क्या आत्महत्या कर देना ही जीवन की सभी समस्याओं से परेशानियों से छुटकारा पाने का एकमात्र तरीका है?...


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Prem Ranjan

Career Counsellor, Motivational Speaker, Educationist

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बिल्कुल नहीं आत्महत्या किसी भी परेशानियों का समाधान नहीं हो सकता आत्महत्या की ख्याल उन्हीं लोगों के मस्तिष्क तुम्हें होती है जो अंदर से मानसिक रूप से कमजोर होते हैं उन्हें अपनी मानसिक स्थिति को मजबूत करने की जरूरत है और यह ख्याल बिलकुल नहीं कि हमें आत्महत्या कर लेनी चाहिए इस प्रकार का कदम वही लोग उठा सकते हैं जो बिल्कुल डरपोक हैं जिन्हें नई चुनौतियों को समझने का उनका सामना करने का साहस नहीं है इसलिए खुद को मजबूत बनाएं और इसका बिल भरना है कि आप जीवन की हर एक समस्याओं को हंसते-हंसते आसानी से उसका सामना कर सके बस आपको यह सोचना होगा कि किसी भी परेशानियों से अगर हम लड़ेंगे तो उसका 2 निष्कर्ष हुआ या तो जीत या हार जीत जाने पर आपकी उपलब्धि होगी और हाल जाने पर भी आप कुछ नहीं जाएगा आपको पुनः प्रयास करने का मौका मिलेगा जीवन यही तो है जीवन कभी आपको अंतिम मौके नहीं देती बार-बार आपको परेशानियों से लड़ने के लिए आप का परीक्षण किया जाएगा और जिस दिन आप हार जाएंगे उस दिन के बाद से आपकी मानसिक स्थिति असंतुलित होने लगती है लेकिन उसी वक्त इंसान को चाहिए कि हम सकारात्मक बातों को अपने मस्तिष्क में लाएं और कैसे इस परेशानी से बाहर निकले और खुद को मजबूत बनाएं

bilkul nahi atmahatya kisi bhi pareshaniyo ka samadhan nahi ho sakta atmahatya ki khayal unhi logo ke mastishk tumhe hoti hai jo andar se mansik roop se kamjor hote hain unhe apni mansik sthiti ko majboot karne ki zarurat hai aur yah khayal bilkul nahi ki hamein atmahatya kar leni chahiye is prakar ka kadam wahi log utha sakte hain jo bilkul darpok hain jinhen nayi chunautiyon ko samjhne ka unka samana karne ka saahas nahi hai isliye khud ko majboot banaye aur iska bill bharna hai ki aap jeevan ki har ek samasyaon ko hansate hansate aasani se uska samana kar sake bus aapko yah sochna hoga ki kisi bhi pareshaniyo se agar hum ladenge toh uska 2 nishkarsh hua ya toh jeet ya haar jeet jaane par aapki upalabdhi hogi aur haal jaane par bhi aap kuch nahi jaega aapko punh prayas karne ka mauka milega jeevan yahi toh hai jeevan kabhi aapko antim mauke nahi deti baar baar aapko pareshaniyo se ladane ke liye aap ka parikshan kiya jaega aur jis din aap haar jaenge us din ke baad se aapki mansik sthiti asantulit hone lagti hai lekin usi waqt insaan ko chahiye ki hum sakaratmak baaton ko apne mastishk me laye aur kaise is pareshani se bahar nikle aur khud ko majboot banaye

बिल्कुल नहीं आत्महत्या किसी भी परेशानियों का समाधान नहीं हो सकता आत्महत्या की ख्याल उन्हीं

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