निर्भयाकेस: क्या निर्भया केस के दोषियों को बचाने के लिए जान बुझ कर टाला जा रहा है? आपकी क्या राय है?...


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Vimal Kumar Gour

General Physician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो गुड आफ्टरनून सभी लोगों को मेरी तरफ से मिल गया के इलाके को दोषियों को बचाने के लिए कानून कर डाला जा रहा है नया हम लोगों में ऐसी बात नहीं आना चाहिए और हमारे अंदर सभी को को रहन-सहन के लिए अपनी सिस्टर समझते मौसम कि उनको समझे तो ऐसे काम में दोषी नहीं पाया वैसे तो यह सजा है मौसी है ऐसे लोगों को एनकाउंटर रीगन देना चाहिए उससे फर्क पड़ेगा पहला दूसरा अदालत में उत्तर पीटीएस में टायर कर दिए थे दूसरा राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की जा सकती है यदि यहां से भी राहत नहीं मिली तो फांसी उच्च न्यायालय ने जो मामला दोषी को अक्षय कुमार सिंह को पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए फांसी की सजा बरकरार रखी इसके बाद दोषियों के बेटवा पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई अदालत ने तिहाड़ के अफसरों को 1 सप्ताह में जाने का निर्देश दिया दोस्ती दया राज का वह अंदर करना चाहा था मामले की सुनवाई 7 जनवरी 2020 को होगी ashokafun30 2017 के निर्णय पर दोबारा विचार पर कोई आधार नहीं है पीठ ने पुनर्विचार याचिका किसे अपील बार-बार सुनवाई नहीं होती हम लोग फैसला हमें चाहिए अगर दास चार दोषियों को एक पवन कुमार ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया उसने दावा किया कि वह अपराध के साथ नाबालिक था उसकी आज का गुरुवार को सुनवाई में अगर ऐसी में दोषी को जैसे अभी हैदराबाद केस फाइनल हुआ उसी तरह अभी तक लोगों को थोड़ा सा डर रहता है और कानून सेक्स के लिए थोड़ा सुधार हुआ इसमें स्टैंड काम पर करना इसे था पर सरकार सोचती इनको थोड़ा मौका देने के लिए और मौका देने से ही करना और लोगों के प्याज का बढ़ जाते हैं तो सब राज हाई कोर्ट ने सख्त था कि बिजनौर की सीजेएम कोर्ट ने आयुक्त की गोली मारकर हत्या करने की घटना से सबक लेते हुए हाजी दिसंबर को तलब किया अदालत ने उनसे यह बताने का खास रूपेश को अदालत की सुरक्षा के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए यह आदेश न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने मुझसे सुन सुनीत कुमार खरीदनी बिजनौर के जिला अध्यक्ष की रिपोर्ट ज्ञान वाले कर दिया कोर्ट ने का नगर बागरा ज्यादा फॉलो सरकारी उनके साथ खर्च और करेजा में कोई गलत यूज़ किया हो उसके लिए सॉरी

hello good afternoon sabhi logo ko meri taraf se mil gaya ke ilaake ko doshiyon ko bachane ke liye kanoon kar dala ja raha hai naya hum logo mein aisi baat nahi aana chahiye aur hamare andar sabhi ko ko rahan sahan ke liye apni sister samajhte mausam ki unko samjhe toh aise kaam mein doshi nahi paya waise toh yah saza hai mausi hai aise logo ko encounter regal dena chahiye usse fark padega pehla doosra adalat mein uttar PTS mein tyre kar diye the doosra rashtrapati ke samaksh daya yachika dayar ki ja sakti hai yadi yahan se bhi rahat nahi mili toh fansi ucch nyayalaya ne jo maamla doshi ko akshay kumar Singh ko punarvichar yachika khareej karte hue fansi ki saza barkaraar rakhi iske baad doshiyon ke betva patiala house court mein sunvai hui adalat ne tihad ke afsaron ko 1 saptah mein jaane ka nirdesh diya dosti daya raj ka vaah andar karna chaha tha mamle ki sunvai 7 january 2020 ko hogi ashokafun30 2017 ke nirnay par dobara vichar par koi aadhaar nahi hai peeth ne punarvichar yachika kise appeal baar baar sunvai nahi hoti hum log faisla hamein chahiye agar das char doshiyon ko ek pawan kumar ne budhavar ko delhi ucch nyayalaya ka rukh kiya usne daawa kiya ki vaah apradh ke saath nabalik tha uski aaj ka guruwaar ko sunvai mein agar aisi mein doshi ko jaise abhi hyderabad case final hua usi tarah abhi tak logo ko thoda sa dar rehta hai aur kanoon sex ke liye thoda sudhaar hua isme stand kaam par karna ise tha par sarkar sochti inko thoda mauka dene ke liye aur mauka dene se hi karna aur logo ke pyaaz ka badh jaate hain toh sab raj high court ne sakht tha ki bijnor ki CJM court ne aayukt ki goli marakar hatya karne ki ghatna se sabak lete hue haji december ko talab kiya adalat ne unse yah bata ka khaas rupesh ko adalat ki suraksha ke liye sarkar ne kya kadam uthye yah aadesh nyaymurti sudheer agrawal ne mujhse sun sunit kumar kharidani bijnor ke jila adhyaksh ki report gyaan waale kar diya court ne ka nagar bagra zyada follow sarkari unke saath kharch aur kareja mein koi galat use kiya ho uske liye sorry

हेलो गुड आफ्टरनून सभी लोगों को मेरी तरफ से मिल गया के इलाके को दोषियों को बचाने के लिए कान

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Vikas Singh

Political Analyst

3:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मैं आपको बता देना चाहता हूं निर्भया केस में दोषियों को बचाने के लिए जानबूझकर नहीं टाला जा रहा है कोर्ट अपने तरीके से फैसला करता है लेकिन कोर्ट यहां पर गलती कर रहा है क्या करोगे कोर्ट कर भी क्या सकता है हमारे संविधान में इतना गड़बड़ तरीके से हमारा कानून बनाया गया है कि अगर किसी दोषी को हाईकोर्ट सजा ए मौत की सजा देता है तो वह जाकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर देता है कि सुप्रीम कोर्ट में उसका फैसला होता है अगर सुप्रीम कोर्ट में फैसला कुछ सुनाता है तो उसके बाद राष्ट्रपति के हैं याचिका दायर की जाती जाती है तो सिस्टम में बना है इस सिस्टम को खत्म करना होगा भारत सरकार कोई कानून बनाना होगा कि किसी भी रेप करने वाले दोषी को 24 घंटे के अंदर फांसी होनी चाहिए फांसी नहीं होनी चाहिए उसे चलाया जाना चाहिए ताकि पूरा हिंदुस्तान उस नजारे को देख सके और आगे चलकर कोई सेव करने के बारे में सोचे भी नहीं देखिए देर से न्याय मिलता है ना उस सबसे बड़ा अन्याय होता है और हमारे देश के संविधान में यह बहुत बड़ा गड़बड़ी है तो इसलिए दोषियों को बहुत जल्दी फांसी की सजा होनी चाहिए क्योंकि बहुत विलंब हो चुका है दिसंबर 2012 में निर्भया रेप कांड हुआ था और आज तक उस उस बेटी को इंसाफ नहीं मिल पाया इंसाफ क्यों नहीं मिल पाया क्योंकि हमारे देश में हिंदुओं में एकता नहीं है अगर हमारे देश के हिंदुओं में एकता होती ना तो कोर्ट को उसे 6 महीने के अंदर फांसी की सजा सुनाने होती लेकिन किसी ने अनशन नहीं किया अन्ना हजारे साहब मोहन मौन व्रत कब होना था तब नहीं हुए 8 साल 9 साल के बाद मौन व्रत हो रहे हैं चलिए अच्छी बात है देर से आप जागे कोई बात नहीं कर मोहन प्रताप हैं निर्भया के दोषियों को फांसी दिलाने के लिए तो हम सभी भारतवासी आपके साथ हैं लेकिन यह मौन व्रत आपको 2012 में ही होना चाहिए था उस टाइम अगर आप मौन व्रत रहे होते तो सभी को फांसी हो गई होती तो आइए हम सभी भारतवासी मिल जुलकर निर्भया के दोषियों को फांसी दिलाने के लिए फेसबुक पर ट्विटर पर व्हाट्सएप पर सब जगह आंदोलन करें और उस बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए प्रदर्शन भी करें प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए बिना तोड़फोड़ किए प्रदर्शन होना चाहिए जल्दी से जल्दी उस बेटी को इंसाफ मिलना चाहिए हम भी यही चाहते हैं और जो कोर्ट कर रहा है दैनिक देर कर रहा है देर में होना चाहिए सुप्रीम कोर्ट के जजों से निवेदन है भारत सरकार से निवेदन है अब समय आ गया है जनवरी फर्स्ट जनवरी के दिन सभी दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है तभी हम लोगों को चैन मिलेगा सभी भारतवासियों को सुकून मिलेगा और बेटी को इंसाफ मिलेगा धन्यवाद

dekhiye main aapko bata dena chahta hoon Nirbhaya case mein doshiyon ko bachane ke liye janbujhkar nahi talla ja raha hai court apne tarike se faisla karta hai lekin court yahan par galti kar raha hai kya karoge court kar bhi kya sakta hai hamare samvidhan mein itna gadbad tarike se hamara kanoon banaya gaya hai ki agar kisi doshi ko highcourt saza a maut ki saza deta hai toh vaah jaakar supreme court mein yachika dayar kar deta hai ki supreme court mein uska faisla hota hai agar supreme court mein faisla kuch sunata hai toh uske baad rashtrapati ke hain yachika dayar ki jaati jaati hai toh system mein bana hai is system ko khatam karna hoga bharat sarkar koi kanoon banana hoga ki kisi bhi rape karne waale doshi ko 24 ghante ke andar fansi honi chahiye fansi nahi honi chahiye use chalaya jana chahiye taki pura Hindustan us najare ko dekh sake aur aage chalkar koi save karne ke bare mein soche bhi nahi dekhiye der se nyay milta hai na us sabse bada anyay hota hai aur hamare desh ke samvidhan mein yah bahut bada gadbadi hai toh isliye doshiyon ko bahut jaldi fansi ki saza honi chahiye kyonki bahut vilamb ho chuka hai december 2012 mein Nirbhaya rape kaand hua tha aur aaj tak us us beti ko insaaf nahi mil paya insaaf kyon nahi mil paya kyonki hamare desh mein hinduon mein ekta nahi hai agar hamare desh ke hinduon mein ekta hoti na toh court ko use 6 mahine ke andar fansi ki saza sunaane hoti lekin kisi ne anshan nahi kiya anna hazare saheb mohan maun vrat kab hona tha tab nahi hue 8 saal 9 saal ke baad maun vrat ho rahe hain chaliye achi baat hai der se aap jago koi baat nahi kar mohan pratap hain Nirbhaya ke doshiyon ko fansi dilaane ke liye toh hum sabhi bharatvasi aapke saath hain lekin yah maun vrat aapko 2012 mein hi hona chahiye tha us time agar aap maun vrat rahe hote toh sabhi ko fansi ho gayi hoti toh aaiye hum sabhi bharatvasi mil julakar Nirbhaya ke doshiyon ko fansi dilaane ke liye facebook par twitter par whatsapp par sab jagah andolan kare aur us beti ko insaaf dilaane ke liye pradarshan bhi kare pradarshan loktantrik tarike se hona chahiye bina thorphor kiye pradarshan hona chahiye jaldi se jaldi us beti ko insaaf milna chahiye hum bhi yahi chahte hain aur jo court kar raha hai dainik der kar raha hai der mein hona chahiye supreme court ke judgon se nivedan hai bharat sarkar se nivedan hai ab samay aa gaya hai january first january ke din sabhi doshiyon ko fansi ki saza sunayi hai tabhi hum logo ko chain milega sabhi bharatvasiyon ko sukoon milega aur beti ko insaaf milega dhanyavad

देखिए मैं आपको बता देना चाहता हूं निर्भया केस में दोषियों को बचाने के लिए जानबूझकर नहीं टा

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Raushan Kumar

Student Of Delhi University

0:20
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हां निर्भया केस के दोषियों को बचाने के लिए जानबूझकर फांसी को डाला जा रहा है लेकिन कानून के आगे झुकना पड़ा और उनकी फांसी 20 मार्च को हो गई इसलिए कानून के आगे हर कोई को विवश होना पड़ता है चाहे वह कोई भी हो दोस्ती हो चाहे कितना बड़ा गलती किया हो

haan Nirbhaya case ke doshiyon ko bachane ke liye janbujhkar fansi ko dala ja raha hai lekin kanoon ke aage jhukna pada aur unki fansi 20 march ko ho gayi isliye kanoon ke aage har koi ko vivash hona padta hai chahen vaah koi bhi ho dosti ho chahen kitna bada galti kiya ho

हां निर्भया केस के दोषियों को बचाने के लिए जानबूझकर फांसी को डाला जा रहा है लेकिन कानून के

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

1:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न निर्भया केस क्या निर्भया केस के दोषियों को बचाने के लिए जानबूझ कर डाला जा रहा है आपकी क्या राय है तो देखे यहां पर कुछ लोग तो यहां पर कह रहे हैं कि दुनिया के ऐसे दोषी हैं उनकी तरफ से चीजें हो रही हैं कोई कह रहा है कि उनके वकील की तरफ से हो रही है लेकिन नेक्टर आप को भी समझना होगा कि भारत का कानून कितना लाचार है कितनी अदर्स खामियां हैं कि आपके पास सबूत भी है कि बस भैया सब कुछ है उसके बाद भी आप 890 साल तक उनको बैठाकर खिलाते रहते हैं जो आपके हमारे टैक्स का पैसा है वह वह कसाब जैसे टेरिस के ऊपर खर्च किया जाता है निर्भया के दोषियों के ऊपर खर्च किया जाता है यह लोग हमारी कमाई के ऊपर जीवित है और आज भी किसी को नहीं बताऊंगी सजा होगी नहीं होगी एंड मोमेंट पर क्या हो जाएगा फिर कोई नई पिटीशन आ जाएगी तो यह आप यह देखिए कितना बड़ा कितना जो संविधान है और जो कानून बना रखे हैं उसमें ऐसा आईपीसी में कैसे कितने किलो दूध इतनी पीड़ित क्या डाल रखी है कि आपके सामने मुजरिम होते हुए भी आप सजा नहीं दे पा रहे हैं तो यहां पर मैं तो एक कानून की विफलता मानूंगा कानून के अंदर कमियां को मानूंगा जो वकील है उनका तो काम ही यही होता है कि कानून की कमियों को पकड़ना निकालना लुकोल घूमना तो उसमें तो वह माहिर है तो अपना कार्य अच्छे से कर रहे हैं लेकिन कानून की कमियां दूर करने का काम तो जो कानून मंत्रालय उसको करना चाहिए और यह से ऐसी चीजों को उनको आगे और भी तो फिर एक केस है तो आपको इतनी सारी चीजें दिख रही है ऐसे तो सोचती है कि कितने कानून है ऐसे हैं कितनी उसमें लचर व्यवस्था है तो यहां पर जैसे कि जीएसटी के अंदर ही फॉर्म हुआ है कि पुराना टैक्स सिस्टम चेंज हो कि नया जीएसटी आया वैसे ही यहां पर कानून के अंदर भी रिफॉर्म की आवश्यकता है तभी भारत का कानून सुधरेगा मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

aapka prashna Nirbhaya case kya Nirbhaya case ke doshiyon ko bachane ke liye janbujh kar dala ja raha hai aapki kya rai hai toh dekhe yahan par kuch log toh yahan par keh rahe hain ki duniya ke aise doshi hain unki taraf se cheezen ho rahi hain koi keh raha hai ki unke vakil ki taraf se ho rahi hai lekin nectar aap ko bhi samajhna hoga ki bharat ka kanoon kitna lachar hai kitni others khamiyan hain ki aapke paas sabut bhi hai ki bus bhaiya sab kuch hai uske baad bhi aap 890 saal tak unko baithakar khilaate rehte hain jo aapke hamare tax ka paisa hai vaah vaah kasaab jaise teris ke upar kharch kiya jata hai Nirbhaya ke doshiyon ke upar kharch kiya jata hai yah log hamari kamai ke upar jeevit hai aur aaj bhi kisi ko nahi bataungi saza hogi nahi hogi and moment par kya ho jaega phir koi nayi pitishan aa jayegi toh yah aap yah dekhiye kitna bada kitna jo samvidhan hai aur jo kanoon bana rakhe hain usme aisa ipc me kaise kitne kilo doodh itni peedit kya daal rakhi hai ki aapke saamne mujarim hote hue bhi aap saza nahi de paa rahe hain toh yahan par main toh ek kanoon ki vifalta manunga kanoon ke andar kamiyan ko manunga jo vakil hai unka toh kaam hi yahi hota hai ki kanoon ki kamiyon ko pakadna nikalna lukol ghumana toh usme toh vaah maahir hai toh apna karya acche se kar rahe hain lekin kanoon ki kamiyan dur karne ka kaam toh jo kanoon mantralay usko karna chahiye aur yah se aisi chijon ko unko aage aur bhi toh phir ek case hai toh aapko itni saari cheezen dikh rahi hai aise toh sochti hai ki kitne kanoon hai aise hain kitni usme lachar vyavastha hai toh yahan par jaise ki gst ke andar hi form hua hai ki purana tax system change ho ki naya gst aaya waise hi yahan par kanoon ke andar bhi reform ki avashyakta hai tabhi bharat ka kanoon sudhrega main subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

आपका प्रश्न निर्भया केस क्या निर्भया केस के दोषियों को बचाने के लिए जानबूझ कर डाला जा रहा

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Sharma

IAS Officer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सारे लड़के अगर दूसरे लड़के से ही लड़कियों को अगर अपना बहन मान लें ध्यान समझने लगे मां की तरह दिखने लगे तो यह साला बलात्कार होगा ही नहीं

saare ladke agar dusre ladke se hi ladkiyon ko agar apna behen maan le dhyan samjhne lage maa ki tarah dikhne lage toh yah sala balatkar hoga hi nahi

सारे लड़के अगर दूसरे लड़के से ही लड़कियों को अगर अपना बहन मान लें ध्यान समझने लगे मां की त

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निर्भया केस में उस पर कमेंट को सेंट्रल गवर्नमेंट को त्वरित कार्रवाई कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से 1 महीने के अंदर उसको फांसी में चढ़ा देना चाहिए था जिससे हिंदुस्तान में ऐसी घिनौनी हरकत हमारी हिंदुस्तान गवर्नमेंट जॉब पॉलिटिकल पार्टियां यो स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उसमें जानबूझकर के डाला जा रहा है मेरा अनुरोध है मेरा ख्याल यह है उसको जल्द से जल्द निपटारा करके उन आरोपियों को फांसी पर लटका देना चाहिए

Nirbhaya case mein us par comment ko central government ko twarit karyawahi kar fast track court ke madhyam se 1 mahine ke andar usko fansi mein chadha dena chahiye tha jisse Hindustan mein aisi ghinauni harkat hamari Hindustan government political partyian yo sthaniye prashaasnik adhikaariyo dwara usme janbujhkar ke dala ja raha hai mera anurodh hai mera khayal yah hai usko jald se jald niptara karke un aaropiyon ko fansi par Latka dena chahiye

निर्भया केस में उस पर कमेंट को सेंट्रल गवर्नमेंट को त्वरित कार्रवाई कर फास्ट ट्रैक कोर्ट क

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