बैसाखी क्यों मानते हैं?...


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vikash

Soft Skill Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बैसाखी क्यों मनाते हैं बैसाखी जब पंजाब में सारी गेहूं की कटाई खत्म हो जाती है और सब लोग फ्री हो जाने के बाद जश्न के रूप में बैसाखी मनाते हैं यह पंजाबी लोगों का बहुत ही हर्ष उल्लास से यह पर्व मनाया जाता है इसमें लोग नाचते गाते और झूमते हैं इसमें ढोल नगाड़े भी बजाया जाते हैं

baisakhi kyon manate hain baisakhi jab punjab mein saree gehun ki katai khatam ho jaati hai aur sab log free ho jaane ke baad jashn ke roop mein baisakhi manate hain yah punjabi logo ka bahut hi harsh ullas se yah parv manaya jata hai isme log naachte gaate aur jhumte hain isme dhol nagade bhi bajaya jaate hain

बैसाखी क्यों मनाते हैं बैसाखी जब पंजाब में सारी गेहूं की कटाई खत्म हो जाती है और सब लोग फ्

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Faiz

Software Tester at Cognizant Technology Solutions.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बैसाखी बैसाखी के नाम से भी जानते थे कि जिन्होंने खालसा पंथ खालसा फॉरमेशन खालसा अपने बॉस के थ्रू और यह फॉरमेशन सबसे पहले द्वारा किया गया था

baisakhi baisakhi ke naam se bhi jante the ki jinhone khalsa panth khalsa formation khalsa apne boss ke through aur yah formation sabse pehle dwara kiya gaya tha

बैसाखी बैसाखी के नाम से भी जानते थे कि जिन्होंने खालसा पंथ खालसा फॉरमेशन खालसा अपने बॉस के

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Prabhat Verma

primary teacher government of bihar

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एसाखी जो है मिलता पंजाब और हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों में मनाया जाने वाला एक के महत्वपूर्ण पर्व है यह सॉरी किस लिए मनाया जाता है तो वैसा चीज जो है वह रवि फसल के पकने की खुशी में यानी जब फसल पक जाता है और जब काटने योग हो जाता है तो नहीं खुशी में हम लोग बैसाखी का पर्व मनाते हैं यह जो होता है वह जनरल ई 13 से 14 अप्रैल के बीच में बना जाता है साथ ही साथ है इस दिन जो है गुरु गोविंद सिंह खालसा पंथ की स्थापना किए थे तो इस त्यौहार को सामूहिक रूप से इंतजाम डिस्टर्ब शक्ल भी लोग बैसाखी मनाते हैं

esakhi jo hai milta punjab aur haryana ke aaspass ke kshetro mein manaya jaane vala ek ke mahatvapurna parv hai yah sorry kis liye manaya jata hai toh waisa cheez jo hai vaah ravi fasal ke pakne ki khushi mein yani jab fasal pak jata hai aur jab katne yog ho jata hai toh nahi khushi mein hum log baisakhi ka parv manate hain yah jo hota hai vaah general ee 13 se 14 april ke beech mein bana jata hai saath hi saath hai is din jo hai guru govind Singh khalsa panth ki sthapna kiye the toh is tyohar ko samuhik roop se intajam disturb shakl bhi log baisakhi manate hain

एसाखी जो है मिलता पंजाब और हरियाणा के आसपास के क्षेत्रों में मनाया जाने वाला एक के महत्वपू

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