अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना?...


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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

0:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन ऐसा क्या का प्रश्न अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना तो यहां को बताया जाएंगे कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है तो यहां पर समाज के साथ लोगों के साथ रहना ज्यादा बेहतर होता है बजाय एकाकी जीवन जीने के मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

lekin aisa kya ka prashna akelapan accha hai ki logo ke saath rehna toh yahan ko bataya jaenge ki manushya ek samajik prani hai toh yahan par samaj ke saath logo ke saath rehna zyada behtar hota hai bajay ekaki jeevan jeene ke main subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

लेकिन ऐसा क्या का प्रश्न अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना तो यहां को बताया जाएंगे कि

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

1:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है अकेला पड़ा है कि लोगों के साथ रहना इस दुनिया में दो प्रकार के इंसान हैं एक जो है जो अकेला रहता है दूसरा है जो ग्रुप के साथ लोगों में लोग कुछ लोग जिनको अकेलापन पसंद है अकेले ही रहना पसंद करते हैं उनको अगर दूसरे से हानियां दूसरा इंसान अगर आ जाए तो उन्हें अच्छा नहीं लगता है वह खुद अकेले ही रहते हैं और उन्हें अकेलापन बहुत अच्छा लगता है और इसमें कोई बीमारी नहीं है और कुछ लोग होते हैं जिनको ग्रुप पसंद होता है अगर वह ग्रुप में नहीं रहते तुम को अच्छा नहीं लगता आपके लिए वह हो जाते हैं उनको बुरा लगता है अच्छा ही सेट नहीं होता फिर भी नहीं होता कुछ और वो ग्रुप में रहना पसंद करते अकेले नींद नहीं रह पाते तो सबके अपने-अपने बेनिफिटेड को अकेले नहीं मिलने से डरता है इसको ग्रुप में बेनिफिट इसी को अकेले चुप रहता उसको बेनिफिट नहीं लगता किसी को ग्रुप में बने कितने लगता तो फिर भी है 20% लोग ग्रुप में रहते हैं और 50% लोग आते हैं और सबकी अपनी-अपनी चॉइस है जबकि हालांकि इस टाइम में तो सब कुछ ऐसा ही चलता है आपका दिन शुभ हो धन्यवाद ग्रुप पर लाइफ केयर

aapka prashna hai akela pada hai ki logo ke saath rehna is duniya mein do prakar ke insaan hain ek jo hai jo akela rehta hai doosra hai jo group ke saath logo mein log kuch log jinako akelapan pasand hai akele hi rehna pasand karte hain unko agar dusre se haniyan doosra insaan agar aa jaaye toh unhe accha nahi lagta hai vaah khud akele hi rehte hain aur unhe akelapan bahut accha lagta hai aur isme koi bimari nahi hai aur kuch log hote hain jinako group pasand hota hai agar vaah group mein nahi rehte tum ko accha nahi lagta aapke liye vaah ho jaate hain unko bura lagta hai accha hi set nahi hota phir bhi nahi hota kuch aur vo group mein rehna pasand karte akele neend nahi reh paate toh sabke apne apne benefitted ko akele nahi milne se darta hai isko group mein benefit isi ko akele chup rehta usko benefit nahi lagta kisi ko group mein bane kitne lagta toh phir bhi hai 20 log group mein rehte hain aur 50 log aate hain aur sabki apni apni choice hai jabki halaki is time mein toh sab kuch aisa hi chalta hai aapka din shubha ho dhanyavad group par life care

आपका प्रश्न है अकेला पड़ा है कि लोगों के साथ रहना इस दुनिया में दो प्रकार के इंसान हैं एक

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Trainer Yogi Yogendra

Motivational Speaker || Career Coach || Business Coach || Marketing & Management Expert's

0:44
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

संकोच और कॉर्पोरेट ट्रेन के बारे में बात करने वाले हैं लेकिन आप चाहते क्या हैं अगर आप अपनी जिंदगी में खुद को जानना चाहते हैं तो अकेले रहना पसंद कीजिए और अगर दुनिया को जानना चाहते हैं कि तुम लोगों के साथ इसलिए आपको डिसीजन लेना है आप क्या करना चाहते हो जाने के लिए काम करना चाहते हैं तो आपको जो है अकेला देना पड़ेगा और दुनिया की दुनिया में दुनिया

sankoch aur corporate train ke bare me baat karne waale hain lekin aap chahte kya hain agar aap apni zindagi me khud ko janana chahte hain toh akele rehna pasand kijiye aur agar duniya ko janana chahte hain ki tum logo ke saath isliye aapko decision lena hai aap kya karna chahte ho jaane ke liye kaam karna chahte hain toh aapko jo hai akela dena padega aur duniya ki duniya me duniya

संकोच और कॉर्पोरेट ट्रेन के बारे में बात करने वाले हैं लेकिन आप चाहते क्या हैं अगर आप अपनी

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J.P. Y👌g i

Psychologist

3:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रशन है अकेलेपन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना हो इसके जवाब में मैं यही रुझान दूंगा की पहली बात तो अपनी संयम पर ध्यान देना चाहिए कि मेरा संयम है कि नहीं क्योंकि अधिकांश लोग लोगों के बीच में इसलिए रहना चाहते हैं कि उन्हें सही हो अपने मनोका रंजकता प्राप्त करते हैं या चल मन को रमाते हैं उनसे उसका टाइम पास होता उनके पास और विषय वस्तु नहीं रहते और जब लोगों के बीच में रहते हैं तो बहुत सारी 24v रतिया इंसान को डिस्टर्ब करती है बेशक कुछ क्षण के लिए वह एहसास होता है इसमें मारा दिल बहल जाता है लेकिन उन लोगों से दूर होने के बाद फिर वही अपने ढर्रे में रहता है तो ऐसी चीजों से फायदा नहीं होता कुछ लेकिन व्यक्तिगत तौर पर जो गरीबी पश्चिम जानना चाहते हैं तो सबसे बेहतर होता है अकेला रहना लेकिन अकेले रहने में इतनी सामर्थ होनी चाहिए कि उसे किसी प्रकार की मन में अश्लीलता ना रहे और अपने आप में कोई तथ्य पूर्वक चिंतन मनन का विषय बनना चाहिए जो सार्थक रूप में बुद्धि रेती उसमें खर्च हो और से कुछ निर्णायक अवस्था प्राप्त होती रहे निरंतर तो इसमें एकांकी का बहुत उत्तम लाभ होता है जो अपनी साधना विधि है अभ्यास है अधिकांश इसको अकेलेपन में ही उपयोग किया जाता है यही कहने का अर्थ है कि अगर और गहराई में अगर आप जाएंगे तो फिर सब कुछ अपने अंदर ही देखना पड़ता है जगत की सारी चीजें अपने अंदर ही इस को सिद्ध करना पड़ता कि अपने चेतना बिंदु से बिंदु से यह जगत उजागर हो रहा है और उस ज्ञान के लिए आज सर होते हैं कि वास्तव में वह सिस्टम दिख जाता है और महसूस हो जाता है कि यह सब संसार मेरी चेतना सीधा का शपथ हो रहा है और इसके अंदर अपने परिचालन परिचालन विधि की उपयोगिता आ जाती है जो ऐसा सामर्थ हो जाता है तो अपने इच्छा के अनुसार अपनी रचनाओं में तल्लीन रहता है तो यह चीज समय अकेलेपन में समाधि में अवस्था की भूमि आ जाती है और यह सब बहुत गंभीर और संस्कार के ऊपर डिपेंड करता है कि अगर संस्कार में प्रयुक्ति हो रही है और उसमें उसमें रक्षा वादन मिल रहा है तो वह इसका फायदा उठा सकते हैं लेकिन बशर्ते अभी शुरुआती दौर में आपको संस्कार ऐसा बनाना पड़ेगा अपनी मान्यताएं अंदर निर्धारण करना पड़ेगा जिसमें एकांकी रूप में आप उस सब को उपलब्ध ही कर सके तो यह आपके पर विचार है लेकिन आए यही मैं कहूंगा कि अपने मन को नियंत्रण अपने अंदर रख कर के जो भी व्यवहार करें उसको उसे स्वच्छता से फिर अपने स्वरूप में आ जाए इस रेड एरिया स्नान इत्यादि करा जाता है तो लोगों के बीच में रहकर भी अपने विचार लक्ष्य निर्धारित है उस पर स्थित रहना चाहिए और इससे आप लोक परलोक दोनों का सुधार करके आगे बढ़ते रहेंगे मैं यही कहना चाहता हूं धन्यवाद

prashan hai akelepan accha hai ki logo ke saath rehna ho iske jawab mein main yahi rujhan dunga ki pehli baat toh apni sanyam par dhyan dena chahiye ki mera sanyam hai ki nahi kyonki adhikaansh log logo ke beech mein isliye rehna chahte hain ki unhe sahi ho apne manoka ranjakata prapt karte hain ya chal man ko ramate hain unse uska time paas hota unke paas aur vishay vastu nahi rehte aur jab logo ke beech mein rehte hain toh bahut saree 24v ratia insaan ko disturb karti hai beshak kuch kshan ke liye vaah ehsaas hota hai isme mara dil bahal jata hai lekin un logo se dur hone ke baad phir wahi apne dharre mein rehta hai toh aisi chijon se fayda nahi hota kuch lekin vyaktigat taur par jo garibi paschim janana chahte hain toh sabse behtar hota hai akela rehna lekin akele rehne mein itni samarth honi chahiye ki use kisi prakar ki man mein ashlilata na rahe aur apne aap mein koi tathya purvak chintan manan ka vishay banna chahiye jo sarthak roop mein buddhi reti usme kharch ho aur se kuch niranayak avastha prapt hoti rahe nirantar toh isme ekanki ka bahut uttam labh hota hai jo apni sadhna vidhi hai abhyas hai adhikaansh isko akelepan mein hi upyog kiya jata hai yahi kehne ka arth hai ki agar aur gehrai mein agar aap jaenge toh phir sab kuch apne andar hi dekhna padta hai jagat ki saree cheezen apne andar hi is ko siddh karna padta ki apne chetna bindu se bindu se yah jagat ujagar ho raha hai aur us gyaan ke liye aaj sir hote hain ki vaastav mein vaah system dikh jata hai aur mehsus ho jata hai ki yah sab sansar meri chetna seedha ka shapath ho raha hai aur iske andar apne parichalan parichalan vidhi ki upayogita aa jaati hai jo aisa samarth ho jata hai toh apne iccha ke anusaar apni rachnaon mein tallinn rehta hai toh yah cheez samay akelepan mein samadhi mein avastha ki bhoomi aa jaati hai aur yah sab bahut gambhir aur sanskar ke upar depend karta hai ki agar sanskar mein prayukti ho rahi hai aur usme usmein raksha vaadan mil raha hai toh vaah iska fayda utha sakte hain lekin basharte abhi shuruati daur mein aapko sanskar aisa banana padega apni manyatae andar nirdharan karna padega jisme ekanki roop mein aap us sab ko uplabdh hi kar sake toh yah aapke par vichar hai lekin aaye yahi main kahunga ki apne man ko niyantran apne andar rakh kar ke jo bhi vyavhar kare usko use swachhta se phir apne swaroop mein aa jaaye is red area snan ityadi kara jata hai toh logo ke beech mein rahkar bhi apne vichar lakshya nirdharit hai us par sthit rehna chahiye aur isse aap lok parlok dono ka sudhaar karke aage badhte rahenge main yahi kehna chahta hoon dhanyavad

प्रशन है अकेलेपन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना हो इसके जवाब में मैं यही रुझान दूंगा की पहल

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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

1:09
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न पूछ रहे हैं आप अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना अरे बच्चों कैसे-कैसे प्रश्न दो उसके बाद अब यह तो आप खुद से पूछिए आपका मन क्या करता अकेला रहने को करता है कि लोगों के साथ रहना करता क्योंकि सभी को तो अकेला रहना पसंद नहीं और सभी को लोगों के साथ रहना कुछ लोग कुछ लोगों को अच्छा लगता है तो दूसरे लोगों को दूसरों के साथ अच्छा लगता है आप अपनी अपनी जरूरत आपको क्या अच्छा लगता है कुछ लोगों ने उनको उनको बाहर का आनंद चाहिए लोगों का साथ चाहिए वह लोगों के साथ के बिना नहीं रह सकते उनके लिए लोग चुनाव तो आपके हैं आपकी पसंद क्या है

prashna puch rahe hain aap akelapan accha hai ki logo ke saath rehna are baccho kaise kaise prashna do uske baad ab yah toh aap khud se puchiye aapka man kya karta akela rehne ko karta hai ki logo ke saath rehna karta kyonki sabhi ko toh akela rehna pasand nahi aur sabhi ko logo ke saath rehna kuch log kuch logo ko accha lagta hai toh dusre logo ko dusro ke saath accha lagta hai aap apni apni zarurat aapko kya accha lagta hai kuch logo ne unko unko bahar ka anand chahiye logo ka saath chahiye vaah logo ke saath ke bina nahi reh sakte unke liye log chunav toh aapke hain aapki pasand kya hai

प्रश्न पूछ रहे हैं आप अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना अरे बच्चों कैसे-कैसे प्रश्न दो

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अकेलेपन और लोगों के साथ में रहने का तात्पर्य है कि अगर हम अकेले रहते हैं और कोई परेशानी है क्या समस्या होने पर खुद से शेयर करते हैं और लोगों के पास साथ रहने से उनको भी समस्या है परेशानी होती है तो हम सब आपस में मिलजुल कर समस्या का हल सुनते हैं उसे आते हैं और सुख दुख में भी हम एक दूसरे से शेयर करते हैं यही अकेले और उन लोगों के साथ रहने का तात्पर्य है जिससे कि हम अपने समय में अगर कुछ त्रुटि हो तो मैं उनसे सुझाव लेकर उनसे बेहतर बनने का कोशिश करेंगे

akelepan aur logo ke saath mein rehne ka tatparya hai ki agar hum akele rehte hain aur koi pareshani hai kya samasya hone par khud se share karte hain aur logo ke paas saath rehne se unko bhi samasya hai pareshani hoti hai toh hum sab aapas mein miljul kar samasya ka hal sunte hain use aate hain aur sukh dukh mein bhi hum ek dusre se share karte hain yahi akele aur un logo ke saath rehne ka tatparya hai jisse ki hum apne samay mein agar kuch truti ho toh main unse sujhaav lekar unse behtar banne ka koshish karenge

अकेलेपन और लोगों के साथ में रहने का तात्पर्य है कि अगर हम अकेले रहते हैं और कोई परेशानी है

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

3:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी देखिए इसको हम कुछ ऐसे समझते हैं यह जीवन है आपका जीवन है मेरा जीवन है सबका जीवन है इस जीवन के मालिक हैं या का जीवन है आपकी लाइफ कैसी एक्सपीरियंस करना चाहते हैं यह कंप्यूटर आप पर डिपेंड करता है आप अपने आप को क्या बनाना चाहते हैं कैसा देखते हैं अपने बारे में क्या विचारधारा रखते हैं अपने आपके बारे में क्या महसूस करते हैं कैसे गर्म करते हैं क्या नियत से आप आगे बढ़ते हैं वगैरा-वगैरा यह सब आपका अपना होता है आपका निर्णय होता है अब आप अपना निजी जीवन जब जी रहे हैं तो उसमें हमें अपने आप को बहुत फ्लैक्सिबल और एडेप्टेबल रखना चाहिए बहुत कंफर्टेबल रखना चाहिए उसका मतलब क्या हुआ कि मैं यह बोल रहा हूं कि नहीं हमें अकेलापन पसंद होना चाहिए और ना ही लोगों को साथ पसंद होना चाहिए हमेशा जब अगर हम लोग के साथ हैं जैसे हम दिनचर्या में जा रहे हैं और हम लोग के साथ है कहीं पर भी है चाहे वह घर में हो ऑफिस में हो और स्कूल में हो कॉलेज पर कहीं पर भी हो अगर लोगों के साथ है तो हमें मिल जुल कर उनके साथ आ पार्टिसिपेट कर के रहना चाहिए अगर हम अकेले हैं या फिलहाल मैं चाहता हूं कि मैं थोड़ा देर में अकेले रह रहा रह लो दूसरे रूम में अपने आप को रख लूं या कुछ काम कर लूं या कोई और ना ही डाल दूं कुछ और झूठी से रह गया था उसको कंप्लीट कर लूं तो यह भी आप कर सकते हैं जरूरी नहीं है कि आपको उस समय लोगों के पास ही रहना है अगर आपको लगता है कि नहीं मुझे कुछ काम करना है जो मुझे अकेले में करना है क्या मुझे थोड़ा इन लोगों से अवकाश चाहिए तो आप अकेले में जा सकते हैं अगर मान लीजिए कहीं पर ऐसा होता है कि लोग आपको इनवाइट करें क्या यह बातें करते हैं मिलते हैं जलते हैं तब आप अकेला बंदा अकेले रहना चाहे वह शायद मुनासिब नहीं होगा तो मेरा कहने का मतलब यह है कि परिस्थिति के हिसाब से आपको जैसा लाइफ जीना एक्सीडेंट करना है आपको वैसा करना चाहिए अगर लोग हैं लोगों के बीच में है तो वहां पर पार्टी से भी कीजिए एंजॉय कीजिए डिसकस कीजिए साला मंत्रणा कीजिए प्लानिंग कीजिए जो करना है कीजिए एंजॉय कीजिए अगर आप चाहते हैं कि आज का दिन में आएगा इस समय में अकेला बताना चाहता हूं कि आपकी मर्जी कंप्लीट किया पर डिपेंड करते हैं आप स्टडी कीजिए ध्यान दीजिए और वीडियो देखे गाने सुने जो करने आपके कंप्यूटर पर डिपेंड करता है तो कोई कंपल्शन नहीं है कि अकेले ही रहने वालों के साथ हमेशा रहना जी जब आप लोगों के साथ रहते तो डेफिनिटी आपसे एक्सीटेशन होगी कि आप उनकी भावनाओं का सम्मान करे आप उनको आदर पूर्वक देखें और उस तरीके से रहे जैसे समाज में किसी इंसान को रहना चाहिए जब आप अकेले हैं तो इसे तो भी आपको जैसा कंफर्टेबल लगते हैं आप ऐसा रह सकते हैं लाइफ आपके जैसे आप को चलाने इसको यह कब देख लिया पर डिपेंड करता है आपको किसी की राय मशवरा की जरूरत नहीं है इसमें आपको जैसा सही लगता है इस सामाजिक दायरे में आपको उसको वैसे चलाना चाहिए कैसा रहने से बड़ा सिंपल

ji dekhiye isko hum kuch aise samajhte hain yah jeevan hai aapka jeevan hai mera jeevan hai sabka jeevan hai is jeevan ke malik hain ya ka jeevan hai aapki life kaisi experience karna chahte hain yah computer aap par depend karta hai aap apne aap ko kya banana chahte hain kaisa dekhte hain apne bare mein kya vichardhara rakhte hain apne aapke bare mein kya mehsus karte hain kaise garam karte kya niyat se aap aage badhte hain vagaira vagaira yah sab aapka apna hota hai aapka nirnay hota hai ab aap apna niji jeevan jab ji rahe hain toh usme hamein apne aap ko bahut flaiksibal aur edeptebal rakhna chahiye bahut Comfortable rakhna chahiye uska matlab kya hua ki main yah bol raha hoon ki nahi hamein akelapan pasand hona chahiye aur na hi logo ko saath pasand hona chahiye hamesha jab agar hum log ke saath hain jaise hum dincharya mein ja rahe hain aur hum log ke saath hai kahin par bhi hai chahen vaah ghar mein ho office mein ho aur school mein ho college par kahin par bhi ho agar logo ke saath hai toh hamein mil jul kar unke saath aa participate kar ke rehna chahiye agar hum akele hain ya filhal main chahta hoon ki main thoda der mein akele reh raha reh lo dusre room mein apne aap ko rakh loo ya kuch kaam kar loo ya koi aur na hi daal doon kuch aur jhuthi se reh gaya tha usko complete kar loo toh yah bhi aap kar sakte hain zaroori nahi hai ki aapko us samay logo ke paas hi rehna hai agar aapko lagta hai ki nahi mujhe kuch kaam karna hai jo mujhe akele mein karna hai kya mujhe thoda in logo se avkash chahiye toh aap akele mein ja sakte hain agar maan lijiye kahin par aisa hota hai ki log aapko invite kare kya yah batein karte hain milte hain jalte hain tab aap akela banda akele rehna chahen vaah shayad munasib nahi hoga toh mera kehne ka matlab yah hai ki paristithi ke hisab se aapko jaisa life jeena accident karna hai aapko waisa karna chahiye agar log hain logo ke beech mein hai toh wahan par party se bhi kijiye enjoy kijiye discuss kijiye sala mantrana kijiye planning kijiye jo karna hai kijiye enjoy kijiye agar aap chahte hain ki aaj ka din mein aayega is samay mein akela bataana chahta hoon ki aapki marji complete kiya par depend karte hain aap study kijiye dhyan dijiye aur video dekhe gaane sune jo karne aapke computer par depend karta hai toh koi compulsion nahi hai ki akele hi rehne walon ke saath hamesha rehna ji jab aap logo ke saath rehte toh definiti aapse eksiteshan hogi ki aap unki bhavnao ka sammaan kare aap unko aadar purvak dekhen aur us tarike se rahe jaise samaj mein kisi insaan ko rehna chahiye jab aap akele hain toh ise toh bhi aapko jaisa Comfortable lagte hain aap aisa reh sakte hain life aapke jaise aap ko chalane isko yah kab dekh liya par depend karta hai aapko kisi ki rai mashwara ki zarurat nahi hai isme aapko jaisa sahi lagta hai is samajik daayre mein aapko usko waise chalana chahiye kaisa rehne se bada simple

जी देखिए इसको हम कुछ ऐसे समझते हैं यह जीवन है आपका जीवन है मेरा जीवन है सबका जीवन है इस जी

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Ayan

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

काफी अच्छा सवाल आपका मुझे लगा और मैं इसका जवाब देना चाहता हूं आपको अकेला अच्छा है कि नहीं अकेलापन और लोग साथ दीजिए अगर आपके दोस्त जो हैं अच्छे स्वभाव के हैं उनका भी अभी रक्षा हेतु उनके साथ रह सकते हैं लोग साथ रहेंगे तो यूनिट यूनियन बनारस था यूनिटी रहता है आप दोस्तों करते हैं तो अच्छे संबंध हैं तो अच्छे रहन-सहन और लोग सम्मान करते हैं तो लोग साथ में रहे और दोस्ती फ्री है अगर अगर दोस्त आपके अच्छे नहीं तो आप अकेले ही रही है कि आज ऐसा कि विलियम शेक्सपीयर ने कहा था कि बेड कंपनी में रहने से छापना खिला दो इसलिए मेरा मानना है कि अकेलापन अच्छा है लेकिन लोगों को साथ चलता तो और अच्छा होता है कि आपके डिपेंड करता है कि आपकी दूध कैसे हैं आपकी सुमन लोगों से यह 855 जाए तो दोनों अच्छा

kafi accha sawaal aapka mujhe laga aur main iska jawab dena chahta hoon aapko akela accha hai ki nahi akelapan aur log saath dijiye agar aapke dost jo hain acche swabhav ke hain unka bhi abhi raksha hetu unke saath reh sakte hain log saath rahenge toh unit union banaras tha unity rehta hai aap doston karte hain toh acche sambandh hain toh acche rahan sahan aur log sammaan karte hain toh log saath mein rahe aur dosti free hai agar agar dost aapke acche nahi toh aap akele hi rahi hai ki aaj aisa ki william Shakespeare ne kaha tha ki bed company mein rehne se chapna khila do isliye mera manana hai ki akelapan accha hai lekin logo ko saath chalta toh aur accha hota hai ki aapke depend karta hai ki aapki doodh kaise hain aapki suman logo se yah 855 jaaye toh dono accha

काफी अच्छा सवाल आपका मुझे लगा और मैं इसका जवाब देना चाहता हूं आपको अकेला अच्छा है कि नहीं

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पीलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना दोनों चीजें अच्छी हैं कभी-कभी अकेलापन इच्छा रखता है और ऐसे समय भी आता है कि हम अकेले रहते हैं अपने बारे में अपनी बात करके अपना कर सकते हैं पर हम सुख और दुख में सुख में बनवा कर सकते हैं और दुख अपना दुख कम कर सकते हैं दोनों चीज अच्छी है और समय-समय पर है मैं लोगों के साथ ग्रुप मीटिंग ग्रुप कितने सप्ताह के गाना चाहिए

pilapan accha hai ki logo ke saath rehna dono cheezen achi hain kabhi kabhi akelapan iccha rakhta hai aur aise samay bhi aata hai ki hum akele rehte hain apne bare mein apni baat karke apna kar sakte hain par hum sukh aur dukh mein sukh mein banwa kar sakte hain aur dukh apna dukh kam kar sakte hain dono cheez achi hai aur samay samay par hai logo ke saath group meeting group kitne saptah ke gaana chahiye

पीलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना दोनों चीजें अच्छी हैं कभी-कभी अकेलापन इच्छा रखता है औ

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Prabhat Kumar

Teacher at Oxford English High School 7 year experience

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक सामाजिक प्राणी होता है और हमें समाज में रहने की आवश्यकता होती है अगर आप अकेले रहते हैं तो आपके मन में अनेक प्रकार की हीन भावना घर कर लेती है जिससे आप का विकास संभव नहीं हो सकता है इसलिए आप हो सके तो हमेशा समाज में मिलकर अनेक लोगों से बातचीत करते रहें

ek samajik prani hota hai aur hamein samaj mein rehne ki avashyakta hoti hai agar aap akele rehte hain toh aapke man mein anek prakar ki heen bhavna ghar kar leti hai jisse aap ka vikas sambhav nahi ho sakta hai isliye aap ho sake toh hamesha samaj mein milkar anek logo se batchit karte rahein

एक सामाजिक प्राणी होता है और हमें समाज में रहने की आवश्यकता होती है अगर आप अकेले रहते हैं

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Shipra Ranjan

Life Coach

1:06
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि अकेलापन अच्छा है या लोगों के साथ रहना है तेरी तो इंडिविजुअल की अपनी सोच पर निर्भर करता है कि वह अकेले रहना चाहता है या लोगों के साथ रहना चाहते हैं लेकिन दोनों का ही अपने-अपने प्लस और माइनस पॉइंट होते हैं अकेले में आप अपनी मर्जी से रह सकते हैं जी सकते हैं जो सामान जहां चाहे जो पैसे रख सकते हैं जिस तरीके से आप रहना चाहे उठना बैठना जो खाना चाहे वह कर सकते हैं जब मर्जी हो जब मर्जी उठे हर तरीके से आपको टोटल फ्रीडम होती है वह इतनी ठंडी होता है कि अगर आप काफी परेशान है आपके पास बात करने वाला कोई नहीं होगा आपके साथ देने वाला कोई नहीं होगा अगर आप बीमार हैं अब किसी की जरूरत है तो आपके पास कोई भी नहीं होगा को खुद से ही हिम्मत करके उठकर जाना होगा और खुद ही जाकर के अपना ट्रीटमेंट कराना होगा खुजली मेडिसिन लेने के लिए भी आपको निकलना पड़ेगा वहीं जब साथ में रहते हैं तो आपको बाकी सारी चीजें मिलती हैं आपको सब का साथ मिलेगा सब का प्यार मिलेगा लेकिन पैसा नेगेटिव प्वाइंट दूसरों के हिसाब से एडजस्ट करके भी चलना पड़ेगा क्योंकि अगर आप तालमेल बिठाकर के नहीं चलेंगे रोजा किसी के साथ में रहेंगे घटा क्या आप अकेले रहना चाहते हैं लोगों के साथ रहना चाहते हैं आपका दिन शुभ रहे

aapka sawaal hai ki akelapan accha hai ya logo ke saath rehna hai teri toh individual ki apni soch par nirbhar karta hai ki vaah akele rehna chahta hai ya logo ke saath rehna chahte hai lekin dono ka hi apne apne plus aur minus point hote hai akele mein aap apni marji se reh sakte hai ji sakte hai jo saamaan jaha chahen jo paise rakh sakte hai jis tarike se aap rehna chahen uthna baithana jo khana chahen vaah kar sakte hai jab marji ho jab marji uthe har tarike se aapko total freedom hoti hai vaah itni thandi hota hai ki agar aap kaafi pareshan hai aapke paas baat karne vala koi nahi hoga aapke saath dene vala koi nahi hoga agar aap bimar hai ab kisi ki zarurat hai toh aapke paas koi bhi nahi hoga ko khud se hi himmat karke uthakar jana hoga aur khud hi jaakar ke apna treatment krana hoga khujli medicine lene ke liye bhi aapko nikalna padega wahi jab saath mein rehte hai toh aapko baki saree cheezen milti hai aapko sab ka saath milega sab ka pyar milega lekin paisa Negative point dusro ke hisab se adjust karke bhi chalna padega kyonki agar aap talmel bithakar ke nahi chalenge roza kisi ke saath mein rahenge ghata kya aap akele rehna chahte hai logo ke saath rehna chahte hai aapka din shubha rahe

आपका सवाल है कि अकेलापन अच्छा है या लोगों के साथ रहना है तेरी तो इंडिविजुअल की अपनी सोच पर

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Henaa

Study

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अकेलापन अच्छा या आप अकेले अकेले बिना कुछ किए कितने टाइम तक रह सकते हैं इट इज वेरी कंपलसरी वैल्यू के साथ भी रहने पर हम अपनी फीलिंग शेयर करते हैं जिससे हमारा और डेवलपमेंट होता है एंड फिजिकली डेवलपमेंट होता है हम अच्छा फील करते हैं एंड हमें डिप्रेशन से रिलेटेड कोई प्रॉब्लम नहीं होती सब उतारे फॉर्टेंट

akelapan accha ya aap akele akele bina kuch kiye kitne time tak reh sakte hain it is very compulsory value ke saath bhi rehne par hum apni feeling share karte hain jisse hamara aur development hota hai and physically development hota hai hum accha feel karte hain and hamein depression se related koi problem nahi hoti sab utare fartent

अकेलापन अच्छा या आप अकेले अकेले बिना कुछ किए कितने टाइम तक रह सकते हैं इट इज वेरी कंपलसरी

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Ram Kumar Anil Prajapati

Civil Aspirant | Career Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आपका प्रश्न है अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना तो मैं आपको बताना चाहूंगा अगर आप अधिक समय अकेले नहीं रह सकते हैं अधिक समय आप अगर अकेले रहते हैं तो मन में एक तरीके से बुरा फीलिंग महसूस होने लगता है तो थोड़ा अकेले भी रह सकते हैं उन लोगों के साथ भी रह सकते हैं कांबिनेशन बनाए रखना बहुत अच्छी बात होती है तो आप एक लड़के से कंबीनेशन बनाए रखें इसमें कोई धारा नहीं थैंक यू

dekhiye aapka prashna hai akelapan accha hai ki logo ke saath rehna toh main aapko batana chahunga agar aap adhik samay akele nahi reh sakte hain adhik samay aap agar akele rehte hain toh man mein ek tarike se bura feeling mehsus hone lagta hai toh thoda akele bhi reh sakte hain un logo ke saath bhi reh sakte hain combination banaye rakhna bahut achi baat hoti hai toh aap ek ladke se combination banaye rakhen isme koi dhara nahi thank you

देखिए आपका प्रश्न है अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना तो मैं आपको बताना चाहूंगा अगर आ

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Abhishek Kumar

मनोविज्ञान

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों गुड मॉर्निंग आप सभी को मेरा प्यारा सा नमस्कार और बड़ा अच्छा सा क्वेश्चन है कि अकेलापन अच्छा है कि लोगों के साथ रहना तो चर्च मैन मोहतरमा जनाब जो भी मुझे सुन रहा है मैं आपको बताना चाहूंगा यह साइकॉलजी कल फैक्ट है और मनोवैज्ञानिक तथ्य जो दोनों सब देखी है इंग्लिश और हिंदी में उसको बोल दिया जैसे कभी-कभी ऐसा होता है कि व्यक्ति भीड़ भाड़ में जाते जाते जाते जाते अपने पर्सनल में जाते-जाते इतना थक जाता है उसका दिमाग कितना थक जाता है किस को रिलैक्स करने की आवश्यकता होती है रिलीव करने की आवश्यकता होती है तो उस समय व्यक्ति का अकेले रहना अकेलापन बहुत जरूरी है बहुत ही जरूरी है अगर वह व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा तो शायद वह फर्स्ट ऐड हो जाए और जो व्यक्ति बहुत ही अकेले रहते हैं तन्हा रहते हैं उन व्यक्तियों से मैं यही कहूंगा कि वह सब के साथ में रहे क्योंकि उनका तब अकेले रहना तन्हा रहना उन्हें फ्रस्ट्रेटेड डिप्रेशन में डाल देगा तब सब के साथ हैं और सबसे मेन चीज में यह कहना चाहूंगा जरा गौर फरमाइए का ध्यान दीजिएगा जिनके घर बच्चे हैं वह खास करके इस जब कोई 20 साल 25 साल या 30 साल का यंग जनरेशन का कोई प्रशन है मेल है या फीमेल है वह सब के साथ पढ़ाई लिखाई किया जॉब की तैयारी किया करो सक्सेज नहीं होता या जॉब मिल जाती है किसी प्राइवेट सेक्टर में वह कर रहा है खूब घुल मिलकर रहता है बातचीत करता है सबके साथ लेकिन वह अचानक धीरे-धीरे अचानक या धीरे-धीरे लोगों से दूर होना शुरू हो जाए बातचीत करना अपने फैमिली मेंबर से कम कर दे रूम में अकेले रहना शुरू हो जाए चुप होना शुरू हो जाए और बोलना कम कर दे तो समझ लीजिए वह व्यक्ति डिब्बे से हो रहा है डिब्बे सोने की सबसे पहली सीढ़ी सप्ताह सबसे पहला पहचान यही है कि जो पसंद बहुत बोलता है सबके साथ बहुत खुश रहता होगा वह धीरे-धीरे सब से अलग होता जाएगा अपने आप को अलग करता जाएगा तन्हा होते जाएगा और यह डिप्रेशन और ट्रस्टेड होने का सबसे बड़ा और सबसे पहली पहचान है अगर इस तरह का कोई परेशान आप की परिवार में आपकी लाइफ में है तो प्लीज उसे कभी अकेला न छोड़ें उसे अपने साथ रखें और उसके प्रॉब्लम है उसे कॉल करने की कोशिश करें कि वह परसेंट डिफेंस ना हो और मैं जाते-जाते बस इतना कहना चाहूंगा आप लोगों को जो व्यक्ति बहुत फर्क कर रहे हैं प्रश्न और या प्रोफेशनल लाइफ में उन्हें कुछ समय के लिए अकेले रहना जरूरी है जिससे वह रिलैक्स हो सके और जो अकेले रहते हैं हमेशा तन्हा रहते उन्हें लोगों के साथ खुश रहना चाहिए जिससे उनका दिल बहला रहे और ऊपर अष्टक ना हो अगर मेरा सुझाव अच्छा लगे तो मुझे आप फॉलो और लाइक कर सकते हैं अगर आपको कोई क्वेश्चन पूछना हो तो आप मुझे ईमेल कर सकते हैं

hello doston good morning aap sabhi ko mera pyara sa namaskar aur bada accha sa question hai ki akelapan accha hai ki logo ke saath rehna toh church man mohatarama janab jo bhi mujhe sun raha hai main aapko batana chahunga yah psychology kal fact hai aur manovaigyanik tathya jo dono sab dekhi hai english aur hindi me usko bol diya jaise kabhi kabhi aisa hota hai ki vyakti bheed bhad me jaate jaate jaate jaate apne personal me jaate jaate itna thak jata hai uska dimag kitna thak jata hai kis ko relax karne ki avashyakta hoti hai relieve karne ki avashyakta hoti hai toh us samay vyakti ka akele rehna akelapan bahut zaroori hai bahut hi zaroori hai agar vaah vyakti aisa nahi karega toh shayad vaah first aid ho jaaye aur jo vyakti bahut hi akele rehte hain tanha rehte hain un vyaktiyon se main yahi kahunga ki vaah sab ke saath me rahe kyonki unka tab akele rehna tanha rehna unhe frustrated depression me daal dega tab sab ke saath hain aur sabse main cheez me yah kehna chahunga zara gaur faramaiye ka dhyan dijiyega jinke ghar bacche hain vaah khas karke is jab koi 20 saal 25 saal ya 30 saal ka young generation ka koi prashn hai male hai ya female hai vaah sab ke saath padhai likhai kiya job ki taiyari kiya karo succsej nahi hota ya job mil jaati hai kisi private sector me vaah kar raha hai khoob ghul milkar rehta hai batchit karta hai sabke saath lekin vaah achanak dhire dhire achanak ya dhire dhire logo se dur hona shuru ho jaaye batchit karna apne family member se kam kar de room me akele rehna shuru ho jaaye chup hona shuru ho jaaye aur bolna kam kar de toh samajh lijiye vaah vyakti dibbe se ho raha hai dibbe sone ki sabse pehli sidhi saptah sabse pehla pehchaan yahi hai ki jo pasand bahut bolta hai sabke saath bahut khush rehta hoga vaah dhire dhire sab se alag hota jaega apne aap ko alag karta jaega tanha hote jaega aur yah depression aur trusted hone ka sabse bada aur sabse pehli pehchaan hai agar is tarah ka koi pareshan aap ki parivar me aapki life me hai toh please use kabhi akela na choodey use apne saath rakhen aur uske problem hai use call karne ki koshish kare ki vaah percent defence na ho aur main jaate jaate bus itna kehna chahunga aap logo ko jo vyakti bahut fark kar rahe hain prashna aur ya professional life me unhe kuch samay ke liye akele rehna zaroori hai jisse vaah relax ho sake aur jo akele rehte hain hamesha tanha rehte unhe logo ke saath khush rehna chahiye jisse unka dil behla rahe aur upar ashtak na ho agar mera sujhaav accha lage toh mujhe aap follow aur like kar sakte hain agar aapko koi question poochna ho toh aap mujhe email kar sakte hain

हेलो दोस्तों गुड मॉर्निंग आप सभी को मेरा प्यारा सा नमस्कार और बड़ा अच्छा सा क्वेश्चन है कि

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अकेलापन अकेलापन भी अच्छा होता है थोड़े बहुत टाइम के लिए मर जाते टाइम के लिए क्योंकि अपने आपको भी इंसान को अपने दिमाग को भी शांत रखने के लिए अपने दिमाग को सोच-विचार और तेज करने के लिए अकेलापन जरूर मगर भाईचारा और यार यार दोस्तों के साथ भी रहना बहुत जरूरी है क्योंकि इस मानव जीवन में भी फ्रेंड सर्कल नहीं होगा तो जीवन में कुछ नहीं हो सकता क्योंकि यह दोस्त प्यार परिवार यही सब कुछ होता है जिनसे जीवन आगे बढ़ता है छोटे-छोटे बातों को मिलाकर तो अकेलापन जितना फायदेमंद है उतना नुकसानदायक भी हफ्ते में एक घंटा दो घंटा अपने अकेलेपन 9:00 के लिए काफी है बाकी पूरा टाइम दूसरों के साथ ही ज्यादा से ज्यादा विकेट करें

akelapan akelapan bhi accha hota hai thode bahut time ke liye mar jaate time ke liye kyonki apne aapko bhi insaan ko apne dimag ko bhi shaant rakhne ke liye apne dimag ko soch vichar aur tez karne ke liye akelapan zaroor magar bhaichara aur yaar yaar doston ke saath bhi rehna bahut zaroori hai kyonki is manav jeevan mein bhi friend circle nahi hoga toh jeevan mein kuch nahi ho sakta kyonki yah dost pyar parivar yahi sab kuch hota hai jinse jeevan aage badhta hai chote chhote baaton ko milakar toh akelapan jitna faydemand hai utana nukasanadayak bhi hafte mein ek ghanta do ghanta apne akelepan 9 00 ke liye kaafi hai baki pura time dusro ke saath hi zyada se zyada wicket karen

अकेलापन अकेलापन भी अच्छा होता है थोड़े बहुत टाइम के लिए मर जाते टाइम के लिए क्योंकि अपने आ

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munmun

Volunteer

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आधे अकेलापन भी अच्छा होता और लोगों के साथ रहना भी अच्छा होता क्योंकि देखिए हमेशा हमें लाइफ में जो है कभी-कभी

aadhe akelapan bhi accha hota aur logo ke saath rehna bhi accha hota kyonki dekhiye hamesha hamein life mein jo hai kabhi kabhi

आधे अकेलापन भी अच्छा होता और लोगों के साथ रहना भी अच्छा होता क्योंकि देखिए हमेशा हमें लाइफ

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