बिहार में छेड़खानी या अन्य मामलों की शिकायतों को पुलिस अनदेखा क्यूँ कर देती है?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिहार में जंगलराज बिहार पुलिस ज्योति है वह अपराधियों माफियाओं के साथ में भी होती है वहां की पुलिस ने जो भी है वह वह नथिंग है वह लोग तो ऐसे जैसे तू चलाता हुआ एक जानवर पीछे डोलता है ठीक भैया लत बिहार की पुलिस की है वह गरीबों की बसों के साथ तो होने वाले अत्याचारों को अनदेखा कर देती है क्योंकि वहां पर जंगलराज है जिसकी लाठी उसकी भैंस का यदि उदाहरण देखना हो तो वह आप बिहार में बखूबी देख सकते हैं और की सरकार नथिंग होती है पुलिस भी नथिंग है

bihar mein jangalraj bihar police jyoti hai vaah apradhiyon mafiyaon ke saath mein bhi hoti hai wahan ki police ne jo bhi hai vaah vaah nothing hai vaah log toh aise jaise tu chalata hua ek janwar peeche dolta hai theek bhaiya lat bihar ki police ki hai vaah garibon ki bason ke saath toh hone waale atyacharo ko andekha kar deti hai kyonki wahan par jangalraj hai jiski lathi uski bhains ka yadi udaharan dekhna ho toh vaah aap bihar mein bakhubi dekh sakte hain aur ki sarkar nothing hoti hai police bhi nothing hai

बिहार में जंगलराज बिहार पुलिस ज्योति है वह अपराधियों माफियाओं के साथ में भी होती है वहां क

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यार में छेड़खानी आने मामलों की शिकायतों को पुलिस अनदेखा क्यों कर देती है बिहार में जो है जो महिलाएं पहले तो बहुत ज्यादा जब अंधेरा हो जाता कल घर के बाहर भी नहीं निकलती थी अब तो नीतीश बाबू की सरकार जब से आई है तब से थोड़ा बहुत फ्री पटना में अभी तक बड़े शहरों में देखा जा सकता है कि थोड़ा सा बचा हुआ है अब महिलाएं थोड़ा रात को 8:00 बजे तक भारतीय हमेशा एक भाई ने उनको बाहर निकलना पड़ता है कि कब उनके साथ कोई छेड़खानी हो जाएगी या कब उनके ऊपर ताने मारे जाएंगे क्योंकि वहां पर बिहार में यह आम बात है और हम खाली बिहार के क्यों बात करें दिल्ली में क्या है दिल्ली में महिलाओं के साथ इस तरह से वार किया जाता है उन पर यह कहे कि खाली बिहार में होता है तो खाली बिहार नहीं होता है यूपी में भी है और दिल्ली में भी है महिलाओं के प्रति लोगों की सोच और लोगों का जो लोहिया वह बहुत ही हमें तो बहुत ही खराब लगता है हम लोग गुजरात में रहते हैं तो गुजरात में इस तरह का नहीं है हम लोग उत्तराखंड में गए उत्तराखंड में इस तरह की बात नहीं है साउथ में भी महिलाओं के प्रति बहुत सम्मान देखा है महाराष्ट्र में भी इतनी ज्यादा समस्या नहीं है सिर्फ बिहार उत्तर प्रदेश और दिल्ली स्थित महिलाओं के प्रति रुचि बड़े पैमाने पर कहिए या छोटे और पुलिस इसलिए अनदेखा करती है क्यों किसको किसको अंदर करेगी किसकी किसकी कंप्लेन नहीं जाएगी और किसको किसको लोक में डालेगी किसकी बदमाशों को पुलिस देखा करती है जब तक को हत्या में मामला नहीं पलटता है या जब तक कुछ आता नहीं होता है तब तक वह पुलिस को गंभीरता से नहीं लेते किसको यह एक वास्तविक हकीकत है अमेरिकी कानून के हिसाब से बिल्कुल गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए लेकिन किस की भरमार ज्यादा होने की वजह से पुलिस ऐसा करती है चलें

yaar mein chedkhani aane mamlon ki shikayaton ko police andekha kyon kar deti hai bihar mein jo hai jo mahilaye pehle toh bahut zyada jab andhera ho jata kal ghar ke bahar bhi nahi nikalti thi ab toh nitish babu ki sarkar jab se I hai tab se thoda bahut free patna mein abhi tak bade shaharon mein dekha ja sakta hai ki thoda sa bacha hua hai ab mahilaye thoda raat ko 8 00 baje tak bharatiya hamesha ek bhai ne unko bahar nikalna padta hai ki kab unke saath koi chedkhani ho jayegi ya kab unke upar tane maare jaenge kyonki wahan par bihar mein yah aam baat hai aur hum khaali bihar ke kyon baat kare delhi mein kya hai delhi mein mahilaon ke saath is tarah se war kiya jata hai un par yah kahe ki khaali bihar mein hota hai toh khaali bihar nahi hota hai up mein bhi hai aur delhi mein bhi hai mahilaon ke prati logo ki soch aur logo ka jo lohiya vaah bahut hi hamein toh bahut hi kharab lagta hai hum log gujarat mein rehte hain toh gujarat mein is tarah ka nahi hai hum log uttarakhand mein gaye uttarakhand mein is tarah ki baat nahi hai south mein bhi mahilaon ke prati bahut sammaan dekha hai maharashtra mein bhi itni zyada samasya nahi hai sirf bihar uttar pradesh aur delhi sthit mahilaon ke prati ruchi bade paimane par kahiye ya chote aur police isliye andekha karti hai kyon kisko kisko andar karegi kiski kiski complain nahi jayegi aur kisko kisko lok mein daalegee kiski badmashon ko police dekha karti hai jab tak ko hatya mein maamla nahi paltata hai ya jab tak kuch aata nahi hota hai tab tak vaah police ko gambhirta se nahi lete kisko yah ek vastavik haqiqat hai american kanoon ke hisab se bilkul galat hai aisa nahi hona chahiye lekin kis ki bharamar zyada hone ki wajah se police aisa karti hai chalen

यार में छेड़खानी आने मामलों की शिकायतों को पुलिस अनदेखा क्यों कर देती है बिहार में जो है ज

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K.L.Salvi Advocate (Ret.D,C,Mp)

Seva Nivrt.Deeputy,Collector

0:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पुलिस के पास काम ही इतने रहते हैं कि छोटे-मोटे शिकायतें लेने का उसको फुर्सत ही नहीं रहती है और पुलिस के ऊपर वर्क लोड बहुत बढ़िया है ज्यादा गंभीर मामलों को ही हो सीरियसली लेती है छोटी मोटी घटना हो गई अनदेखी करना पुलिस की मजबूरी है

police ke paas kaam hi itne rehte hain ki chhote mote shikayaten lene ka usko phursat hi nahi rehti hai aur police ke upar work load bahut badhiya hai zyada gambhir mamlon ko hi ho seriously leti hai choti moti ghatna ho gayi andekha karna police ki majburi hai

पुलिस के पास काम ही इतने रहते हैं कि छोटे-मोटे शिकायतें लेने का उसको फुर्सत ही नहीं रहती ह

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Ahana Bhardwaz

Life Coach | Author

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए कहना बहुत ही शर्म की बात है कि बिहार के सबसे ज्यादा गलत नहीं होता यही करते हैं कि उनकी पढ़ाई लिखाई सब सुना देते हैं अगर ऐसा कुछ होता है तो किसी को नहीं रखा जाता है

dekhiye kehna bahut hi sharm ki baat hai ki bihar ke sabse zyada galat nahi hota yahi karte hain ki unki padhai likhai sab suna dete hain agar aisa kuch hota hai toh kisi ko nahi rakha jata hai

देखिए कहना बहुत ही शर्म की बात है कि बिहार के सबसे ज्यादा गलत नहीं होता यही करते हैं कि उन

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिहार में शेर कन्हैया अन्य मामलों की शिकायत को पुलिस अनदेखा इसलिए करती है क्योंकि क्योंकि घमंड है उनके शरीर में घमंड है वह पुलिस वाले अपने पैसों में घमंड कर रहा है

bihar mein sher kanhaiya anya mamlon ki shikayat ko police andekha isliye karti hai kyonki kyonki ghamand hai unke sharir mein ghamand hai vaah police waale apne paison mein ghamand kar raha hai

बिहार में शेर कन्हैया अन्य मामलों की शिकायत को पुलिस अनदेखा इसलिए करती है क्योंकि क्योंकि

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