मंदिर में चलती रही नकली नोट की छपाई और किसी को कुछ पता नहीं चलता। ऐसा कैसे हो सकता है?...


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Manish Bhargava

Trainer/ Mentor in Delhi education deptt.

0:58
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है मंदिर में चलती रही नकली नोट की छपाई और किसी को पता नहीं चला ऐसा कैसे हो सकता है ऐसा कि आज तक देश के किसी भी बड़े मंदिर का कभी नहीं आया वहां छुपाई चलती रही और किसी को पता ना चला अगर कैसे ऐसा किसी ने इंटरनेशनल किसी इंटीरियर एरिया में किया भी और प्रशासन को पता चला है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाती है कभी मंदिरों में ऐसा सुनने को नहीं आता कि वहां आतंकवादी छुपे रहे हो क्या भाई लोगों ने बंदूका छुपा के रखी हो सरकार का साथ ना दिया हो आप इस समय पूर्व ना के निर्णय में भी देखने पूरे देश के सभी मंदिर तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए थे वहां कोई भी छुपा हुआ नहीं रहा ना ही वहां कोई विदेशी मिला नहीं कोई गलत आदमी मेरा तो ऐसा नहीं जो सही लोग हैं वह कभी भी सरकार के विरोध में नहीं जाते मंदिर हो या मस्जिद कई लोग हैं जो गलत हो सकते हैं तो वह किसी भी धर्म के हो सकते हैं यदि कोई गलत आदमी कोई आतंकवादी कोई डकैती मंदिर खुले अपने घर में मंदिर बना ले बचने के लिए तो उसका कोई क्या कर सकता है ऐसे लोग तो हर जगह होते ही थे उन पर प्रशासन अपनी कार्रवाई करता है

aapka prashna hai mandir me chalti rahi nakli note ki chapai aur kisi ko pata nahi chala aisa kaise ho sakta hai aisa ki aaj tak desh ke kisi bhi bade mandir ka kabhi nahi aaya wahan chupai chalti rahi aur kisi ko pata na chala agar kaise aisa kisi ne international kisi interior area me kiya bhi aur prashasan ko pata chala hai toh nishchit roop se karyawahi ki jaati hai kabhi mandiro me aisa sunne ko nahi aata ki wahan aatankwadi chhupe rahe ho kya bhai logo ne banduka chupa ke rakhi ho sarkar ka saath na diya ho aap is samay purv na ke nirnay me bhi dekhne poore desh ke sabhi mandir tatkal prabhav se band kar diye gaye the wahan koi bhi chupa hua nahi raha na hi wahan koi videshi mila nahi koi galat aadmi mera toh aisa nahi jo sahi log hain vaah kabhi bhi sarkar ke virodh me nahi jaate mandir ho ya masjid kai log hain jo galat ho sakte hain toh vaah kisi bhi dharm ke ho sakte hain yadi koi galat aadmi koi aatankwadi koi dakaiti mandir khule apne ghar me mandir bana le bachne ke liye toh uska koi kya kar sakta hai aise log toh har jagah hote hi the un par prashasan apni karyawahi karta hai

आपका प्रश्न है मंदिर में चलती रही नकली नोट की छपाई और किसी को पता नहीं चला ऐसा कैसे हो सकत

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

1:35
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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:50

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मंदिर में चलती रहे नकली नोट की छपाई और किसी को कुछ पता नहीं चलता है फिर कर सकता स्वामीनारायण सम्मिलित हैं और मंदिर में इस तरह का काम होता है लेकिन उनके अनुसार उन्होंने पांच मुख चाहते हैं लेकिन यह कौन मानेगा कि इस तरह का हो खाली पहुंचाते हैं जैसे-जैसे फीस होगी मालूम पड़ेगा कितने नोट छापे हैं और कहां-कहां गए थे ना और इंटर लेवल का काम होता था लेकिन उन्हों को भुनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी इसलिए मुख्य अधिकारी काफी कम होती थी किसी चीज को अगर प्रिंट निकालना है कलर प्रिंटर में उसने बहुत ही तकलीफ हो सकती है क्योंकि एग्जाम कॉपी वैसी की वैसी ही निकलती है जो किसी से चलने वाला तो नहीं था लेकिन फिर भी ऐसा काम कोई भी इंसान कर सकता है लेकिन मैं मंडे में ऐसा होता था इसलिए इसको ज्यादा प्रसिद्ध लोकनृत्य

mandir mein chalti rahe nakli note ki chapai aur kisi ko kuch pata nahi chalta hai phir kar sakta swaminarayan sammilit hai aur mandir mein is tarah ka kaam hota hai lekin unke anusaar unhone paanch mukh chahte hai lekin yah kaun manega ki is tarah ka ho khaali pahunchate hai jaise jaise fees hogi maloom padega kitne note chaape hai aur kahaan kahaan gaye the na aur inter level ka kaam hota tha lekin unhon ko bhunane ke liye kaafi mashakkat karni padti thi isliye mukhya adhikari kaafi kam hoti thi kisi cheez ko agar print nikalna hai color printer mein usne bahut hi takleef ho sakti hai kyonki exam copy vaisi ki vaisi hi nikalti hai jo kisi se chalne vala toh nahi tha lekin phir bhi aisa kaam koi bhi insaan kar sakta hai lekin main monday mein aisa hota tha isliye isko zyada prasiddh loknritya

मंदिर में चलती रहे नकली नोट की छपाई और किसी को कुछ पता नहीं चलता है फिर कर सकता स्वामीनारा

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

0:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जितनी परेशानी लोगों को नकली नोटों को छापने से उससे ज्यादा परेशानी या खुशी कुछ लोगों की बात से कि यह बात मंत्र से जुड़ा है पर यह कोई समस्या नहीं है मंदिर हो या मस्जिद हो जो राष्ट्र दोही हैं उनका काम ही अधर्म और बुरे कामों का करना है अब रही बात किसी को कुछ पता नहीं चला तो वह किसी को भी नहीं पता चलता कि कि बुरे लोग सारे काम छुपाकर और बड़े दायरे से करते हैं

jitni pareshani logo ko nakli noton ko chaapne se usse zyada pareshani ya khushi kuch logo ki baat se ki yah baat mantra se juda hai par yah koi samasya nahi hai mandir ho ya masjid ho jo rashtra dohi hai unka kaam hi adharma aur bure kaamo ka karna hai ab rahi baat kisi ko kuch pata nahi chala toh vaah kisi ko bhi nahi pata chalta ki ki bure log saare kaam cchupakar aur bade daayre se karte hain

जितनी परेशानी लोगों को नकली नोटों को छापने से उससे ज्यादा परेशानी या खुशी कुछ लोगों की बात

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिस तरह से हमारी नाक के नीचे से कई बारी तो हमारे सामने भी कोई दैनिक कार्य या फिर अनुचित कार्य किया जा रहा होता है तुमसे बंद करते थे उसी प्रकार से भी हुआ होगा

jis tarah se hamari nak ke niche se kai baari toh hamare saamne bhi koi dainik karya ya phir anuchit karya kiya ja raha hota hai tumse band karte the usi prakar se bhi hua hoga

जिस तरह से हमारी नाक के नीचे से कई बारी तो हमारे सामने भी कोई दैनिक कार्य या फिर अनुचित का

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मंदिर में चल रही नकली नोट की छपाई और किसी को कुछ पता नहीं चलता ऐसा कैसे हो सकता है इसके दो पक्ष है सबसे पहले तुम्हें जानकारी होनी चाहिए कि मंदिर की अपनी संपत्ति कितनी है और उसका पहुंच कितना है छोटा है संपत्ति कम है और इसके जो न्याय समिति में लोग हैं उनकी पकड़ कम है तब गोपनीय ढंग से नकली नोट की छपाई हो रही होगी और किसी को पता नहीं चला होगा नहीं होगा लेकिन यदि मंदिर का ट्रस्ट बड़ा है और उसमें न्यास कमेटी में जो लोग हैं उनकी पहुंच लंबी लंबी है और ऊंची तक है तो निश्चित रूप से यह कहीं ना कहीं ऊंचे पदाधिकारियों को भी मालूम होगा यह संभव है और ऐसा हो ही नहीं सकता है कि उच्च अधिकारियों को मालूम नहीं हो धन्यवाद

mandir mein chal rahi nakli note ki chapai aur kisi ko kuch pata nahi chalta aisa kaise ho sakta hai iske do paksh hai sabse pehle tumhe jaankari honi chahiye ki mandir ki apni sampatti kitni hai aur uska pohch kitna hai chota hai sampatti kam hai aur iske jo nyay samiti mein log hai unki pakad kam hai tab gopaniya dhang se nakli note ki chapai ho rahi hogi aur kisi ko pata nahi chala hoga nahi hoga lekin yadi mandir ka trust bada hai aur usme nyas committee mein jo log hai unki pohch lambi lambi hai aur uchi tak hai toh nishchit roop se yah kahin na kahin unche padadhikariyon ko bhi maloom hoga yah sambhav hai aur aisa ho hi nahi sakta hai ki ucch adhikaariyo ko maloom nahi ho dhanyavad

मंदिर में चल रही नकली नोट की छपाई और किसी को कुछ पता नहीं चलता ऐसा कैसे हो सकता है इसके दो

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