आपने एक थीयटर आर्टिस्ट बनने के बारे में कैसे सोचा?...


play
user

Kafeel Jafri

Actor, Bengaluru's only Dastangoi performer

2:53

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तू क्या हुआ कि मैंने एमबीए किया और जब मैं एमबीए कर रहा था तो लखनऊ में मेरे दोस्त हैं लखनऊ से मैंने ग्रेजुएशन किया और फिर बेंगलुरु में कॉलेज जाए शादी करके वहां पर मेरा हिंदी में एडमिशन हो गया तो लखनऊ के मेरे दोस्त हैं उन्होंने नया नया कैमरा लिया था उनको फोटोग्राफी का शौक था तो जब मैं देख रहा था उससे पहले ही फोटो खींची थी तुमने मॉर्निंग करने में क्योंकि यह था कि जितने भी डॉक्टर सेंड को जॉन अब्राहम और मिलिंद सोमन और यह सिलसिला का जितने लोग हैं ऐश्वर्या राय दीपिका पादुकोण ही लोग सब लोग पहले दिन पहले मॉडलिंग करते थे फिर वहां से एक्टिंग में आए तो मैंने वह करना चालू कर दिया लेकिन मुझे वह निष्क्रिय कह सकते हैं आप हिंदी में या स्टैटिक कह सकते हैं अंग्रेजी में इतनी इतनी स्टैटिक जॉब लगी वह खास करके रैंप मॉर्निंग कि नहीं किया गया और उसी दौरान मेरे एक और पत्रकार दोस्त हैं उन्होंने मेरी मुलाकात कराई अभिषेक मजूमदार से जो बेंगलुरु में भेज दें बहुत बड़े थिएटर आर्टिस्ट निष्कासित कंट्री के बल्कि पूरी दुनिया से काफी उनको बड़ी पहचान मिल चुकी है तो उनसे उस वक्त मुलाकात करेंगे 2012 की बात सुने उनसे मिला और बहुत ज्यादा मुश्किल हुआ और मैंने इन्हीं लियोन का नाटक देखा मैंने जो कि उस टाइम पर्सन ऑफ द ट्रेक मिल रंग शंकरा में तो वह नाटक देते मैंने सोचा कि यार मैं कहां से चक्कर में पड़ा मुझे तो यह करना है मुझे टाइपिंग करने में कहां क्लैमर के चक्कर में पड़ गया हूं तू मैंने वह छोड़ दिया तुरंत मॉर्निंग सॉरी और मंडप उसके बाद तो मैंने कभी कोई नहीं किया और मैसेज हो गया अभिषेक इंडिया अभिषेक आज के बीच गिरने का मूल्य नानी जी बेंगलुरु में भेज दें बहुत ज्ञानी आदमी है बहुत उनको बहुत भेज दूंगा इंसान हैं मैं पहुंच रिस्पेक्ट करता हूं कि एक पुरुष उनके काफिले ने किया अभिषेक सचिन इंडिया कितना अभिषेक जी से और धीरे-धीरे ट्रांसलेट ट्रांसलेशन किया और फिर उसमें एक्ट भी किया और के बाद मैंने अपनी कहानियां लिखनी शुरू की और उनको दास्तान हुई या फिर और अलग तरीके से जो एक प्रोसीनियम थिएटर या फिर प्रॉपर थिएटर प्लीज कितना प्रसन्न करना शुरू किया तो बस यही कहानी मेरी अभी तक काफी सारी कहानियां और है तू भी चल रही है बाकी तो हर एक की कहानी है चल रही

tu kya hua ki maine mba kiya aur jab main mba kar raha tha toh lucknow mein mere dost hain lucknow se maine graduation kiya aur phir bengaluru mein college jaaye shadi karke wahan par mera hindi mein admission ho gaya toh lucknow ke mere dost hain unhone naya naya camera liya tha unko photography ka shauk tha toh jab main dekh raha tha usse pehle hi photo khinchi thi tumne morning karne mein kyonki yah tha ki jitne bhi doctor send ko john abraham aur milind soman aur yah silsila ka jitne log hain aishwarya rai deepika padukone hi log sab log pehle din pehle modelling karte the phir wahan se acting mein aaye toh maine vaah karna chaalu kar diya lekin mujhe vaah nishkriya keh sakte hain aap hindi mein ya Static keh sakte hain angrezi mein itni itni Static job lagi vaah khaas karke raimp morning ki nahi kiya gaya aur usi dauran mere ek aur patrakar dost hain unhone meri mulakat karai abhishek majumadar se jo bengaluru mein bhej de bahut bade theater artist nishkasit country ke balki puri duniya se kaafi unko badi pehchaan mil chuki hai toh unse us waqt mulakat karenge 2012 ki baat sune unse mila aur bahut zyada mushkil hua aur maine inhin leone ka natak dekha maine jo ki us time person of the trek mil rang sankra mein toh vaah natak dete maine socha ki yaar main kahaan se chakkar mein pada mujhe toh yah karna hai mujhe typing karne mein kahaan klaimar ke chakkar mein pad gaya hoon tu maine vaah chod diya turant morning sorry aur mandap uske baad toh maine kabhi koi nahi kiya aur massage ho gaya abhishek india abhishek aaj ke beech girne ka mulya naani ji bengaluru mein bhej de bahut gyani aadmi hai bahut unko bahut bhej dunga insaan hain main pohch respect karta hoon ki ek purush unke kafile ne kiya abhishek sachin india kitna abhishek ji se aur dhire dhire translate translation kiya aur phir usme act bhi kiya aur ke baad maine apni kahaniya likhani shuru ki aur unko dastan hui ya phir aur alag tarike se jo ek prosiniyam theater ya phir proper theater please kitna prasann karna shuru kiya toh bus yahi kahani meri abhi tak kaafi saree kahaniya aur hai tu bhi chal rahi hai baki toh har ek ki kahani hai chal rahi

तू क्या हुआ कि मैंने एमबीए किया और जब मैं एमबीए कर रहा था तो लखनऊ में मेरे दोस्त हैं लखनऊ

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  131
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आर्टिस्ट और कला यह दोनों हमें हैं आज भी है दिमाग भी है क्योंकि जैसा चाहते हैं वैसा खेलते हैं करते हैं मेरा ऐसा लगता है कि दुनिया में मैं ऐसा काम कर जाओ गुजरिया हमेशा खुशहाल याद है यह रवि राठौर जो फिल्म आई थी उसकी है मगर फिलहाल मैंने अपने दिमाग में ज्यादा और पीएम वाली जीवन में याद दिला दिया गया था जो अनिल कपूर वाली फिल्म थी उसके हिसाब से हम सोचते हैं कि गरीब होने ही नहीं चाहिए गरीब होना भी एक श्राप है और जो आदमी अक्ल भी नहीं होता है उस पर भी काम नहीं आती है उस समय जिसके बाद पैसा रहता है वह भी काम नहीं आता है तो जिंदगी में ऐसा करना चाहिए कि हम भी कुछ काम कर दिखाओ

artist aur kala yah dono hamein hain aaj bhi hai dimag bhi hai kyonki jaisa chahte hain waisa khelte hain karte hain mera aisa lagta hai ki duniya mein main aisa kaam kar jao gujariya hamesha khushahal yaad hai yah ravi rathore jo film I thi uski hai magar filhal maine apne dimag mein zyada aur pm wali jeevan mein yaad dila diya gaya tha jo anil kapur wali film thi uske hisab se hum sochte hain ki garib hone hi nahi chahiye garib hona bhi ek shraap hai aur jo aadmi akal bhi nahi hota hai us par bhi kaam nahi aati hai us samay jiske baad paisa rehta hai vaah bhi kaam nahi aata hai toh zindagi mein aisa karna chahiye ki hum bhi kuch kaam kar dikhaao

आर्टिस्ट और कला यह दोनों हमें हैं आज भी है दिमाग भी है क्योंकि जैसा चाहते हैं वैसा खेलते ह

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  118
WhatsApp_icon
user
0:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चंद्रपुर थिएटर 38 बनाए तो पहले आपको बहुत सारा ऑडिशन देने वाले ऑडिशन मतलब होता है कि आप जितना भी छोटे-छोटे प्रॉब्लम होता है वहां पर आपको पापा में देना पड़ेगा ठीक है और जो भी सामने जागने होता है और जासमीन आपको दिखेगा फिर उसके हिसाब से आप अगर सिलेक्ट होंगे तो आगे आगे के लिए फॉरवर्ड करेंगे तो आप कभी भी आ जा अभी भी परफॉर्मेंस वाटका ठीक है वापस जाइए फिर पापा दीजिए तो उसकी सबसे आप आगे गौतम ठीक है तो मुझे लगता है कि जो भी छोटे-छोटे आंखों में सोता है उसमें बहुत ज्यादा इंपोर्टेंस देना चाहिए अपने आप को प्रूफ करके दिखाना चाहिए तभी जाके होगा थैंक यू

chandrapur theater 38 banaye toh pehle aapko bahut saara audition dene waale audition matlab hota hai ki aap jitna bhi chhote chhote problem hota hai wahan par aapko papa mein dena padega theek hai aur jo bhi saamne jagne hota hai aur jasmin aapko dikhega phir uske hisab se aap agar select honge toh aage aage ke liye forward karenge toh aap kabhi bhi aa ja abhi bhi performance vatka theek hai wapas jaiye phir papa dijiye toh uski sabse aap aage gautam theek hai toh mujhe lagta hai ki jo bhi chhote chhote aankho mein sota hai usme bahut zyada importance dena chahiye apne aap ko proof karke dikhana chahiye tabhi jake hoga thank you

चंद्रपुर थिएटर 38 बनाए तो पहले आपको बहुत सारा ऑडिशन देने वाले ऑडिशन मतलब होता है कि आप जित

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  167
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!