ओवैसी ने लोकसभा में क्यूँ फाड़ी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी?...


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DR. MANISH

MULTI TASKER & DR.M.D (A.M.), B-PHARMA, PGDM-M

1:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो तुमने पूछा कि अवश्य ने क्यों साड़ी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी तो यह तो भाई उसकी मर्जी हो क्यों पड़ता है इसके लिए तो हम एक ही बात कहना चाहेंगे कि जो हमारा हिंदुस्तान का कानून है यह सिर्फ गरीब लोगों को परेशान करने के लिए बनाया गया है इसके अंदर पावरफुल और पैसे वाले लोगों के लिए हजारों रास्ते हैं हजारों छेद है जिससे उन निकल जाते हैं फिर दूसरा हमारा हीरो कानून है यह धर्म देखकर जात देखकर संप्रदाय देकर एक्शन लेता है अभी जैसे तुमने दिल्ली में देखा एक हमारे यहां पर जो अखबार में टीवी में देखने में आया मौलाना साद नाम के एक व्यक्ति ने कुछ ऐसी एक्टिविटी की जो पुलिस या प्रशासन यह सरकार यह कहती गलत किया और वह कथा मैंने गलत और जो है पुलिस के थी हमने 24 सवाल लिखें एक्शन पूछेंगे तो मैं तो एक बातें करता हूं कि क्या उसको सरकार ने आईएएस एंट्रेंस एग्जाम के लिए आईएएस के इंटरव्यू के लिए सवाल लिखे हैं अगर उसकी जगह कोई कम पावरफुल आदमी होता है कम पैसे वाला आदमी होता तो तुरंत जाकर उसको एस्ट कर लेते हैं लेकिन उसको नहीं किया क्योंकि यहां पर अलग-अलग सिस्टम से काम चल रहा है और यह चीज जो सबसे बड़ी चीज है क्योंकि अगर एक आम आदमी अरे खास आदमी का फर्क होता है इसलिए इस तरह की चीजों को तुम छोड़ दो तुमने

jo tumne poocha ki avashya ne kyon saree nagarikta sanshodhan bill ki copy toh yah toh bhai uski marji ho kyon padta hai iske liye toh hum ek hi baat kehna chahenge ki jo hamara Hindustan ka kanoon hai yah sirf garib logo ko pareshan karne ke liye banaya gaya hai iske andar powerful aur paise waale logo ke liye hazaro raste hain hazaro ched hai jisse un nikal jaate hain phir doosra hamara hero kanoon hai yah dharm dekhkar jaat dekhkar sampraday dekar action leta hai abhi jaise tumne delhi me dekha ek hamare yahan par jo akhbaar me TV me dekhne me aaya maulana saad naam ke ek vyakti ne kuch aisi activity ki jo police ya prashasan yah sarkar yah kehti galat kiya aur vaah katha maine galat aur jo hai police ke thi humne 24 sawaal likhen action puchenge toh main toh ek batein karta hoon ki kya usko sarkar ne IAS entrance exam ke liye IAS ke interview ke liye sawaal likhe hain agar uski jagah koi kam powerful aadmi hota hai kam paise vala aadmi hota toh turant jaakar usko este kar lete hain lekin usko nahi kiya kyonki yahan par alag alag system se kaam chal raha hai aur yah cheez jo sabse badi cheez hai kyonki agar ek aam aadmi are khas aadmi ka fark hota hai isliye is tarah ki chijon ko tum chhod do tumne

जो तुमने पूछा कि अवश्य ने क्यों साड़ी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी तो यह तो भाई उसकी मर्जी

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Mukesh Saini

Health and Fitness Expert/ MOTIVATION SPEAKER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओवैसी का कुछ कर भी नहीं सकता है यदि आप गलत मानसिकता के साथ गलत तरीके से इस देश में राजनीति करना चाहेंगे इस देश में क्या किसी भी देश में यदि आप गलत राजनीति करना चाहेंगे तो आपको एक समय ऐसा आएगा कि आपको कुछ भी समझ नहीं आएगी और कुछ आप अपनी सूझबूझ खो बैठेंगे सिर्फ यह एक गंदी राजनीति है जिसके अंदर की हिंदू मुस्लिम समुदाय को आपस में भड़काने वाली बातें होती है इससे ज्यादा कुछ नहीं होता है तो ओवैसी क्या ओवैसी के कोई भी होगा जिसको कुछ समझ ही नहीं आ रहा है जिसको कोई रास्ता नहीं मिल रहा है वह ऐसे ही कॉपियां पड़ेगा और इसके अलावा कुछ भी नहीं कर पाएगा क्योंकि उसको मालूम है कि इस टाइम जो सरकार है वह बहुत सक्षम है वह ओवैसी जैसे अगर 50 हो वैसे भी खड़े हो जाए तो भी कुछ नहीं कर सकते क्योंकि सक्षम सरकार से हमारे को एक ऊर्जा मिलती है हमारे सोच बदलती है इंसान की देश को बहुत बड़ी पॉजिटिविटी मिलती है एक ही कोनों में जो है बहुत स्ट्रॉन्ग होती है और ओवैसी जैसे यही काम होता है कि वो भीड़ में अपने आप को काफी ऊपर खड़ा करने की कोशिश करते हैं जबकि वह वह सीडी ढूंढते हैं जिससे वह ऊपर से जा सकते हैं लेकिन जब चिड़ी गिर जाती है तो ऊपर नीचे उतरने के लिए उनको कोई सहारा नहीं मिलता है इनको खुद नहीं पड़ता है तो उसका वही हाल है कि ऊपर चढ़कर कूदना तो नीचे पड़ेगा और कूदने के लिए कोई सहारा नहीं है तो फिर कपड़े भी फाड़ फाड़ जाते हैं जैसे कि उसने पेपर पड़े

owaisi ka kuch kar bhi nahi sakta hai yadi aap galat mansikta ke saath galat tarike se is desh me raajneeti karna chahenge is desh me kya kisi bhi desh me yadi aap galat raajneeti karna chahenge toh aapko ek samay aisa aayega ki aapko kuch bhi samajh nahi aayegi aur kuch aap apni sujhbujh kho baitheange sirf yah ek gandi raajneeti hai jiske andar ki hindu muslim samuday ko aapas me bhadkaane wali batein hoti hai isse zyada kuch nahi hota hai toh owaisi kya owaisi ke koi bhi hoga jisko kuch samajh hi nahi aa raha hai jisko koi rasta nahi mil raha hai vaah aise hi copiyan padega aur iske alava kuch bhi nahi kar payega kyonki usko maloom hai ki is time jo sarkar hai vaah bahut saksham hai vaah owaisi jaise agar 50 ho waise bhi khade ho jaaye toh bhi kuch nahi kar sakte kyonki saksham sarkar se hamare ko ek urja milti hai hamare soch badalti hai insaan ki desh ko bahut badi positivity milti hai ek hi kono me jo hai bahut strong hoti hai aur owaisi jaise yahi kaam hota hai ki vo bheed me apne aap ko kaafi upar khada karne ki koshish karte hain jabki vaah vaah CD dhoondhate hain jisse vaah upar se ja sakte hain lekin jab chidi gir jaati hai toh upar niche utarane ke liye unko koi sahara nahi milta hai inko khud nahi padta hai toh uska wahi haal hai ki upar chadhakar kudana toh niche padega aur koodne ke liye koi sahara nahi hai toh phir kapde bhi faad faad jaate hain jaise ki usne paper pade

ओवैसी का कुछ कर भी नहीं सकता है यदि आप गलत मानसिकता के साथ गलत तरीके से इस देश में राजनीति

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Vinod uttrakhand Tiwari

Author,You Tuber(Thoght Of सक्सेस)

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देखिए असदुद्दीन ओवैसी के बारे में सवाल पूछा गया है थोड़ा बैकग्राउंड क्लियर कर दूं वह आई एम आई एम के सांसद हैदराबाद की है और लोकसभा में बिल की कॉपी उन्होंने पड़ी थी यह शायद इसलिए या तीन तलाक कानून के खिलाफ में उन्होंने पड़ी थी दोनों में से कोई एक था अब ऐसा कैसे वह कर सकते हैं चली एक भारत के संविधान का अनुच्छेद 105 है जो सभी सांसदों को संसद में उनकी अभिव्यक्ति जाहिर करने की पूरी ताकत देता है यह प्यार देता है कि संसद में कही हुई किसी बात या किसी एक्ट के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती है तो आप इस गफलत में ना रहे हैं कि आप भी किसी बिल की कॉपी फाड़ देंगे संसद से पारित तो आप के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी वह एक सांसद का संसद के अंदर विशेषाधिकार होता है तो उसी अधिकार के तहत असदुद्दीन ओवैसी ऐसा कर पाए इस बात को जस्टिफाई नहीं करता हूं कि व्हाट डिड ही डू व्हाट इज राइट बट व्हाट डू यू डू व्हाट इज द राइट ऑफ द एमपी शो डेट शीट इफ यू वांट जॉइन मी ऑन यूट्यूब प्लीज सब्सक्राइब माय चैनल थॉट ऑफ सक्सेस गोविंदा यूट्यूब सर्च बॉक्स एंड प्लीज टाइप विनोद उत्तराखंड तिवारी एंड व्हेन यू फाइंड माय चैनल फोटो ऑफ सक्सेस सॉल्यूशन प्राइवेट

dekhiye asaduddin owaisi ke bare me sawaal poocha gaya hai thoda background clear kar doon vaah I M I M ke saansad hyderabad ki hai aur lok sabha me bill ki copy unhone padi thi yah shayad isliye ya teen talak kanoon ke khilaf me unhone padi thi dono me se koi ek tha ab aisa kaise vaah kar sakte hain chali ek bharat ke samvidhan ka anuched 105 hai jo sabhi sansadon ko sansad me unki abhivyakti jaahir karne ki puri takat deta hai yah pyar deta hai ki sansad me kahi hui kisi baat ya kisi act ke liye unke khilaf kanooni karyawahi nahi ki ja sakti hai toh aap is gaflat me na rahe hain ki aap bhi kisi bill ki copy faad denge sansad se paarit toh aap ke khilaf karyawahi nahi hogi vaah ek saansad ka sansad ke andar visheshadhikar hota hai toh usi adhikaar ke tahat asaduddin owaisi aisa kar paye is baat ko justify nahi karta hoon ki what did hi do what is right but what do you do what is the right of the MP show date sheet if you want join me on youtube please subscribe my channel thought of success govinda youtube search box and please type vinod uttarakhand tiwari and when you find my channel photo of success solution private

देखिए असदुद्दीन ओवैसी के बारे में सवाल पूछा गया है थोड़ा बैकग्राउंड क्लियर कर दूं वह आई एम

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Anshul Shah Markam

Social Activist

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असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा लोकसभा में जो नागरिकता बिल की कॉपी जो खड़ी गई थी तो उसके पीछे कारण सिर्फ और सिर्फ यही तक की जो नागरिकता बेल तत्कालीन सरकार के द्वारा प्रसारित करने के लिए संसद में लाया गया था उस बिल के भीतर भारत के संविधान की जो मूल भावनाएं थी कि किसी के भी साथ धर्म जाति लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा उसको कुठाराघात करते हुए उस दिल को वहां पर बनाया गया दूसरे चीज के यहां पर एक तो यह विषय था परंतु और भी लोगों के जवाब देखा तो मुझे ऐसा लगता है कि लोगों को सही में उड़ते हैं सब जानकारियां नहीं असली में अपने थोड़ा सा एक और जवाब इस पर ऐड करना चाहूंगा कि भारत की जनसंख्या विश्व की जनसंख्या की धोती सबसे बड़ी जनसंख्या है अगर यदि हम पड़ोसी देशों के लोगों को हमारे देश पर बस आते हैं तो ना हमारे पास पर्याप्त उतने रोजगार बच्चे हुए हैं ना हमारे पास पर्याप्त अपने संसाधन बचे हुए हैं कि हम अपने ही लोगों का ही पेट पाल सकें अभी आपको रोना के तौर पर देख सकते हैं कि किस प्रकार से मजदूर परेशान है सरकार के पास संसाधन नहीं है उन्हें अपने घर तक पहुंचाने का तो अब समझ जाइए कि अगर यदि उस समय सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट लेकर आप ही जाते तो उसी ट्रेन से अमेंडमेंट एक्ट का मतलब क्या निकलता कि जब यह तो करो ना की वजह से यह लगता उनकी परिस्थितियां निर्मित होकर जेडर कोरोना लोग तो नहीं होता तो इतनी सारी भीड़ हमारी सड़कों पर आखिर क्या करती वह इस देश के लोगों पर किसी न किसी प्रकार से अत्याचार करती क्या पड़ोसी मुल्क से आने वाला चाहे किसी भी देश से आने वाला हमारे भारत के संविधान का सम्मान करता और नहीं करता क्योंकि मनुष्य का दिमाग बचपन से जिस प्रकार से ढल जाता है वैसे ही बन जाता है तो एक प्रकार से धर्म के आधार पर जो वहां पर नागरिकता देने की बात की गई थी यह चीज नहीं होना था मेरा तो यह मानना था कि एक प्रकार से कि धर्म को छोड़िए फिलहाल नागरिकता ना देने का एक ऐसा तैयारी की जाए कि हम आने वाले 20 से 25 साल तक किसी को नागरिकता देंगे नहीं भारत की तू बेहतर कुछ किया जा सकता है

asaduddin owaisi ke dwara lok sabha me jo nagarikta bill ki copy jo khadi gayi thi toh uske peeche karan sirf aur sirf yahi tak ki jo nagarikta bell tatkalin sarkar ke dwara prasarit karne ke liye sansad me laya gaya tha us bill ke bheetar bharat ke samvidhan ki jo mul bhaavnaye thi ki kisi ke bhi saath dharm jati ling ke aadhar par bhedbhav nahi kiya jaega usko kutharaghat karte hue us dil ko wahan par banaya gaya dusre cheez ke yahan par ek toh yah vishay tha parantu aur bhi logo ke jawab dekha toh mujhe aisa lagta hai ki logo ko sahi me udte hain sab jankariyan nahi asli me apne thoda sa ek aur jawab is par aid karna chahunga ki bharat ki jansankhya vishwa ki jansankhya ki dhoti sabse badi jansankhya hai agar yadi hum padosi deshon ke logo ko hamare desh par bus aate hain toh na hamare paas paryapt utne rojgar bacche hue hain na hamare paas paryapt apne sansadhan bache hue hain ki hum apne hi logo ka hi pet pal sake abhi aapko rona ke taur par dekh sakte hain ki kis prakar se majdur pareshan hai sarkar ke paas sansadhan nahi hai unhe apne ghar tak pahunchane ka toh ab samajh jaiye ki agar yadi us samay Citizenship Amendment act lekar aap hi jaate toh usi train se Amendment act ka matlab kya nikalta ki jab yah toh karo na ki wajah se yah lagta unki paristhiyaann nirmit hokar jedar corona log toh nahi hota toh itni saari bheed hamari sadkon par aakhir kya karti vaah is desh ke logo par kisi na kisi prakar se atyachar karti kya padosi mulk se aane vala chahen kisi bhi desh se aane vala hamare bharat ke samvidhan ka sammaan karta aur nahi karta kyonki manushya ka dimag bachpan se jis prakar se dhal jata hai waise hi ban jata hai toh ek prakar se dharm ke aadhar par jo wahan par nagarikta dene ki baat ki gayi thi yah cheez nahi hona tha mera toh yah manana tha ki ek prakar se ki dharm ko chodiye filhal nagarikta na dene ka ek aisa taiyari ki jaaye ki hum aane waale 20 se 25 saal tak kisi ko nagarikta denge nahi bharat ki tu behtar kuch kiya ja sakta hai

असदुद्दीन ओवैसी के द्वारा लोकसभा में जो नागरिकता बिल की कॉपी जो खड़ी गई थी तो उसके पीछे का

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Subrat Kar

Tax , Project , Consultant, Spiritual Guru

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धर्म है ओवैसी साहब का राजनीति का एकमात्र आधार है वह मुसलमानों को हिंदुओं के खिलाफ वर्ग लाते हैं सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल किस तरीके से मुसलमानों के खिलाफ नहीं है दरअसल ओवैसी साहब मुसलमानों का भलाई भी नहीं चाहते हैं अगर फ्लाई चाह रहे होते तो ट्रिपल तलाक बिल को वापस करने का कोई आधार नहीं था ओबीसी सबको बीजेपी का हर एक चीज को ऑफिस करना अपना धर्म समझते हैं सीटीएमसी पेमेंट बिल को फाड़ना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है

dharam hai owaisi saheb ka raajneeti ka ekmatra aadhaar hai vaah musalmanon ko hinduon ke khilaf varg laate hain Citizenship Amendment bill kis tarike se musalmanon ke khilaf nahi hai darasal owaisi saheb musalmanon ka bhalai bhi nahi chahte hain agar fly chah rahe hote toh triple talak bill ko wapas karne ka koi aadhaar nahi tha obc sabko bjp ka har ek cheez ko office karna apna dharm samajhte hain CTMC payment bill ko fadna unke liye koi badi baat nahi hai

धर्म है ओवैसी साहब का राजनीति का एकमात्र आधार है वह मुसलमानों को हिंदुओं के खिलाफ वर्ग लात

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हम एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं हम लोगों को पूरा अधिकार है कि अपना जो भी हमारा मन से किया अपन सोचे हैं कैसे हैं उसका विचार नहीं व्यक्त रख सकते हैं सिर्फ हमारे देश में ही ऐसा है कि हम अपना विचार है दूसरा सत्य विचार रखा है अब उनके दिल में क्या है कि हम नहीं बता सकते कि तू इतना जरूर है कि यह लोकतांत्रिक देश है

hum ek loktantrik desh ke nagarik hain hum logo ko pura adhikaar hai ki apna jo bhi hamara man se kiya apan soche hain kaise hain uska vichar nahi vyakt rakh sakte hain sirf hamare desh mein hi aisa hai ki hum apna vichar hai doosra satya vichar rakha hai ab unke dil mein kya hai ki hum nahi bata sakte ki tu itna zaroor hai ki yah loktantrik desh hai

हम एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं हम लोगों को पूरा अधिकार है कि अपना जो भी हमारा मन से क

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डॉ सतीश सारस्वत

इलेक्ट्रो होम्योपैथ चिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकर्ता

2:03
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ओवैसी ने लोकसभा में तूफानी लाल का संशोधन के बिल तो मैं आपको स्प्रिंग समझा दो ओवैसी मुसलमानों को भड़काने का बहुत बड़ा रहनुमा है मुसलमानों को भड़काने में सबसे बड़ा हाथी ओवैसी का है उसी को ही अपने आप में डर लग रहा है कि कहीं मुझे भारत से निकाला गया क्यों हो गई थी खुद भारत की संतान नहीं है खुद भारत का नागरिक नहीं है बाहर से भगोड़ा व्यक्ति है जिसने हैदराबाद में अपने आप को बसाया है तो ओवैसी का नाम ता बिल फालना इसीलिए इसकी घोर मानसिकता का यह परिणाम है कि यह बहुत ही डरपोक आदमी है और यह मुसलमानों को भड़काने का बहुत बड़ा गलत काम का तू मैं भारत की सरकार से भारत के मुसलमानों से यह अपील करूंगा कि ऐसे व्यक्ति के बहकावे में ना आएं आप पढ़े लिखे हैं एक जमाना था जब पढ़े-लिखे नहीं हुआ करते थे आज नए नौजवान व्यक्ति पढ़े लिखे हैं अच्छी-अच्छी कंपनियां मैं अपने आपको अच्छी-अच्छी पोस्ट पर ज्वाइन किए हुए हैं तो पढ़ाने का मुसलमान शायद मैं जानता हूं हिंदुस्तान के बारे में और अपने बारे में बहुत ही अच्छी सोच रखते हैं और उन्हें मालूम है कि तालीम सबसे बड़ी हम लोगों के हत्यारे किसी भी बिरादरी के किसी भी जाति के हो ताली सबसे बड़ा हथियार होता है और ओवैसी का परिवार और ओवैसी यह बहुत ही घटिया सोच के व्यक्ति हैं और उनसे हमेशा सावधान रहना चाहिए धन्यवाद

owaisi ne lok sabha mein tufani laal ka sanshodhan ke bill toh main aapko spring samjha do owaisi musalmanon ko bhadkaane ka bahut bada rehnuma hai musalmanon ko bhadkaane mein sabse bada haathi owaisi ka hai usi ko hi apne aap mein dar lag raha hai ki kahin mujhe bharat se nikaala gaya kyon ho gayi thi khud bharat ki santan nahi hai khud bharat ka nagarik nahi hai bahar se bhagoda vyakti hai jisne hyderabad mein apne aap ko basaya hai toh owaisi ka naam ta bill falna isliye iski ghor mansikta ka yah parinam hai ki yah bahut hi darpok aadmi hai aur yah musalmanon ko bhadkaane ka bahut bada galat kaam ka tu main bharat ki sarkar se bharat ke musalmanon se yah appeal karunga ki aise vyakti ke bahakaave mein na aaen aap padhe likhe hain ek jamana tha jab padhe likhe nahi hua karte the aaj naye naujawan vyakti padhe likhe hain achi achi companiya main apne aapko achi achi post par join kiye hue hain toh padhane ka muslim shayad main jaanta hoon Hindustan ke bare mein aur apne bare mein bahut hi achi soch rakhte hain aur unhe maloom hai ki talim sabse badi hum logo ke hatyare kisi bhi biradari ke kisi bhi jati ke ho tali sabse bada hathiyar hota hai aur owaisi ka parivar aur owaisi yah bahut hi ghatiya soch ke vyakti hain aur unse hamesha savdhaan rehna chahiye dhanyavad

ओवैसी ने लोकसभा में तूफानी लाल का संशोधन के बिल तो मैं आपको स्प्रिंग समझा दो ओवैसी मुसलमान

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N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

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ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी फॉर हवाला दिया था कि महात्मा गांधी ने साउथ अफ्रीका में ऐसे ही एक बिल के ऑफिस आरडी संसद नहीं है बिल्कुल ही कतई उचित नहीं है चाहे कोई भी होता है और सत्ता पक्ष का कोई सदस्य हो या विपक्ष का कोई सदस्य व कभी भी किया जाता है यह देखने में आया कि जो स्पीकर ने इसे कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने के लिए बोल दिया है तो नहीं गलत है और इस तरह की चीज नहीं है उसे अपनी बातों को रखने का हक है वह अपने बातों के द्वारा अपने तर्क के द्वारा गलत और सही कहा ना अपने साथी सदस्यों को दिखा और चाचा का सट्टा देने का मतलब है क्या नहीं करना चाहते कोई बात ही नहीं करना चाहती आपके पास कोई बात नहीं है कोई भी कभी भी किसी भी सरकार के समय में करें यह बिल्कुल ही गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए हम सबकी अपनी गरिमा होती है और यह पूरे देश की जनता देख रही होती है यह चीजें विदेशों तक में भी देखी जा सकती है तू क्या आपके देश का क्या आप की संसद का जो दृश्य पेश होगा चाहे आपके देश की जनता के सामने या फिर विदेशी जनता के साथ की कल्पना भी इन लोगों करनी चाहिए और किसी भी परिस्थिति में ऐसा नहीं होना चाहिए कि ऐसा हो जाती है सारे बचकाना हरकत कहीं और बचपना हरकतों से संसद नहीं चलाया जा सकता है और चलाया भी नहीं जाना चाहिए यह सब गलत नजीर है यह नहीं पेश किया जाता है कोई मतलब ही नहीं रहा गया हमने लिख दिया मतलब क्या क्या चर्चा के लिए हम वहां उपस्थित हैं तो हमारी बातों के द्वारा रखेंगे हम क्लॉज बाय क्लॉज अपने किए रख सकते हम एक-एक चीज को दिखाएं करके वहां रख सकें इसी के लिए चुना गया जनता ने हमें इसी लिए चुना इसलिए इसका विरोध होना चाहिए और विरोध तो हो ही गया एकता से जब स्पीकर ने कह दिया कि स्कोर रिकॉर्ड से हटा दिया जाए आगे 1 सदस्यों को संसद की गरिमा बनाकर रखा जाना चाहिए और गलत मजीरे गलत ही होती हैं वह किसी का हवाला दे कर के उसे सही नहीं कहा जा सकता धन्यवाद

owaisi ne lok sabha mein nagarikta sanshodhan bill ki copy for hawala diya tha ki mahatma gandhi ne south africa mein aise hi ek bill ke office RD sansad nahi hai bilkul hi katai uchit nahi hai chahen koi bhi hota hai aur satta paksh ka koi sadasya ho ya vipaksh ka koi sadasya va kabhi bhi kiya jata hai yah dekhne mein aaya ki jo speaker ne ise karyavahi ke record se hatane ke liye bol diya hai toh nahi galat hai aur is tarah ki cheez nahi hai use apni baaton ko rakhne ka haq hai vaah apne baaton ke dwara apne tark ke dwara galat aur sahi kaha na apne sathi sadasyon ko dikha aur chacha ka satta dene ka matlab hai kya nahi karna chahte koi baat hi nahi karna chahti aapke paas koi baat nahi hai koi bhi kabhi bhi kisi bhi sarkar ke samay mein kare yah bilkul hi galat hai aur aisa nahi hona chahiye hum sabki apni garima hoti hai aur yah poore desh ki janta dekh rahi hoti hai yah cheezen videshon tak mein bhi dekhi ja sakti hai tu kya aapke desh ka kya aap ki sansad ka jo drishya pesh hoga chahen aapke desh ki janta ke saamne ya phir videshi janta ke saath ki kalpana bhi in logo karni chahiye aur kisi bhi paristithi mein aisa nahi hona chahiye ki aisa ho jaati hai saare bachkana harkat kahin aur bachapana harkaton se sansad nahi chalaya ja sakta hai aur chalaya bhi nahi jana chahiye yah sab galat nazeer hai yah nahi pesh kiya jata hai koi matlab hi nahi raha gaya humne likh diya matlab kya kya charcha ke liye hum wahan upasthit hain toh hamari baaton ke dwara rakhenge hum clause bye clause apne kiye rakh sakte hum ek ek cheez ko dikhaen karke wahan rakh sake isi ke liye chuna gaya janta ne hamein isi liye chuna isliye iska virodh hona chahiye aur virodh toh ho hi gaya ekta se jab speaker ne keh diya ki score record se hata diya jaaye aage 1 sadasyon ko sansad ki garima banakar rakha jana chahiye aur galat majire galat hi hoti hain vaah kisi ka hawala de kar ke use sahi nahi kaha ja sakta dhanyavad

ओवैसी ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी फॉर हवाला दिया था कि महात्मा गांधी ने साउथ

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

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ओवैसी ऐसे लोग लोकतंत्र की दुहाई देते हैं यह तो यह भी कहते हैं कि हमारी स्वतंत्रता का हनन हो रहा है काशी किशन संवैधानिक दुराचार हो रहा है और खुद वही काम करते हैं कंटीन्यूअसली वह दूसरे की स्वतंत्रता का हनन करते हैं उद्दंडता करते हैं संविधान का अपमान करते हैं संविधान का विरोध करते हैं उनके ह्रदय में संविधान के प्रति केवल नकारात्मकता भरी हुई वह केवल दिखावा करते हैं चिल्लाते हैं जो जोर से क्यों संविधान के पक्ष में ही वास्तव में उनका बस चले तो पूरे राष्ट्र को मुस्लिम राष्ट्र बना दें यह उनकी एक नकारात्मक मानसिकता है जो कि कभी भी सफल नहीं होने वाली वह इस भ्रम में हैं कि भारत मुस्लिम राष्ट्रपति जाएगा और उसी के लिए वह लोग काम करते हैं भगवान करे उनका भ्रम जल्दी से दूर हो वह खुशी से रहें और दूसरों को भी खुशी से रहने दें धन्यवाद

owaisi aise log loktantra ki duhaai dete hain yah toh yah bhi kehte hain ki hamari swatantrata ka hanan ho raha hai kashi kishan samvaidhanik durachar ho raha hai aur khud wahi kaam karte hain kantinyuasali vaah dusre ki swatantrata ka hanan karte hain uddandata karte hain samvidhan ka apman karte hain samvidhan ka virodh karte hain unke hriday mein samvidhan ke prati keval nakaratmakta bhari hui vaah keval dikhawa karte hain chillate hain jo jor se kyon samvidhan ke paksh mein hi vaastav mein unka bus chale toh poore rashtra ko muslim rashtra bana de yah unki ek nakaratmak mansikta hai jo ki kabhi bhi safal nahi hone wali vaah is bharam mein hain ki bharat muslim rashtrapati jaega aur usi ke liye vaah log kaam karte hain bhagwan kare unka bharam jaldi se dur ho vaah khushi se rahein aur dusro ko bhi khushi se rehne de dhanyavad

ओवैसी ऐसे लोग लोकतंत्र की दुहाई देते हैं यह तो यह भी कहते हैं कि हमारी स्वतंत्रता का हनन ह

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ओवैसी ने लोकसभा में सेठ जी नमन बिल की कॉपी फाड़ दी और इसे गलत कहा जा रहा है और वह तो इसे लोकसभा स्पीकर ने इस एक्ट को रिकॉर्ड से बाहर रखने के लिए कहा है जो लोकसभा में रिकॉर्ड किया जाता है हर चीज रिकॉर्डिंग होती है तो जो भी गलत हो जाते हैं तो उसे रिकॉर्ड से डिलीट कर दिया जाता है तो इस एक्ट को बिल फाड़ने के एप्स को भी रिकॉर्ड से बाहर रखा जाएगा जो कि केपरमिंट की गरिमा के अनुकूल नहीं है ऐसा इसलिए स्पीकर ने कहा हां यह भी उचित कहा जा सकता है कि भाई पार्लियामेंट में कोई भी चीज है तो यह बिल पढ़ने या इस तरह की जो गतिविधियां होती है ना किया जाए मैं अभी कोई भी बिल अगर नहीं समझ में आ रहा है या तो उसे इफेक्ट्स के साथ तथ्यों के साथ और इसके पीछे जो कारण हैं उन ग्राउंड पर उसने उस बिल का विरोध करना चाहिए और इंसान तो ओवैसी एक बैरिस्टर भी हैं तो वह विरोध भी करते हैं लेकिन बिल भरना उचित नहीं है क्योंकि पार्लियामेंट में जो पार्लिमेंट एलियन मेंबर ऑफ पार्लियामेंट होते हैं सांसद होते हैं वहां पर एक सही व्यवस्था बनाए रहे और सारे बिल टाइम से पास हूं या सभी को उचित समय मिले यह सब व्यवस्था आर्डर उसमें बनाना होता है तो इस तरह की और तू वहां पर सभी अपनी अपनी बात तथ्यों के साथ रखें और यह सारी बातें होती हैं तो लव मेकस हमारे उचित तरीके से तो वैसे ही बातें कुछ लॉजिकल और और वैसे रखते हैं लेकिन यहां पर इन्होंने भीलवाड़ा तो यह मतलब संसद के हिसाब से सही नहीं है और इसे जो नियम कानून होते हैं संसद के उसमें इसीलिए इसको रिकॉर्ड पर नहीं और उन्होंने इसका लॉजिक दिया कि महात्मा गांधी ने भी एक बार उसमें साउथ अफ्रीका में आंखों की फाड़ दी थी संसद संसद में पढ़ना अलग बात है तो यह अपना यह है कि संसद के जरूर कुछ नियम है कानून है अगर उसका से चला जाए तो संसद की प्रोडक्टिविटी उत्पादकता अधिक से अधिक हो और ज्यादा से ज्यादा बिल वहां पर मिठाई जा सकेंगे ज्यादा सदा काम हो पाएगा संसद में विरोध करना यह सब सब के हक में सबके का राइट है चाहे कोई भी मेंबर पार्लिमेंट

owaisi ne lok sabha mein seth ji naman bill ki copy faad di aur ise galat kaha ja raha hai aur vaah toh ise lok sabha speaker ne is act ko record se bahar rakhne ke liye kaha hai jo lok sabha mein record kiya jata hai har cheez recording hoti hai toh jo bhi galat ho jaate hain toh use record se delete kar diya jata hai toh is act ko bill fadne ke apps ko bhi record se bahar rakha jaega jo ki keparamint ki garima ke anukul nahi hai aisa isliye speaker ne kaha haan yah bhi uchit kaha ja sakta hai ki bhai parliament mein koi bhi cheez hai toh yah bill padhne ya is tarah ki jo gatividhiyan hoti hai na kiya jaaye main abhi koi bhi bill agar nahi samajh mein aa raha hai ya toh use effects ke saath tathyon ke saath aur iske peeche jo karan hain un ground par usne us bill ka virodh karna chahiye aur insaan toh owaisi ek barrister bhi hain toh vaah virodh bhi karte hain lekin bill bharna uchit nahi hai kyonki parliament mein jo Parliament alien member of parliament hote hain saansad hote hain wahan par ek sahi vyavastha banaye rahe aur saare bill time se paas hoon ya sabhi ko uchit samay mile yah sab vyavastha order usme banana hota hai toh is tarah ki aur tu wahan par sabhi apni apni baat tathyon ke saath rakhen aur yah saree batein hoti hain toh love mekas hamare uchit tarike se toh waise hi batein kuch logical aur aur waise rakhte hain lekin yahan par inhone bhilwara toh yah matlab sansad ke hisab se sahi nahi hai aur ise jo niyam kanoon hote hain sansad ke usme isliye isko record par nahi aur unhone iska logic diya ki mahatma gandhi ne bhi ek baar usme south africa mein aankho ki faad di thi sansad sansad mein padhna alag baat hai toh yah apna yah hai ki sansad ke zaroor kuch niyam hai kanoon hai agar uska se chala jaaye toh sansad ki productivity utpadakta adhik se adhik ho aur zyada se zyada bill wahan par mithai ja sakenge zyada sada kaam ho payega sansad mein virodh karna yah sab sab ke haq mein sabke ka right hai chahen koi bhi member Parliament

ओवैसी ने लोकसभा में सेठ जी नमन बिल की कॉपी फाड़ दी और इसे गलत कहा जा रहा है और वह तो इसे ल

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Varsha

Data Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओवैसी ने लोकसभा में क्यों पारी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी कुछ भी बोलने से पहले मैं यह बात बता दूं कि मैं आशा उद्दीन ओवैसी कि ना तो बहुत बड़ी फैन हूं ना उनकी कोई फॉलोअर हूं लेकिन परसों जो भी बात लोकसभा में ओवैसी ने की है और बिल्कुल तर्कसंगत है तथ्य पर आधारित है और देश के हक में है वैसे जी का कहना है कि जो बिल पेश किया गया है सिटिजन अमेंडमेंट बिल 2019 नागरिक संशोधन बिल 2019 बहुत ही डेंजरस है भारत को बांटने की साजिश है और लंबे समय के लिए मुस्लिम मुस्लिमों को भारत से निकालने का एक प्लान है एक प्लॉट इसमें सिटिजन अमेंडमेंट बिल में के तहत तीन बातें की है उन्होंने सिटीजनशिप एक्ट ऑफ 1955 जिसके मुताबिक एक इंसान भारतीय तभी हो सकता है भारत का सिटीजनशिप भारत की नागरिकता एक व्यक्ति को तभी मिल सकती है जबकि वह नेचुरल यहां पर पैदा हुआ भारत की मिट्टी पर पैदा हुआ हूं भारत का डीएनए उसमें हो ना कि कोई बाहर से आ गया हो भाग्य और उसको सिटीजनशिप दे दी जाएगी एक भारत का सिटीजनशिप या भारत का आधार कार्ड जिले में उनकी भाषा में कॉमन भाषा में में यह बोल सकती हूं भारत का आधार कार्ड से उसको ही मिलेगा जो कि यहां पैदा हुआ यह सिटीजनशिप एक्ट ऑफ 1955 के हिसाब से लेकिन इस बिल के अमेंडमेंट के बाद 2019 सिटीजनशिप बिल पेमेंट के बाद जो बाहर से आए हुए तीन देश से आए हुए लोग बांग्लादेश पाकिस्तान और अफगानिस्तान तीनों देश से आए हुए खींचा टी सी जाति के लोग जो कि हिंदू बुद्धिस्ट पारसी जैन क्वेश्चन और सिख होंगे उनको 6 साल इंडिया में रहने के बाद ही परमानेंट सिटीजनशिप मिल सकती है मिल जाएगी अब वह अफगानिस्तान से आए हो पाकिस्तान से बंगलादेश सवाल यह उठता है जो वैसी जी ने उठाया है कि मुसलमान को क्यों नहीं रखा इस कैटेगरी मुसलमान को क्यों नहीं रखा इस कैटेगरी में जबकि आर्टिकल पार्टी जो संविधान का आर्टिकल फोर्टिन है उसमें यह कहना है कि सबको समानता का अधिकार है चाहे वह किसी भी वर्ग या जाति का हो भारत में सबको समानता का अधिकार है चाहे वह किसी भी धर्म और जाति का हो उसको उसके वर्क या उसके जाति के आधार पर विभाजित नहीं किया जा सकता है तो जबकि यह सिर्फ हिंदुओं को बुला रहे हैं बाहर से उनको एक तरह से क्लीनचिट दे रहे हैं उनको एक इनविटेशन दे रहे कि आप आइए शरणार्थी बनकर हम आपको भारत में परमानेंट ऐसे में ओवैसी जी ने कहा है कि जो पहले से मुस्लिम कह रहे हैं रिफ्यूजी मुस्लिम के यहां रह रहे हैं उनका क्या होगा क्योंकि जो यह शेर के में से पांच छे धर्म है इनको तो चार-पांच 6 साल रहने के बाद सिटीजनशिप मिल जाएगा इंडिया का लेकिन मुस्लिम को नहीं मिलेगा जो बाहर से मुस्लिम आएंगे इन 3 देशों से उनको नहीं मिलेगा तो जो यहां पर ऑलरेडी मुस्लिम रह रहे हैं रिफ्यूजी मुस्लिम उन पर कोई केस चल रही है अभी कोई लीगल कार्रवाई चल रही हो तो और अगर जो बाहर से यह 5 जातियां आ रही है उन पर कोई निकल कार्यवाही चल रही हो तो वह 6 साल के बाद वह खारिज हो जाएगी या उस पर सिटीजनशिप के हिसाब से परमानेंट सिटीजनशिप के हिसाब से उन पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन यह जो रिफ्यूजी मुस्लिम होंगे इनको विष्णु जी की तरह ही ट्रिक किया जाएगा तो यह है डिस्क्रिमिनेशन दूसरी बात ओवैसी जी का कहना है कि पाकिस्तान को ना तो हिंदू से मतलब है ना मुसलमान से मतलब है पाकिस्तान को सिर्फ हिंदुस्तान की बर्बादी से मतलब है वह भारत में घुस आएगा अपने लोग हिंदू बनाकर हिंदू के रूप में अपने आदमी यहां भारत में घुस आए द परमानेंट चंद्र सिटीजनशिप दिलाएगा क्या कर लोगे अब क्या कर लोगे तो यह सवाल बड़ा गंभीर है यह सवाल बड़ा संजीदा है और बड़ी सोचने वाली बात है जिसमें हम सब को सोचना चाहिए और जो प्रोटेस्ट इतनी हो रहे हैं वह इसी बात पर हो रहे हैं और ओवैसी जी का कहना है उन्होंने यह बिल इसलिए मारा क्योंकि उन्होंने जब संविधान का प्रियम बल लिखा जा रहा था प्रियम बल बोर्ड का यूज किया उन्होंने प्रियम बल यानी भूमिका कह सकते हैं जो पोस्टपेड का फर्स्ट लेटर लिखा जा रहा था फर्स्ट वर्ड लिखा जा रहा था तब उस समय ईश्वर का म नाम के व्यक्ति थे उन्होंने यह कहा था कि इसका जो है सुबह किसी भगवान या किसी खुदा के नाम से होना चाहिए क्योंकि अमूमन हम लोग खुश कोई भी काम भगवान या खुदा के नाम से शुरु करते हैं लेकिन डॉ राजेंद्र प्रसाद जो मारे प्रधान प्रथम राष्ट्रपति थे उन्होंने कहा कि नहीं हर समय हर भगवान है ईश्वर से बड़ा हमारी हमारे देश की एकता अखंडता हमारा हम हैं हम सब की एकता ही सब सर सर्वोपरि है इसीलिए हमने तो भगवान का नाम ले नैना खुदा का नाम लिखें हम भी से शुरू करेंगे हम हम से शुरू करेंगे क्योंकि हम सब एक हैं इस देश में कोई भी मजहब अलग नहीं है तो उन आशा उद्दीन ओवैसी का यह कहना है कि क्या कि उस समय की सोच कितने महान लोग थे वो कि उन्होंने किसी धर्म को से शुरुआत नहीं की उन्होंने सिर्फ एक एकता को बल दिया बी द सिटीजनशिप सी द सिटीजन ऑफ इंडिया लिखा है उस प्रियम बल पर जोर दिया दी मतलब हम और इसलिए क्या उस समय उनका सोच थी और आज कितनी गिर गई है सोच इस पर उन्होंने जोर दिया और उन्होंने यह कहते हुए दिल को पारा कि महात्मा गांधी ने भी अफ्रीका में 19 सौ एक बिल को पारित है उसी तरह मैं भी ना खुश हूं क्योंकि यह देश को बांटने की साजिश है धर्म के आधार पर देश की धर्मनिरपेक्षता पर राइट राइट ओं की क्वालिटी पर आहत है इसलिए मैं इस बिल को पाता हूं क्योंकि महात्मा ने जब दिल को महात्मा ने जब बेगोपारा तो मैं भी बिल्कुल पढ़ सकता हूं और उन्होंने यह कहते हुए दिल को सहारा है और ऐसे मुश्किल समय में सरकार ऐसे अजीबोगरीब कदम और बिल पेश करती है तो हम सब को सोचना है कि हमें आगे क्या करना चाहिए कैसे ऐसे मुश्किल समय में ने देश को और अपने राष्ट्र को अपने संविधान को बचाना चाहिए और बिल्कुल से मजाक में नहीं लेना है ना तो किसी धर्म और आदमी के हिसाब से बात करनी है सिर्फ संविधान के बारे में सोचना

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bharat ka aadhaar card jile mein unki bhasha mein common bhasha mein mein yah bol sakti hoon bharat ka aadhaar card se usko hi milega jo ki yahan paida hua yah Citizenship act of 1955 ke hisab se lekin is bill ke Amendment ke baad 2019 Citizenship bill payment ke baad jo bahar se aaye hue teen desh se aaye hue log bangladesh pakistan aur afghanistan tatvo desh se aaye hue khicha T si jati ke log jo ki hindu Buddhist parasi jain question aur sikh honge unko 6 saal india mein rehne ke baad hi permanent Citizenship mil sakti hai mil jayegi ab vaah afghanistan se aaye ho pakistan se bangladesh sawaal yah uthata hai jo vaisi ji ne uthaya hai ki muslim ko kyon nahi rakha is category muslim ko kyon nahi rakha is category mein jabki article party jo samvidhan ka article fortin hai usme yah kehna hai ki sabko samanata ka adhikaar hai chahen vaah kisi bhi varg ya jati ka ho bharat mein sabko samanata ka adhikaar hai chahen vaah kisi bhi dharm aur jati ka ho usko uske work ya uske jati ke aadhaar 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discrimination dusri baat owaisi ji ka kehna hai ki pakistan ko na toh hindu se matlab hai na muslim se matlab hai pakistan ko sirf Hindustan ki barbadi se matlab hai vaah bharat mein ghus aayega apne log hindu banakar hindu ke roop mein apne aadmi yahan bharat mein ghus aaye the permanent chandra Citizenship dilaega kya kar loge ab kya kar loge toh yah sawaal bada gambhir hai yah sawaal bada sanjida hai aur baadi sochne wali baat hai jisme hum sab ko sochna chahiye aur jo protest itni ho rahe hai vaah isi baat par ho rahe hai aur owaisi ji ka kehna hai unhone yah bill isliye mara kyonki unhone jab samvidhan ka priyam bal likha ja raha tha priyam bal board ka use kiya unhone priyam bal yani bhumika keh sakte hai jo postpaid ka first letter likha ja raha tha first word likha ja raha tha tab us samay ishwar ka main naam ke vyakti the unhone yah kaha tha ki iska jo hai subah kisi bhagwan ya kisi khuda ke naam se hona chahiye kyonki amuman hum log khush koi bhi kaam bhagwan ya khuda ke 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ओवैसी ने लोकसभा में क्यों पारी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी कुछ भी बोलने से पहले मैं यह बात

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Sushil Bhardwaj Chhata Mathura

Lawyer and social worker and Politician

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देखिए यह जो हमारे ओवैसी है जो मुस्लिम समुदाय के नेता है उनका एक मकसद है हिंदुस्तान में ज्यादा से ज्यादा जहर उगलना हिंदुओं खिलाफ केवल अपनी राजनीति चमकाना अपनी राजनीति की दुकान को आगे बढ़ाना कुछ ऐसे लोग होते हैं वह अपने धर्म के सबसे बड़े शुभचिंतक बनकर दूसरे के धर्म से आग लगाने वाली बात कहकर अपने आप को बढ़ाने का काम है यह ना हिंदुओं के हितेषी है ना मुस्लिमों के थे सी तो इसी वजह से ऐसे लोग अगर जब तक यह कितना से ज्यादा से ज्यादा नेगेटिव बोलेंगे क्योंकि नेगेटिव बोलने से इनकी टीआरपी बढ़ती है और देश दुनिया का करणपुर बढ़ता है इसी वजह से अपनी राजनीति बचाने के लिए का काम यह लोग करते हैं इनका देश धर्म विकास से कोई मतलब नहीं है लाइन का कोई सीन है ना कोई धर्म है ना कोई कुरान है ना कोई जीता है केवल अपनी राजनीति को आगे बढ़ाना ऐसे लोगों से हमें देश की जनता को बहुत सतर्क रहना चाहिए ऐसे लोगों को ज्यादा ज्यादा पर इसका करें और राजनीति में ऐसे लोगों को भी चुनाव हराकर इनको घर पर बैठा है तभी देश कैसा है हमारा इसे आप सब कहते हैं धन्यवाद जय हिंद जय भारत

dekhiye yah jo hamare owaisi hai jo muslim samuday ke neta hai unka ek maksad hai Hindustan mein zyada se zyada zehar ugalana hinduon khilaf keval apni raajneeti chamkana apni raajneeti ki dukaan ko aage badhana kuch aise log hote hai vaah apne dharm ke sabse bade shubhchintak bankar dusre ke dharm se aag lagane wali baat kehkar apne aap ko badhane ka kaam hai yah na hinduon ke hiteshi hai na muslimo ke the si toh isi wajah se aise log agar jab tak yah kitna se zyada se zyada Negative bolenge kyonki Negative bolne se inki trp badhti hai aur desh duniya ka karanapur badhta hai isi wajah se apni raajneeti bachane ke liye ka kaam yah log karte hai inka desh dharm vikas se koi matlab nahi hai line ka koi seen hai na koi dharm hai na koi quraan hai na koi jita hai keval apni raajneeti ko aage badhana aise logo se hamein desh ki janta ko bahut satark rehna chahiye aise logo ko zyada zyada par iska kare aur raajneeti mein aise logo ko bhi chunav harakar inko ghar par baitha hai tabhi desh kaisa hai hamara ise aap sab kehte hai dhanyavad jai hind jai bharat

देखिए यह जो हमारे ओवैसी है जो मुस्लिम समुदाय के नेता है उनका एक मकसद है हिंदुस्तान में ज्य

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मैं जातक मानता हूं ओवैसी जैसा नेता भारत के सिर्फ टुकड़े करने में लगा है पूर्णता गलत है उसकी मानसिकता ही संगठन है वह केवल और केवल मुस्लिम धर्म के बारे में सोचता है वह जो मुस्लिमों के बारे में बोलता है या मुस्लिम धर्म के बारे में जो बोलता है वह पूर्णता गलत बोलता है वह न केवल बरगलाने के लिए बोलता है चाहे वह नागरिक संशोधन अमेंडमेंट बिल हो चाहे वह अन्य किसी भी प्रकार का आधार नहीं किया भारतीय मुद्रा वह किसी भी बात में हिंदू और मुस्लिम के सांप्रदायिक दंगों की बात करेगा और मुझे यह बात करेगा कि मुस्लिमों का अत्याचार और उसकी जो जादुई भाषा है वह केवल राजनीति की अंदर अपने पद को बढ़ाने के लिए वह बहुत ही स्वार्थी व्यक्ति है और वह भारतीय नागरिक है लेकिन वह भारत के देश का इत्र से सबसे बड़ा दुश्मन है मैं मानता हूं कि ओवैसी जैसा नेता अगर भारत में है तो यह भारत का दुर्भाग्य है कि उसे उसके जो लोग मुंह से इतना महत्व रहता है अगर एक निष्पक्ष एक देशभक्त एक भारतीय होने के नाते अगर में सोचो तो ओवैसी जैसे नेताओं का नेता पर कई प्रकार के केस लागू होते हैं उन पर कैसे लगाया जाए और उसे जेल में डाला जाए और उसे यह समझा जाए कि तुम्हारी जो मानसिकता है वह भारत की अखंडता को भारत की संप्रभुता को भारत की जो पंथनिरपेक्ष हुई है उसको बर्बाद करने के लिए तुम्हारे जो शब्द है उन्हें बंद करें और ओबीसी को यह भी समझाया जाए कि वह पढ़ा लिखा है लेकिन वह ज्ञानी नहीं है वह ज्ञान है और उसके द्वारा जो बिल फाड़ आगे वह जनता को गुमराह करने के लिए भारत की जनसंख्या एक अरब 20 करोड़ से ज्यादा सब के सब ज्ञानी नहीं है आप शाहीन बाग का उधर देख सकते हैं शाहीन बाग जब शुरू हुआ उससे पहले जब यह बिल आया कि ए तो शाहीन बाग में जितने भी मुस्लिम को किए के खिलाफ वहां पर धरना देकर बैठ गए उन्होंने वहां पर बैठने वाले सभी व्यक्तियों को सीए में कई कमियां नजर आई क्योंकि वह समझ गए मैं आपसे पूछता हूं जो को रोना का कहर भारत में आया तो वही जमाती लोग एक साथ इकट्ठे हो रहा है एक साथ नमाज पढ़ रहा है जब उन्हें हाथ जोड़कर कहा जा रहा है कि एक बीमारी है यह किसी धर्म को नहीं समझती लेकिन उन्होंने ओवैसी जैसे मूर्ख लोगों और मौलानाओं की मूर्खतापूर्ण बातों में आकर अभी तक हठधर्मिता से वो कार्य कर रहा है क्या उन्हें उन्हें अल्लाह मिल जाएगा क्या उन्हें जन्नत मिल जाएगी क्योंकि यह जो नेता है यह उन्हें अपने निजी स्वार्थों के लिए वर्ग लाते हैं उन्हें कुछ लाते हैं इस प्रकार जूस पिए जो बिल है अगर ओबीसी उसे मारता तो मैं सोचता हूं तू एक विरोध करने का तरीका नहीं है वह यह दर्शाता है कि वह भारत में सरकार की नीतियों के खिलाफ यह बोलना चाहता है कि हमें अगस्त से रहना है अगर मुस्लिम वर्ग को सुख से रहना है तो एक फिर से पाकिस्तान बनेगा अब 1947 का समय नहीं है मैं यह चाहता हूं कि इस प्रकार के नेताओं पर लगाम लगाई जाए और ए दिल है उसमें स्पष्ट रूप से यह कहा गया है कि भारत में रहने वाले किसी भी नागरिकता नागरिक की नागरिकता को नहीं चुना जाएगा चाहे वो किसी भी धर्म सेवक यहां पर केवल और केवल एक बात जिस का विरोध किया जा रहा है वह भी गलत रूप से वह यह है कि भारत के बाहर पाए जाने वाले मुस्लिम धर्म के लोगों को भारत में नागरिकता नहीं दी जाएगी अन्य अल्पसंख्यक धर्म जो हमारे पड़ोसी देशों में है वह अगर वहां पर पीड़ित हैं तो वह भारत में आकर भारत के संविधान का पालन करते हुए भारतीय नागरिकता प्राप्त कर सकते लावा स्पष्ट रूप से इसमें कुछ भी नहीं है बहुत ही स्पष्ट रूप से यह कह दिया गया है कि हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान जोक इस्लामिक देश है क्या वहां पर इस्लामिक लोग पीड़ित हैं हमारे भारत के पड़ोसी देश मालदीव भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश इस्लामिक राष्ट्र क्या वहां पर इस्लामिक लोग पीड़ित हैं नहीं वापस हिंदू सिख ईसाई पारसी मौत जैन यह लोग वहां पीड़ित हो सकते हैं और वह अल्पसंख्यक भी है वह भारत के भारतीय नागरिकता ग्रहण कर सकते हैं लेकिन ओवैसी जैसे बेवकूफ और मूर्ख और निजी स्वार्थी नेताओं के कारण यह लोग इसको एक धार्मिक चोला पहना है और इसमें कांग्रेसका भी बहुत बड़ा हाथ है अगर किसी गुनाह को आप मूल रूप से स्वीकृति देते हैं तो आप भी उतने ही पापी है जितना पाप करने वाला कांग्रेश और ओवैसी यह जो नेता है और हमारी अच्छा तुम उसे किलर दिनांक पंथनिरपेक्ष बहुत सुख यह हर जगह नहीं बोलता है यह केवल अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए अपने सभी को प्रसिद्ध करने के लिए यह बेतुके बयान देते हैं और बेतुके कार्य में घोर निंदा करता हूं ओवैसी की और भारत के संविधान को जो पूर्ण रूप से समझते हैं अर्थ ज्ञानी है उनकी भी घोर निंदा करता हूं हमें हमारे संविधान में विश्वास होना चाहिए और किसी भी बात को अगर आप बोलते हैं उससे पहले उसका विश्लेषण कीजिए इस प्रकार आप एक भारतीय होने का फर्ज निभाएंगे

main jatak maanta hoon owaisi jaisa neta bharat ke sirf tukde karne me laga hai purnata galat hai uski mansikta hi sangathan hai vaah keval aur keval muslim dharm ke bare me sochta hai vaah jo muslimo ke bare me bolta hai ya muslim dharm ke bare me jo bolta hai vaah purnata galat bolta hai vaah na keval baragalane ke liye bolta hai chahen vaah nagarik sanshodhan Amendment bill ho chahen vaah anya kisi bhi prakar ka aadhar nahi kiya bharatiya mudra vaah kisi bhi baat me hindu aur muslim ke sampradayik dango ki baat karega aur mujhe yah baat karega ki muslimo ka atyachar aur uski jo jaduii bhasha hai vaah keval raajneeti ki andar apne pad ko badhane ke liye vaah bahut hi swaarthi vyakti hai aur vaah bharatiya nagarik hai lekin vaah bharat ke desh ka itra se sabse bada dushman hai main maanta hoon ki owaisi jaisa neta agar bharat me hai toh yah bharat ka durbhagya hai ki use uske jo log mooh se itna mahatva rehta hai agar ek nishpaksh ek deshbhakt ek bharatiya hone ke naate agar me socho toh owaisi jaise netaon ka neta par kai prakar ke case laagu hote hain un par kaise lagaya jaaye aur use jail me dala jaaye aur use yah samjha jaaye ki tumhari jo mansikta hai vaah bharat ki akhandata ko bharat ki samprabhuta ko bharat ki jo panthnirpeksh hui hai usko barbad karne ke liye tumhare jo shabd hai unhe band kare aur OBC ko yah bhi samjhaya jaaye ki vaah padha likha hai lekin vaah gyani nahi hai vaah gyaan hai aur uske dwara jo bill faad aage vaah janta ko gumrah karne ke liye bharat ki jansankhya ek arab 20 crore se zyada sab ke sab gyani nahi hai aap saheen bagh ka udhar dekh sakte hain saheen bagh jab shuru hua usse pehle jab yah bill aaya ki a toh saheen bagh me jitne bhi muslim ko kiye ke khilaf wahan par dharna dekar baith gaye unhone wahan par baithne waale sabhi vyaktiyon ko ca me kai kamiyan nazar I kyonki vaah samajh gaye main aapse poochta hoon jo ko rona ka kahar bharat me aaya toh wahi jamati log ek saath ikatthe ho raha hai ek saath namaz padh raha hai jab unhe hath jodkar kaha ja raha hai ki ek bimari hai yah kisi dharm ko nahi samajhti lekin unhone owaisi jaise murkh logo aur maulanaon ki murkhtapurn baaton me aakar abhi tak hathadharmita se vo karya kar raha hai kya unhe unhe allah mil jaega kya unhe jannat mil jayegi kyonki yah jo neta hai yah unhe apne niji swarthon ke liye varg laate hain unhe kuch laate hain is prakar juice piye jo bill hai agar OBC use maarta toh main sochta hoon tu ek virodh karne ka tarika nahi hai vaah yah darshata hai ki vaah bharat me sarkar ki nitiyon ke khilaf yah bolna chahta hai ki hamein august se rehna hai agar muslim varg ko sukh se rehna hai toh ek phir se pakistan banega ab 1947 ka samay nahi hai main yah chahta hoon ki is prakar ke netaon par lagaam lagayi jaaye aur a dil hai usme spasht roop se yah kaha gaya hai ki bharat me rehne waale kisi bhi nagarikta nagarik ki nagarikta ko nahi chuna jaega chahen vo kisi bhi dharm sevak yahan par keval aur keval ek baat jis ka virodh kiya ja raha hai vaah bhi galat roop se vaah yah hai ki bharat ke bahar paye jaane waale muslim dharm ke logo ko bharat me nagarikta nahi di jayegi anya alpsankhyak dharm jo hamare padosi deshon me hai vaah agar wahan par peedit hain toh vaah bharat me aakar bharat ke samvidhan ka palan karte hue bharatiya nagarikta prapt kar sakte lava spasht roop se isme kuch bhi nahi hai bahut hi spasht roop se yah keh diya gaya hai ki hamare padosi desh pakistan joke islamic desh hai kya wahan par islamic log peedit hain hamare bharat ke padosi desh maldive bharat ke padosi desh bangladesh islamic rashtra kya wahan par islamic log peedit hain nahi wapas hindu sikh isai parasi maut jain yah log wahan peedit ho sakte hain aur vaah alpsankhyak bhi hai vaah bharat ke bharatiya nagarikta grahan kar sakte hain lekin owaisi jaise bewakoof aur murkh aur niji swaarthi netaon ke karan yah log isko ek dharmik chola pehna hai aur isme kangresaka bhi bahut bada hath hai agar kisi gunah ko aap mul roop se swikriti dete hain toh aap bhi utne hi papi hai jitna paap karne vala congress aur owaisi yah jo neta hai aur hamari accha tum use killer dinank panthnirpeksh bahut sukh yah har jagah nahi bolta hai yah keval apni trp badhane ke liye apne sabhi ko prasiddh karne ke liye yah betuke bayan dete hain aur betuke karya me ghor ninda karta hoon owaisi ki aur bharat ke samvidhan ko jo purn roop se samajhte hain arth gyani hai unki bhi ghor ninda karta hoon hamein hamare samvidhan me vishwas hona chahiye aur kisi bhi baat ko agar aap bolte hain usse pehle uska vishleshan kijiye is prakar aap ek bharatiya hone ka farz nibhaenge

मैं जातक मानता हूं ओवैसी जैसा नेता भारत के सिर्फ टुकड़े करने में लगा है पूर्णता गलत है उसक

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वैसे अपना विरोध बहुत ही जोरदार तरीके से दर्ज कराना चाहते थे इसलिए कोई कॉपी पड़ी इसके पीछे उनकी एक शादी किससे हुई थी इस समिति की

waise apna virodh bahut hi jordaar tarike se darj krana chahte the isliye koi copy padi iske peeche unki ek shaadi kisse hui thi is samiti ki

वैसे अपना विरोध बहुत ही जोरदार तरीके से दर्ज कराना चाहते थे इसलिए कोई कॉपी पड़ी इसके पीछे

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ओवैसी साहब ने नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी इसलिए पड़ी थी क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि यह संशोधन बिल केवल और केवल मुस्लिमों के अलावा किया जाए मतलब इसमें तीन कम्युनिटी मतलब मुस्लिम के अलावा सारे कम्युनिटी जैसे हिंदू सिख इसाई क्रिश्चियन सब लोग जो विदेशों में अल्पमत में है अल्पसंख्यक हैं और वहां की उत्पीड़न से परेशान हैं उनको नागरिकता देने के लिए जो प्लान सरकार ने बनाई थी उसको लेकर ओवैसी साहब नाराज थे क्योंकि उन्हें लगता था कि इस बिल में जैसे सभी कम्यूनिटी के लोगों के लिए यह प्रावधान किया जा रहा है कि विदेशों से लोगों को लाया जाए जो वहां पर संकेत है उसी प्रकार मुसलमानों को भी वहां से भारत में नागरिकता देने की प्रक्रिया लगाई जाए मुस्लिम के लिए इसलिए राजनीति कर रहे थे क्योंकि वह दिस हैदराबाद संसदीय क्षेत्र से आते हैं वह उनकी पुरानी सीट है मतलब उनके दादाजी से लेकर उनके पिताजी फिर वह सब्जी एक पीढ़ी दर पीढ़ी वहां से चले आ रही है वह और वहां पर आप देखेंगे तो सबसे ज्यादा अगर कोई जनसंख्या में किसी कम्युनिटी के लोड लोग हैं तो वह मुस्लिम लोग और इस वजह से ओवैसी साहब को लगता है कि वह मुस्लिमों के हितैषी हैं और वह मुस्लिमों का सभी मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करते हैं यह उनका भ्रम है यह भारत देश एक लोकतांत्रिक देश है सरोवर अमितेश है यहां सब लोगों के लिए समान प्रावधान है

owaisi saheb ne nagarikta sanshodhan bill ki copy isliye padi thi kyonki vaah nahi chahte the ki yah sanshodhan bill keval aur keval muslimo ke alava kiya jaaye matlab isme teen community matlab muslim ke alava saare community jaise hindu sikh isai Christian sab log jo videshon me alpamat me hai alpsankhyak hain aur wahan ki utpidan se pareshan hain unko nagarikta dene ke liye jo plan sarkar ne banai thi usko lekar owaisi saheb naaraj the kyonki unhe lagta tha ki is bill me jaise sabhi community ke logo ke liye yah pravadhan kiya ja raha hai ki videshon se logo ko laya jaaye jo wahan par sanket hai usi prakar musalmanon ko bhi wahan se bharat me nagarikta dene ki prakriya lagayi jaaye muslim ke liye isliye raajneeti kar rahe the kyonki vaah this hyderabad sansadiya kshetra se aate hain vaah unki purani seat hai matlab unke dadaji se lekar unke pitaji phir vaah sabzi ek peedhi dar peedhi wahan se chale aa rahi hai vaah aur wahan par aap dekhenge toh sabse zyada agar koi jansankhya me kisi community ke load log hain toh vaah muslim log aur is wajah se owaisi saheb ko lagta hai ki vaah muslimo ke hitaishi hain aur vaah muslimo ka sabhi muslimo ka pratinidhitva karte hain yah unka bharam hai yah bharat desh ek loktantrik desh hai sarovar amitesh hai yahan sab logo ke liye saman pravadhan hai

ओवैसी साहब ने नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी इसलिए पड़ी थी क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि यह संश

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देखिए हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कल सदन में जो विधायक हैं वह इसलिए पड़ा क्योंकि वह बहुत लंबे समय से जो एनआरसी का विधायक है जब उसे पेश किया था उससे पहले भी इसका विरोध करते हुए आ रहे थे कि कल जब गृहमंत्री अमित शाह ने एनआरसी का विधायक सदन में पेश किया तो उसके बाद उन्होंने इस पर अपनी बात रखी और उसके बाद उनसे सवाल-जवाब कलेक्शन था तो दुबे जी को भी भाषण देगा मुकाबला की कि सभी सांसदों को अपनी बात इतनी सी तो असदुद्दीन ओवैसी क्यों खासे नाराज नजर आ रहे थे दिल से उन्होंने इस बिल का ब्लूटूथ किया है लेकिन संसद में बहुत ही अमेरिकन तरीके से और बहुत ही गलत तरीके से यूं ही विधायक के इसकी कॉपी हार्ड विधि

dekhiye hyderabad se saansad asaduddin owaisi ne kal sadan mein jo vidhayak hain vaah isliye pada kyonki vaah bahut lambe samay se jo NRC ka vidhayak hai jab use pesh kiya tha usse pehle bhi iska virodh karte hue aa rahe the ki kal jab grihmantri amit shah ne NRC ka vidhayak sadan mein pesh kiya toh uske baad unhone is par apni baat rakhi aur uske baad unse sawaal jawab collection tha toh dubey ji ko bhi bhashan dega muqabla ki ki sabhi sansadon ko apni baat itni si toh asaduddin owaisi kyon khase naaraj nazar aa rahe the dil se unhone is bill ka bluetooth kiya hai lekin sansad mein bahut hi american tarike se aur bahut hi galat tarike se yun hi vidhayak ke iski copy hard vidhi

देखिए हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कल सदन में जो विधायक हैं वह इसलिए पड़ा क्योंकि

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यह ओवैसी साहब हालांकि एक सोचे समझे बड़े सर्कुलर तरीके से जवाब देते हैं बिल फाड़ दिया उनका अपना ओपिनियन है कि वह नहीं चाहते कि यह आए और यह कहना कि यह बिल पूरा मुसलमानों के खिलाफ नहीं है मेरे को लगता है यह भी एक गलत बात ही होगी आर्टिकल फोटो कहता है कि आप किसी धर्म जाति या किसी को अपन भेदभाव नहीं कर सकते तो यह साफ इनकार करना कि यह मुसलमानों के खिलाफ नहीं है तो यह शायद थोड़ा सा पेचीदा बात होगी या यही कह देना सिर्फ यह की नागरिकता देने का बिल है यह नागरिकता लेने का भी नहीं है और अमित शाह ने यह कहा है कि को नौरोजी समझिए किसी भी आएगा फिर एनआरसी आएगा एक ही तरीके से लेंगे मुसलमान को छोड़ कर सबको मिलेगी और फिर एनर्जी सबको निकाल दिया जाएगा तो उसको इन दोनों को जोड़ लीजिए एक बड़ी सिचुएशन बड़ी सोचने समझने वाली बात है जो आप लोगों को जल्दी से समझ आती नहीं तो फिर भी हम हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हिंदुस्तान में भाई भाई जी हिंदुस्तान की मिट्टी का यही चमत्कार है किस पर हर तरह के फूल खिलते हैं और हम में से या हम में से कोई भी नहीं चाहेगा कि हम सब में से कोई भी गुजर जाए

yah owaisi saheb halaki ek soche samjhe bade circular tarike se jawab dete hain bill faad diya unka apna opinion hai ki vaah nahi chahte ki yah aaye aur yah kehna ki yah bill pura musalmanon ke khilaf nahi hai mere ko lagta hai yah bhi ek galat baat hi hogi article photo kahata hai ki aap kisi dharm jati ya kisi ko apan bhedbhav nahi kar sakte toh yah saaf inkar karna ki yah musalmanon ke khilaf nahi hai toh yah shayad thoda sa pechida baat hogi ya yahi keh dena sirf yah ki nagarikta dene ka bill hai yah nagarikta lene ka bhi nahi hai aur amit shah ne yah kaha hai ki ko naurojee samjhiye kisi bhi aayega phir NRC aayega ek hi tarike se lenge musalman ko chod kar sabko milegi aur phir energy sabko nikaal diya jaega toh usko in dono ko jod lijiye ek badi situation badi sochne samjhne wali baat hai jo aap logo ko jaldi se samajh aati nahi toh phir bhi hum hindu muslim sikh isai Hindustan mein bhai bhai ji Hindustan ki mitti ka yahi chamatkar hai kis par har tarah ke fool khilate hain aur hum mein se ya hum mein se koi bhi nahi chahega ki hum sab mein se koi bhi gujar jaaye

यह ओवैसी साहब हालांकि एक सोचे समझे बड़े सर्कुलर तरीके से जवाब देते हैं बिल फाड़ दिया उनका

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Dipak Dubedi

एक सामान्य मजदूर

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एक देश एक कानून के तरफ उठाए गए माननीय श्री मोदी जी के कदम देश में तीन मुद्दे पर मात खाए हुए ओबीसी जैसे कि तीन तलाक 370 धारा 35a और राम मंदिर में पस्त हो चुके मुगल मानसिकता इसीलिए ओबीसी में अपनी साख बचाने के लिए लोकसभा में हरी थी नागरिकता संशोधन बिल इसकी और कोई वजह नहीं हो सकती मुसलमान के बीच अपने सा को बचाने के लिए उन्हें यह बिल भारी थी जय मां भारती जय हिंद जय जय श्री राम

ek desh ek kanoon ke taraf uthye gaye mananiya shri modi ji ke kadam desh me teen mudde par maat khaye hue OBC jaise ki teen talak 370 dhara 35a aur ram mandir me past ho chuke mughal mansikta isliye OBC me apni saakh bachane ke liye lok sabha me hari thi nagarikta sanshodhan bill iski aur koi wajah nahi ho sakti musalman ke beech apne sa ko bachane ke liye unhe yah bill bhari thi jai maa bharati jai hind jai jai shri ram

एक देश एक कानून के तरफ उठाए गए माननीय श्री मोदी जी के कदम देश में तीन मुद्दे पर मात खाए हु

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वैसे जी इसलिए लोकसभा में बिल फाड़ दिए कि बहुत पहले गांधीजी साउथ अफ्रीका गए थे और वहां पर नस में चल रहा था काला अलग गोरी अल्लाह तो वहां पर गांधी जी और कुछ हिंदुस्तानी मिलकर बोले कि हम हिंदुस्तानी है इसका विरोध करेंगे और जो बिल हुआ पास हुआ था न सुते न सुते काला घोड़ा पे उसको अखाड़ा और उसका विरोध किया इसी प्रकार अवश्य देने की योजना का विरोध करते हुए वह दिल से मार दिया

waise ji isliye lok sabha me bill faad diye ki bahut pehle gandhiji south africa gaye the aur wahan par nas me chal raha tha kaala alag gori allah toh wahan par gandhi ji aur kuch hindustani milkar bole ki hum hindustani hai iska virodh karenge aur jo bill hua paas hua tha na sute na sute kaala ghoda pe usko akhada aur uska virodh kiya isi prakar avashya dene ki yojana ka virodh karte hue vaah dil se maar diya

वैसे जी इसलिए लोकसभा में बिल फाड़ दिए कि बहुत पहले गांधीजी साउथ अफ्रीका गए थे और वहां पर न

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सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूं जून 1958 का नागरिकता बिल है जिससे नाक काटी जाती है पहले से मौजूद एक्ट हैं तो शायद उन्हें लगा कि इसकी जरूरत नहीं है जो संशोधन बिल पास किया है इसी वजह से उनकी यह प्रतिक्रिया थी कि उन्होंने बिल की कॉपी फाइल

sabse pehle toh main aapko yah bata doon june 1958 ka nagarikta bill hai jisse nak kaati jaati hai pehle se maujud act hain toh shayad unhe laga ki iski zarurat nahi hai jo sanshodhan bill paas kiya hai isi wajah se unki yah pratikriya thi ki unhone bill ki copy file

सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूं जून 1958 का नागरिकता बिल है जिससे नाक काटी जाती है पहले स

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Anish Avi

Journalist

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हेलो सर मेरा नाम मनीष है जैसा कि आपने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में संशोधन कानून का बिल क्यों पड़ा मैं आपको बताना चाह रहा हूं ओवैसी साहब ने एक वकील होने के नाते अपनी बात को बहुत अच्छी तरीके से रखा अगर कभी आप असदुद्दीन ओवैसी की कभी भी किसी भी न्यूज़ चैनल के अगर आप कमेंट करेंगे तो किसी भी मजहब के लोगों की आप कमेंट देख लेना हमेशा लोग को वीसी साहब को एक समझदार अच्छा दलील रखने वाला लीडर बोलते हैं और ओवैसी साहब इस बात को खुद कहते हैं कि मैं कोई लीडर नहीं हूं मैं तो सिर्फ एक काम करने वाला हूं अगर आप बात करें कैसा 23 ओवैसी ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया तो यह आपकी गलतफहमी है आपको यकीनन यह जानने की जरूरत है कभी आप हैदराबाद जाओ वहां देखो और इस वक्त लोग गांव में ओवैसी साहब ने कितने लोगों खाने का इंतजाम करा करोड़ों रुपयों लोगों को राशन बांटा आप मुझे बताइए क्या किसी सांसद ने इस तरीके की बात करी और असदुद्दीन ओवैसी एक वकील है और इस देश के हर इंसान को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है यकीनन आप इस बात को नहीं कह सकते कि जो हमें जो हम कहेंगे वही आप कहोगे ऐसा नहीं हो सकता कानून कहता है कि जो आपको सही लगे अपनी बात रख को आप को वोट देने का भी अधिकार है और नई देने का भी अधिकार है आपकी मर्जी आप दो या मत दो अब बात आ जाती है क्या आपने कभी सामने बिल क्यों पड़ा ओवैसी साहब ने इसलिए पड़ा कि मुसलमानों को सिटी नासिक नहीं मिलेगी बाकी अगर नेपाल के पाकिस्तान के हिंदुओं की अदर मूल कैडर को ही लोग आते हैं उनको मिल जाएगी ऐसा क्यों क्या मुसलमानों से इतनी नफरत क्यों है बीजेपी को बीजेपी ने इस तरीके की बात करी और ओएसिस आपने जैसा कहा कि ये कानून हिटलर के उस कानून से भी बदतर है जब महात्मा गांधी ने इस बिल को पड़ा मैं भी इस बिल को पढ़ता हूं तो यकीनन आप को समझने की जरूरत है के ओवैसी साहब ने जो कहा वह आपने नहीं पूरी दुनिया ने सुना ओवैसी साहब ने क्यों कहा वह बिल्कुल सही कहा और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा एक तैयार है कभी आपको घर देखना हो ओवैसी साहब कभी हिंदू मुसलमान की बात नहीं करते हिंदू मुसलमान क्यों अगर कभी बात करती है तो हमारी नेशनल मीडिया बात करती है वैसे साहब कभी हिंदू मुसलमान की बात नहीं करते

hello sir mera naam manish hai jaisa ki aapne kaha ki asaduddin owaisi ne lok sabha me sanshodhan kanoon ka bill kyon pada main aapko batana chah raha hoon owaisi saheb ne ek vakil hone ke naate apni baat ko bahut achi tarike se rakha agar kabhi aap asaduddin owaisi ki kabhi bhi kisi bhi news channel ke agar aap comment karenge toh kisi bhi majhab ke logo ki aap comment dekh lena hamesha log ko VC saheb ko ek samajhdar accha dalil rakhne vala leader bolte hain aur owaisi saheb is baat ko khud kehte hain ki main koi leader nahi hoon main toh sirf ek kaam karne vala hoon agar aap baat kare kaisa 23 owaisi ne musalmanon ke liye kuch nahi kiya toh yah aapki galatfahamee hai aapko yakinan yah jaanne ki zarurat hai kabhi aap hyderabad jao wahan dekho aur is waqt log gaon me owaisi saheb ne kitne logo khane ka intajam kara karodo rupyon logo ko raashan baata aap mujhe bataiye kya kisi saansad ne is tarike ki baat kari aur asaduddin owaisi ek vakil hai aur is desh ke har insaan ko apni baat rakhne ka pura adhikaar hai yakinan aap is baat ko nahi keh sakte ki jo hamein jo hum kahenge wahi aap kahoge aisa nahi ho sakta kanoon kahata hai ki jo aapko sahi lage apni baat rakh ko aap ko vote dene ka bhi adhikaar hai aur nayi dene ka bhi adhikaar hai aapki marji aap do ya mat do ab baat aa jaati hai kya aapne kabhi saamne bill kyon pada owaisi saheb ne isliye pada ki musalmanon ko city nashik nahi milegi baki agar nepal ke pakistan ke hinduon ki other mul cadre ko hi log aate hain unko mil jayegi aisa kyon kya musalmanon se itni nafrat kyon hai bjp ko bjp ne is tarike ki baat kari aur oasis aapne jaisa kaha ki ye kanoon hitler ke us kanoon se bhi badataar hai jab mahatma gandhi ne is bill ko pada main bhi is bill ko padhata hoon toh yakinan aap ko samjhne ki zarurat hai ke owaisi saheb ne jo kaha vaah aapne nahi puri duniya ne suna owaisi saheb ne kyon kaha vaah bilkul sahi kaha aur unhe apni baat rakhne ka pura ek taiyar hai kabhi aapko ghar dekhna ho owaisi saheb kabhi hindu musalman ki baat nahi karte hindu musalman kyon agar kabhi baat karti hai toh hamari national media baat karti hai waise saheb kabhi hindu musalman ki baat nahi karte

हेलो सर मेरा नाम मनीष है जैसा कि आपने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में संशोधन कानून का

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असदुद्दीन ओवैसी साहब ने लोकसभा में नागरिकता कानून की कॉपी कुपवाड़ा और यह मेरी नजर में सही भी है क्योंकि यह नागरिकता कानून जैसी एबेल हमारे संविधान की आत्मा यानी आर्टिकल फॉर दंगा वायलेशन इसमें आर्टिकल प्रोटीन का मतलब आर्टिकल फोर्टीन हमें देता है समानता का अधिकार आर्टिकल 49 धर्म के आधार पर नहीं बैठता इसलिए असदुद्दीन ओवैसी साहब ने शायद शायद इसीलिए ने उन्होंने यह नागरिकता कानून की बिल को कॉपी को पढ़ा होगा मेरी नजर में यही है

asaduddin owaisi saheb ne lok sabha mein nagarikta kanoon ki copy kupawaada aur yah meri nazar mein sahi bhi hai kyonki yah nagarikta kanoon jaisi ebel hamare samvidhan ki aatma yani article for danga vayleshan isme article protein ka matlab article fourteen hamein deta hai samanata ka adhikaar article 49 dharm ke aadhar par nahi baithta isliye asaduddin owaisi saheb ne shayad shayad isliye ne unhone yah nagarikta kanoon ki bill ko copy ko padha hoga meri nazar mein yahi hai

असदुद्दीन ओवैसी साहब ने लोकसभा में नागरिकता कानून की कॉपी कुपवाड़ा और यह मेरी नजर में सही

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वैसे भी लोकसभा में क्यों हारी नागरिकता संशोधन बिल की काव्य यह आपका सवाल है इसका जवाब तो बहुत बड़ा कम शब्दों में छोटा सा जवाब देना चाहिए नागरिकता संशोधन कानून जो है एनआरसी जिसे कहते हैं एनआरसी यह जो है यह संविधान के खिलाफ है पहली बार धर्म के आधार पर कोई भी कानून लागू हो यह संविधान में कहीं भी नहीं देगा इसलिए जिस संविधान में लिखा है वही देश में होगा संविधान के दायरे में रहकर ही यह काम हमको करना है कोई संविधान के बाहर जाएगा तो दूसरे लोग तो बोलेंगे यह गलत है ऐसा नहीं है कि अगर सुप्रीम कोर्ट है वह गलत करे तो हम लोग नाटो के सुप्रीम कोर्ट भी अगर गलत कोई फैसला ले रहा है तो उसमें उस जनता का अधिकार है बोलने का कि एक गलत फैसला है उस पर रिमूव किया जाए ऐसा नहीं होती है कर रहा है तो दूसरा बोलेगा जरूर कि यह गलत है इसलिए उन्होंने बिल की कॉपी पार्टी भी क्योंकि उन्हें लग रहा था कि यह नागरिकता संशोधन कानून हिंदू मुसलमान के बीच में दरार पैदा करेगा इसलिए उन्होंने बिल की कॉपी फाड़ी मेरे हिसाब से तो उनके जैसा नेता तो हमें आने वाले दौर में कभी नहीं मिलेगा भारत की शान एवं उनके जैसा पढ़ा लिखा आज की डेट में कोई भी नहीं है भारत में

waise bhi lok sabha me kyon haari nagarikta sanshodhan bill ki kavya yah aapka sawaal hai iska jawab toh bahut bada kam shabdon me chota sa jawab dena chahiye nagarikta sanshodhan kanoon jo hai NRC jise kehte hain NRC yah jo hai yah samvidhan ke khilaf hai pehli baar dharm ke aadhar par koi bhi kanoon laagu ho yah samvidhan me kahin bhi nahi dega isliye jis samvidhan me likha hai wahi desh me hoga samvidhan ke daayre me rahkar hi yah kaam hamko karna hai koi samvidhan ke bahar jaega toh dusre log toh bolenge yah galat hai aisa nahi hai ki agar supreme court hai vaah galat kare toh hum log naato ke supreme court bhi agar galat koi faisla le raha hai toh usme us janta ka adhikaar hai bolne ka ki ek galat faisla hai us par remove kiya jaaye aisa nahi hoti hai kar raha hai toh doosra bolega zaroor ki yah galat hai isliye unhone bill ki copy party bhi kyonki unhe lag raha tha ki yah nagarikta sanshodhan kanoon hindu musalman ke beech me daraar paida karega isliye unhone bill ki copy fadi mere hisab se toh unke jaisa neta toh hamein aane waale daur me kabhi nahi milega bharat ki shan evam unke jaisa padha likha aaj ki date me koi bhi nahi hai bharat me

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