एक एकल माता-पिता के रूप में, कुछ ऐसे क्षण हैं जहां आपको ताकत का एक बड़ा प्रदर्शन दिखाना था, फिर चाहे आपके लिए अंदर कितनी भी मुश्किल क्यों न हो?...


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Shivani Khetan

Founder of ExpressoTalks and renowned life coach

5:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक्सिलअप डिफरेंट सबसे पहले तो एक उसकी वजह बन जाती है कि वह बदमाश तो यही है अगर यह बदमाश है तो बच्चे भी बदमाश तो करना ही पड़ेगा दो हाथ से बजती है कभी भी एक हाथ से नहीं बजती है मैं बोलूंगी मैं कभी गलत नहीं थी गलत हो गलत उसी तरीके से लिखा है तू बहुत जरूरी है कि यह सब पत्र औरत के लिए वापस फोन करना लड़कियों के बच्चे होते हैं बहुत डिफिकल्ट है एंड मेरा मकसद यह है कि शादीशुदा एक बार मैं शादी कर सकूं तब तक के बच्चों के तरफ से रिपीट करो भगवान औरतों को स्ट्रांग बनाया था बड़ी बेटी को मैसेज करा कि पापा हस गोट मैरिड पापा ने हमारे साथ ऐसा कैसे किया आपको बोला क्योंकि पहले मतलब उस समय में अंदर से टूट गई थी पर मुझे इतना फ्रॉम होना पड़ा कि मैं मुझे को कभी याद आती है कि खुद को रोना आ रहा था उसको रोते भी देखी पर फिर मुझे अपनी तरफ से सॉन्ग बनना पड़ा क्योंकि अगर भैरव के ऑटो जाती तुम बहुत मुश्किल कठिन समय था उसको मुझे कंट्रोल करके उसको समझाना मेरे पास तुम तुम और मैं पापा के पास कोई नहीं है तो मैं भी उनको तुम्हें बताना कि हां और इसकी वजह से उन्होंने बाद में मैसेज करो तो एक्सेप्ट में उसके पास कोई नहीं है मेरे पास तुम दोनों हो तुम्हारे पास मैं हूं तू मेरे लिए दूसरी टाइम पर ट्रेन बस मुझे कॉल कर का नाम आया एक रिपोर्ट में आया कि मुझे पता चल गया तू अकेले बहुत टफ था अमित मालिक नहीं हुआ था मेरा फोन किधर किधर भी नहीं जाएगी वह इधर ही है नोट ब्रेकडाउन चलकर को मुझे कुछ हो गया तो इनका चाहो बहुत बड़ी मशीन क्या होता है और अपना ऑफिस मूवमेंट वेयर आर यू एनएसपी वहां पर सेकंड वाले दोनों बच्चों को है और मेरे हस्बैंड को घर से निकाल दिया गया था जीने और आप भी जाकर मुझे पिकअप करनी थी तो लकी मेरे हस्बैंड कैसे रहते थे दोनों बच्चे बहुत परेशान है बहुत रो रही है आ जाओ रुको लेजा पर उस समय अंदर से मैं एकदम टूटी हूं मुझे क्या करूं मैं क्या बोलूं तो बच्चों को मुझे खुद को नहीं समझ आया था कि बुलाने की जरूरत है क्या किया तो मां से पूछ लेते ऐसा क्यों 8 साल के बच्चों को तुम घर से निकाल दो कि कोई मतलब निकल गए घर से तो इसके बच्चे भी बदमाशी बदमाशी निकालो यह बच्चों को इसे कहते हैं अपने नहीं अच्छी सजेस्ट करना चाहती हूं कि कोई भी अच्छा बच्चों को बच्चों को दोनों माता की जरूरत है मेरे पति होते गडकरी के बच्चों को दोनों की जरूरत पड़ती है

eksilap different sabse pehle toh ek uski wajah ban jaati hai ki vaah badamash toh yahi hai agar yah badamash hai toh bacche bhi badamash toh karna hi padega do hath se bajati hai kabhi bhi ek hath se nahi bajati hai bolungi main kabhi galat nahi thi galat ho galat usi tarike se likha hai tu bahut zaroori hai ki yah sab patra aurat ke liye wapas phone karna ladkiyon ke bacche hote hain bahut difficult hai and mera maksad yah hai ki shaadishuda ek baar main shadi kar saku tab tak ke baccho ke taraf se repeat karo bhagwan auraton ko strong banaya tha badi beti ko massage kara ki papa has goat married papa ne hamare saath aisa kaise kiya aapko bola kyonki pehle matlab us samay mein andar se toot gayi thi par mujhe itna from hona pada ki main mujhe ko kabhi yaad aati hai ki khud ko rona aa raha tha usko rote bhi dekhi par phir mujhe apni taraf se song banna pada kyonki agar bhairav ke auto jaati tum bahut mushkil kathin samay tha usko mujhe control karke usko samajhana mere paas tum tum aur main papa ke paas koi nahi hai toh main bhi unko tumhe bataana ki haan aur iski wajah se unhone baad mein massage karo toh except mein uske paas koi nahi hai mere paas tum dono ho tumhare paas main hoon tu mere liye dusri time par train bus mujhe call kar ka naam aaya ek report mein aaya ki mujhe pata chal gaya tu akele bahut tough tha amit malik nahi hua tha mera phone kidhar kidhar bhi nahi jayegi vaah idhar hi hai note breakdown chalkar ko mujhe kuch ho gaya toh inka chaho bahut badi machine kya hota hai aur apna office movement where R you NSP wahan par second waale dono baccho ko hai aur mere husband ko ghar se nikaal diya gaya tha jeene aur aap bhi jaakar mujhe pickup karni thi toh lucky mere husband kaise rehte the dono bacche bahut pareshan hai bahut ro rahi hai aa jao ruko leja par us samay andar se main ekdam tuti hoon mujhe kya karu main kya bolu toh baccho ko mujhe khud ko nahi samajh aaya tha ki bulane ki zarurat hai kya kiya toh maa se puch lete aisa kyon 8 saal ke baccho ko tum ghar se nikaal do ki koi matlab nikal gaye ghar se toh iske bacche bhi badmaashee badmaashee nikalo yah baccho ko ise kehte hain apne nahi achi suggest karna chahti hoon ki koi bhi accha baccho ko baccho ko dono mata ki zarurat hai mere pati hote gadkari ke baccho ko dono ki zarurat padti hai

एक्सिलअप डिफरेंट सबसे पहले तो एक उसकी वजह बन जाती है कि वह बदमाश तो यही है अगर यह बदमाश है

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