हम ऐसा क्यों सोचते हैं कि कोई भी इंसान मेरे बारे में गलत सोचता है?...


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Vaibhav Sharma

Spiritual and Motivational Speaker

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आपने पूछा कि हम ऐसा क्यों सोचते हैं कि कोई भी इंसान मेरे बारे में गलत सोचता है इसका मुख्य कारण यह है कि हम अपने आवश्यक कार्यों पर ध्यान नहीं देकर या हम अपने जीवन के लक्ष्य की तरफ ध्यान ना देकर लोगों के बारे में ज्यादा विचार करते हैं अगर आप सीरियस हैं अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति अपने इनके प्रति अपने कार्यों के प्रति एकाग्र सीरियस है तो आप कोई अच्छी सोचने की आवश्यकता ही नहीं है इसका मुख्य कारण यह है कि आप अपने कारणों से अधिक ध्यान लोगों के लोगों पर रखते हैं लोगों की सोच पर नहीं लेकिन अगर आपको यकीन है कि आप ठीक रास्ते पर हैं ठीक कार्य करें तो आपको इस चीज की आवश्यकता ही नहीं कि लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं क्योंकि उसका प्रभाव आपके ऊपर कुछ पढ़ने वाला ही नहीं है अगर आपके कार्य अच्छे हैं तो मैं स्वयं ही लोगों के सामने आ जाएंगे उसके बाद लोग आपके बारे में कितना भी विचार गलत रखते हो उससे आपको कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा आवश्यकता इस बात की है कि आप लोगों की चिंता ना करते हुए सही मार्ग पर चलते रहें और अच्छे कार्यों में लगे ना ही और अपने अपने लक्ष्य की पूर्णता हेतु प्रयासरत रहें

aapne poocha ki hum aisa kyon sochte hain ki koi bhi insaan mere bare mein galat sochta hai iska mukhya karan yah hai ki hum apne aavashyak karyo par dhyan nahi dekar ya hum apne jeevan ke lakshya ki taraf dhyan na dekar logo ke bare mein zyada vichar karte hain agar aap serious hain agar aap apne lakshya ke prati apne inke prati apne karyo ke prati ekagra serious hai toh aap koi achi sochne ki avashyakta hi nahi hai iska mukhya karan yah hai ki aap apne karanon se adhik dhyan logo ke logo par rakhte hain logo ki soch par nahi lekin agar aapko yakin hai ki aap theek raste par hain theek karya kare toh aapko is cheez ki avashyakta hi nahi ki log aapke bare mein kya sochte hain kyonki uska prabhav aapke upar kuch padhne vala hi nahi hai agar aapke karya acche hain toh main swayam hi logo ke saamne aa jaenge uske baad log aapke bare mein kitna bhi vichar galat rakhte ho usse aapko koi prabhav nahi padega avashyakta is baat ki hai ki aap logo ki chinta na karte hue sahi marg par chalte rahein aur acche karyo mein lage na hi aur apne apne lakshya ki purnata hetu prayasarat rahein

आपने पूछा कि हम ऐसा क्यों सोचते हैं कि कोई भी इंसान मेरे बारे में गलत सोचता है इसका मुख्य

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