bhakton ko aag prashansa karne ka mauka mile aur janta ko pata na tha aur tanu ka kanoon ke antargat poore desh mein aag lagi hai bataye kaun sa kalyaankari kanoon hai ki bharatiya musalmanon ko kuch bhi nahi hoga unhe darane ki zarurat nahi hai toh phir kanoon naani ki zarurat kya hai aap afghanistan pakistan bangladesh wahan ki sex Christian jain buddhijm unko bharat lana chahte hain aur jo bharat ke hain unko bhi dena chahte hain jo aana kaise aa sakte hain bharatiya nagarikta de sakte hain aur jo bharat mein rehte hain unko nagarikta se vanchit karna kanunan gair kanoon bataye jo sarkar ke mudde bana li hai toh kyon na ho aur kyon na is tarah ki ghatnaye janta kab tak hoti hai jab janta ki batein anasuni ki jaati hai aur janta ko kuchalane ke liye sarkar swayam hinsak karyawahi ya karva di thi taki janta ko badnaam kar sake aur janta ki maangon ko kuchala ja sake

आपने कहा क्या नागरिकता कानून को अपने राज्यों में रुकना ममता बनर्जी की भस्मी है यहां प्रश्न

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Vimal Kumar Gour

General Physician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो मेरी तरफ से सभी भाई बहनों को माता भारत माता बड़े बूढ़ों सभी लोगों के लिए ममता बनर्जी राज्य का मुख्यमंत्री होता है उस पर अधिकार होता होता है कि क्या यह नाम ऐसा कानून को अपने उसका उसमें आदत है वह अपने पैसे तो नहीं थी पर जैसे प्रधानमंत्री को पूरी दुनिया पर पूरे देश पर उसका राज है वैसे ही सीएम का राज्य राज होता है इस बिल को रोक सकते हैं परस्पर मतभेद भी हो सकता है बस पर सोचे कि कहीं इस में हिंसा ना पड़े दूसरों के पास मत भेजना हो बिल पास होता है ऊपर से सीएम उसको कानून तो आती है तो उसको कोई व्यवस्था नहीं हो क्वेश्चन काला हो तो कर सकते हैं जैसे डीएम डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट होता है डीएम जिला का अधिकारी है वैसे देश का देश का मुख्यमंत्री अधिकार है वह कहेगा वही होगा ऐसे हर जगह प्रधानमंत्री की है हमें तो पूरे देश के प्रधानमंत्री और उनका पूरा देश बदलेगा वैसे एक राजपूत मुख्यमंत्री के पास होगा तो सकती है लोगों में पदुथुवथु हो सकता है काफी भगवान की जय हो सकते हैं अब दंगा फसाद हो सकता बिल्कुल ऑफिस सकती है सीएम पद का अपने देश पर राधिका रंगो सहयोग आपके पास कोई मिस यूज होगा तो उसको रोकने तक

hello meri taraf se sabhi bhai bahnon ko mata bharat mata bade boodhon sabhi logo ke liye mamata banerjee rajya ka mukhyamantri hota hai us par adhikaar hota hota hai ki kya yah naam aisa kanoon ko apne uska usme aadat hai vaah apne paise toh nahi thi par jaise pradhanmantri ko puri duniya par poore desh par uska raj hai waise hi cm ka rajya raj hota hai is bill ko rok sakte hai paraspar matbhed bhi ho sakta hai bus par soche ki kahin is mein hinsa na pade dusro ke paas mat bhejna ho bill paas hota hai upar se cm usko kanoon toh aati hai toh usko koi vyavastha nahi ho question kaala ho toh kar sakte hai jaise dm district magistrate hota hai dm jila ka adhikari hai waise desh ka desh ka mukhyamantri adhikaar hai vaah kahega wahi hoga aise har jagah pradhanmantri ki hai hamein toh poore desh ke pradhanmantri aur unka pura desh badlega waise ek rajput mukhyamantri ke paas hoga toh sakti hai logo mein chahiye ho sakta hai kaafi bhagwan ki jai ho sakte hai ab danga fasad ho sakta bilkul office sakti hai cm pad ka apne desh par radhika rango sahyog aapke paas koi miss use hoga toh usko rokne tak

हेलो मेरी तरफ से सभी भाई बहनों को माता भारत माता बड़े बूढ़ों सभी लोगों के लिए ममता बनर्जी

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Atul

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नागदा कानून को अपने राज्य में रोकना ममता बनर्जी के बस की बात नहीं क्योंकि जब एक बार कानून संसद के सदन से पास हो जाता है और राष्ट्रपति के अनुमति मिलने के बाद वह कानून स्वतंत्र रूप से लागू हो जाता है वह कानून तब तक लागू लागू रहता है जब तक कि उसे सरकार स्वयं वापस और यह

nagda kanoon ko apne rajya mein rokna mamata banerjee ke bus ki baat nahi kyonki jab ek baar kanoon sansad ke sadan se paas ho jata hai aur rashtrapati ke anumati milne ke baad vaah kanoon swatantra roop se laagu ho jata hai vaah kanoon tab tak laagu laagu rehta hai jab tak ki use sarkar swayam wapas aur yah

नागदा कानून को अपने राज्य में रोकना ममता बनर्जी के बस की बात नहीं क्योंकि जब एक बार कानून

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