बेरोज़गार किसे कहते हैं और बेरोज़गारी कितने प्रकार की होती हैं?...


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आपका प्रश्न है बेरोजगारी क्या होती है उसके कौन-कौन से प्रकार होते हैं जैन दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि बेरोजगारी एक ऐसी बड़ी भयंकर बीमारी है जो अगर किसी देश के लोगों के अंदर फैल जाए तो यह उस देश की पूरी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करके रख देती है जी हां दोस्तों तो हम को यह समझना होगा कि बेरोजगारी आखिर बढ़ रही है तो क्यों बढ़ रहे या दोस्तों इसका सबसे बड़ा कारण हमारे देश में यह है कि बढ़ती हुई जनसंख्या है जी हां दोस्तों तो अगर हम बढ़ती हुई जनसंख्या पर लगाम लगाने की कोशिश करें तो निश्चित रूप से हमें इसमें कुछ ना कुछ फायदा तो जरूरी मिलेगा वैसे यहां पर क्वेश्चन किया गया कि बेरोजगारी क्या होती है दोस्तों मैं आपको बता दूं कि बेरोजगारी जो है वह एक ऐसी बीमारी होती है जो जिसमें मनुष्य को उसके योग्यता के अनुरूप यादव तो उसकी योग्यता के अनुरूप उसको कोई रोजगार का अवसर नहीं मिलता यहां दोस्तो अगर कोई पढ़ा लिखा व्यक्ति है जो कि इंटर कर लिया ग्रेजुएशन कर लिया या फिर में एमफिल पीएचडी कुछ भी कर ले तो वह व्यक्ति अपने अनुसार अपनी योग्यता के अनुसार वह जॉब की तलाश करता है रोजगार की तलाश करता है लेकिन अगर उसे कहीं पर इस प्रकार की रोजगार नहीं मिले तो वह बेरोजगार माना जाएगा जीवन दोस्तों और एक न्यूनतम आय हर किसी के जीवन को प्रभावित करती है जी हां दोस्तों की अगर हर किसी व्यक्ति के जीवन में कुछ ना कुछ न्यूनतम आय होना जरूरी है क्योंकि खर्चे सभी के पास होते हैं या दोस्तों तो खर्च हर आदमी को होता है अपना कुछ ना कुछ तो अगर वह उस खर्च को वहन करने के लायक भी नहीं अरुण कर पाता हो अर्जित कर पाता हूं और उसको उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार में मिले तो यह बेरोजगारी का लाती है जी हां दोस्तों अब इसके विभिन्न प्रकार होते हैं अब जैसे मान लीजिए कि कोई पढ़ा-लिखा अगर व्यक्ति हो और उसको रोजगार नहीं मिला तो वह एक मतलब शिक्षित बेरोजगार के रूप में जाना जाएगा और अगर कोई व्यक्ति पर लिखा नहीं है मुख्य फिर भी वह कोई लीवर क्लास का ही काम करता है फिर भी उसको अगर उस तरीके का भी कोई काम ना मिले तो वह भी एक तरह की बेरोजगारी है या दोस्तों को बेरोजगारी के विभिन्न प्रकार होते हैं लेकिन सब मैं कहीं ना कहीं एक सिमिलरिटी यही होती है कि उसको उसके अनुसार काम ना मिलना और उसको जीविकोपार्जन के लिए कोई दूसरा उपाय ना हो तो यह कोई रोजगार ना मिले तो यही एक फिरोज गाड़ी कहलाती है या दोस्तों इस बीमारी का नाम बेरोजगारी होता है और इसके विभिन्न कारण भी हो सकते हैं यह दोस्तों जैसे भारत में अभी बहुत बड़ा कारण है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है तो यहां पर कोई इन जितने भी विभिन्न कर कल कारखाने थे सारे बंद हो रहे हैं और प्राइवेट सेक्टर भी एंजॉय मतलब गवर्नमेंट सेक्टर में भी नौकरियां नहीं रही सारी गवर्नमेंट सेक्टर धीरे-धीरे प्राइवेटाइजेशन की तरफ जा रही है तो इसमें भी अब घर कैंसिल होना बंद हो गया और प्राइवेट में तो अपने अपने तरीके से सभी प्राइवेट फॉर्म वैकेंसी जी लेते हैं और उसमे क्या है कि मंजू ज्यादा शिक्षित भी है उसको सही तरीके से जॉब मिल नहीं पाता उसका क्या है कि जो सैलरी का प्रावधान है वह भी कुछ अपने मैंने तरीके से होता है तो इन सब चीजों के कारण लोग बेरोजगार होते जा रहे हैं अभी रिसेंटली कुछ कंपनियां बड़ी-बड़ी कंपनियां जो है भारत में उनको क्या करी है कि जॉब से अपने पहले से जो कर्मचारी थे उसको भी निकालना शुरू कर दिया जी हां दोस्तों तो इस तरीके की जब दशा होती है तो बेरोजगारी निश्चित रूप से बस्ती है इसका बहुत बुरा असर होता है किसी भी देश के ऊपर

aapka prashna hai berojgari kya hoti hai uske kaun kaunsi prakar hote hain jain doston aapki jaankari ke liye bata doon ki berojgari ek aisi badi bhayankar bimari hai jo agar kisi desh ke logo ke andar fail jaaye toh yah us desh ki puri arthavyavastha ko barbad karke rakh deti hai ji haan doston toh hum ko yah samajhna hoga ki berojgari aakhir badh rahi hai toh kyon badh rahe ya doston iska sabse bada karan hamare desh mein yah hai ki badhti hui jansankhya hai ji haan doston toh agar hum badhti hui jansankhya par lagaam lagane ki koshish kare toh nishchit roop se hamein isme kuch na kuch fayda toh zaroori milega waise yahan par question kiya gaya ki berojgari kya hoti hai doston main aapko bata doon ki berojgari jo hai vaah ek aisi bimari hoti hai jo jisme manushya ko uske yogyata ke anurup yadav toh uski yogyata ke anurup usko koi rojgar ka avsar nahi milta yahan doston agar koi padha likha vyakti hai jo ki inter kar liya graduation kar liya ya phir mein Mphil phd kuch bhi kar le toh vaah vyakti apne anusaar apni yogyata ke anusaar vaah job ki talash karta hai rojgar ki talash karta hai lekin agar use kahin par is prakar ki rojgar nahi mile toh vaah berozgaar mana jaega jeevan doston aur ek ninuntam aay har kisi ke jeevan ko prabhavit karti hai ji haan doston ki agar har kisi vyakti ke jeevan mein kuch na kuch ninuntam aay hona zaroori hai kyonki kharche sabhi ke paas hote hain ya doston toh kharch har aadmi ko hota hai apna kuch na kuch toh agar vaah us kharch ko wahan karne ke layak bhi nahi arun kar pata ho arjit kar pata hoon aur usko uski yogyata ke anusaar rojgar mein mile toh yah berojgari ka lati hai ji haan doston ab iske vibhinn prakar hote hain ab jaise maan lijiye ki koi padha likha agar vyakti ho aur usko rojgar nahi mila toh vaah ek matlab shikshit berozgaar ke roop mein jana jaega aur agar koi vyakti par likha nahi hai mukhya phir bhi vaah koi liver class ka hi kaam karta hai phir bhi usko agar us tarike ka bhi koi kaam na mile toh vaah bhi ek tarah ki berojgari hai ya doston ko berojgari ke vibhinn prakar hote hain lekin sab main kahin na kahin ek similriti yahi hoti hai ki usko uske anusaar kaam na milna aur usko jivikoparjan ke liye koi doosra upay na ho toh yah koi rojgar na mile toh yahi ek firoz gaadi kahalati hai ya doston is bimari ka naam berojgari hota hai aur iske vibhinn karan bhi ho sakte hain yah doston jaise bharat mein abhi bahut bada karan hai ki bharatiya arthavyavastha ki sthiti bahut kharab ho chuki hai toh yahan par koi in jitne bhi vibhinn kar kal karkhane the saare band ho rahe hain aur private sector bhi enjoy matlab government sector mein bhi naukriyan nahi rahi saree government sector dhire dhire privatisation ki taraf ja rahi hai toh isme bhi ab ghar cancel hona band ho gaya aur private mein toh apne apne tarike se sabhi private form vacancy ji lete hain aur usme kya hai ki manju zyada shikshit bhi hai usko sahi tarike se job mil nahi pata uska kya hai ki jo salary ka pravadhan hai vaah bhi kuch apne maine tarike se hota hai toh in sab chijon ke karan log berozgaar hote ja rahe hain abhi recently kuch companiya badi badi companiya jo hai bharat mein unko kya kari hai ki job se apne pehle se jo karmchari the usko bhi nikalna shuru kar diya ji haan doston toh is tarike ki jab dasha hoti hai toh berojgari nishchit roop se basti hai iska bahut bura asar hota hai kisi bhi desh ke upar

आपका प्रश्न है बेरोजगारी क्या होती है उसके कौन-कौन से प्रकार होते हैं जैन दोस्तों आपकी जान

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