हम हमेशा सोचते क्यों है?...


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Dinesh Kumar Tiwari

Teacher,Storyteller,Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस पूरे ब्रह्मांड में मनुष्य कैसा प्राणी है जिसके पास सोचने और समझने की शक्ति है होता है क्या कि मनुष्य का मस्तिष्क अपने चारों तरफ हो रहे क्रियाकलापों को घटनाओं को और लोकन करता है और उनके बारे में अच्छे भले का निष्कर्ष निकालता है या दूसरे और भी बहुत सारे कारण होते हैं जिनके कारण हमारा मस्तिष्क होता है हमें इंफॉर्मेशन देता है और हमें बताता है कि क्या अच्छा है क्या सही है क्या गलत है क्या बुरा है हां यह सही है कि सोचना बहुत जरूरी है लेकिन क्या सोचना चाहिए हमें यह भी जानना जरूरी है देखिए एक मनुष्य को हर समय पॉजिटिव थिंकिंग सकारात्मक सोच रखनी चाहिए एक मनुष्य को ऐसी सोच रखनी चाहिए ताकि वह अपने समाज का और अपना भलाई कर सकें एनआइडिया कैन चेंज योर लाइफ यह कथन भी सकता है क्योंकि हमने बहुत सारे लोगों को देखा है कि उनकी सोचने उनकी पूरी जीवनी को बदल दिया हां मनुष्य सोचता है सिर्फ मनुष्य सो सकता है और मनुष्य अपने अच्छे भले के बारे में भी सोचता है मस्तिष्क का काम है सोचना और इसी कारण हम सारे लोग सोचते रहते हैं

is poore brahmaand me manushya kaisa prani hai jiske paas sochne aur samjhne ki shakti hai hota hai kya ki manushya ka mastishk apne charo taraf ho rahe kriyaklapon ko ghatnaon ko aur lokan karta hai aur unke bare me acche bhale ka nishkarsh nikalata hai ya dusre aur bhi bahut saare karan hote hain jinke karan hamara mastishk hota hai hamein information deta hai aur hamein batata hai ki kya accha hai kya sahi hai kya galat hai kya bura hai haan yah sahi hai ki sochna bahut zaroori hai lekin kya sochna chahiye hamein yah bhi janana zaroori hai dekhiye ek manushya ko har samay positive thinking sakaratmak soch rakhni chahiye ek manushya ko aisi soch rakhni chahiye taki vaah apne samaj ka aur apna bhalai kar sake enaaidiya can change your life yah kathan bhi sakta hai kyonki humne bahut saare logo ko dekha hai ki unki sochne unki puri jeevni ko badal diya haan manushya sochta hai sirf manushya so sakta hai aur manushya apne acche bhale ke bare me bhi sochta hai mastishk ka kaam hai sochna aur isi karan hum saare log sochte rehte hain

इस पूरे ब्रह्मांड में मनुष्य कैसा प्राणी है जिसके पास सोचने और समझने की शक्ति है होता है क

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