हम अपने अंदर टैलेंट कैसे ला सकते हैं?...


user

Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

5:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न किया है कि हम अपने अंदर टैलेंट कैसे ला सकते हैं वे के पहले कहीं से लाना नहीं पड़ता हर व्यक्ति में कुछ ना कुछ टैलेंट होता है कुछ न कुछ प्रतिभा होता है हमारी सिर्फ और सिर्फ जिम्मेदारी होती है कि हम उसको पहचाने और उसको दुनिया के सामने लाएं ध्यान रखिए कि जो कुछ भी कहीं बाहर से लाना पड़ता है या बाहर से सीखना पड़ता है वह कहीं ना कहीं वह हमारा टैलेंट नहीं होता है वह हमारा अर्जुन गुण होता है या नहीं उसका में कॉल करते हैं ध्यान रखिए जो व्यक्ति में टैलेंट होता है जो प्रतिभा होती है वह कहीं ना कहीं उसमें ईश्वरीय देन होती है वह अपने जन्म के साथ अपनी ले करके आता है उसका उसके मस्तिष्क का जो सबकॉन्शियस माइंड है यानी मस्त उसका उसी हिसाब से डिजाइन हुआ होता है प्रकृति ने उसका इसी हिसाब से विकास किया होता है उसको उसी कार्य के लिए बनाया गया होता है लेकिन हम अपनी प्रतिभा अपने टैलेंट को स्वयं भी नहीं पहचान पाते और ना पहचानने की कोशिश करते हैं ज्यादातर व्यक्ति जो आज जीवन में गुमराह गुमराह की स्थिति में हैं उसके पीछे सबसे बड़ा कारण होता है कि वह सिर्फ दुनिया के हिसाब से चलने का प्रयास करते हैं या जो सच है या झूठ एडिशनल पास है उसके हिसाब से चलने का प्रयास करते हैं यानी उनके जीवन का मुख्य देर हो जाता है कि किस प्रकार से हम किसी प्रकार से कुछ ऐसा करें कि जैसे हमारी दाल रोटी का जुगाड़ हो जाए इससे क्या होता है कि उनके जीवन में सर्वाइकल का तो समस्या समाधान हो जाता है लेकिन उनके अंदर जो प्रतिभा है उनके दर्शक टैलेंट हो उसका कोई सदुपयोग नहीं हो पाता है और इसीलिए डेट के अंदर बेचैनी पूरी जिंदगी कहीं ना कहीं उसके जीवन में रहती है और वह अपने जीवन में संतुष्ट नहीं हो पाता ध्यान रखें हर व्यक्ति यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपनी प्रतिभा को अपने जीवन में कम से कम पहचान लें और उस प्रतिभा उस टैलेंट के द्वारा इस दुनिया को कुछ अच्छा देने का प्रयास जरूर करें ध्यान रखें कि व्यक्ति के लिए बहुत अच्छा होता है कि अगर वह उसको अपनी प्रतिभा पहचान में आ गए हैं तो उस पर कुछ वो काम करना शुरू करें उसके बारे में कुछ नहीं जानकारी इकट्ठा करें उसके बारे में अभ्यास करें उसको इतनी ऊंचाई देने का प्रयास करें और जिस दिन आप अपनी प्रतिभा पर कुछ काम करना शुरू करेंगे आप पाएंगे कि वह कार्य आप लोगों से बहुत अच्छा कर पा रहे हैं क्योंकि आपका व्यक्तित्व की चीजें उसी के कोडिंग डिजाइन हुई होती हैं तो आपको अपनी प्रतिभा के लिए मैं टैलेंट के लिए बाहर दुनिया में नहीं देखना है उसको अपने आप अपने अंदर ढूंढना है और यह कोशिश करना है कि यह पहचान पाए कि आपके अंदर एक्जेक्टली किस प्रकार का टैलेंट है किस प्रकार की प्रतिभा है जब आप अपने टैलेंट अपनी प्रतिभा को पहचान जाए तो उस पर इतना विश्वास करें कि वह बूढ़ा अगर प्रकृति ने आपको दिया है तो उस गुड में निश्चित तौर पर कुछ ना कुछ इतनी बड़ी अच्छाई होगी कि जिससे आप इस समाज और दुनिया को कुछ बहुत कुछ देख सकते हैं और उस पर कुछ काम करिए उसको एक नई ऊंचाई देने का प्रयास करिए निश्चित तौर से आप इस दुनिया को बहुत कुछ सकारात्मक दे पाएंगे के ज्यादातर क्या होता है जो लोगों की जीवन की ज्यादा समस्या यह होती है कि कहीं ना कहीं हम पूरी जिंदगी टैलेंट को प्रतिभा को बाहर ढूंढने का प्रयास करते हैं या दूसरों से उम्मीद करते हैं कि दूसरा कोई बता दे कि हमारे अंदर क्या प्रतिभा है और हम अपने अंदर बिल्कुल ही देखने का प्रयास नहीं करते कि इन फैक्ट्री हमारे अंदर क्या टैलेंट है और कुछ दिनों तक तो वह हमारी प्रतिभा हमारे जीवन में शुरुआती दौर में कुछ थोड़ा बहुत दिखाई पड़ता है लेकिन धीरे-धीरे जैसे हम दुनिया में अपना सर्वाइकल में बेस्ट हो जाते हैं तो वह धीरे-धीरे कहीं ना कहीं प्रतिभा हुआ हमारे धरती चली जाती है और शायद फिर हमें बाद में पता भी नहीं चल पाता कि हमारे अंदर क्या कुछ है और फिर हमें सिर्फ जिंदगी से शिकायत रह जाती है कि हमको ऊपर वाले ने कुछ भी नहीं दिया कि हमारे पास कोई प्रतिभा नहीं दी ध्यान रखें इस जीवन में हर व्यक्ति के अंदर कुछ न कुछ प्रतिभा जरूर होती है जिसके साथ वह पैदा होता है लेकिन यह व्यक्त की गलती होती है कहीं अपडेट की नासमझी होती कि वह अपने प्रतिभा को पहचान नहीं पाता और अगर पहचान भी गया तो उसके उसको इतना विश्वास नहीं आ पाता कि वह कुछ उस पर काम करें उसके द्वारा कुछ अच्छा करने का प्रयास करें तो विश्वास नहीं आ पाता इसीलिए वह इस दुनिया में कुछ बहुत अच्छा नहीं कर पाता और एक सामान्य जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाता है अगर व्यक्ति के अंदर यह विश्वास आ जाए कि वह अपने प्रति आज से अपनी चीजों से दुनिया को बहुत कुछ दे सकता है तो निश्चित तौर से वह देगा हो सकता है कि शुरुआत में थोड़ा संघर्ष करना पड़े थोड़ी देर लगेगी लेकिन वह इस दुनिया को अपनी प्रतिभा से जरूर प्रकाशित करेगा और उसको और दुनिया के विकास में मानवता के कल्याण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे पाएगा और यह सिर्फ और सिर्फ उस पर निर्भर करता उस पथ पर निर्भर करता तुम्हारी बहुत-बहुत शुभकामनाएं बहुत-बहुत धन्यवाद

apne prashna kiya hai ki hum apne andar talent kaise la sakte hain ve ke pehle kahin se lana nahi padta har vyakti mein kuch na kuch talent hota hai kuch na kuch pratibha hota hai hamari sirf aur sirf jimmedari hoti hai ki hum usko pehchane aur usko duniya ke saamne laye dhyan rakhiye ki jo kuch bhi kahin bahar se lana padta hai ya bahar se sikhna padta hai vaah kahin na kahin vaah hamara talent nahi hota hai vaah hamara arjun gun hota hai ya nahi uska mein call karte hain dhyan rakhiye jo vyakti mein talent hota hai jo pratibha hoti hai vaah kahin na kahin usme ishwariya the hoti hai vaah apne janam ke saath apni le karke aata hai uska uske mastishk ka jo subconscious mind hai yani mast uska usi hisab se design hua hota hai prakriti ne uska isi hisab se vikas kiya hota hai usko usi karya ke liye banaya gaya hota hai lekin hum apni pratibha apne talent ko swayam bhi nahi pehchaan paate aur na pahachanne ki koshish karte hain jyadatar vyakti jo aaj jeevan mein gumrah gumrah ki sthiti mein hain uske peeche sabse bada karan hota hai ki vaah sirf duniya ke hisab se chalne ka prayas karte hain ya jo sach hai ya jhuth additional paas hai uske hisab se chalne ka prayas karte hain yani unke jeevan ka mukhya der ho jata hai ki kis prakar se hum kisi prakar se kuch aisa kare ki jaise hamari daal roti ka jugaad ho jaaye isse kya hota hai ki unke jeevan mein cervical ka toh samasya samadhan ho jata hai lekin unke andar jo pratibha hai unke darshak talent ho uska koi sadupyog nahi ho pata hai aur isliye date ke andar bechaini puri zindagi kahin na kahin uske jeevan mein rehti hai aur vaah apne jeevan mein santusht nahi ho pata dhyan rakhen har vyakti yah jimmedari hoti hai ki vaah apni pratibha ko apne jeevan mein kam se kam pehchaan le aur us pratibha us talent ke dwara is duniya ko kuch accha dene ka prayas zaroor kare dhyan rakhen ki vyakti ke liye bahut accha hota hai ki agar vaah usko apni pratibha pehchaan mein aa gaye hain toh us par kuch vo kaam karna shuru kare uske bare mein kuch nahi jaankari ikattha kare uske bare mein abhyas kare usko itni uchai dene ka prayas kare aur jis din aap apni pratibha par kuch kaam karna shuru karenge aap payenge ki vaah karya aap logo se bahut accha kar paa rahe hain kyonki aapka vyaktitva ki cheezen usi ke coding design hui hoti hain toh aapko apni pratibha ke liye main talent ke liye bahar duniya mein nahi dekhna hai usko apne aap apne andar dhundhana hai aur yah koshish karna hai ki yah pehchaan paye ki aapke andar exactly kis prakar ka talent hai kis prakar ki pratibha hai jab aap apne talent apni pratibha ko pehchaan jaaye toh us par itna vishwas kare ki vaah budha agar prakriti ne aapko diya hai toh us good mein nishchit taur par kuch na kuch itni badi acchai hogi ki jisse aap is samaj aur duniya ko kuch bahut kuch dekh sakte hain aur us par kuch kaam kariye usko ek nayi uchai dene ka prayas kariye nishchit taur se aap is duniya ko bahut kuch sakaratmak de payenge ke jyadatar kya hota hai jo logo ki jeevan ki zyada samasya yah hoti hai ki kahin na kahin hum puri zindagi talent ko pratibha ko bahar dhundhne ka prayas karte hain ya dusro se ummid karte hain ki doosra koi bata de ki hamare andar kya pratibha hai aur hum apne andar bilkul hi dekhne ka prayas nahi karte ki in factory hamare andar kya talent hai aur kuch dino tak toh vaah hamari pratibha hamare jeevan mein shuruati daur mein kuch thoda bahut dikhai padta hai lekin dhire dhire jaise hum duniya mein apna cervical mein best ho jaate hain toh vaah dhire dhire kahin na kahin pratibha hua hamare dharti chali jaati hai aur shayad phir hamein baad mein pata bhi nahi chal pata ki hamare andar kya kuch hai aur phir hamein sirf zindagi se shikayat reh jaati hai ki hamko upar waale ne kuch bhi nahi diya ki hamare paas koi pratibha nahi di dhyan rakhen is jeevan mein har vyakti ke andar kuch na kuch pratibha zaroor hoti hai jiske saath vaah paida hota hai lekin yah vyakt ki galti hoti hai kahin update ki nasamajhi hoti ki vaah apne pratibha ko pehchaan nahi pata aur agar pehchaan bhi gaya toh uske usko itna vishwas nahi aa pata ki vaah kuch us par kaam kare uske dwara kuch accha karne ka prayas kare toh vishwas nahi aa pata isliye vaah is duniya mein kuch bahut accha nahi kar pata aur ek samanya jeevan jeene ke liye majboor ho jata hai agar vyakti ke andar yah vishwas aa jaaye ki vaah apne prati aaj se apni chijon se duniya ko bahut kuch de sakta hai toh nishchit taur se vaah dega ho sakta hai ki shuruat mein thoda sangharsh karna pade thodi der lagegi lekin vaah is duniya ko apni pratibha se zaroor prakashit karega aur usko aur duniya ke vikas mein manavta ke kalyan mein apna mahatvapurna yogdan de payega aur yah sirf aur sirf us par nirbhar karta us path par nirbhar karta tumhari bahut bahut subhkamnaayain bahut bahut dhanyavad

अपने प्रश्न किया है कि हम अपने अंदर टैलेंट कैसे ला सकते हैं वे के पहले कहीं से लाना नहीं प

Romanized Version
Likes  45  Dislikes    views  552
KooApp_icon
WhatsApp_icon
7 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!