भारत में नरेंद्र मोदी ने बेरोज़गारी के बारे में क्या सोचा है?...


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Pankaj Vasuja

Cinematographer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो हर व्यक्ति अपने निजी तौर पर सोचता तो है ही उसने सोचा तो है ही इसके लिए इंडिया और भी कई प्रोग्राम में चलाने की कोशिश की है रुचि से एक बात निकलकर सामने आई है अभी रोजगार सिर्फ उनके जानकार जैसे अलग-अलग तबले मायावती अखिलेश डीएमसीए गोप्ला ना ठिकाना राजनीतिक दल जितने भी है उन्होंने अपने रिश्तेदारों को मैं तक दिया है इन्होंने हिंदूवादी विचारधारा और उस चीज को महत्व रखते ही स्किल इंडिया के वर्कर सब कुछ उस आर एस एस का सब जुगाड़ लगा है नेताओं को टिकट ए बी आर एस एस के हिसाब से मिलती है चाहे हरियाणा का इलेक्शन महाराष्ट्र गांव कहीं का भी बेरोजगारी हूं उस जगह पर थोड़ी सी उजागर थोड़ा सा काम तो करती है पर गरीब तबके की बेरोजगारी अभी तो कुछ नहीं सोचा तभी मीडिया और सब में ज्यादा उससे भी ज्यादा 20 बोल रहा है आप भी देखें कोई इसमें वह नहीं है बात छुपी हुई आप सभी न्यूज़ चैनल देख कर कुछ भी देखते पहले से ज्यादा अपने को महसूस होता है अभी 20 बोल रहा है जातिवाद का और का हिंदू वादियों का मोम दिन पहले चुप रहते थे अब वह भी बोलने लग गए तो सब अपनी अपनी जगह पर चलने लग गए कुएं के मेंढक बरसात आएगी बोलेगी फिर बताएंगे क्या होता है

dekho har vyakti apne niji taur par sochta toh hai hi usne socha toh hai hi iske liye india aur bhi kai program mein chalane ki koshish ki hai ruchi se ek baat nikalkar saamne I hai abhi rojgar sirf unke janakar jaise alag alag table mayawati akhilesh DMCA gopla na thikana raajnitik dal jitne bhi hai unhone apne rishtedaron ko main tak diya hai inhone hinduvaadi vichardhara aur us cheez ko mahatva rakhte hi skill india ke worker sab kuch us R s s ka sab jugaad laga hai netaon ko ticket a be R s s ke hisab se milti hai chahen haryana ka election maharashtra gaon kahin ka bhi berojgari hoon us jagah par thodi si ujagar thoda sa kaam toh karti hai par garib tabke ki berojgari abhi toh kuch nahi socha tabhi media aur sab mein zyada usse bhi zyada 20 bol raha hai aap bhi dekhen koi isme vaah nahi hai baat chhupee hui aap sabhi news channel dekh kar kuch bhi dekhte pehle se zyada apne ko mehsus hota hai abhi 20 bol raha hai jaatiwad ka aur ka hindu vadiyon ka mom din pehle chup rehte the ab vaah bhi bolne lag gaye toh sab apni apni jagah par chalne lag gaye kuen ke mendak barsat aayegi bolegi phir batayenge kya hota hai

देखो हर व्यक्ति अपने निजी तौर पर सोचता तो है ही उसने सोचा तो है ही इसके लिए इंडिया और भी क

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा कि भारत ने नरेंद्र मोदी ने बेरोजगारी के विषय में क्या सोच है हम को याद होगा 2013 में घोषणा की थी कि हर वर्ष अगरम सट्टा किंग 22 करोड़ लोगों को रोजगार देंगे और 6 साल हो चुके हैं 12 को रोजगार देने की बजाय करीब डेढ़ करोड़ जो करोड़ों लोगों से छीन लिए सरकारी नौकरियां खत्म करके प्राइवेटाइजेशन किया जाता है इंद्रियों को भी खत्म किया जा रहा है प्राइवेट सेक्टर को भी बेचा जा रहा है अभी चैप्टर मंदी के दौर से गुजरेंगे इनके पास रोजगार के साधन नहीं चाहिए रोजगार मिलेगा कहां से की जा रही है आर्थिक स्थिति देखी जा रही है और हमारी ग्रोथ रेट 18% के करीब पहुंच गए हैं और महंगाई दर चरम सीमा पर पहुंच गई हमसे पूछ रहे हैं कि नरेंद्र मोदी के बारे में चंडी आप बंद कर दीजिए और नरेंद्र मोदी के विषय में बताइए कि उनकी योजना में क्या क्या शामिल है योजना भी बना लेते बनाने का योजना बनाने क्या जाता है अयोग्य घोषित करने में क्या जाता है लेकिन उस योजना का असली जामा अगर पहने हुए देखा हो तो बताइए कि हां सर इतनी जल्दी इसको यह परिणाम देखने को मिलेगा

aapne kaha ki bharat ne narendra modi ne berojgari ke vishay mein kya soch hai hum ko yaad hoga 2013 mein ghoshana ki thi ki har varsh agaram satta king 22 crore logo ko rojgar denge aur 6 saal ho chuke hai 12 ko rojgar dene ki bajay kareeb dedh crore jo karodo logo se cheen liye sarkari naukriyan khatam karke privatisation kiya jata hai indriyon ko bhi khatam kiya ja raha hai private sector ko bhi becha ja raha hai abhi chapter mandi ke daur se gujrenge inke paas rojgar ke sadhan nahi chahiye rojgar milega kahaan se ki ja rahi hai aarthik sthiti dekhi ja rahi hai aur hamari growth rate 18 ke kareeb pohch gaye hai aur mahangai dar charam seema par pohch gayi humse puch rahe hai ki narendra modi ke bare mein chandi aap band kar dijiye aur narendra modi ke vishay mein bataye ki unki yojana mein kya kya shaamil hai yojana bhi bana lete banane ka yojana banane kya jata hai ayogya ghoshit karne mein kya jata hai lekin us yojana ka asli jama agar pehne hue dekha ho toh bataye ki haan sir itni jaldi isko yah parinam dekhne ko milega

आपने कहा कि भारत ने नरेंद्र मोदी ने बेरोजगारी के विषय में क्या सोच है हम को याद होगा 2013

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भारत में माननीय नरेंद्र मोदी जी ने बेरोजगारों के बारे में सोचा है कि वह स्किल डेवलपमेंट के द्वारा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करें और अपना स्किल बढ़ाकर कीजिए अपनी आवश्यकता की पूर्ति करें रोजगार कमाए उनमें नौकर की सोच नहीं एक माली सोच विकसित हो सरकारी नौकरी के प्रति सभी आशिक ना रहे स्वयं कुछ स्किल डेवलपमेंट करें और उसके जरिए पूरे देश को पूरे लोगों को कुछ थे और स्वयं भी अपने जीवन को सुखमय बनाएं ऐसी सोच माननीय प्रधानमंत्री जी ने रखी है जिससे पूरे देश का उद्धार हो सकता है किंतु हम लोगों की सोच मत सरकारी नौकरी कहीं गई है इसलिए इस और हमारे बेरोजगार ध्यान नहीं दे रहे हैं धन्यवाद

bharat mein mananiya narendra modi ji ne berozgaron ke bare mein socha hai ki vaah skill development ke dwara apni avashayaktaon ki purti kare aur apna skill badhakar kijiye apni avashyakta ki purti kare rojgar kamaye unmen naukar ki soch nahi ek maali soch viksit ho sarkari naukri ke prati sabhi aashik na rahe swayam kuch skill development kare aur uske jariye poore desh ko poore logo ko kuch the aur swayam bhi apne jeevan ko sukhmay banaye aisi soch mananiya pradhanmantri ji ne rakhi hai jisse poore desh ka uddhar ho sakta hai kintu hum logo ki soch mat sarkari naukri kahin gayi hai isliye is aur hamare berozgaar dhyan nahi de rahe hain dhanyavad

भारत में माननीय नरेंद्र मोदी जी ने बेरोजगारों के बारे में सोचा है कि वह स्किल डेवलपमेंट के

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Ashish Kumar

Social Worker

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नरेंद्र मोदी जी ने बेरोजगारी के बारे में न कभी सोचा था और ना ही यह सब सकते हैं जहां तक कि मेरा मानना है कि इन्होंने इन्होंने और बेरोजगारी को बढ़ा दिया है जिससे नरेंद्र मोदी की सरकार बनी है तब सेना एसएससी में वैकेंसी आ रही है ना उधर स्टेट की वैकेंसी आ रही हैं तो देखा जाए तो प्राइवेटाइजेशन जो किया है उसके माध्यम से बेरोजगारी बढ़ती चली जा रही है प्राइवेट सेक्टरों में भेज देना सरकारी कंपनियों को यह सारी चीजें जो है इस के चक्कर में बेरोजगारी बढ़ रही है ना कि नरेंद्र मोदी ने बेरोजगारी को खत्म करने के उपाय सोचें इन्होंने बेरोजगारी बढ़ाने के उपाय

narendra modi ji ne berojgari ke bare mein na kabhi socha tha aur na hi yah sab sakte hain jaha tak ki mera manana hai ki inhone inhone aur berojgari ko badha diya hai jisse narendra modi ki sarkar bani hai tab sena ssc mein vacancy aa rahi hai na udhar state ki vacancy aa rahi hain toh dekha jaaye toh privatisation jo kiya hai uske madhyam se berojgari badhti chali ja rahi hai private sektaron mein bhej dena sarkari companion ko yah saree cheezen jo hai is ke chakkar mein berojgari badh rahi hai na ki narendra modi ne berojgari ko khatam karne ke upay sochen inhone berojgari badhane ke upay

नरेंद्र मोदी जी ने बेरोजगारी के बारे में न कभी सोचा था और ना ही यह सब सकते हैं जहां तक कि

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मुझे तो लगता है कि कुछ सोचा ही नहीं है अगर सोचते तो जीडीपी हमारी उस स्तर से इस स्तर पर नहीं आती जीडीपी का जो आज हाल है और लोग उस पर बात ही नहीं कर रहे हैं कि जीडीपी आज है एक ऐसे 19 में जो वर्ल्ड में जो अंडर 10 में आते हैं और ऐसे से ईमानदार अफसर भी हमारे हिंदुस्तान में ही जन्म लिया के जो सरकार ने उन्हीं को गवर्नर बनाया वह सरकार उनसे गलत काम करा रही थी यानी कि आरबीआई के गवर्नर से पैसा भी नहीं किया उन्होंने कहा कि हम अब तो छोड़ सकते हैं लेकिन हम कल को इतिहास लिखा जाए तो उसमें हमारा नाम भी भ्रष्टाचार लिखा जाए हमेशा सोच भी नहीं सकते इसलिए उन्होंने पद को त्याग ते हुए ईमानदारी का रघुराम राजन जी ने बहुत बड़ा रोल निभाया उसके बाद भी गवर्नर साथ में निभाया उन्होंने मैं सरकार को पैसा रिलीज क्या है और यह पैशन गया का चाय में मुद्दे से भटक रहा हूं लूंगा आपको यह लगता होगा लेकिन बेरोजगारी का के लिए मामला है उसमें जीडीपी का स्तर बहुत ही गिर चुका है और मनमोहन जी मनमोहन जी ने कहा था कि यह मैं कांग्रेसी नहीं तो मनमोहन जी की बात कराओ के बहुत से लोग मुझे कांग्रेसी समझते में में कोई भी राजनीतिक व्यक्ति नहीं हूं मैं एक इस्लामिक इकनोमिक अर्थशास्त्री को फोल्ड करके बात कह रहा हूं कि उन्होंने जो दरें जब नोट बंदी हुई थी तब बताएंगे वह आज आ गए इसलिए मैं उस अर्थशास्त्री कद्र करता हूं और हमारी फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन जी उनके पास गई वह भी इसलिए कि यह जो हाल हमारी इकनोमिक हुआ है उसको सुधारने के लिए और शायद सुधार सकते हैं उनमें ऐसा लाइए

mujhe toh lagta hai ki kuch socha hi nahi hai agar sochte toh gdp hamari us sthar se is sthar par nahi aati gdp ka jo aaj haal hai aur log us par baat hi nahi kar rahe hain ki gdp aaj hai ek aise 19 mein jo world mein jo under 10 mein aate hain aur aise se imaandaar officer bhi hamare Hindustan mein hi janam liya ke jo sarkar ne unhi ko governor banaya vaah sarkar unse galat kaam kara rahi thi yani ki RBI ke governor se paisa bhi nahi kiya unhone kaha ki hum ab toh chod sakte hain lekin hum kal ko itihas likha jaaye toh usme hamara naam bhi bhrashtachar likha jaaye hamesha soch bhi nahi sakte isliye unhone pad ko tyag te hue imaandaari ka raghuram rajan ji ne bahut bada roll nibhaya uske baad bhi governor saath mein nibhaya unhone main sarkar ko paisa release kya hai aur yah passion gaya ka chai mein mudde se bhatak raha hoon lunga aapko yah lagta hoga lekin berojgari ka ke liye maamla hai usme gdp ka sthar bahut hi gir chuka hai aur manmohan ji manmohan ji ne kaha tha ki yah main congressi nahi toh manmohan ji ki baat karao ke bahut se log mujhe congressi samajhte mein mein koi bhi raajnitik vyakti nahi hoon main ek islamic economic arthshastri ko fold karke baat keh raha hoon ki unhone jo daren jab note bandi hui thi tab batayenge vaah aaj aa gaye isliye main us arthshastri kadra karta hoon aur hamari finance minister nirmala sitaraman ji unke paas gayi vaah bhi isliye ki yah jo haal hamari economic hua hai usko sudhaarne ke liye aur shayad sudhaar sakte hain unmen aisa laiye

मुझे तो लगता है कि कुछ सोचा ही नहीं है अगर सोचते तो जीडीपी हमारी उस स्तर से इस स्तर पर नही

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