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Vikas Gour

Soft Skills, Selling Skills and Transformation Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मीडिया को तो आपने खरीद रखा है इसलिए मीडिया के खिलाफ कुछ बताएगा नहीं ना बोलेगा आरटीआई को धीरे-धीरे आपने खत्म कर दिया है विपक्ष में कोई बचा नहीं है एक आदमी अगर बोल रहा है निडर होकर के बोल रहा है तो कम से कम सुन लो भाई कोई बदतमीजी उठना नहीं है जो कट रहा है वह बता रहा है जनता की आवाज है सुनेंगे तो अच्छा नहीं तो आपकी भी दुर्गति कांग्रेसी ही होगी

media ko toh aapne kharid rakha hai isliye media ke khilaf kuch batayega nahi na bolega rti ko dhire dhire aapne khatam kar diya hai vipaksh mein koi bacha nahi hai ek aadmi agar bol raha hai nidar hokar ke bol raha hai toh kam se kam sun lo bhai koi badatamiji uthna nahi hai jo cut raha hai vaah bata raha hai janta ki awaaz hai sunenge toh accha nahi toh aapki bhi durgati congressi hi hogi

मीडिया को तो आपने खरीद रखा है इसलिए मीडिया के खिलाफ कुछ बताएगा नहीं ना बोलेगा आरटीआई को धी

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राहुल गांधी एक्शन में बचपना है उसमें तमीज भी नहीं है अकल भी नहीं है लेकिन वह मूर्ख है तो सही राय दी है गडकरी जी ने धन्यवाद आपका मंगल हो

rahul gandhi action mein bachapana hai usme tamij bhi nahi hai akal bhi nahi hai lekin vaah murkh hai toh sahi rai di hai gadkari ji ne dhanyavad aapka mangal ho

राहुल गांधी एक्शन में बचपना है उसमें तमीज भी नहीं है अकल भी नहीं है लेकिन वह मूर्ख है तो

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

1:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसे की चर्चा का विषय है रेप को लेकर आऊं गांधी के बयान पर बोले नितिन गडकरी की उन्हें तो बात करने की तमीज नहीं आपकी क्या राय है कि किसी भी पार्टी का पार्टी को किसी भी कह रहा हूं शूटिंग राहुल गांधी ऐसा नहीं दिखानी चाहिए कि महिलाओं के प्रति सम्मान बरतना चाहिए और अपने भाषणों में सिर्फ इसलिए नहीं कि बहुत ज्यादा तालियां बन जाएंगी और बहुत ज्यादा वोट करके सब को एक साथ मिलकर के सामने आना चाहिए बल्कि स्टैंड होना चाहिए विपक्ष का भी और पक्ष का भी दोनों ही पार्टियों का कि नहीं जो हो रहा है गलत हो रहा है हम सब करते हैं जो भी ऐसा पकड़ में आएगा अगेंस्ट ए तो जो वोट बैंक की राजनीति है जो रोटियां सेकने की राजनीति होती है मैंने टॉपिक यह सब बंद होनी चाहिए सबको संयम से काम लेना चाहिए धन्यवाद

jaise ki charcha ka vishay hai rape ko lekar aaun gandhi ke bayan par bole nitin gadkari ki unhe toh baat karne ki tamij nahi aapki kya rai hai ki kisi bhi party ka party ko kisi bhi keh raha hoon shooting rahul gandhi aisa nahi dikhaani chahiye ki mahilaon ke prati sammaan bartana chahiye aur apne bhashano mein sirf isliye nahi ki bahut zyada taliyan ban jayegi aur bahut zyada vote karke sab ko ek saath milkar ke saamne aana chahiye balki stand hona chahiye vipaksh ka bhi aur paksh ka bhi dono hi partiyon ka ki nahi jo ho raha hai galat ho raha hai hum sab karte hain jo bhi aisa pakad mein aayega against a toh jo vote bank ki raajneeti hai jo rotiyan sekne ki raajneeti hoti hai maine topic yah sab band honi chahiye sabko sanyam se kaam lena chahiye dhanyavad

जैसे की चर्चा का विषय है रेप को लेकर आऊं गांधी के बयान पर बोले नितिन गडकरी की उन्हें तो बा

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S. K. Jani

Observer And Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राहुल गांधी हो या नितिन गडकरी जाता है नरेंद्र मोदी क्यों नहीं सभी नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए बयान बाजी करते रहते हैं तथा लोगों को मुद्दों से भटकाने रहते हैं उनको जनता के वास्तविक मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है राहुल गांधी ने जिस प्रकार मेक इन इंडिया को रेप इन इंडिया बताया ऐसे ही वैसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रैली रैली में दिल्ली को रेप कैपिटल ऑफ इंडिया बता चुके हैं तो सभी नेता एक जैसे ही हमें किसी की तरफ किसी के पीछे किसी के साथ नहीं चलना चाहिए सभी को सभी से सवाल करना चाहिए तथा सभी को टारगेट करते रहना चाहिए लोकतंत्र की यही खूबी है कि जनता है वह अपने नेताओं का रिपोर्ट कार्ड समय-समय पर लेती रहे लेकिन वर्तमान में तो नहीं जानता है वह अंधभक्ति में चकनाचूर है अपने अपने नेताओं के चाहे कांग्रेस हो या वाजपेई

rahul gandhi ho ya nitin gadkari jata hai narendra modi kyon nahi sabhi neta apni raajnitik rotiyan sekne ke liye bayan baazi karte rehte hain tatha logo ko muddon se bhatkane rehte hain unko janta ke vastavik muddon se koi lena dena nahi hai rahul gandhi ne jis prakar make in india ko rape in india bataya aise hi waise pehle pradhanmantri narendra modi ki ek rally rally mein delhi ko rape capital of india bata chuke hain toh sabhi neta ek jaise hi hamein kisi ki taraf kisi ke peeche kisi ke saath nahi chalna chahiye sabhi ko sabhi se sawaal karna chahiye tatha sabhi ko target karte rehna chahiye loktantra ki yahi khoobi hai ki janta hai vaah apne netaon ka report card samay samay par leti rahe lekin vartaman mein toh nahi jaanta hai vaah andhbhakti mein chakanachur hai apne apne netaon ke chahen congress ho ya vajpayee

राहुल गांधी हो या नितिन गडकरी जाता है नरेंद्र मोदी क्यों नहीं सभी नेता अपनी राजनीतिक रोटिय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरी राय में किसी भी पार्टी का नेता लीडर अगर किसी सामाजिक समस्या के बारे में कोई बात कहता है तो हमें ऐसी समस्या को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना चाहिए ना कि ऐसी बातों की आलोचना विरोध करना चाहिए इस समय जो है बलात्कार का रेप का मुद्दा चरम पर था समाज में गुस्सा था तो उस गुस्से को मीडिया में दिखना चाहिए और उस पर राष्ट्रीय विमर्श होना चाहिए एक चर्चा होनी चाहिए जिससे कि उससे कदम उठाए जा सकें समाधान उसका कुछ निकाला जा सके न्यायिक प्रक्रिया तेज हो सके कानूनी प्रक्रिया तेज हो सके हमें ऐसी बात कोई भी पार्टी का नेता बोले मेरी ओपिनियन के अकॉर्डिंग यही होना चाहिए अब इसमें राहुल गांधी ऐसे नेता हैं वह चाहे जैसे नेता हूं आप परिपक्व हो पप्पू हो बुद्धू हो आप जो भी बोलते हैं बोले हो सकते हैं अब वो किसी भी तरह के लेकिन अगर कोई व्यक्ति कोई अच्छी बात बोल रहा है चाहे वह किसी भी पार्टी का हो तो हमें उसे एक्सेप्ट करना चाहिए उस पर विमर्श करना चाहिए ना कि कूद पड़ना चाहिए विरोध के लिए एक अच्छी बात अगर कोई रेप इन इंडिया बोला तो उसमें उसमें यह है कि सच में बलात्कार हो नहीं रहे रेप हो रहे हैं रेप बहुत हो रहे हैं और तो उसका समाधान क्या है यहां पर समाधान की बात होनी चाहिए ना कि केवल इतनी भाई इसमें यह कहा उसने वह कहां इससे क्या निकल रहा है इसे कुछ नहीं निकल रहा है जो है कान के बाहर छुपा के ऐलो कांग्रेस पर आरोप लगा रहे कांग्रेसियों भाजपा पर लगा रहे हैं पार्टियों को फायदा हो रहा है समाज को कोई फायदा नहीं हो रहा वह कांग्रेस भाजपा पर आरोप लगा रही है भाजपा कांग्रेसी में भाजपा और कांग्रेस का कुछ को पॉलीटिकल बेनिफिट मिल रहा है समाज को क्या मिल रहा है समाज को कुछ नहीं मिल रहा है तो इसलिए जो भी नेता कोई भी पार्टी का कोई भी नेता कोई भी अच्छी बात कहता है तो उसको विरोध नहीं करना चाहिए उसे वह मीडिया का राष्ट्रीय नीमच का हिस्सा बनना चाहिए आज रेप की समस्या बहुत बड़ी समस्या बन गई है तो इस पर बात होनी चाहिए कि न्यायिक प्रक्रिया कैसे तेज हो कानूनी पर किया कैसे जो कानून बने हैं उस पर कैसे इंप्लीमेंटेशन हो उस पर कैसे क्या काम यह मीडिया में छाने जब मीडिया में विमर्श होगा तो कानून एकता इंप्लीमेंटेशन होगा कार्यान्वयन होगा और न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी यह सब तभी संभव है जब हम कुछ पर बात करेंगे यह सच है सरकार द्वारा तभी कदम उठाए जाएंगे समाज की मानसिकता तभी बदलेगी जब इस पर हम विमर्श करेंगे समस्या को ज्यादा से ज्यादा चर्चा करेंगे समस्या की सारी बिंदु को तलाश एंगे और उन सारे बिंदु पर काम करेंगे इस पर हमें यह नहीं देखना चाहिए यह यह बहुत ही यह बिल्कुल भी इस तरह मामले ठीक नहीं है अब राहुल गांधी क्या करते रहे हैं पहले उससे नहीं मतलब होना चाहिए राहुल गांधी के बयान जैसे पीएम चोर है ऐसा बोला उन्होंने तो अब वह कुछ भी हो लेकिन जब कोई अच्छी-अच्छी बात बोले किसी परपस से बोले जिसे कोई परपस निकलता हो समाज का फायदा होता है उसके लिए विरोध नहीं करना चाहिए अगर कोई गलत कह रहा है तो बात अलग है राहुल गांधी का मैंने समर्थन करता लेकिन राहुल गांधी की जो जो रेप के लिए स्त्रियों के लिए बात कही गई है उसका मैं समर्थन करता हूं

meri rai mein kisi bhi party ka neta leader agar kisi samajik samasya ke bare mein koi baat kahata hai toh hamein aisi samasya ko rashtriya vimarsh ka hissa banana chahiye na ki aisi baaton ki aalochana virodh karna chahiye is samay jo hai balatkar ka rape ka mudda charam par tha samaj mein gussa tha toh us gusse ko media mein dikhana chahiye aur us par rashtriya vimarsh hona chahiye ek charcha honi chahiye jisse ki usse kadam uthye ja sake samadhan uska kuch nikaala ja sake nyayik prakriya tez ho sake kanooni prakriya tez ho sake hamein aisi baat koi bhi party ka neta bole meri opinion ke according yahi hona chahiye ab isme rahul gandhi aise neta hai vaah chahen jaise neta hoon aap paripakva ho pappu ho buddhu ho aap jo bhi bolte hai bole ho sakte hai ab vo kisi bhi tarah ke lekin agar koi vyakti koi achi baat bol raha hai chahen vaah kisi bhi party ka ho toh hamein use except karna chahiye us par vimarsh karna chahiye na ki kud padhna chahiye virodh ke liye ek achi baat agar koi rape in india bola toh usme usmein yah hai ki sach mein balatkar ho nahi rahe rape ho rahe hai rape bahut ho rahe hai aur toh uska samadhan kya hai yahan par samadhan ki baat honi chahiye na ki keval itni bhai isme yah kaha usne vaah kahaan isse kya nikal raha hai ise kuch nahi nikal raha hai jo hai kaan ke bahar chupa ke ailo congress par aarop laga rahe congressiyo bhajpa par laga rahe hai partiyon ko fayda ho raha hai samaj ko koi fayda nahi ho raha vaah congress bhajpa par aarop laga rahi hai bhajpa congressi mein bhajpa aur congress ka kuch ko political benefit mil raha hai samaj ko kya mil raha hai samaj ko kuch nahi mil raha hai toh isliye jo bhi neta koi bhi party ka koi bhi neta koi bhi achi baat kahata hai toh usko virodh nahi karna chahiye use vaah media ka rashtriya neemuch ka hissa banna chahiye aaj rape ki samasya bahut baadi samasya ban gayi hai toh is par baat honi chahiye ki nyayik prakriya kaise tez ho kanooni par kiya kaise jo kanoon bane hai us par kaise implementation ho us par kaise kya kaam yah media mein chane jab media mein vimarsh hoga toh kanoon ekta implementation hoga karyanvayan hoga aur nyayik prakriya mein bhi teji aayegi yah sab tabhi sambhav hai jab hum kuch par baat karenge yah sach hai sarkar dwara tabhi kadam uthye jaenge samaj ki mansikta tabhi badalegi jab is par hum vimarsh karenge samasya ko zyada se zyada charcha karenge samasya ki saree bindu ko talash enge aur un saare bindu par kaam karenge is par hamein yah nahi dekhna chahiye yah yah bahut hi yah bilkul bhi is tarah mamle theek nahi hai ab rahul gandhi kya karte rahe hai pehle usse nahi matlab hona chahiye rahul gandhi ke bayan jaise pm chor hai aisa bola unhone toh ab vaah kuch bhi ho lekin jab koi achi achi baat bole kisi parpas se bole jise koi parpas nikalta ho samaj ka fayda hota hai uske liye virodh nahi karna chahiye agar koi galat keh raha hai toh baat alag hai rahul gandhi ka maine samarthan karta lekin rahul gandhi ki jo jo rape ke liye sthreeyon ke liye baat kahi gayi hai uska main samarthan karta hoon

मेरी राय में किसी भी पार्टी का नेता लीडर अगर किसी सामाजिक समस्या के बारे में कोई बात कहता

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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रेप को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बोले जिन्हें को बात करने की तमीज में आपकी क्या राय के निर्गुण गडकरी जी ने जो बात बोली है वह निर्भया हत्याकांड में उसमें मनमोहन सिंह की सरकार चाहिए और सोनिया गांधी जी निर्भया को भिजवाया था उन्होंने मेडिकल चेक मिनट में कोई जानकारी नहीं की थी एक तरह से गलत कार्य सावधान बातें होती हैं चाहे वह कांग्रेस के समय में बीजेपी के समय में महिलाओं की घटनाएं होती है तू रोकने की बात करने के लिए राहुल गांधी जगह कुछ कहते हैं तो उनकी इज्जत बढ़ जाती लेकिन उन्होंने महिलाओं को भी रेप को भी मुद्दा बना लिया जब तक यह रहेगा और गांधीजी ने अपनी सोच नहीं बदलेंगे तब तक उनके लिए कठिन समय लगता है नितिन गडकरी ने जो मिला नितिन गडकरी नरेंद्र मोदी राहुल गांधी सूचना चाहिए महिलाओं के प्रति लड़कियों के बच्चे बिल्कुल कंट्री सट्टा मधुर सट्टा मटका चार्ट को शपथ लेते हैं तो फिर बाद में सरसों देखने हैं इसीलिए

rape ko lekar rahul gandhi ke bayan par bole jinhen ko baat karne ki tamij mein aapki kya rai ke nirgun gadkari ji ne jo baat boli hai vaah Nirbhaya hatyakand mein usme manmohan Singh ki sarkar chahiye aur sonia gandhi ji Nirbhaya ko bhijvaya tha unhone medical check minute mein koi jaankari nahi ki thi ek tarah se galat karya savdhaan batein hoti hai chahen vaah congress ke samay mein bjp ke samay mein mahilaon ki ghatnaye hoti hai tu rokne ki baat karne ke liye rahul gandhi jagah kuch kehte hai toh unki izzat badh jaati lekin unhone mahilaon ko bhi rape ko bhi mudda bana liya jab tak yah rahega aur gandhiji ne apni soch nahi badalenge tab tak unke liye kathin samay lagta hai nitin gadkari ne jo mila nitin gadkari narendra modi rahul gandhi soochna chahiye mahilaon ke prati ladkiyon ke bacche bilkul country satta madhur satta matka chart ko shapath lete hai toh phir baad mein sarso dekhne hai isliye

रेप को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बोले जिन्हें को बात करने की तमीज में आपकी क्या राय के न

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यस इस बात पर कोई दो राय नहीं है मैं मानता हूं कि राहुल गांधी जी के जो बोलने की कष्ट से हैं वह पहल किस तक के हैं माननीय राहुल गांधी जी बोलते बोलते अपना वाणी से संयम खो देते हैं और क्या कहना चाहिए और क्या निकल जाता है और उनकी किशमिश में अर्थ हो सकते हैं यह माननीय राहुल गांधी जी को ध्यान नहीं रहता है या तो इमोशन हो जाते हैं टॉपिक के बहाव में दबे जाती है या फिर आप यह कहे कि उनका जो बोलने की लैंग्वेज है इस स्तर की हो गई है कि उन्हें यह ध्यान नहीं रहता है मैंने किस स्तर पर किसको क्या कह रहा हूं क्योंकि हमको यह नहीं सोच होना चाहिए कोई आपका विरोधी है तो इसका मतलब यह नहीं क्या उसके व्यक्तिगत जीवन में धारण करें आप उसके व्यक्तिगत जीवन पर लांछन लगाए या बोलते बोलते इतने स्तारविंग हो जाए कि आपको उनका सम्मान भी जानना रहे ऐसा नहीं क्योंकि विरोधी कभी एक सम्मान होता है यदि आपको विरोध करना सीखना है तो माननीय इंदिरा गांधी जी और श्री अटल बिहारी वाजपेई जी को जीवन को देखें माननीय इंदिरा गांधी जी और अटल बिहारी वाजपेई दोनों अलग-अलग पार्टी से चली दोनों एक दूसरे के बहुत बड़े विरोधी थी किंतु उन्होंने व्यक्तिगत जीवन में एक दूसरे ने एक दूसरे पर कभी उल्टे सीधे बयान नहीं दिए कभी एक दूसरे के सम्मान को नहीं कराया एक दूसरे के लिए अपशब्दों का प्रयोग कभी नहीं किया यह उनकी राजनीति से सीखना चाहिए तो माननीय राहुल गांधी जी स्टेटमेंट जो होते हैं बता देते हैं कि उनका बोलते समय उनकी वाणी से उनका संयम नियंत्रण दम हट जाता है वह जाता है

Yes is baat par koi do rai nahi hai manata hoon ki rahul gandhi ji ke jo bolne ki kasht se hain vaah pahal kis tak ke hain mananiya rahul gandhi ji bolte bolte apna vani se sanyam kho dete hain aur kya kehna chahiye aur kya nikal jata hai aur unki kishmish mein arth ho sakte hain yah mananiya rahul gandhi ji ko dhyan nahi rehta hai ya toh emotion ho jaate hain topic ke bahav mein dabe jaati hai ya phir aap yah kahe ki unka jo bolne ki language hai is sthar ki ho gayi hai ki unhe yah dhyan nahi rehta hai maine kis sthar par kisko kya keh raha hoon kyonki hamko yah nahi soch hona chahiye koi aapka virodhi hai toh iska matlab yah nahi kya uske vyaktigat jeevan mein dharan kare aap uske vyaktigat jeevan par lanchan lagaye ya bolte bolte itne staraving ho jaaye ki aapko unka sammaan bhi janana rahe aisa nahi kyonki virodhi kabhi ek sammaan hota hai yadi aapko virodh karna sikhna hai toh mananiya indira gandhi ji aur shri atal bihari vajpayee ji ko jeevan ko dekhen mananiya indira gandhi ji aur atal bihari vajpayee dono alag alag party se chali dono ek dusre ke bahut bade virodhi thi kintu unhone vyaktigat jeevan mein ek dusre ne ek dusre par kabhi ulte sidhe bayan nahi diye kabhi ek dusre ke sammaan ko nahi karaya ek dusre ke liye apshabdo ka prayog kabhi nahi kiya yah unki raajneeti se sikhna chahiye toh mananiya rahul gandhi ji statement jo hote hain bata dete hain ki unka bolte samay unki vani se unka sanyam niyantran dum hut jata hai vaah jata hai

यस इस बात पर कोई दो राय नहीं है मैं मानता हूं कि राहुल गांधी जी के जो बोलने की कष्ट से हैं

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Raghuveer Singh

👤Teacher & Advisor🙏

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है रेप को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बोले नितिन गडकरी उन्हें तो बात करने की तमीज नहीं आपकी क्या राय है तो देखिए खास तौर से हैं चुनावी मुद्दों में है रेप जैसे मुद्दों को नहीं उठाना चाहिए खासतौर से उठाते हैं तो भी एक कसम भी तरीके से मिठाई इस प्रकार से नहीं कि मेक इन इंडिया की है कि बचाए रेप इन इंडिया तो यह एक बहुत ही अब भी तरीके तरीका था खासतौर से हर एक को है बताने के लिए इसकी वजह ऐसा करना चाहिए था कि यह गंभीर मुद्दा है हम सब को सोचना चाहिए भाजपा इसके ऊपर विचार कम कर रही है या इस प्रकार से एक सही से बताना था जो गलत है वाकई में उनकी जो बात करने का अंदाज है वह सही नहीं माना जा सकता है

aapka prashna hai rape ko lekar rahul gandhi ke bayan par bole nitin gadkari unhe toh baat karne ki tamij nahi aapki kya rai hai toh dekhiye khaas taur se hain chunavi muddon mein hai rape jaise muddon ko nahi uthana chahiye khaasataur se uthate hain toh bhi ek kasam bhi tarike se mithai is prakar se nahi ki make in india ki hai ki bachaye rape in india toh yah ek bahut hi ab bhi tarike tarika tha khaasataur se har ek ko hai batane ke liye iski wajah aisa karna chahiye tha ki yah gambhir mudda hai hum sab ko sochna chahiye bhajpa iske upar vichar kam kar rahi hai ya is prakar se ek sahi se bataana tha jo galat hai vaakai mein unki jo baat karne ka andaaz hai vaah sahi nahi mana ja sakta hai

आपका प्रश्न है रेप को लेकर राहुल गांधी के बयान पर बोले नितिन गडकरी उन्हें तो बात करने की त

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