मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा का स्तर क्यों गिर रहा है, इसे सुधारने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?...


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Dr Chandra Shekhar Jain

MBBS, Yoga Therapist Yoga Psychotherapist

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आप सिर्फ शिक्षा के स्तर को ही क्यों देखते हैं मध्यप्रदेश में हर चीज का स्तर गिर रहा है और बहुत ज्यादा गिर रहा है जब मनुष्य मनुष्य की आवश्यकताएं उसकी कमाने की क्षमताओं से ज्यादा होने लगती है तो फिर वह पैसे को हासिल करने के लिए सभी प्रकार के हथकंडे को अपनाता है और वह किसी प्रकार का भ्रष्टाचार करने में या गलत करने में तो कुछ आता नहीं है दुनिया को दिखाने के लिए बहुत अच्छा बना रहता है क्योंकि वह पैसा कमा रहा है पर वह इंटरनली या आंशिक रूप से पैसा कैसे कमा रहा है इस पर भाई ध्यान नहीं देता है तो यह सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में नहीं हर क्षेत्र में हो रहा है और आश्चर्य तो तब होता है जब विशेष तौर पर ऊंची जाति वाले लोग जिसमें जैन पंडित ब्राह्मण लोग आते यह लोग जब दिखाने के लिए तो भगवान की बहुत पूजा करते हैं लेकिन अंदर ही अंदर वर्ष तक कुछ गड़बड़ करते हैं जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं तो समाज पूरी कैसे बिखर जाता है तो इस तरह से हमारी आवश्यकताएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं हम दिखाने में बहुत ज्यादा रुचि रखने लगे हैं और हम हर कार्य सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए ही कर रहे हैं तो इस प्रकार से इस दबाव के कारण हम वह सब कुछ करने को तैयार हैं जो कि इस समाज को बर्बाद करने के लिए काफी है तो इसलिए ना केवल शिक्षा बल्कि मध्य प्रदेश में हर सितम बिगड़ा हुआ है और बर्बादी की तरफ ले जा रहा है समाज को

aap sirf shiksha ke sthar ko hi kyon dekhte hain madhya pradesh mein har cheez ka sthar gir raha hai aur bahut zyada gir raha hai jab manushya manushya ki aavashyakataen uski kamane ki kshamataon se zyada hone lagti hai toh phir vaah paise ko hasil karne ke liye sabhi prakar ke hathkande ko apnaata hai aur vaah kisi prakar ka bhrashtachar karne mein ya galat karne mein toh kuch aata nahi hai duniya ko dikhane ke liye bahut accha bana rehta hai kyonki vaah paisa kama raha hai par vaah intaranali ya aanshik roop se paisa kaise kama raha hai is par bhai dhyan nahi deta hai toh yah sirf shiksha ke kshetra mein nahi har kshetra mein ho raha hai aur aashcharya toh tab hota hai jab vishesh taur par uchi jati waale log jisme jain pandit brahman log aate yah log jab dikhane ke liye toh bhagwan ki bahut puja karte hain lekin andar hi andar varsh tak kuch gadbad karte hain jiski aap kalpana nahi kar sakte hain toh samaj puri kaise bikhar jata hai toh is tarah se hamari aavashyakataen bahut zyada badh gayi hain hum dikhane mein bahut zyada ruchi rakhne lage hain aur hum har karya sirf dusro ko dikhane ke liye hi kar rahe hain toh is prakar se is dabaav ke karan hum vaah sab kuch karne ko taiyar hain jo ki is samaj ko barbad karne ke liye kaafi hai toh isliye na keval shiksha balki madhya pradesh mein har sitam bigda hua hai aur barbadi ki taraf le ja raha hai samaj ko

आप सिर्फ शिक्षा के स्तर को ही क्यों देखते हैं मध्यप्रदेश में हर चीज का स्तर गिर रहा है और

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