हाल ही में बिहार में आए बाढ़ में आपने एक शूट किया, जहाँ एक महिला मॉडल उस बाढ़ के पानी में भी पोस कर रही थी। और उसे एक बहुत बड़ा इशू बना दिया गया। आपने उस घटना का सामना कैसे किया?...


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Saurav Anuraj

Award winning photographer

3:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां पहले दिए थे कि हम लोगों ने वाटर लॉगिंग को दिखाने के लिए छूट गया था यह 28 सितंबर मॉर्निंग का चूत के साइड में मॉर्निंग मॉर्निंग रखा हुआ है तो मैंने अदिति को फोन किया बोला कि जैसा कि चलो ठीक है हम लोग भी यह दिखाते हैं इस तरीके से करके कि यहां भी सब कुछ होता है तो मैंने मैडम को रखा जाए तो कोई सीरियसली वह बाढ़ ऐसा गंदा वाला बाढ़ आया था कि लोगों ने उसी को साथ में ग्वाल परिया बहुत लोगों ने लिया हमें अपने तरीके से ऑटो वाले को 10 से 20 20 का 50 ऐसे करके बिजनेस करते हैं वह भी गलत हो सकते हैं लेकिन उनका यह काम करने का तरीका कितना कि हम लोग किसी को अलग तरीके से लिखा है क्योंकि बिहार को कभी आज तक किसी ने आज तक कभी भी बिहार का प्लांट top30 ट्रेनिंग में भी नहीं आता लेकिन पहली बार ऐसा हुआ कि वह कुछ न्यूज़ पेपर की खबर किया यूएसए न्यूज़ पेपर में खबर किया और इस फोटो के साथ होना डोनेशन के पास स्क्रीन शॉट है जो बिहार से है बाहर जो लोग चले गए थे उन्होंने देखा इस चीज को वहां से वेट कर रहे थे उन्होंने स्क्रीनशॉट भेजा तो काफी अच्छा लगा एक ही फ्रेंड है जब ऑफिस करना पड़ रहा था जो लोग प्रोन करे से काफी ज्यादा तो पहले तो काफी बुरा लगा लेकिन इन लोगों के ऊपर क्यों क्या सोचते हैं क्या नहीं सोचते हैं अगर वह मैंने एक-दो जगह भी पढ़ा कि उनका कमेंट ऐसा था कि जो कि मतलब लाइट एक्सेप्ट नहीं करने लायक का नहीं समझता था तो लड़की के कपड़े उतार देते और ज्यादा लड़कियों का भी कमेंट सही बोले वायरल भी नहीं होता वह पोस्ट सही होना जरूरी था कि मुझे अपनी फ्रेंड में और सबसे बड़ी बात यह थी कि इसकी वजह से मतलब 100 से ज्यादा वेरीफाइड अकाउंट पेज पोस्ट को शेयर किया था तो कहीं ना कहीं भी एंड लोग सपोर्ट मिल जाए

haan pehle diye the ki hum logon ne water longing ko dikhane ke liye chhut gaya tha yah 28 september morning ka chut ke side mein morning morning rakha hua hai toh maine aditi ko phone kiya bola ki jaisa ki chalo theek hai hum log bhi yah dikhate hain is tarike se karke ki yahan bhi sab kuch hota hai toh maine madam ko rakha jaaye toh koi seriously vaah baadh aisa ganda vala baadh aaya tha ki logon ne usi ko saath mein gwal pariya bahut logon ne liya hamein apne tarike se auto waale ko 10 se 20 20 ka 50 aise karke business karte hain vaah bhi galat ho sakte hain lekin unka yah kaam karne ka tarika kitna ki hum log kisi ko alag tarike se likha hai kyonki bihar ko kabhi aaj tak kisi ne aaj tak kabhi bhi bihar ka plant top30 training mein bhi nahi aata lekin pehli baar aisa hua ki vaah kuch news paper ki khabar kiya usa news paper mein khabar kiya aur is photo ke saath hona donation ke paas screen shot hai jo bihar se hai bahar jo log chale gaye the unhone dekha is cheez ko wahan se wait kar rahe the unhone screenshot bheja toh kafi accha laga ek hi friend hai jab office karna pad raha tha jo log prone kare se kafi zyada toh pehle toh kafi bura laga lekin in logon ke upar kyon kya sochte hain kya nahi sochte hain agar vaah maine ek do jagah bhi padha ki unka comment aisa tha ki jo ki matlab light except nahi karne layak ka nahi samajhata tha toh ladki ke kapde utar dete aur zyada ladkiyon ka bhi comment sahi bole viral bhi nahi hota vaah post sahi hona zaroori tha ki mujhe apni friend mein aur sabse badi baat yah thi ki iski wajah se matlab 100 se zyada verifaid account page post ko share kiya tha toh kahin na kahin bhi and log support mil jaaye

हां पहले दिए थे कि हम लोगों ने वाटर लॉगिंग को दिखाने के लिए छूट गया था यह 28 सितंबर मॉर्नि

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

4:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह तो सही है जिन लोगों का पेट भर जाता है जिनके पास अनाप-शनाप ऐसा होता है तो मान्यता को एकदम भूल जाते हैं भूल जाते हैं कि इंसान इन परिस्थितियों में जीता है जैसे गरीबी और दुख के समय में इंसान कितना लाचार विवश हो जाता है क्योंकि धनवान लोग ऐसो आराम भोग विलास की जिंदगी जीते हैं लग्जरी जीवन जीते हैं फिल्मी एक्टर्स मैं सिपाही अक्षय कुमार या नाना पाटेकर यह दो-तीन के माधुरी दीक्षित ऐसे ही हीरोइन श्रुति नहीं है जो मान्यता रखते हैं जो प्राइम लेंस बीएफ रखते हैं बाकी अधिकांश का जीवन आडंबर कौन है खंडों से युक्त है दिखावे का जीवन है यह प्ले लिखा भी तो और उसको ज्यादा पसंद करते हैं इनको किसी से कोई मतलब नहीं है बाढ़ ग्रस्त लोग कैसे परेशान है कितने पर्सेंट है फेसबुक पर ही खड़ी हुई है कैसे लोगों के जीवन पर संकट आया हुआ है कि हर जगह केवल अपना शो अपनी अपना प्रभाव होते हैं क्योंकि ऐसी हालात में जाम मृत्यु का तांडव नृत्य हो रहा हो वहां केवल स्वार्थी किस्म के लोग खुद लोग ही दूसरों की सहायता ना करके तुम दिवसला चारों की सहायता ना करके बल्कि वहां पर अपना या तो सेल्फी लेना चाहिए या उन पौधों को भेजेंगे या अपना दिखावा दिखाएंगे या अपनी अदाएं भी करेंगे क्योंकि यह इंसानियत नहीं है इंसान के वर्क हैं कि यदि पाठ 10 तक तो है जहां पर मृत्यु कटान तब मैं थोड़ा है बाकी दूसरों के जीवन को कैसे बचाया जाए कैसे लाचार लोगों को विवश लोगों की सहायता की जाए कैसे उनको कोई कैसी है यह पप्पू की तरफ को जानता है जितने गरीबी देखी है वेतन मान लो प्रेशर रिसाली लोग फेको गिलास में पढ़े हुए लोग सदा की बात को नहीं समझ पाएंगे कि मानसिक अवस्था लाचारी और परेशानी क्यों होती है क्योंकि एक कहावत है जिसके पैर नहीं पड़ती बिवाई वो क्या जाने पीर पराई दर्शन पहुंचे इनमें हीरो हीरोइन ऐसे हैं जिन्होंने अपने संघर्ष के दिनों में याद हो बाकी उन्होंने जब मुंबई समय से संघर्ष किए थे उस समय जिन लोगों ने उनकी हेल्प कि यह कुदरत लालची साथी अभिनेता अभिनेत्री उन दिनों को भूल जाते हैं जब इस चमक जाते हैं इनका प्लांट लगने लगता है अभी केवल को क्लास मन टूट जाते हैं उनको दूसरों की परेशानी तो तब शायद याद नहीं रहते हैं और यह इतनी कब तक में है यह उम्र जो संघर्ष के दिनों में इनकी हेल्प करते हैं उनके नामों को याद करना या उनके प्रति कृतज्ञता जाहिर करना भी यह लोग भूल जाते हैं क्योंकि धन वैभव इनको इंसान से इंसानियत से गिरा देता है यह बात आप महसूस करते होंगे लेकिन दुर्भाग्य है कि यह भारतीय जनता भारत के लोग भी उतनी ही है वहीं की पिक्चर में देखते हैं आपने खुद गले दिखा दीपका पादुकोण वहां गई थी बटवारा गई या जो देश विरोधी गैंग है देश के विरोध करने वाले लोगों का साथ निभाने के लिए उनका समर्थन देने के लिए आएगी ऐसी हीरोइन की पिक्चरें देखना प्रदेश लोधी कृतियों को बढ़ावा देना है मैं तो यह कहता हूं कि तस्वीरों की पिक्चरों को पुरस्कार को देना चाहिए बहिष्कार करना चाहिए और जीवन भर ऐसी हीरोइन की पिक्चर को नहीं देखना चाहिए

yah toh sahi hai jin logo ka pet bhar jata hai jinke paas anap shanap aisa hota hai toh manyata ko ekdam bhool jaate hain bhool jaate hain ki insaan in paristhitiyon mein jita hai jaise gareebi aur dukh ke samay mein insaan kitna lachar vivash ho jata hai kyonki dhanwan log aiso aaram bhog vilas ki zindagi jeete hain luxury jeevan jeete hain filmy actors main sipahi akshay kumar ya nana patekar yah do teen ke madhuri dixit aise hi heroine shruti nahi hai jo manyata rakhte hain jo prime lens bf rakhte hain baki adhikaansh ka jeevan aandabar kaun hai khando se yukt hai dikhaave ka jeevan hai yah play likha bhi toh aur usko zyada pasand karte hain inko kisi se koi matlab nahi hai baadh grast log kaise pareshan hai kitne percent hai facebook par hi khadi hui hai kaise logo ke jeevan par sankat aaya hua hai ki har jagah keval apna show apni apna prabhav hote hain kyonki aisi haalaat mein jam mrityu ka tandav nritya ho raha ho wahan keval swaarthi kism ke log khud log hi dusron ki sahaayata na karke tum divasala charo ki sahaayata na karke balki wahan par apna ya toh selfie lena chahiye ya un paudho ko bhejenge ya apna dikhawa dikhayenge ya apni adaen bhi karenge kyonki yah insaniyat nahi hai insaan ke work hain ki yadi path 10 tak toh hai jahan par mrityu katan tab main thoda hai baki dusron ke jeevan ko kaise bachaya jaaye kaise lachar logo ko vivash logo ki sahaayata ki jaaye kaise unko koi kaisi hai yah pappu ki taraf ko jaanta hai jitne gareebi dekhi hai vetan maan lo pressure risali log pheko gilas mein padhe hue log sada ki baat ko nahi samajh payenge ki mansik avastha lachari aur pareshani kyon hoti hai kyonki ek kahaavat hai jiske pair nahi padti bivaii vo kya jaane pir parai darshan pahuche inmein hero heroine aise hain jinhone apne sangharsh ke dino mein yaad ho baki unhone jab mumbai samay se sangharsh kiye the us samay jin logo ne unki help ki yah kudrat lalchi sathi abhineta abhinetri un dino ko bhool jaate hain jab is chamak jaate hain inka plant lagne lagta hai abhi keval ko class man toot jaate hain unko dusron ki pareshani toh tab shayad yaad nahi rehte hain aur yah itni kab tak mein hai yah umar jo sangharsh ke dino mein inki help karte hain unke namon ko yaad karna ya unke prati kritagyata jaahir karna bhi yah log bhool jaate hain kyonki dhan vaibhav inko insaan se insaniyat se gira deta hai yah baat aap mahsus karte honge lekin durbhagya hai ki yah bharatiya janta bharat ke log bhi utani hi hai wahin ki picture mein dekhte hain aapne khud gale dikha dipka padukone wahan gayi thi batwara gayi ya jo desh virodhi gang hai desh ke virodh karne waale logo ka saath nibhane ke liye unka samarthan dene ke liye aaegi aisi heroine ki pikcharen dekhna pradesh lodhi kritiyon ko badhawa dena hai main toh yah kahata hoon ki tasviron ki pikcharon ko puraskar ko dena chahiye bahishkar karna chahiye aur jeevan bhar aisi heroine ki picture ko nahi dekhna chahiye

यह तो सही है जिन लोगों का पेट भर जाता है जिनके पास अनाप-शनाप ऐसा होता है तो मान्यता को एकद

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