बैंकों के राष्ट्रीयकरण करने की क्या कंडीशन है?...


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Manish Bhargava

Trainer/ Mentor in Delhi education deptt.

1:07

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आपका प्रश्न है बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने की क्या कंडीशन है कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने के लिए ऐसी कोई पॉलिसी नहीं है फिलहाल की किसी बैंक को हम किसी विशेष कंडीशन में आने पर उसका राष्ट्रीयकरण कर दें ऐसा कुछ नहीं है वर्तमान में मारे बैंकिंग सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर अलग है और जिसकी अलग से एक इमेज है जो अपना लक काम करता है उनके लिए सी की पॉलिसी अभी गवर्नमेंट की तरफ से नहीं बनाएगी क्यों न कुछ विशेष कार्य किसी विशेष परिस्थिति में राष्ट्रीयकरण कर दिया जाए पर हमारे देश में दो बार बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ है वह उसके लिए अलग-अलग परिस्थितियों की सरकार के निर्णय लिए गए अलग-अलग आधार पर पूंजी के आधार पर के टोटल कैपिटल क्या है मार्केट में कई परिस्थितियों को देखते हुए गवर्नमेंट ने दो बार बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया तो वो अलग फैक्टर था मगर ऐसी कोई गवर्नमेंट की प्रॉपर पॉलिसी नहीं है कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण रेगुलर हो ऐसा कहीं कोई नियम नहीं है ना ही ऐसी कोई कंडीशन है प्राइवेट बैंकों का अपना एक अलग वजूद है यदि गवर्नमेंट को लगेगा क्या मैं राष्ट्रीयकरण करना है तो वह कर सकते हैं वह पर उनके हाथ में है इसलिए किसी पॉलिसी की जरूरत नहीं है

aapka prashna hai bankon ka rashtriyakaran karne ki kya condition hai ki bankon ka rashtriyakaran karne ke liye aisi koi policy nahi hai filhal ki kisi bank ko hum kisi vishesh condition mein aane par uska rashtriyakaran kar de aisa kuch nahi hai vartaman mein maare banking sector mein private sector alag hai aur jiski alag se ek image hai jo apna luck kaam karta hai unke liye si ki policy abhi government ki taraf se nahi banayegi kyon na kuch vishesh karya kisi vishesh paristithi mein rashtriyakaran kar diya jaaye par hamare desh mein do baar bankon ka rashtriyakaran hua hai vaah uske liye alag alag paristhitiyon ki sarkar ke nirnay liye gaye alag alag aadhar par punji ke aadhar par ke total capital kya hai market mein kai paristhitiyon ko dekhte hue government ne do baar bankon ka rashtriyakaran kiya toh vo alag factor tha magar aisi koi government ki proper policy nahi hai ki bankon ka rashtriyakaran regular ho aisa kahin koi niyam nahi hai na hi aisi koi condition hai private bankon ka apna ek alag wajood hai yadi government ko lagega kya main rashtriyakaran karna hai toh vaah kar sakte hain vaah par unke hath mein hai isliye kisi policy ki zarurat nahi hai

आपका प्रश्न है बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने की क्या कंडीशन है कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण करन

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