लोग ईसा मसीह को क्यों पूजते हैं?...


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Rajesh Rana

Educator, Lawyer

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देखिए दो लाइने है किसी ने माला जपि किसी ने नाम लिया जिसे जो सारा मिला उसने वह थाम दिया ठीक है ऐसे ही है किसी को ईसा मसीह का सहारा मिल गया और उसने बता दिया किसी को अल्लाह का सहारा मिला तो उसने वह थाम लिया किसी को कुर्बान साहिब में सहारा मिला तो उसने उसे थाम लिया और किसी को भोलेनाथ में सहारा मिला तो उसने उसे थाम से बस इतनी सी कहानी है और कई बार उस सहारे पर भरोसा नहीं होता यह वह सहारा कुछ दे नहीं पाता तो हम कोई दूसरा सहारा ढूंढ लेते हैं एक बार मंदिरों में जाते हैं तो कई बार साथ साथ हम मस्जिद में भी चले जाते हैं पीर पैगंबर के भी चले जाते हैं कई बार हम गुरुद्वारे भी चले जाते हैं तो सहारा ढूंढते रहते हैं अलग-अलग जगह अपने मन मन की बात है अपना अपना विश्वास है अपने अपने विचार हैं आप चाहकर भी किसी को किसी को किसी दूसरे सहारे के साथ बांध नहीं सकता यह किसी का सहारा पकड़ा नहीं सकते क्या यह सहारा ले ले इसके सहारे तू जिंदगी तर जाएगा जिंदगी पार हो जाएगी यह तब तक नहीं हो सकता जब तक कि उसका खुद का विश्वास उस चीज में पैदा ना जो वह करने जा रहा है जिसमें वह विश्वास कर रहा है जब तक दिल से उसने विश्वास पैदा नहीं होता तब तक वह से सहारा नहीं मानता है अपने चरित्र में नहीं अपनाता है अपने जीवन में नहीं अपनाता तो इस धरती पर कोई भी आदमी किसी भी धर्म को अगर मानता है तो उसका एक विश्वास है उसके अंदर जो उसके दिल में समाया हुआ है यह रास्ते पर चलकर इनके साथ चल कर इनको साथ ले मैं जीवन में कामयाब हो सकता हूं आकर बैठ सकता हूं मेरा जीवन संपूर्ण हो सकता है और वह पता भी सच्चाई है कि हिंदू धर्म के कोई की मानता है तो उसमें साथ-साथ उसके भगवान दिखाई देते हैं कोई मुस्लिम धर्म को मानता तो उसको अल्लाह साफ साफ दिखाई देता है कोई ईसाई धर्म को मानता तो हर जगह से यीशु मसीह दिखाई देते हैं कोई सिख धर्म को मानता है तो उन्हें गुरु नानक साथ दिखाई देते हैं हर जगह सच्चाई हैं लेकिन जिस रूप में वह मान रहे उसी रूप में वह कल्पना भी कर रहा है और कल्पना अपने आप ही के सामने हो जाती है और वह कहता क्या रही है तो सच्चाई है मैं जो सोच रहा था वह मेरे साथ हो गया और इससे उसका विश्वास मजबूत हो जाता है और लगातार फिर उसमें विश्वास करते करते हो उसमें खो जाता है और फिर भगवान और भक्त 21 भगवान भगवान रहता है ना भक्त भक्त रहता है और वह उसमें समा जाते फिर उसको अगर कुछ और बात कहोगे तो कभी नहीं मानता को अगर फिर ईसा मसीह के बात करने वाले हो जो उसमें डूब जाता है उसको अगर भगवान राम के बारे में हनुमान जी के बारे में कहोगे तो विश्वास नहीं करेगा इसलिए नहीं कि वह आपको गलत समझ रहा है इसलिए नहीं कि हनुमानजी को गलत मानता है इसलिए कि वह इस जश्न में डूब चुका है उन्हें कल्पना में वह दिखाई देते हैं उनको साक्षात दर्शन करता है वह कैसे भी करता है वह आपको दिखाई नहीं देते पर उनको दिखाई देते हैं क्योंकि उनकी मन की आंखें देख रहे और आप तन की आंखों से देख पूरी सभी धर्मों के लोगों में होता है जितने भी पैर पर संवाद हमारे जितने भी आम आदमी जो खास हो चुके हैं जो साधु सन्यासी बन चुके हैं जो गुरुजी बन चुके हैं वह उन्होंने अपने आप को डुबो दिया वह मन की आंखों से चीजों को देख रहे हैं और हम तन की आंखों से देख रहे हैं यही वजह है कि कोई भी आदमी पार्टी कूलर मानता है और धीरे-धीरे मानते मानते स्पेलिंग हो जाता है

dekhiye do laine hai kisi ne mala japi kisi ne naam liya jise jo saara mila usne vaah tham diya theek hai aise hi hai kisi ko isa masih ka sahara mil gaya aur usne bata diya kisi ko allah ka sahara mila toh usne vaah tham liya kisi ko kurban sahib mein sahara mila toh usne use tham liya aur kisi ko bholenaath mein sahara mila toh usne use tham se bus itni si kahani hai aur kai baar us sahare par bharosa nahi hota yah vaah sahara kuch de nahi pata toh hum koi doosra sahara dhundh lete hain ek baar mandiro mein jaate hain toh kai baar saath saath hum masjid mein bhi chale jaate hain pir paigambar ke bhi chale jaate hain kai baar hum gurudware bhi chale jaate hain toh sahara dhoondhate rehte hain alag alag jagah apne man man ki baat hai apna apna vishwas hai apne apne vichar hain aap chahkar bhi kisi ko kisi ko kisi dusre sahare ke saath bandh nahi sakta yah kisi ka sahara pakada nahi sakte kya yah sahara le le iske sahare tu zindagi tar jaega zindagi par ho jayegi yah tab tak nahi ho sakta jab tak ki uska khud ka vishwas us cheez mein paida na jo vaah karne ja raha hai jisme vaah vishwas kar raha hai jab tak dil se usne vishwas paida nahi hota tab tak vaah se sahara nahi manata hai apne charitra mein nahi apnaata hai apne jeevan mein nahi apnaata toh is dharti par koi bhi aadmi kisi bhi dharm ko agar manata hai toh uska ek vishwas hai uske andar jo uske dil mein samaya hua hai yah raste par chalkar inke saath chal kar inko saath le main jeevan mein kamyab ho sakta hoon aakar baith sakta hoon mera jeevan sampurna ho sakta hai aur vaah pata bhi sacchai hai ki hindu dharm ke koi ki manata hai toh usme saath saath uske bhagwan dikhai dete hain koi muslim dharm ko manata toh usko allah saaf saaf dikhai deta hai koi isai dharm ko manata toh har jagah se yeshu masih dikhai dete hain koi sikh dharm ko manata hai toh unhe guru nanak saath dikhai dete hain har jagah sacchai hain lekin jis roop mein vaah maan rahe usi roop mein vaah kalpana bhi kar raha hai aur kalpana apne aap hi ke saamne ho jaati hai aur vaah kahata kya rahi hai toh sacchai hai jo soch raha tha vaah mere saath ho gaya aur isse uska vishwas majboot ho jata hai aur lagatar phir usme vishwas karte karte ho usme kho jata hai aur phir bhagwan aur bhakt 21 bhagwan bhagwan rehta hai na bhakt bhakt rehta hai aur vaah usme sama jaate phir usko agar kuch aur baat kahoge toh kabhi nahi manata ko agar phir isa masih ke baat karne waale ho jo usme doob jata hai usko agar bhagwan ram ke bare mein hanuman ji ke bare mein kahoge toh vishwas nahi karega isliye nahi ki vaah aapko galat samajh raha hai isliye nahi ki hanumanji ko galat manata hai isliye ki vaah is jashn mein doob chuka hai unhe kalpana mein vaah dikhai dete hain unko sakshat darshan karta hai vaah kaise bhi karta hai vaah aapko dikhai nahi dete par unko dikhai dete hain kyonki unki man ki aankhen dekh rahe aur aap tan ki aankho se dekh puri sabhi dharmon ke logo mein hota hai jitne bhi pair par samvaad hamare jitne bhi aam aadmi jo khaas ho chuke hain jo sadhu sanyaasi ban chuke hain jo guruji ban chuke hain vaah unhone apne aap ko dubo diya vaah man ki aankho se chijon ko dekh rahe hain aur hum tan ki aankho se dekh rahe hain yahi wajah hai ki koi bhi aadmi party cooler manata hai aur dhire dhire maante maante spelling ho jata hai

देखिए दो लाइने है किसी ने माला जपि किसी ने नाम लिया जिसे जो सारा मिला उसने वह थाम दिया ठीक

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Tejnath sahu

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग जो है यीशु मसीह को उसके चमत्कार को देखकर के पूछते हैं क्योंकि आज तक कोई भी धर्म गुरुओं ने उस परमात्मा के बारे में नहीं बता पाया उसका नाम नहीं बता पाया जिन्होंने सारी सृष्टि की रचना की बल्कि गलत साधना उस भगवान को नहीं बता पाए तो वह भक्ति सही क्या बताएंगे अब जब सही भक्ति नहीं करेंगे तो हमें लाभ क्या मिलेगा बिल्कुल ही मिलेगा गीता जी में लिखा है जो शास्त्र के विरुद्ध भक्ति करते हैं उनको न तो कोई सुख ना कोई शांति ना कोई गति की प्राप्ति होती है इसलिए जो शास्त्र विधि शास्त्र विधि को त्याग कर जो मन माना आचरण करते हैं उन्हें ना कोई ना कोई गति प्राप्त होते हैं तो जो अभी तक शास्त्र के विरुद्ध भक्ति कर उसको क्या लाभ मिलेगा लाभ मिलता नहीं था तो उस दौरान जो काल भगवान है उन्होंने अब यीशु मसीह को भेज दिए अभी यीशु मसीह के भी अंदर में उतना कोई खास चमत्कार नहीं था क्योंकि वह पूर्व निर्धारित था जिसको जिसको भी ठीक की है लोग तो ठीक किए हैं वह काल क्या करते हैं अब नेट पैक तो भेज देते हैं किसी के अंदर में और किसी को जब मैंने हाईलाइट करना होता ना तो फिर वह खुद ही आगे उसको भगा देते हैं और लोग उसको भाई करते हैं इसका भी प्रमाण फायरिंग में लिखा हुआ है तो लोग जो है चमत्कार को देखकर के यीशु मसीह का पूजा करते हैं लेकिन यह भी सांस तक के विरुद्ध आपको जानने हैं कि यीशु मसीह का पिता कौन है जिन्होंने जिसके बारे में यीशु मसीह ने हमेशा कहा मैं उस परमेश्वर का भेजा हुआ पुत्र हूं तो वह परमेश्वर कौन है जानने के लिए जरूर पढ़े पुस्तक ज्ञानगंगा इस पुस्तक को प्राप्त है आप कर सकते हैं हमारे वेबसाइट से डाउनलोड करके हमारे वेबसाइट है www.jagatgururampalji.org अधिक जानकारी के लिए देखें रोज शाम 7:30 बजे साधना चैनल पर

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लोग जो है यीशु मसीह को उसके चमत्कार को देखकर के पूछते हैं क्योंकि आज तक कोई भी धर्म गुरुओं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कुछ लोग ईसा मसीह को क्यों पूछते हैं लोग ईसा मसीह को इसलिए पूछते हैं कहते हैं कि वह भगवान के अवतार है इस कारण से लोग उसे पूछते हैं तो फ्रेंड अपनी अपनी अवधारणाएं होती है कोई ईसा मसीह को मानता है कोई निरंकार को मानता है कोई किसी को मानता था हर प्रकार के हर जाति के लोग इस दुनिया में फंसे हैं तो फिर जिसको जिस में अच्छा लग रहा है वह उसकी पूजा करता है

aapne kuch log isa masih ko kyon poochhte hain log isa masih ko isliye poochhte hain kehte hain ki vaah bhagwan ke avatar hai is karan se log use poochhte hain toh friend apni apni avdharnaen hoti hai koi isa masih ko manata hai koi nirankar ko manata hai koi kisi ko manata tha har prakar ke har jati ke log is duniya mein fanse hain toh phir jisko jis mein accha lag raha hai vaah uski puja karta hai

आपने कुछ लोग ईसा मसीह को क्यों पूछते हैं लोग ईसा मसीह को इसलिए पूछते हैं कहते हैं कि वह भग

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Rajkumar

Social Worker|Counsellor|Orater|Lyricist|Singer|Author|Sunday School treaner|Teacher|Student|

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