क्या हमारे देश में राजनीतिक पार्टियों की संख्या सीमित होनी चाहिए?...


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Vikas Singh Rajput

Political Analyst

8:38

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जी आपने बिल्कुल सही बोला हमारे देश में राजनैतिक पार्टियों की संख्या सीमित होनी चाहिए लेकिन हमारे लोकतंत्र में कुछ ऐसा प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति अपनी टीम बनाकर अपनी पार्टी बना सकता है और चुनाव लड़ सकता है यह गलत है क्योंकि जब ज्यादा लोकतंत्र में पार्टियां होती हैं तो जनता भ्रमित हो जाती है जनता का वोट इधर-उधर बढ़ जाता है जब इधर उधर बढ़ जाता है तो सही व्यक्ति का चुनाव नहीं हो पाता है जब सही व्यक्ति का चुनाव नहीं होता है तो डेवलपमेंट का कार्य भी नहीं हो पाता हमारे देश में 2 नेशनल पार्टी है राष्ट्रीय पार्टी भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी हमें अच्छा लगता है जब कोई बीजेपी का व्यक्ति नेता बनता है या कांग्रेस का कोई व्यक्ति नेता बनता है और क्योंकि यह राष्ट्रीय पार्टी है राष्ट्रीय पार्टी अपने तरीके से सोचती है अपने तरीके से कार्य करती है जबकि क्षेत्रीय जो पार्टियां होती हैं यह चाहती है कि एक बार बन जाओ और उसके बाद लूटो खूब लूटपाट करो जाति में लोगों को बांटो लोगों को लगाओ तो यह सब जातिवाद को फैलाते हैं और यह अपना झोली भरने का कार्य करते हैं हम यह नहीं कहते कि राष्ट्रीय पार्टियां अपने झोली भरने का कार्य नहीं करती कांग्रेस पार्टी ऐसी पार्टी है जिसने हमेशा अपनी गोली को भरने का कार्य किया है देश में गलत विचारधारा को प्रस्तुत किया है फूट डालो राज करो वाली राजनीति को अपनाया है शुरू से गरीबी हटाओ देश बचाओ का नारा लगाते थे लोग नेहरू जी के समय किनारा लग रहा है लेकिन आज तक देश की गरीबी नहीं खत्म हुई लेकिन इनके माध्यम से हमारा देश और गरीब हो गया क्योंकि गरीब बनाना चाहते हैं गरीब यह सोचते हैं इनकी विचार ही गलत है कि गरीब जब जनता बनी रहेगी तभी हमें वोट देगी तभी भीड़ में खड़ी होगी जबकि भारतीय जनता पार्टी का सोचता नहीं भारतीय जनता पार्टी एक-एक व्यक्ति को मजबूत बना रही है आज हिंदुस्तान के 132 करोड़ देशवासी अपने आप को प्रधानमंत्री समझते हैं किसी भी गरीब व्यक्ति को अगर कोई पुलिस वाला या कोई कुछ गलत बोलता है तो वह तुरंत जवाब देता है कि आप मुझे गलत कैसे बोल सकते हैं वह दिन आ गया है हमारे हिंदुस्तान में यानी हमारा पूरा देश जागरूक हो गया है लेकिन थोड़ा सा क्षेत्रीय पार्टियों से बचना होगा अगर इस देश को विकसित देश बनना है तो देखिए महाराष्ट्र में कांग्रेस की चुनाव लड़ी थी भारतीय जनता पार्टी भी चुनाव लड़ी थी और शिवसेना भी लड़ी थी चुनाव एनसीपी भी लड़ी थी त्रिकोणीय श्रृंखला की सरकार बनी है तीन पहिए वाली सरकार बनी है अब बताइए तीन पहिए वाली जो सरकार है कितना दूर तक चल पाएगी कितना तेज चलेगी चल पाएगी कि नहीं चल पाएगी कि बीच में ही पंचर हो जाएगी कि बीच में ही उसका चक्का निकल के बाहर फेंका जाएगा क्या होगा अब तीनों पार्टी के लोग अपनी झोली भरेंगे उसमें एक नेशनल पार्टी है कांग्रेस पार्टी वह भी शामिल हो गए क्योंकि कांग्रेस पार्टी का एक ही मुद्दा है कि हमको किसी भी स्तर तक गिरना पड़ेगा तो हम गिरेंगे लेकिन बीजेपी की सरकार नहीं बनने देंगे लो 3:00 बजे दो पहिए वाले लोगों के साथ तुम भी मिलकर तीन पहिया लगा दो तुम राष्ट्रीय पार्टी के आदमी हो तुम्हें थोड़ा सा अच्छा सोचना चाहिए बड़ा सोच कर कार्य करना चाहिए आज कांग्रेस जानते हैं क्यों खत्म हो रही है क्योंकि कांग्रेस अपने से कम सीट पाने वाली पार्टी के साथ मिलकर उसकी सरकार बनवा देती है कुमार स्वामी जी बने आप देखेंगे कर्नाटका में वही स्थिति महाराष्ट्र में हुआ अब देखिए जब अगली बार विधानसभा का चुनाव होगा तो महाराष्ट्र से शिवसेना का नामोनिशान खत्म हो जाएगा थोड़ा बहुत इनसीपी रहेगी और वहां पर लड़ाई सिर्फ दो पार्टी में होगी कांग्रेस और बीजेपी में और वहां बीजेपी ही चुनाव जीतेगी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई थी तो कहने का मतलब है कि हमारे देश में जब दो राष्ट्रीय पार्टी आपस में लड़ती हैं तो अच्छा लगता है जब देशवासी उनकी बात करते हैं तो पूरे देश की बात करते हैं यानी राष्ट्रीय पार्टी की चर्चा होना भी देश को जागरूक करने के बराबर है देश को आगे बढ़ाने के बराबर है लेकिन कुछ क्षेत्रीय पार्टियां हैं चुनाव लड़ जाती हैं जैसे अपा पार्टी अब यादव सपा के पीछे दौड़ रहे हैं बसपा पार्टी हरिजन लोग बसपा के पीछे दौड़ रहे भैया किसी के पीछे दौड़ने की जरूरत नहीं है आप उसके पीछे दौड़ी जो देश का डेवलपमेंट करें भारतीय जनता पार्टी के पीछे दौड़ी अगर हरिजन लोगों को के लिए अगर इतना अच्छा काम किया होता किमती मायावती जी ने तो हरिजन लोग सबसे आगे बढ़ गए होते सबसे पैसे वाले बन गए होते लेकिन नहीं अगर यादों के लिए बहुत अच्छा कार्य करने की सोच रखते श्री मुलायम सिंह यादव तो यादव आज पूरे हिंदुस्तान में सबसे बड़े बन गया और ऐसी पार्टियों से बचना होगा कि जो सिर्फ एक जाति के लिए ही कार्य करती है तो यह गलत है हम कहते हैं कि अगर उत्तर प्रदेश की जनता 22 करोड़ आबादी है मां की आपको जनता ने वहां जिताया चुनाव तो 22 करोड़ लोगों की आप नेता हो अब आपको कार्य भाई करोड़ लोगों के लिए करना है आपको सिर्फ यादों के लिए नहीं करना है सिर्फ अफजल लोगों के लिए नहीं करना है सिर्फ अंजन यादव ने आपको नहीं जिताया है हो सकता है कि कुछ राजपूतों ने पंडितों ने मुस्लिमों ने आप को वोट दिया तो कहने का मतलब है कि क्षेत्रीय पार्टियां हैं इनसे हम सभी देशवासियों को बच के रहना होगा और जो 2 नेशनल पार्टी है उसमें भी हमें सोच समझकर वोट करना होगा हमें भारतीय जनता पार्टी जैसे पार्टी को वोट करना चाहिए क्योंकि भारतीय जनता पार्टी बिना भेदभाव की राजनीति करती है देश को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करती है देश को कैसे तरक्की दिलाया जाए उसके लिए सोचती है उसके लिए कार्य करती है लेकिन कांग्रेस पार्टी का सोच बिल्कुल अलग है देश को कैसे तोड़ा जाए देश को कैसे गरीब बनाया जाए देश को कैसे बेरोजगार अशिक्षित बनाया जाए यह कांग्रेस पार्टी की विचारधारा है जबकि बीजेपी देश को कैसे डेवलपमेंट कि देश में कैसे डेवलपमेंट किया जाए देश को कैसे विकसित बनाया जाए देश को कैसे शिक्षित बनाया जाए देश को कैसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनाया जाए तो क्या मतलब है राजनीतिक पार्टियों की संख्या हमारे देश में सीमित रहेगी तो जनता भ्रमित नहीं होगी और रही बात अगर राजनीतिक पार्टियों की संख्या सीमित नहीं होती है उसके बाद भी देश की जनता को भ्रमित नहीं होना चाहिए जो आपके लिए आपके देश के लिए अच्छा कार्य कर रहा है उसके लिए आप भी समर्पित रहिए भारतीय जनता पार्टी का मैं सपोर्ट करता हूं इसलिए करता हूं कि सबका साथ सबका विकास वाले मंत्र से बीजेपी कार्य करती है 132 करोड़ देशवासियों के लिए कार्य करती है उसमें कोई भेदभाव नहीं है आप सभी देशवासी भारतीय जनता पार्टी को वोट करिए कमल के फूल पर वोट करिए बिना भ्रमित हुए विश्वास मानिए आपका देश बहुत जल्दी शिक्षित बेरोजगार मुक्त मुक्त और अशिक्षा मुक्त और गरीबी मुक्त और दुनिया का सबसे शक्तिशाली सबसे ज्ञानवान और एक बार फिर से हिंदुस्तान को सोने की चिड़िया बोला जाएगा धन्यवाद

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