हैदराबाद पुलिस की ‘दिलेरी’ से पैदा हुई उन्मादित खुशी का शोर हर जगह है। लेकिन क्या आपको लगता है न्याय के लिए ये हड़बड़ी और जोश खतरनाक हो सकती है?...


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Sunil Kumar

Online Business ,Newtork Marketing & You Tuber

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहली बात है कि हैदराबाद की जो घटना हुई जो एनकाउंटर वहां की पुलिस को दर्ज किया गया उसके लिए मेरा सैल्यूट लेकिन मैं एक सामाजिक होने के नाते मैं किस देश का नागरिक होने के नाते मैं आपके सामने सिर्फ दो सवाल आपके सामने करता हूं सिर्फ सिर्फ दो सवाल आप एक बार इसके बारे में सवाल की गहराई से सोच कर देखेगा तो आपको पता चलेगा कि इस घटना में कितने सारे सवाल पैदा कर दिए कितने सारे कन्फ्यूजन पैदा कर दिया कितना सारा एक ऐसा संदेश दिया हालांकि उन लोगों के लिए संदेश है जो इस टाइप करना करना चाहते हैं उसके लिए तो बहुत जबरदस्त संदेश है लेकिन मैं जो सवाल आपके सामने करने जा रहा हूं उसके बारे में आप थोड़ा सा रिलैक्स होकर गहराई सोचिए क्या पहला सवाल यही है कि सपोर्ट कीजिए कि जिस दिन घटना हुई जिस रात में घटना हुई उस रात में अगर आप वहां से गुजर रहे होंगे कल्पना कीजिए कि आप मैं आपके सामने एक सिम की रेट कर रहा हूं कि उस दिन उस टाइम में अगर आप उस रास्ते से गुजर रहे होंगे अगर आपका भाई किया फिर आप की मोटर गाड़ी जो भी है किसी कारणवश उसी प्लेस पर खराब हो गई होगी जिस प्लेस पर घटना हो रही थी या फिर हुई होगी और आपने इत्तेफाक से या फिर किसी जानकारी के लिए उन लोगों से पूछा होगा जो इस घटना को किए हैं या फिर उसके आसपास थे तो इन शॉर्ट में कहना यह चाह रहा हूं कि आपका तो वहां पर चेहरा आ गया आपका फिगर आ गया आप भी संदेह के दायरे में आ गए कि आपने मारू का क्यों उससे क्या पूछा मैं समझ तू सही बात है सबसे पहली है कि वह आपको पुलिस वहां तो सबसे पहले आप उठाइए आपको खोजे कि क्या आपने क्या पूछा क्यों रुका क्या कारण था वह बाद की चीज है कि सिर्फ मतलब आरोपित में आपका नाम आता गंज थाना शामिल किया जा सकता है और दूसरी घटना की सपोर्ट कीजिए इस एनकाउंटर में पुलिस ने उन चारों आरोपियों को मार दिया मुठभेड़ में मार दिया भागने की कोशिश कर रहे थे मार दिया इन एक्टिव हो भी सकता है वह भागने घोषित किए होंगे हो सकता है कोई डाउट नहीं लग रहा है लेकिन कल्पना कीजिए कि अगर चारों में कोई एक अगर निर्दोष था तो तो उसके साथ क्या हुआ तो यह घटना के बारे में सोचेगा दूसरी बात है कि अभी यह जो घटना हुई है इससे तो अभी एक भीड़तंत्र को कह सकते हैं कि भीड़ तंत्र के कारण हुआ लो कितना परेशान था सरकार के ऊपर पुलिस के ऊपर कि हमको जल्दी से जल्दी चाहिए जजमेंट चाहिए ठीक है जजमेंट करने का तरीका ठीक है लेकिन हमारे देश में लोकतंत्र भी है एक कानून भी है अपने तरीके से चलता है अपने एक कोर्ट जजमेंट होता है इसको सुधारना चाहिए कि हमें 1 दिन 1 महीने हफ्ता दिन 15 दिन के अंदर जो इस पिक में जो होती उसका जजमेंट हो जाना चाहिए कोर्ट के द्वारा भी होनी चाहिए लेकिन अगर पुलिस एनकाउंटर करने लगे इससे होगा क्या पुलिस का भी मनोबल बढ़ जाएगा और आप इतिहास उठाकर देख लीजिए जो एनकाउंटर हुए सभी एनकाउंटर सही नहीं हुए हैं बहुत सारे एनकाउंटर जो उस पर सवाल उठे हैं और सवाल का निर्यात कर अभी तक नहीं किया गया है तो अगर इस एनकाउंटर को आप ढेर तंत्र को सही मानते हैं तब आप एक बार आसानी से सोच लीजिएगा आराम से सोच लीजिएगा कि आप क्या कर रहे हैं हम भारत जैसे लोकतंत्र में कहते हैं और अगर भीड़तंत्र में या विश्वास करते हैं तो फिर लोकतंत्र को भूल जाइए और एक बात हमेशा याद रखें कि फिर से उठने वाली आवाज हमेशा सही नहीं होती वह उन्माद होती है आवाज नहीं होती है इसी को ध्यान रखेगा फिलहाल हैदराबाद पुलिस में देता मेरा पर्सनल मुझे व्यक्तिगत रुप से लगता है कि वही लोग आरोपी थी जो थे वही दोषी थे हालांकि कोर्ट ने भी खर्चा नहीं दिया लेकिन मुझे जहां तक लगता है वही जोशी और एनकाउंटर करके अच्छा किया लेकिन अगर वह दोषी नहीं थे एक भी लोग इसमें निर्दोष है या कम कम दोषी थे तो उसके साथ तो नाइंसाफी हुई ना धन्यवाद

sabse pehli baat hai ki hyderabad ki jo ghatna hui jo encounter wahan ki police ko darj kiya gaya uske liye mera salute lekin main ek samajik hone ke naate main kis desh ka nagarik hone ke naate main aapke saamne sirf do sawaal aapke saamne karta hoon sirf sirf do sawaal aap ek baar iske bare mein sawaal ki gehrai se soch kar dekhega toh aapko pata chalega ki is ghatna mein kitne saare sawaal paida kar diye kitne saare confusion paida kar diya kitna saara ek aisa sandesh diya halaki un logo ke liye sandesh hai jo is type karna karna chahte hain uske liye toh bahut jabardast sandesh hai lekin main jo sawaal aapke saamne karne ja raha hoon uske bare mein aap thoda sa relax hokar gehrai sochiye kya pehla sawaal yahi hai ki support kijiye ki jis din ghatna hui jis raat mein ghatna hui us raat mein agar aap wahan se gujar rahe honge kalpana kijiye ki aap main aapke saamne ek sim ki rate kar raha hoon ki us din us time mein agar aap us raste se gujar rahe honge agar aapka bhai kiya phir aap ki motor gaadi jo bhi hai kisi karanvash usi place par kharab ho gayi hogi jis place par ghatna ho rahi thi ya phir hui hogi aur aapne iktefaak se ya phir kisi jaankari ke liye un logo se poocha hoga jo is ghatna ko kiye hain ya phir uske aaspass the toh in short mein kehna yah chah raha hoon ki aapka toh wahan par chehra aa gaya aapka figure aa gaya aap bhi sandeh ke daayre mein aa gaye ki aapne maaru ka kyon usse kya poocha main samajh tu sahi baat hai sabse pehli hai ki vaah aapko police wahan toh sabse pehle aap uthaiye aapko khoje ki kya aapne kya poocha kyon ruka kya karan tha vaah baad ki cheez hai ki sirf matlab aropit mein aapka naam aata ganj thana shaamil kiya ja sakta hai aur dusri ghatna ki support kijiye is encounter mein police ne un charo aaropiyon ko maar diya muthbhed mein maar diya bhagne ki koshish kar rahe the maar diya in active ho bhi sakta hai vaah bhagne ghoshit kiye honge ho sakta hai koi doubt nahi lag raha hai lekin kalpana kijiye ki agar charo mein koi ek agar nirdosh tha toh toh uske saath kya hua toh yah ghatna ke bare mein sochega dusri baat hai ki abhi yah jo ghatna hui hai isse toh abhi ek bhidatantra ko keh sakte hain ki bheed tantra ke karan hua lo kitna pareshan tha sarkar ke upar police ke upar ki hamko jaldi se jaldi chahiye judgement chahiye theek hai judgement karne ka tarika theek hai lekin hamare desh mein loktantra bhi hai ek kanoon bhi hai apne tarike se chalta hai apne ek court judgement hota hai isko sudharna chahiye ki hamein 1 din 1 mahine hafta din 15 din ke andar jo is pic mein jo hoti uska judgement ho jana chahiye court ke dwara bhi honi chahiye lekin agar police encounter karne lage isse hoga kya police ka bhi manobal badh jaega aur aap itihas uthaakar dekh lijiye jo encounter hue sabhi encounter sahi nahi hue hain bahut saare encounter jo us par sawaal uthe hain aur sawaal ka niryat kar abhi tak nahi kiya gaya hai toh agar is encounter ko aap dher tantra ko sahi maante hain tab aap ek baar aasani se soch lijiega aaram se soch lijiega ki aap kya kar rahe hain hum bharat jaise loktantra mein kehte hain aur agar bhidatantra mein ya vishwas karte hain toh phir loktantra ko bhool jaiye aur ek baat hamesha yaad rakhen ki phir se uthane wali awaaz hamesha sahi nahi hoti vaah unmaad hoti hai awaaz nahi hoti hai isi ko dhyan rakhega filhal hyderabad police mein deta mera personal mujhe vyaktigat roop se lagta hai ki wahi log aaropi thi jo the wahi doshi the halaki court ne bhi kharcha nahi diya lekin mujhe jaha tak lagta hai wahi joshi aur encounter karke accha kiya lekin agar vaah doshi nahi the ek bhi log isme nirdosh hai ya kam kam doshi the toh uske saath toh nainsafi hui na dhanyavad

सबसे पहली बात है कि हैदराबाद की जो घटना हुई जो एनकाउंटर वहां की पुलिस को दर्ज किया गया उसक

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N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि हैदराबाद पुलिस की दिलेरी से पैदा हुई और मालिक खुशी का शोर हर जगह है लेकिन इसके साथ ही कुछ प्रश्नचिन्ह खड़े होने लाजमी निश्चित रूप से जो कानून प्रक्रिया और न्याय में विलंब है उसी का यह परिणाम है जनता को अपने कानून पर विश्वास नहीं रहा जाए जनता को पुलिस को भी विश्वास नहीं रहा गया और जिस तरह से थाने के सामने जनता की अब खाने के सांसद प्रतिनिधि आवाज़ उठाएं पे किया ऐसे लोगों को जनता के हाथों सौंप दिया जाना चाहिए इस पर बहुत बड़ा दबाव था सोशल मीडिया के जरिए पुलिस दबाव का सामना कर रहे थे तो ऐसी स्थिति में हैदराबाद पुलिस ने यह कदम उठाया और चार अपराधियों का एनकाउंटर किया और जिन परिस्थितियों में किया जैसा कि हैदराबाद पुलिस बता दे यह सीन वेकेशन के लिए वहां गए हुए थे और अपराधी भागने की कोशिश कर दे एसएमएन एनकाउंटर करना पड़ा तो कहीं न कहीं पुलिस को अपनी साख बचानी पर पुलिस ने प्लास्टिक ले लिया रहा सवाल के क्या हर मामले में ऐसा ही किया गया तो निश्चित रूप से मैं कहूंगा कि नहीं किया जाए क्योंकि पुलिस का जो दवाई आ रहा है अब तक अविश्वसनीय नहीं रहा कई ऐसे मामले हो सकते हैं जिसमें पुलिस दो-तीन निर्दोष लोगों को उठाएं उनका एनकाउंटर करें फाइलों को बंद करना शुरू कर दें तो निश्चित रूप से जो पुलिस और अपराधियों के साथ-साथ कई बार हमें देखने को मिलती है और मजबूत हो जाएगी और जनता को ही उसका सामना करना पड़ेगा इसीलिए खास करके इसी वजह से पूरे देश में बुद्धिजीवी इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि यह नजीर ना बन जाए और अपराधियों को न्यायालय से पहुंचने से पहले खात्मा करने की यह प्रक्रिया साधारण जनता को सामान में जनता को भारी न पड़ जाए क्योंकि कई बार निर्दोष जनता भी इन पुलिस वालों के हाथों कुछ ले जाए इसलिए यह चिंतित जो समुदाय है बुद्धिजीवी वर्ग है इसीलिए चिंतित है और उसका चिंतित होना स्वाभाविक है कि यदि ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर खतरनाक हो सकता है भारतीय कानून के लिए भारतीय संविधान के लिए भारतीय न्याय प्रक्रिया के लिए भारतीय पुलिस पुलिस और न्यायपालिका दोनों अपने बयान में होने वाला विलंबी एक तरह से अन्याय ही तो इस तरह के खतरनाक कदम आगे ना उठे इस को रोका जाए इसके लिए जरूरी है पुलिस और न्यायपालिका दोनों का सही ढंग से और निश्चित समय पर काम करना धन्यवाद

isme koi do rai nahi hai ki hyderabad police ki dileri se paida hui aur malik khushi ka shor har jagah hai lekin iske saath hi kuch prashnachinh khade hone lajmi nishchit roop se jo kanoon prakriya aur nyay mein vilamb hai usi ka yah parinam hai janta ko apne kanoon par vishwas nahi raha jaaye janta ko police ko bhi vishwas nahi raha gaya aur jis tarah se thane ke saamne janta ki ab khane ke saansad pratinidhi awaz uthaye pe kiya aise logo ko janta ke hathon saunp diya jana chahiye is par bahut bada dabaav tha social media ke jariye police dabaav ka samana kar rahe the toh aisi sthiti mein hyderabad police ne yah kadam uthaya aur char apradhiyon ka encounter kiya aur jin paristhitiyon mein kiya jaisa ki hyderabad police bata de yah seen vacation ke liye wahan gaye hue the aur apradhi bhagne ki koshish kar de SMN encounter karna pada toh kahin na kahin police ko apni saakh bachani par police ne plastic le liya raha sawaal ke kya har mamle mein aisa hi kiya gaya toh nishchit roop se main kahunga ki nahi kiya jaaye kyonki police ka jo dawai aa raha hai ab tak avishwasaniya nahi raha kai aise mamle ho sakte hain jisme police do teen nirdosh logo ko uthaye unka encounter kare filon ko band karna shuru kar de toh nishchit roop se jo police aur apradhiyon ke saath saath kai baar hamein dekhne ko milti hai aur majboot ho jayegi aur janta ko hi uska samana karna padega isliye khaas karke isi wajah se poore desh mein buddhijeevi is baat ko lekar bhi chintit hain ki yah nazeer na ban jaaye aur apradhiyon ko nyayalaya se pahuchne se pehle khatma karne ki yah prakriya sadhaaran janta ko saamaan mein janta ko bhari na pad jaaye kyonki kai baar nirdosh janta bhi in police walon ke hathon kuch le jaaye isliye yah chintit jo samuday hai buddhijeevi varg hai isliye chintit hai aur uska chintit hona swabhavik hai ki yadi aisa hua toh nishchit taur par khataranaak ho sakta hai bharatiya kanoon ke liye bharatiya samvidhan ke liye bharatiya nyay prakriya ke liye bharatiya police police aur nyaypalika dono apne bayan mein hone vala vilambi ek tarah se anyay hi toh is tarah ke khataranaak kadam aage na uthe is ko roka jaaye iske liye zaroori hai police aur nyaypalika dono ka sahi dhang se aur nishchit samay par kaam karna dhanyavad

इसमें कोई दो राय नहीं है कि हैदराबाद पुलिस की दिलेरी से पैदा हुई और मालिक खुशी का शोर हर ज

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Pawan kumar Singh

Yoga Trainer

0:25
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मुझे भी असीमित खुशी है दुष्टों का नरसंहार हुआ मेरा नंबर मोबाइल नंबर 93599 17023 है कृपया कर आप मुझसे संपर्क करें अगर आपको खुशी नहीं है तो नाम उसका

mujhe bhi asimeet khushi hai dushton ka narasanhar hua mera number mobile number 93599 17023 hai kripya kar aap mujhse sampark kare agar aapko khushi nahi hai toh naam uska

मुझे भी असीमित खुशी है दुष्टों का नरसंहार हुआ मेरा नंबर मोबाइल नंबर 93599 17023 है कृपया क

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:40
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हैदराबाद पुलिस की गोली से पैदा हुई खुशी का शोर हलचल क्या आपको लगता है कि इस तरह से उन चारों बलात्कारियों का एनकाउंटर किया पूरे देश में खुशी की लहर तो है यह तो मानना पड़ेगा कि उन लोगों ने जो यह उसे पूरे देश की जनता ने सराहा है और तारीफ लेकिन भविष्य में ऐसा अगर होने लगेगा तो फिर बाद में हमें कोर्ट की जरूरत नहीं रहेगी और इस तरह से विश्वास तरह का कानून एक तरह से पैदा हो जाएगा परिस्थिति अगर दूसरी बार अगर कहीं ऐसी दुर्घटना होती है उसे बाग में हर बार पुलिस के ऊपर स्पेशल बन जाएगा इसका एनकाउंटर हर बार अगर होगी तो हमारी उससे बहुत ही विदेशों में भी और सर्जरी होने की संभावना है लाला कि हम जैसों की कोई चिंता नहीं करनी चाहिए लेकिन हमें अपने कानून की चिंता करनी चाहिए कि कानून इस तरह से परमिशन नहीं भेजता बलात्कारी को गोली मारो बलात्कारी जो उन्होंने छीनकर भागने की कोशिश की थी इसलिए आगे गंभीरता से सोचना

hyderabad police ki goli se paida hui khushi ka shor hulchul kya aapko lagta hai ki is tarah se un charo balatkariyon ka encounter kiya poore desh mein khushi ki lahar toh hai yah toh manana padega ki un logo ne jo yah use poore desh ki janta ne saraha hai aur tareef lekin bhavishya mein aisa agar hone lagega toh phir baad mein hamein court ki zarurat nahi rahegi aur is tarah se vishwas tarah ka kanoon ek tarah se paida ho jaega paristithi agar dusri baar agar kahin aisi durghatna hoti hai use bagh mein har baar police ke upar special ban jaega iska encounter har baar agar hogi toh hamari usse bahut hi videshon mein bhi aur surgery hone ki sambhavna hai lala ki hum jaison ki koi chinta nahi karni chahiye lekin hamein apne kanoon ki chinta karni chahiye ki kanoon is tarah se permission nahi bhejta balaatkari ko goli maaro balaatkari jo unhone chinakar bhagne ki koshish ki thi isliye aage gambhirta se sochna

हैदराबाद पुलिस की गोली से पैदा हुई खुशी का शोर हलचल क्या आपको लगता है कि इस तरह से उन चारो

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Ajay Pratap Singh

Agriculturist

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ऐसी बात नहीं है पुलिस ने को अरेस्ट किया था लेकिन क्रिएट करने के लिए इनसे पूछताछ करने को ले गए थे पुलिस ने गोली चलाई की मशीन कहां से दाहिने हाथ में लग जाइए देखा तेरी मां ने जो कृत्य किया था वह क्या था 7 घंटे तक दे दारू पिलाने का प्रयास पिला दिया गया जला दिया गया आपकी बेटी होती तो आपकी बहन होती तो मां होती तो परिवार से होता है एक डॉक्टर पढ़ी लिखी सभ्य महिला पंचर बताते हैं पंचर बनवा देंगे धोखा दिया राज्य तुम जैसा व्यवस्था निश्चित तौर पर करम अपनों से ही देता क्योंकि यह मामला मेरा प्लेलिस्ट है और हिम्मत देखिए की अध्यक्षता में भी चली झाड़ू मारेगा धर्म अधिकारी जांच कर रहा है पुलिस गलत होगी तुम किधर का तकलीफ हो सकती है जेल भी जा सकते हैं कोई वक्त अपनी नौकरी देगा क्या हिना फिल्म खुल नहीं दे रही बात तो मिलेगी तो खुश होना ही था मुझे कांड में जब मिलेगा तो टेलीविजन में चर्चा में लटका के दिया गया है कई लोग सपोर्ट करके हमको नींद नहीं आ रही सड़क पर खानी होती है कोई किसी को लगता है कि किसी को मारता है तो किसी को बचाने जाता है अरे सर्टेन साठी समाचार ई टिकट जयपुर कोटा पब्लिक भाई क्यों नहीं अगल बगल में जो करेगा बच्चे के कोई खिलौना नहीं ले सकता है लेकिन हम तो घर में डर कर बैठे रहते हैं हम पहले ही बाहर निकलते हैं भाभी बाहर निकलेंगे ऐसी घटना भगवान करें दोबारा ना मिले तो मिल गया मामला दिखी रे परेशान किस बात का

aisi baat nahi hai police ne ko arrest kiya tha lekin create karne ke liye inse puchhtaach karne ko le gaye the police ne goli chalai ki machine kahaan se dahine hath mein lag jaiye dekha teri maa ne jo kritya kiya tha vaah kya tha 7 ghante tak de daaru pilane ka prayas pila diya gaya jala diya gaya aapki beti hoti toh aapki behen hoti toh maa hoti toh parivar se hota hai ek doctor padhi likhi sabhya mahila puncher batatey hain puncher banwa denge dhokha diya rajya tum jaisa vyavastha nishchit taur par karam apnon se hi deta kyonki yah maamla mera playlist hai aur himmat dekhiye ki adhyakshata mein bhi chali jhadu marenge dharm adhikari jaanch kar raha hai police galat hogi tum kidhar ka takleef ho sakti hai jail bhi ja sakte hain koi waqt apni naukri dega kya heena film khul nahi de rahi baat toh milegi toh khush hona hi tha mujhe kaand mein jab milega toh television mein charcha mein Latka ke diya gaya hai kai log support karke hamko neend nahi aa rahi sadak par khaani hoti hai koi kisi ko lagta hai ki kisi ko maarta hai toh kisi ko bachane jata hai are certain sathi samachar ee ticket jaipur quota public bhai kyon nahi agal bagal mein jo karega bacche ke koi khilona nahi le sakta hai lekin hum toh ghar mein dar kar baithe rehte hain hum pehle hi bahar nikalte hain bhabhi bahar nikalenge aisi ghatna bhagwan kare dobara na mile toh mil gaya maamla dikhi ray pareshan kis baat ka

ऐसी बात नहीं है पुलिस ने को अरेस्ट किया था लेकिन क्रिएट करने के लिए इनसे पूछताछ करने को ले

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देखी हैदराबाद में जो भी घटना हुई डॉक्टर दिशा के साथ जो भी क्रूर तक घटना थी रेप के बाद जिंदा जला दिया गया तो बहुत ही क्रूर थे येलो बहुत ही ब्रूटालिटी साथ ऐसा किया गया तो जाहिर है कि लोगों में गुस्सा इतना होगा ही और पब्लिक आउटरेज होगा और ऐसी स्थिति में गुस्सा आता भी है और आक्रोश पनपता है और निराशा भी होती है कि भाई की ऐसी ऐसी घटना कैसे कर सकती है किसी महिला के साथ यहां पर महिला सुरक्षा वूमेन सिक्योरिटी वूमेन सेफ्टी का भी प्रश्न उठता है कि यह सब अपने इंडिया में कैसे हो जाता है कि आज भी स्थिति है तो यही एक दबाव था पुलिस का कहना है कि आखिर नर्स जॉब के पुलिस ने आनन-फानन में पकड़े और उनको कहा कि भाई वह भागने कोशिश कर रहे थे इसलिए उनका मार दिया हमको या का एनकाउंटर कर दिया बेशक लिए कस्टोडियल डेथ कस्टडी में डेथ हुई तो इसको पब्लिक में इसे सेलिब्रेट किया गया जोर शोर से मनाया गया कि असली कातिलों को जो है कातिलों को सजा मिली और स्टैंड ने तत्काल न्याय मिलेगा यह न्याय बहुत अच्छा है और काफी कुछ ऐसा कहा गया कि इसी तरह से सभी को न्याय मिलना चाहिए जितने भी रेप करते हैं यह जो भी क्राइम करते हैं उनको ऐसे ही तुरंत न्याय मिलना चाहिए यह सोचना चाहिए कि अगर पुलिस अपना पुलिस के हाथ में न्यायपालिका काम तो शौक नहीं सकते ना system1 बना है तो न्यायपालिका न्यायपालिका के यहां रहने दे जुडिशरी जुडिशरी का काम करेगी और पुलिस पुलिस का काम करें तो हालांकि गुस्सा आता है ऐसी घटना पर और यह इसलिए होता है इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोग जुडिशरी सुनो जुडिशरी का दुकान है बहुत ही स्लो है तो चलो जो भी क्षति और चलो जस्टिस सिस्टम की वजह से यह गुस्सा निराशा आप करो रहता है कि भाई बलात्कारियों को सजा नहीं होती जल्दी और उसके लिए 5 साल 7 साल 10 साल हो जाते हैं और वह फांसी के तख्ते तक नहीं पहुंच पाते जैसा कि निर्भया केस है वह 7 साल हो गए अभी तक फांसी डिक्लेयर कर दी गई है पर अभी भी वह दया याचिका वगैरह लग रही है और उनको फांसी की सजा नहीं हो पाएगी तो एक ज्यूडिशल सिस्टम पर भी एक तरह से प्रश्न चिन्ह है बस इसको हम ज्यूडिशरी को न्यायपालिका को नकार नहीं सकते ना आखिरकार हम सब समाज में रहते सिविलाइजेशन की तरफ बढ़ रहे हैं ऐसा तो नहीं दोबारा हम जन्मदिवस की तरफ जाएगी मानव सभ्यता जो है वह इतना विकास करते हुए सब बनी है सिविलाइजेशन जो है हुई है चाहे वह कोई भी सिविलाइजेशन हो पहले जो है सब जंगलराज में जंगलराज रहता था तो मानो ने विकास के चरणों को पार करते हुए ऊंचाई पहुंचे वह मानव सभ्यता बनाई यह सविता यही सिविलाइजेशन हमें सिविल आईडी बनाती है यह में जंगली नहीं बनाती तो अगर इसी तरह से हम अगर पुलिसिंग करने लगे और एनकाउंटर इस तरह से बिना न्यायिक जांच के और बिना उसके तो फिर पालिका का कोई काम नहीं रह जाएगा तो फिर जब सब अपने हाथ में ही लेना है यही कहना है कि उनका मोबिलाइज कर दिया जाए भीड़ को सौंप दिया जाए तो फिर न्यायपालिका को तो कोई काम ही नहीं तो इसमें एक कारण है मान साल सत्य हैं कि भाई की जो एक धीमी न्याय प्रक्रिया है उसकी वजह से लोग सजा नहीं मिल पाती तो इस पर काम किया जाएगा भी काम कैसे हो तो इसी पर कुछ सुधार किया जाए जिसे न्यायिक सुधार किया जाए ज्यूडिशली रिफॉर्म किया जाए तो इस रिफॉर्म को कर किया जाए तो फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐसा कुछ सुनिश्चित किया जाए कि 6 महीने में इस सजा को 6 महीने में किया जाए कि भाई हर हाल में ही 6 महीने या 3 महीने में ही रहो जान को सजा हो जानी चाहिए जो भी सजा देनी है फांसी की यह जो भी करना है वह इतनी खतरनाक सजा दी जाए लेकिन बहुत ही कम समय उसके लिए 3 महीने 6 महीने निर्धारित किए जाएं और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो हालांकि फास्ट ट्रैक कोर्ट हमारे बनाए गए 1000 कोर्ट मंजूर किए गए उसमें से भी सांसों को धन पायो 400 को अभी भी स्वीकृत अभी अभी भी जो है नहीं बनाए हैं गांव में तो उन्हें भी बनाना फास्ट्रेक इसके अलावा भी कई और भी फास्ट ट्रैक कोर्ट की डिमांड की गई थी बनाई जाए ऐसे फास्ट फास्ट काम नहीं हो रहा है तो यह क्या है इसको थोड़ा सा और कठोर किया जाए शक्ति से इसका अनुपालन है और 6 महीने में न्यायपालिका इस तरह का फैसला देगी कि 3 से 6 महीने में इनको सजा हो तुरंत जांच हो और रही पुलिसिंग के बाद इंडियन पुलिस की बात पुलिस का काम है कि किसी भी जो है कि एक्टिविटीज को किसी भी अपराधिक गतिविधियों को रोकना उसका काम है लोगों को पोस्ट करना उसका काम है और आर्डर कानून व्यवस्था बनाए रखना और कोई भी जो है आपराधिक गतिविधि हो किन्नर एक्टिव उसको होने से पहले रोक देना अगर बैंक में चोरी होने वाली है और सूचना मिल गई क्या तो उसे होने से पहले रोक दें अगर किसी महिला के ऊपर अत्याचार होने वाला है तो अगर हो सूचना मिले तो उसे रोक दें तो पुलिस का काम है कि की इच्छुक है कि मिलल एक्टिविटीज को आपराधिक कृत्यों को होने से पहले रोकना पुलिस का काम ही नहीं है कि एनकाउंटर बाद में कर दे यह कहानी जांच के बाद होना पुलिस पुलिस का जो काम है वह पुलिस को करनी पड़ती तो पुलिस सुधार भी जरूरी तो जब तक हमारे यहां इंडियन पुलिस रिफॉर्म भी नहीं होगा तब तक भी कुछ नहीं होगा तो पुलिस अपना काम करती नहीं है और बलात्कार रेप होते रहते हैं और तुमने लक ट्वेंटी होती रहती हैं चोरियां होती रहती हैं लोग मर्डर कर दिए जाते हैं और पुलिस जांच प्रक्रिया में भी जांच में भी हिला वेली देखी जाती है भीम न्यूज़ नहीं देखी जाती पुलिस की तो पुलिस रिफॉर्म भी बहुत जरूरी पुलिस कितने पद खाली इसका इस पर भी क्वेश्चन उठाना उठाना चाहिए पब्लिक को गुस्सा आता है तो इस पर भी गुस्सा आना चाहिए कि भाई पुलिस इन अपराधिक गतिविधियों के प्रति अपराध को क्यों नहीं रोक पाती होने से पहले और दूसरा न्यायिक प्रक्रिया कैसे सुधार हो तो इस पर भी अगली का गुस्सा नहीं करना चाहिए 2 दिन के गुस्साए पब्लिक सेंटीमेंट से क्या हम हमेशा के लिए रुक सकते हैं क्या और रही बात पुलिस एनकाउंटर कर दे तो पुलिस एनकाउंटर कर भेजो इसमें तू ही गलत हो जाएगा सर इसमें पॉलिटिकल हैंडल है तो कई ऐसे भी हो सकते हैं असली आरोपी बच्चन और नकली आरोपियों को पुलिस सजा देते एक यह भी संभावना बनती है तो यहां पर हम एनकाउंटर का सपोर्ट कस्टोडियल डेथ का एक्स्ट्रा ज्यूडिशल दत्त का हम सपोर्ट नहीं कर सकती यह बिल्कुल गलत है क्योंकि हम सब समान हैं और हम लोग मानव सभ्यता की ओर बढ़े हैं हमने सिविलाइज्ड हुए हैं हम जंगली जंगली सभ्यता से स्टोन एस्से आज एजेंसी बिलासपुर में आ चुके हैं तो इसीलिए हमें सिस्टम बनाया हमने न्यायपालिका बनाई है पुलिस ने बनाई है और हमें अलग-अलग सब अधिक एग्जीक्यूटिव बनाई कार्यपालिका बनाई विधायक का बनाई और सबके अपने-अपने काम है सबको अपने-अपने काम करने चाहिए आप नहीं कर सकते कि पुलिस का पुलिस न्यायपालिका काम नहीं तो सब की दुकान है जिसे हम के रूल ऑफ लॉ कैसे स्थापित होगा तो रूल ऑफ लॉ और न्यायपालिका रूल ऑफ लॉ जुडिशरी तो ऐसी चीजें हैं हमारे लोकतंत्र के जी जरूरी जो होनी चाहिए नहीं तो यहां पर जंगलराज आ जाएगा पुलिस की मार देगी क्या पता मास्टरमाइंड रहते हैं वह गलत को मारते तो यह जरूरी है कि कभी-कभी इसका दुरुपयोग भी हो जाएगा तो हम इस चीज को जनरल आई नहीं कर सकती कि पुलिस इस तरह से डिस्टेंस हां यह कह सकते हैं कि भाई फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने पुलिस पुलिस तेजी लाएं लूट के बीच में जो ट्रांसपेरेंसी है वह लाई जाए और जांच बेतिया पुलिस तेज करें पुलिस दोहे इन्वेस्टिगेशन जो करती है कि लगा देती उसको तेज करें इसके लिए जो भी पद खाली है और भरे जाए जल्दी से पीड़ित पीड़ित जो है न्यायपालिका पहुंचने सीमा दी जाती तो पुलिस इन सब मामलों में तेजी लाएं ना कि एनकाउंटर कर दे न्यायपालिका काम पुलिस के हाथों में नहीं जाना चाहिए इसलिए अगर में भारत में कानून का शासन बनाए रखना है न्याय पाना है तो यही सर जरूरी है

dekhi hyderabad mein jo bhi ghatna hui doctor disha ke saath jo bhi krur tak ghatna thi rape ke baad zinda jala diya gaya toh bahut hi krur the yellow bahut hi brutaliti saath aisa kiya gaya toh jaahir hai ki logo mein gussa itna hoga hi aur public autarej hoga aur aisi sthiti mein gussa aata bhi hai aur aakrosh panpata hai aur nirasha bhi hoti hai ki bhai ki aisi aisi ghatna kaise kar sakti hai kisi mahila ke saath yahan par mahila suraksha women Security women safety ka bhi prashna uthata hai ki yah sab apne india mein kaise ho jata hai ki aaj bhi sthiti hai toh yahi ek dabaav tha police ka kehna hai ki aakhir nurse job ke police ne anan fanan mein pakde aur unko kaha ki bhai vaah bhagne koshish kar rahe the isliye unka maar diya hamko ya ka encounter kar diya beshak liye custodial death custody mein death hui toh isko public mein ise celebrate kiya gaya jor shor se manaya gaya ki asli katilon ko jo hai katilon ko saza mili aur stand ne tatkal nyay milega yah nyay bahut accha hai aur 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देखी हैदराबाद में जो भी घटना हुई डॉक्टर दिशा के साथ जो भी क्रूर तक घटना थी रेप के बाद जिंद

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देखिए आज हमारे देश में पुरुष की जनसंख्या महिला की जनसंख्या से कहीं ज्यादा अधिक है मैं अभी का तो मुझे याद नहीं है कि जब मैं दो-तीन साल पहले जब मैं किताब में पढ़ा था तो लिखा हुआ था कि जो है सो ज्यादा है हमारे भारत देश में महिला उसके पिता कम है महिला आखिर कम क्यों है क्योंकि अभी भी गांव देहात 1 जगहों पर आदमी चाहते हैं कि बेटी पैदा ना हो बेटी पैदा होने के बाद उसे जहां-तहां फेंक देते हैं क्या कि उसको अंदर ही मरवाना चाहते हैं या भी गलत होते हैं इसलिए जो है जो आजकल लड़की की हमारे देश में बहुत ज्यादा गतिया प्रॉब्लम वाली है आज आज बहुत सारे ऐसे गाने अश्लील गाने हैं जो लड़की को जो है उसको प्रॉब्लम में डाल देते हैं आज हमारे घर के बहुत सारे ऐसे भोजपुरी गाने आ रहे हैं जो हमारे समाज के लिए अच्छी नहीं है वह आप की सोच पैदा नहीं होती है यह आज हमारे देश में जो है सो रेप की घटना दिन प्रतिदिन बढ़ रही है अगर पुलिस और सरकार और उसके लिए करने वालों को कोई नहीं कुछ नहीं करेगी तो दो दूसरा जो बंदा होगा उसमें जोश आ गया क्या अरे यार यह आदमी जो ऐसा काम किया इसको तो सरकार जब पुलिस ने कुछ भी नहीं किया तो मैं क्यों नहीं करूं मैं भी कर लूंगा उसमें और ज्यादा जाएगी अगर पुलिस ने यहां हैदराबाद में चार बंदे को अगर मारा है उससे तो भाई तो पैदा जरूर होगी कि अरे यार भूल जो ऐसा काम किया था उसको पुलिस ने मार दिया है मैं भी करूंगा तो मैं ही बहार आ जाऊंगा अफीम जिनमें चल जावे फासियो होगी ऐसा जो जो जैसा इधर हुआ पुलिस चौकियां हंड्रेड परसेंट बहुत ही अच्छे काम किए हैं और भी बहुत सारे ऐसे लड़कियों के साथ गर्ल तरीके से हुई है उन्हें भी 2 इंच का जो जो आदमी है जो रेप करने वाला है उनको तो है उसी तरह से एनकाउंटर करना ही चाहिए एनकाउंटर नहीं तो फांसी की सजा उम्रकैद कुछ भी जो है सुश्रुत गर्व होना चाहिए तभी जो सामान किस में जो है तो आप रात तक रुक सकती है बहुत-बहुत धन्यवाद

dekhiye aaj hamare desh mein purush ki jansankhya mahila ki jansankhya se kahin zyada adhik hai abhi ka toh mujhe yaad nahi hai ki jab main do teen saal pehle jab main kitab mein padha tha toh likha hua tha ki jo hai so zyada hai hamare bharat desh mein mahila uske pita kam hai mahila aakhir kam kyon hai kyonki abhi bhi gaon dehaant 1 jagaho par aadmi chahte hain ki beti paida na ho beti paida hone ke baad use jaha tahan fenk dete kya ki usko andar hi marwana chahte hain ya bhi galat hote hain isliye jo hai jo aajkal ladki ki hamare desh mein bahut zyada gatiya problem wali hai aaj aaj bahut saare aise gaane ashleel gaane hain jo ladki ko jo hai usko problem mein daal dete hain aaj hamare ghar ke bahut saare aise bhojpuri gaane aa rahe hain jo hamare samaj ke liye achi nahi hai vaah aap ki soch paida nahi hoti hai yah aaj hamare desh mein jo hai so rape ki ghatna din pratidin badh rahi hai agar police aur sarkar aur uske liye karne walon ko koi nahi kuch nahi karegi toh do doosra jo banda hoga usme josh aa gaya kya are yaar yah aadmi jo aisa kaam kiya isko toh sarkar jab police ne kuch bhi nahi kiya toh main kyon nahi karu main bhi kar lunga usme aur zyada jayegi agar police ne yahan hyderabad mein char bande ko agar mara hai usse toh bhai toh paida zaroor hogi ki are yaar bhool jo aisa kaam kiya tha usko police ne maar diya hai bhi karunga toh main hi bahar aa jaunga afeem jinmein chal jaave fasiyo hogi aisa jo jo jaisa idhar hua police chaukiyan hundred percent bahut hi acche kaam kiye hain aur bhi bahut saare aise ladkiyon ke saath girl tarike se hui hai unhe bhi 2 inch ka jo jo aadmi hai jo rape karne vala hai unko toh hai usi tarah se encounter karna hi chahiye encounter nahi toh fansi ki saza umrakaid kuch bhi jo hai sushrut garv hona chahiye tabhi jo saamaan kis mein jo hai toh aap raat tak ruk sakti hai bahut bahut dhanyavad

देखिए आज हमारे देश में पुरुष की जनसंख्या महिला की जनसंख्या से कहीं ज्यादा अधिक है मैं अभी

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हां यह हड़बड़ी खतरनाक साबित हो सकती है हमारे समाज के लिए हमारे देश के लिए क्योंकि जो गुनहगार हैं उनको सजा मिलनी चाहिए लेकिन अंगारों को इस तरह से खत्म करते हैं खेलने के लिए सामाजिक या राष्ट्र ने प्रिया प्रक्रिया में नहीं देखा गया है दिन का एनकाउंटर करना ही था उन्होंने पिस्तौल छीन नहीं दी तो पुलिस उनके घुटनों पर बाजुओं में पेट में कहीं भी गोली मार सकते थे और सभी को मारा नहीं जा सकता था एक आध को बताया भी जा सकता था पुलिस ने जानबूझकर ऐसा काम किया कि कोई दवा है ना बच्चे होते हैं एनकाउंटर मेरी नजर में ठीक नहीं है और ना ही हमारे समाज के लिए और ना ही राष्ट्र के लिए यह खतरनाक पुरानी है जिससे हमारे देश राष्ट्र पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा यह तो हो गया रक्षक ही भक्षक हो गए

haan yah hadbadi khataranaak saabit ho sakti hai hamare samaj ke liye hamare desh ke liye kyonki jo gunahagar hain unko saza milani chahiye lekin angaron ko is tarah se khatam karte hain khelne ke liye samajik ya rashtra ne priya prakriya mein nahi dekha gaya hai din ka encounter karna hi tha unhone pistol cheen nahi di toh police unke ghutno par bajuon mein pet mein kahin bhi goli maar sakte the aur sabhi ko mara nahi ja sakta tha ek adh ko bataya bhi ja sakta tha police ne janbujhkar aisa kaam kiya ki koi dawa hai na bacche hote hain encounter meri nazar mein theek nahi hai aur na hi hamare samaj ke liye aur na hi rashtra ke liye yah khataranaak purani hai jisse hamare desh rashtra par bahut bada prabhav padega yah toh ho gaya rakshak hi bakshak ho gaye

हां यह हड़बड़ी खतरनाक साबित हो सकती है हमारे समाज के लिए हमारे देश के लिए क्योंकि जो गुनहग

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