उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों को कैसे किया चित?...


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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

काराकस में उद्धव ठाकरे ने अपने विरोधियों को कैसे किया चित्र देखे यहां पर राजेश की एक ऐसी चीज है जो किसी के समझ से परे है यहां पर जो धुर विरोधी होते हैं वह एक साथ आ जाते हैं आज जो अपने होते हैं वह पराए हो जाते हैं कुर्ती के सत्ता का मोह एक ऐसी चीज होती है कि जो अच्छे अच्छो को परिवर्तित होते हुए देखना देती है आपकी क्या राय है इस बारे में समझ सकता हूं पर आ जाओ जाहिर करें मैं शुभकामनाएं आपके साथ हूं

karakas me uddhav thakare ne apne virodhiyon ko kaise kiya chitra dekhe yahan par rajesh ki ek aisi cheez hai jo kisi ke samajh se pare hai yahan par jo dhur virodhi hote hain vaah ek saath aa jaate hain aaj jo apne hote hain vaah parae ho jaate hain kurtee ke satta ka moh ek aisi cheez hoti hai ki jo acche accho ko parivartit hote hue dekhna deti hai aapki kya rai hai is bare me samajh sakta hoon par aa jao jaahir kare main subhkamnaayain aapke saath hoon

काराकस में उद्धव ठाकरे ने अपने विरोधियों को कैसे किया चित्र देखे यहां पर राजेश की एक ऐसी च

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:26

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों को कैसे किया चित्र विकी उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों को चित फिलहाल तो कर दिया है लेकिन उन्होंने पब्लिक नोटिस में बहुत ही बड़ा जो अपनी पार्टी को लाकर खड़ा कर दिया है क्योंकि उनको मिनट मिला था महाराष्ट्र की जनता ने मैंडेट दिया था कि बीजेपी के साथ सरकार बनाएं लेकिन उन्होंने विवाद खड़े किए और 5050 का फार्मूला उन्होंने रख लिया जो किसी भी तरीके से सीट खाली है बीजेपी को नहीं होना था नहीं होना चाहिए बिल्कुल लेकिन उसके बाद उन्होंने जो घोर विरोधी पार्टी है कांग्रेस के साथ और एनसीपी के शरद पवार साहब के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया और खुद वह मुख्यमंत्री के रूप में पेश हो गए और स्वीकार कर लिया तो एक तरफ से कहा जाए कि अपने आप में एक बड़ा और सेना का चेहरा खुलकर सामने आ गया है बाला साहब ठाकरे की बात बिल्कुल अलग थी और उद्धव ठाकरे की बात बिल्कुल उसके विपरीत उन्होंने अपने ही हाथ से अपने कर्म से शिवसेना को आगे चलकर भविष्य में बहुत ही झेलना पड़ेगा हो सकता है कि सरकार बना ली लेकिन सरकार को चलाना बहुत ही मुश्किल होगा और उद्धव ठाकरे की भविष्य में बहुत ही किरकिरी होने की भी संभावना है क्योंकि जिसके विरुद्ध में चुनाव लड़े थे बड़े-बड़े भाषण दिए थे और उसी के साथ मिलकर सरकार बनाना यह बहुत ही अजीब आम जनता को लगेगा इसलिए उनकी विश्वसनीयता को उन्होंने अपनी पार्टी की विश्वसनीयता को अपनी पार्टी की विचारधारा को उन्होंने पब्लिक के सामने एक तरह से कटघरे में रख दिया अब आने वाले चुनाव में वह किस मुंह से वोट मांगने जाएंगे और कैसे-कैसे बातों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि यह तीन पार्टी की सरकार अपना पूरा इसके कार्यकाल पूरा कर पाएगी यह कहना अभी समय से पहले होगा हो सकता है कि दिल्ली सरकार है वह फिर से चुनाव कराने की राज्यपाल की अगर रिपोर्ट आई और यह सरकार अगर खींचातानी चली तो भविष्य में फिर से चुनाव महाराष्ट्र में होते दिख रहे हैं लेकिन समय से पहले कुछ कहना मुश्किल होता है लेकिन फिलहाल उद्धव ठाकरे अपने सियासी विरोधियों को उन्होंने शिफ्ट कर दिया है वह एक्टर के रूप में लैट्रिन डायरेक्टर स्थित शरद पवार माने जाएंगे धन्यवाद

uddhav thakare ne apne siyasi virodhiyon ko kaise kiya chitra vicky uddhav thakare ne apne siyasi virodhiyon ko chit filhal toh kar diya hai lekin unhone public notice mein bahut hi bada jo apni party ko lakar khada kar diya hai kyonki unko minute mila tha maharashtra ki janta ne maindet diya tha ki bjp ke saath sarkar banaye lekin unhone vivaad khade kiye aur 5050 ka formula unhone rakh liya jo kisi bhi tarike se seat khaali hai bjp ko nahi hona tha nahi hona chahiye bilkul lekin uske baad unhone jo ghor virodhi party hai congress ke saath aur ncp ke sharad power saheb ke saath milkar sarkar banaane ka faisla liya aur khud vaah mukhyamantri ke roop mein pesh ho gaye aur sweekar kar liya toh ek taraf se kaha jaaye ki apne aap mein ek bada aur sena ka chehra khulkar saamne aa gaya hai bala saheb thakare ki baat bilkul alag thi aur uddhav thakare ki baat bilkul uske viprit unhone apne hi hath se apne karm se shivsena ko aage chalkar bhavishya mein bahut hi jhelna padega ho sakta hai ki sarkar bana li lekin sarkar ko chalana bahut hi mushkil hoga aur uddhav thakare ki bhavishya mein bahut hi kirkiri hone ki bhi sambhavna hai kyonki jiske viruddh mein chunav lade the bade bade bhashan diye the aur usi ke saath milkar sarkar banana yah bahut hi ajib aam janta ko lagega isliye unki visvasaniyata ko unhone apni party ki visvasaniyata ko apni party ki vichardhara ko unhone public ke saamne ek tarah se katghare mein rakh diya ab aane waale chunav mein vaah kis mooh se vote mangne jaenge aur kaise kaise baaton ka samana karna padega kyonki yah teen party ki sarkar apna pura iske karyakal pura kar payegi yah kehna abhi samay se pehle hoga ho sakta hai ki delhi sarkar hai vaah phir se chunav karane ki rajyapal ki agar report I aur yah sarkar agar khinchatani chali toh bhavishya mein phir se chunav maharashtra mein hote dikh rahe hain lekin samay se pehle kuch kehna mushkil hota hai lekin filhal uddhav thakare apne siyasi virodhiyon ko unhone shift kar diya hai vaah actor ke roop mein latterin director sthit sharad power maane jaenge dhanyavad

उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों को कैसे किया चित्र विकी उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी व

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका कहना है कि उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों को कैसे चित किया देखे मैं आपको बता देना चाहता हूं उठाओ ठाकरे ने किसी को भी नहीं किया है बल्कि उद्धव ठाकरे ने शिवसेना को ऐसे गलत जगह ढकेल दिया है जिसका खामियाजा शिवसेना पार्टी को आने वाले चुनाव में भुगतना पड़ेगा शिवसेना बालासाहेब ठाकरे के नाम से जानी जाती है बालासाहेब ठाकरे ने एक बार बोला था कि अगर हमारी पार्टी किसी पार्टी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ती है कि जिस पार्टी के विधायक सबसे अधिक जीतकर आएंगे उसी पार्टी का कोई मुख्यमंत्री बनेगा शिवसेना ने ऐसा नहीं किया शिवसेना अपने विरोधियों से मिल गई एनसीपी और कांग्रेस पार्टी से इसमें नुकसान ना तो बीजेपी का होगा ना कांग्रेस का हुआ है एनसीपी का हुआ है इसमें सबसे बड़ा नुकसान शिवसेना का होगा क्योंकि शिवसेना को महाराष्ट्र की जनता बहुत पसंद करती थी वहां के हिंदू पसंद करते थे लेकिन इन शिवसेना के दो प्रमुख उद्धव ठाकरे साहब यह सत्ता के लालच में चकनाचूर हो गए और यह अंधे हो गए हैं तो जब कोई व्यक्ति अंधा हो जाता है जब वह रास्ते पर चलेगा तो सिर्फ ठोकर पक्का लगेगी थोड़ा देर लगेगा लेकिन ठोकर लगेगी भारतीय जनता पार्टी ने किनारा करके बहुत ही अच्छा काम किया है भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र में विपक्ष में रहेगी और विपक्ष में रहकर इन तीनों पार्टियों को सबक सिखाएगी अब एक जाल में सभी राष्ट्र विरोधी पार्टियां फस गई है अब इन सभी को जेल भेजना आसानी होगा और यह लोग जल जाएंगे चाहे एनसीपी के शरद पवार जी हूं चाहे कांग्रेस पार्टी के लीडर हूं यह सभी लोग जल जाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं है हम सभी भारतवासियों को प्रधानमंत्री मोदी जी के ऊपर अपना विश्वास बना के रखना चाहिए क्योंकि मोदी जी के माध्यम से ही हमारे देश से धारा 370 का खात्मा हुआ राम मंदिर का फैसला आया तीन तलाक का कानून बना और पाकिस्तान के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक हुई हमें यह भूलना नहीं चाहिए 500 साल पुराना केस मोदी जी ने चालू कराया यह कोई साधारण बात नहीं है हम सभी भारत वासियों का कुछ कर्तव्य बनता है दायित्व बनता है जिम्मेदारी बनती है कि हम लोग मोदी जी का साथ दें मोदी जी का समर्थन करें और हर पल हर वक्त भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में वार्तालाप करें तभी हमारा देश आगे बढ़ेगा तरक्की करेगा धन्यवाद

aapka kehna hai ki uddhav thakare ne apne siyasi virodhiyon ko kaise chit kiya dekhe main aapko bata dena chahta hoon uthao thakare ne kisi ko bhi nahi kiya hai balki uddhav thakare ne shivsena ko aise galat jagah dhakel diya hai jiska khamiyaja shivsena party ko aane waale chunav mein bhugatna padega shivsena balasaheb thakare ke naam se jani jaati hai balasaheb thakare ne ek baar bola tha ki agar hamari party kisi party ke saath gathbandhan karke chunav ladati hai ki jis party ke vidhayak sabse adhik jeetkar aayenge usi party ka koi mukhyamantri banega shivsena ne aisa nahi kiya shivsena apne virodhiyon se mil gayi ncp aur congress party se isme nuksan na toh bjp ka hoga na congress ka hua hai ncp ka hua hai isme sabse bada nuksan shivsena ka hoga kyonki shivsena ko maharashtra ki janta bahut pasand karti thi wahan ke hindu pasand karte the lekin in shivsena ke do pramukh uddhav thakare saheb yah satta ke lalach mein chakanachur ho gaye aur yah andhe ho gaye hain toh jab koi vyakti andha ho jata hai jab vaah raste par chalega toh sirf thokar pakka lagegi thoda der lagega lekin thokar lagegi bharatiya janta party ne kinara karke bahut hi accha kaam kiya hai bharatiya janta party maharashtra mein vipaksh mein rahegi aur vipaksh mein rahkar in teenon partiyon ko sabak sikhaegi ab ek jaal mein sabhi rashtra virodhi partyian fas gayi hai ab in sabhi ko jail bhejna aasani hoga aur yah log jal jaenge chahen ncp ke sharad power ji hoon chahen congress party ke leader hoon yah sabhi log jal jaenge isme koi do rai nahi hai hum sabhi bharatvasiyon ko pradhanmantri modi ji ke upar apna vishwas bana ke rakhna chahiye kyonki modi ji ke madhyam se hi hamare desh se dhara 370 ka khatma hua ram mandir ka faisla aaya teen talak ka kanoon bana aur pakistan ke upar surgical strike hui hamein yah bhoolna nahi chahiye 500 saal purana case modi ji ne chaalu karaya yah koi sadhaaran baat nahi hai hum sabhi bharat vasiyo ka kuch kartavya banta hai dayitva banta hai zimmedari banti hai ki hum log modi ji ka saath dein modi ji ka samarthan karen aur har pal har waqt bharatiya janta party ke paksh mein vartalaap karen tabhi hamara desh aage badhega tarakki karega dhanyavad

आपका कहना है कि उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों को कैसे चित किया देखे मैं आपको बता दे

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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उद्धव ठाकरे सामने अपनी सियासी विरोधियों को पराजित नहीं किया है अभी तो यह मान के चलिए उन्होंने अपना विश्वास खो दिया है जिसका दुष्परिणाम आप देख लेना अगले चुनाव में आपको निश्चित रूप से ज्ञात होगा क्योंकि किसी के दुष्परिणाम सामने कभी नहीं आते हैं वह तो चुनाव में आते हैं एमएलए चुनाव में देख लेना उनकी वही स्थिति बनेगी जो कांग्रेसियों की आज बनी हुई इस प्रकार कांग्रेस आज जो 70 साल जनों ने राज किया वह पार्टियां हंसी पर खड़ी हुई है उसके वजूद के लिए संघर्ष कर रही है भाई सभी लोग विश्वास खो देने के कारण शिवसेना की बन जाएगी

uddhav thakare saamne apni siyasi virodhiyon ko parajit nahi kiya hai abhi toh yah maan ke chaliye unhone apna vishwas kho diya hai jiska dushparinaam aap dekh lena agle chunav mein aapko nishchit roop se gyaat hoga kyonki kisi ke dushparinaam saamne kabhi nahi aate hain vaah toh chunav mein aate hain mla chunav mein dekh lena unki wahi sthiti banegi jo congressiyo ki aaj bani hui is prakar congress aaj jo 70 saal jano ne raj kiya vaah partyian hansi par khadi hui hai uske vajuud ke liye sangharsh kar rahi hai bhai sabhi log vishwas kho dene ke karan shivsena ki ban jayegi

उद्धव ठाकरे सामने अपनी सियासी विरोधियों को पराजित नहीं किया है अभी तो यह मान के चलिए उन्हो

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टिकी आपसे सवाल पूछा है कि उद्धव ठाकरे ने अपने विरोधियों को यह सियासी विरोधियों को कैसे किया चित मैं आपको बताना चाहूंगा कि उद्धव ठाकरे ने अपनी सियासी विरोधियों को चित नहीं किया है बल्कि उन्होंने अपनी सियासी विरोधियों से हाथ मिलाया है पहली बार यहां शिफ्ट ने अपनी सियासी विरोधियों को साथ मिलकर जो है सरकार बना रही है और उसने 30 साल से उसके साथ ही बीजेपी को ही विपक्ष में दिल गया है यह मैं कह सकता हूं क्योंकि जिन बैंडिट मिला था वह बीजेपी और शिवसेना को मिला था लेकिन इसका कुछ रीजन है कुछ कारण है और उनमें से एक मुख्य कारण यह है कि बीजेपी की इतिहास रहिए आप जानते होंगे बीजेपी कैसी राजनीतिक पार्टी है जो यदि किसी के साथ में हाथ मिलाती है तो एक समय पर वह उसके साथ रहती है लेकिन जब उस राज्य में बीजेपी ताकत और बन जाती है तो फिर उस पार्टी को भी एक प्रकार से यह तो खत्म कर देती है या फिर कमजोर कर देती है और उद्धव ठाकरे को इस बात का अहसास हो चुका था कि एक समय एक दौर ऐसा था जब सामने जो शीतला का संपादन किया था उसमें जब कुछ भी सीरियस ले ऐसे लिखा जाता था कोई भी ऐसी बात खुलकर शिवसेना बीजेपी के ऊपर कहती थी जिसके जरिए उसके ऊपर सवाल भी उठाती थी तो बीजेपी के नेताओं से बहुत चीजें महाराष्ट्र में बीजेपी मजबूत होती जा रही थी और देवेंद्र फडणवीस का नाम बदला जा रहा था तो सामना में जो भी कुछ भी शिवसेना ने लिखा और 150 स्टीफिना निशु की बात सामने में कई बीजेपी उस पर इतना ध्यान दे दी रोटी कम से कम पीएम मोदी और अमित शाह तो बिल्कुल नहीं दे रहे थे और उसके बाद आपने दिखा दो कि लोकसभा चुनाव के समय जो अभी लोकसभा चुनाव संपन्न हुई थी उसके समय बीजेपी और शिवसेना के बीच में काफी संख्या भी बढ़ गई थी तो उस चीज को लेते हुए यह उचित को ध्यान में रखते हुए उद्धव ठाकरे को लाकर उनकी राजनीति जो है वह अब आप खतरे में आ गई है और उसके बाद जो बीजेपी ने हिंदुत्व का मुद्दा बनाया है उस प्रकार से शिवसेना भी हिंदुत्व को अपना अपना बुद्धा बताती है यह तीसरा कारण मैं आपको बता रहा हूं तो यह मुद्दा भी उद्धव ठाकरे के हाथ से ज्यादा व लग रहा था इसलिए जब लोकसभा चुनाव के बाद भी विधानसभा चुनाव आए यहां उद्धव ठाकरे यह चाहते थे कि किसी भी प्रकार से वह सत्ता में आए और एक प्रकार से बीजेपी को दाता खेड़ी पीछे धकेलने का मौका मिले और यह मौका ताड़ दिन वह कामयाब रहे जब उठाई साल के मुख्यमंत्री वाली पद पर बात नहीं बनी की धारिता के मुख्यमंत्री के पद है वह जो है वह शेयर होगा ढाई साल के शेर होगा तो उसके बच्चे बात नहीं बनी उसके बाद बीजेपी के साथ उद्धव ठाकरे ने नाता तोड़ लिया और तीन ऐसे पाटिया एक साथ है जिनकी सोच या विचारधारा एक साथ नहीं मिलती इसलिए मैं कहता हूं कि उद्धव ठाकरे ने अपनी राजनीति बचाने के लिए तरस ले अपने राजनीतिक विरोधियों के सामने हाथ उनके साथ मिलाया है ना कि उनको बाहर आए हैं और बीजेपी जो उसकी बहुत ही अच्छी शादी हुआ करती थी उसे विपक्ष में उद्धव ठाकरे ने कुल मिलाकर की राजनीति बचाने के लिए काम किया है और वैज्ञानिक था कि यदि जनता से समझ जाएगी तो शायद उद्धव ठाकरे को उसके नुकसान होता है या फिर अब कांग्रेस चुनाव कॉमन मिनिमम प्रोग्राम की बात कर रहे हैं जो एक साथ आए हैं तो बीजेपी को क्या पता यह महाराष्ट्र में कमजोर कर सकते हैं धन्यवाद

tiki aapse sawaal poocha hai ki uddhav thakare ne apne virodhiyon ko yah siyasi virodhiyon ko kaise kiya chit main aapko bataana chahunga ki uddhav thakare ne apni siyasi virodhiyon ko chit nahi kiya hai balki unhone apni siyasi virodhiyon se hath milaya hai pehli baar yahan shift ne apni siyasi virodhiyon ko saath milkar jo hai sarkar bana rahi hai aur usne 30 saal se uske saath hi bjp ko hi vipaksh mein dil gaya hai yah main keh sakta hoon kyonki jin bandit mila tha vaah bjp aur shivsena ko mila tha lekin iska kuch reason hai kuch karan hai aur unmen se ek mukhya karan yah hai ki bjp ki itihas rahiye aap jante honge bjp kaisi raajnitik party hai jo yadi kisi ke saath mein hath milati hai toh ek samay par vaah uske saath rehti hai lekin jab us rajya mein bjp takat aur ban jaati hai toh phir us party ko bhi ek prakar se yah toh khatam kar deti hai ya phir kamjor kar deti hai aur uddhav thakare ko is baat ka ahasas ho chuka tha ki ek samay ek daur aisa tha jab saamne jo shitalaa ka sampadan kiya tha usmein jab kuch bhi serious le aise likha jata tha koi bhi aisi baat khulkar shivsena bjp ke upar kehti thi jiske jariye uske upar sawaal bhi uthaati thi toh bjp ke netaon se bahut cheezen maharashtra mein bjp mazboot hoti ja rahi thi aur devendra fadnavis ka naam badla ja raha tha toh samana mein jo bhi kuch bhi shivsena ne likha aur 150 stifina nishu ki baat saamne mein kai bjp us par itna dhyan de di roti kam se kam pm modi aur amit shah toh bilkul nahi de rahe the aur uske baad aapne dikha do ki lok sabha chunav ke samay jo abhi lok sabha chunav sanpann hui thi uske samay bjp aur shivsena ke beech mein kafi sankhya bhi badh gayi thi toh us cheez ko lete hue yah uchit ko dhyan mein rakhte hue uddhav thakare ko lakar unki raajneeti jo hai vaah ab aap khatre mein aa gayi hai aur uske baad jo bjp ne hindutv ka mudda banaya hai us prakar se shivsena bhi hindutv ko apna apna buddha batati hai yah teesra karan main aapko bata raha hoon toh yah mudda bhi uddhav thakare ke hath se zyada v lag raha tha isliye jab lok sabha chunav ke baad bhi vidhan sabha chunav aaye yahan uddhav thakare yah chahte the ki kisi bhi prakar se vaah satta mein aaye aur ek prakar se bjp ko data khedi peeche dhakelane ka mauka mile aur yah mauka taad din vaah kamyab rahe jab uthai saal ke mukhyamantri waali pad par baat nahi bani ki dharita ke mukhyamantri ke pad hai vaah jo hai vaah share hoga dhai saal ke sher hoga toh uske bacche baat nahi bani uske baad bjp ke saath uddhav thakare ne nataa tod liya aur teen aise patiya ek saath hai jinki soch ya vichardhara ek saath nahi milti isliye main kahata hoon ki uddhav thakare ne apni raajneeti bachane ke liye taras le apne raajnitik virodhiyon ke saamne hath unke saath milaya hai na ki unko bahar aaye hain aur bjp jo uski bahut hi achi shadi hua karti thi use vipaksh mein uddhav thakare ne kul milakar ki raajneeti bachane ke liye kaam kiya hai aur vaigyanik tha ki yadi janta se samajh jayegi toh shayad uddhav thakare ko uske nuksan hota hai ya phir ab congress chunav common minimum program ki baat kar rahe hain jo ek saath aaye hain toh bjp ko kya pata yah maharashtra mein kamjor kar sakte hain dhanyavad

टिकी आपसे सवाल पूछा है कि उद्धव ठाकरे ने अपने विरोधियों को यह सियासी विरोधियों को कैसे किय

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Raghuveer Singh

👤Teacher & Advisor🙏

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों के सिंह के चित्र तो आपका कहने का मतलब है कि बीजेपी हैं वह सियासी विरोधी है ऐसा कैसे हो सकता है बीजेपी तो हमेशा ही तो ठाकरे और उनकी पार्टी के मित्र रहिए + सिन हमेशा से उनकी विरोधी थे कांग्रेस और एनसीपी को बीजेपी तो हमेशा शिवसेना के साथ साथ देती थी और अब भी देती है यह जो भी किया है मित्र के साथ में दगा किया है ना नहीं ठीक है राजनीति में सब कुछ चलता है कुर्सी नेता की आत्मा होती है और आत्मा है नेता से अलग नहीं आ सकती यही चाल चलिए तो ठाकरे में

uddhav thakare ne apne siyasi virodhiyon ke Singh ke chitra toh aapka kehne ka matlab hai ki bjp hain vaah siyasi virodhi hai aisa kaise ho sakta hai bjp toh hamesha hi toh thakare aur unki party ke mitra rahiye sin hamesha se unki virodhi the congress aur ncp ko bjp toh hamesha shivsena ke saath saath deti thi aur ab bhi deti hai yah jo bhi kiya hai mitra ke saath mein daga kiya hai na nahi theek hai raajneeti mein sab kuch chalta hai kursi neta ki aatma hoti hai aur aatma hai neta se alag nahi aa sakti yahi chaal chaliye toh thakare mein

उद्धव ठाकरे ने अपने सियासी विरोधियों के सिंह के चित्र तो आपका कहने का मतलब है कि बीजेपी है

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