हनुमान चालीसा पढ़ कर सुनाओ?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार पर निबंध जो दायक फल चार बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तीनो लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन बरन बिराज सबेसा कानन कुंडल कुंचित केसा हाथ बज्र औ ध्वजा विराजे कांधे मूंज जनेऊ साजे शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जग बंदन विद्यावान गुनी के रसिया राम लखन सीता मन बसिया सूक्ष्म उत्तरी के दिखावा बिकट रुप धरि लंक जरावा वीरू तेरे सहारे श्री रामचंद्र के काज संवारे लाय सजीवन लखन जी बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भक्ताई संवाइज बदन तुम्हारो जस गावे स्तर श्रीपति कंठ लगावे शंका अधिकतम तारिक 19th महाराष्ट्र सहित कई सा जम कुबेर दिगपाल जहां ते कवि कोविड कही सके कहाँ ते तुम पार चलो भाई की बारामुला राजपद लीना तुमरो मंत्र बिभीषण माना लंकेश्वर भए सब जग जाना झुकता है जोजन पर भानू दिनों टाइमर जानू प्रभु मुद्रिका मेली मुख मही जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते राम दुआरे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु इशारे सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना आपन तेज सम्हारो आपै तीनों लोक हांक ते कंपाइ भूत पिसाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे नासे रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा संकट ते हनुमान चौराहे मन क्रम बचन ध्यान जो लाभ पर राम तपस्वी राजा तिनके काज सकल तुम साजा और मनोज बाबा चारो जुग प्रताप तुम्हारा एक प्रसिद्ध गुजारा साधु संत के तुम रखवारे असुर निकंदन राम दुलारे अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता अस वर दीन जानकी माता राम रसायन तुम्हरे पासा सदा रहो रघुपति के दासा भजन राम को पावै जनम जनम के दुख में शराब इंतकाल मेरा पुर पुर जाई जहां जन्म तारीख और देवता चित्त ना धराई संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो गुरुदेव की इस बार पाठ को जूही 21 मार्च को ही जो यह पढ़े हनुमान चालीसा उचित दिशा की गोरी तुलसीदास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय महं डेरा पवन तनय संकट हरण मंगल मूर्ति रुप राम लखन सीता सहित हृदय बसे इस रूप में आपको एक ऐसा सिद्धि दायक मंत्र भेज रहा हूं इसको हनुमान जी को स्मरण करें और उनसे मन लगाकर के प्रार्थना करें तो निश्चित रूप से ही आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी आपकी श्रद्धा पर डिपेंड है आप सफलतापूर्वक का जाप करेंगे उतना ही आपको प्रणाम पवन कुमार खल बन पावक ग्यान घन जासूस उदया कार बसई राम सर चाप धर अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं हम दहेज प्रथा ज्ञानी नाम अग्रगण्य संवाददाता नमामि गोश्त अधिकृत बारी सम्मत की कथा कसम रामायण मामा भारत वंदे नीला माता अंजनी नंदन वीर जानकी सोमनाथ अभी संता राम मंदिर लंका बैंक रमफलम के सिंदूर चल्लम चल्लम या तो काम इंजन का मजा आधारित नित्यानंद काम नाम प्रांजल मनोजवम मारुत तुल्य वेगम जितेंद्रियम श्री राम दूतम शरणाम प्रपद्ये आंजनेय मत पाटना मैडम कंचना3 कामनी विक्रम पर्याप्त मूलवासी माध्यमिक परमआनंदम यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तन तमाशा अंजलि में बांस लोचन नमामि राशि शांत कम ओम हनुमते नमः ॐ राम दूत आए नमः ॐ अंजनी पुत्र आए नमः ॐ वायु पुत्र आए नमः ॐ रुद्राय नमः ॐ मारुति नमः ॐ राम परम शिव का नमः ॐ राम दूत आए नमः ॐ राम दूत

shri guru charan saroj raj neej man mukur sudhaar par nibandh jo dayak fal char buddhihin tanu janike sumiro pawan kumar bal buddhi vidya dehu mohi harahu klesh vikar jai hanuman gyaan gun sagar jai kapis teeno lok ujagar ram dut atulit bal dhama anjani putra pavanasut nama mahavir vikram bajrangi kumti nivar sumati ke sangi kanchan baran biraj sabesa Kanan kundal kunchit kesa hath bajra o dhwaja viraje kandhe munj janeu saje shankar suvan kesari nandan tez pratap maha jag bandan vidyavan guni ke rasiya ram lakhan sita man basia sukshm uttari ke dikhawa bikat roop dhari lank jarawa veeru tere sahare shri ramachandra ke kaaj sanware laye sajivan lakhan ji bahut badaai tum mum priya bhaktai sanvaij badan tumharo jass gave sthar shripati kanth lagave shanka adhiktam tarik 19th maharashtra sahit kai sa jam kuber digpal jaha te kavi kovid kahi sake kaha te tum par chalo bhai ki baramula rajapad leena tumro mantra bibhishan mana lankeshwar bhay sab jag jana jhukta hai jojan par BHANU dino timer janu prabhu mudrika maili mukh mehee jagat ke jete sugam anugrah tumhare tete ram duaare tum rakhvare hot na aagya binu ishare sab sukh lahai tumhari sarna tum rakshak kahu ko darna apan tez samharo apai tatvo lok hank te kampai bhoot pisach nikat nahi aawe mahavir jab naam sunave nase rog hare sab pira japat nirantar hanumat bira sankat te hanuman chauraahe man kram bachan dhyan jo labh par ram tapaswi raja tinke kaaj sakal tum saja aur manoj baba chaaro jug pratap tumhara ek prasiddh gujara sadhu sant ke tum rakhvare asur nikandan ram dulare asht siddhi navnidhi ke data us var din janki mata ram rasayan tumhare pasa sada raho raghupati ke dasa bhajan ram ko pavai janam janam ke dukh me sharab intakal mera pur pur jaii jaha janam tarikh aur devta chitt na dharai sankat kate mite sab pira jo sumire hanumat balbira jai jai jai hanuman gosai kripa karo gurudev ki is baar path ko juhi 21 march ko hi jo yah padhe hanuman chalisa uchit disha ki gori tulsidas sada hari chera kijiye nath hriday mahan dera pawan tanay sankat haran mangal murti roop ram lakhan sita sahit hriday base is roop me aapko ek aisa siddhi dayak mantra bhej raha hoon isko hanuman ji ko smaran kare aur unse man lagakar ke prarthna kare toh nishchit roop se hi aapki manokamnaen purn hongi aapki shraddha par depend hai aap safaltaapurvak ka jaap karenge utana hi aapko pranam pawan kumar khal ban pawak gyan ghan jaasoos udaya car basai ram sir chap dhar atulitabaladhaman hemshailabhdehan hum dahej pratha gyani naam agraganya samvadadata namami gosht adhikrit baari sammat ki katha kasam ramayana mama bharat vande neela mata anjani nandan veer janki somnath abhi santa ram mandir lanka bank ramafalam ke sindoor challam challam ya toh kaam engine ka maza aadharit nityanand kaam naam pranjal manojavam marut tulya vegam jitendriyam shri ram dutam sharanam prapadye anjaney mat paatna madam kanchana kamani vikram paryapt mulvasi madhyamik paramaanandam yatarr yatarr raghunath kirtan tamasha anjali me bans lochan namami rashi shaant kam om hanumate namah om ram dut aaye namah om anjani putra aaye namah om vayu putra aaye namah om rudray namah om maaruti namah om ram param shiv ka namah om ram dut aaye namah om ram dut

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार पर निबंध जो दायक फल चार बुद्धिहीन तनु जानिके सुमि

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Norang sharma

Social Worker

4:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों गोकुल पर सुन रही मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल है हनुमान चालीसा पढ़ कर सुनाओ सबसे पहले तो आप सब को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं और दोस्तों इस वक्त देश कोरोनावायरस की महामारी के मुश्किल दौर से गुजर रहा है हम सब हनुमान जी से हनुमान चालीसा के जरिए प्रार्थना करते हैं कि हे ईश्वर आप इस देश की रक्षा करें इस देश के हर नागरिक को इस महामारी से बचाएं ओम श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार वर्णों रघुबर बिमल जसु जो दायक फल चार सियापति राम जय जय राम बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि सभी कार्य किया पति राम जय जय राम जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहुं लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन वरण विराज सबेसा कानन कुंडल कुंचित केसा हाथ बज्र औ ध्वजा विराजे कांधे मूंज जनेऊ साजे शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जग बंदन विद्यावान गुनी अति चतुर राम काज कराइब को आतुर प्रभु चरित्र सुनने को रसिया राम लखन सीता मन बसिया सूक्ष्मा रूप धारी सियाही दिखावा बिकट रुप धरि लंक जरावा भीम रूप धरि असुर कहानी रामचंद्र के काज संवारे लाय सजीवन लखन जी भाई श्री रघुवीर हृषि उर लाये रघुपति किंही बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरत सम भाई सहस बदन तुम्हारो यश गावे अस कही श्रीपति कंठ लगावे सनकादिक ब्रह्मा धीमा गीता नारद सारद आजम कुबेर दिगपाल जहां ते कवि कोविड कही सके कहाँ ते तुम उपकार सुकरी वही कीन्हा राम मिलाय राजपद दिन हमरो मंत्र बिभीषण माना लंकेश्वर भए सब जग जाना जुग सहस्त्र योजन पर भानु ताहि मधुर फल जानू प्रभु मुद्रिका मेली मुख मही जलाधि लांघी गए अचरज नाही दुर्गम काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते राम दुआरे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु पर सारे सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना आपन तेज सम्हारो आपै तीनों लोक हांक ठेका पर भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे नाते रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा संकट से हनुमान छोटा वे मन क्रम वचन ध्यान जो लागे सब पर राम तपस्वी राजा तिनके काज सकल तुम साजा और मनोरथ जो कोई लावे सोई अमित जीवन फल पावे चारों जुग परताप तुम्हारा है प्रसिद्ध जगत उजियारा साधु संत के तुम रखवारे असुर निकंदन राम दुलारे अष्ट सिद्धि नवनिधि के दाता अस बर दीन जानकी माता राम रसायन तुम्हारे पासा सदा रहो रघुपति के दासा तुम्हारे भजन राम को पावै जनम जनम के दुख भी करावे अंतकाल रघुबर पुर जाई जहां जन्म हरि भक्त कहाई और देवता चित्त ना धराई हनुमत सेई सर्व सुख करई संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो गुरुदेव की जो सत बार पाठ कर कोई झूठा ही बंदी महा सुख होई जो यह पढ़े हनुमान चालीसा होय सिद्धि साखी गौरी सा तुलसीदास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय महं डेरा पवन तनय संकट हरण मंगल मूर्ति रुप राम लखन सीता सहित हृदय बताओ सुरतिया पति राम जय जय राम मेरे प्रभु राम जय जय राम धन्यवाद

hello doston gokul par sun rahi mere sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal hai hanuman chalisa padh kar sunao sabse pehle toh aap sab ko hanuman jayanti ki hardik subhkamnaayain aur doston is waqt desh coronavirus ki mahamari ke mushkil daur se gujar raha hai hum sab hanuman ji se hanuman chalisa ke jariye prarthna karte hain ki hai ishwar aap is desh ki raksha kare is desh ke har nagarik ko is mahamari se bachaen om shri guru charan saroj raj neej man mukur sudhaar varnon raghubar bimal jasu jo dayak fal char siyapati ram jai jai ram buddhihin tanu janike sumiro pawan kumar bal buddhi vidya dehu mohi sabhi karya kiya pati ram jai jai ram jai hanuman gyaan gun sagar jai kapis tihun lok ujagar ram dut atulit bal dhama anjani putra pavanasut nama mahavir vikram bajrangi kumti nivar sumati ke sangi kanchan varan viraaj sabesa Kanan kundal kunchit kesa hath bajra o dhwaja viraje kandhe munj janeu saje shankar suvan kesari nandan tez pratap maha jag bandan vidyavan guni ati chatur ram kaaj karaib ko aatur prabhu charitra sunne ko rasiya ram lakhan sita man basia sukshma roop dhari siyahi dikhawa bikat roop dhari lank jarawa bhim roop dhari asur kahani ramachandra ke kaaj sanware laye sajivan lakhan ji bhai shri raghuveer hrishi Ur laye raghupati kinhi bahut badaai tum mum priya Bharat some bhai sahas badan tumharo yash gave us kahi shripati kanth lagave sanakadik brahma dheema geeta narad sarad azam kuber digpal jaha te kavi kovid kahi sake kaha te tum upkar sukri wahi kinha ram milay rajapad din hamaro mantra bibhishan mana lankeshwar bhay sab jag jana jug sahastra yojan par bhanu tahi madhur fal janu prabhu mudrika maili mukh mehee jaladhi langhi gaye acharaj naahi durgam kaaj jagat ke jete sugam anugrah tumhare tete ram duaare tum rakhvare hot na aagya binu par saare sab sukh lahai tumhari sarna tum rakshak kahu ko darna apan tez samharo apai tatvo lok hank theka par bhoot pishach nikat nahi aawe mahavir jab naam sunave naate rog hare sab pira japat nirantar hanumat bira sankat se hanuman chota ve man kram vachan dhyan jo lage sab par ram tapaswi raja tinke kaaj sakal tum saja aur manorath jo koi lawe soi amit jeevan fal paave charo jug partap tumhara hai prasiddh jagat ujiyara sadhu sant ke tum rakhvare asur nikandan ram dulare asht siddhi navnidhi ke data us bar din janki mata ram rasayan tumhare pasa sada raho raghupati ke dasa tumhare bhajan ram ko pavai janam janam ke dukh bhi karave antakal raghubar pur jaii jaha janam hari bhakt kahai aur devta chitt na dharai hanumat sei surv sukh karai sankat kate mite sab pira jo sumire hanumat balbira jai jai jai hanuman gosai kripa karo gurudev ki jo sat baar path kar koi jhutha hi bandi maha sukh hoi jo yah padhe hanuman chalisa hoy siddhi sakhi gauri sa tulsidas sada hari chera kijiye nath hriday mahan dera pawan tanay sankat haran mangal murti roop ram lakhan sita sahit hriday batao surtiya pati ram jai jai ram mere prabhu ram jai jai ram dhanyavad

हेलो दोस्तों गोकुल पर सुन रही मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का

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Karan Janwa

Automobile Engineer

1:06

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार बरनाऊ रघुवर बिमल जसु जो दायक फल चार बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार का जय हनुमान ज्ञान गुण सागर अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जग बंदन विद्यावान गुनी अति चतुर राम काज कराइब को आतुर प्रभु श्री कृष्ण रसिया राम लखन सीता मन बसिया के चारों जुग परताप तुम्हारा है प्रतिकृति होशियार साधु संत के तुम रखवारे होत ना केबिन के सारे सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना मुझे पड़ी इतनी आती है शायद कोई गलती हो तो क्षमा चाहता हूं धन्यवाद

shri guru charan saroj raj neej man mukur sudhaar barnaoo raghuvar bimal jasu jo dayak fal char buddhihin tanu janike sumiro pawan kumar ka jai hanuman gyaan gun sagar anjani putra pavanasut nama mahavir vikram bajrangi shankar suvan kesari nandan tez pratap maha jag bandan vidyavan guni ati chatur ram kaaj karaib ko aatur prabhu shri krishna rasiya ram lakhan sita man basia ke charo jug partap tumhara hai pratikriti hoshiyar sadhu sant ke tum rakhvare hot na cabin ke saare sab sukh lahai tumhari sarna tum rakshak kahu ko darna mujhe padi itni aati hai shayad koi galti ho toh kshama chahta hoon dhanyavad

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार बरनाऊ रघुवर बिमल जसु जो दायक फल चार बुद्धिहीन तनु

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Sachidanand Joshi

Naturopath Yoga Trainer

2:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार बरनाऊ रघुवर बिमल जसु जो दायक फल चार बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहुं लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन वरण विराज सबेसा कानन कुंडल कुंचित केसा हाथ बज्र और ध्वजा विराजे कांधे मूंज जनेऊ साजे शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जग बंदन विद्यावान गुनी अति चतुर राम काज कराइब को आतुर प्रभु चरण में को रसिया राम लखन सीता मन बसिया सूक्ष्मा रूप धारी सियाही दिखावा बिकट रुप धरि लंक जरावा भीम रूप धरि असुर सारे रामचंद्र के काज संवारे लाय संजीवन लखन का प्रत्याशी और नायरा की नहीं बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरत सम भाई सहस बदन तुम्हारो जस गावे श्रीपति कंठ लगावे शंकर महादेवन सारा सारा सहित तुम मक्कार सुग्रीव की ना राम मिलाए राजपद लीना तुंगभद्र किसने माना लंकेश्वर भए सब जग जाना जुग सहस्त्र जोजन पर भानू ताहि मधुर फल जानू प्रभु मुद्रिका मेली दुर्गम काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते राम दुलारे तुम रखवारे होत बा के अंदर सारे सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना आपन तेज सम्हारो आपै तीनों लोक हांक ठेका पर भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे नासे रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा संकट से हनुमान चौराहे मन काल संध्या जिला के सब पर राम तपस्वी राजा तिनके काज सकल तुम साजा और मनोरथ जो कोई लावे सोई अमित जीवन फल पावे चारो जुग प्रताप तुम्हारा असुर निकंदन राम दुलारे सिद्धि नवनिधि के दाता अस वर दीन जानकी माता राम रसायन तुम्हरे पासा सदा रहो रघुपति के भजन राम को पावै जनम जनम के दुश्मन मेरे भाई और देवता चित्त ना धराई हनुमत सेई सर्व सुख करई संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो गुरुदेव की नाई जो सत बार पाठ कर कोई मान चालीसा होय सिद्धि साखी गौरी सा तुलसीदास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय महं डेरा पवन तनय संकट हरण मंगल मूर्ति रुप राम लखन सीता सहित रामचंद्र शंकर हरि ओम जय जय सियाराम जय जय हनुमान जी महाराज की जय

shri guru charan saroj raj neej man mukur sudhaar barnaoo raghuvar bimal jasu jo dayak fal char buddhihin tanu janike sumiro pawan kumar bal buddhi vidya dehu mohi harahu klesh vikar jai hanuman gyaan gun sagar jai kapis tihun lok ujagar ram dut atulit bal dhama anjani putra pavanasut nama mahavir vikram bajrangi kumti nivar sumati ke sangi kanchan varan viraaj sabesa Kanan kundal kunchit kesa hath bajra aur dhwaja viraje kandhe munj janeu saje shankar suvan kesari nandan tez pratap maha jag bandan vidyavan guni ati chatur ram kaaj karaib ko aatur prabhu charan me ko rasiya ram lakhan sita man basia sukshma roop dhari siyahi dikhawa bikat roop dhari lank jarawa bhim roop dhari asur saare ramachandra ke kaaj sanware laye sanjivan lakhan ka pratyashi aur nayara ki nahi bahut badaai tum mum priya Bharat some bhai sahas badan tumharo jass gave shripati kanth lagave shankar mahadevan saara saara sahit tum makkar sugreev ki na ram milae rajapad leena tungabhdra kisne mana lankeshwar bhay sab jag jana jug sahastra jojan par BHANU tahi madhur fal janu prabhu mudrika maili durgam kaaj jagat ke jete sugam anugrah tumhare tete ram dulare tum rakhvare hot ba ke andar saare sab sukh lahai tumhari sarna tum rakshak kahu ko darna apan tez samharo apai tatvo lok hank theka par bhoot pishach nikat nahi aawe mahavir jab naam sunave nase rog hare sab pira japat nirantar hanumat bira sankat se hanuman chauraahe man kaal sandhya jila ke sab par ram tapaswi raja tinke kaaj sakal tum saja aur manorath jo koi lawe soi amit jeevan fal paave chaaro jug pratap tumhara asur nikandan ram dulare siddhi navnidhi ke data us var din janki mata ram rasayan tumhare pasa sada raho raghupati ke bhajan ram ko pavai janam janam ke dushman mere bhai aur devta chitt na dharai hanumat sei surv sukh karai sankat kate mite sab pira jo sumire hanumat balbira jai jai jai hanuman gosai kripa karo gurudev ki naay jo sat baar path kar koi maan chalisa hoy siddhi sakhi gauri sa tulsidas sada hari chera kijiye nath hriday mahan dera pawan tanay sankat haran mangal murti roop ram lakhan sita sahit ramachandra shankar hari om jai jai siyaram jai jai hanuman ji maharaj ki jai

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधार बरनाऊ रघुवर बिमल जसु जो दायक फल चार बुद्धिहीन तनु

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Ayush kumar dubey

Actor, Singer, Artist and C E O of (A S S G) Motiviational Speker Lover Of Nation INDIA

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो आशीष कुमार दुबे हनुमान चालीसा सुनाओ हनुमान चालीसा हनुमान चालीसा सुनना है तो आपने ऑडियो किसी दुकान पर जाकर हनुमान चालीसा अपने मोबाइल में डलवा सकते हो अगर आपके पास मोबाइल है तो आप गूगल पर सर्च मारो हनुमान चालीसा आपको सुनने को मिल जाएगा थैंक्यू जय हिंद जय श्री राम

hello aashish kumar dubey hanuman chalisa sunao hanuman chalisa hanuman chalisa sunana hai toh aapne audio kisi dukaan par jaakar hanuman chalisa apne mobile mein dalwa sakte ho agar aapke paas mobile hai toh aap google par search maaro hanuman chalisa aapko sunne ko mil jaega thainkyu jai hind jai shri ram

हेलो आशीष कुमार दुबे हनुमान चालीसा सुनाओ हनुमान चालीसा हनुमान चालीसा सुनना है तो आपने ऑडिय

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श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधारी वर्णों रघुबर बिमल जसु जो दायक फल चारि बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहुं लोक उजागर राम दूत लेते बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन वरण विराज सबेसा कानन कुंडल कुंचित केसा हाथ बज्र औ ध्वजा विराजे कांधे मूंज जनेऊ साजे शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा अजय देवगन विद्यावान गुनी अति चतुर राम काज करने को आतुर प्रबू चरित्र कन्वे को रसिया राम लखन सीता मन बसिया सूक्ष्मा रूप धारी सियाही दिखावा बिकट रुप धरि लंक जरावा भीम रूप धरि असुर अंगारे रामचंद्र के काज संवारे लाय संजीवन लखन जी आए श्री रघुवीर हृषि उर लाये रघुपति किंही बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरत सम भाई कहीं से बदन तुम्हारो जस गावे अस कही श्रीपति कंठ लगावे सैनिका देखो ब्रिंग महादेव अनीता नारद सारद सहित सहित अनेकों बेर देखभाल जहां ते कवि कोविड कही सके कहाँ ते तुम पुकारो सुग्रीव है कि ना राम मिलाए राजपद लीना भैरव मंत्र बिभीषण माना लंकेश्वर भए सब जग जाना जुग सहस्र जोजन पर भानु लीला ताहि मधुर फल जानू प्रभु मुद्रिका मेली मुख मही जलाधि लांघी गए अचरज नाही दुर्गम काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते राम दुआरे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु के सारे सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना आपन तेज सम्हारो आपै तीनों लोक हांक ठेका पर भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे नासे रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा संकट ते हनुमान छोड़ा में मन क्रम वचन ध्यान जो लावे सब पर राम तपस्वी राजा तिनके काज सकल तुम साजा और मनोरथ जो कोई लावे सोई अमित जीवन फल पावे चारों जुग परताप तुम्हारा है रिश्ते जगत उजियारा साधु संत के तुम रखवारे असुर निकंदन राम दुलारे अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता अस बर दीन जानकी माता राम रसायन तुम्हरे पासा सदा रहो रघुपति के दासा तुम्हारे भजन राम को पावै जनम जनम के दुख भरा में अंत काल रघुबर पुर जाई जहां जन्म हरि भक्त कहाई और देवता चेतना धराई हनुमत सेई सर्व सुख करई संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करहु गुरुदेव की धाम जो सत बार पाठ कर कोई छूट ही बंदी महा सुख होई जो यह पढ़े हनुमान चालीसा होय सिद्धि आखिरी बार तुलसीदास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय महं डेरा तनय संकट हरण मंगल मूर्ति रुप राम लखन सीता सहित ह्रदय हे

shri guru charan saroj raj neej man mukur sudhari varnon raghubar bimal jasu jo dayak fal chari buddhihin tanu janike sumiro pawan kumar bal buddhi vidya dehu mohi harahu klesh vikar jai hanuman gyaan gun sagar jai kapis tihun lok ujagar ram dut lete bal dhama anjani putra pavanasut nama mahavir vikram bajrangi kumti nivar sumati ke sangi kanchan varan viraaj sabesa Kanan kundal kunchit kesa hath bajra o dhwaja viraje kandhe munj janeu saje shankar suvan kesari nandan tez pratap maha ajay devgan vidyavan guni ati chatur ram kaaj karne ko aatur prabu charitra convey ko rasiya ram lakhan sita man basia sukshma roop dhari siyahi dikhawa bikat roop dhari lank jarawa bhim roop dhari asur angare ramachandra ke kaaj sanware laye sanjivan lakhan ji aaye shri raghuveer hrishi Ur laye raghupati kinhi bahut badaai tum mum priya Bharat some bhai kahin se badan tumharo jass gave us kahi shripati kanth lagave sainika dekho bring mahadev anita narad sarad sahit sahit anekon ber dekhbhal jaha te kavi kovid kahi sake kaha te tum pukaro sugreev hai ki na ram milae rajapad leena bhairav mantra bibhishan mana lankeshwar bhay sab jag jana jug sahasra jojan par bhanu leela tahi madhur fal janu prabhu mudrika maili mukh mehee jaladhi langhi gaye acharaj naahi durgam kaaj jagat ke jete sugam anugrah tumhare tete ram duaare tum rakhvare hot na aagya binu ke saare sab sukh lahai tumhari sarna tum rakshak kahu ko darna apan tez samharo apai tatvo lok hank theka par bhoot pishach nikat nahi aawe mahavir jab naam sunave nase rog hare sab pira japat nirantar hanumat bira sankat te hanuman choda me man kram vachan dhyan jo lawe sab par ram tapaswi raja tinke kaaj sakal tum saja aur manorath jo koi lawe soi amit jeevan fal paave charo jug partap tumhara hai rishte jagat ujiyara sadhu sant ke tum rakhvare asur nikandan ram dulare asht siddhi nau nidhi ke data us bar din janki mata ram rasayan tumhare pasa sada raho raghupati ke dasa tumhare bhajan ram ko pavai janam janam ke dukh bhara me ant kaal raghubar pur jaii jaha janam hari bhakt kahai aur devta chetna dharai hanumat sei surv sukh karai sankat kate mite sab pira jo sumire hanumat balbira jai jai jai hanuman gosai kripa karahu gurudev ki dhaam jo sat baar path kar koi chhut hi bandi maha sukh hoi jo yah padhe hanuman chalisa hoy siddhi aakhiri baar tulsidas sada hari chera kijiye nath hriday mahan dera tanay sankat haran mangal murti roop ram lakhan sita sahit hriday hai

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधारी वर्णों रघुबर बिमल जसु जो दायक फल चारि बुद्धिहीन

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जी आपका पिछले हनुमान चालीसा का दोहा श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधारी वर्णों रघुबर बिमल जसु जो दायक फल चारि बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार धन्यवाद

ji aapka pichle hanuman chalisa ka doha shri guru charan saroj raj neej man mukur sudhari varnon raghubar bimal jasu jo dayak fal chari buddhihin tanu janike sumiro pawan kumar bal buddhi vidya dehu mohi harahu klesh vikar dhanyavad

जी आपका पिछले हनुमान चालीसा का दोहा श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधारी वर्णों रघुबर

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जय हनुमान ज्ञान गुण सागर तीनो लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र श्री सुमति के संगी कंचन नगर विधानसभा कौन सा जय शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जग बंदन विद्यावान गुनी अति चतुर राम काज कराइब को आतुर भगवत गीता सोनू को रसिया राम लखन सीता मन बसिया हरिओम रामचंद्र के काज संवारे लाय सजीवन लखन जय श्री रघुवीर हृषि उर लाये जुदाई

jai hanuman gyaan gun sagar teeno lok ujagar ram dut atulit bal dhama anjani putra shri sumati ke sangi kanchan nagar vidhan sabha kaun sa jai shankar suvan kesari nandan tez pratap maha jag bandan vidyavan guni ati chatur ram kaaj karaib ko aatur bhagwat geeta sonu ko rasiya ram lakhan sita man basia hariom ramachandra ke kaaj sanware laye sajivan lakhan jai shri raghuveer hrishi Ur laye judai

जय हनुमान ज्ञान गुण सागर तीनो लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र श्री सुमति के स

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श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधारी 12 नाम रघुवर बिमल जसु जो दायक पलक्कारी बुद्ध हीना बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरो पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीस तिहुं लोक उजागर राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन वरण विराज सबेसा कानन कुंडल कुंचित केसा हाथ बज्र औ बदामी राय कांधे मूंज जनेऊ साजे शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जग बंदन विद्यावान गुनी अति चतुर राम काज कराइब को आतुर प्रबू चरित्र सुनिधि को रसिया राम लखन सीता मन बसिया सूक्ष्मा रूप धारी सियाही दिखावा बिकट रुप धरि लंक जरावा भीम रूप धरि असुर संभारे रामचंद्र के काज संवारे लाय संजीवन लखन अध्याय श्री रघुवीर हृषि उर लाये रघुपति किंही बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरत सम भाई सहस बदन तुम्हारो जस गावे असा कही श्रीपति कंठ लगावे सनक आदि का भ्रम आदि मनीषा नारद शरद सहित आदि कपाला जहां ते कवि कोविड कही सके कहाँ ते तुम उपकार सुगरी वही कीन्हा राम मिलाय राजपद आदिनाथ तुम्हारो मंत्र बिभीषण माना लंकेश्वर भए सब जग जाना युग सहस्त्र योजन पर भानु लिया तो ही मधुर फल जानू प्रभु मुद्रिका मेली मुख मही जलाधि लांघी गए अचरज नाहीं दुर्गम काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते राम दुआरे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु 23 तारीख कब लगता बसु का लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डरना तेज सम्हारो आपै तीनों लोक कते काम पर भूत पिशाच निकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे नासे रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा संकट ते हनुमान झुलावे मन क्रम वचन ध्यान जो लावे राम तपस्वी राजा तिनके काज सकल तुम साजा और मनोरथ जो कोई लावे सोई अमित जीवन फल पावे चारों युग परताप तुम्हारा है प्रसिद्ध जगत उजियारा साधु संत के तुम रखवारे असुर निकंदन राम दुलारे अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता अस बर दीन जानकी माता राम रसायन तुम्हारे पासा सदा रहो रघुपति के दासा तुम्हारे भजन राम को पावै जन्म जन्म के दुख का बिसरा भाई अंत काल रघुपति पुर जाई जहां जन्म हरि भक्त और देवता चित्त ना धराई हनुमत सेई सर्व सुख करई संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा जय जय जय हनुमान गोसाई कृपा करो गुरुदेव की नाई जो सत बार पाठ कर कोई छूट की बंदी महा सुख होई जो यह पढ़े हनुमान चालीसा हो या सिद्धू का गौरीशा तुलसीदास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय महं डेरा पवन तनय संकट हरण मंगल मूर्ति रुप राम लखन सीता सहित आलू दया सिरप

shri guru charan saroj raj neej man mukur sudhari 12 naam raghuvar bimal jasu jo dayak palakkari buddha heena buddhihin tanu janike sumiro pawan kumar bal buddhi vidya dehu mohi harahu klesh vikar jai hanuman gyaan gun sagar jai kapis tihun lok ujagar ram dut atulit bal dhama anjani putra pavanasut nama mahavir vikram bajrangi kumti nivar sumati ke sangi kanchan varan viraaj sabesa Kanan kundal kunchit kesa hath bajra o badami rai kandhe munj janeu saje shankar suvan kesari nandan tez pratap maha jag bandan vidyavan guni ati chatur ram kaaj karaib ko aatur prabu charitra sunidhi ko rasiya ram lakhan sita man basia sukshma roop dhari siyahi dikhawa bikat roop dhari lank jarawa bhim roop dhari asur sambhare ramachandra ke kaaj sanware laye sanjivan lakhan adhyay shri raghuveer hrishi Ur laye raghupati kinhi bahut badaai tum mum priya Bharat some bhai sahas badan tumharo jass gave asa kahi shripati kanth lagave sanak aadi ka bharam aadi manisha narad sharad sahit aadi kapala jaha te kabhi kovid kahi sake kahan te tum upkar sugri wahi kinha ram milay rajapad adinath tumharo mantra bibhishan mana lankeshwar bhay sab jag jana yug sahastra yojan par bhanu liya toh hi madhur fal janu prabhu mudrika maili mukh mehee jaladhi langhi gaye acharaj nahin durgam kaaj jagat ke jete sugam anugrah tumhare tete ram duaare tum rakhvare hot na aagya binu 23 tarikh kab lagta basu ka lahai tumhari sarna tum rakshak kahu ko darna tez samharo apai tatvo lok kate kaam par bhoot pishach nikat nahi aawe mahavir jab naam sunave nase rog hare sab pira japat nirantar hanumat bira sankat te hanuman jhulave man kram vachan dhyan jo lawe ram tapaswi raja tinke kaaj sakal tum saja aur manorath jo koi lawe soi amit jeevan fal paave charo yug partap tumhara hai prasiddh jagat ujiyara sadhu sant ke tum rakhvare asur nikandan ram dulare asht siddhi nav nidhi ke data us bar din janki mata ram rasayan tumhare pasa sada raho raghupati ke dasa tumhare bhajan ram ko pavai janam janam ke dukh ka bisara bhai ant kaal raghupati pur jaii jaha janam hari bhakt aur devta chitt na dharai hanumat sei surv sukh karai sankat kate mite sab pira jo sumire hanumat balbira jai jai jai hanuman gosai kripa karo gurudev ki naay jo sat baar path kar koi chhut ki bandi maha sukh hoi jo yah padhe hanuman chalisa ho ya sidhu ka gaurisha tulsidas sada hari chera kijiye nath hriday mahan dera pawan tanay sankat haran mangal murti roop ram lakhan sita sahit aalu daya syrup

श्री गुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुर सुधारी 12 नाम रघुवर बिमल जसु जो दायक पलक्कारी बुद्ध हीन

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