अगर अदालत में हजारों केस पेंडिंग हैं तो कैसे मिलेगा देश में रेप पीड़िताओं को न्याय?...


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पिछले अगर अदालत में हजारों केस पेंडिंग है तो रेप पीड़ितों को न्याय के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट की का गठन होना चाहिए जो हर एक स्टेट में हर जिले में हर कस्बे में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट हूं जहां पर त्वरित सुनवाई हो पर फैसला हो और किसी से ही जल्दी जल्दी न्याय मिल सके क्योंकि वैसे भी देख ले व की जगह की कमी है बहुत सारे पेज के दिन पर दिन के दिन बढ़ते जा रहे हैं वालों की कमी है इसको यह जिले में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन जहां पर त्वरित सुनवाई किया जाए तो ही नेताओं को जल्द ही जल्द से जल्द न्याय मिल सकता है वहां पर देवताओं के सुना जाए जिसमें वहां पर दूसरा कोई केस ना रहे इसलिए हर जिले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन होना चाहिए जहां पर पर सुनवाई किया जा सके जिससे रेप पीड़ितों को न्याय जल्द से जल्द मिले

pichle agar adalat me hazaro case pending hai toh rape piditon ko nyay ke liye ek fast track court ki ka gathan hona chahiye jo har ek state me har jile me har kasbe me ek fast track court hoon jaha par twarit sunvai ho par faisla ho aur kisi se hi jaldi jaldi nyay mil sake kyonki waise bhi dekh le va ki jagah ki kami hai bahut saare page ke din par din ke din badhte ja rahe hain walon ki kami hai isko yah jile me ek fast track court ka gathan jaha par twarit sunvai kiya jaaye toh hi netaon ko jald hi jald se jald nyay mil sakta hai wahan par devatao ke suna jaaye jisme wahan par doosra koi case na rahe isliye har jile me fast track court ka gathan hona chahiye jaha par par sunvai kiya ja sake jisse rape piditon ko nyay jald se jald mile

पिछले अगर अदालत में हजारों केस पेंडिंग है तो रेप पीड़ितों को न्याय के लिए एक फास्ट ट्रैक क

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हजारों लाखों के सपोर्ट में पेंटिंग रहते हैं लेकिन कुछ केस होते हैं जिन्हें की पायल 222 के द्वारा लगाया जाता है उनके शो में रेप पीड़ितों का भी ख्याल रखना चाहिए और उन्हें न्याय के रूप में

hazaron laakhon ke support mein painting rehte hain lekin kuch case hote hain jinhen ki payal 222 ke dwara lagaya jata hai unke show mein rape piditon ka bhi khayal rakhna chahiye aur unhe nyay ke roop mein

हजारों लाखों के सपोर्ट में पेंटिंग रहते हैं लेकिन कुछ केस होते हैं जिन्हें की पायल 222 के

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बिल्कुल सही सवाल है आपका की अदालतों में हजारों केस पेंडिंग है तो कैसे मिलेगा देश में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिखी इसके लिए मैं फिर कह रहा हूं कि सरकारों को सूचना चाहिए और इस प्रकार की जो जगन ने अपराध हैं उनको दूसरे मामलों से अलग हटकर त्वरित न्याय उतरी सजा का प्रावधान करना चाहिए इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की अलग व्यवस्था की जाए जो ऐसी जो दुष्कर्म के मामले इन को प्राथमिकता के साथ कम से कम समय में इनको सुनेजा और इन पर फैसले हैं और इस पर कड़ी कड़ी कार्रवाई वैसे फांसी से कम नहीं इसके लिए सजा हो और दूसरी तरफ की कुछ ऐसे मामले भी होते हैं कि जिसमें महिला गलत आरोप लगाकर sa12 परसेंट मामले आते हैं सामने तो उन मामलों में भी मैं कहना चाहूंगा कि उस उन महिलाओं के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई की जाए कि कोई भी अपने मिले अधिकार का दुरुपयोग न कर सके दोनों चीजें जरूरी है और दुष्कर्म के आरोपियों के लिए मौत से कम सजा बिल्कुल नहीं और त्वरित न्याय इसको इसके लिए पुलिस और न्यायालय दोनों तेजी से काम करके उसका जूता और कोर्ट के सम्मुख रखें जिससे त्वरित न्याय हो सके और दोषी को सजा मिल सके और जो सजाएं हैं यह सार्वजनिक रूप से दी जाए जिससे कि लोगों में कानून के प्रति का कानून के प्रति सम्मान बड़े और दुष्कर्म जैसे आरोपियों के प्रति उनके मन में भय जन्मे

bilkul sahi sawaal hai aapka ki adalaton mein hazaro case pending hai toh kaise milega desh mein dushkarm pidita ko nyay dikhi iske liye main phir keh raha hoon ki sarkaro ko soochna chahiye aur is prakar ki jo jagan ne apradh hain unko dusre mamlon se alag hatakar twarit nyay utari saza ka pravadhan karna chahiye iske liye fast track court ki alag vyavastha ki jaaye jo aisi jo dushkarm ke mamle in ko prathamikta ke saath kam se kam samay mein inko suneja aur in par faisle hain aur is par kadi kadi karyawahi waise fansi se kam nahi iske liye saza ho aur dusri taraf ki kuch aise mamle bhi hote hain ki jisme mahila galat aarop lagakar sa12 percent mamle aate hain saamne toh un mamlon mein bhi main kehna chahunga ki us un mahilaon ke khilaf itni kadi karyawahi ki jaaye ki koi bhi apne mile adhikaar ka durupyog na kar sake dono cheezen zaroori hai aur dushkarm ke aaropiyon ke liye maut se kam saza bilkul nahi aur twarit nyay isko iske liye police aur nyayalaya dono teji se kaam karke uska juta aur court ke sammukh rakhen jisse twarit nyay ho sake aur doshi ko saza mil sake aur jo sajayen hain yah sarvajanik roop se di jaaye jisse ki logo mein kanoon ke prati ka kanoon ke prati sammaan bade aur dushkarm jaise aaropiyon ke prati unke man mein bhay janme

बिल्कुल सही सवाल है आपका की अदालतों में हजारों केस पेंडिंग है तो कैसे मिलेगा देश में दुष्क

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N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

4:44
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बिल्कुल बिल्कुल सही करने के बाद हालत में हजारों केस पेंडिंग है तो कैसे मिलेगा देश में रेप पीड़िता को न्याय किसी भी मामले में न्याय में देरी होना आपने अपने कन्याए और जो अदालतों की स्थिति है उसे देख कर के नहीं लगता अभी जो अभी जो स्थिति है कि न्याय मिल पाना एक आम आदमी के लिए संभव है क्योंकि न्याय 20 साल बाद ही उसे मिले 15 साल बाद ही मिले तो उसका कोई अर्थ नहीं रह जाता है उसने जो पीड़ा उस इतने दिनों के दरमियान में पहले उसका क्या उसका क्या मुआवजा उसको मिलता है उसका क्या ऐसा जो है उसके लिए व्यवस्था की जाती है सरकार के द्वारा जो पिया खिलता है एक के फेर में पड़ना या याद आ रहा है अगर तुम मिल भी गई तो मेरे ऊपर के स्तर में कम ना होंगे यानी के जब किसी महबूब तो उसकी महबूबा जब उस सारा कष्ट झेल ही ले 10 साल 15 साल उसके बाद उससे मिल गई तो उसने कष्ट चला उसका क्या उसके सभी में तो कम नहीं हुए तो निश्चित रूप से न्याय प्रक्रिया को इस तरह से एक होने की जरूरत है कि देश में न्याय सुलभ हो आसान हो और समय पर मिले तो कहीं ना कहीं सरकार भी इसके लिए जिम्मेदार है या न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब क्यों हो रहा है जो भी है वह इसके लिए जिम्मेदार है दूसरी बार देश में पुलिस वालों की संख्या में भी जिस तरह से कम ही है और पुलिस बल का एक बड़ा भर की बड़ी संख्या में पुलिस बल सुरक्षा में लगे हुए हैं तो आम आदमी तक उनकी पहुंच कितनी होगी आज आप देख रहे हैं कि पुलिस ज्वाइन लोगों के बीच जाने से घबराने लगी अपराधियों के हौसले इतने बुलंद होते जा रहे हैं और या 1 दिन में नहीं हुआ है या इसलिए हुआ है क्योंकि अपराध को बढ़ावा पुलिस नहीं दिया पुलिस ने ही ऐसी व्यवस्था बनाई कि आज तक आम जनता का विश्वास पुलिस के ऊपर हो ही नहीं पाया अपराध और पुलिस की सांठगांठ की कहानियां तो आपको अक्सर देखने को मिल जाएगी उसमें कुछ पुलिस अफसर जो ईमानदार देखने को मिल जाते हैं और कुछ ऐसा कर जाते हैं जो नजीर पेश होता है तो उसके लिए वाहवाही भी लूटते हैं लेकिन ऐसी संख्या बहुत कम है और पुलिस का तो कई मामलों में जो रवैया देखने को मिलता है वह बहुत ही निराशाजनक होता है यह शरीफ लोगों को ही ज्ञापन करते हैं मैं तो यह देखता हूं कि अपराधी और केसरी बेटी के बीच किसी तरह की ऐसी बात आती है तो ऐसे शरीफ बेचारा जा रे पिस्ता और हम कहेंगे यह भी कह सकते हैं कि संविधान में 1 शब्दों का प्रयोग करके यह जो अपराधी हैं वह बच निकलते हैं और बेखौफ घूमते हैं पुलिस जहां कुछ करना चाहती है वहां भी कई बार इसके हाथ बस जाते हैं तो निश्चित रूप से कुछ करने की जरूरत है और न्यायालय को इस केस की सुनवाई कितने दिनों में होने पर यह गाना मंदिर के मुकदमे के लिए यदि निर्धारित की जा सकती है जिस तरह से हर तरह के केस के लिए कितने दिन में इसकी सुनवाई हो ही जाएगी और निश्चित रूप से बजे नहीं होगी तो जवाब दे बनाइए शिक्षक जो है स्कूल में पढ़ाता है कॉलेज में पढ़ाता है तो 1 साल या 1 सेमेस्टर जो भी पढ़ा था उसके बाद उसका रिजल्ट परिणाम आता है बच्चे का और उसके हिसाब से आप उसका आकलन करते हैं कि न्यायाधीशों का अर्थिंग कैसे करेंगे हम कानून प्रक्रिया का कोण कैसे करेंगे हमें सीमा का निर्धारण होना चाहिए ऐसा नहीं हुआ तो वह दिन दूर नहीं होगा जब जनता सड़कों पर न्याय करना शुरू कर देगी तो बहुत बुरी स्थिति हो जाएगी इस पूरे देश के लिए तो निश्चित रूप से सुधार लाने की जरूरत है और हमें भी चाहते हैं कि सब कुछ समय से न्याय मिले तो न्यायालय और पुलिसिया व्यवस्था दोनों में सुधार लाने की जरूरत है धन्यवाद

bilkul bilkul sahi karne ke baad halat mein hazaro case pending hai toh kaise milega desh mein rape pidita ko nyay kisi bhi mamle mein nyay mein deri hona aapne apne kanyaye aur jo adalaton ki sthiti hai use dekh kar ke nahi lagta abhi jo abhi jo sthiti hai ki nyay mil paana ek aam aadmi ke liye sambhav hai kyonki nyay 20 saal baad hi use mile 15 saal baad hi mile toh uska koi arth nahi reh jata hai usne jo peeda us itne dino ke darmiyaan mein pehle uska kya uska kya muavja usko milta hai uska kya aisa jo hai uske liye vyavastha ki jaati hai sarkar ke dwara jo piya khilta hai ek ke pher mein padhna ya yaad aa raha hai agar tum mil bhi gayi toh mere upar ke sthar mein kam na honge yani ke jab kisi mahaboob toh uski mahbuba jab us saara kasht jhel hi le 10 saal 15 saal uske baad usse mil gayi toh usne kasht chala uska kya uske sabhi mein toh kam nahi hue toh nishchit roop se nyay prakriya ko is tarah se ek hone ki zarurat hai ki desh mein nyay sulabh ho aasaan ho aur samay par mile toh kahin na kahin sarkar bhi iske liye zimmedar hai ya nyaydhisho ki niyukti prakriya mein vilamb kyon ho raha hai jo bhi hai vaah iske liye zimmedar hai dusri baar desh mein police walon ki sankhya mein bhi jis tarah se kam hi hai aur police bal ka ek bada bhar ki badi sankhya mein police bal suraksha mein lage hue hain toh aam aadmi tak unki pohch kitni hogi aaj aap dekh rahe hain ki police join logo ke beech jaane se ghabrane lagi apradhiyon ke hausale itne buland hote ja rahe hain aur ya 1 din mein nahi hua hai ya isliye hua hai kyonki apradh ko badhawa police nahi diya police ne hi aisi vyavastha banai ki aaj tak aam janta ka vishwas police ke upar ho hi nahi paya apradh aur police ki santhaganth ki kahaniya toh aapko aksar dekhne ko mil jayegi usme kuch police officer jo imaandaar dekhne ko mil jaate hain aur kuch aisa kar jaate hain jo nazeer pesh hota hai toh uske liye vahvahi bhi lootate hain lekin aisi sankhya bahut kam hai aur police ka toh kai mamlon mein jo ravaiya dekhne ko milta hai vaah bahut hi nirashajanak hota hai yah sharif logo ko hi gyapan karte hain main toh yah dekhta hoon ki apradhi aur kesari beti ke beech kisi tarah ki aisi baat aati hai toh aise sharif bechaara ja ray pista aur hum kahenge yah bhi keh sakte hain ki samvidhan mein 1 shabdon ka prayog karke yah jo apradhi hain vaah bach nikalte hain aur bekhauf ghumte hain police jaha kuch karna chahti hai wahan bhi kai baar iske hath bus jaate hain toh nishchit roop se kuch karne ki zarurat hai aur nyayalaya ko is case ki sunvai kitne dino mein hone par yah gaana mandir ke mukadme ke liye yadi nirdharit ki ja sakti hai jis tarah se har tarah ke case ke liye kitne din mein iski sunvai ho hi jayegi aur nishchit roop se baje nahi hogi toh jawab de banaiye shikshak jo hai school mein padhata hai college mein padhata hai toh 1 saal ya 1 semester jo bhi padha tha uske baad uska result parinam aata hai bacche ka aur uske hisab se aap uska aakalan karte hain ki nyaydhisho ka earthing kaise karenge hum kanoon prakriya ka kon kaise karenge hamein seema ka nirdharan hona chahiye aisa nahi hua toh vaah din dur nahi hoga jab janta sadkon par nyay karna shuru kar degi toh bahut buri sthiti ho jayegi is poore desh ke liye toh nishchit roop se sudhaar lane ki zarurat hai aur hamein bhi chahte hain ki sab kuch samay se nyay mile toh nyayalaya aur pulisiya vyavastha dono mein sudhaar lane ki zarurat hai dhanyavad

बिल्कुल बिल्कुल सही करने के बाद हालत में हजारों केस पेंडिंग है तो कैसे मिलेगा देश में रेप

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Kishan Kumar

Motivational speaker

1:17
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड आप का क्वेश्चन है अगर अदालत में हजारों के पेंडिंग हैं तो कैसे मिलेगा देश में यह नेताओं का न्याय दोस्तों यही सबसे बड़ी कमी हमारे देश में यही है कि कोई भी केस हो प्रिया सरकार पेंडिंग में रखकर चलती है अगर यही पेंटिंग में ना रखा जाए तो हर जितने भी रेप हो रहे हैं उनके जो व्यक्ति हैं उनको सजा तुरंत मिली जाए चाहिए जिससे उनका रूह कांप जाए वह ऐसा करने से डर जाएं एक दहशत फैल जाए और हम चाहेंगे जिस तरह नायक मूवी के अनिल कपूर जी 1 दिन के सीएम में सारा केस पेंडिंग को खत्म कर देते हैं सबका रफा-दफा कर देते हैं ठीक उसी प्रकार यहां भी होना चाहिए या मेरा रिक्वेस्ट है कि सबसे बड़ा देश का मुद्दा यही सब लोग चाहते हैं कि वह किससे फाइनल हो थैंक यू

hello friend aap ka question hai agar adalat mein hazaro ke pending hain toh kaise milega desh mein yah netaon ka nyay doston yahi sabse badi kami hamare desh mein yahi hai ki koi bhi case ho priya sarkar pending mein rakhakar chalti hai agar yahi painting mein na rakha jaaye toh har jitne bhi rape ho rahe hain unke jo vyakti hain unko saza turant mili jaaye chahiye jisse unka ruh kamp jaaye vaah aisa karne se dar jayen ek dahashat fail jaaye aur hum chahenge jis tarah nayak movie ke anil kapur ji 1 din ke cm mein saara case pending ko khatam kar dete hain sabka rafa dafa kar dete hain theek usi prakar yahan bhi hona chahiye ya mera request hai ki sabse bada desh ka mudda yahi sab log chahte hain ki vaah kisse final ho thank you

हेलो फ्रेंड आप का क्वेश्चन है अगर अदालत में हजारों के पेंडिंग हैं तो कैसे मिलेगा देश में य

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं दोस्तों अभी तो अदालत में जो भी केस भर के हजारों के स्टोर हजारों सालों से पढ़ते हुए आए हुए भक्तों का न्याय नहीं मिलता यही बोला था संजय दत्त बट इट इस प्रतिष्ठित पर दिखाते हैं पर न्याय नहीं मिलता ना मिलता है क्या आपका इसका न्याय नहीं मिल पाता अतः से गुजारिश है करे से हमारा न्याय करें थैंक यू दोस्त

nahi doston abhi toh adalat mein jo bhi case bhar ke hazaro ke store hazaro salon se padhte hue aaye hue bhakton ka nyay nahi milta yahi bola tha sanjay dutt but it is pratishthit par dikhate hain par nyay nahi milta na milta hai kya aapka iska nyay nahi mil pata atah se gujarish hai kare se hamara nyay kare thank you dost

नहीं दोस्तों अभी तो अदालत में जो भी केस भर के हजारों के स्टोर हजारों सालों से पढ़ते हुए आए

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देखिए इस मुद्दे पर अगर इस अवसर पर मैं अपनी राय रखें तो मेरी राय यह होगी कि ठीक है हजारों के हजारों के लटके हुए हैं हजारों मामले लटके हुए हैं दाल तुम्हें उनको सीकर न्याय नहीं मिल पाया उनको सीखना है नहीं मिल पा रहा है उनके लिए त्वरित न्यायालय की व्यवस्था की गई है और भी ज्यादा की जानी चाहिए ताकि न्याय त्वरित का उपाय हो सकता है किसको सामाजिक न्याय के दायरे में लाना चाहिए हालांकि वहां पर अराजकता फैलने की अधिक संभावनाएं इसलिए वहां सामाजिक न्याय के दायरे में अर्थात समाज के द्वारा पंचायत के द्वारा फैसला सुनाया जाए जैसे या अन्य सामाजिक संगठनों के द्वारा संगत सिद्ध हो जाता है ऐसा जो सबसे बड़ा कारण है जो रेप है जो बलात्कार के मामले हैं चारित्रिक नैतिकता का पतन यहां तक मैं समझता हूं और मांगता आप सुधारात्मक कदम उठाइए कहीं भी कोई भी ऐसा देश कोई भी ऐसा समाज कोई भी ऐसा राष्ट्र नहीं होगा यहां कुछ लोग कुछ लोग केवल कुछ लोग गलत विचारधारा के ना आप एक खेत में बहुत सारी फसल उगाते हैं उसमें कुछ फसल खराब भी निकलती जो और कोशिश करती चलती है तो उस जो खराब फसल है हम उपाय यही करते हैं उसको पहले ही निकाल कर के नष्ट कर दिया जाता है तो हम यही कर सकते हैं जो इस तरीके का अपराधी है उसको चयनित किया जाए और चयनित करके उसको कठोर दंड मिले ताकि नष्ट जैसा हो जाए और उसको देखकर क्यों एक नदी बने उसको देखकर के लोग आगे ऐसे कार्य करने से कतरा ऐसे काम करने से बचे या दूसरा तरीका यह है कि हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में या हम अपनी जीवनशैली में इस तरीके के परिवर्तन है कि स्वता ही हमारी संस्कृति विकसित हो कि बलात्कार के मुद्दे यार है मामले हम अपने पर ही लौट सकते हैं अर्थात अपनी संस्कृति की रक्षा कर सकते हैं मुद्दा क्या है कि हम पाश्चात्य सभ्यता का अंधानुकरण कर रहे हैं लेकिन संधारण के साथ हम पूर्ण कर नहीं कर पा रहे ना हम पूरी तरीके से उसको अपना पा रहे हैं और ना ही हम उसमें उसको अपनी ही संस्कृति पर पूरी तरह बात तो यह जो हापुड़ की स्थिति है कहीं पर तो हम बहुत बहुत मार डेम बन जाते हैं बड़े आधुनिक बन जाते हैं कहीं पर हम एक दम निकले पाए काम पर चले जाते हैं निचले पायदान से मेरा मतलब नहीं आपने हमारी एकदम परंपरा वादी हो जाते हैं बहुत सारे जो इसमें अंतर्द्वंद हैं

dekhiye is mudde par agar is avsar par main apni rai rakhen toh meri rai yah hogi ki theek hai hazaro ke hazaro ke latke hue hain hazaro mamle latke hue hain daal tumhe unko sikar nyay nahi mil paya unko sikhna hai nahi mil paa raha hai unke liye twarit nyayalaya ki vyavastha ki gayi hai aur bhi zyada ki jani chahiye taki nyay twarit ka upay ho sakta hai kisko samajik nyay ke daayre mein lana chahiye halaki wahan par arajkata failane ki adhik sambhavnayen isliye wahan samajik nyay ke daayre mein arthat samaj ke dwara panchayat ke dwara faisla sunaya jaaye jaise ya anya samajik sangathano ke dwara sangat siddh ho jata hai aisa jo sabse bada karan hai jo rape hai jo balatkar ke mamle hain charittrik naitikta ka patan yahan tak main samajhata hoon aur mangta aap sudharatmak kadam uthaiye kahin bhi koi bhi aisa desh koi bhi aisa samaj koi bhi aisa rashtra nahi hoga yahan kuch log kuch log keval kuch log galat vichardhara ke na aap ek khet mein bahut saree fasal ugaate hain usme kuch fasal kharab bhi nikalti jo aur koshish karti chalti hai toh us jo kharab fasal hai hum upay yahi karte hain usko pehle hi nikaal kar ke nasht kar diya jata hai toh hum yahi kar sakte hain jo is tarike ka apradhi hai usko chayanit kiya jaaye aur chayanit karke usko kathor dand mile taki nasht jaisa ho jaaye aur usko dekhkar kyon ek nadi bane usko dekhkar ke log aage aise karya karne se katara aise kaam karne se bache ya doosra tarika yah hai ki hum apni shiksha vyavastha mein ya hum apni jeevan shaili mein is tarike ke parivartan hai ki swata hi hamari sanskriti viksit ho ki balatkar ke mudde yaar hai mamle hum apne par hi lot sakte hain arthat apni sanskriti ki raksha kar sakte hain mudda kya hai ki hum pashchayat sabhyata ka andhanukaran kar rahe hain lekin sandharan ke saath hum purn kar nahi kar paa rahe na hum puri tarike se usko apna paa rahe hain aur na hi hum usme usko apni hi sanskriti par puri tarah baat toh yah jo hapur ki sthiti hai kahin par toh hum bahut bahut maar dam ban jaate hain bade aadhunik ban jaate hain kahin par hum ek dum nikle paye kaam par chale jaate hain nichle payadan se mera matlab nahi aapne hamari ekdam parampara wadi ho jaate hain bahut saare jo isme antardwand hain

देखिए इस मुद्दे पर अगर इस अवसर पर मैं अपनी राय रखें तो मेरी राय यह होगी कि ठीक है हजारों क

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