महावीर स्वामी का वर्णन बताइए?...


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Sandeep Saini

Spiritual Guide | Journalist

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महावीर जैन जी का इतिहास वह रोड बरगद था और 30 + 12 + 18000000 बार देवता भी बना आशीर्वाद सदैव तरक्की करो और उसका नाश करके आपके साथ लेकर आपसे एक्स्ट्रा चार्ज कर कर के देख लो क्या कोई भी सक्षम नहीं है तो से बना हुआ श्रीकृष्ण सतलोक आश्रम

mahavir jain ji ka itihas vaah road bargad tha aur 30 12 18000000 baar devta bhi bana ashirvaad sadaiv tarakki karo aur uska naash karke aapke saath lekar aapse extra charge kar kar ke dekh lo kya koi bhi saksham nahi hai toh se bana hua shrikrishna satlok ashram

महावीर जैन जी का इतिहास वह रोड बरगद था और 30 + 12 + 18000000 बार देवता भी बना आशीर्वाद सदै

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महावीर स्वामी का जन्म 540 जयपुर में बैठा वैशाली के कुंड ग्राम में हुआ था महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें प्रतिकार थे और उस 20 वर्ष की अवस्था में गिरी त्याग दिया और 12 वर्ष की कठोर तपस्या के बाद जुड़ने ग्राम के समीप रिजुपालिका नदी के तट पर उसे ज्ञान की प्राप्ति हुई और उसी दिन से वह जो है महावीर का वार है कल आने लगे उसके बचपन का नाम बदनाम था स्वामी जैन धर्म की शिक्षाओं में बड़ा स्टार को छोरा

mahavir swami ka janam 540 jaipur me baitha vaishali ke kund gram me hua tha mahavir swami jain dharm ke ve pratikar the aur us 20 varsh ki avastha me giri tyag diya aur 12 varsh ki kathor tapasya ke baad judne gram ke sameep rijupalika nadi ke tat par use gyaan ki prapti hui aur usi din se vaah jo hai mahavir ka war hai kal aane lage uske bachpan ka naam badnaam tha swami jain dharm ki shikshaon me bada star ko chhora

महावीर स्वामी का जन्म 540 जयपुर में बैठा वैशाली के कुंड ग्राम में हुआ था महावीर स्वामी जैन

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singh

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स्वामी विवेकानंद का वर्णन बताइए आंसर कल्पसूत्र आदि ग्रंथ भगवान महावीर के 26 गुणों का वर्णन है कि लियोन की ओपन की यादें ग्रंथ 3232 प्रभाव का वर्णन है कल अनुसार भगवान महावीर 72 वर्ष जीवित उत्तर पुराण के अनुसार वे 72 72 वें वर्ष में कुछ माह तक जीवित रहे भगवान महावीर का जन्म स्थान प्राप्त कुंडलपुर छत्रिय कुंड मानती है क्षत्रिय कुंड मानती है भगवान महावीर का माता त्रिशला को उत्तर पुराण के राजा चेतक की पुत्री तथा आवश्यक चुन्नी किराया चित्र की बहन मत लाया गया भगवान महावीर की गर्भ गर्भ धरण की मान्यता एक परंपरा है रात्रि में के अंतिम पहर में माता त्रिशला द्वारा देखे गए सपनों के संक्षेप कुछ अनुसार 14 तथा 16 वर्ष है कल सब की परंपरा ग्रंथों में भगवान महावीर की विवाह की चर्चा लियोनी की परंपरा ग्रंथि का भगवान महावीर के बिना विवाह की दीक्षा ग्रहण का वर्णन है भगवान महावीर का निर्वाण समय तक परंपरा के अनुसार कार्तिक ने दूसरी तक अंतिम पहर दूसरी परंपरा के अनुसार नमस्ते के अंतिम पहर

swami vivekananda ka varnan bataiye answer kalpasutra aadi granth bhagwan mahavir ke 26 gunon ka varnan hai ki leone ki open ki yaadain granth 3232 prabhav ka varnan hai kal anusaar bhagwan mahavir 72 varsh jeevit uttar puran ke anusaar ve 72 72 ve varsh me kuch mah tak jeevit rahe bhagwan mahavir ka janam sthan prapt kundalapur Kshatriya kund maanati hai kshatriya kund maanati hai bhagwan mahavir ka mata trishala ko uttar puran ke raja chetak ki putri tatha aavashyak chunni kiraaya chitra ki behen mat laya gaya bhagwan mahavir ki garbh garbh dharan ki manyata ek parampara hai ratri me ke antim pahar me mata trishala dwara dekhe gaye sapno ke sankshep kuch anusaar 14 tatha 16 varsh hai kal sab ki parampara granthon me bhagwan mahavir ki vivah ki charcha liyoni ki parampara granthi ka bhagwan mahavir ke bina vivah ki diksha grahan ka varnan hai bhagwan mahavir ka nirvan samay tak parampara ke anusaar kartik ne dusri tak antim pahar dusri parampara ke anusaar namaste ke antim pahar

स्वामी विवेकानंद का वर्णन बताइए आंसर कल्पसूत्र आदि ग्रंथ भगवान महावीर के 26 गुणों का वर्णन

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1CMQ3LMVT05Ruhi

Teacher-Hindi

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महावीर दुनिया को सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाया तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत बताएं जो है अहिंसा सत्य अपरिग्रह आचार्य यानी अस्तेय और ब्रह्मचर्य उन्होंने अनेकांतवाद छायावाद और अपरिग्रह जैसे अद्भुत सिद्धांत दिए महावीर के सर्वोदय सीटों में क्षेत्र काल समय या जाति की सीमाएं नहीं थी जियो और जीने दो यहां महावीर का सिद्धांत है

mahavir duniya ko satya ahinsa ka path padhaya tirthankar mahavir swami ne ahinsa ko sabse ucchatam naitik gun bataya unhone duniya ko jain dharm ke Panchsheel siddhant bataye jo hai ahinsa satya aparigrah aacharya yani astey aur brahmacharya unhone anekantavad chaayavaad aur aparigrah jaise adbhut siddhant diye mahavir ke sarwoday seaton mein kshetra kaal samay ya jati ki simaye nahi thi jio aur jeene do yahan mahavir ka siddhant hai

महावीर दुनिया को सत्य अहिंसा का पाठ पढ़ाया तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम

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