भारत की इकॉनमी स्लोडाउन क्यूँ हो रही है? क्या है इसकी वजह?...


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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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इस समय की बात कीजिए भारत के पूर्वी

is samay ki baat kijiye bharat ke purvi

इस समय की बात कीजिए भारत के पूर्वी

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

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हेलो फ्रेंड्स देखिए भारत की कानों में जो स्लो डाउन हो रही है उसके पीछे का रीजन गवर्नमेंट की कुछ पॉलिसीज है आज जीएसटी आने के बाद और डिमॉनेटाइजेशन होने के बाद जो इंडिया का क्या स्कोर था वह काफी कम हो गए हैं और यह देखकर बात सही भी है जो डी मोनेटाइजेशन की गई थी वह ब्लैक मनी को वापस लाने के लिए की गई थी लेकिन ब्लैक मनी जो रियल ब्लैक मनी है दूसरे देशों में वह तो वापस आए नहीं लेकिन जो लोगों ने थोड़ा बहुत ख्याल जमा करके रखा था वह चीजें खत्म हो गई जिससे कि जो किलो है मार्केट में वह कम होता चला गया हो जैसे को नंबर भी है तो मेरे ख्याल से दूजी जो बीजेपी गवर्नमेंट की तो इकोनामिक पॉलिसीज आई थी यह मेन रीजन इकोनामिक स्लोडाउन होने का कितने बड़े देश में अगर गैस का फ्लोर नहीं होगा थोड़ी बहुत ब्लैक मनी नहीं होगी लोगों के पास कोई करो में चली नहीं भाई तो थोड़ा बहुत तो कैश फ्लो नाचे लोगों के पास थैंक यू सो मच

hello friends dekhiye bharat ki kanon mein jo slow down ho rahi hai uske peeche ka reason government ki kuch policies hai aaj gst aane ke baad aur demonitization hone ke baad jo india ka kya score tha vaah kaafi kam ho gaye hain aur yah dekhkar baat sahi bhi hai jo d monetaijeshan ki gayi thi vaah black money ko wapas lane ke liye ki gayi thi lekin black money jo real black money hai dusre deshon mein vaah toh wapas aaye nahi lekin jo logo ne thoda bahut khayal jama karke rakha tha vaah cheezen khatam ho gayi jisse ki jo kilo hai market mein vaah kam hota chala gaya ho jaise ko number bhi hai toh mere khayal se duji jo bjp government ki toh economic policies I thi yah main reason economic slowdown hone ka kitne bade desh mein agar gas ka floor nahi hoga thodi bahut black money nahi hogi logo ke paas koi karo mein chali nahi bhai toh thoda bahut toh cash flow nache logo ke paas thank you so match

हेलो फ्रेंड्स देखिए भारत की कानों में जो स्लो डाउन हो रही है उसके पीछे का रीजन गवर्नमेंट क

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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भारत की इकनॉमिक स्लोडाउन क्यों हो रही भारत की शुरू डाउन इसलिए हो रही है क्योंकि नंबर दो का पैसा इतना ज्यादा क्यों नहीं कर रहा है जितना पहले कर रहा था बहुत सारे लोगों के जो ब्लैक मनी वाले कार्य थे वह बंद हो गए इसलिए ऐसा प्रतीत होता है थोड़ी टाइम भी की इकोनॉमिक्स लो हो गई है परंतु जब सब इमानदारी से टैक्स देंगे सब लोगों का जो आदान-प्रदान है वह नंबर एक के तरीके तरीके से होगा प्यार होगा तो अपने आप इतना मी में स्टैंड आ जाएगी इसकी भारत की कमी की चिंता करने की किसी को भी जरूरत नहीं है यह सब विपक्ष का और कम्युनिस्टों का हंगामा है उनके यहां अपनी एक नामी देखे वह दुनिया को ना देखें धन्यवाद सबका मंगल हो

bharat ki economic slowdown kyon ho rahi bharat ki shuru down isliye ho rahi hai kyonki number do ka paisa itna zyada kyon nahi kar raha hai jitna pehle kar raha tha bahut saare logo ke jo black money waale karya the vaah band ho gaye isliye aisa pratit hota hai thodi time bhi ki economics lo ho gayi hai parantu jab sab imaandari se tax denge sab logo ka jo aadaan pradan hai vaah number ek ke tarike tarike se hoga pyar hoga toh apne aap itna me mein stand aa jayegi iski bharat ki kami ki chinta karne ki kisi ko bhi zarurat nahi hai yah sab vipaksh ka aur communisthon ka hungama hai unke yahan apni ek nami dekhe vaah duniya ko na dekhen dhanyavad sabka mangal ho

भारत की इकनॉमिक स्लोडाउन क्यों हो रही भारत की शुरू डाउन इसलिए हो रही है क्योंकि नंबर दो का

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Vikas Singh

Political Analyst

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आपका सवाल है कि भारत की कौन आर्मी स्लोडाउन क्यों हो रही है क्या है इसकी वजह देखिए मैं आपको स्पष्ट रूप से बता देना चाहता हूं सिर्फ भारत की कोनामी स्लोडाउन नहीं हो रही है बल्कि पूरे विश्व के सभी देशों की कोनामी स्लो डाउन हो रही है यह ग्लोबल लेवल का प्रॉब्लम है जब इंटरनेशनल प्रॉब्लम होता है इकोनॉमिकल कंडीशन में तो उसका प्रभाव विकासशील देशों में ज्यादा देखने को मिलता है उसका प्रभाव विकसित देशों में भी होता है लेकिन वहां पर उसका प्रभाव जनता के ऊपर डायरेक्ट ज्यादा नहीं पढ़ पाता है ऐसा नहीं है कि बस भारत की इकोनॉमी स्लोडाउन हुई है 2014 के पहले भारत की जीडीपी 3.5% और पेंट की रेट से बढ़ती घटी थी नरेंद्र मोदी जी जब हमारे देश के प्रधानमंत्री बने तो हमारे देश की जीडीपी 7.5% की डेट से बड़ी पूरे विश्व में सबसे तेजी से हमारे देश की जीडीपी बड़ी थी उसके बाद अभी दो-तीन महीने से थोड़ी सी इंटरनेशनल प्रॉब्लम चल रही है तो उसकी वजह से हमारे देश की जीडीपी 4.55% के बीच में बढ़ घट रही है इससे घबराने की जरूरत नहीं है बहुत जल्दी इस समस्या से पूरा विश्व करेगा और भारत की जीडीपी फिर से 1.5% की रेट से बढ़ेगी और भारत की सारी समस्या दूर हो जाएगी तो घबराने की जरूरत नहीं है इस समस्या कुछ दिनों की है जो कि बहुत जल्दी खत्म हो जाएगी और फिर से हमारी जो इकोनॉमी है वह ठीक हो जाएगी धन्यवाद

aapka sawaal hai ki bharat ki kaun army slowdown kyon ho rahi hai kya hai iski wajah dekhiye main aapko spasht roop se bata dena chahta hoon sirf bharat ki konami slowdown nahi ho rahi hai balki poore vishwa ke sabhi deshon ki konami slow down ho rahi hai yah global level ka problem hai jab international problem hota hai economical condition mein toh uska prabhav vikasshil deshon mein zyada dekhne ko milta hai uska prabhav viksit deshon mein bhi hota hai lekin wahan par uska prabhav janta ke upar direct zyada nahi padh pata hai aisa nahi hai ki bus bharat ki economy slowdown hui hai 2014 ke pehle bharat ki gdp 3 5 aur paint ki rate se badhti ghati thi narendra modi ji jab hamare desh ke pradhanmantri bane toh hamare desh ki gdp 7 5 ki date se badi poore vishwa mein sabse teji se hamare desh ki gdp badi thi uske baad abhi do teen mahine se thodi si international problem chal rahi hai toh uski wajah se hamare desh ki gdp 4 55 ke beech mein badh ghat rahi hai isse ghabrane ki zarurat nahi hai bahut jaldi is samasya se pura vishwa karega aur bharat ki gdp phir se 1 5 ki rate se badhegi aur bharat ki saree samasya dur ho jayegi toh ghabrane ki zarurat nahi hai is samasya kuch dino ki hai jo ki bahut jaldi khatam ho jayegi aur phir se hamari jo economy hai vaah theek ho jayegi dhanyavad

आपका सवाल है कि भारत की कौन आर्मी स्लोडाउन क्यों हो रही है क्या है इसकी वजह देखिए मैं आपको

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pervs

Tutor

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हेलो गुड मॉर्निंग एप्पल भारत के कुल की स्लोडाउन क्यों हो रही है क्या है इसकी वजह से आपको बता दो बात की इसलिए हो रही है क्योंकि यहां पर बहुत ही ज्यादा कम है और जहां पर धर्म की राजनीति की जाती है जहां पर भी राजनीति का स्तर कम होता है वहां पर आपकी उन्नति गिर जाती है अब आपको जो भी क्यों गिर जाती है क्योंकि यहां पर धर्म पर बात की जाती है यदि आप इच्छा की बात करोगे तो आप पढ़ने की बात करोगे पढ़ने की बात करो तो रोजगार की बात करो रोजगार की बात करोगे तो आपको प्रोडक्शन की बात करोगे आईटी सेल की बात करोगे और कोर सेक्टर की बात करोगे और अब टेलीकम्युनिकेशन की बात करोगे बिजनेस की बात करोगे लेकिन यहां पर क्या हो रहा है इन सब मुद्दों को भटकाती हुए यहां पर केवल मंदिर की बात की जा रही है स्टैचू ऑफ यूनिटी की बात की जा रही है हिंदू मुस्लिम की बात की जा रही है राफेल डील पर बात की जा रही है इंडिया पाकिस्तान पर बात की जा रही है तो इसलिए आपकी यह कॉल मी कि स्लो डाउन हो रही है

hello good morning apple bharat ke kul ki slowdown kyon ho rahi hai kya hai iski wajah se aapko bata do baat ki isliye ho rahi hai kyonki yahan par bahut hi zyada kam hai aur jaha par dharm ki raajneeti ki jaati hai jaha par bhi raajneeti ka sthar kam hota hai wahan par aapki unnati gir jaati hai ab aapko jo bhi kyon gir jaati hai kyonki yahan par dharm par baat ki jaati hai yadi aap iccha ki baat karoge toh aap padhne ki baat karoge padhne ki baat karo toh rojgar ki baat karo rojgar ki baat karoge toh aapko production ki baat karoge it cell ki baat karoge aur core sector ki baat karoge aur ab telecommunication ki baat karoge business ki baat karoge lekin yahan par kya ho raha hai in sab muddon ko bhatkati hue yahan par keval mandir ki baat ki ja rahi hai statue of unity ki baat ki ja rahi hai hindu muslim ki baat ki ja rahi hai rafael deal par baat ki ja rahi hai india pakistan par baat ki ja rahi hai toh isliye aapki yah call me ki slow down ho rahi hai

हेलो गुड मॉर्निंग एप्पल भारत के कुल की स्लोडाउन क्यों हो रही है क्या है इसकी वजह से आपको ब

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Vimal Kumar Gour

General Physician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो नमस्कार सभी लोगों को मेरी तरफ से मैं आपको एक ऐसी हुआ कि भारत कौन में स्लोडाउन क्यों हो रही है कि हमारे माननीय मोदी जी ने जो एलीफेंट पैसे को रिफाइंड गया है बदला हुआ क्या उसकी दिखते हो रहे ऐसा नहीं विदेशों से भी पैसा और से लोगों ने ब्लैक मनी को इनसाइटमेंट कर लिया और अभी डाउन हो रही है कि मार्केट में पैसे की आगे दिक्कत ना हो इसलिए भाजपा बीजेपी कर रहे हैं इसका पूरा ए कॉल मी पर चुनाव नहीं होगी ऐसी बजे एक जो पैसे बदला हुआ है उसकी वजह से भी कुछ फर्क पड़ा है इसको नाश्ता संभालने में थोड़ा तो टाइम लगता है कोई विचार कोई भी कुछ होता है तो उसको थोड़ा तो टाइम लगता है तो मैं आपको पसंद हुआ कि जितना हो सके आप सेल्फ कॉन्फिडेंस रखें और अकाउंट वह तो मोदी जी कर रहे हैं यूक्रेन सब सही चल रहा है भोजन हुआ वह सही हो रहा है सब ठीक बा होंस ऑफ लक सतरंगी रे ऐसा नहीं है अकाउंट में भी शुरू डाउन हो जाए इसलिए बाहर से मोदी जी बहार भी घूमने जाते हैं उसमें आपने एक खुफिया देखोगे कि बंदा वहां जाता है तो उसकी बहुत कितनी पहुंचे लोग उसको इनकी करते बाहर विदेशों में घूमता है कि विदेश घूमता है तू कुछ नया करने के लिए नॉलेज की परपस में घूमता है ना जैसी संगत होगी वैसे हमको पड़ेगा तो इसीलिए वह सही से बाहर घूमने के लिए जैसे हमारे एक है जो बाहर इंडिया आया करते थे कौन क्या नाम था उनका श्री प्रणाम ग्राम ध्यान नहीं आ रहा है तो यहां से हो नया खोज कर ले जाया करते थे और उन्होंने विदेश में जाकर अपना यहां से खोज करी वहां पर जाकर उन्होंने जिक्र किया तो यह प्रशन शरीर के हर दिन एक से नहीं रहेंगे सब दिन से ही आएंगे अच्छे दिन आने मोदी ने यह तो कहा था अच्छे दिन आएंगे पर कुछ अच्छे भी हैं वर्जन हां वह तो आदमी की सोच होता है

hello namaskar sabhi logo ko meri taraf se main aapko ek aisi hua ki bharat kaun mein slowdown kyon ho rahi hai ki hamare mananiya modi ji ne jo elephant paise ko Refined gaya hai badla hua kya uski dikhte ho rahe aisa nahi videshon se bhi paisa aur se logo ne black money ko inasaitament kar liya aur abhi down ho rahi hai ki market mein paise ki aage dikkat na ho isliye bhajpa bjp kar rahe hai iska pura a call me par chunav nahi hogi aisi baje ek jo paise badla hua hai uski wajah se bhi kuch fark pada hai isko nashta sambhalne mein thoda toh time lagta hai koi vichar koi bhi kuch hota hai toh usko thoda toh time lagta hai toh main aapko pasand hua ki jitna ho sake aap self confidence rakhen aur account vaah toh modi ji kar rahe hai Ukraine sab sahi chal raha hai bhojan hua vaah sahi ho raha hai sab theek BA hons of luck satrangi ray aisa nahi hai account mein bhi shuru down ho jaaye isliye bahar se modi ji bahar bhi ghoomne jaate hai usme aapne ek khufiya dekhoge ki banda wahan jata hai toh uski bahut kitni pahuche log usko inki karte bahar videshon mein ghoomta hai ki videsh ghoomta hai tu kuch naya karne ke liye knowledge ki parpas mein ghoomta hai na jaisi sangat hogi waise hamko padega toh isliye vaah sahi se bahar ghoomne ke liye jaise hamare ek hai jo bahar india aaya karte the kaun kya naam tha unka shri pranam gram dhyan nahi aa raha hai toh yahan se ho naya khoj kar le jaya karte the aur unhone videsh mein jaakar apna yahan se khoj kari wahan par jaakar unhone jikarr kiya toh yah prashn sharir ke har din ek se nahi rahenge sab din se hi aayenge acche din aane modi ne yah toh kaha tha acche din aayenge par kuch acche bhi hai version haan vaah toh aadmi ki soch hota hai

हेलो नमस्कार सभी लोगों को मेरी तरफ से मैं आपको एक ऐसी हुआ कि भारत कौन में स्लोडाउन क्यों ह

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भारत की कुल में स्लोडाउन क्यों हो रही है इसका वजह क्या है इसकी वजह सिर्फ तुम वीडियो बोल सकते हैं मीडियासेट लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होते लेकिन कुछ है लोग जो अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए लगे रहते हैं और इतना ही चाहते हैं कि ऐसी कोई बात हो तो वह सबसे पहले पाकिस्तान को लेकर आ जाएंगे अब पाकिस्तान के भारत के बराबरी कुछ नहीं ऐसे रुड़की में कितना फर्क होता है इतना फर्क है भारत और पाकिस्तान में लेकिन इन लोगों को भारत में लहसुन शब्दों से रुपए किलो बिक रहा लेकिन इनको यह नहीं खाने की मशीन कितने रुपए किलो बिक रहा है यदि पाकिस्तानी ₹20 किलो हो जाए तो यह पूरे दिन भर उनकी उसको कमेटी बिठा लेंगे यह कर लेंगे वह कर लेंगे पाकिस्तान में ₹20 राशन किलोमीटर है महंगाई की मार पड़ी है सर वैसे ऐसे बता देंगे लेकिन भारत में यह मिल रहा है तो उसके बारे में एक बार भी चर्चा नहीं करेंगे यह तो बस जयकारे लगाते रहते हैं कुछ ज्यादा मतलब है नहीं और कुछ है जो बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं मैं सभी के प्रति नहीं बोल रहा हूं लेकिन कुछ है हमें हमारी तो समस्या है उनको दिखानी चाहिए हमारी शिक्षा के बारे में बहुत कम जानकारी हेलो देते हैं तो इनका पहला काम होता है कि भारत में जो बढ़ती बेरोजगारी की मांग उठाई शिक्षा बेहतर शिक्षा के लिए आवाज होता है लोगों को अच्छे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए रोजगार उठाना कि पाकिस्तान में कितने रुपए टमाटर बिक रहे हैं यह सारी समस्या में जानने की कोई आवश्यकता नहीं है और इकोनॉमी की बात नहीं तो इकोनॉमी सर यह स्लोडाउन क्यों ऋषि की हमारी जो गतिविधियां हैं जो रणनीति है उनमें कमी है इसकी वजह से यह स्लोडाउन हो रही है

bharat ki kul mein slowdown kyon ho rahi hai iska wajah kya hai iski wajah sirf tum video bol sakte hain midiyaset loktantra ka chautha stambh hote lekin kuch hai log jo apni trp badhane ke liye lage rehte hain aur itna hi chahte hain ki aisi koi baat ho toh vaah sabse pehle pakistan ko lekar aa jaenge ab pakistan ke bharat ke barabari kuch nahi aise roorkee mein kitna fark hota hai itna fark hai bharat aur pakistan mein lekin in logo ko bharat mein lehsun shabdon se rupaye kilo bik raha lekin inko yah nahi khane ki machine kitne rupaye kilo bik raha hai yadi pakistani Rs kilo ho jaaye toh yah poore din bhar unki usko committee bitha lenge yah kar lenge vaah kar lenge pakistan mein Rs raashan kilometre hai mahangai ki maar padi hai sir waise aise bata denge lekin bharat mein yah mil raha hai toh uske bare mein ek baar bhi charcha nahi karenge yah toh bus jaykare lagate rehte hain kuch zyada matlab hai nahi aur kuch hai jo bahut accha karya kar rahe hain main sabhi ke prati nahi bol raha hoon lekin kuch hai hamein hamari toh samasya hai unko dikhaani chahiye hamari shiksha ke bare mein bahut kam jaankari hello dete hain toh inka pehla kaam hota hai ki bharat mein jo badhti berojgari ki maang uthayi shiksha behtar shiksha ke liye awaaz hota hai logo ko acche rojgar ke avsar uplabdh karane ke liye rojgar uthana ki pakistan mein kitne rupaye tamatar bik rahe hain yah saree samasya mein jaanne ki koi avashyakta nahi hai aur economy ki baat nahi toh economy sir yah slowdown kyon rishi ki hamari jo gatividhiyan hain jo rananiti hai unmen kami hai iski wajah se yah slowdown ho rahi hai

भारत की कुल में स्लोडाउन क्यों हो रही है इसका वजह क्या है इसकी वजह सिर्फ तुम वीडियो बोल सक

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Pankaj Vasuja

Cinematographer

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हेलो भारत की की मम्मी स्लोडाउन क्यों रो रही भारत के नहीं दोनों में तो जाते मोल्डेबल पर कुछ ऐसा हो रहा है क्या हो रहा है लेकिन कहते हैं ना घर पर ज्यादा खर्चा होने लग जाए तो फिर मोदी जी अमीर आदमी आ गए गरीब परिवार के बेटे कुछ करता है इस हिसाब से कर रहे हैं अभी बच्चे को मूर्ति बनवा दो यार मूर्ति बुलाएंगे देखेंगे सब्जी हो रही है भले देश जाएंगे अब यहां घूम के आना है मम्मी आज स्वीटजरलैंड आ जाऊंगी बाद हम क्या करें हम एक बालक रखे घर पर तुम तो नवाबी है नवाबी शौक के चक्कर में जनता क्या कर रही है नहीं करी पता नहीं आरएसएस वाले और वह सारे मिलकर लगे हुए सबको मुसलमानों को गाली निकाल आपस में लड़ लड़के ध्यान नहीं दे रहे हो क्या हो रहा है जो चार्ट उगा रहे हैं जो पहले नेताओं के वह अपने भाई भतीजे को नौकरियां देते हुए आते हैं वही पैसा कमाते हैं उन्हें पता होता है स्टोक्स में कौन सी चीज बढ़ रही है कट रही है चाटुकार पकड़ो सही बंदे को वोट दो जो अपने एरिया का काम करवाए कोई फायदा नहीं है

hello bharat ki ki mummy slowdown kyon ro rahi bharat ke nahi dono mein toh jaate moldebal par kuch aisa ho raha hai kya ho raha hai lekin kehte hain na ghar par zyada kharcha hone lag jaaye toh phir modi ji amir aadmi aa gaye garib parivar ke bete kuch karta hai is hisab se kar rahe hain abhi bacche ko murti banwa do yaar murti bulaayenge dekhenge sabzi ho rahi hai bhale desh jaenge ab yahan ghum ke aana hai mummy aaj switajaralaind aa jaungi baad hum kya kare hum ek balak rakhe ghar par tum toh nawabi hai nawabi shauk ke chakkar mein janta kya kar rahi hai nahi kari pata nahi rss waale aur vaah saare milkar lage hue sabko musalmanon ko gaali nikaal aapas mein lad ladke dhyan nahi de rahe ho kya ho raha hai jo chart uga rahe hain jo pehle netaon ke vaah apne bhai bhatije ko naukriyan dete hue aate hain wahi paisa kamate hain unhe pata hota hai stokes mein kaun si cheez badh rahi hai cut rahi hai chatukar pakado sahi bande ko vote do jo apne area ka kaam karwaye koi fayda nahi hai

हेलो भारत की की मम्मी स्लोडाउन क्यों रो रही भारत के नहीं दोनों में तो जाते मोल्डेबल पर कुछ

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Ankit Saini

Civil Engineer | Businessman

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भारत की कॉलोनी स्लोडाउन इसलिए हो रही है क्योंकि भारत की जो फॉरेन पॉलिसी है जोकर नमक पड़ोसियों उस लाल तक डाउन करती नजर आई हैं भारत में कोई उनका कोई खास चीज नजर नहीं आया पैसा का लगने का वह ज्यादा और कम पैसा खर्च हो रहा है वह ज्यादा खर्च हो रहा है जो ऑन हो रहा वह कम हो रहा है और जब बिजनेस आज एक्सपोर्ट इंपोर्ट को पूरी तरह के खेल हो रहा हमारा हमारा या प्रोडक्शन का मेक इन इंडिया मेक इन इंडिया कर रिवर मेक इन इंडिया फेल हो चुका तो यह बहुत सारी चीजें और बैंक बैंक अपने आप को फेल घोषित कर रहे हैं एनपीए 1000000 करोड़ से ज्यादा हो गया तो बहुत सारे रीजन है फिलहाल और वैश्विक मंदी का भी दौर चल रहा है उसके बीच में भारत में कुछ ज्यादा ही हो रहा है

bharat ki colony slowdown isliye ho rahi hai kyonki bharat ki jo foreign policy hai joker namak padoshiyon us laal tak down karti nazar I hain bharat me koi unka koi khas cheez nazar nahi aaya paisa ka lagne ka vaah zyada aur kam paisa kharch ho raha hai vaah zyada kharch ho raha hai jo on ho raha vaah kam ho raha hai aur jab business aaj export import ko puri tarah ke khel ho raha hamara hamara ya production ka make in india make in india kar river make in india fail ho chuka toh yah bahut saari cheezen aur bank bank apne aap ko fail ghoshit kar rahe hain npa 1000000 crore se zyada ho gaya toh bahut saare reason hai filhal aur vaishvik mandi ka bhi daur chal raha hai uske beech me bharat me kuch zyada hi ho raha hai

भारत की कॉलोनी स्लोडाउन इसलिए हो रही है क्योंकि भारत की जो फॉरेन पॉलिसी है जोकर नमक पड़ोसि

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देखिए कौन मी स्लो डाउन होने के पीछे कई कारण होते हैं कई फैक्टर्स रिस्पांसिबल होते हैं अब हमारी कॉल मी भेजो है वो कई क्वार्टर से लगातार शुरू होती जा रही है और हम जो है पिछले क्वार्टर में 5 पर थे और अब हमारी जीडीपी उनका भेजो ग्रोथ रेट है वह 4:30 रह गया है और हमारी आरबीआई बड़ी-बड़ी एजेंसियों ने जो हमारी 18 19 की ग्रोथ रेट है 56 16 के बीच में बताइए तो इसके पीछे कई कारण होते हैं कि जो हमारे मार्केट की डिमांड क्या है मार्केट मुझे है इसमें रोजगार क्या है रोजगार की स्थिति क्या है और किस तरह से अच्छे जो है गवर्नमेंट पॉलिसी चल रही हैं कमेंट क्या इंस्टिट्यूट ले रही है यह सारी चीजें रिस्पांस बाल होते हैं आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी क्या है तो यहां पर सबसे बड़ा कारण है मार्केट में डिमांड का कम हो जाना मांग में कमी होने की वजह से यह स्लोडाउन है अब इसके पीछे कुछ वैश्वीकरण भी होती विश्व के कई वह ग्लोबल विजन भी होते हैं अब जैसे अपने यहां की बात करें तो यहां पर जो है मांग में कमी हो गई है अब यह क्यों हो गई है अब मांग में कमी तभी होती है जब कंज्यूमर के पास पैसे ना हो तो कोई ना कोई पैसा ना हो तो यह रोजगार का भी एक कारण है कि लोगों के पास जो है रोजगार में भी कई कटौती हुई है क्योंकि हमें पता है कि इस लोढ़ा उनके इसके पीछे कई सारी कंपनियों में जो रिप्रोडक्शन कम हो गया और वह प्रोडक्शन को कम हो गया मांग की कमी के चलते तो उसमें बहुत सारे रोजगार भी लोगों के चले गए रोजगार चले गए एनी कि लोगों को नौकरी से हटा दिया गया क्योंकि प्रोडक्शन कम हो रहा है कंपनियों का तो कंपनी अपने एंप्लॉय को क्यों रखेगी फ्री में सैलरी क्यों देगी इसलिए तो छटनी होने की वजह से बहुत मांग की छंटनी हुई पहली हर सेक्टर में जितने भी मैन्युफैक्चरिंग ऑफ़ प्रोडक्शन सेंटर सेक्टर है इस वजह से उनके हाथ में पैसा नहीं है तो यही तो मीटिंग क्लास होता है यही जो जो मैंने फैक्चर रिंग लेबर लेबर होता ही है खर्च करता है उनके पास पैसा नहीं है तो वह खरीद देंगे नहीं अतिरिक्त चीजें खरीदी नहीं तो डिमांड कम तो हो ही जाएगी तो वैसे भी रूम पर हाथ में पैसा नहीं है रोजगार नहीं है इस वजह से मांग में कमी सबसे मुख्य कारण है तो दिमाग में कमी ही सबसे बड़ा कारण होती है कुछ भी कोनी स्लोडाउन के बीच में गवर्नमेंट पॉलिसी का क्या है जैसे जो हमारी जीएसटी है हो या डी मोनेटाइजेशन कपास उचित था जो सरकार ने वन नेशन वन टैक्सेस के 11 परपस था एक जो है इक्वेशन परपस था जिससे हमारा एक मकड़जाल टैक्स होगा खत्म हो जाएगा लेकिन इससे जीएसटी लाने से बहुत ज्यादा व्यापारी लोग समझ नहीं पाए शुरुआती स्तर पर फिर बाद में कई ऐसी वजह रही है सही से समझने की वजह से हुई सेंटीमेंट ना होने की वजह से जीएसटी कलेक्शन भी बहुत कम हो रहा है वैसे भी बहुत दिक्कतें हैं और जीएसटी कलेक्शन को जैसे व्यापारियों को और लोगों को बड़ी प्रॉब्लम आ रही मोंटेज एच डी मोनेटाइजेशन जो हुआ था नोटबंदी तो उसमें यह था कि ब्लैक मनी हॉट हटाने के लिए मार्केट से लेकर यहां पर ब्लैक मनी कितनी हड्डी क्या होती उसमें हमारे रिजल्ट भी आ गया सबसे बड़ा इसमें हुआ कि जो पोलों पर जो केस था वह हालांकि आ गया बैंकों में लेकिन इसमें दौरान रिचार्ज 6 महीने की समस्या रही नोटों की तोरण कई जो छोटे व्यापारी थे बड़े व्यापारी ने तो किसी तरह संभाल लिया लेकिन जो स्मॉल इंडस्ट्री के लोग होते हैं लघु उद्योग के लोग होते हैं छोटी कंपनियों वाले लोग या दुकानदार लोग तो उनके पास पैसे की कमी की वजह से उनका धंधा जो है उद्योग लघु व्यापारी जो है डब्बू 2 किलो कुटीर उद्योग के लोगों का व्यापार खत्म हो गया तो व्यापार खत्म हो गया उनकी इंडस्ट्री खत्म हो गई तो यह सारी बजे नहीं रहे हैं आप खाना चाहिए ब्लैक मनी के लिए किया गया था दिमाग टेंशन लेकर कुछ ना कुछ असर तो छोटे व्यापारियों पर पड़ा ही है हालांकि इसका कोई आंकड़ा नहीं केवल हम अंदाजा लगा सकते हैं और इसके पीछे वैसे कार्ड भी जिम्मेदार हैं वैश्वीकरण में जो हमारे चाइना अमेरिका की ट्रेड वॉर चल रही है उस ठेठवार की वजह से भी डीपी वगैरह डाउन होती रहती हर एक देश की क्योंकि ग्लोबलाइजेशन की वजह से हर देश की चीजें जुड़ी हुई है इसमें और चाइना अमेरिका के ट्रेड वॉर की वजह से और दूसरा एक जो है ब्रिटेन वगैरह में जो इंग्लैंड में ब्रेक्जिट चल रहा है एक वह कारण है और इसके अलावा पूरे वर्ल्ड की ही कौन मी में भी कमी आई है तो भारत का भी उस पर असर पड़ना तय है तो यह सारी चीजें भी है और भारत में इसकी अभी यह स्लोडाउन की वजह से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बहुत असर पड़ा है प्रोडक्शन बहुत कम हुआ है तो यह सारे कारण इसीलिए है क्योंकि रोजगार नहीं मिला है उचित जित्तू मिलना चाहिए और बहुत दुखी जॉब भी गई है तो लोगों के पास इतना पैसा नहीं कि वह चीजें खरीद अतिरिक्त चीजें खरीद पाए और मांग में बढ़ोतरी हो इसीलिए कई सारी कंपनियां घाटे में चल रही है और उनके प्रोडक्शन घट गया है और यह सारे मतलब कारण है हालांकि सरकार ने इसमें सुधार के इकोनामी को बूस्ट करने के लिए कई उपाय किए हैं जैसे कि अभी ₹70000 करो सेविंग थाउजेंड करोड़ 70000 को रुपए बैंकों में निवेश किया जिससे एनबीएफसी सैक्टर जो नॉन बैंकिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन है इसमें जो दिक्कत चल रही है इसके लिए भी उन्होंने और लगातार और सब प्रयास तो बहुत किए गए मॉनिटरी पॉलिसी के अंतर्गत गवर्नर ने उन्हें कई बार ब्याज दर में कटौती की जैसे कि लोगों के लिए लोन सस्ता हो जाए एक लोन की बीवी सो रहा है कि लोन ब्याज दर ना सस्ते होने उसे लोगों को नहीं मिल पाए एनबीएफसी की वजह से एनबीएफसी सैक्टर में घाटे मुझसे दूर नहीं दूंगा मिल पा रहा करो ना मिलने की वजह से लोग चीजें नहीं खरीदनी इसलिए ऑटो सेक्टर में भी मंदिर ही तो यह सारी चीजें नहीं हैं और सरकार 70000 को ऊपर डाला इसके अलावा सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स घटाया जिससे कि लोग यहां पर निवेश करें आंखें लेकिन यह तभी हो सकता है जब मांग बढ़ाई जाए पैसा भी तभी हो सकता है नहीं तू जो है अर्थव्यवस्था की हालत इसी तरह की रहेगी तो अभी सरकार प्रयास तो कर रही है बहुत है कि किसी तरह हमारी कौन है लाइन पर आ जाए

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देखिए कौन मी स्लो डाउन होने के पीछे कई कारण होते हैं कई फैक्टर्स रिस्पांसिबल होते हैं अब ह

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दिखे जैसा कि हम जानते हैं कि पिछले कुछ समय से भारत की जो इस्लामी है वह लगातार गिरती जा रही है और उसकी वजह से जो है देश की इस्लामिक स्लोडाउन बता जरा की जीडीपी पर भी जो है बहुत बड़ा स्टेज पर आए तो उसके बहुत सारे जो है विशन सो सकते हैं सबसे पहली बार देखकर कम जीडीपी स्वच्छ भारत की जीडीपी जो है जीडीपी ग्रोथ 4.5% इस पर है और आदेश की जो आए सबसे बड़ी बैंक है आरबीआइ उसने यह भी कह दिया है कि इस वक्त ही नहीं बल्कि इससे आगे भी जो है जीडीपी में और गिरावट आती जाएगी तो यह बहुत बड़ा रीजन बाजार अनामिका दूसरी बड़ी बात जिस प्रकार से लोगों की नौकरियां जा रही हैं वैसे ही इस देश की सरकार ने वादा किया था कि देश की जो नागरिक हैं उन्हें हड़ताल पर कर दो को नौकरी देगी लेकिन सरकार उससे उलट काम कर रही है ना सिर्फ प्राइवेट कंपनीज बल्कि सरकारी कंपनियां भी जो है एक प्रकार से अपने जो एंप्लॉय जॉन की चटनी जा रही है और जो लोगों की नौकरियां है उस वजह से लगातार जा रहे हैं उदाहरण के लिए हम एयर इंडिया की बात करें या फिर रेलवेज की बात करें या कोई भी बड़ी इंडस्ट्रीज गारमेंट इंडस्ट्री से वह अपनी जो एक प्रकाश नौकरियां है वह लगातार चौक में चटनी कर रही है और उस वजह से लोगों की नौकरियां जा रही हैं तीसरा बड़ा रिटर्न सी है कि प्रकाश सरकारी कंपनियां घाटे में चल रही है यह भी एक बहुत बड़ा रीजन है हमारे देश की गुलामी कस्तूरा होने का क्योंकि देश में आज जो गारमेंट कंपनी से आप जानते हैं कि देश के लिए सूचित पर उनका दादा कंट्रोल रहता है लेकिन कॉमेंट प्राइवेटाइजेशन एक प्रकार से करता जा रहा है जिसकी वजह से जो गारमेंट कंपनी से उनको लॉस हो रहा है और डोमिन कंपनी के लॉक में रहने की वजह से एक नामी पर इसका बहुत बड़ा प्रभाव पड़ रहा है दूसरी बड़ी बात है कि जो हमारे एग्रीकल्चर सेक्टर को नुकसान पहुंचा है क्योंकि आप जानते कि फार्मिंग भारत की कमी की बैकबोन मानी जाती है इन्हीं रीड की हड्डी बन जाती है एग्रीकल्चर लेकिन चाहे वह नेट वाली हूं या फिर गवर्मेंट स्पर्म की मदद नहीं कर रही जब फार्मर के ऊपर इफेक्ट पड़ रहा है असर पड़ रहा है इसकी इसका तो यह एक बहुत बड़ा रीजन है बारिश की क्रमिक सोडा उनका क्योंकि पारमल जब उनकी कल इतना चिल्लाती पूरे देश में तब देश की कमी भी तेजी के साथ विरोध करती है इंडियन इकोनामी का इतिहास का है और लेकिन सपा बसपा के नेता लखारा पड़ा है तू माल कितना में भी इस पर ज्यादा इफेक्टिव हुई हो रही है और एक बहुत बड़ा रीजन यह किन प्रकार से महंगाई इस देश में बढ़ रही है और सरकार उसके दाम जो है वह कंट्रोल करने की कोशिश कर रही लेकिन फिर भी वह दाम काबू से बाहर जा रहे हैं उदाहरण के लिए लहसुन और प्याज जैसी चीजों के नाम जो है इस देश में काफी हद तक बढ़ गए और दूध जो की बहुत सारी कंपनी से लोन लेते हैं उन कंपनी से जब तक नींद इन प्रोडक्ट के नाम बड़ा है यानी डेरी प्रोडक्ट के दाम बढ़ाए हैं या फिर देवी मीट की कोई भी चीज है जो है वह उनके दाम से बड़े हैं तो इससे लोगों ने जो कम से कम कर दिया है और जो कंपनी है उनके लिए भी मुसीबत का सबब भी चीज जो है वह बनती जा रही है क्योंकि जब ग्राहक कि आपकी सामान्य खरीदेगा तो फिर आपको जो उचित है वह भी एक प्रकार से कम आप तो उसका बदन करेंगे और यह की कमी पर डालते हैं तो यह कुछ ऐसी चीज है जिसकी वजह से जो है देश की इकोनॉमी लगाता थोड़ा रोटी जा रही हो एनपीए जो बैंकों के ऊपर लगातार बढ़ता जा रहा है यानी नॉनप्रॉफिट इन एसिड यह पांचवां बड़ा कारण है जिससे देश के चुनाव में इस वक्त बहुत चल रही है और इससे निकलने का फिलहाल देश के आरबीआई के पास भी और देश की सरकार के पास भी कोई बड़ा असर या कोई बहुत बड़ा तरीका नहीं नजर आता है

dikhen jaisa ki hum jante hain ki pichle kuch samay se bharat ki jo islami hai vaah lagatar girti ja rahi hai aur uski wajah se jo hai desh ki islamic slowdown bata zara ki gdp par bhi jo hai bahut bada stage par aaye toh uske bahut saare jo hai vishan so sakte hain sabse pehli baar dekhkar kam gdp swachh bharat ki gdp jo hai gdp growth 4 5 is par hai aur aadesh ki jo aaye sabse badi bank hai RBI usne yah bhi keh diya hai ki is waqt hi nahi balki isse aage bhi jo hai gdp mein aur giraavat aati jayegi toh yah bahut bada reason bazaar anamika dusri badi baat jis prakar se logo ki naukriyan ja rahi hain waise hi is desh ki sarkar ne vada kiya tha ki desh ki jo nagarik hain unhe hartal par kar do ko naukri degi lekin sarkar usse ulat kaam kar rahi hai na sirf private companies balki sarkari companiya bhi jo hai ek prakar se apne jo employee john ki chatni ja rahi hai aur jo logo ki naukriyan hai us wajah se lagatar ja rahe hain udaharan ke liye hum air india ki baat kare ya phir railways ki baat kare ya koi bhi badi industries garment industry se vaah apni jo ek prakash naukriyan hai vaah lagatar chauk mein chatni kar rahi hai aur us wajah se logo ki naukriyan ja rahi hain teesra bada return si hai ki prakash sarkari companiya ghate mein chal rahi hai yah bhi ek bahut bada reason hai hamare desh ki gulaami kastura hone ka kyonki desh mein aaj jo garment company se aap jante hain ki desh ke liye suchit par unka dada control rehta hai lekin comment privatisation ek prakar se karta ja raha hai jiski wajah se jo garment company se unko loss ho raha hai aur domin company ke lock mein rehne ki wajah se ek nami par iska bahut bada prabhav pad raha hai dusri badi baat hai ki jo hamare agriculture sector ko nuksan pohcha hai kyonki aap jante ki farming bharat ki kami ki backbone maani jaati hai inhin read ki haddi ban jaati hai agriculture lekin chahen vaah net wali hoon ya phir government sperm ki madad nahi kar rahi jab farmer ke upar effect pad raha hai asar pad raha hai iski iska toh yah ek bahut bada reason hai barish ki kramik soda unka kyonki paramal jab unki kal itna chillati poore desh mein tab desh ki kami bhi teji ke saath virodh karti hai indian economy ka itihas ka hai aur lekin sapa BSP ke neta lakhara pada hai tu maal kitna mein bhi is par zyada effective hui ho rahi hai aur ek bahut bada reason yah kin prakar se mahangai is desh mein badh rahi hai aur sarkar uske daam jo hai vaah control karne ki koshish kar rahi lekin phir bhi vaah daam kabu se bahar ja rahe hain udaharan ke liye lehsun aur pyaaz jaisi chijon ke naam jo hai is desh mein kaafi had tak badh gaye aur doodh jo ki bahut saree company se loan lete hain un company se jab tak neend in product ke naam bada hai yani dairy product ke daam badhae hain ya phir devi meat ki koi bhi cheez hai jo hai vaah unke daam se bade hain toh isse logo ne jo kam se kam kar diya hai aur jo company hai unke liye bhi musibat ka sabab bhi cheez jo hai vaah banti ja rahi hai kyonki jab grahak ki aapki samanya kharidega toh phir aapko jo uchit hai vaah bhi ek prakar se kam aap toh uska badan karenge aur yah ki kami par daalte hain toh yah kuch aisi cheez hai jiski wajah se jo hai desh ki economy lagaata thoda roti ja rahi ho npa jo bankon ke upar lagatar badhta ja raha hai yani nonprofit in acid yah panchavan bada karan hai jisse desh ke chunav mein is waqt bahut chal rahi hai aur isse nikalne ka filhal desh ke RBI ke paas bhi aur desh ki sarkar ke paas bhi koi bada asar ya koi bahut bada tarika nahi nazar aata hai

दिखे जैसा कि हम जानते हैं कि पिछले कुछ समय से भारत की जो इस्लामी है वह लगातार गिरती जा रही

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ठीक है भारत के गांव में स्लोडाउन इसलिए हो रहा है क्योंकि हमारे देश में जनसंख्या बहुत ज्यादा है तो मुझे लगता है कि जनसंख्या रूट करने के लिए अभी मोदी ने जो डांस किया है वह अगला पाठ 10 साल में बहुत अच्छा हो जाएगा और उसके अकॉर्डिंग हमारा देश बहुत उन्नति होंगे और रही बात देखें जो भी हमें एजुकेटेड पर्सन है जो भी हमें अपनी फैमिली प्लानिंग बनाता है तो उसके अकॉर्डिंग बनाना चाहिए कि हमारा पापुलेशन ग्रोथ होने का बहुत ज्यादा चांसेस रहेंगे तो इमली प्लान जो भी करते हैं थोड़ा देख सवाल के करना चाहिए तभी जाके हमारा देश आगे बनेंगे

theek hai bharat ke gaon mein slowdown isliye ho raha hai kyonki hamare desh mein jansankhya bahut zyada hai toh mujhe lagta hai ki jansankhya root karne ke liye abhi modi ne jo dance kiya hai vaah agla path 10 saal mein bahut accha ho jaega aur uske according hamara desh bahut unnati honge aur rahi baat dekhen jo bhi hamein educated person hai jo bhi hamein apni family planning banata hai toh uske according banana chahiye ki hamara population growth hone ka bahut zyada chances rahenge toh imli plan jo bhi karte hain thoda dekh sawaal ke karna chahiye tabhi jake hamara desh aage banenge

ठीक है भारत के गांव में स्लोडाउन इसलिए हो रहा है क्योंकि हमारे देश में जनसंख्या बहुत ज्याद

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