साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने के बाद रक्षा पैनल से बाहर कर दिया, क्या जल्द ही भाजपा से भी निकाल दिया गया उनको?...


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Rahul Agrawal

Career Counsellor

0:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर साध्वी प्रज्ञा इसी तरीके से पार्टी निर्देशों को मानने से मना करेंगे और इस तरीके से पार्टी में देशों के खिलाफ बयानबाजी करेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब साध्वी प्रज्ञा को भाजपा से भी निकाला जाएगा नरेंद्र मोदी ने इतनी बार साध्वी प्रज्ञा जैसे नेताओं को चेतावनी दी है कि आप अपनी बयान भाइयों को लेकर अपने बयानों को लेकर सतर्क रहें क्या बोलना है वह सोच समझकर बोले लेकिन उसके बाद भी साध्वी प्रज्ञा ने जिस तरीके से नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया भाजपा कोर प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी को भी बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा और इसी वजह से इसी वजह से उन्हें संसदीय दल की जो मीटिंग होती है छुपा ले मेंट्री पार्टी की जो मीटिंग होती है उससे भी बाहर किया गया है तो साफ संदेश देना चाहती है भाजपा की अगर आप पार्टी निर्देशों का पालन नहीं करोगे तो आप के खिलाफ सख्त एक्शन लिए जाएंगे तो देखना होगा आने वाले समय में साध्वी प्रज्ञा क्या माफी मांगती है या क्या होता है क्या नहीं होता

dekhiye agar sadhvi pragya isi tarike se party nirdeshon ko manne se mana karenge aur is tarike se party mein deshon ke khilaf bayanbazi karenge toh vaah din dur nahi jab sadhvi pragya ko bhajpa se bhi nikaala jaega narendra modi ne itni baar sadhvi pragya jaise netaon ko chetavani di hai ki aap apni bayan bhaiyo ko lekar apne bayanon ko lekar satark rahein kya bolna hai vaah soch samajhkar bole lekin uske baad bhi sadhvi pragya ne jis tarike se nathuram godse ko deshbhakt bataya bhajpa core prime minister narendra modi ko bhi bilkul bhi accha nahi laga aur isi wajah se isi wajah se unhe sansadiya dal ki jo meeting hoti hai chupa le mentri party ki jo meeting hoti hai usse bhi bahar kiya gaya hai toh saaf sandesh dena chahti hai bhajpa ki agar aap party nirdeshon ka palan nahi karoge toh aap ke khilaf sakht action liye jaenge toh dekhna hoga aane waale samay mein sadhvi pragya kya maafi mangati hai ya kya hota hai kya nahi hota

देखिए अगर साध्वी प्रज्ञा इसी तरीके से पार्टी निर्देशों को मानने से मना करेंगे और इस तरीके

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साध्वी प्रज्ञा भारती बार-बार पार्टी विरोधी लाइन की जा रही है और गोडसे को देशभक्त बता रही है जिसके कारण सभी भारतीय जनता पार्टी करते हो को लेकर चल रही है और संभावना है कि अगर वह तो पार्टी होने बाहर का रास्ता भी दिखा सकती है

sadhvi pragya bharati baar baar party virodhi line ki ja rahi hai aur godse ko deshbhakt bata rahi hai jiske karan sabhi bharatiya janta party karte ho ko lekar chal rahi hai aur sambhavna hai ki agar vaah toh party hone bahar ka rasta bhi dikha sakti hai

साध्वी प्रज्ञा भारती बार-बार पार्टी विरोधी लाइन की जा रही है और गोडसे को देशभक्त बता रही ह

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त करने के बाद रक्षा तकनीकों से बाहर कर दिया क्या जल्दी भाजपा से निकाल दिया गया उनको कितना यह है कि जो सिर्फ नेता है बीजेपी के उन्होंने अपना जो सहमति नहीं दिखाइए शादी प्रज्ञा के बातों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं वह सभी प्रज्ञा क्या खुद के बयान हो सकते हैं और कुत्ते विचार हो सकते हैं इस तरह से मोदी जी ने भी काफी विरोध और करती हो गुस्सा भी दिखाना से और कोई भी पार्टी कोई एक सदस्य की तानों से संसद में जो इस तरह का विधान अगर किया है तो उसको भले ही रखो से निकाल दिया है लेकिन बीजेपी को इसके लिए काफी विरोध का सामना यहां तक कि वह कॉल भी विरोध पक्षों ने किया संसद में ऐसी बातें समाचार टीवी न्यूज़ चैनल और अखबार के अनुसार जो अभी प्रज्ञा को संसद सदस्य संसद में ऐसे एमपी दे देंगे फिर बाद में इस तरह से वह अलग हो जाएंगे और अभी रक्षा पैनल से तो बाहर कर ही दिया गया और आगरा पत्र संसद में से दे देती हैं तो फिर वह बीजेपी करके उसके बाद वह बाहर निकाल दिया जाएगा ऐसा लगता है समाचार माध्यमों की से धन्यवाद

sadhvi pragya ne nathuram godse ko deshbhakt karne ke baad raksha taknikon se bahar kar diya kya jaldi bhajpa se nikaal diya gaya unko kitna yah hai ki jo sirf neta hai bjp ke unhone apna jo sahmati nahi dikhaaiye shadi pragya ke baaton se iktefaak nahi rakhte hain vaah sabhi pragya kya khud ke bayan ho sakte hain aur kutte vichar ho sakte hain is tarah se modi ji ne bhi kaafi virodh aur karti ho gussa bhi dikhana se aur koi bhi party koi ek sadasya ki tanon se sansad mein jo is tarah ka vidhan agar kiya hai toh usko bhale hi rakho se nikaal diya hai lekin bjp ko iske liye kaafi virodh ka samana yahan tak ki vaah call bhi virodh pakshon ne kiya sansad mein aisi batein samachar TV news channel aur akhbaar ke anusaar jo abhi pragya ko sansad sadasya sansad mein aise mp de denge phir baad mein is tarah se vaah alag ho jaenge aur abhi raksha panel se toh bahar kar hi diya gaya aur agra patra sansad mein se de deti hain toh phir vaah bjp karke uske baad vaah bahar nikaal diya jaega aisa lagta hai samachar maadhyamon ki se dhanyavad

साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त करने के बाद रक्षा तकनीकों से बाहर कर दिया क्या

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pervs

Tutor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आइए जैसलमेरी बड़ा वाला क्वेश्चन है शादी पंजाबी नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने के बाद अच्छा पैनल से बाहर कर दिया कि जल्दी भाजपा से भी निकाल दिया जाएगा तो मैं आपको बता दूं यह जो प्रज्ञा ठाकुर है इसको सांसद ही बनाना नहीं चाहिए से सांसद पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ऐसी बात कहने के लिए और सबसे पहले एक बात बता दूं यह क्यों महात्मा गांधी को जो सत्य और अहिंसा पर चलने वाले जो व्यक्ति थे उनको यह मतलब देशभक्त नहीं मानते हैं जो हिंसा के बल पर जितने हिंसा की उस कोई देशभक्त मानते हैं तो इनसे बड़ा टेरेरिस्ट तो देश में कोई है ही नहीं इनको बीजेपी से ही नहीं उसको तो देते ही निराकरण कर देना चाहिए और उसको बेदखल कर देना चाहिए सभी जगह से इसका संसद इस्तीफा पत्र ले लेना चाहिए और इसके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए सरकार और सुप्रीम कोर्ट के द्वारा और और बीजेपी को एक को निकाल देना चाहिए पूरी तरह से यह देश पार्टी में नहीं रहनी चाहिए देश में ही नहीं जानी चाहिए

aaiye jaisalmeri bada vala question hai shadi punjabi nathuram godse ko deshbhakt kehne ke baad accha panel se bahar kar diya ki jaldi bhajpa se bhi nikaal diya jaega toh main aapko bata doon yah jo pragya thakur hai isko saansad hi banana nahi chahiye se saansad pad se istifa de dena chahiye aisi baat kehne ke liye aur sabse pehle ek baat bata doon yah kyon mahatma gandhi ko jo satya aur ahinsa par chalne waale jo vyakti the unko yah matlab deshbhakt nahi maante hain jo hinsa ke bal par jitne hinsa ki us koi deshbhakt maante hain toh inse bada terrorist toh desh mein koi hai hi nahi inko bjp se hi nahi usko toh dete hi nirakaran kar dena chahiye aur usko bedakhal kar dena chahiye sabhi jagah se iska sansad istifa patra le lena chahiye aur iske upar kadi karyawahi ki jani chahiye sarkar aur supreme court ke dwara aur aur bjp ko ek ko nikaal dena chahiye puri tarah se yah desh party mein nahi rehni chahiye desh mein hi nahi jani chahiye

आइए जैसलमेरी बड़ा वाला क्वेश्चन है शादी पंजाबी नाथूराम गोडसे को देशभक्त कहने के बाद अच्छा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जो भी साध्वी प्रज्ञा द्वारा कहा गया है महात्मा गांधी के बारे में वह बहुत ही निंदनीय बहुत ही गलत है वह भी संसद जैसी जगह में जहां पर नीतियां बनती हैं लोगों की भलाई के लिए योजनाएं बनती है कानून बनते हैं उस जगह पर ऐसी बात कहना एक ऑफिस एक ऑफिशियल जगह पर अधिकृत सांसद होकर संसद में यह बात बात कहना एक अंडे में करने लायक है और ऐसी बातों को जो है बढ़ने से रोकना चाहिए तो यह बाहर निकाला गया है जो संसद की रक्षा समिति से एक डिफेंस कमिटी बनी थी उसे ने बाहर किया गया है इस तरह की बातें कतई उचित नहीं कही जा सकती अगर आपको गांधी जी से के विचारों से अगर उनके इसी विचार से असहमति है तो आलोचना करने का अधिकार है लेकिन आप किसी महापुरुष की हत्या को जायज ठहरा दें और उसकी उसको जस्टिफाई करें यह किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता आप किसी भी महापुरुष के किसी विचार से उसके किसी सिद्धांत से सहमत नहीं उसके जो आदर्श थे उसके सिद्धांत थे किसी महापुरुष की उन सिद्धांतों उन विचारों से अगर आप सहमत नहीं है तो असहमत हो सकते हैं और उनकी उसकी उच्च विचार की आलोचना कर सकते हैं उस आईडियोलॉजी की उस विचारधारा की आलोचना कर सकते लेकिन आप अगर महापुरुष की आलोचना करें तो यह कतई जो है न्याय संगत नहीं है कतई उचित नहीं है आप किसी महापुरुष की हत्या आप उसकी विचारों को गलत ठहरा दीजिए कोई समस्या नहीं लेकिन किसी महापुरुष की हत्या को आप जस्टिफाई करें यह बहुत ही निंदनीय है ऐसा किसी को करने का हक नहीं है और ऐसा किसी को अधिकार नहीं है इसके लिए जो भी जरूरी कदम उठाए जाएं ऐसे लोगों के लिए ऐसे व्यक्तियों के लिए उठाए जाने चाहिए सत्य कदम आज जिस पार्टी से हैं उस पार्टी द्वारा या जो भी जिस भी पार्टी से कोई व्यक्ति ऐसी बात महापुरुषों के लिए कहता है जिन्होंने बड़े योगदान दिए हमारी देश की आजादी के लिए आप उसी की हत्या को जायज ठहरा है तो यह किसी भी पार्टी का जो है नेता हो उसके लिए सख्त कदम जो है उठने चाहिए और रही बात विरोध की ही तो आलोचना आप कर सकते हैं किसी भी महापुरुष के किसी भी विचार की और उस पर विमर्श भी कर सकते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप किसी की हत्या को जस्टिफाई करें और प्रसारित और प्रचारित करें यह बिल्कुल भी उचित नहीं है और महात्मा गांधी जिन्होंने स्वतंत्रता में इतना बड़ा योगदान दिया जिनके नेतृत्व में इतने बड़े बड़े आंदोलन चलाए गए अब उनके लिए ऐसा नहीं बोल सकते और हमारे देश की यह हो महात्मा गांधी एक बहुत बड़े ऊंची हैं उनकी विचार उनके सब कुछ तो हाला हाला की कोई भी महापुरुष हो सकता है कई मायनों में किसी भी स हो सकता है किसी संप्रदाय के लिए किसी वर्ग के लिए वह गलत हो उनके कुछ विचार गलत हूं लेकिन पूरा व्यक्ति समग्र रूप से गलत नहीं हो सकता और वह व्यक्ति महापुरुष तो इस तरह से किसी की हत्या को और उसके हत्यारी को अगर आप इस तरह से महिमामंडित करेंगे तो यह भारत जैसे देश में ही अच्छी बात नहीं है भारत की ऐसी संस्कृति नहीं रही है और कुछ ही लोग हैं जो हमारे विश्व में जो है यह महा गांधी जैसे महापुरुष पूरे विश्व में जो है पूछे जाते हैं उनकी विचार उनकी विचारधारा को पूरे विश्व के लोगों द्वारा अपनाया गया है कई सारे लोकतंत्र में हमारे गांधी जी को उनके विचारों को अपनाया गया है अब और खुद के ही देश में अगर उनके बारे में इस तरह की बातें हो तो यह उचित नहीं होता है हालांकि आलोचनाओं की छूट होनी चाहिए कि आप एक स्वस्थ आलोचना कर सकते हैं लेकिन आप किसी महापुरुष की किसी हत्या जैसी जो है किन्नेल एक्टिविटीज को आप जस्टिफाई और महिमामंडित नहीं कर सकते यह वह घोर निंदनीय बात है और ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

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देखिए जो भी साध्वी प्रज्ञा द्वारा कहा गया है महात्मा गांधी के बारे में वह बहुत ही निंदनीय

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