आरक्षण सही है या नहीं?...


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DR. I.P.SINGH

Doctorate in Literature

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न एक आरक्षण सही है या नहीं दिखे आरक्षण तो होना चाहिए समाज में ऊंच-नीच गरीब अमीर रहेंगे मदद की जरूरत है लेकिन आरक्षण का जो स्वरूप है बिल्कुल ही घिनौना है आरक्षण का पुनर्मूल्यांकन निर्धारण होना चाहिए उन्हें जीवन भर आरक्षण की बैसाखी किसी को नहीं मिली क्या जो इस सरकार दे रही है

aapka prashna ek aarakshan sahi hai ya nahi dikhe aarakshan toh hona chahiye samaj me unch neech garib amir rahenge madad ki zarurat hai lekin aarakshan ka jo swaroop hai bilkul hi ghinauna hai aarakshan ka punarmoolyaankan nirdharan hona chahiye unhe jeevan bhar aarakshan ki baisakhi kisi ko nahi mili kya jo is sarkar de rahi hai

आपका प्रश्न एक आरक्षण सही है या नहीं दिखे आरक्षण तो होना चाहिए समाज में ऊंच-नीच गरीब अमीर

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Manish Purohit

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वर्क भारत के अंदर वर्तमान में जो आरक्षण व्यवस्था है वह बहुत पुरानी हो चुकी है और विकृत हो चुकी आज आरक्षण के चलते कई कई ऐसे लोग उस आरक्षण का लाभ ले रहे जो संपन्न है जिनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी है किंतु एक जाति विशेष की आरक्षण के दायरे में आने के कारण वे लोग उसका पूरा आनंद ले रहे हैं और आरक्षण का जो सही हक जिन लोगों को मिलना चाहिए उन लोगों को नहीं मिल पा रहा है आरक्षण की व्यवस्था को अगर सही करना है तो हमें आरक्षण को आर्थिक आधार पर करना होगा कोई भी व्यक्ति जो गरीब हो अब आए हो पीड़ित हो उसे आरक्षण मिलना चाहिए वह चाहे किसी भी जाति का हो किसी भी धर्म का हो गरीब पिछड़े लोगों को इसका फायदा मिलना चाहिए और आरक्षण व्यवस्था के अंदर जो भी जाति समाज के लोग इस दायरे में आते हैं अगर उनके परिवार में किसी के द्वारा आरक्षण का फायदा लिया जाता है तो उनके परिवार को इस आरक्षण व्यवस्था से दूर करते जाना चाहिए जिससे सभी लोगों को इसका फायदा मिल पाएगा अन्यथा एक ही परिवार में दद्दर बीच-बीच लोग आरक्षण व्यवस्था के चलते सरकारी नौकरी में पाए जाते हैं और कहीं विचारे गरीब जो वास्तविक हकदार है वह उस आरक्षण के लाभ लेने से वंचित हो जाते हैं

work bharat ke andar vartaman mein jo aarakshan vyavastha hai vaah bahut purani ho chuki hai aur vikrit ho chuki aaj aarakshan ke chalte kai kai aise log us aarakshan ka labh le rahe jo sampann hai jinki aarthik sthiti bahut achi hai kintu ek jati vishesh ki aarakshan ke daayre mein aane ke karan ve log uska pura anand le rahe hain aur aarakshan ka jo sahi haq jin logo ko milna chahiye un logo ko nahi mil paa raha hai aarakshan ki vyavastha ko agar sahi karna hai toh hamein aarakshan ko aarthik aadhaar par karna hoga koi bhi vyakti jo garib ho ab aaye ho peedit ho use aarakshan milna chahiye vaah chahen kisi bhi jati ka ho kisi bhi dharm ka ho garib pichade logo ko iska fayda milna chahiye aur aarakshan vyavastha ke andar jo bhi jati samaj ke log is daayre mein aate hain agar unke parivar mein kisi ke dwara aarakshan ka fayda liya jata hai toh unke parivar ko is aarakshan vyavastha se dur karte jana chahiye jisse sabhi logo ko iska fayda mil payega anyatha ek hi parivar mein daddar beech beech log aarakshan vyavastha ke chalte sarkari naukri mein paye jaate hain aur kahin vichare garib jo vastavik haqdaar hai vaah us aarakshan ke labh lene se vanchit ho jaate hain

वर्क भारत के अंदर वर्तमान में जो आरक्षण व्यवस्था है वह बहुत पुरानी हो चुकी है और विकृत हो

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Kishan Kumar

Motivational speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है आंसर सही है या नहीं दोस्तों सही है क्योंकि अगर आरक्षण ना रहे तो दलितों पर और भी अत्याचार होगी जीने के लिए समाज में कोई नहीं देगा और उनके साथ बहुत बेरहमी से मारा पीटा जा सकता है उनको बेघर किया जा सकता है इसलिए उनके पास कुछ है जिससे मैं जीने का अधिकार हो रहा है थैंक्स

hello doston aap ka question hai answer sahi hai ya nahi doston sahi hai kyonki agar aarakshan na rahe toh dalito par aur bhi atyachar hogi jeene ke liye samaj mein koi nahi dega aur unke saath bahut berehami se mara pita ja sakta hai unko beghar kiya ja sakta hai isliye unke paas kuch hai jisse main jeene ka adhikaar ho raha hai thanks

हेलो दोस्तों आप का क्वेश्चन है आंसर सही है या नहीं दोस्तों सही है क्योंकि अगर आरक्षण ना रह

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Norang sharma

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों वह कल परचून रही मेरी सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल है कि आरक्षण क्या देश के लिए सही है या नहीं तो दोस्तों समय समय की बात होती है कोई चीज किसी खास समय के लिए रेलीवेंट होती है वह आज नहीं है तो दोस्तों पहले हम सब जानते हैं कि भारत में जातिवाद कितना ज्यादा हावी था लेकिन आज सभी शिक्षित हैं पढ़े लिखे हैं एक सभ्य समाज का ही पिता है तो आज जातिवाद को लोग उतनी प्रायोरिटी नहीं देते बल्कि सभी मिलजुल कर कंधे से कंधा मिलाकर साथ बढ़ने में बिलीव करते हैं लेकिन पहले कुछ लोगों में शिक्षा का अभाव था जागरूकता की कमी थी इसलिए एक ऐसा वर्ग जो दबा कुचला वर्ग था जो हाशिए पर धकेला हुआ वर्क था उसे थोड़ा ऊंचा उठाने के लिए उसके जीवन स्तर को थोड़ा और ज्यादा उन्नत करने के लिए आरक्षण की व्यवस्था है वह लागू की गई थी लेकिन यह बहुत ही एक टेंपरेरी व्यवस्था थी या जिसे मैं कहूं कि एक बहुत कम समय के लिए अस्थाई रूप से व्यवस्था तय की गई थी कि आरक्षित सीटें उनको दी गई थी और नौकरी में और हर जगह उनको वह आरक्षित सीट मिलती थी लेकिन आज दोस्तों मुझे लगता है अगर आरक्षण को लागू ही करना है तो वह जातिगत नहीं होना चाहिए वह आर्थिक आधार पर होना चाहिए जो भी आर्थिक रूप से कमजोर है जो गरीब है उनके लिए अगर आरक्षण आज भी लागू रहता है तो उसमें कोई गलत चीज नहीं है लेकिन जातिगत आरक्षण का में पक्षधर फिलहाल नहीं हूं क्योंकि आज परिस्थितियां अलग है और मुझे लगता है कि हमें समय के हिसाब से देश की नीतियों में बदलाव लाने चाहिए तभी हमारे को बदलाव एक अच्छे रिजल्ट लेकर के आ सकते हैं धन्यवाद

namaskar doston vaah kal parchun rahi meri sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal hai ki aarakshan kya desh ke liye sahi hai ya nahi toh doston samay samay ki baat hoti hai koi cheez kisi khaas samay ke liye relivent hoti hai vaah aaj nahi hai toh doston pehle hum sab jante hain ki bharat mein jaatiwad kitna zyada haavi tha lekin aaj sabhi shikshit hain padhe likhe hain ek sabhya samaj ka hi pita hai toh aaj jaatiwad ko log utani priority nahi dete balki sabhi miljul kar kandhe se kandha milakar saath badhne mein believe karte hain lekin pehle kuch logo mein shiksha ka abhaav tha jagrukta ki kami thi isliye ek aisa varg jo daba kuchala varg tha jo hashiye par dhakela hua work tha use thoda uncha uthane ke liye uske jeevan sthar ko thoda aur zyada unnat karne ke liye aarakshan ki vyavastha hai vaah laagu ki gayi thi lekin yah bahut hi ek tempareri vyavastha thi ya jise main kahun ki ek bahut kam samay ke liye asthai roop se vyavastha tay ki gayi thi ki arakshit seaten unko di gayi thi aur naukri mein aur har jagah unko vaah arakshit seat milti thi lekin aaj doston mujhe lagta hai agar aarakshan ko laagu hi karna hai toh vaah jaatigat nahi hona chahiye vaah aarthik aadhar par hona chahiye jo bhi aarthik roop se kamjor hai jo garib hai unke liye agar aarakshan aaj bhi laagu rehta hai toh usme koi galat cheez nahi hai lekin jaatigat aarakshan ka mein pakshadhar filhal nahi hoon kyonki aaj paristhiyaann alag hai aur mujhe lagta hai ki hamein samay ke hisab se desh ki nitiyon mein badlav lane chahiye tabhi hamare ko badlav ek acche result lekar ke aa sakte hain dhanyavad

नमस्कार दोस्तों वह कल परचून रही मेरी सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज

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Tilak Singh

Sch.Topper,Parnassian & Author

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मेरी तरफ से देखा है तो आरक्षण बिल्कुल सही है

meri taraf se dekha hai toh aarakshan bilkul sahi hai

मेरी तरफ से देखा है तो आरक्षण बिल्कुल सही है

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Rajiv Ranjan

Account student,social thinker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं किसी प्रकार के आरक्षण का जो मूल उद्देश्य होना चाहिए वह होना वह होना चाहिए कि गरीबों को उसके लाभ हो जाए परंतु जो भारत में आरक्षण लागू है वह जातिवाद पर लागू है जाति के आधार पर आरक्षण प्रदान किया गया है यहां पर कौन गरीब है कौन अमीर है यह नहीं देखा गया है जिसे सबसे ज्यादा दिक्कत होता है मिडिल क्लास फैमिली को होता है जो लोग जिनका जाती उच्च है परंतु वह निम्न कोटि मतलब कि गरीब है तुम लोगों को सबसे ज्यादा यह दिक्कत होता है और जो भारत में जो आरक्षण लागू है वह कतई सही नहीं है बिल्कुल भी सही नहीं है और इसके खिलाफ आप किसी से भी अगर पूछेंगे तो आप ही सुनेंगे यह आरक्षण सही नहीं है आरक्षण जो होना चाहिए वह पैसे के आधार पर लोगों की प्रॉपर्टी के आधार पर लोगों के अमीर और गरीबी के आधार पर देना चाहिए नहीं कि यह आरक्षण हमें जातिवाद पर जाना चाहिए

nahi kisi prakar ke aarakshan ka jo mul uddeshya hona chahiye vaah hona vaah hona chahiye ki garibon ko uske labh ho jaaye parantu jo bharat mein aarakshan laagu hai vaah jaatiwad par laagu hai jati ke aadhaar par aarakshan pradan kiya gaya hai yahan par kaun garib hai kaun amir hai yah nahi dekha gaya hai jise sabse zyada dikkat hota hai middle class family ko hota hai jo log jinka jaati ucch hai parantu vaah nimn koti matlab ki garib hai tum logo ko sabse zyada yah dikkat hota hai aur jo bharat mein jo aarakshan laagu hai vaah katai sahi nahi hai bilkul bhi sahi nahi hai aur iske khilaf aap kisi se bhi agar puchenge toh aap hi sunenge yah aarakshan sahi nahi hai aarakshan jo hona chahiye vaah paise ke aadhaar par logo ki property ke aadhaar par logo ke amir aur garibi ke aadhaar par dena chahiye nahi ki yah aarakshan hamein jaatiwad par jana chahiye

नहीं किसी प्रकार के आरक्षण का जो मूल उद्देश्य होना चाहिए वह होना वह होना चाहिए कि गरीबों क

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Saurabh Kumar

Biology student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण सही है या नहीं है मेरे ख्याल से आरक्षण सही नहीं है क्योंकि इस आरक्षण के चक्कर में हमारे समाज में दो नीति के लोग पैदा हो रहे हैं आरक्षण वाले लोगों से जनरल लोग गिरना करने लगे हैं वह एक दूसरे को एक नजरिए से नहीं देखते हैं हमारे समाज में नई उत्पत्ति हो रही है नहीं बातों की वेश्या की उत्पत्ति हो रही है क्योंकि आगे चलकर एक बहुत बड़ी समस्या बन सकती है जातिवाद कितने भी यह भयंकर रूप ले सकता है लेकिन हमारे समाज में कुछ तथ्य के ऐसे भी लोग हैं ऐसे कि आरक्षण की जरूरत अभी भी है 70 साल हो गए देश को आजाद हुए लेकिन फिर भी आज ऐसे लोग हैं समाज में भी आरक्षण की जरूरत है लेकिन यह जाति के नाम पर आरक्षण दिया जा रहा यह बिल्कुल गलत है दलित में सभी परिवार ऐसे नहीं हैं जैसे लक्षण दलित में बहुत बड़े-बड़े पोस्टर बहुत बड़े फैन हो गया क्या यह सही है बिल्कुल नहीं है क्या आरक्षण को दलित और महादलित से हटा करके उसकी अवस्था को देखते हुए आरक्षण

aarakshan sahi hai ya nahi hai mere khayal se aarakshan sahi nahi hai kyonki is aarakshan ke chakkar mein hamare samaj mein do niti ke log paida ho rahe hain aarakshan waale logo se general log girna karne lage hain vaah ek dusre ko ek nazariye se nahi dekhte hain hamare samaj mein nayi utpatti ho rahi hai nahi baaton ki vaishya ki utpatti ho rahi hai kyonki aage chalkar ek bahut badi samasya ban sakti hai jaatiwad kitne bhi yah bhayankar roop le sakta hai lekin hamare samaj mein kuch tathya ke aise bhi log hain aise ki aarakshan ki zarurat abhi bhi hai 70 saal ho gaye desh ko azad hue lekin phir bhi aaj aise log hain samaj mein bhi aarakshan ki zarurat hai lekin yah jati ke naam par aarakshan diya ja raha yah bilkul galat hai dalit mein sabhi parivar aise nahi hain jaise lakshan dalit mein bahut bade bade poster bahut bade fan ho gaya kya yah sahi hai bilkul nahi hai kya aarakshan ko dalit aur mahadalit se hata karke uski avastha ko dekhte hue aarakshan

आरक्षण सही है या नहीं है मेरे ख्याल से आरक्षण सही नहीं है क्योंकि इस आरक्षण के चक्कर में ह

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में आरक्षण बिल्कुल सही है लेकिन आरक्षण की जो व्यवस्था है वह सही नहीं है क्योंकि आरक्षण ऐसी चीज है जो कि गरीब लोगों के लिए वरदान साबित हो सकता है भारत में जो आरक्षण लागू है भारत में जो आरक्षण की स्थिति है वह जो है जाति के नाम पर है तो हर एक जाति की बात की जाए तो हर एक जाति में अमीर लोग भी हैं गरीब लोग भी है जन जाति के नाम पर है तू जो जरूरतमंद लोग हैं जिनको जरूरत है आरक्षण की तो उनको नहीं मिल पा रहा है जो कि अगर उसे जाते हैं उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है जिनको जो आरक्षण चाहिए उनको नहीं मिल पा रहा है तो यह जाति के नाम पर ना होकर आर्थिक स्थिति के तौर पर अगर आरक्षण भारत में हो तो मुझे लगता है गरीब लोग जो जरूरतमंद लोग हैं जो दबे हुए लोग हैं उनको ऊंचा उठने में उनको प्रगति करने में आसानी होगी उनको मदद मिलेगी तो

bharat mein aarakshan bilkul sahi hai lekin aarakshan ki jo vyavastha hai vaah sahi nahi hai kyonki aarakshan aisi cheez hai jo ki garib logo ke liye vardaan saabit ho sakta hai bharat mein jo aarakshan laagu hai bharat mein jo aarakshan ki sthiti hai vaah jo hai jati ke naam par hai toh har ek jati ki baat ki jaaye toh har ek jati mein amir log bhi hain garib log bhi hai jan jati ke naam par hai tu jo jaruratmand log hain jinako zarurat hai aarakshan ki toh unko nahi mil paa raha hai jo ki agar use jaate hain unki aarthik sthiti kamjor hai jinako jo aarakshan chahiye unko nahi mil paa raha hai toh yah jati ke naam par na hokar aarthik sthiti ke taur par agar aarakshan bharat mein ho toh mujhe lagta hai garib log jo jaruratmand log hain jo dabe hue log hain unko uncha uthane mein unko pragati karne mein aasani hogi unko madad milegi toh

भारत में आरक्षण बिल्कुल सही है लेकिन आरक्षण की जो व्यवस्था है वह सही नहीं है क्योंकि आरक्ष

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