भारतीय संस्कृति का आधार क्या है?...


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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न किया भारतीय संस्कृत का आधार क्या है तो मैं आपको बता दूं भारतीय संस्कृत का आधा अपने माता-पिता अपने गुरुजनों का सम्मान करना पानी मात्र के लिए प्रेम रखना प्राणी मात्र के कल्याण की छा करना और पूरे विश्व को अपना परिवार मानना है भारतीय संस्कृति बहुत उदास है भारतीय संस्कृति में दिखी भारतीय संस्कृत पहले परिवार पर जोड़ दीजिए व्यक्ति पर जोर देती है परिवार पर जो दिमाग पर जोर देती है फिर विश्व देती है हमने जहां प्रो विद की गणना अर्थात यह मेरा है यह गाना छोटे देशों के लोग करते हैं उधार चलता नाम तू बस भाई होते हैं उनके लिए सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया सर्वे भद्राणि पश्यंतु मां कश्चित् सुखी हूं सभी लोग जरूर सभी कल्याण को देखें ईश्वर किसी को दुख ना दिखाई यह भारतीय संसद के उदाहरण है भारतीय संगीत का आधार यही है

apne prashna kiya bharatiya sanskrit ka aadhar kya hai toh main aapko bata doon bharatiya sanskrit ka aadha apne mata pita apne gurujanon ka sammaan karna paani matra ke liye prem rakhna prani matra ke kalyan ki cha karna aur poore vishwa ko apna parivar manana hai bharatiya sanskriti bahut udaas hai bharatiya sanskriti me dikhi bharatiya sanskrit pehle parivar par jod dijiye vyakti par jor deti hai parivar par jo dimag par jor deti hai phir vishwa deti hai humne jaha pro with ki ganana arthat yah mera hai yah gaana chote deshon ke log karte hain udhaar chalta naam tu bus bhai hote hain unke liye survey bhavantu sukhinah survey santu niramaya survey bhadrani pashyantu maa kashchit sukhi hoon sabhi log zaroor sabhi kalyan ko dekhen ishwar kisi ko dukh na dikhai yah bharatiya sansad ke udaharan hai bharatiya sangeet ka aadhar yahi hai

अपने प्रश्न किया भारतीय संस्कृत का आधार क्या है तो मैं आपको बता दूं भारतीय संस्कृत का आधा

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारतीय संस्कृति से तात्पर्य है बे परंपराएं जो हमारे युगों से हमारे पूर्वजों के द्वारा चालू की गई है और हम उनका अनुमान करते चले आ रहे हैं इसका चार सहानुभूति संवेदना या प्रेम यम्मा यह आप पर आधारित हमारी भारतीय संस्कृति रही है सादा जीवन उच्च विचार इसका एक मुख्य आधार रहा था हम लोग वस्तुस्थिति से हमेशा ही अवगत रहे यथार्थ सत्य को हमने स्वीकार किया है हमने कभी यथार्थ सत्य से हम पश्चिम की तरफ भागी नहीं है हम लोगों ने कभी पश्चिम की संस्कृति की तरह मुखौटा लगाकर के बातें लिखी है जो यहां कहा जाता है वही मन में होता है जबकि पश्चिम संस्कृति ने बाप को बढ़ावा दिया है आदर्शवाद से एकदम विपरीत है आदर्शवाद हमारी भारतीय संस्कृति के मुख्य आधार तत्वों में से एक है तो इस प्रकार से भारतीय संस्कृति युग युग से एक अपनी संस्कृति रही है और रहेगी किंतु आ रहा बड़ा दुर्भाग्य का विषय है कि आज की जो न्यूज़ नेशन है वह पश्चिमी संस्कृति को आधार मानकर की पश्चिमी संस्कृति की दीवानी बन कर के अंधे की तरह उसके पीछे भाग रही है जबकि युवाओं से भारतीय संस्कृति की ममता के कारण से सारे विश्व के 9 वाट की संस्कृति को बड़ी आशा भरी नजरों से देखते हैं

bharatiya sanskriti se tatparya hai be paramparayen jo hamare yugon se hamare purvajon ke dwara chaalu ki gayi hai aur hum unka anumaan karte chale aa rahe hain iska char sahanubhuti samvedana ya prem yamma yah aap par aadharit hamari bharatiya sanskriti rahi hai saada jeevan ucch vichar iska ek mukhya aadhaar raha tha hum log vastusthiti se hamesha hi avgat rahe yatharth satya ko humne sweekar kiya hai humne kabhi yatharth satya se hum paschim ki taraf bhaagi nahi hai hum logo ne kabhi paschim ki sanskriti ki tarah mukhauta lagakar ke batein likhi hai jo yahan kaha jata hai wahi man mein hota hai jabki paschim sanskriti ne baap ko badhawa diya hai adarshwad se ekdam viprit hai adarshwad hamari bharatiya sanskriti ke mukhya aadhaar tatvon mein se ek hai toh is prakar se bharatiya sanskriti yug yug se ek apni sanskriti rahi hai aur rahegi kintu aa raha bada durbhagya ka vishay hai ki aaj ki jo news nation hai vaah pashchimi sanskriti ko aadhaar maankar ki pashchimi sanskriti ki deewani ban kar ke andhe ki tarah uske peeche bhag rahi hai jabki yuvaon se bharatiya sanskriti ki mamata ke karan se saare vishwa ke 9 watt ki sanskriti ko badi asha bhari nazro se dekhte hain

भारतीय संस्कृति से तात्पर्य है बे परंपराएं जो हमारे युगों से हमारे पूर्वजों के द्वारा चालू

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