हैदराबाद गैंगरेप: आरोपियों का एनकाउंटर होना सही था या फिर यह केस कोर्ट में जाना चाहिए था?...


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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है बहुत बड़ा अच्छा काम उन्होंने किया है और अपने जागरूकता का परिचय दिया जितने भी रेप पीड़ित देश के अंदर हम सब को गोली मार देनी चाहिए या फांसी पर लटका देना चाहिए ना कि निर्भया केस में पकड़े गए आरोपी पिछले 7 साल से जेल में सरकार उनको पाल रही है उन्हें भी तत्काल फांसी दी जाना चाहिए और उन्नाव के अंदर भी अभी रेप केस हुआ है मऊ के अंदर भी हुआ है चेक करने वाले लोग पकड़े जा रहा है उनको तत्काल फांसी के फंदे पर झूल आना चाहिए या गोली मार देना चाहिए जब ऐसे 810 जगह घटनाओं को अंजाम दिया पीड़ितों को सजा दी जाएगी तभी रेप करने वालों को घर बैठे कहां मिलेगा हैदराबाद पुलिस को बहुत-बहुत धन्यवाद

ko police ne encounter mein maar giraya hai bahut bada accha kaam unhone kiya hai aur apne jagrukta ka parichay diya jitne bhi rape peedit desh ke andar hum sab ko goli maar deni chahiye ya fansi par Latka dena chahiye na ki Nirbhaya case mein pakde gaye aaropi pichle 7 saal se jail mein sarkar unko pal rahi hai unhe bhi tatkal fansi di jana chahiye aur unnaav ke andar bhi abhi rape case hua hai mau ke andar bhi hua hai check karne waale log pakde ja raha hai unko tatkal fansi ke fande par jhul aana chahiye ya goli maar dena chahiye jab aise 810 jagah ghatnaon ko anjaam diya piditon ko saza di jayegi tabhi rape karne walon ko ghar baithe kahaan milega hyderabad police ko bahut bahut dhanyavad

को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है बहुत बड़ा अच्छा काम उन्होंने किया है और अपने जागरूक

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना सही पाया कृपया स्पोर्ट्स कोच में जाना चाहिए था हमारे कानून है उसके हिसाब से तो यह केस कोर्ट में जाना चाहिए था आना कि हैदराबाद के वकीलों ने साफ इनकार कर दिया था कि इन चारों को केस कोई नहीं लड़ेगा कैसे लगने से बहिष्कार किया फिर भी अगर उनको वकील मिल जाते हैं तो भी इसको सुधारने के लिए लड़ना पड़ता क्योंकि बहुत ही रोता हुआ के दर्शन भी हो और लोगों ने मांग की थी कि उसे गोली मार देनी चाहिए इसके अलावा जया बच्चन जी राज्यसभा में इस प्रकार मांग की थी कि ऐसी होनी चाहिए लेकिन वह जंगल का कानून है क्योंकि हमारा देश टाइमिंग से चलता है भावनाओं से भागने की कोशिश की तो पुलिस वालों ने उनको निकाल कर किया दे दे सही काम किया और क्योंकि काम तो करना ही पड़ता है ऐसे लोगों का वह बैठक 23 को एक भी कितनी लड़कियों के लिए जो हुआ वह सही हुआ और इस पर कोई भी आपत्ति नहीं लेता ऐसा मेरा मानना

hyderabad gangrape aaropiyon ka encounter hona sahi paya kripya sports coach mein jana chahiye tha hamare kanoon hai uske hisab se toh yah case court mein jana chahiye tha aana ki hyderabad ke vakilon ne saaf inkar kar diya tha ki in charo ko case koi nahi ladega kaise lagne se bahishkar kiya phir bhi agar unko vakil mil jaate hain toh bhi isko sudhaarne ke liye ladna padta kyonki bahut hi rota hua ke darshan bhi ho aur logo ne maang ki thi ki use goli maar deni chahiye iske alava jaya bachchan ji rajya sabha mein is prakar maang ki thi ki aisi honi chahiye lekin vaah jungle ka kanoon hai kyonki hamara desh timing se chalta hai bhavnao se bhagne ki koshish ki toh police walon ne unko nikaal kar kiya de de sahi kaam kiya aur kyonki kaam toh karna hi padta hai aise logo ka vaah baithak 23 ko ek bhi kitni ladkiyon ke liye jo hua vaah sahi hua aur is par koi bhi apatti nahi leta aisa mera manana

हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना सही पाया कृपया स्पोर्ट्स कोच में जाना चाहिए था

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Rahul Agrawal

Career Counsellor

0:47
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां बिल्कुल जो भी हुआ सही हुआ क्योंकि भैया पुलिस अपने डिफेंस में तो फिर गोली मारेगी है ना जरा सोचिए कि पुलिस गोली नहीं मारती और यह भाग जाते तो कितनी फुट होती पुलिस की भी तू तू होती तब एक तरीके से सरकार को ब्लेम करते पुलिस को ब्लेम करते कि यहां पर मतलब रेप का आरोपी है वैसे ही भाग गया पुलिस क्या कर रही थी कितनी का मतलब लापरवाह है पुलिस यह है वह है हम सभी गाली दे रहे होते तो भाई अगर उन्होंने हथियार छीने और पुलिस पर गोली चलाने की कोशिश किए हमला किया है तो फिर पुलिस का तो बनता ही है भैया और उनके पास सेल्फ डिफेंस के लिए उनके पास बंदूक की रहती क्यों है सिर्फ क्या बंदूक खाली बस उनके पास शोपीस के लिए रहती है हमें गर्व होना चाहिए हमारी पुलिस पर

haan bilkul jo bhi hua sahi hua kyonki bhaiya police apne defence mein toh phir goli maregi hai na zara sochiye ki police goli nahi marti aur yah bhag jaate toh kitni feet hoti police ki bhi tu tu hoti tab ek tarike se sarkar ko blame karte police ko blame karte ki yahan par matlab rape ka aaropi hai waise hi bhag gaya police kya kar rahi thi kitni ka matlab laaparavaah hai police yah hai vaah hai hum sabhi gaali de rahe hote toh bhai agar unhone hathiyar chine aur police par goli chalane ki koshish kiye hamla kiya hai toh phir police ka toh baata hi hai bhaiya aur unke paas self defence ke liye unke paas bandook ki rehti kyon hai sirf kya bandook khaali bus unke paas showpiece ke liye rehti hai hamein garv hona chahiye hamari police par

हां बिल्कुल जो भी हुआ सही हुआ क्योंकि भैया पुलिस अपने डिफेंस में तो फिर गोली मारेगी है ना

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K.L.Salvi Advocate (Ret.D,C,Mp)

Seva Nivrt.Deeputy,Collector

0:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों को एनकाउंटर हुआ है जो कुछ हुआ है सही हुआ है आज की कानून व्यवस्था को देखकर लेटलतीफी और कानूनी दांव पेंच को देखते हुए जो इनकाउंटर आरोपियों का हुआ है वह सही हुआ है और ऐसा होना चाहिए इससे समाज खुश और समाज को ऐसे सुकून मिला है और जो जिसके साथ बलात्कार हुआ उसको प्रसाद बहुत ही बर्बरता पूर्ण कार्य हुआ है और यही काउंटर को मैं सही मानता हूं

hyderabad gangrape aaropiyon ko encounter hua hai jo kuch hua hai sahi hua hai aaj ki kanoon vyavastha ko dekhkar letalatifi aur kanooni dav pench ko dekhte hue jo inakauntar aaropiyon ka hua hai vaah sahi hua hai aur aisa hona chahiye isse samaj khush aur samaj ko aise sukoon mila hai aur jo jiske saath balatkar hua usko prasad bahut hi barbarta purn karya hua hai aur yahi counter ko main sahi manata hoon

हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों को एनकाउंटर हुआ है जो कुछ हुआ है सही हुआ है आज की कानून व्यवस्था

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

0:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए एनकाउंटर होना कैसा लग रहा है कि बहुत लोग इस बात से खुश भी हैं कि जस्टिस मिला उस लड़की को क्योंकि बहुत सारे केस में कोर्ट में केस अभी पेंडिंग है रेप केसेस ब्रूटल रेप केस तो और उनको न्याय नहीं मिला है उनको जस्टिस नहीं मिला है तू यह बात है कि जस्टिस सिस्टम ऐसा बनना चाहिए कि उन सब लड़कियों को न्याय मिले जिनके साथ गलत हुआ है और लड़की ऐसा करने से डरी और ऐसे कैसे हो ही ना

dekhiye encounter hona kaisa lag raha hai ki bahut log is baat se khush bhi hain ki justice mila us ladki ko kyonki bahut saare case mein court mein case abhi pending hai rape cases brutal rape case toh aur unko nyay nahi mila hai unko justice nahi mila hai tu yah baat hai ki justice system aisa banna chahiye ki un sab ladkiyon ko nyay mile jinke saath galat hua hai aur ladki aisa karne se dari aur aise kaise ho hi na

देखिए एनकाउंटर होना कैसा लग रहा है कि बहुत लोग इस बात से खुश भी हैं कि जस्टिस मिला उस लड़क

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरोपियों का एनकाउंटर होना बहुत ही सही रहा और इससे जो है जितने भी ए दाना और राक्षस प्रवृत्ति के नवयुवक हैं जो अपने रास्ते से अपने भविष्य गुमराह हो चुके हैं इनको एक बहुत बड़ी सीख मिलेगी और साथ ही साथ में हैदराबाद पुलिस को दिल से पूरे देश की जनता का बहुत बहुत शुक्रिया क्योंकि हैदराबाद कृष्ण जी बहुत ही बड़ा अच्छा एक्शन लिया है बहुत अच्छा कार्य किया है इससे जो यह रेप जैसे क्लाइम्स यह हो रहे हैं इन ए जो है करने वालों के दिल में खौफ पैदा होगा और वह भी उनके भी जीवन सुधर जाएगा और वह लोग जो हैं ऐसे क्राइम्स ऐसे अत्याचार को कर्म करने से बचेंगे और अपनी मौत के बारे में सोचते हुए वह अपने आप को काबू करने की कोशिश करेंगे इससे देश में एक बहुत ही अच्छा माहौल पैदा हुआ है इससे महिलाओं के अंदर जो डर बैठा हुआ है वह खत्म हुआ है महिलाओं के अंदर हिम्मत जागी है उनको भी जीने का एक जिंदगी जीने का अपना एक हौसला मिला उनको भी लगेगा कि हां हमारा सुनने वाला कोई है कोर्ट में फैसला जाने से निश्चित था कि वह जो है लंबा फासला खींचता उनको जोड़ के चलते तारीख पे तारीख लगती इससे यह बताना बल्ला कितने से यह प्रियंका रेड्डी जी है डॉक्टर साहब है उनको पूरी तरीके से न्याय नहीं मिल पाता और किसी न किसी तरीके से बच भी सकते थे उसी कानूनी तरीके से करते हैं और जो भगवान को मंजूर होता है ऊपर वाले को मंजूर होता है वही होता है ऊपर वाले ने बहुत सही किया

aaropiyon ka encounter hona bahut hi sahi raha aur isse jo hai jitne bhi a dana aur rakshas pravritti ke navayuvak hain jo apne raste se apne bhavishya gumrah ho chuke hain inko ek bahut badi seekh milegi aur saath hi saath mein hyderabad police ko dil se poore desh ki janta ka bahut bahut shukriya kyonki hyderabad krishna ji bahut hi bada accha action liya hai bahut accha karya kiya hai isse jo yah rape jaise climes yah ho rahe hain in a jo hai karne walon ke dil mein khauf paida hoga aur vaah bhi unke bhi jeevan sudhar jaega aur vaah log jo hain aise crimes aise atyachar ko karm karne se bachenge aur apni maut ke bare mein sochte hue vaah apne aap ko kabu karne ki koshish karenge isse desh mein ek bahut hi accha maahaul paida hua hai isse mahilaon ke andar jo dar baitha hua hai vaah khatam hua hai mahilaon ke andar himmat jaagi hai unko bhi jeene ka ek zindagi jeene ka apna ek hausla mila unko bhi lagega ki haan hamara sunne vala koi hai court mein faisla jaane se nishchit tha ki vaah jo hai lamba fasla khinchata unko jod ke chalte tarikh pe tarikh lagti isse yah bataana balla kitne se yah priyanka reddy ji hai doctor saheb hai unko puri tarike se nyay nahi mil pata aur kisi na kisi tarike se bach bhi sakte the usi kanooni tarike se karte hain aur jo bhagwan ko manzoor hota hai upar waale ko manzoor hota hai wahi hota hai upar waale ne bahut sahi kiya

आरोपियों का एनकाउंटर होना बहुत ही सही रहा और इससे जो है जितने भी ए दाना और राक्षस प्रवृत्त

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ज्योतिष गुरु आचार्य शैलेश उपाध्याय

पाराशर ज्योतिष कार्यालय,हरहुआ,वाराणसी।

5:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

श्री परमात्मने नमः मैं हूं ज्योतिष गुरु आचार्य शैलेश उपाध्याय वाराणसी से आज जिस तरह का कांड जघन्य अपराध हो रहा है जिस तरह का कांड हो रहा है क्योंकि मैं ज्योतिष से संबंधित सारे प्रश्नों का जवाब देता हूं समस्याओं का समाधान बताता हूं और लाखों हजारों लोग की सेवा करता हूं परंतु आज में यह जो लिखा है हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना सही था या फिर यह केस कोर्ट में जाना आज मुझे बर्दाश्त नहीं हुआ और मुझे बोलना पड़ा क्योंकि इस तरह का जगन ने अपराध यह धर्म दोषी ज्योत धर्म और अधर्म और अधर्म को सुनकर हम अगर कुछ कार्रवाई नहीं कर सके तो कम है उसका जवाब तो दे सकते हैं आज मुझे अंत में इस क्षेत्र में भी इसका जवाब देना पड़ा बोलना पड़ा देश के हित में कि यह जो एनकाउंटर हुआ हमारे समझ से बहुत बढ़िया होगा इसलिए कि अगर व्यक्ति को इस समय अधिक से अधिक पूरा देश कल बुलाया है गुस्ताखी मत मां-बाप पर क्या गुजरती होगी तुम अब आप जानते हैं जब आम लोग आम जनता भी सुनकर जो धर्म का साथ देती है उनके लिए जो अधर्मी है उनको उनके लिए तो अच्छा होगा परंतु जो धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने वाले हैं ईमानदार हैं वह सुनेंगे वह भी उनकी गुस्सा कितनी बड़ी होगी और उसके अनुरूप ही अगर तुरंत कार्यवाही हो गए यह बहुत बढ़िया हुआ हम साक्षम समाचरेत जैसे को तैसा इलाज का बिल आज विलंब नहीं इसे अभी पूरा देश का गुस्सा फूटा हुआ है मां-बाप की गुस्ताखी स्थिति क्या होगी किस स्थिति में होगी वह आप सभी लोग समझ सकते हैं और उसके लिए चुना जवाब अगर ना दे अगर यही कोर्ट कचहरी का मामला हो जाए इसकी कोई गारंटी नहीं है भैया कितने साल तक चलेगा इसमें पहुंच वालों की बात होती है ऐसी सी धारा लगाएंगे ऐसी सी धारा की व्यवस्था है की सजा को टालने की व्यवस्था है हमारे संविधान सबसे लचीला संविधान है संविधान से मुझे संतुष्टि नहीं है और इस मामले में इसीलिए इसका घोर जगन अपराध हो रहा है क्योंकि जो कानून पड़े हैं वह कानून का अच्छा इस्तेमाल करते हैं या करवाते हैं और मुझे प्रसंता केवल इतना ही है कि तुरंत अभी गुस्सा तो कुछ शांत होगा शत-प्रतिशत गुस्सा में कम से कम 50 प्रज्ञा देंगे 50% दो गुस्सा शांत हुआ और जरूरी था अगर कोर्ट कचहरी का मामला था तो हमारे समझ में न मां-बाप को ना भाई बहन को ना रिलेशन को न मित्र को न देश को देश के लोगों को हमें नहीं लगता कि कोर्ट कचहरी का मामला से संतुष्टि मिलती क्योंकि सत्य सबको चाहिए था गुस्से से शांति दिलाना या अपने को उस पर कुछ रहा दिलाना हालांकि इतने से कोई राहत मिलने वाला नहीं है लेकिन राहत में कुछ कमी आएगी इतना ही है कारण क्या है कि अगर हमारा बस चले यार हमारे विचार सुने तो शायद इतना कठिन दंड देश में इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को बीच बाजार में खड़ा करके उनका पूरा शरीर काट दिया जाए और उसमें नमक से रगड़ा जाए या इससे भी बहुत दंड है इस तरह का दंड देने से वह तो जो देख रहे हैं वह देश में जितने भी अपराधी लोग देख देखेंगे उनका तू कब जाएगा या और भी देश में कहीं भी लोग जो देखते हैं कि मीडिया के माध्यम से जैसे माध्यम से या प्रत्यक्ष देखते हो जीवन में कभी नाम नहीं लेंगे इस तरह का जगन ने अपराध करने का इससे इससे कम दंड नहीं होना चाहिए कठोर से कठोर दंड केवल मैं तो फांसी भी अच्छा नहीं मानता हंसी तोशाम से आदमी दिला देता है 2 मिनट के कार्यालय में रस्सी बना गया सीधा लड़का देकर खत्म कर दो मिनट में छप जाएगा खत्म को क्या मालूम चलेगा उसका उसके अनुसार दंड होना चाहिए हमारा सीधा बात है जैसा अपराध उसके अनुसार दंड होना चाहिए तब मालूम चले कि क्या हुआ अब पार्टी तो बहुत लोग आराम से दिला देंगे इतना के जीवन नहीं रहेगा मां बाप के लिए कष्ट होगा लेकिन न तो फांसी मुझे अच्छा लगता है एनकाउंटर बोली लगा 2:00 मिनट पर पटाए खत्म कर गए लेकिन उनको अगर सही से नहीं धीरे-धीरे प्रताड़ित करते हुए कष्ट दिया जाए पटवर्धन तबु वही नहीं उससे एक सबक मिलेगा कि पूरा देश देश में जीत जो लोग होंगे अपराधी होंगे वह नाम नहीं लेंगे बस मेरा यही कहना था और धर्म की जय हो अधर्म का नाश हो यह हमेशा हर व्यक्ति के विचार में दिमाग में रहना चाहिए नाम रहना चाहिए

shri paramatmane namah main hoon jyotish guru aacharya shailesh upadhyay varanasi se aaj jis tarah ka kaand jaghanya apradh ho raha hai jis tarah ka kaand ho raha hai kyonki main jyotish se sambandhit saare prashnon ka jawab deta hoon samasyaon ka samadhan batata hoon aur laakhon hazaro log ki seva karta hoon parantu aaj mein yah jo likha hai hyderabad gangrape aaropiyon ka encounter hona sahi tha ya phir yah case court mein jana aaj mujhe bardaasht nahi hua aur mujhe bolna pada kyonki is tarah ka jagan ne apradh yah dharm doshi jyot dharm aur adharma aur adharma ko sunkar hum agar kuch karyawahi nahi kar sake toh kam hai uska jawab toh de sakte hain aaj mujhe ant mein is kshetra mein bhi iska jawab dena pada bolna pada desh ke hit mein ki yah jo encounter hua hamare samajh se bahut badhiya hoga isliye ki agar vyakti ko is samay adhik se adhik pura desh kal bulaya hai gustakhi mat maa baap par kya gujarati hogi tum ab aap jante hain jab aam log aam janta bhi sunkar jo dharm ka saath deti hai unke liye jo adharmee hai unko unke liye toh accha hoga parantu jo dharm aur satya ke marg par chalne waale hain imaandaar hain vaah sunenge vaah bhi unki gussa kitni badi hogi aur uske anurup hi agar turant karyavahi ho gaye yah bahut badhiya hua hum saksham samachret jaise ko taisa ilaj ka bill aaj vilamb nahi ise abhi pura desh ka gussa futa hua hai maa baap ki gustakhi sthiti kya hogi kis sthiti mein hogi vaah aap sabhi log samajh sakte hain aur uske liye chuna jawab agar na de agar yahi court kachahari ka maamla ho jaaye iski koi guarantee nahi hai bhaiya kitne saal tak chalega isme pohch walon ki baat hoti hai aisi si dhara lagayenge aisi si dhara ki vyavastha hai ki saza ko taalane ki vyavastha hai hamare samvidhan sabse lachila samvidhan hai samvidhan se mujhe santushti nahi hai aur is mamle mein isliye iska ghor jagan apradh ho raha hai kyonki jo kanoon pade hain vaah kanoon ka accha istemal karte hain ya karwaate hain aur mujhe prasanta keval itna hi hai ki turant abhi gussa toh kuch shaant hoga shat pratishat gussa mein kam se kam 50 pragya denge 50 do gussa shaant hua aur zaroori tha agar court kachahari ka maamla tha toh hamare samajh mein na maa baap ko na bhai behen ko na relation ko na mitra ko na desh ko desh ke logo ko hamein nahi lagta ki court kachahari ka maamla se santushti milti kyonki satya sabko chahiye tha gusse se shanti dilana ya apne ko us par kuch raha dilana halaki itne se koi rahat milne vala nahi hai lekin rahat mein kuch kami aayegi itna hi hai karan kya hai ki agar hamara bus chale yaar hamare vichar sune toh shayad itna kathin dand desh mein is tarah ke jaghanya apradh karne walon ko beech bazaar mein khada karke unka pura sharir kaat diya jaaye aur usme namak se ragda jaaye ya isse bhi bahut dand hai is tarah ka dand dene se vaah toh jo dekh rahe hain vaah desh mein jitne bhi apradhi log dekh dekhenge unka tu kab jaega ya aur bhi desh mein kahin bhi log jo dekhte hain ki media ke madhyam se jaise madhyam se ya pratyaksh dekhte ho jeevan mein kabhi naam nahi lenge is tarah ka jagan ne apradh karne ka isse isse kam dand nahi hona chahiye kathor se kathor dand keval main toh fansi bhi accha nahi manata hansi tosham se aadmi dila deta hai 2 minute ke karyalay mein rassi bana gaya seedha ladka dekar khatam kar do minute mein chhap jaega khatam ko kya maloom chalega uska uske anusaar dand hona chahiye hamara seedha baat hai jaisa apradh uske anusaar dand hona chahiye tab maloom chale ki kya hua ab party toh bahut log aaram se dila denge itna ke jeevan nahi rahega maa baap ke liye kasht hoga lekin na toh fansi mujhe accha lagta hai encounter boli laga 2 00 minute par pataye khatam kar gaye lekin unko agar sahi se nahi dhire dhire pratarit karte hue kasht diya jaaye patwardhan tabu wahi nahi usse ek sabak milega ki pura desh desh mein jeet jo log honge apradhi honge vaah naam nahi lenge bus mera yahi kehna tha aur dharm ki jai ho adharma ka naash ho yah hamesha har vyakti ke vichar mein dimag mein rehna chahiye naam rehna chahiye

श्री परमात्मने नमः मैं हूं ज्योतिष गुरु आचार्य शैलेश उपाध्याय वाराणसी से आज जिस तरह का का

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pervs

Tutor

1:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो एवरीवन यह जो आपने क्वेश्चन पूछा है कि हैदराबाद में गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना सही था या फिर किस कोर्ट में जाना चाहिए तो सो सबसे पहले आपको बता दूं कि 4 आरोपी थे उन पर आरोप प्रूफ नहीं हुआ था कि वह वाकई में रिक्वेस्ट है कि नहीं है आपको बता दूं कि अगर कोई भी गुनाह होता है कोई अपराधी होता है तो पुलिस का काम होता है उन को पकड़ना उनकी जांच करना और उनको कोर्ट में ले जाना अगर ऐसे ही मान के चलो पुलिस अगर किसी को जैसे कोई भी होता है प्राण करता है डायरेक्ट गोली मार देगी तो मैं आपको बता दूं तुझे चूड़ी सरिया आपकी उसको मतलब बनाना ही नहीं चाहिए बनाने की क्या तरीका है मतलब उनको ताला लगाकर सुनना चले जाना चाहिए और इंजॉय करना चाहिए उनका कोई काम ही नहीं उनका भी कोई काम नहीं है ही नहीं नाले के लिए अपराध किया है तो और आपको बता दूंगी फेक एनकाउंटर है क्योंकि 2017 से लेकर 2007 से लेकर 2017 तक 790 इनकाउंटर जिसमें मतलब द्वारा सुनवाई की जाने के बाद में पुलिस वालों को सजा मिली है कारावास की सजा मिली है और एक आपने देखा होगा 2017 में जो रन और गुड़गांव का केस हुआ था उसमें जो बच्चे को मारा गया था तो उसमें और ड्राइवर कंडक्टर कन्फेस कराया गया था कि वह उन्होंने मारा है लेकिन जब जांच की गई जांच की गई तो उसमें इलेवंथ क्लास के बच्चे हैं उसका जो मर्डर किया था वह सामने आया तो केस की सुनवाई की जानी चाहिए और सुनवाई करने के लिए या तो फास्ट कमेटी बनानी चाहिए जो जल्दी से जल्दी उसको टाइम फिर देना चाहिए पीरियड में सुनवाई पूरी हो जाएगी थैंक्यू पूछने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

hello everyone yah jo aapne question poocha hai ki hyderabad mein gangrape aaropiyon ka encounter hona sahi tha ya phir kis court mein jana chahiye toh so sabse pehle aapko bata doon ki 4 aaropi the un par aarop proof nahi hua tha ki vaah vaakai mein request hai ki nahi hai aapko bata doon ki agar koi bhi gunah hota hai koi apradhi hota hai toh police ka kaam hota hai un ko pakadna unki jaanch karna aur unko court mein le jana agar aise hi maan ke chalo police agar kisi ko jaise koi bhi hota hai praan karta hai direct goli maar degi toh main aapko bata doon tujhe chudi sariya aapki usko matlab banana hi nahi chahiye banane ki kya tarika hai matlab unko tala lagakar sunana chale jana chahiye aur enjoy karna chahiye unka koi kaam hi nahi unka bhi koi kaam nahi hai hi nahi naale ke liye apradh kiya hai toh aur aapko bata dungi fake encounter hai kyonki 2017 se lekar 2007 se lekar 2017 tak 790 inakauntar jisme matlab dwara sunvai ki jaane ke baad mein police walon ko saza mili hai karavas ki saza mili hai aur ek aapne dekha hoga 2017 mein jo run aur gurgaon ka case hua tha usme jo bacche ko mara gaya tha toh usme aur driver conductor confess karaya gaya tha ki vaah unhone mara hai lekin jab jaanch ki gayi jaanch ki gayi toh usme eleventh class ke bacche hain uska jo murder kiya tha vaah saamne aaya toh case ki sunvai ki jani chahiye aur sunvai karne ke liye ya toh fast committee banani chahiye jo jaldi se jaldi usko time phir dena chahiye period mein sunvai puri ho jayegi thainkyu poochne ke liye bahut bahut dhanyavad

हेलो एवरीवन यह जो आपने क्वेश्चन पूछा है कि हैदराबाद में गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना

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Varsha

Data Journalist

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हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना सही था या फिर यह केस कोर्ट में जाना चाहिए था कि मैं जहां तक समझती हूं हमारे देश में शुरू से ही दो विचारधारा एक साथ चलती रही स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही हमारे अंदर कहीं ना कहीं गांधी भी छुपे हुए हैं और और भगत सिंह भी छुपे हुए हैं पहले जिस समय में आजादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी उस समय में जो लोग भगत सिंह चंद्रशेखर आजाद सुखदेव राजगुरु के पत्ते चलना चाहते थे उनको गरम दल के लोग बोलते थे और जनता के रास्ते पर गांधीवादी विचारधारा से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ना चाहते थे उनको नरम दल के लोग बोला करते थे लेकिन सच्चाई तो यह है कि दोनों ही अंग्रेजों की हैरेसमेंट से परेशान होकर और उनके टॉर्चर को देखने के बाद अलग अलग तरीके से एक ही मत से एक ही चीज के लिए लड़ाई लड़ रहे थे बहुत ही आजादी उसी तरह से अगर यह बोला जाए कि गैंगरेप जिस तरह से उन लोगों ने कुकृत्य किया उन चारों ने और इतना घटिया और इतना गिरी हुई हरकत की और मासूम लड़की की जान ली जिनको इतना भी अंदाजा नहीं था कि कोई मदद के नाम पर वीडियो भी हो सकता है उनके साथ जो किया यह इंसानी हरकत नहीं है और एक महिला होने के नाते उस दर्द को मैं समझ सकती हूं और एक इंसान के नाते उस आग की लपटों को मैं फील कर सकती इसलिए मैं तो मैं अगर आज से 70 साल पहले स्वतंत्रता संग्राम के समय में अगर होती तो मैं भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के रास्ते को ही अपना रास्ता बनाती तित फॉर टैट जैसे को तैसा फैसला ऑन द स्पॉट इसलिए मुझे लगता है कि इन मामलों में जांच के बाद एक धड़ल्ले से रेप और ऐसी चीजें होती जा रही है इनका कोई आंधी नजर नहीं आ रहा है आ रहा था कभी कर्नाटका में कभी केरला में कभी बंगाल में कभी उत्तर प्रदेश में कभी बिहार में आज चका दिल्ली में दिल्ली को तो रेप सिटी का ही नाम दे दिया गया तो ऐसी स्थिति में इस तरह का मजबूत कदम उठाना जरूरी था उनको जो अपराधी यह अपेक्षा उनको जफ्फीरो कि उनकी औकात क्या है उनकी औकात कुत्ते की औकात है जो कभी भी सड़क पर मार कर गिराया जा सकते हैं अगर वह ऐसा करें तो ना कि वह 7:00 8 साल तक 20 साल तक आराम से जेल में बैठ के और बिरयानी खाते रहेंगे ऐसा नहीं कुकृत्य करने के बाद भी किसी आदमी ने अगर गलत किया रेप किया किसी लड़की का की बच्चे का और उसको आप 7 साल की उम्र में जाकर फांसी की सजा दे भी दे तो उसके लिए कौन सी बड़ी बात होगी 8 साल के बाद तो एक जनरल हुमन लाइफ ऐसे भी खत्म होने लगती है तो जस्टिस अपनी जगह है लेकिन कभी-कभी फैसला ऑन द स्पॉट करना पड़ता है कभी-कभी जस्टिस ऑन द सपोर्ट करना पड़ता है उसको लंबा खींचने से खींचकर और उसको फांसी की सजा दे देने से ही उनकी उनको उनकी औकात समझ में नहीं आती उनको उनकी औकात ऐसे कुत्ते की मौत मारने पर समझ में आएगी इसलिए मैं तो बिल्कुल इस कदम से समाज के समर्थन में हूं कि उनको कुत्ते की मौत मारी गई बल्कि मैं तो इन अकाउंट एक सबसे वॉइस तरीका होता है पुलिस कस्टडी में एक्सट्रीम तरीका होता है अपराधी को उसका सबक सिखाने का तत्व बल्कि इससे भी वर्ड्स इससे भी बुरा किया जा सकता तो उन चारों के साथ तो वह भी कर डालते तो मुझे खुशी ही मिलती है शांति ही शांति मिली कि 10 दिन के अंदर में हमारे हिंदू धर्म में तेरहवीं का रिवाज होता है किसी के मृतक के मरने के 13 दिन बाद उसके उसका शादी अकरम का सारा काम करते हैं हमारी प्रियंका रेडी जो इतनी प्यारी डॉक्टर थी के मरने के 13 दिन में पूरे नहीं हुए 9 में दिन में ही इनकी इनको इनकी इनकी औकात दिखाते हुए और इन को मौत के घाट उतार दिया गया उनकी आत्मा अभी अभी इसी लोक में थी अगर हम माइक्रोलॉजिक हिसाब से समझे तो गरुड़ पुराण पुराण के हिसाब से समझे तो अभी 13 दिन भी नहीं हुए थे और उनकी उस उन चारों को उनकी उसकी जगह दिखा दी गई तो इससे बड़ा उनके लिए श्रद्धांजलि और कुछ नहीं हो सकता है और मैं तो हालांकि इस चीज का मिस यूज भी बार-बार हो सकता है लेकिन यह चीज होनी बहुत जरूरी थी और होनी ही चाहिए मैं इस बात को मानती हूं

hyderabad gangrape aaropiyon ka encounter hona sahi tha ya phir yah case court mein jana chahiye tha ki main jaha tak samajhti hoon hamare desh mein shuru se hi do vichardhara ek saath chalti rahi swatantrata sangram ke samay se hi hamare andar kahin na kahin gandhi bhi chhupe hue hai aur aur bhagat Singh bhi chhupe hue hai pehle jis samay mein azadi ki ladai ladi ja rahi thi us samay mein jo log bhagat Singh chandrashekhar azad sukhadeva raajguru ke patte chalna chahte the unko garam dal ke log bolte the aur janta ke raste par gandhiwaadi vichardhara se swatantrata ki ladai ladna chahte the unko naram dal ke log bola karte the lekin sacchai toh yah hai ki dono hi angrejo ki hairesment se pareshan hokar aur unke torture ko dekhne ke baad alag alag tarike se ek hi mat se ek hi cheez ke liye ladai lad rahe the bahut hi azadi usi tarah se agar yah bola jaaye ki gangrape jis tarah se un logo ne kukritya kiya un charo ne aur itna ghatiya aur itna giri hui harkat ki aur masoom ladki ki jaan li jinako itna bhi andaja nahi tha ki koi madad ke naam par video bhi ho sakta hai unke saath jo kiya yah insani harkat nahi hai aur ek mahila hone ke naate us dard ko main samajh sakti hoon aur ek insaan ke naate us aag ki lapton ko main feel kar sakti isliye main toh main agar aaj se 70 saal pehle swatantrata sangram ke samay mein agar hoti toh main bhagat Singh aur chandrashekhar azad ke raste ko hi apna rasta banati tit for tatte jaise ko taisa faisla on the spot isliye mujhe lagta hai ki in mamlon mein jaanch ke baad ek dhadalle se rape aur aisi cheezen hoti ja rahi hai inka koi aandhi nazar nahi aa raha hai aa raha tha kabhi karnataka mein kabhi kerala mein kabhi bengal mein kabhi uttar pradesh mein kabhi bihar mein aaj chaka delhi mein delhi ko toh rape city ka hi naam de diya gaya toh aisi sthiti mein is tarah ka majboot kadam uthna zaroori tha unko jo apradhi yah apeksha unko jaffiro ki unki aukat kya hai unki aukat kutte ki aukat hai jo kabhi bhi sadak par maar kar giraya ja sakte hai agar vaah aisa kare toh na ki vaah 7 00 8 saal tak 20 saal tak aaram se jail mein baith ke aur biryani khate rahenge aisa nahi kukritya karne ke baad bhi kisi aadmi ne agar galat kiya rape kiya kisi ladki ka ki bacche ka aur usko aap 7 saal ki umr mein jaakar fansi ki saza de bhi de toh uske liye kaun si baadi baat hogi 8 saal ke baad toh ek general human life aise bhi khatam hone lagti hai toh justice apni jagah hai lekin kabhi kabhi faisla on the spot karna padta hai kabhi kabhi justice on the support karna padta hai usko lamba kheenchne se khichkar aur usko fansi ki saza de dene se hi unki unko unki aukat samajh mein nahi aati unko unki aukat aise kutte ki maut maarne par samajh mein aayegi isliye main toh bilkul is kadam se samaj ke samarthan mein hoon ki unko kutte ki maut mari gayi balki main toh in account ek sabse voice tarika hota hai police custody mein extreme tarika hota hai apradhi ko uska sabak sikhane ka tatva balki isse bhi words isse bhi bura kiya ja sakta toh un charo ke saath toh vaah bhi kar daalte toh mujhe khushi hi milti hai shanti hi shanti mili ki 10 din ke andar mein hamare hindu dharm mein terahavin ka rivaaj hota hai kisi ke mritak ke marne ke 13 din baad uske uska shadi akram ka saara kaam karte hai hamari priyanka ready jo itni pyaari doctor thi ke marne ke 13 din mein poore nahi hue 9 mein din mein hi inki inko inki inki aukat dikhate hue aur in ko maut ke ghat utar diya gaya unki aatma abhi abhi isi lok mein thi agar hum maikrolajik hisab se samjhe toh garuda puran puran ke hisab se samjhe toh abhi 13 din bhi nahi hue the aur unki us un charo ko unki uski jagah dikha di gayi toh isse bada unke liye shraddhaanjali aur kuch nahi ho sakta hai aur main toh halaki is cheez ka miss use bhi baar baar ho sakta hai lekin yah cheez honi bahut zaroori thi aur honi hi chahiye main is baat ko maanati hoon

हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना सही था या फिर यह केस कोर्ट में जाना चाहिए था कि

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिहार में जो अपनों के साथ हुआ वह बहुत सही हुआ जनता की आवाज थी और की पुलिस ने जो कुछ किया है वह पश्यति के पास किया है रेपिस्ट एक तो गलत काम कर चुके थे दूसरों को बाहर रहते कानून को तोड़ कर के तो वहां के जो देश और ने जो किया है उनके सामने जो किया है वह बहुत सही किया काश भारत की पुलिस हर स्टेट की पुलिस इसी प्रकार कर्तव्यनिष्ठ होते होते तो आज भारत में ऐसे गुंडे गुर्गे असामाजिक तत्व इतना सर उठा कर के बात नहीं कर सकते थे इतनी उनकी हिम्मत नहीं होती कि वे खुलेआम जगन ने प्राप्त कर सके रेप कर सकें किडनैपिंग कर सके मर्डर कर सकें किंतु बड़ा दुर्भाग्य का विषय है भारत का भारत में सभी सीटों की जो पुलिस है उन्नति में हैदराबाद में कूद एग्जांपल दिया है और मैं सोच रहा हूं काश अब भी भारत की स्टेट ओ की पुलिस में यदि कुछ भारत देश रह गई हो तनिक माधुरी तो उनको उनका अनुसरण करना चाहिए क्योंकि आम जनता को जवाब ऐसे जघन्य अपराधियों से ऐसे कैपिटल से ऐसे मतलब तू कुंडे गुर्गे हैं उनसे रक्षा नहीं कर सकते किडनैपिंग से नहीं बचा सकते मटर आदि से नहीं बचा सकते तो फिर आप का वेतन सरकार क्यों देती है क्योंकि मुझे बड़ा यह कहते हुए बड़ा क्यों है कि भारत की पुलिस इस प्रकार से गई विज्ञापन समय पर पढ़ते हो क्योंकि भारतीय जनता सरेआम देखते हो कि व्यवस्था टर्म के लोग ब्लॉक किस तरह से पीड़ित रहते हैं इस प्रकार से दबंग लोग अत्याचार कर जाते हैं धनवान लोग अपने धर्म के बल पर कर देते हैं बाहुबली शक्ति के बल पर करते हैं और आखिर उनका कोई भजन तारा तंत्र नहीं होता है मेरे विचार से हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों के साथ उसने किया उपस्थिति कम से कम साहब की समझे आप किनाराम किसी को मारता ना मरवाता राम अपने आप मर जाते हैं कर कर खोटे काम बुरे काम का बुरा नतीजा ये होता ही है ऐसे लोगों को यदि सजा दी तो यह मैं सोता हूं पुलिस ने जानबूझकर नहीं किया क्योंकि आप भाग रहे थे इसलिए पुलिस को चुपचाप मत करना तारीफ बहुत सार्थक पिचकारी था

bihar mein jo apnon ke saath hua vaah bahut sahi hua janta ki awaaz thi aur ki police ne jo kuch kiya hai vaah pashyati ke paas kiya hai rapist ek toh galat kaam kar chuke the dusro ko bahar rehte kanoon ko tod kar ke toh wahan ke jo desh aur ne jo kiya hai unke saamne jo kiya hai vaah bahut sahi kiya kash bharat ki police har state ki police isi prakar kartavyanishth hote hote toh aaj bharat mein aise gunde gurge asamajik tatva itna sir utha kar ke baat nahi kar sakte the itni unki himmat nahi hoti ki ve khuleaam jagan ne prapt kar sake rape kar sake kidnaiping kar sake murder kar sake kintu bada durbhagya ka vishay hai bharat ka bharat mein sabhi seaton ki jo police hai unnati mein hyderabad mein kud example diya hai aur main soch raha hoon kash ab bhi bharat ki state o ki police mein yadi kuch bharat desh reh gayi ho tanik madhuri toh unko unka anusaran karna chahiye kyonki aam janta ko jawab aise jaghanya apradhiyon se aise capital se aise matlab tu kunde gurge hain unse raksha nahi kar sakte kidnaiping se nahi bacha sakte matar aadi se nahi bacha sakte toh phir aap ka vetan sarkar kyon deti hai kyonki mujhe bada yah kehte hue bada kyon hai ki bharat ki police is prakar se gayi vigyapan samay par padhte ho kyonki bharatiya janta sareaam dekhte ho ki vyavastha term ke log block kis tarah se peedit rehte hain is prakar se dabang log atyachar kar jaate hain dhanwan log apne dharm ke bal par kar dete hain bahubali shakti ke bal par karte hain aur aakhir unka koi bhajan tara tantra nahi hota hai mere vichar se hyderabad gangrape aaropiyon ke saath usne kiya upasthitee kam se kam saheb ki samjhe aap kinaram kisi ko maarta na marvata ram apne aap mar jaate hain kar kar khote kaam bure kaam ka bura natija ye hota hi hai aise logo ko yadi saza di toh yah main sota hoon police ne janbujhkar nahi kiya kyonki aap bhag rahe the isliye police ko chupchap mat karna tareef bahut sarthak pichkari tha

बिहार में जो अपनों के साथ हुआ वह बहुत सही हुआ जनता की आवाज थी और की पुलिस ने जो कुछ किया ह

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

4:28
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हैदराबाद में जो डॉक्टर प्रियंका रेड्डी के साथ हुआ उसके नतीजे में जो तेलंगाना पुलिस ने एनकाउंटर किया सवाल यह है कि उन्होंने यह क्यों किया वह सही था कि हमें कोर्ट में जाना चाहिए था मेरी राय में मैं खुद हैदराबाद से हूं और मेरी राय में एक तरह से पुलिस ने सही किया मैं यह नहीं कहती के कोर्ट में नहीं जाना चाहिए लेकिन अगर पुलिस ने उन चारों को पकड़ा इस बुनियाद पर जहां पर उन्होंने एक्सेप्ट किया था कि वही लोग चार थे जिन्होंने प्रियंका रेडिको दो-तीन दिन पहले उसको गैंगरेप किया उसको जला कर मार दिया तो इसे यह तो साबित होता है कि वह चारों जो पकड़े गए थे वह मेन कल परितोष है ऐसा नहीं कर रहा है किसी को पकड़ा दूसरी चीज तेलंगाना पुलिस ने यह भी कहा है कि इन चारों के नाम क्रिमिनल लिस्ट में है जो और स्टेट्स में भी रेप और इस तरह जलाने के एविडेंस उन्हें मिले हैं तीसरी चीज अगर मतलब जिस तरह उनको पकड़ा गया यह सही है कि कोर्ट को फास्ट्रेक होना चाहिए लेकिन मुझे कहीं ना कहीं लगता है कि इससे किसी का फायदा नहीं हुआ सिर्फ त्यागा रेडी के फैमिली को छोड़कर इस तरह के अगर पुलिस उन्हें कोर्ट में ले जाती है उन पर वह पूरे चार्जेस चलते सभी फास्ट ट्रैक कोर्ट का बिल तो कुछ खास पास हुआ नहीं है मतलब यह है कि निर्भया केस की तरह यह भी 78 10 साल चलता तो इसमें पुलिस का कोई फायदा या नुकसान नहीं दूसरा ऐसी कोई इलेक्शन नहीं है कि जानबूझकर इस मामले को यह दिखाना चाह रहे हैं कि लोगों के सिम पतिया वोट हासिल करें ऐसा भी नहीं है इन सब चीजों के ना होने के बावजूद मतलब ऐसा किसी का कोई पर्सनल इंटरेस्ट नहीं है कि किसी को एनकाउंटर कर दें लेकिन इसके बावजूद अगर पुलिस यह कहती है कि वह भागने की कोशिश कर रहे थे वह क्रिमिनल थे उनके ऊपर जो चार्ज है वह सही है वह 4 ओवर ही थे जिन्होंने प्रियंका के साथ ऐसी घिनौनी हरकत की तो फिर अगर वह अपने आप को बचाकर भाग रहे थे तो उनका एनकाउंटर करने में मुझे कहीं यह नहीं लगता कि यह कोई चाल है या कोर्ट में नहीं जा रहे हैं अपने आप ही हम फैसले कर रहे हैं कि कहीं और पॉइंट्स भी देखे जाए तो यह गलत नहीं मुझे इस कारण यह गलत नहीं लगता क्योंकि इसमें किसी का इंटरेस्ट नहीं था हाय इलेक्शन पास सोते कुछ ऐसा होता कि इलेक्शन है और कोई एक पार्टी अपने लिए कुछ करके दिखाना चाहती है तो समझ में आती बात लेकिन यहां पर ऐसा कुछ नहीं था तो जो भी पुलिस ने किया अच्छा ही किया शायद यह एग्जांपल भी है क्योंकि फिर मैंने उसको यह मैसेज जाए कि आप किसी भी लड़की के साथ यह चीजें करके इतनी आसानी से बच नहीं निकाल सकते के केस चलता रहे उसमें कभी-कभी कान्वेंट तो मर चुका है साथ के लोग भी जैसे निर्भया केस है साइट लिस्ट यह कलेक्शन है कोर्ट में जाना चाहिए लेकिन यह बहुत अहम लेसन है कि पुलिस अपने सिटीजंस के लिए शशि तेलंगाना पुलिस ने जो औरतों के लिए एक मैसेज दिया है उन तमाम क्रिमिनल्स को के वह हर चीज करके निकल कर इतनी आसानी से नहीं जा सकते हैं एक तो पकड़े जाएंगे और और यह भी हो सकता है कि उनका अंजाम भी वही हो जो इन चारों के साथ हुआ है तो कहीं ना कहीं लोगों में एक जनता में थोड़ा सा ट्रस्ट आया है और जो कल्प्रिट्स है और लोग हैं उनके मन में यह थोड़ा में आया है कि आया होगा इंसान के इतना आसान नहीं है एक लिस्ट तेलंगाना में तो नहीं है तो यह चीज मुझे इस सारे बिना पर मुझे लगता है कि जो पुलिस ने किया और सही किया धन्यवाद

hyderabad mein jo doctor priyanka reddy ke saath hua uske natije mein jo telangana police ne encounter kiya sawaal yah hai ki unhone yah kyon kiya vaah sahi tha ki hamein court mein jana chahiye tha meri rai mein main khud hyderabad se hoon aur meri rai mein ek tarah se police ne sahi kiya main yah nahi kehti ke court mein nahi jana chahiye lekin agar police ne un charo ko pakada is buniyad par jaha par unhone except kiya tha ki wahi log char the jinhone priyanka rediko do teen din pehle usko gangrape kiya usko jala kar maar diya toh ise yah toh saabit hota hai ki vaah charo jo pakde gaye the vaah main kal paritosh hai aisa nahi kar raha hai kisi ko pakada dusri cheez telangana police ne yah bhi kaha hai ki in charo ke naam criminal list mein hai jo aur states mein bhi rape aur is tarah jalane ke evidence unhe mile hain teesri cheez agar matlab jis tarah unko pakada gaya yah sahi hai ki court ko fastrek hona chahiye lekin mujhe kahin na kahin lagta hai ki isse kisi ka fayda nahi hua sirf tyaga ready ke family ko chhodkar is tarah ke agar police unhe court mein le jaati hai un par vaah poore Charges chalte sabhi fast track court ka bill toh kuch khaas paas hua nahi hai matlab yah hai ki Nirbhaya case ki tarah yah bhi 78 10 saal chalta toh isme police ka koi fayda ya nuksan nahi doosra aisi koi election nahi hai ki janbujhkar is mamle ko yah dikhana chah rahe hain ki logo ke sim patiya vote hasil kare aisa bhi nahi hai in sab chijon ke na hone ke bawajud matlab aisa kisi ka koi personal interest nahi hai ki kisi ko encounter kar de lekin iske bawajud agar police yah kehti hai ki vaah bhagne ki koshish kar rahe the vaah criminal the unke upar jo charge hai vaah sahi hai vaah 4 over hi the jinhone priyanka ke saath aisi ghinauni harkat ki toh phir agar vaah apne aap ko bachakar bhag rahe the toh unka encounter karne mein mujhe kahin yah nahi lagta ki yah koi chaal hai ya court mein nahi ja rahe hain apne aap hi hum faisle kar rahe hain ki kahin aur points bhi dekhe jaaye toh yah galat nahi mujhe is karan yah galat nahi lagta kyonki isme kisi ka interest nahi tha hi election paas sote kuch aisa hota ki election hai aur koi ek party apne liye kuch karke dikhana chahti hai toh samajh mein aati baat lekin yahan par aisa kuch nahi tha toh jo bhi police ne kiya accha hi kiya shayad yah example bhi hai kyonki phir maine usko yah massage jaaye ki aap kisi bhi ladki ke saath yah cheezen karke itni aasani se bach nahi nikaal sakte ke case chalta rahe usme kabhi kabhi convent toh mar chuka hai saath ke log bhi jaise Nirbhaya case hai site list yah collection hai court mein jana chahiye lekin yah bahut aham Lesson hai ki police apne sitijans ke liye shashi telangana police ne jo auraton ke liye ek massage diya hai un tamaam criminals ko ke vaah har cheez karke nikal kar itni aasani se nahi ja sakte hain ek toh pakde jaenge aur aur yah bhi ho sakta hai ki unka anjaam bhi wahi ho jo in charo ke saath hua hai toh kahin na kahin logo mein ek janta mein thoda sa trust aaya hai aur jo culprits hai aur log hain unke man mein yah thoda mein aaya hai ki aaya hoga insaan ke itna aasaan nahi hai ek list telangana mein toh nahi hai toh yah cheez mujhe is saare bina par mujhe lagta hai ki jo police ne kiya aur sahi kiya dhanyavad

हैदराबाद में जो डॉक्टर प्रियंका रेड्डी के साथ हुआ उसके नतीजे में जो तेलंगाना पुलिस ने एनका

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

2:09
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नोखा आपने यह लिखा है आपने विचार तो देना के हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना ही था कोर्ट में जाना चाहिए था मैं एक इंसान होने के नाते एक लड़की होने के नाते या एक समाज का नेता होने के नाते पहले नजर मुझे तो बहुत खुशी हुई एनकाउंटर हुआ लेकिन इसके दूरगामी परिणाम बहुत ही भयावह है क्योंकि ऐसा नहीं होना चाहिए था एनकाउंटर हमेशा जो को पुलिस दिखाती है कि कानून को अपने हाथ में ना लें इसके लिए तो मुझे यह लगता है कि यह पुलिस के हिस्से में पुलिस ने एनकाउंटर किया पुलिस ने कानून को अपने हाथ में लिया तो यह कानून तो एक आम व्यक्ति भी ले सकता है तो यह एनकाउंटर नहीं होना चाहिए था या प्लांट इन काउंटर खाया क्या था मुझे नहीं पता लेकिन यान काउंटर नहीं होने चाहिए थी अब कोर्ट में जाना चाहिए गुड कोई हमें ही है कोशिश करना चाहिए कि कोर्ट जितना फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जितना जल्दी हो सके उस व्यक्ति को सजा मिलनी चाहिए था लेकिन एनकाउंटर हुआ काल में सभी को पूरे भारत वासियों को परसेंटेज को अच्छा लग रहा है और अच्छी लगने वाली बात भी है क्योंकि मुझे भी अच्छा लग रहा है लेकिन कुछ देर की खुशी के लिए हमें खुशी तो दे रहा है लेकिन इसके दूरगामी परिणाम होंगे दूर दृष्टि से अगर देखा जाए तो उसे उन्होंने अपराध से भी ज्यादा भगवा परिणाम हो सकते हैं पुलिस को भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए था अगर कानून में विश्वास है तो कानून पर छोड़ना चाहिए और कानून को भी जल्दबाजी दिखाते उसको सजा देना चाहिए था इसलिए मेरा विचार है कि नहीं होना चाहिए था जितना हो सके जो एक आरोपी के लिए वह मंजूर था लेकिन इस तरह से यह नहीं होना चाहिए था धन्यवाद

nokha aapne yah likha hai aapne vichar toh dena ke hyderabad gangrape aaropiyon ka encounter hona hi tha court mein jana chahiye tha main ek insaan hone ke naate ek ladki hone ke naate ya ek samaj ka neta hone ke naate pehle nazar mujhe toh bahut khushi hui encounter hua lekin iske durgami parinam bahut hi bhyavah hai kyonki aisa nahi hona chahiye tha encounter hamesha jo ko police dikhati hai ki kanoon ko apne hath mein na le iske liye toh mujhe yah lagta hai ki yah police ke hisse mein police ne encounter kiya police ne kanoon ko apne hath mein liya toh yah kanoon toh ek aam vyakti bhi le sakta hai toh yah encounter nahi hona chahiye tha ya plant in counter khaya kya tha mujhe nahi pata lekin yaan counter nahi hone chahiye thi ab court mein jana chahiye good koi hamein hi hai koshish karna chahiye ki court jitna fast track court ke madhyam se jitna jaldi ho sake us vyakti ko saza milani chahiye tha lekin encounter hua kaal mein sabhi ko poore bharat vasiyo ko percentage ko accha lag raha hai aur achi lagne wali baat bhi hai kyonki mujhe bhi accha lag raha hai lekin kuch der ki khushi ke liye hamein khushi toh de raha hai lekin iske durgami parinam honge dur drishti se agar dekha jaaye toh use unhone apradh se bhi zyada bhagva parinam ho sakte hain police ko bhi kanoon hath mein nahi lena chahiye tha agar kanoon mein vishwas hai toh kanoon par chhodna chahiye aur kanoon ko bhi jaldabaji dikhate usko saza dena chahiye tha isliye mera vichar hai ki nahi hona chahiye tha jitna ho sake jo ek aaropi ke liye vaah manzoor tha lekin is tarah se yah nahi hona chahiye tha dhanyavad

नोखा आपने यह लिखा है आपने विचार तो देना के हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना ही थ

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N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

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विकी हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों का एनकाउंटर हुआ यह कितना सही है और कितना गलत था इस पर विचार करने से पहले हम एक बात पर विचार करना होगा कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ जिस तरह से पुलिस और प्रशासन पर दबाव था समाज का मीडिया का यहां तक संसद में लोग कह रहे थे कि उन आरोपियों को दिया जाए और उन आरोपियों को चौराहे पति के जाने की जरूरत है जो अभी दिखाई नहीं दे रहा है लेकिन पुलिसकर्मी उस दबाव का सामना कर रहे थे निश्चित रूप से पुलिसकर्मी वहां पर ले गए जैसा कि सिम क्रिएशन की बात हो रही थी और वहां पर उनके एनकाउंटर हुआ यह चारों अपराधी हथियार लेकर के भाग जाने में सक्षम होते या भाग ही जाते तो हमारी आपकी और सख्त प्रतिक्रिया क्या होते हैं इस देश की पुलिस बिल्कुल ही निकम्मी है पुलिस से कुछ भी नहीं हो रहा है पुलिस तो बेकार है इनके साथ होता तो क्या होता है वही बातें उठ रही है निश्चित रूप से कानूनी प्रक्रिया के तहत यह सब काम होना था लेकिन यदि भाग रहे थे भाग रहे थे और पुलिस ने एनकाउंटर किया तो गलत नहीं किया पुलिस को भी अपनी साख बचानी ही बचाने थी फिर भी सारे मामलों में ऐसा नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि पुलिस का जो अभी रहा है अब तक अलग-अलग मामलों में पुलिस की छवि को लेकर खड़े होते ऐसे मामले में दूसरे मामले में निर्दोषों के साथ जब ज्यादा दबाव पड़े और दो निर्देशों को उठा करके उसका एनकाउंटर कर दी घटनाएं नहीं उसका गलत प्रयोग ना करें दूसरी बात यदि भारत में कोई संविधान है कोई कानून नाम की चीज है तो उसके अनुसार काम होना चाहिए लेकिन अभी के दबाव देखा गया मीडिया का जनता का और खास करके सोशल मीडिया पर भी वह यही था कि देश में न्यायिक प्रक्रिया लचर हो चुके हैं न्याय व्यवस्था से लोगों का विश्वास उठ चुका है अब जब लोगों का विश्वास न्याय व्यवस्था से उठ जाएगा तो जनता सड़कों पर आएगी और जनता सड़क पर आएगी तो तुरंत उन्हें शांत करने के लिए कोई न कोई एक्शन तो लेना ही होगा नहीं तो ऐसा भी हो सकता था कि यही जनता उन पुलिसकर्मियों के ऊपर धावा बोल देते जिस थाने में रखा गया था इसलिए यह हैदराबाद को जो एनकाउंटर हुआ परिस्थितियां जैसी थी और यदि वास्तव में वह आरोपी थे तो जो हुआ वह एक जो घटना भागने को लेकर के हुई थी तेरी भागने को लेकर के हुई है तो उचित है लेकिन इससे पुलिस से ज्यादा कानून को सीखने की जरूरत है सरकार को सीखने की जरूरत है कि न्यायिक प्रक्रिया पर से लोगों का विश्वास खत्म होता जा रहा है उस विश्वास को कैसे कम किया जाए क्या मामलों को जैसे कि अभी महोदय ने यह कहा था कि आनंद आनंद में न्याय नहीं हो सकता है तो सिर्फ आनन-फानन में नहीं हो सकता है विशेष मामलों में कई बार ऐसा हुआ है कि आनन-फानन में 12:00 बजे रात को खोल करके और न्याय दिया गया जब राजनेताओं की बात होती है सरकार की बात होती है कई बार तो वहां पर आनन-फानन में नया दे सकते हैं और यहां नहीं दे सकते क्योंकि आम जनता है निश्चित रूप से मैं भी समर्थक हूं इस बात का कि आनन-फानन में न्याय नहीं हो सकता परंतु उसके एक समय सीमा तय होती है ऐसा तो नहीं कि पूरा जीवन को न्याय के लिए संघर्ष करता रहे दुनिया भर के ऐसे कैसे जा रहे हैं कि लोग न्याय के लिए लड़ते लड़ते और इस दुनिया से विदा होते जा रहे हैं लेकिन वह न्याय नहीं मिल रहा है यह क्या है क्या यह संवैधानिक न्याय कहा जाएगा कि न्यायिक प्रक्रिया का एक ग्रुप कहा जाएगा बिल्कुल नहीं यह न्याय के जगह पर अन्याय अन्याय इसलिए उस आदमी को जो आदमी 20 साल किसी केस के लिए राज करता है उस आदमी को 20 साल उस नर्क में रखा गया यानी कि 20 साल की उसकी यातना दी गई तो यह न्याय कहां मिला उसके साथ तो अन्याय हो रहा है इसलिए न्यायिक मुकदमों के निपटारे के लिए एक समय सीमा होनी चाहिए और इस बात की संजीदगी होनी चाहिए न्यायाधीशों के पास कौन सा मुकदमा कितने दिन चले और कितना जरूरी है यदि ऐसा नहीं होगा आने वाले दिन और भी कठिन हो सकते हैं और बहुत सारी चीजें देखने को मिल सकते हैं यह एनकाउंटर में तो आरोपियों के चलिए पहचान हो गए थे बहुत सारे ऐसे भी एनकाउंटर होने शुरू हो जाएंगे जिसमें आरोपी निर्दोष पी मारे जा सकते हैं पुलिस के ऊपर जब दबाव पड़ेगा बहुत ज्यादा पुलिस अपनी छवि को बचाने के लिए कुछ भी कर सकती और पुलिस का नहीं है तो आप देखते ही उसका फायदा भी उठा कर के कई जगह पुलिस प्रशासन निर्दोषों को एनकाउंटर कर सकती है तो इस मामले को आप इस हिसाब से देखिए यह हमारी व्यवस्था की खामियों के कारण हुआ है और यदि उन परिस्थितियों में जिन 65 एवं पुलिस कार एनकाउंटर हुआ है तो इन काउंटर धन्यवाद

vicky hyderabad gangrape ke aaropiyon ka encounter hua yah kitna sahi hai aur kitna galat tha is par vichar karne se pehle hum ek baat par vichar karna hoga ki encounter kin paristhitiyon mein hua jis tarah se police aur prashasan par dabaav tha samaj ka media ka yahan tak sansad mein log keh rahe the ki un aaropiyon ko diya jaaye aur un aaropiyon ko chauraahe pati ke jaane ki zarurat hai jo abhi dikhai nahi de raha hai lekin policekarmi us dabaav ka samana kar rahe the nishchit roop se policekarmi wahan par le gaye jaisa ki sim creation ki baat ho rahi thi aur wahan par unke encounter hua yah charo apradhi hathiyar lekar ke bhag jaane mein saksham hote ya bhag hi jaate toh hamari aapki aur sakht pratikriya kya hote hai is desh ki police bilkul hi nikammee hai police se kuch bhi nahi ho raha hai police toh bekar hai inke saath hota toh kya hota hai wahi batein uth rahi hai nishchit roop se kanooni prakriya ke tahat yah sab kaam hona tha lekin yadi bhag rahe the bhag rahe the aur police ne encounter kiya toh galat nahi kiya police ko bhi apni saakh bachani hi bachane thi phir bhi saare mamlon mein aisa nahi kiya jana chahiye kyonki police ka jo abhi raha hai ab tak alag alag mamlon mein police ki chhavi ko lekar khade hote aise mamle mein dusre mamle mein nirdoshon ke saath jab zyada dabaav pade aur do nirdeshon ko utha karke uska encounter kar di ghatnaye nahi uska galat prayog na kare dusri baat yadi bharat mein koi samvidhan hai koi kanoon naam ki cheez hai toh uske anusaar kaam hona chahiye lekin abhi ke dabaav dekha gaya media ka janta ka aur khaas karke social media par bhi vaah yahi tha ki desh mein nyayik prakriya lachar ho chuke hai nyay vyavastha se logo ka vishwas uth chuka hai ab jab logo ka vishwas nyay vyavastha se uth jaega toh janta sadkon par aayegi aur janta sadak par aayegi toh turant unhe shaant karne ke liye koi na koi action toh lena hi hoga nahi toh aisa bhi ho sakta tha ki yahi janta un policekarmiyon ke upar dhava bol dete jis thane mein rakha gaya tha isliye yah hyderabad ko jo encounter hua paristhiyaann jaisi thi aur yadi vaastav mein vaah aaropi the toh jo hua vaah ek jo ghatna bhagne ko lekar ke hui thi teri bhagne ko lekar ke hui hai toh uchit hai lekin isse police se zyada kanoon ko sikhne ki zarurat hai sarkar ko sikhne ki zarurat hai ki nyayik prakriya par se logo ka vishwas khatam hota ja raha hai us vishwas ko kaise kam kiya jaaye kya mamlon ko jaise ki abhi mahoday ne yah kaha tha ki anand anand mein nyay nahi ho sakta hai toh sirf anan fanan mein nahi ho sakta hai vishesh mamlon mein kai baar aisa hua hai ki anan fanan mein 12 00 baje raat ko khol karke aur nyay diya gaya jab rajnetao ki baat hoti hai sarkar ki baat hoti hai kai baar toh wahan par anan fanan mein naya de sakte hai aur yahan nahi de sakte kyonki aam janta hai nishchit roop se main bhi samarthak hoon is baat ka ki anan fanan mein nyay nahi ho sakta parantu uske ek samay seema tay hoti hai aisa toh nahi ki pura jeevan ko nyay ke liye sangharsh karta rahe duniya bhar ke aise kaise ja rahe hai ki log nyay ke liye ladte ladtey aur is duniya se vida hote ja rahe hai lekin vaah nyay nahi mil raha hai yah kya hai kya yah samvaidhanik nyay kaha jaega ki nyayik prakriya ka ek group kaha jaega bilkul nahi yah nyay ke jagah par anyay anyay isliye us aadmi ko jo aadmi 20 saal kisi case ke liye raj karta hai us aadmi ko 20 saal us nark mein rakha gaya yani ki 20 saal ki uski yatana di gayi toh yah nyay kahaan mila uske saath toh anyay ho raha hai isliye nyayik mukadamon ke niptare ke liye ek samay seema honi chahiye aur is baat ki sanjidagi honi chahiye nyaydhisho ke paas kaun sa mukadma kitne din chale aur kitna zaroori hai yadi aisa nahi hoga aane waale din aur bhi kathin ho sakte hai aur bahut saree cheezen dekhne ko mil sakte hai yah encounter mein toh aaropiyon ke chaliye pehchaan ho gaye the bahut saare aise bhi encounter hone shuru ho jaenge jisme aaropi nirdosh p maare ja sakte hai police ke upar jab dabaav padega bahut zyada police apni chhavi ko bachane ke liye kuch bhi kar sakti aur police ka nahi hai toh aap dekhte hi uska fayda bhi utha kar ke kai jagah police prashasan nirdoshon ko encounter kar sakti hai toh is mamle ko aap is hisab se dekhiye yah hamari vyavastha ki khamiyon ke karan hua hai aur yadi un paristhitiyon mein jin 65 evam police car encounter hua hai toh in counter dhanyavad

विकी हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों का एनकाउंटर हुआ यह कितना सही है और कितना गलत था इस पर वि

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Sanjeet Soni

Vocalist/Youtuber

3:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मेरा नाम संदीप सोनी है और आप मुझे सुन रहे शहडोल डायरी पर हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का एनकाउंटर होना सही था या फिर यह केस कोर्ट जाना चाहिए था तो देखिए श्रीमान उसने आपको मैं बताऊं कि उन आरोपियों को ढूंढ लिया गया था डेफिनेटली चार सीट हो गया बन रही होगी और कोर्ट में हियरिंग वगैरा भी स्टार्ट होने वाली होगी लेकिन एनकाउंटर पुलिस में कोई जानबूझकर ही तो किया नहीं अब जो भी सिचुएशन पूरी दुनिया देख रही है वीडियो जा रहे हैं चर्चाएं हो रही है इवेंट डीजीपी जो है वहां के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस उन्होंने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जो इंफॉर्मेशन दी है कि रात में जब पूरे सीन को रीक्रिएट करने गई हुई थी पूरी टीम पुलिस की प्लस 1 आरोपियों को लेकर तो शायद उन लोगों ने भागने की कोशिश की थोड़ा बहुत उसमें छीना झपटी भी हुई पुलिस वालों में और उनमें और हमला करने की भी कोशिश हुई तो ऐड डैड सिचुएशन में पुलिस को जो भी लगा उन्होंने सही किया और डेफिनेटली पुलिस भी ऑन डालो तो नहीं जा सकती क्योंकि अगर वहां से उन लोग आ जाते तो उनको कोर्ट में तो ले जाना ही था 4 सीटों के रहोगे और उसके बाद कोर्ट हियरिंग प्रोसेस तो होती नॉट ओनली नेशनल लेवल इंटरनेशनल लेवल का प्रश्न बताइए क्योंकि पूरे वर्ल्ड में यह बात पहुंच चुकी थी तो इंटरनैशनल लेवल का परेशान था और कोर्ट में बस जाती तो जल्द से जल्द डिसीजन भी आता लेकिन उन आरोपियों ने ऐसा किया कि पुलिस वालों को एनकाउंटर करना पड़ा हालांकि इसमें मैं नहीं बोलूंगा कि पुलिस कहीं से कल उन्होंने किया वह जो डिसीजन उस समय लेना चाहिए था वह लेकर किया होगा उन्होंने उसके लिए क्लेरिफिकेशन भी दे दिया है लेकिन हां तो जाना चाहिए था और उन लोग जाते ही जो भी एक प्रोसेस होती है लीगल एक्टिविटी उसको तो फॉलो करना ही था और करते ही लेकिन अब जिस तरीके से पुलिस के ऊपर प्रेशर था तो वह रेगुलर अपना काम कर रही थी पहले आरोपियों को पकड़ा गया आफ्टर दैट उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की गई उसके बाद कई सारी बातें होती है फिर कहां से हुआ क्या हुआ फिर सिवरी क्रिएट करने गए थे तो वहां पर यह सारी हरकतें हो गई तो पुलिस की भी गलती तो मैं कहीं नहीं मानूंगा लेकिन हां यह कोर्ट केस में जाना चाहिए था और वह जाता भी अगर एनकाउंटर नहीं होता आशा करता हूं इस पॉइंट पर मैं अपने व्यूज अच्छे से रख पाया हूं और आपके भी क्या सुझाव है जरूर आप बताएं बहुत-बहुत धन्यवाद मेरा नाम सुजीत सोनी है और आप मुझे सुबह शहडोल डायरी चैनल पर क्राइम अलर्ट

namaskar mera naam sandeep sony hai aur aap mujhe sun rahe shahdol diary par hyderabad gangrape aaropiyon ka encounter hona sahi tha ya phir yah case court jana chahiye tha toh dekhiye shriman usne aapko main bataun ki un aaropiyon ko dhundh liya gaya tha definetli char seat ho gaya ban rahi hogi aur court mein Hearing vagera bhi start hone wali hogi lekin encounter police mein koi janbujhkar hi toh kiya nahi ab jo bhi situation puri duniya dekh rahi hai video ja rahe hain charchaen ho rahi hai event dgp jo hai wahan ke director general of police unhone bhi press conference karke jo information di hai ki raat mein jab poore seen ko rikriet karne gayi hui thi puri team police ki plus 1 aaropiyon ko lekar toh shayad un logo ne bhagne ki koshish ki thoda bahut usme chinaa jhapati bhi hui police walon mein aur unmen aur hamla karne ki bhi koshish hui toh aid dad situation mein police ko jo bhi laga unhone sahi kiya aur definetli police bhi on dalo toh nahi ja sakti kyonki agar wahan se un log aa jaate toh unko court mein toh le jana hi tha 4 seaton ke rahoge aur uske baad court Hearing process toh hoti not only national level international level ka prashna bataye kyonki poore world mein yah baat pohch chuki thi toh intaranaishanal level ka pareshan tha aur court mein bus jaati toh jald se jald decision bhi aata lekin un aaropiyon ne aisa kiya ki police walon ko encounter karna pada halaki isme main nahi boloonga ki police kahin se kal unhone kiya vaah jo decision us samay lena chahiye tha vaah lekar kiya hoga unhone uske liye klerifikeshan bhi de diya hai lekin haan toh jana chahiye tha aur un log jaate hi jo bhi ek process hoti hai legal activity usko toh follow karna hi tha aur karte hi lekin ab jis tarike se police ke upar pressure tha toh vaah regular apna kaam kar rahi thi pehle aaropiyon ko pakada gaya after that unko hirasat mein lekar puchhtaach ki gayi uske baad kai saree batein hoti hai phir kahaan se hua kya hua phir sivari create karne gaye the toh wahan par yah saree harakatein ho gayi toh police ki bhi galti toh main kahin nahi manunga lekin haan yah court case mein jana chahiye tha aur vaah jata bhi agar encounter nahi hota asha karta hoon is point par main apne Views acche se rakh paya hoon aur aapke bhi kya sujhaav hai zaroor aap bataye bahut bahut dhanyavad mera naam sujit sony hai aur aap mujhe subah shahdol diary channel par crime alert

नमस्कार मेरा नाम संदीप सोनी है और आप मुझे सुन रहे शहडोल डायरी पर हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों

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आरोपी का एनकाउंटर जो हुआ वह तो सही हुआ किंतु जो इसलिए भी ज्यादा सही है कि कोर्ट का फैसला सही समय पर नहीं आता है जिससे लोगों को निराशा हाथ लगती है और यदि यह एनकाउंटर हुआ है तो लोगों को बड़ा हर्ष हुआ कि अपराधी को अपराध मिल गया एनकाउंटर जो किया गया वह बहुत अच्छा हुआ और सबकी भावनाओं को अनुरूप धन्यवाद

aaropi ka encounter jo hua vaah toh sahi hua kintu jo isliye bhi zyada sahi hai ki court ka faisla sahi samay par nahi aata hai jisse logo ko nirasha hath lagti hai aur yadi yah encounter hua hai toh logo ko bada harsh hua ki apradhi ko apradh mil gaya encounter jo kiya gaya vaah bahut accha hua aur sabki bhavnao ko anurup dhanyavad

आरोपी का एनकाउंटर जो हुआ वह तो सही हुआ किंतु जो इसलिए भी ज्यादा सही है कि कोर्ट का फैसला स

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Raman

Teacher

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नमस्कार हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का इनकाउंटर शरीफ आयत बस इस बात की चर्चा आज आवश्यक मैं आपको बता दूं कि किसी का भी नहीं कौन सा कर देना और वह कोर्ट के आदेश के बिना उसे मुस्लिम कराती है ना तो यह कानूनी चल सकती है इसके लिए हैदराबाद पुलिस डिफरेंट करी होगी और अवश्य होगी अगर यह बात सही है कि उन आरोपियों को यदि धन्यवाद पुलिस ने इंकार कर दिया है तो समाज ग्रुप से एक बेहद कड़ा मैसेज लोगों पर गया है जो ऐसी हरकतें करते हैं उन्हें पता चल गया लेकिन पुलिस बीएसएफ एनकाउंटर कर सकती है इसकी सराहना समाज के समाचारों के द्वारा की जा रही है आपका कोई बात नहीं होता है

namaskar hyderabad gangrape aaropiyon ka inakauntar sharif ayat bus is baat ki charcha aaj aavashyak main aapko bata doon ki kisi ka bhi nahi kaun sa kar dena aur vaah court ke aadesh ke bina use muslim karati hai na toh yah kanooni chal sakti hai iske liye hyderabad police different kari hogi aur avashya hogi agar yah baat sahi hai ki un aaropiyon ko yadi dhanyavad police ne inkar kar diya hai toh samaj group se ek behad kada massage logo par gaya hai jo aisi harakatein karte hain unhe pata chal gaya lekin police bsf encounter kar sakti hai iski sarahana samaj ke samaachaaron ke dwara ki ja rahi hai aapka koi baat nahi hota hai

नमस्कार हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों का इनकाउंटर शरीफ आयत बस इस बात की चर्चा आज आवश्यक मैं आप

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Vikas Bothra

Business Owner

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ALOK RAJ

Social Worker

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देश में बढ़ते हुए रेप और बढ़ते हुए गैंगरेप के हिसाब से तो उस हिसाब से बढ़ रहा है इस हिसाब से यह सही है क्योंकि उनके अंदर भी एक दर्द होना चाहिए कि कि वह डर तो है पर देखिए ना निर्भया केस था जैसे कि बहुत दिनों तक रहा और कब कब हुआ था कब हुआ था रेप और उनकी रेप की सजा होने कम तुरंत मिलनी चाहिए थी कुछ कुछ महान के चली 1 साल होता पर अब जाकर उन्हें सजा मिली तू मेरे हिसाब से तो वह सही था पर यह क्योंकि उनके अंदर भी एक डर होना चाहिए कि ऐसा करना मतलब उनके लिए डर होना बहुत जरूरी है ऐसे लोगों के अंदर यह डर बैठा ना बहुत जरूरी है जो कि वह हैदराबाद कांड में सही हुआ था धन्यवाद

desh me badhte hue rape aur badhte hue gangrape ke hisab se toh us hisab se badh raha hai is hisab se yah sahi hai kyonki unke andar bhi ek dard hona chahiye ki ki vaah dar toh hai par dekhiye na Nirbhaya case tha jaise ki bahut dino tak raha aur kab kab hua tha kab hua tha rape aur unki rape ki saza hone kam turant milani chahiye thi kuch kuch mahaan ke chali 1 saal hota par ab jaakar unhe saza mili tu mere hisab se toh vaah sahi tha par yah kyonki unke andar bhi ek dar hona chahiye ki aisa karna matlab unke liye dar hona bahut zaroori hai aise logo ke andar yah dar baitha na bahut zaroori hai jo ki vaah hyderabad kaand me sahi hua tha dhanyavad

देश में बढ़ते हुए रेप और बढ़ते हुए गैंगरेप के हिसाब से तो उस हिसाब से बढ़ रहा है इस हिसाब

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विक्की सवाल यह है कि जो हैदराबाद में चार गैंगरेप के आरोपी है उनका एनकाउंटर बिल्कुल सही था या फिर यह किस कोर्ट में जाना चाहिए था लेकिन जैसा कि हम आपको बता दें कि हैदराबाद के साए में जो व्यक्ति डॉक्टर कि उनके साथ जो गैंगरेप है जिन लोगों ने कहता हूं चारों आरोपी को कल हैदराबाद पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया दृष्टि नहीं उसको प्लीज आ गया था जहां पर इन्होंने वह रिंकी की थी और उस हत्या को अंजाम दिया था और उसके बाद उन्हें टीम क्रिकेट निकली ले जाया गया था लेकिन खबरों के अनुसार जब भी इन्होंने वहां से भागने की कोशिश की पुलिस ने मोहन किया और पुलिस की मॉर्निंग तो जब इन्होंने नहीं माना तो पुलिस को इन पर नतीजतन फायरिंग करनी पड़ी क्योंकि उसका अधिकार पुलिस को कानून देता है कि वह अपराधियों को रोकने के लिए पर फायरिंग कर सकता है लेकिन जब पुलिस के सर इनकी मुठभेड़ हुई उसी दौरान पुलिस ट्रेनिंग पर गोलियां चलवाई इस गोलीबारी में यह मार दिए थे तो आपने पूछा कि बिल्कुल सही था या इसे कोर्ट में जाना चाहता अगर मैं तर्कसंगत और पर बात करूं तो यह रिपोर्ट में जाना चाहिए था और कोर्ट से ही पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए था परंतु यह लोग मारे उसी में गए हैं जहां से उन्होंने पुलिस से बच्चा निकलने की कोशिश की और पुलिस ने ने जानबूझकर नहीं मारा पुलिस ने ही अपनी कानूनन अधिकार का इस्तेमाल करते हुए महाराज तो उस हिसाब से एनकाउंटर बिल्कुल सही था क्योंकि मुझे भीड़ में यह मार गिराए गए हैं और अगर यह छूट जाते तो शायद अब बच निकलते इसकी इससे और पुलिस ने इन्हें मारकर एक प्रकार से बिल्कुल सही किया क्योंकि की मांग उठ रही थी कि इन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए लेकिन आप चाय को फांसी होती है या फिर यह इनकाउंटर था इनकी मौत बिल्कुल तिथि अगर हम कोर्ट की बात करें तो कोर्ट में अगर 11 जाता तो शायद बहुत लंबा खिंच जाता और कम फास्ट ट्रैक कोर्ट की बातें तब भी इनकी सजा फांसी आजीवन कारावास हो सकती थी और अगर यह बस जाते तो शायद पीड़िता के परिवार को बहुत निराशा होती लेकिन एनकाउंटर में इस प्रकार से मारे गए पूरे देश में खुशी जताई गई थी और पूरे देश में एक प्रकार से यह आवाज दी थी कि बलात्कार के आरोपी है उन्हें इसी प्रकार से मार दिया जाना चाहिए परंतु अब अगर मैं इसे लोकतांत्रिक और पर देखूं तो यह एनकाउंटर भी सही था लेकिन थोड़ा सा गलत यह बात रखी कि इसे मंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए हम एक लोकतांत्रिक समाज में जीते हैं और हमें एक प्रकार से ईसुत्ता पड़ेगा कि हमारे देश में न्यायिक प्रकिया भले ही धीमी है लेकिन फिर भी वह सही की प्रक्रिया है क्योंकि वहां आरोपी को भी अपना पक्ष रखने का मौका देता है और जो पीड़ित हैं उन्हीं में अपने पक्ष रखने का मौका मिलता और उसके बाद निर्णय लिया जाता है पर यह अपराध और यह जो कृत्य था यह पाखंडी था कि इस एनकाउंटर को भी लोग जो है बिल्कुल सही मान रहे हैं और मैं भी इस एनकाउंटर के समर्थन में एक प्रकार से हूं पर अभी भी इतना बढ़ गया कि एनकाउंटर ज्योति बाई चांस हुआ है क्योंकि भागने की कोशिश कर रहे थे थोड़ा सा लॉजिक है मैप में देखना पड़ेगा

vicky sawaal yah hai ki jo hyderabad mein char gangrape ke aaropi hai unka encounter bilkul sahi tha ya phir yah kis court mein jana chahiye tha lekin jaisa ki hum aapko bata de ki hyderabad ke saye mein jo vyakti doctor ki unke saath jo gangrape hai jin logo ne kahata hoon charo aaropi ko kal hyderabad police ne encounter mein maar giraya drishti nahi usko please aa gaya tha jaha par inhone vaah rinki ki thi aur us hatya ko anjaam diya tha aur uske baad unhe team cricket nikli le jaya gaya tha lekin khabaro ke anusaar jab bhi inhone wahan se bhagne ki koshish ki police ne mohan kiya aur police ki morning toh jab inhone nahi mana toh police ko in par natijatan firing karni padi kyonki uska adhikaar police ko kanoon deta hai ki vaah apradhiyon ko rokne ke liye par firing kar sakta hai lekin jab police ke sir inki muthbhed hui usi dauran police training par goliya chalwai is golibari mein yah maar diye the toh aapne poocha ki bilkul sahi tha ya ise court mein jana chahta agar main tarksangat aur par baat karu toh yah report mein jana chahiye tha aur court se hi pidita ko nyay milna chahiye tha parantu yah log maare usi mein gaye hai jaha se unhone police se baccha nikalne ki koshish ki aur police ne ne janbujhkar nahi mara police ne hi apni kanunan adhikaar ka istemal karte hue maharaj toh us hisab se encounter bilkul sahi tha kyonki mujhe bheed mein yah maar giraye gaye hai aur agar yah chhut jaate toh shayad ab bach nikalte iski isse aur police ne inhen marakar ek prakar se bilkul sahi kiya kyonki ki maang uth rahi thi ki inhen kadi se kadi saza di jani chahiye lekin aap chai ko fansi hoti hai ya phir yah inakauntar tha inki maut bilkul tithi agar hum court ki baat kare toh court mein agar 11 jata toh shayad bahut lamba khich jata aur kam fast track court ki batein tab bhi inki saza fansi aajivan karavas ho sakti thi aur agar yah bus jaate toh shayad pidita ke parivar ko bahut nirasha hoti lekin encounter mein is prakar se maare gaye poore desh mein khushi jatai gayi thi aur poore desh mein ek prakar se yah awaaz di thi ki balatkar ke aaropi hai unhe isi prakar se maar diya jana chahiye parantu ab agar main ise loktantrik aur par dekhu toh yah encounter bhi sahi tha lekin thoda sa galat yah baat rakhi ki ise mantri nahi banaya jana chahiye hum ek loktantrik samaj mein jeete hai aur hamein ek prakar se isutta padega ki hamare desh mein nyayik prakriya bhale hi dheemi hai lekin phir bhi vaah sahi ki prakriya hai kyonki wahan aaropi ko bhi apna paksh rakhne ka mauka deta hai aur jo peedit hai unhi mein apne paksh rakhne ka mauka milta aur uske baad nirnay liya jata hai par yah apradh aur yah jo kritya tha yah pakhandi tha ki is encounter ko bhi log jo hai bilkul sahi maan rahe hai aur main bhi is encounter ke samarthan mein ek prakar se hoon par abhi bhi itna badh gaya ki encounter jyoti bai chance hua hai kyonki bhagne ki koshish kar rahe the thoda sa logic hai map mein dekhna padega

विक्की सवाल यह है कि जो हैदराबाद में चार गैंगरेप के आरोपी है उनका एनकाउंटर बिल्कुल सही था

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बिल्कुल सही है यह एनकाउंटर ही होना चाहिए था जब अगर यह केस कोर्ट आगरा में जाता वसीयत एक ही चीज की रह जाता कोई किसी को नहीं मारता यह बिल्कुल सही किया है जिसने भी बोला है सही के आरोपियों को एनकाउंटर ही होना चाहिए था

bilkul sahi hai yah encounter hi hona chahiye tha jab agar yah case court agra mein jata wasiyat ek hi cheez ki reh jata koi kisi ko nahi maarta yah bilkul sahi kiya hai jisne bhi bola hai sahi ke aaropiyon ko encounter hi hona chahiye tha

बिल्कुल सही है यह एनकाउंटर ही होना चाहिए था जब अगर यह केस कोर्ट आगरा में जाता वसीयत एक ही

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हां भाई यह रेप जो कांड था यह कोर्ट में जाना है इन काउंटर तो हम तो नहीं करते हम तो कहते पास ही देना चाहिए था वैसे भी अच्छा हुआ और ऐसा होना भी चाहिए ऐसा होना है देश के लिए बहुत ही जरूरी है ताकि लोगों में जरूर जागरूकता और डर बने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पढ़ने से कुछ काम नहीं होने वाला है हम लोगों को सुरक्षित होना चाहिए और हम लोग को सोचना चाहिए अपने परिवार के जोड़ दो डालें बच्चों पर अपने थैंक्स

haan bhai yah rape jo kaand tha yah court mein jana hai in counter toh hum toh nahi karte hum toh kehte paas hi dena chahiye tha waise bhi accha hua aur aisa hona bhi chahiye aisa hona hai desh ke liye bahut hi zaroori hai taki logo mein zaroor jagrukta aur dar bane beti bachao beti padhao padhne se kuch kaam nahi hone vala hai hum logo ko surakshit hona chahiye aur hum log ko sochna chahiye apne parivar ke jod do Daalein baccho par apne thanks

हां भाई यह रेप जो कांड था यह कोर्ट में जाना है इन काउंटर तो हम तो नहीं करते हम तो कहते पास

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सही है भाई बहुत सही है इसी से देश में सुधार आएगा आरोपियों के मन में डर को पड़ेगा धन्यवाद

sahi hai bhai bahut sahi hai isi se desh mein sudhaar aayega aaropiyon ke man mein dar ko padega dhanyavad

सही है भाई बहुत सही है इसी से देश में सुधार आएगा आरोपियों के मन में डर को पड़ेगा धन्यवाद

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Raj

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल सही था और ऐसे आरोपियों के साथ ऐसा ही होना चाहिए उन्हें बीच सड़क पर गोली से उड़ा देना चाहिए और हो सके तो अगर वो लड़की जीवित है जिस साथ ऐसा कुछ हुआ है तो उसके हाथों से उसे उड़ा देना चाहिए यह मेरी राय है

bilkul sahi tha aur aise aaropiyon ke saath aisa hi hona chahiye unhe beech sadak par goli se uda dena chahiye aur ho sake toh agar vo ladki jeevit hai jis saath aisa kuch hua hai toh uske hathon se use uda dena chahiye yah meri rai hai

बिल्कुल सही था और ऐसे आरोपियों के साथ ऐसा ही होना चाहिए उन्हें बीच सड़क पर गोली से उड़ा दे

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आरोपियों का एनकाउंटर संहिता कोर्ट में जाने के बाद औरतें जो केस है वह कंटिन्यू बनाए रखता उनके समर्थक उनका ऐश्वर्या इसलिए अकाउंट सहित

aaropiyon ka encounter sanhita court mein jaane ke baad auraten jo case hai vaah continue banaye rakhta unke samarthak unka aishwarya isliye account sahit

आरोपियों का एनकाउंटर संहिता कोर्ट में जाने के बाद औरतें जो केस है वह कंटिन्यू बनाए रखता उन

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हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों की का एनकाउंटर होना सही था या फिर गलत अगर मानवीय व्यवहार के रूप में देखा जाए तो इन काउंटर जो हुआ था वह सही हुआ था क्योंकि भारतीय संस्कृति प्रथा रही है पता नहीं कौन हमारे हाथों में मोमबत्तियां थमा दिया हम तो नारियों के हित में महाभारत और रामायण जैसा युद्ध किए थे पता नहीं कौन हमारे हाथों में मोमबत्तियां दिया लेकिन हम लोग महाभारत और रामायण युद्ध हुआ प्राचीन काल में भी अगर ऐसा कोई करता था कोई व्यक्ति दूसरे राजा सजा देता था ना कि प्रजा देती थी ना कि उसके कर्मचारी देते थे राजा कहता था की सजा जनता द्वारा होगी तो जनता उसे स्थिति थी लेकिन आज के समय में ऐसा हो गया है यहां कानून और पुलिस और प्रशासन को कोई मतलब नहीं है आप लोग भी जानते हैं उसे मारा गया है दीवार नहीं किया है अपने बचाव के लिए उसे नहीं मारा है तुझे 302 के तहत जनता चाहती तो इसका राजा देश की सरकार देसी कानून व्यवस्था देश की न्यायपालिका उच्च न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय है वह देगी कि हमारे जो उसे मंच के कार्यकर्ता हैं वह देंगे आप बताइए उसको सजा देने का कार्य जो है वह न्यायालय करेगी ना कि उसकी न्यायालय की जो कर्मचारी हैं वह करेंगे कहने का मतलब इतना है किसी लड़की से शादी करना है तो लड़का करेगा तो लड़की के पिताजी करेंगे तो यही सिस्टम है यहां पर गलत हुआ है मैं तो इसे गलत है रहा हूं और मालिनी गवार के तहत देखा जाए ऐसा ही हुआ है

hyderabad gangrape aaropiyon ki ka encounter hona sahi tha ya phir galat agar manviya vyavhar ke roop mein dekha jaaye toh in counter jo hua tha vaah sahi hua tha kyonki bharatiya sanskriti pratha rahi hai pata nahi kaun hamare hathon mein momabattiyan thama diya hum toh nariyon ke hit mein mahabharat aur ramayana jaisa yudh kiye the pata nahi kaun hamare hathon mein momabattiyan diya lekin hum log mahabharat aur ramayana yudh hua prachin kaal mein bhi agar aisa koi karta tha koi vyakti dusre raja saza deta tha na ki praja deti thi na ki uske karmchari dete the raja kahata tha ki saza janta dwara hogi toh janta use sthiti thi lekin aaj ke samay mein aisa ho gaya hai yahan kanoon aur police aur prashasan ko koi matlab nahi hai aap log bhi jante hain use mara gaya hai deewaar nahi kiya hai apne bachav ke liye use nahi mara hai tujhe 302 ke tahat janta chahti toh iska raja desh ki sarkar desi kanoon vyavastha desh ki nyaypalika ucch nyayalaya sarvoch nyayalaya hai vaah degi ki hamare jo use manch ke karyakarta hain vaah denge aap bataiye usko saza dene ka karya jo hai vaah nyayalaya karegi na ki uski nyayalaya ki jo karmchari hain vaah karenge kehne ka matlab itna hai kisi ladki se shadi karna hai toh ladka karega toh ladki ke pitaji karenge toh yahi system hai yahan par galat hua hai toh ise galat hai raha hoon aur malini gavar ke tahat dekha jaaye aisa hi hua hai

हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों की का एनकाउंटर होना सही था या फिर गलत अगर मानवीय व्यवहार के रूप

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