महाभारत में द्रौपदी का चरित्र चित्रण करें?...


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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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द्रोणाचार्य के विद्यालय के गुरुकुल के मित्र थे राजा द्रुपद उन्होंने द्रुपद ने द्रोणाचार्य से मित्रता ने वादा किया था कि यार मैं जब राजा बनूंगा अपना आधा राजपाट तुम्हें दे दूंगा राजकुमार तो दुख बाद में राजा इधर द्रोणाचार्य जी आ करके अपना विवाह शादी की एक बच्चा पैदा हुआ जिसका नाम अश्वत्थामा था उसे दूध पीने के लिए गाय नहीं थी द्रोणाचार्य के पास उन्होंने सोचा मेरा मित्र द्रुपद जो राजा बन गया है बोला तो था था राजपाट देने के लिए लेकिन कम से कम एक गाय मांगता हूं तो गए तो खबर भिजवा दो पद से क्यों उनको कहिए कि आपका मित्र आया है एक दरिद्र व्यक्ति एक सम्राट का मित्र यह बात द्रुपद को अच्छी नहीं लगी और उसने पहचानने से इंकार कर दिया अपमानित करके भगा दिया दोनों चारे को दिल पर चोट लगी पुरानी दोस्ती थी आघात गहरा हुआ द्रोणाचार्य चुपचाप लौट आया और हस्तिनापुर में आकर के नौकरी ज्वाइन कर ली उन्होंने हस्तिनापुर के राजकुमारों को सर्वे तनी शस्त्र विद्या सिखाने का बार उन्होंने अपने ऊपर लिया उनके जितने भी चीज से थे उनमें से अर्जुन उनकी नजर में उनको ऐसा लगा कि यही मेरे मिशन को सक्सेस कर सकता है पूरा कर सकता है तो उन्होंने अर्जुन पर ज्यादा फोकस किया और पढ़ाई पूरी होने के बाद सभी लोगों ने कहा कि गुरुदेव गुरु दक्षिणा में क्या उन्होंने किसी से कुछ नहीं मांगा बस अर्जुन से कहा कि तुम जाओ और द्रुपद को गिरफ्तार करके बंदी बना करके मेरे सामने लाओ अर्जुन ही काम करते हैं जो पद को बंदी बनाकर के द्रोणाचार्य के सामने पेश कर देते हैं द्रोणाचार्य बोले आप पहचानोगे धोखा ध्रुपद काफी शर्मिंदा हुआ मांगा तो होना चाहिए लेकिन काफी दृष्टा में था दोस्ती का सदुपयोग क्षमा मांग कर लौट गया लेकिन वहां जाकर के उस ने यज्ञ आरंभ किया कि द्रोणाचार्य की हत्या करने वाला संतान मुझे चाहिए उत्तर चाहिए यज्ञ कुंड से अग्नि ज्वाला के साथ कन्या पैदा हुई बिल्कुल झुलाया द्रुपद अपने पुरोहित की यह क्या हुआ बेटा के लिए यज्ञ कर रहे थे तो बैठी हो गए उन्होंने कहा घबराओ मत मैं फिर मंत्र पढ़ता हूं फिर से यज्ञ कुंड से एक बच्चा पैदा कठुआ तो जो बच्ची यज्ञ अग्नि से प्रकट हुई उसका नाम था द्रोपदी उज्जवला थी और उसी यज्ञ से प्रकट हुआ धृष्टद्युम्न द्रौपदी का भाई तो इस तरह महाभारत युद्ध का कारण द्रोपदी बनी और द्रोणाचार्य महाभारत युद्ध में जब शस्त्र रख दिए थे तब भी स्वस्थ रखने के बावजूद तुमको यह साहस नहीं हुआ कि उनके सामने पार करें पीछे से चुपके से द्रोणाचार्य के रथ पर चढ़ता है धर्म और तलवार से उनकी गर्दन को उतार लेता है बहुत-बहुत धन्यवाद

dronacharya ke vidyalaya ke gurukul ke mitra the raja drupad unhone drupad ne dronacharya se mitrata ne vada kiya tha ki yaar main jab raja banunga apna aadha rajpat tumhe de dunga rajkumar toh dukh baad mein raja idhar dronacharya ji aa karke apna vivah shadi ki ek baccha paida hua jiska naam ashvatthaama tha use doodh peene ke liye gaay nahi thi dronacharya ke paas unhone socha mera mitra drupad jo raja ban gaya hai bola toh tha tha rajpat dene ke liye lekin kam se kam ek gaay mangta hoon toh gaye toh khabar bhijwa do pad se kyon unko kahiye ki aapka mitra aaya hai ek daridra vyakti ek samrat ka mitra yah baat drupad ko achi nahi lagi aur usne pahachanne se inkar kar diya apmanit karke bhaga diya dono chaare ko dil par chot lagi purani dosti thi aaghat gehra hua dronacharya chupchap lot aaya aur hastinapur mein aakar ke naukri join kar li unhone hastinapur ke rajkumaron ko survey tani shastra vidya sikhane ka baar unhone apne upar liya unke jitne bhi cheez se the unmen se arjun unki nazar mein unko aisa laga ki yahi mere mission ko success kar sakta hai pura kar sakta hai toh unhone arjun par zyada focus kiya aur padhai puri hone ke baad sabhi logo ne kaha ki gurudev guru dakshina mein kya unhone kisi se kuch nahi manga bus arjun se kaha ki tum jao aur drupad ko giraftar karke bandi bana karke mere saamne laao arjun hi kaam karte hain jo pad ko bandi banakar ke dronacharya ke saamne pesh kar dete hain dronacharya bole aap pahachanoge dhokha dhrupad kaafi sharminda hua manga toh hona chahiye lekin kaafi drishta mein tha dosti ka sadupyog kshama maang kar lot gaya lekin wahan jaakar ke us ne yagya aarambh kiya ki dronacharya ki hatya karne vala santan mujhe chahiye uttar chahiye yagya kund se agni jwala ke saath kanya paida hui bilkul jhulaya drupad apne purohit ki yah kya hua beta ke liye yagya kar rahe the toh baithi ho gaye unhone kaha ghabarao mat main phir mantra padhata hoon phir se yagya kund se ek baccha paida kathuaa toh jo bachi yagya agni se prakat hui uska naam tha draupadi ujjavala thi aur usi yagya se prakat hua dhrishtadyumn draupadi ka bhai toh is tarah mahabharat yudh ka karan draupadi bani aur dronacharya mahabharat yudh mein jab shastra rakh diye the tab bhi swasthya rakhne ke bawajud tumko yah saahas nahi hua ki unke saamne par kare peeche se chupake se dronacharya ke rath par chadhta hai dharm aur talwar se unki gardan ko utar leta hai bahut bahut dhanyavad

द्रोणाचार्य के विद्यालय के गुरुकुल के मित्र थे राजा द्रुपद उन्होंने द्रुपद ने द्रोणाचार्य

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द्रौपदी पांचाली खाई जाती है और जब और उनसे विवाह कर कर लाए और अपनी माता को कहा कि देखिए हम आपके लिए क्या वस्तु उस समय माता स्नान कर रही थी उन्होंने कहा कि पांचों भाई आपस में बांट लो माता की आज्ञा मानकर द्रोपदी पांचो पांडव की पत्नी बनी और वह पांचाली की पांचाली के लाए और द्रौपदी चीरहरण के कारण महाभारत का युद्ध हुआ

draupadi panchali khai jaati hai aur jab aur unse vivah kar kar laye aur apni mata ko kaha ki dekhiye hum aapke liye kya vastu us samay mata snan kar rahi thi unhone kaha ki panchon bhai aapas mein baant lo mata ki aagya maankar draupadi paancho pandav ki patni bani aur vaah panchali ki panchali ke laye aur draupadi cheerharan ke karan mahabharat ka yudh hua

द्रौपदी पांचाली खाई जाती है और जब और उनसे विवाह कर कर लाए और अपनी माता को कहा कि देखिए हम

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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महाभारत का जैसा कि आपको पता हो कि महाभारत में बहुत बड़ा युद्ध कौरव और पांडव के बीच और जो द्रोपदी थी वह पांडवों की आपत्ति थी अर्जुन एक स्वयंवर में द्रोपति को जीत के लेकर आए थे जब घर पर आए उनकी माता कुंती ने यही कहा कि अब 8 दिन बाद हो चक्कर आ गया लेकिन उसने मां का आदेश का पालन किया और जो जो पति है वह इस तरीके से पांच पतियों की पत्नी बन गई तो इसलिए उन्हें जो पति का गया था कि रवि क्या हुआ कि द्रोपति का थोड़ा सा अब बोलने का जो चली कराना चलता तो उन्हें एक बार दुर्योधन पर थोड़ा सा कंज कथा था जिसकी वजह से तो बड़े खुश हो गया था और समय आने पर उसने पति का अपमान करने के लिए उसका चयन करने की कोशिश की जो कि आमा भारत की मुख्य मर जाती है धन्यवाद

mahabharat ka jaisa ki aapko pata ho ki mahabharat mein bahut bada yudh kaurav aur pandav ke beech aur jo draupadi thi vaah pandavon ki apatti thi arjun ek sawamber mein dropati ko jeet ke lekar aaye the jab ghar par aaye unki mata kuntee ne yahi kaha ki ab 8 din baad ho chakkar aa gaya lekin usne maa ka aadesh ka palan kiya aur jo jo pati hai vaah is tarike se paanch patiyon ki patni ban gayi toh isliye unhe jo pati ka gaya tha ki ravi kya hua ki dropati ka thoda sa ab bolne ka jo chali krana chalta toh unhe ek baar duryodhan par thoda sa kanj katha tha jiski wajah se toh bade khush ho gaya tha aur samay aane par usne pati ka apman karne ke liye uska chayan karne ki koshish ki jo ki ama bharat ki mukhya mar jaati hai dhanyavad

महाभारत का जैसा कि आपको पता हो कि महाभारत में बहुत बड़ा युद्ध कौरव और पांडव के बीच और जो द

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किसी भी महिला का चित्र जो है वही ना हो सका तो बहुत बेहतर माना जाता है नारी तत्व पूज्यंते तत्र देवता रमंते इसलिए अभी जो नारी है वह पूजा पूछनी है और हमें उनकी जो है सम्मान रहमान का ध्यान रखें सभी के लिए बराबर है सम्मान औरत का भाव में रमन ना होना चाहिए एजेंसी धनबाद

kisi bhi mahila ka chitra jo hai wahi na ho saka toh bahut behtar mana jata hai nari tatva pujyante tatra devta ramante isliye abhi jo nari hai vaah puja puchani hai aur hamein unki jo hai sammaan rahman ka dhyan rakhen sabhi ke liye barabar hai sammaan aurat ka bhav me raman na hona chahiye agency dhanbad

किसी भी महिला का चित्र जो है वही ना हो सका तो बहुत बेहतर माना जाता है नारी तत्व पूज्यंते त

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द्रौपदी को महाभारत में बहुत ही दुख देखा गया जो कि जहां एक घमंडी रानी है राजकुमारी है वहीं 1 वर्ष या अधिक सकता है क्योंकि जिसके पांच पतियों से क्या कहना द्रौपदी मतलब एक नारी थी जिसे अपने पतियों की सेवा अपनी माता का सेवा करता था लेकिन उसे अच्छे शब्द बोलने नहीं आते थे और शुद्ध पानी नहीं थी उसकी किसी को भी कुछ भी अंड संड कुछ भी बोल देती थी दुर्योधन को पीसी अंदाज में उसने बोल दिया अंधे का बेटा अंधा और इसी बात पर बहुत बड़ा युद्ध भी हुआ कर सकते हैं यहीं से मुख्य कारण देखा जाए तो शायद इंटरेस्ट नहीं होता चौसर दुल्हन के दुखी करने के पीछे जोक दिखा भी हाथ कह सकते हैं और यही अच्छा सब भक्त भी की बहुत बड़ी हो

draupadi ko mahabharat me bahut hi dukh dekha gaya jo ki jaha ek ghamandi rani hai rajkumari hai wahi 1 varsh ya adhik sakta hai kyonki jiske paanch patiyon se kya kehna draupadi matlab ek nari thi jise apne patiyon ki seva apni mata ka seva karta tha lekin use acche shabd bolne nahi aate the aur shudh paani nahi thi uski kisi ko bhi kuch bhi and sand kuch bhi bol deti thi duryodhan ko pc andaaz me usne bol diya andhe ka beta andha aur isi baat par bahut bada yudh bhi hua kar sakte hain yahin se mukhya karan dekha jaaye toh shayad interest nahi hota chausar dulhan ke dukhi karne ke peeche joke dikha bhi hath keh sakte hain aur yahi accha sab bhakt bhi ki bahut badi ho

द्रौपदी को महाभारत में बहुत ही दुख देखा गया जो कि जहां एक घमंडी रानी है राजकुमारी है वहीं

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Mahrshi

prd Junior Engineer And Life Specialist

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महाभारत में द्रोपदी एक सुंदर स्त्री थी लेकिन उसने एक गलती की थी उसने उसने बेस्ट राजा धृतराष्ट्र के बेटे दुर्योधन को अंधे अंधे का बेटा अंधे का बेटा कहकर पुकारा था जिसके कारण यह सब युद्ध हुआ और दुर्योधन ने उसके साथ बदतमीजी की

mahabharat mein draupadi ek sundar stree thi lekin usne ek galti ki thi usne usne best raja Dhritarashtra ke bete duryodhan ko andhe andhe ka beta andhe ka beta kehkar pukaara tha jiske karan yah sab yudh hua aur duryodhan ne uske saath badatamiji ki

महाभारत में द्रोपदी एक सुंदर स्त्री थी लेकिन उसने एक गलती की थी उसने उसने बेस्ट राजा धृतरा

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