निर्भया कांड: दोषियों के वकील ने कहा - क्या गारंटी, इनको फांसी देने से देश में रुक जाएंगे रेप। आपकी क्या राय है?...


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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate Motivational Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी गारंटी है यदि किसी भी केस में अगर दोषी को सजा तुरंत दी जाए तो उसका लोगों की मानसिकता पर असर पड़ता है अपराधी डरता है दोबारा अपराध करने से और कोई दूसरा आदमी यदि अपराध करने की सोचता भी है तो उस बहस से डर जाता है इसलिए उन दोषियों को जो सजा मिली है उन से देश में रेप में कमी आएगी और रुक जाएंगे तो यह थोड़ा टाइम है कि भैया ऐसा नहीं कहेंगे कि एक ही चीज से रुक जाएगा टाइम टेकिंग होता है लेकिन इंपैक्ट जरूर पड़ेगा और पड़ा है

haan ji guarantee hai yadi kisi bhi case me agar doshi ko saza turant di jaaye toh uska logo ki mansikta par asar padta hai apradhi darta hai dobara apradh karne se aur koi doosra aadmi yadi apradh karne ki sochta bhi hai toh us bahas se dar jata hai isliye un doshiyon ko jo saza mili hai un se desh me rape me kami aayegi aur ruk jaenge toh yah thoda time hai ki bhaiya aisa nahi kahenge ki ek hi cheez se ruk jaega time taking hota hai lekin impact zaroor padega aur pada hai

हां जी गारंटी है यदि किसी भी केस में अगर दोषी को सजा तुरंत दी जाए तो उसका लोगों की मानसिकत

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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मेरा गाने दो कि दोषियों के वकील गाड़ी कितने की आती है

mera gaane do ki doshiyon ke vakil gaadi kitne ki aati hai

मेरा गाने दो कि दोषियों के वकील गाड़ी कितने की आती है

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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वकील तो उनके पक्ष में बोलेगा ही परंतु जरूरी है किन को फांसी दी जाए क्योंकि उन्होंने ऐसा अपराध किया है जिसके लिए क्षमा नहीं है धन्यवाद

vakil toh unke paksh mein bolega hi parantu zaroori hai kin ko fansi di jaaye kyonki unhone aisa apradh kiya hai jiske liye kshama nahi hai dhanyavad

वकील तो उनके पक्ष में बोलेगा ही परंतु जरूरी है किन को फांसी दी जाए क्योंकि उन्होंने ऐसा

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Shiv Yog Physiotherapy And Yoga Classes

Physiotherapist and Yoga therapist

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निर्भया कांड के दोषियों के वकील ने कहा है कि क्या गारंटी की इनको फांसी देने से देश में बलात्कार रुक जाएंगे भाई मैं निर्भया कांड के दोषियों के वकील से पूछना चाहता हूं कि अगर उन दोषियों को फांसी देने से रेप देश में नहीं रुकेगा तो फिर क्या करने से रुकेगा उनसे पूछा जाए फोन की तरकीब आप है कोई तरकीब आपके पास जिससे आप फांसी को रोक देंगे वह सॉरी आपको रोक देंगे इंडिया में होने से आप जीतने के लिए अपने बलात्कारियों को निर्दोष साबित करने के लिए उनको फांसी से बचाने के लिए इस तरह की बात कर रहे हैं मैं मानता हूं कि माफी देने से बलात्कार इस देश में नहीं रुकने वाला लेकिन बलात्कारियों को फांसी देते रहना चाहिए जो जो इस तरह के निर्मम बलात्कार करने के बाद जो निर्मम हत्या करते हैं उन लोगों की भी निर्मिती में चढ़ा कर निर्मम हत्या होनी चाहिए ताकि बलात्कारी बलात्कार करने से पहले एक बार सोचे कि उसके बाद उसका क्या होने वाला है

Nirbhaya kaand ke doshiyon ke vakil ne kaha hai ki kya guarantee ki inko fansi dene se desh mein balatkar ruk jaenge bhai main Nirbhaya kaand ke doshiyon ke vakil se poochna chahta hoon ki agar un doshiyon ko fansi dene se rape desh mein nahi rukega toh phir kya karne se rukega unse poocha jaaye phone ki tarkib aap hai koi tarkib aapke paas jisse aap fansi ko rok denge vaah sorry aapko rok denge india mein hone se aap jitne ke liye apne balatkariyon ko nirdosh saabit karne ke liye unko fansi se bachane ke liye is tarah ki baat kar rahe hain main manata hoon ki maafi dene se balatkar is desh mein nahi rukne vala lekin balatkariyon ko fansi dete rehna chahiye jo jo is tarah ke nirmam balatkar karne ke baad jo nirmam hatya karte hain un logo ki bhi nirmiti mein chadha kar nirmam hatya honi chahiye taki balaatkari balatkar karne se pehle ek baar soche ki uske baad uska kya hone vala hai

निर्भया कांड के दोषियों के वकील ने कहा है कि क्या गारंटी की इनको फांसी देने से देश में बला

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Priyal Agrawal

Educator at Unacademy

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जीजू दोषियों के वकील ने कहा है कि जाकर एंटी है कि इनको फांसी देने से रुक जाएंगे रे यह एक तरीके से देखें तो उसमें सही कहा है क्योंकि जिस प्रकार से लोगों को सजा पहले भी मिल चुकी है लेकिन फिर भी जो हैवान है वह नहीं थकते ठीक है देख नहीं थम रहा है अभी कुछ दिन पहले भी एक हैदराबाद में बहुत बड़ी घटना हुई है ठीक है तू आज ही मार दिया गया लेकिन उसके बाद भी उन्हें मारने के बाद भी रेप नहीं रुक रहे हैं छोटी-छोटी सिटी इसमें अलग-अलग कॉर्नर से रेप छुटिस्टोरी आती ही रहती है ठीक है लेकिन यह सिर्फ एक टेक्स्ट है 2 वर्ड डर बैठाने का उनके मन में जो यह सब चीजें कर रहे हैं ठीक है तो इस चीज से एकदम एकाएक तो बंद नहीं हो पाएगा पर हाय की स्टेप बाय स्टेप ले रही हमारी सरकार की हां उन्हें फांसी देना चाहिए ताकि जो आज जो रेप हुआ है अर्जुन की फैमिली है जो उनके क्लोज द्वंद से ताकि उनको उनका जो गुस्सा है वह थोड़ा शाम तो और वह चैन की सांस एक बार के लिए ले सके ठीक है कि जो भी उनकी बेटियां या जो भी आओगे पहचान के लोग हैं जिनके साथ हुआ है तो ताकि उनके मन को शांति मिल सके ठीक है तो यह सिर्फ एक ऐप है धीरे-धीरे लोगों के डर मन में डर बैठ आने का तो एकाएक तो यह बंद नहीं हो सकता है पर हाय धीरे-धीरे जरूर होगा यही सोच है उसी के साथ सरकार ने यह कदम उठाया है

jiju doshiyon ke vakil ne kaha hai ki jaakar anti hai ki inko fansi dene se ruk jaenge ray yah ek tarike se dekhen toh usme sahi kaha hai kyonki jis prakar se logo ko saza pehle bhi mil chuki hai lekin phir bhi jo haivan hai vaah nahi thakate theek hai dekh nahi tham raha hai abhi kuch din pehle bhi ek hyderabad mein bahut badi ghatna hui hai theek hai tu aaj hi maar diya gaya lekin uske baad bhi unhe maarne ke baad bhi rape nahi ruk rahe hain choti choti city isme alag alag corner se rape chutistori aati hi rehti hai theek hai lekin yah sirf ek text hai 2 word dar baithne ka unke man mein jo yah sab cheezen kar rahe hain theek hai toh is cheez se ekdam ekaek toh band nahi ho payega par hi ki step bye step le rahi hamari sarkar ki haan unhe fansi dena chahiye taki jo aaj jo rape hua hai arjun ki family hai jo unke close dwand se taki unko unka jo gussa hai vaah thoda shaam toh aur vaah chain ki saans ek baar ke liye le sake theek hai ki jo bhi unki betiyan ya jo bhi aaoge pehchaan ke log hain jinke saath hua hai toh taki unke man ko shanti mil sake theek hai toh yah sirf ek app hai dhire dhire logo ke dar man mein dar baith aane ka toh ekaek toh yah band nahi ho sakta hai par hi dhire dhire zaroor hoga yahi soch hai usi ke saath sarkar ne yah kadam uthaya hai

जीजू दोषियों के वकील ने कहा है कि जाकर एंटी है कि इनको फांसी देने से रुक जाएंगे रे यह एक त

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

3:21
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निर्भया कांड में दोषियों के वकील ने कहा कि क्या गारंटी किन को फांसी देने से देश में रुक जाएंगे देख वकील का काम में वकालत करना वकील के लिए कोई कितने ग्रहण आज से गिरना उसका क्लाइंट क्यों ना हो वह अपने क्लाइंट के पक्ष में ही बात रखता है यदि सामाजिक दृष्टिकोण से न्यायिक दृष्टिकोण से या मानवीय दृष्टिकोण से उसके उत्तर बहुत अच्छे नहीं होते क्यों क्योंकि समाज को मानवीय दृष्टिकोण किसी भी गलत बात को कानून के रूप से जुखाम नहीं करता वकील का स्टेटमेंट है इनको राशि देने से क्या रे रुक जाएंगे उसने अपनी बात रखी है कि देने से मैंने 2 साल 6 साल बाद फांसी देने से हांसी का मैच खत्म हो जाता है अगर इंसान को समय रहते और एक निश्चित निर्धारित समय में दी जाए तो उस सजा का भय और सजा का महत्व है और जो सजा सिर्फ सजा के रूप में इंसान के लिए और समाज के लिए और देश के लिए एक समाचार पत्रों की सुर्खियां बन जाए तो वह सजा सजा नहीं रहे लोगों को उसमें कोई क्या समाज को उसमें कोई दिलचस्पी नहीं होती क्योंकि लोगों के मन में निराशा जन्म ले लेती इतने साल गुजर गए इंदिरा जी की हत्या रे अभी तक जिंदा हैं राजीव गांधी के हत्यारे अभी तक जिंदा है निर्भया कांड के हत्यारे अभी तक जिंदा है फिर से कानून से विश्वास होता है लेकिन कानून को अपने दायरे में रहकर निर्णय लेने पड़ते हैं वकील कि इन शब्दों का सामाजिक नजरिए से कोई मायने नहीं कोई महत्व नहीं है क्योंकि सामाजिक और कानूनी यह दोनों एक दूसरे के विपरीत यदि वकील को ऐसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए था क्यों क्योंकि इससे साबित होता है कि सिर्फ आप अपने पैसे से मतलब रखते हैं और समाज और मानवता कि आपका कोई नाता है कार्बनिक का परिचय देता है लेकिन काव्य का परिचय देते समय उसे संस्कृति और सभ्यता का भी ध्यान रखना चाहिए इसलिए स्टेटमेंट से हम क्या कोई भी भारतीय भारतवासी कोई भी भारतीय सहमत नहीं होगा

Nirbhaya kaand mein doshiyon ke vakil ne kaha ki kya guarantee kin ko fansi dene se desh mein ruk jaenge dekh vakil ka kaam mein vakalat karna vakil ke liye koi kitne grahan aaj se girna uska client kyon na ho vaah apne client ke paksh mein hi baat rakhta hai yadi samajik drishtikon se nyayik drishtikon se ya manviya drishtikon se uske uttar bahut acche nahi hote kyon kyonki samaj ko manviya drishtikon kisi bhi galat baat ko kanoon ke roop se jukham nahi karta vakil ka statement hai inko rashi dene se kya ray ruk jaenge usne apni baat rakhi hai ki dene se maine 2 saal 6 saal baad fansi dene se hansi ka match khatam ho jata hai agar insaan ko samay rehte aur ek nishchit nirdharit samay mein di jaaye toh us saza ka bhay aur saza ka mahatva hai aur jo saza sirf saza ke roop mein insaan ke liye aur samaj ke liye aur desh ke liye ek samachar patron ki surkhian ban jaaye toh vaah saza saza nahi rahe logo ko usme koi kya samaj ko usme koi dilchaspi nahi hoti kyonki logo ke man mein nirasha janam le leti itne saal gujar gaye indira ji ki hatya ray abhi tak zinda hai rajeev gandhi ke hatyare abhi tak zinda hai Nirbhaya kaand ke hatyare abhi tak zinda hai phir se kanoon se vishwas hota hai lekin kanoon ko apne daayre mein rahkar nirnay lene padte hai vakil ki in shabdon ka samajik nazariye se koi maayne nahi koi mahatva nahi hai kyonki samajik aur kanooni yah dono ek dusre ke viprit yadi vakil ko aise shabdon ka prayog nahi karna chahiye tha kyon kyonki isse saabit hota hai ki sirf aap apne paise se matlab rakhte hai aur samaj aur manavta ki aapka koi nataa hai carbonic ka parichay deta hai lekin kavya ka parichay dete samay use sanskriti aur sabhyata ka bhi dhyan rakhna chahiye isliye statement se hum kya koi bhi bharatiya bharatvasi koi bhi bharatiya sahmat nahi hoga

निर्भया कांड में दोषियों के वकील ने कहा कि क्या गारंटी किन को फांसी देने से देश में रुक जा

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N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए निर्भया कांड के दोषियों के वकीलों ने कहा कि क्या गारंटी है कि इन्हें फांसी दे दी जाएगी तो रुक रुक जाएगा और ना रुकने से बंद का क्या लेना देना है क्या कोई व्यक्ति किसी की हत्या करता है पिया प्लीज दिया जा सकता है इस को जेल में बंद करने से 10 मिनट का नहीं रुकेंगे कि देश के सारे अपराधियों को जूता क्यों छोड़ दिया जाए मुझे यह समझने में बड़ी कठिनाई हो रही है या वकील लोग हैं या प्राची भाई वकील का काम है अपराधी के तरफ से केस लड़ना आपके स्लरी है परंतु यह दिया जा रहा है यह कोई तार्किक भी नहीं है यह कोई कानूनी अपराध नहीं रुकेगा तो अपराधी को दंड नहीं लेंगे तो क्या एक बार दंड देने के बाद सारे अपराध रुक जाते हैं भारतवर्ष में भारतवर्ष में ही क्या दुनिया किसी भी देश नहीं रुक रहा है ना जब नहीं रुक रहे हैं तो इस केस में इस तरह की दलील क्यों अब रहा सवाल की फांसी कितना उचित और अनुचित है लेकिन उन लोगों ने जो कुछ किया वह सोची-समझी रणनीति के तहत या के हमें उसको जिंदा नहीं छोड़ना है हमें हतोत्साहित करना है तो निश्चित रूप से कठोर दान देना होगा और खांसी से बड़ा कठोर दंड नहीं फिलहाल खांसी के लिए माफी दे दी जाए उन्हें या ऐसा सोचा जाए क्यों नहीं फांसी नहीं मिलनी चाहिए तो मेरे हिसाब से यह बहुत ही गलत हां यदि आप चाहते हैं कि देश में ऐसा ना हो तो कितने पर्सेंट वकीलों ने कहा कि हम ऐसे अपराधियों का केस नहीं लड़ेंगे जब इन अपराधियों के मन में ऐसा हो जाएगा कि मेरे लिए किस नहीं लड़ा जाएगा आज देख रहे हैं कि ऐसे कैसे रेप कैसे दुनिया भर के पढ़े हुए हैं अदालतों में लंबित है और मांगे महंगी किलो की फेल ही प्रक्रियाओं को कानूनन लंबा खींच लिया है तो वकीलों में इस तरह का भाव आया क्या कि हमें रेप का केस नहीं लड़ना है अब वह भी यह भी कहे कि वही हमारा काम वकालत का है हम तो लड़ेंगे के तो आप के केस लड़ने से वेब रुक जाएगा क्या और नहीं लड़ने शुरू किया गया क्या तो आप वकालत छोड़ देंगे इस तरह की जा रही है बिल्कुल गलत है इसका कोई मतलब नहीं कोई अर्थ नहीं दंड अपने हिसाब से है और जघन्य अपराधों के लिए इस तरह के दंड होने ही चाहिए रहा सवाल इस समाज को हम कैसे नैतिकता की तरफ भेजें यह अलग बात है इसके लिए मां-बाप को खास करके माओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है जो अपने बच्चों को बिगड़ते हैं क्योंकि समाज के बारे में बहुत ज्यादा नहीं होता है टीम ज्यादा करती हूं अपने बच्चों से प्रेम नहीं उनके बच्चे बिगड़ जाते हैं तो दूसरी बात पिता से ज्यादा होती है बच्चों को संस्कार देना और ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना ही चाहिए जो ऐसा काम करते हैं और वकील लोग जो हैं उनकी प्रक्रिया और देश में संविधान को स्थापित करने में वकील मददगार हैं लेकिन उन्हें भी चाहिए कि इस तरह की कैसे अपने हाथ ठीक है ऐसे लोगों का केस करके जहां अपराध साबित हो चुका हो साबित हो जाने के बाद में बात करना जो फांसी से बचाने की बात हो रही है ऐसे लोगों के लिए आगे आ कर के सामने आकर के और इन लोगों का मनोबल बढ़ाने जैसे काम नहीं करें धन्यवाद

dekhiye Nirbhaya kaand ke doshiyon ke vakilon ne kaha ki kya guarantee hai ki inhen fansi de di jayegi toh ruk ruk jaega aur na rukne se band ka kya lena dena hai kya koi vyakti kisi ki hatya karta hai piya please diya ja sakta hai is ko jail mein band karne se 10 minute ka nahi rokenge ki desh ke saare apradhiyon ko juta kyon chod diya jaaye mujhe yah samjhne mein badi kathinai ho rahi hai ya vakil log hain ya PRACHI bhai vakil ka kaam hai apradhi ke taraf se case ladna aapke slurry hai parantu yah diya ja raha hai yah koi tarkik bhi nahi hai yah koi kanooni apradh nahi rukega toh apradhi ko dand nahi lenge toh kya ek baar dand dene ke baad saare apradh ruk jaate hain bharatvarsh mein bharatvarsh mein hi kya duniya kisi bhi desh nahi ruk raha hai na jab nahi ruk rahe hain toh is case mein is tarah ki dalil kyon ab raha sawaal ki fansi kitna uchit aur anuchit hai lekin un logo ne jo kuch kiya vaah sochi samjhi rananiti ke tahat ya ke hamein usko zinda nahi chhodna hai hamein hatotsahit karna hai toh nishchit roop se kathor daan dena hoga aur khansi se bada kathor dand nahi filhal khansi ke liye maafi de di jaaye unhe ya aisa socha jaaye kyon nahi fansi nahi milani chahiye toh mere hisab se yah bahut hi galat haan yadi aap chahte hain ki desh mein aisa na ho toh kitne percent vakilon ne kaha ki hum aise apradhiyon ka case nahi ladenge jab in apradhiyon ke man mein aisa ho jaega ki mere liye kis nahi lada jaega aaj dekh rahe hain ki aise kaise rape kaise duniya bhar ke padhe hue hain adalaton mein lambit hai aur mange mehengi kilo ki fail hi prakriyaon ko kanunan lamba khinch liya hai toh vakilon mein is tarah ka bhav aaya kya ki hamein rape ka case nahi ladna hai ab vaah bhi yah bhi kahe ki wahi hamara kaam vakalat ka hai hum toh ladenge ke toh aap ke case ladane se web ruk jaega kya aur nahi ladane shuru kiya gaya kya toh aap vakalat chod denge is tarah ki ja rahi hai bilkul galat hai iska koi matlab nahi koi arth nahi dand apne hisab se hai aur jaghanya apradho ke liye is tarah ke dand hone hi chahiye raha sawaal is samaj ko hum kaise naitikta ki taraf bheje yah alag baat hai iske liye maa baap ko khaas karke maon ki bhumika bahut mahatvapurna hai jo apne baccho ko bigadte hain kyonki samaj ke bare mein bahut zyada nahi hota hai team zyada karti hoon apne baccho se prem nahi unke bacche bigad jaate hain toh dusri baat pita se zyada hoti hai baccho ko sanskar dena aur aise logo ka samajik bahishkar hona hi chahiye jo aisa kaam karte hain aur vakil log jo hain unki prakriya aur desh mein samvidhan ko sthapit karne mein vakil madadgaar hain lekin unhe bhi chahiye ki is tarah ki kaise apne hath theek hai aise logo ka case karke jaha apradh saabit ho chuka ho saabit ho jaane ke baad mein baat karna jo fansi se bachane ki baat ho rahi hai aise logo ke liye aage aa kar ke saamne aakar ke aur in logo ka manobal badhane jaise kaam nahi kare dhanyavad

देखिए निर्भया कांड के दोषियों के वकीलों ने कहा कि क्या गारंटी है कि इन्हें फांसी दे दी जाए

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Vimal Kumar Gour

General Physician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो हां मैं निर्भया कांड दोषियों के वकील ने कहा है गारंटी हम को फांसी देने से देश में रुक जाएंगे थोड़ा थमेगा प्रेम तो चलेगा यह क्राइम कभी नहीं रुकेगा किसी से भी नहीं रुकेगा क्योंकि इसमें मजबूरी है मजबूरी क्या है कि हमारा रहन-सहन होलिया पहला इसमें बदलाव आया इससे जातर इसको रेप की रेट बढ़ रहे हो इसलिए बढ़ रहे हैं कि हमारा पहनाओ से नहीं है इसी और लोग लोगों का रहन सहन से नहीं होगा तभी हमारा रेप रेप की रुकावट आएगी अगर फैशन के तौर पर फैशन लोग करेंगे तो इस पर लोग उंगली उठाएंगे अगर वकील ने फांसी देने का गारंटी लिया तो इसका बयान तो से कुछ परसेंट जैसे 99 में एक परसेंट लोग इससे भयभीत लोग हो जाएंगे कि पढ़ने के लिए लड़की और हम रेप करेगा छेड़े ना कुछ करेंगे तो हमें हमारे साथ कानूनी यह सकती पेश करेगा उसे लिए कुछ लोगों में दर्द अंदर बैठेगा तो थोड़ा बहुत तो फर्क पड़ेगा पर उतना नहीं पड़ेगा कितना भी रोको इस सरकार में थोड़ा बहुत तो आया बदलाव कैसे हमारे बीच चौराहे पर ट्रेन से लोग निकलते मजबूर था थोड़ा बहुत बदलाव आया है पर एक दो लोगों ने पूरा बदलाव पूरा बदलाव तो नहीं आया यह कभी भी नहीं आया कौन सी भी सरकार हो किसी की यह मेरा तो कहना जब खुद बदलो गे तभी देश बदलेगा जब खुद ही नहीं बताओगे तो देश कैसे बदले अगर लड़कियां उनके साथ बलात्कार केस क्यों हो रहा है लड़के की जैन मंदिर की हिम्मत नहीं बढ़ सकती है कि कि वह किसी भी अनजान व्यक्ति को छेड़े और उसके साथ दुर्व्यवहार करें उसके कारण है काफी कारण है क्योंकि हमारा रहना सही नहीं है पहनाओ ऐसा कहना है तो पैसे तेरा बेकार है जब पहनाओ जो हम घर से लोगों को अपने मां मां मां बाप को अपने बच्चे की परवाह नहीं है कि हमारा बच्चा स्कूल गया है स्कूल गया जाते हो फिर वहां से लौटने की भी चिंता नहीं है कि हमारा बच्चा आया या नहीं आया ठीक नहीं है अपने काम में बिजी है सब किसी की खुशी को पता नहीं आपको इससे आपको एक पर्सेंट तो हर एक पड़ेगा ऐसे खेलने जो फांसी देने का ऐलान किया एकदम अच्छा रीजन निकाला है

hello haan main Nirbhaya kaand doshiyon ke vakil ne kaha hai guarantee hum ko fansi dene se desh mein ruk jaenge thoda thamega prem toh chalega yah crime kabhi nahi rukega kisi se bhi nahi rukega kyonki isme majburi hai majburi kya hai ki hamara rahan sahan holiya pehla isme badlav aaya isse jatar isko rape ki rate badh rahe ho isliye badh rahe hai ki hamara pahnao se nahi hai isi aur log logo ka rahan sahan se nahi hoga tabhi hamara rape rape ki rukavat aayegi agar fashion ke taur par fashion log karenge toh is par log ungli uthayenge agar vakil ne fansi dene ka guarantee liya toh iska bayan toh se kuch percent jaise 99 mein ek percent log isse bhayabhit log ho jaenge ki padhne ke liye ladki aur hum rape karega chedein na kuch karenge toh hamein hamare saath kanooni yah sakti pesh karega use liye kuch logo mein dard andar baithega toh thoda bahut toh fark padega par utana nahi padega kitna bhi roko is sarkar mein thoda bahut toh aaya badlav kaise hamare beech chauraahe par train se log nikalte majboor tha thoda bahut badlav aaya hai par ek do logo ne pura badlav pura badlav toh nahi aaya yah kabhi bhi nahi aaya kaun si bhi sarkar ho kisi ki yah mera toh kehna jab khud badlo gay tabhi desh badlega jab khud hi nahi bataoge toh desh kaise badle agar ladkiyan unke saath balatkar case kyon ho raha hai ladke ki jain mandir ki himmat nahi badh sakti hai ki ki vaah kisi bhi anjaan vyakti ko chedein aur uske saath durvyavahar kare uske karan hai kaafi karan hai kyonki hamara rehna sahi nahi hai pahnao aisa kehna hai toh paise tera bekar hai jab pahnao jo hum ghar se logo ko apne maa maa maa baap ko apne bacche ki parvaah nahi hai ki hamara baccha school gaya hai school gaya jaate ho phir wahan se lautne ki bhi chinta nahi hai ki hamara baccha aaya ya nahi aaya theek nahi hai apne kaam mein busy hai sab kisi ki khushi ko pata nahi aapko isse aapko ek percent toh har ek padega aise khelne jo fansi dene ka elaan kiya ekdam accha reason nikaala hai

हेलो हां मैं निर्भया कांड दोषियों के वकील ने कहा है गारंटी हम को फांसी देने से देश में रुक

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:45
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यह निर्भया कांड के वकीलों का जो करते हैं वह बहुत अनुचित है गंदा है दुर्भावनापूर्ण है शायद वकील साहब यह बोल रहे हैं कि उनका यह स्टेटमेंट उनको गैर जिम्मेदार साबित कर रहा है क्योंकि किसी ने कभी तुमने उस निर्भया के बारे में नहीं सोचा वकील महोदय तो अपनी रनिंग के बारे में सोचने अपने जॉब के बारे में सोच रहे हैं उनका क्योंकि उनका धंधा है यह लेकिन वह इस बात को नहीं सोच रहे हैं कि मरवाया यदि उनकी बेटी होती तो क्या उनके ये स्टेटमेंट होते ऋतिक भारती को यह सोचना चाहिए कि निर्भया उनकी बेटी होती तो क्या इनसे क्या उनको यह शोभा देता विश्व तुझसे ही इन दोषियों को फांसी मिलनी चाहिए जो किन्नर भाई अभी हम सबकी किसकी बेटी थी इसलिए जब इनको उस पर रेप करते समय या उसको मारते समय दया नहीं आई तो इनको क्षमा मांगने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और ना माननीय राष्ट्रपति जिनको क्षमा दे रहे हैं ना इनको किसी प्रकार की दिलीप दिया जाना चाहिए क्योंकि के समा के पात्र नहीं है यह हमारी नैतिकता कहती है डेट इक्विटी के लिए ही नैतिकता बेस होता है जो व्यक्ति खुद अनैतिक है जो खुद काम कर चुका हूं उसके लिए नैतिकता की बातें सोच ना कहना और अनुचित है दया उनके साथ की जाती है जो जानेमन करते हैं जो जानबूझकर के ऐसे कुकृत्य करते हैं उनके लिए दया करना मेरे विचार से बहुत अनुचित है

yah Nirbhaya kaand ke vakilon ka jo karte hain vaah bahut anuchit hai ganda hai durbhavanapurn hai shayad vakil saheb yah bol rahe hain ki unka yah statement unko gair zimmedar saabit kar raha hai kyonki kisi ne kabhi tumne us Nirbhaya ke bare mein nahi socha vakil mahoday toh apni running ke bare mein sochne apne job ke bare mein soch rahe hain unka kyonki unka dhandha hai yah lekin vaah is baat ko nahi soch rahe hain ki marwaya yadi unki beti hoti toh kya unke ye statement hote ritik bharati ko yah sochna chahiye ki Nirbhaya unki beti hoti toh kya inse kya unko yah shobha deta vishwa tujhse hi in doshiyon ko fansi milani chahiye jo kinnar bhai abhi hum sabki kiski beti thi isliye jab inko us par rape karte samay ya usko marte samay daya nahi I toh inko kshama mangne ka koi naitik adhikaar nahi hai aur na mananiya rashtrapati jinako kshama de rahe hain na inko kisi prakar ki dilip diya jana chahiye kyonki ke sama ke patra nahi hai yah hamari naitikta kehti hai date equity ke liye hi naitikta base hota hai jo vyakti khud anaitik hai jo khud kaam kar chuka hoon uske liye naitikta ki batein soch na kehna aur anuchit hai daya unke saath ki jaati hai jo jaaneman karte hain jo janbujhkar ke aise kukritya karte hain unke liye daya karna mere vichar se bahut anuchit hai

यह निर्भया कांड के वकीलों का जो करते हैं वह बहुत अनुचित है गंदा है दुर्भावनापूर्ण है शायद

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

0:43
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निर्भया के वकील पाखंडी और बदतमीज ने अपराधी को दंड मिलना चाहिए उसके दंड मिलने से अपराध ना हो से कोई लेना देना नहीं है पर निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा अनिवार्य रूप से होगी चाहे कोई कितना भी जोर लगा ले न्याय कभी नहीं झुकता और इस समय तक नहीं झुकेगा

Nirbhaya ke vakil pakhandi aur badtameez ne apradhi ko dand milna chahiye uske dand milne se apradh na ho se koi lena dena nahi hai par Nirbhaya ke doshiyon ko fansi ki saza anivarya roop se hogi chahen koi kitna bhi jor laga le nyay kabhi nahi jhukta aur is samay tak nahi jhukega

निर्भया के वकील पाखंडी और बदतमीज ने अपराधी को दंड मिलना चाहिए उसके दंड मिलने से अपराध ना ह

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देखो ऐसे वकील को तो चप्पल से मारो और जूते से मारो इस देश का दुर्भाग्य है कि इस वकील ऐसे वकील जो इस प्रकार के भाषण देने के बाद भी जीवित रह जाते हैं इन्हें तो दौड़ा के मारना चाहिए तब तो भारतीय सेना आईपीसी की धारा को हमें मानना ही नहीं चाहिए भारत के किसी क्राइम के लिए किसी को भी साबित करना ही नहीं चाहिए क्या मालूम नहीं किसी का मर्डर कर देता हूं आप मुझे सजा मिलती है तो क्या इसकी इसकी गारंटी है कि मैं सजा मुझे मिल जाना मिल जाने के बाद इस देश में कराई नहीं होंगे ऐसा ऐसा तो इतने मारो ना कि यह सब भूल जाएं कि हम कौन हैं आप कहां के हैं

dekho aise vakil ko toh chappal se maaro aur joote se maaro is desh ka durbhagya hai ki is vakil aise vakil jo is prakar ke bhashan dene ke baad bhi jeevit reh jaate hain inhen toh dauda ke marna chahiye tab toh bharatiya sena ipc ki dhara ko hamein manana hi nahi chahiye bharat ke kisi crime ke liye kisi ko bhi saabit karna hi nahi chahiye kya maloom nahi kisi ka murder kar deta hoon aap mujhe saza milti hai toh kya iski iski guarantee hai ki main saza mujhe mil jana mil jaane ke baad is desh mein karai nahi honge aisa aisa toh itne maaro na ki yah sab bhool jayen ki hum kaun hain aap kahaan ke hain

देखो ऐसे वकील को तो चप्पल से मारो और जूते से मारो इस देश का दुर्भाग्य है कि इस वकील ऐसे वक

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आप भी कोशिश किया निर्भया कांड दोषियों को फुल ने कहा क्या गारंटी उनको फांसी देने से देश में रुक जाएगी आपकी क्या राय है जो निर्भया कांड के दोषियों के वकील ने कहा है वह सही ही कहा है कि क्या गारंटी है कि आने वाले दिनों में जो है मिली फांसी दे दी जाती है तो रेप कांड नहीं होंगी इसकी गारंटी क्या सुप्रीम कोर्ट या हाई कौन थे कि या फिर देश के सर्वोच्च नागरिक है इसकी वकालत वह करेंगे तो फिर इसकी क्या गारंटी है वकील भी अपने दोस्तों के पक्ष में जो बोलना है उन्हें बचाने के लिए मैं रहा लेकिन फ्रेंड्स जो निर्भया कांड दोषी हैं अगर उनको फांसी की सजा ना देकर किया उसे उसके उस अंग को ही नष्ट कर देना चाहिए जिसके अनुसार वाया घिनौना कृत्य करता है तो फिर उसे खुद ही अफसोस होगा और जहां भी जाएगा जिसके हिस्सा मिल जाएगा उसे लज्जित होना पड़ेगा जो उसके लिए फांसी की सजा से भी कड़ी सजा होगी अगर निर्भया कांड की जो जन सुनवाई कर रहे हैं हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज भी जज है अगर उनकी सुनवाई कर रहे हैं अगर वह ऐसा निर्णय लाते हैं तो निश्चय ही वह देश में अच्छा संदेश जाएगा और कोई भी नागरिक यकृत नहीं करेगा क्योंकि वह ऐसा करने से एक बार उस पर जरूर सोचेगा कि इसकी सजा क्या होगी

aap bhi koshish kiya Nirbhaya kaand doshiyon ko full ne kaha kya guarantee unko fansi dene se desh mein ruk jayegi aapki kya rai hai jo Nirbhaya kaand ke doshiyon ke vakil ne kaha hai vaah sahi hi kaha hai ki kya guarantee hai ki aane waale dino mein jo hai mili fansi de di jaati hai toh rape kaand nahi hongi iski guarantee kya supreme court ya high kaun the ki ya phir desh ke sarvoch nagarik hai iski vakalat vaah karenge toh phir iski kya guarantee hai vakil bhi apne doston ke paksh mein jo bolna hai unhe bachane ke liye main raha lekin friends jo Nirbhaya kaand doshi hain agar unko fansi ki saza na dekar kiya use uske us ang ko hi nasht kar dena chahiye jiske anusaar vaya ghinauna kritya karta hai toh phir use khud hi afasos hoga aur jaha bhi jaega jiske hissa mil jaega use lajjit hona padega jo uske liye fansi ki saza se bhi kadi saza hogi agar Nirbhaya kaand ki jo jan sunvai kar rahe hain highcourt ya supreme court ke judge bhi judge hai agar unki sunvai kar rahe hain agar vaah aisa nirnay laate hain toh nishchay hi vaah desh mein accha sandesh jaega aur koi bhi nagarik yakrit nahi karega kyonki vaah aisa karne se ek baar us par zaroor sochega ki iski saza kya hogi

आप भी कोशिश किया निर्भया कांड दोषियों को फुल ने कहा क्या गारंटी उनको फांसी देने से देश में

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Nana Lal

Law Student

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जान दोनों कान के दोषियों के वकील ने कहा कि क्या गारंटी है कि को फांसी देने से रुक जाएंगे आप तो देश में मैं यही कहना चाहूंगा कि जो वकील होते हैं वह अपने क्लाइंट के अधीन होते हैं वह अपने क्लाइंट के फेवर में ही बोलेंगे उन्हें बचाने की कोशिश करेंगे क्योंकि उनका पर कोई भी होता है उनके पास कैसे आया तो क्लाइंट उन पर भरोसा करता है तो वकील गए करते भी हो ताकि उन्हें बचाए लेकिन मेरे साथ नहीं फांसी ही होनी चाहिए क्योंकि फांसी होने से 12 लोगों में डर पैदा होगा कि यार ऐसा अपमान करने से फांसी होती नहीं रहती हो जाता है तो ऐसे डर की वजह से वह आगे से ऐसा घिनौना काम नहीं करेंगे जय हिंद

jaan dono kaan ke doshiyon ke vakil ne kaha ki kya guarantee hai ki ko fansi dene se ruk jaenge aap toh desh mein main yahi kehna chahunga ki jo vakil hote hain vaah apne client ke adheen hote hain vaah apne client ke favour mein hi bolenge unhe bachane ki koshish karenge kyonki unka par koi bhi hota hai unke paas kaise aaya toh client un par bharosa karta hai toh vakil gaye karte bhi ho taki unhe bachaye lekin mere saath nahi fansi hi honi chahiye kyonki fansi hone se 12 logo mein dar paida hoga ki yaar aisa apman karne se fansi hoti nahi rehti ho jata hai toh aise dar ki wajah se vaah aage se aisa ghinauna kaam nahi karenge jai hind

जान दोनों कान के दोषियों के वकील ने कहा कि क्या गारंटी है कि को फांसी देने से रुक जाएंगे आ

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Dharmendra Kumar

chutki Mathematics _ Maths For All Competitive Exam. Sampatchak Patna

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दोषियों के वकील ने क्या क्या गारंटी है कि इन को फांसी देने से देश में रेप रुक जाएंगे यह बयान निर्भया हत्याकांड और रेप कांड के बाद जो दोषी हैं उनके वकील ने दिया है आपकी राय है कि बिल्कुल लोगों को फांसी देने से और ऐसे भी यह लोग जिस समय रेप किए थे उस समय उनकी मानसिक स्थिति जैसी भी रही होगी यह गरीब के बच्चे हैं उनको फांसी दे देंगे कोई बात नहीं लेकिन क्या हो रहा है ऐसे मामले में बहुत सारे लोग जेल में जॉब कैद है उनको सरकार कहां से देगी इससे ज्यादा खिलौना खिलौना अपराध किया है अभी हाल ही में सीमेंट के बारे में जो बात उठ रही थी या कुलदीप सेंगर के बारे में बात हो रही थी उधर राम रहीम है उसके बारे में बात उठ रही थी उधर आसाराम बापू जेल में बंद है क्या इन लोगों को सरकार फांसी पर लटका आएगी उन्होंने भी तो वही जघन्य अपराध किया है तो सरकार या क्या पूरे इंडिया कर सकते हैं गरीब के बच्चे हैं इनको फांसी दे दो यह रोड पर जिंदा जला दो उसी से लोगों को शांति मिल जाएगी उधर गरीब के चार बच्चे हैदराबाद में मरे इधर तिहाड़ जेल मारेंगे क्योंकि कानून बनता है या जो भी कानून लागू होता है केवल गरीबों के लिए होते हैं अमीरों के लिए नहीं होता आज तक कितने सुनावा की पूंजी पतियों को फांसी हो गई उस पुंगी बजा के बेटे को पुलिस वाले ने पकड़ कर थाने में बंद कर दी नहीं होता है कानून व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि हर कोई अब इस पर भरोसा नहीं करता लोग जिए जा रहा है कि वह अपने दम पर और किसी के सहारे की भरोसा नहीं है इस देश में सरकार के सहारे की तो बिल्कुल नहीं

doshiyon ke vakil ne kya kya guarantee hai ki in ko fansi dene se desh mein rape ruk jaenge yah bayan Nirbhaya hatyakand aur rape kaand ke baad jo doshi hai unke vakil ne diya hai aapki rai hai ki bilkul logo ko fansi dene se aur aise bhi yah log jis samay rape kiye the us samay unki mansik sthiti jaisi bhi rahi hogi yah garib ke bacche hai unko fansi de denge koi baat nahi lekin kya ho raha hai aise mamle mein bahut saare log jail mein job kaid hai unko sarkar kahaan se degi isse zyada khilona khilona apradh kiya hai abhi haal hi mein cement ke bare mein jo baat uth rahi thi ya kuldeep sengar ke bare mein baat ho rahi thi udhar ram rahim hai uske bare mein baat uth rahi thi udhar asharam bapu jail mein band hai kya in logo ko sarkar fansi par Latka aayegi unhone bhi toh wahi jaghanya apradh kiya hai toh sarkar ya kya poore india kar sakte hai garib ke bacche hai inko fansi de do yah road par zinda jala do usi se logo ko shanti mil jayegi udhar garib ke char bacche hyderabad mein mare idhar tihad jail marenge kyonki kanoon banta hai ya jo bhi kanoon laagu hota hai keval garibon ke liye hote hai amiron ke liye nahi hota aaj tak kitne sunava ki punji patiyon ko fansi ho gayi us pungi baja ke bete ko police waale ne pakad kar thane mein band kar di nahi hota hai kanoon vyavastha itni kharab ho gayi hai ki har koi ab is par bharosa nahi karta log jiye ja raha hai ki vaah apne dum par aur kisi ke sahare ki bharosa nahi hai is desh mein sarkar ke sahare ki toh bilkul nahi

दोषियों के वकील ने क्या क्या गारंटी है कि इन को फांसी देने से देश में रेप रुक जाएंगे यह बय

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Suman Saurav

Government Teacher & Carrear Counsultent

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं आपकी पोस्ट का जवाब देना चाहूंगी अभी क्या करेंसी है कि रेप देने फांसी दिनेश रेप लुक देंगे कोई गलती नहीं है कम से कम लोगों के मन में यह भय तो होगा जो भी देख करने वाले हैं कि अगर हम यह गलत किती आहे गलत काम करेंगे तो मुझे भी ऐसे ही सजा मिलेगी हम मानते हैं आपकी बात की फांसी देने से रेप की सजा नहीं रुक जाएगी आप जाकर सुनीता और अरब अमीरात अरब देशों में पता कीजिए क्या वहां का वीडियो यूट्यूब पर सर्च कीजिए वहां रेप करने वालों को सरेआम चौराहे पर फांसी दी जाती है और फांसी दी जाती है गोली मार दी जाती है सरे आम लोगों के मन में डर नहीं होगा तब तक वह यह कृत्य करते रहेंगे जितने भी रेप करने वाले हैं उनको फास्ट कोर्ट में फैसला कोर्ट त्वरित कार्रवाई करते हुए न्याय मिलना चाहिए

main aapki post ka jawab dena chahungi abhi kya currency hai ki rape dene fansi dinesh rape look denge koi galti nahi hai kam se kam logo ke man mein yah bhay toh hoga jo bhi dekh karne waale hain ki agar hum yah galat kiti aahe galat kaam karenge toh mujhe bhi aise hi saza milegi hum maante hain aapki baat ki fansi dene se rape ki saza nahi ruk jayegi aap jaakar sunita aur arab amirat arab deshon mein pata kijiye kya wahan ka video youtube par search kijiye wahan rape karne walon ko sareaam chauraahe par fansi di jaati hai aur fansi di jaati hai goli maar di jaati hai sare aam logo ke man mein dar nahi hoga tab tak vaah yah kritya karte rahenge jitne bhi rape karne waale hain unko fast court mein faisla court twarit karyawahi karte hue nyay milna chahiye

मैं आपकी पोस्ट का जवाब देना चाहूंगी अभी क्या करेंसी है कि रेप देने फांसी दिनेश रेप लुक दें

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Anju Yadav

Career Counsellor And Teacher

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दिव्या का दोषियों के वकील ने कहा है क्या ग्रंथियन को फांसी देने से भी सूख जाएगा रुक जाएंगे मैं उन वकीलों को यह कहना चाहती हूं कि आप कानून के रखवाले होकर अगर आप ऐसी सोच रखते हैं तो अब सूची जो समाज में निर्भया कांड के जैसे दोषी और भी हो गई घूम रहे हैं उनको देश काफी वह तो आप जैसे लोगों को पैसा देंगे हम यह सेवर कि हमारी पेपर में बोल सकते हैं और अपने पक्ष में रख सकते हैं उनको एक बात कहना चाहती हूं कि ऐसी बातें करते हैं उनके साथ हो गया जो इस दुनिया से चली गई है बिना अपना इंसाफ लिए अच्छी बात तो नहीं है लेकिन एक समाज को सुधारने का यह कदम सरकार उठाती है काफी हद तक अच्छा रहता है अगर उनको पहुंची देंगे बहुत से लोगों के मन में डर रहेगा कुछ करने से पहले सौ बार सोचेंगे कि शायद यह इसके बाद हम इस दुनिया में नहीं सकते हैं रुकने के चांसेस हैं और आने वाले टाइम में ऐसा भी हो सकता है कि रेंजर से अनहोनी ही बंद हो जाए

divya ka doshiyon ke vakil ne kaha hai kya granthiyan ko fansi dene se bhi sukh jaega ruk jaenge main un vakilon ko yah kehna chahti hoon ki aap kanoon ke rakhwale hokar agar aap aisi soch rakhte hai toh ab suchi jo samaj mein Nirbhaya kaand ke jaise doshi aur bhi ho gayi ghum rahe hai unko desh kaafi vaah toh aap jaise logo ko paisa denge hum yah sevar ki hamari paper mein bol sakte hai aur apne paksh mein rakh sakte hai unko ek baat kehna chahti hoon ki aisi batein karte hai unke saath ho gaya jo is duniya se chali gayi hai bina apna insaaf liye achi baat toh nahi hai lekin ek samaj ko sudhaarne ka yah kadam sarkar uthaati hai kaafi had tak accha rehta hai agar unko pahuchi denge bahut se logo ke man mein dar rahega kuch karne se pehle sau baar sochenge ki shayad yah iske baad hum is duniya mein nahi sakte hai rukne ke chances hai aur aane waale time mein aisa bhi ho sakta hai ki renjar se anahoni hi band ho jaaye

दिव्या का दोषियों के वकील ने कहा है क्या ग्रंथियन को फांसी देने से भी सूख जाएगा रुक जाएंगे

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जरूर रुक जाएगी लेकिन बात यह है कि बिल्कुल नहीं रुकेगी लेकिन प्रभाव तो जरूर पड़ेगा डर पैदा होगा इंसान के अंदर ताकि ऐसी गलती ना करें और यह जो वकील है हिल के बीच में बोलना है तो यह गलत है क्योंकि यह इस चीज का बढ़ावा दे रहे हैं और लोगों के मनोबल को और ऊंचा कर रहे हैं ताकि यह लोग ऐसे ही करते रहें

zaroor ruk jayegi lekin baat yah hai ki bilkul nahi rukegi lekin prabhav toh zaroor padega dar paida hoga insaan ke andar taki aisi galti na kare aur yah jo vakil hai hil ke beech mein bolna hai toh yah galat hai kyonki yah is cheez ka badhawa de rahe hain aur logo ke manobal ko aur uncha kar rahe hain taki yah log aise hi karte rahein

जरूर रुक जाएगी लेकिन बात यह है कि बिल्कुल नहीं रुकेगी लेकिन प्रभाव तो जरूर पड़ेगा डर पैदा

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