मिड-डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मामले क्यूँ हो रहे है? आपकी क्या राय है?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:39

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा कर्मचारियों की जो है वह मिली हुई दिखाई देती है बार-बार बाहर आते हैं और जाने को मिलता है क्या योजना है इसमें बच्चों को स्कूली बच्चों को खाना क्या तो खराब कॉमेडी कर दिया जाता है बच्चा दिया जाता है बिल्कुल अच्छा नहीं किया जाता है कितनी उनको मिलने चाहिए उनको नहीं मिल पाता है और भ्रष्टाचार की बू आती है मगर यह जो अमली करंट होता है जो मिट्टी कर्मचारियों से होता है वाणी की जो महिलाएं हैं कार्यक्रम को बीच में उनका भी आंदोलन हुआ था कि आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता भी वेतन बढ़ाया जाए वह खाना बनाने में अपना काम करते हैं वह महिला का रिश्ता होती और उनको तो ठीक है जो भी दिया जाता है वह अपनी जगह सही है लेकिन उनको जब सामान पूरा मैया करा जाएगा और जिम में जल योजना के तहत जो भी सामान अच्छी क्वालिटी कर दिया और खराब क्वालिटी का सम्मान देता है कम कौन सी टीम ने जीता है सड़ा हुआ गला हुआ उस तरफ से भाग जाता है इससे बच्चों को खाना खाने के बाद कभी बीमारी की होने के लिए उल्टी होने के लिए शालू को समीकरण में किस तारीख को पड़ेगी और चल पाएगी और बच्चों के हंस के साथ कोई विवाद नहीं होना चाहिए यही समय की मांग है धन्यवाद

mid day meal yojana mein bhrashtachar ke sabse zyada karmachariyon ki jo hai vaah mili hui dikhai deti hai baar baar bahar aate hai aur jaane ko milta hai kya yojana hai isme baccho ko skuli baccho ko khana kya toh kharab comedy kar diya jata hai baccha diya jata hai bilkul accha nahi kiya jata hai kitni unko milne chahiye unko nahi mil pata hai aur bhrashtachar ki bu aati hai magar yah jo amli current hota hai jo mitti karmachariyon se hota hai vani ki jo mahilaye hai karyakram ko beech mein unka bhi andolan hua tha ki anganwadi mahila karyakarta bhi vetan badhaya jaaye vaah khana banane mein apna kaam karte hai vaah mahila ka rishta hoti aur unko toh theek hai jo bhi diya jata hai vaah apni jagah sahi hai lekin unko jab saamaan pura maiya kara jaega aur gym mein jal yojana ke tahat jo bhi saamaan achi quality kar diya aur kharab quality ka sammaan deta hai kam kaun si team ne jita hai sada hua gala hua us taraf se bhag jata hai isse baccho ko khana khane ke baad kabhi bimari ki hone ke liye ulti hone ke liye shalu ko samikaran mein kis tarikh ko padegi aur chal payegi aur baccho ke hans ke saath koi vivaad nahi hona chahiye yahi samay ki maang hai dhanyavad

मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा कर्मचारियों की जो है वह मिली हुई दिखाई देती

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:19
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसका कारण यह है कि आज के टीचर्स का नैतिक स्तर एकदम जमीन से भी पाताल लोक में चला गया है बहुत ज्यादा अत्यंत गिर गया है आज का टीचर इतना स्वार्थी इतना घृणित हो गया है क्यों बच्चों के मिट्टी में ऐसे भी खा रहा है अत्याचार का कितना गंदा चित्र एक टीचर को शर्म आनी चाहिए कि आप सूचित गवर्नमेंट बहुत अच्छी पे दे रही है टीचर्स के लिए और वह बच्चों के मिट्टी में मिल जाते हैं और यह कितने शर्मनाक बात है और उन अधिकारियों को भी शर्म आनी चाहिए जो मिड डे मील में से बच्चों के इसका जो पैसा आता है बच्चों को खिलाने के लिए सरकार जूते रही है उसमें सिर्फ अधिकारी भी खा जाते हैं और टीचर्स भी खा जाते हैं यह बहुत ही घृणित बहुत ही गंदा बच्चा वरना दाग है टीचर्स के लिए और मैं सोता हूं श्रद्धा टीचर को योगा जिंदगी में कभी मील योजना में से बच्चों की हित का पैसा एक पैसा खाना भी बिस्तर खाने के बराबर समझता होगा क्योंकि आपको सोचना चाहिए कि आपको बहुत अच्छी सरकार आज की डेट में टीचर्स की 20 सबसे अच्छी है और उसके पश्चात भी पेट नहीं भर रहा है और बेबी जिस भ्रष्टाचार को मिटाना चाहिए रिश्ता 4 को समाप्त करने में टीचर की रोल अच्छा होना चाहिए वह जब वह खुद इस प्रकार भ्रष्टाचार कर रहे हैं इस प्रकार बच्चों की एक पैसा खा रहे हैं तो मैं सोच रहा हूं इससे ज्यादा शर्मनाक बात क्या हो सकती है अभी टीचर कैसे क्लास में खड़े होकर यह कह सकते हैं अपने स्टूडेंट को छोटी बिट्टू कभी जिंदगी mr4 मत करना mr4 बहुत गंदी चीज है थोड़ी गंदी चीज है जबकि भेजता हूं बच्चों की आने वाली मिड डे मील की योजना में सेब खा रहे हैं बात इस शर्मनाक बात है

uska karan yah hai ki aaj ke teachers ka naitik sthar ekdam jameen se bhi paatal lok mein chala gaya hai bahut zyada atyant gir gaya hai aaj ka teacher itna swaarthi itna ghrinit ho gaya hai kyon baccho ke mitti mein aise bhi kha raha hai atyachar ka kitna ganda chitra ek teacher ko sharm aani chahiye ki aap suchit government bahut achi pe de rahi hai teachers ke liye aur vaah baccho ke mitti mein mil jaate hai aur yah kitne sharmnaak baat hai aur un adhikaariyo ko bhi sharm aani chahiye jo mid day meal mein se baccho ke iska jo paisa aata hai baccho ko khilane ke liye sarkar joote rahi hai usme sirf adhikari bhi kha jaate hai aur teachers bhi kha jaate hai yah bahut hi ghrinit bahut hi ganda baccha varna daag hai teachers ke liye aur main sota hoon shraddha teacher ko yoga zindagi mein kabhi meal yojana mein se baccho ki hit ka paisa ek paisa khana bhi bistar khane ke barabar samajhata hoga kyonki aapko sochna chahiye ki aapko bahut achi sarkar aaj ki date mein teachers ki 20 sabse achi hai aur uske pashchat bhi pet nahi bhar raha hai aur baby jis bhrashtachar ko mitana chahiye rishta 4 ko samapt karne mein teacher ki roll accha hona chahiye vaah jab vaah khud is prakar bhrashtachar kar rahe hai is prakar baccho ki ek paisa kha rahe hai toh main soch raha hoon isse zyada sharmnaak baat kya ho sakti hai abhi teacher kaise class mein khade hokar yah keh sakte hai apne student ko choti bittu kabhi zindagi mr4 mat karna mr4 bahut gandi cheez hai thodi gandi cheez hai jabki bhejta hoon baccho ki aane wali mid day meal ki yojana mein seb kha rahe hai baat is sharmnaak baat hai

उसका कारण यह है कि आज के टीचर्स का नैतिक स्तर एकदम जमीन से भी पाताल लोक में चला गया है बहु

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

3:01
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आपने काय मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मामले क्यों हो रहे हैं आपकी क्या राय है आपको मिड डे मील में ही भ्रष्टाचार दिख रहा है आपको बैंक घोटाले नहीं दिख रहे हैं आपको नोटों की छपाई घोटाले नहीं दिख रहे हैं आपको नोटबंदी के घोटाले नहीं दिख रहे हैं जीएसटी के घोटाले नहीं दिख रहे हैं और सरकारी जॉब बिल्डिंगों में इमारतों में जो आग लग रही उसके उठाने नहीं दिख रहे चलो मान लिया आपने मिडिल को प्रमुखता दे दी कोई बात नहीं मुझ पर बात कर लेते हैं क्योंकि इस योजना में को हटाना बहुत आसान और इस योजना का सहारा लेकर लोग अपने घर भरने और किसके माध्यम से वह तुम्हारे जिनका चेहरा देखो हमारे उन्हीं के जीवन से बोलो खेलने उनकी स्वास्थ्य खेलने उनके भविष्य के भोजन बनाते हैं घटिया क्वालिटी का सड़े हुए अनाज का लापरवाही से बनाते हैं और साथ-साथ में हजार आदमी का भोजन दिखा कर दो सौ आदमी का भोजन खिलाते तत्व की बजाय 50 पर लगाते हैं लूटमार में चाहिए नीचे के ऊपर बराबर की बताइए नीचे वाले भी खा रहे हैं ऊपर वाली भी खा रहे हैं तो फिर लूटमार क्यों ना मुझे और यहां मारिया नारे लग रहे हैं हिंदुस्तान के भ्रष्टाचार खत्म हो गया भ्रष्टाचार की सरकार यही नहीं जितना भ्रष्टाचार इन्वर्टर में फला फूला मैं दावे से कहता हूं कि पिछले 100 साल में भी ऐसा भ्रष्टाचार नहीं हुआ होगा जो इन्होंने अगर इसी तरह चलता रहा तो यह भ्रष्टाचार का परम परम देश बन जाएगा

aapne kya mid day meal yojana mein bhrashtachar ke sabse zyada mamle kyon ho rahe hai aapki kya rai hai aapko mid day meal mein hi bhrashtachar dikh raha hai aapko bank ghotale nahi dikh rahe hai aapko noton ki chapai ghotale nahi dikh rahe hai aapko notebandi ke ghotale nahi dikh rahe hai gst ke ghotale nahi dikh rahe hai aur sarkari job bildingon mein imarton mein jo aag lag rahi uske uthane nahi dikh rahe chalo maan liya aapne middle ko pramukhta de di koi baat nahi mujhse par baat kar lete hai kyonki is yojana mein ko hatana bahut aasaan aur is yojana ka sahara lekar log apne ghar bharne aur kiske madhyam se vaah tumhare jinka chehra dekho hamare unhi ke jeevan se bolo khelne unki swasthya khelne unke bhavishya ke bhojan banate hai ghatiya quality ka sade hue anaaj ka laparwahi se banate hai aur saath saath mein hazaar aadmi ka bhojan dikha kar do sau aadmi ka bhojan khilaate tatva ki bajay 50 par lagate hai lutmar mein chahiye niche ke upar barabar ki bataye niche waale bhi kha rahe hai upar wali bhi kha rahe hai toh phir lutmar kyon na mujhe aur yahan maria nare lag rahe hai Hindustan ke bhrashtachar khatam ho gaya bhrashtachar ki sarkar yahi nahi jitna bhrashtachar inverter mein phala phoola main daave se kahata hoon ki pichle 100 saal mein bhi aisa bhrashtachar nahi hua hoga jo inhone agar isi tarah chalta raha toh yah bhrashtachar ka param param desh ban jaega

आपने काय मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मामले क्यों हो रहे हैं आपकी क्या र

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Dharmendra Singh

Govt officer

1:05
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मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मामले क्यों हो रहे हैं ऐसा मानने वाले बहुत कम लोग हैं कि मध्य मिलो भ्रष्टाचार हो रहा है जहां तक मैं भी तुझसे जुड़ा रहा हूं मैंने अनुभव किया है कि लोगों जो सरकार लागत दे रही है उसमें सबको संपूर्ण पोषण नहीं मिल पाता और ना सरकार समय से पैसे दे पा रही यहां तक कि हमारे यहां के लोग अध्यापक अपनी जेब से या जो प्रधान से जुड़ा हुआ है तो बहुत सारे प्रधान में में जेब से बच्चों को खाना मुहैया कराते हैं कुछ लोगों की सोच है कि मिड डे मील में भ्रष्टाचार हो रहा है मेरा मानना है कि जितनी लागत मिलती हो तो बच्चों का पूरा पोषण पूरा नहीं होता है और हमारे भारत में जब किसी योजना को बंद करना होता है ना तो उसके बारे में ज्यादा अफवाहें फैलाई जा योजना बहुत खराब है

mid day meal yojana mein bhrashtachar ke sabse zyada mamle kyon ho rahe hain aisa manne waale bahut kam log hain ki madhya milo bhrashtachar ho raha hai jaha tak main bhi tujhse jinko raha hoon maine anubhav kiya hai ki logo jo sarkar laagat de rahi hai usme sabko sampurna poshan nahi mil pata aur na sarkar samay se paise de paa rahi yahan tak ki hamare yahan ke log adhyapak apni jeb se ya jo pradhan se jinko hua hai toh bahut saare pradhan mein mein jeb se baccho ko khana muhaiya karate hain kuch logo ki soch hai ki mid day meal mein bhrashtachar ho raha hai mera manana hai ki jitni laagat milti ho toh baccho ka pura poshan pura nahi hota hai aur hamare bharat mein jab kisi yojana ko band karna hota hai na toh uske bare mein zyada afwayen failai ja yojana bahut kharab hai

मिड डे मील योजना में भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा मामले क्यों हो रहे हैं ऐसा मानने वाले बहुत

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Sachin Sinha

Journalist

1:12
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बच्चा लोग को जानकारी नहीं होती जब कभी कब होता होता है जो निम्न में क्या-क्या मिलने वाला जो भी दिया जाता है जो परोस दिया जाता है वह खा लेते हैं जिसका यह पूरा फायदा उठाते हैं कि मुझे लगता है जब आप देखेंगे कि जितने भी जनसंपर्क आयुक्त कारण यही है कि बच्चों की अज्ञानता की उनको हर दिन क्या-क्या कितना और उनके परम सलमान कितनी मात्रा में कम जिसका पूरा फायदा अधिकारी कर्मचारी द्वारा उठाया जाता है और पूरे सामान को आज आप कुछ नहीं नहीं दिया जाता है तथा पीके बर्बाद कर दिया जाता है पूरे भारतवर्ष में आपको मंडे मिलना भाभी उसका 4 मिलेगा उसको

baccha log ko jaankari nahi hoti jab kabhi kab hota hota hai jo nimn mein kya kya milne vala jo bhi diya jata hai jo paros diya jata hai vaah kha lete hain jiska yah pura fayda uthate hain ki mujhe lagta hai jab aap dekhenge ki jitne bhi jansampark aayukt karan yahi hai ki baccho ki agyanata ki unko har din kya kya kitna aur unke param salman kitni matra mein kam jiska pura fayda adhikari karmchari dwara uthaya jata hai aur poore saamaan ko aaj aap kuch nahi nahi diya jata hai tatha pk barbad kar diya jata hai poore bharatvarsh mein aapko monday milna bhabhi uska 4 milega usko

बच्चा लोग को जानकारी नहीं होती जब कभी कब होता होता है जो निम्न में क्या-क्या मिलने वाला जो

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Sandhya Santosh

Teacher- Science

0:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मिड डे मील योजना है सरकारी स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील देना चाहिए लेकिन इसमें भ्रष्टाचार बहुत हो रहा है क्योंकि इसके तरफ ध्यान देने वाले लोग बहुत कम हो रहे हैं कौन सा आहार बच्चों को देते हैं इसके बारे में जांच करने यादें कोई भी नहीं है वह आहार के बारे में कोई भी पूछता नहीं इसलिए भ्रष्टाचार मिड डे मील में ज्यादा हो रहा है सरकार इसके बारे में कुछ करना चाहिए

mid day meal yojana hai sarkari school mein baccho ko mid day meal dena chahiye lekin isme bhrashtachar bahut ho raha hai kyonki iske taraf dhyan dene waale log bahut kam ho rahe hain kaun sa aahaar baccho ko dete hain iske bare mein jaanch karne yaadain koi bhi nahi hai vaah aahaar ke bare mein koi bhi poochta nahi isliye bhrashtachar mid day meal mein zyada ho raha hai sarkar iske bare mein kuch karna chahiye

मिड डे मील योजना है सरकारी स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील देना चाहिए लेकिन इसमें भ्रष्टाचा

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