क्यों हमेशा सूर्योदय से पहले ही दी जाती है फांसी, क्या है असली वजह?...


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Ansh jalandra

Motivational speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन आके क्यों हमेशा सूर्योदय से पहले ही फांसी दी जाती है इसके असली वजह है तो इसकी जो स्त्री बजे है वह यह है कि सुबह सुबह फांसी देने से होता कि सारे लोग जो जेल में है यह जोहोर है तूने और काम भी करने होते हैं और सुबह सुबह फांसी कब दी जाती है कि तब जल्दी फांसी देने के बाद अपने अन्य कामों में चले जाते हैं और इसका एक रीजन यह भी है कि जिस आदमी को फांसी दी जाती है उसका अंतिम संस्कार 24th करना पड़ता है अंतिम जो तो सोच होगा जिसके गिरी जाति के ताकि उसके घर वाले उसे लेकर जाएं और दिन भर में कटाई मन के पास हो कि उसका वह जो अंतिम संस्कार करना चाहे तो करें उधर जैसा भी करना चाहे तो वह दिन भर का टाइम इन को मिल जाए इसलिए सुबह सुबह फांसी दिया

aapka question aake kyon hamesha suryoday se pehle hi fansi di jaati hai iske asli wajah hai toh iski jo stree baje hai vaah yah hai ki subah subah fansi dene se hota ki saare log jo jail me hai yah johor hai tune aur kaam bhi karne hote hain aur subah subah fansi kab di jaati hai ki tab jaldi fansi dene ke baad apne anya kaamo me chale jaate hain aur iska ek reason yah bhi hai ki jis aadmi ko fansi di jaati hai uska antim sanskar 24th karna padta hai antim jo toh soch hoga jiske giri jati ke taki uske ghar waale use lekar jayen aur din bhar me katai man ke paas ho ki uska vaah jo antim sanskar karna chahen toh kare udhar jaisa bhi karna chahen toh vaah din bhar ka time in ko mil jaaye isliye subah subah fansi diya

आपका क्वेश्चन आके क्यों हमेशा सूर्योदय से पहले ही फांसी दी जाती है इसके असली वजह है तो इसक

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका कुछ नहीं क्यों हमेशा सूर्योदय से पहले ही दी जाती है फांसी क्या है असली वजह तो मैं आपको बता दूं सूर्योदय से पहले इसलिए फांसी दी जाती है कि सुबह जब सो कर बता देती तो इतना टेंशन में भी नहीं देता है उसको तुरंत नित्यक्रम और डॉक्टर महीना करवा कर फांसी दी जाती है उसके अलावा अगर दिन में उसको फांसी दी जाए या दिन में नंबर दिया था वह ऐसी मानसिक प्रताड़ना होगी उसे कि मुझे पास होने वाली पास होने वाली है और उसके अलावा कुछ सामाजिक की रैली करने के शव के साथ इसलिए सबको इसलिए सुबह जल्दी फांसी दी जाती है फांसी देकर जल्द ही पोस्टमार्टम अगर आकर कर उसको परिवार वालो को सौप दिया जाता है धन्यवाद

aapka kuch nahi kyon hamesha suryoday se pehle hi di jaati hai fansi kya hai asli wajah toh main aapko bata doon suryoday se pehle isliye fansi di jaati hai ki subah jab so kar bata deti toh itna tension me bhi nahi deta hai usko turant nityakram aur doctor mahina karva kar fansi di jaati hai uske alava agar din me usko fansi di jaaye ya din me number diya tha vaah aisi mansik prataadana hogi use ki mujhe paas hone wali paas hone wali hai aur uske alava kuch samajik ki rally karne ke shav ke saath isliye sabko isliye subah jaldi fansi di jaati hai fansi dekar jald hi postmortem agar aakar kar usko parivar waalon ko saup diya jata hai dhanyavad

आपका कुछ नहीं क्यों हमेशा सूर्योदय से पहले ही दी जाती है फांसी क्या है असली वजह तो मैं आपक

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जसवन्त कटारिया

वकील, कानूनी सलाहकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सक्रिय का यही है कि लोग जमाना हो और उसका मांस एक निश्चित हो और की मौजूदगी की वजह से उसका टाइम चलना जाए

sakriy ka yahi hai ki log jamana ho aur uska maas ek nishchit ho aur ki maujudgi ki wajah se uska time chalna jaaye

सक्रिय का यही है कि लोग जमाना हो और उसका मांस एक निश्चित हो और की मौजूदगी की वजह से उसका ट

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DR. I.P.SINGH

Doctorate in Literature

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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pervs

Tutor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो हां गुड मॉर्निंग हैप्पी बर्थडे एक क्वेश्चन पूछा आपने क्या हमें सूर्योदय से पहले ही दी जाती है फांसी क्या है असली मजा तो आपको बता दूं अगर फांसी कब दी जाती है जब कोई संगीन अपराध हो जाता है अगर मान के चलो यह कोई केस है जैसे कि अगर वह हाईकोर्ट में चल रहा है तो हाईकोर्ट के सुप्रीम कोर्ट सामान्य नहीं हो या फिर आपको नहीं लगता है कि यह सही फैसला है तो यह केशव का सुप्रीम कोर्ट में जाता है प्लीज की जाती है इसकी अपील करने के बाद में अगर सुप्रीम कोर्ट फासी की सजा सुना देता है तो इस को फांसी माफ करने के लिए राष्ट्रपति पर एक दशरथ चाहिए होते फांसी होने से पहले तो उनका दस्तावेज देखा जाता है और उसके बाद में अगर यदि मानचित्र राष्ट्रपति सारे केस देखने के बाद में यदि सारे उसके अपराध देखने के बाद में यदि उसे लगता है किस को फांसी दे देनी चाहिए तो उस पर दस्तखत कर देता है यदि उसे लगता है कि यह माने नहीं है कि गलत है या आपराधिक इतना संगीन नहीं है तो फांसी उसकी रुक जाती है और फांसी सूर्योदय होने से पहले इसलिए दी जाती है एक तो प्रशासनिक कारण है कि सब लोग ऑफिस और जो होते हैं मतलब शुभ रहे होते हैं लेकिन कुछ जो ऑफिसर सोते हैं जैसे कि आपका मनुष्य हो गया चीफ ऑफ एग्जीक्यूटिव हो गया और आपके डॉक्टर सो गए और आपकी जो कुछ भी जो नीडेड होते हैं सर सेल होते हैं जिससे जो लिखे जाते लिखी जाती है उनके लिए फांसी तो वहां पर जरूर होते हैं और उससे अपनी आखिरी इच्छा पूछी जाती आखिरी इच्छा भी पूरी होती है जो जेल के अंदर मैनुअल और प्रॉब्लम को उसकी इच्छा की जा सके प्रॉब्लम पूरी की जा सके उसकी इच्छा पूरी कर सके और एक सामाजिक कारण यह होता है कि समाज के लिए एक उसके लिए बहुत बुरा प्रभाव ना पड़ समाज पर कि उसे फांसी दे दी गई अगस्त सूर्योदय से पहले सूर्योदय के बाद उसे फांसी दी जाएगी तो लोग इकट्ठे हो जाएंगे शोर मचाएंगे विरोध करेंगे उसका तो इस कारण से सामाजिक एक कारण बनता है एक कारण होता है कि नैतिक कारण तो जेल में रहने वाले व्यक्ति हैं या फिर अपराधी हैं या फिर ओके दी है तो उन पर एक मानसिकता का बहुत बड़ा असर पड़ता है जिससे कि वह अपने असंतुलन खुशहाल हो जाते हैं या फिर उनकी हालत बिगड़ जाती है तो 13 कारण सामाजिक कारण प्रशासनिक कार्टून और आपका नैतिक करना उधर से होने से पहले फांसी दी जाती है और एक कारण हो सकता है कि मीडिया में रिपोर्ट दिखाई जाती है पूरा माहौल क्रिएट करने के लिए उनका मौका मिल जाता है तो थैंक्यू स्कोर पूछने के लिए और बुखार पर लाइक करें फॉलो करें कमेंट करें

hello haan good morning happy birthday ek question poocha aapne kya hamein suryoday se pehle hi di jaati hai fansi kya hai asli maza toh aapko bata doon agar fansi kab di jaati hai jab koi sangeen apradh ho jata hai agar maan ke chalo yah koi case hai jaise ki agar vaah highcourt mein chal raha hai toh highcourt ke supreme court samanya nahi ho ya phir aapko nahi lagta hai ki yah sahi faisla hai toh yah keshav ka supreme court mein jata hai please ki jaati hai iski appeal karne ke baad mein agar supreme court phasi ki saza suna deta hai toh is ko fansi maaf karne ke liye rashtrapati par ek dashrath chahiye hote fansi hone se pehle toh unka dastavej dekha jata hai aur uske baad mein agar yadi manchitra rashtrapati saare case dekhne ke baad mein yadi saare uske apradh dekhne ke baad mein yadi use lagta hai kis ko fansi de deni chahiye toh us par dastkhat kar deta hai yadi use lagta hai ki yah maane nahi hai ki galat hai ya apradhik itna sangeen nahi hai toh fansi uski ruk jaati hai aur fansi suryoday hone se pehle isliye di jaati hai ek toh prashaasnik karan hai ki sab log office aur jo hote hain matlab shubha rahe hote hain lekin kuch jo officer sote hain jaise ki aapka manushya ho gaya chief of executive ho gaya aur aapke doctor so gaye aur aapki jo kuch bhi jo needed hote hain sir cell hote hain jisse jo likhe jaate likhi jaati hai unke liye fansi toh wahan par zaroor hote hain aur usse apni aakhiri iccha puchi jaati aakhiri iccha bhi puri hoti hai jo jail ke andar manual aur problem ko uski iccha ki ja sake problem puri ki ja sake uski iccha puri kar sake aur ek samajik karan yah hota hai ki samaj ke liye ek uske liye bahut bura prabhav na pad samaj par ki use fansi de di gayi august suryoday se pehle suryoday ke baad use fansi di jayegi toh log ikatthe ho jaenge shor machaenge virodh karenge uska toh is karan se samajik ek karan banta hai ek karan hota hai ki naitik karan toh jail mein rehne waale vyakti hain ya phir apradhi hain ya phir ok di hai toh un par ek mansikta ka bahut bada asar padta hai jisse ki vaah apne asantulan khushahal ho jaate hain ya phir unki halat bigad jaati hai toh 13 karan samajik karan prashaasnik cartoon aur aapka naitik karna udhar se hone se pehle fansi di jaati hai aur ek karan ho sakta hai ki media mein report dikhai jaati hai pura maahaul create karne ke liye unka mauka mil jata hai toh thainkyu score poochne ke liye aur bukhar par like kare follow kare comment karen

हेलो हां गुड मॉर्निंग हैप्पी बर्थडे एक क्वेश्चन पूछा आपने क्या हमें सूर्योदय से पहले ही दी

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हां सबसे पहले कैदियों को सुबह उठाती है उस कैदी को जिस को फांसी दी जानी होती है उसको सर्च करवाया जाता है उसको सारा भक्ति वगैरह जो भी वह करना चाहे उसको किया जाता है ताकि सूर्योदय से पहले हम लोगों में मान्यता b110e पहले प्रभु का सिमरन करना भी उचित होता है तो सुबह फांसी दी जाती है कि दूसरी क्रांति का प्रभाव न पड़े और फांसी दे दी जाती है उसके बाद अपने मित्र कर में लग जाते हैं सब लोगों को पता भी नहीं लगता कि किस को फांसी दी गई सुबह-सुबह ही सभी काम हो जाते हैं इसमें फालतू की जाती है

haan sabse pehle kaidiyo ko subah uthaati hai us kaidi ko jis ko fansi di jani hoti hai usko search karvaya jata hai usko saara bhakti vagera jo bhi vaah karna chahen usko kiya jata hai taki suryoday se pehle hum logo mein manyata b110e pehle prabhu ka simran karna bhi uchit hota hai toh subah fansi di jaati hai ki dusri kranti ka prabhav na pade aur fansi de di jaati hai uske baad apne mitra kar mein lag jaate hai sab logo ko pata bhi nahi lagta ki kis ko fansi di gayi subah subah hi sabhi kaam ho jaate hai isme faltu ki jaati hai

हां सबसे पहले कैदियों को सुबह उठाती है उस कैदी को जिस को फांसी दी जानी होती है उसको सर्च क

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि सूर्योदय के पहले ही क्यों फांसी दी जाती है इसकी असली वजह क्या है देखिए पास यह कैसी सजा है जो गंभीर अति गंभीर अपराधों के लिए दी जाती है और जेल में जहां फांसी दी जाती है वहां पर अन्य कैदी भी होते हैं और उनके ऊपर कोई उसका असर न पड़े और दूसरी बस दूसरी वजह यह होती है कि जो व्यक्ति जो होता है जो जिसे फांसी दी जाती है अपराधी भी इंसान होता है उसकी भावनाएं दिन दिन में जब जागते समय उसको गलत खाया और बुरा उसकी भावनाओं को गलत भावनाएं उसमें न बने और सुबह से उसे नित्य कर्म कर्म करवा करने के बाद और बहुत सारे चेकअप होते हैं और दस्तावेज जाते हैं जिसके लिए भी समय लगता है तो यह करके रखा है रखा जाता है और सूर्योदय से पहले फांसी दी जाती है जिससे कि उसके जो परिजन है जिनको लास्ट सुपुर्दगी में देना है फांसी के बाद वे उसका दिन में अंतिम संस्कार कर सकें

aapka prashna hai ki suryoday ke pehle hi kyon fansi di jaati hai iski asli wajah kya hai dekhiye paas yah kaisi saza hai jo gambhir ati gambhir apradho ke liye di jaati hai aur jail mein jaha fansi di jaati hai wahan par anya kaidi bhi hote hain aur unke upar koi uska asar na pade aur dusri bus dusri wajah yah hoti hai ki jo vyakti jo hota hai jo jise fansi di jaati hai apradhi bhi insaan hota hai uski bhaavnaye din din mein jab jagte samay usko galat khaya aur bura uski bhavnao ko galat bhaavnaye usme na bane aur subah se use nitya karm karm karva karne ke baad aur bahut saare checkup hote hain aur dastavej jaate hain jiske liye bhi samay lagta hai toh yah karke rakha hai rakha jata hai aur suryoday se pehle fansi di jaati hai jisse ki uske jo parijan hai jinako last supurdagi mein dena hai fansi ke baad ve uska din mein antim sanskar kar sakein

आपका प्रश्न है कि सूर्योदय के पहले ही क्यों फांसी दी जाती है इसकी असली वजह क्या है देखिए प

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